Lok Sabha Debates
Need To Include ''Bhar-Rajbhar'' Caste In The List Of Scheduled Castes. on 24 March, 2017
Sixteenth Loksabha an> Title: Need to include 'Bhar-rajbhar' caste in the list of Scheduled Castes.
श्री हरिनरायन राजभर (घोसी) : अध्यक्ष महोदय, उत्तर प्रदेश में भर-राजभर सहित उत्तर प्रदेश की 17 जातियां यथा निषाद, केवट, बिन्द, कश्यप, कहार, धीमर, बाथम, मछुआ, माझी, मल्लाह, तुरहा, कुम्हार, प्रजापति, गोड़िया और धीवर जो अति पिछड़े वर्ग की जातियां हैं, ये बहुत दयनीय स्थिति में अपना जीवन जीने के लिए मजबूर हैं। अतः इन सभी जातियों को अनुसूचित जातियों की श्रेणी में शामिल किया जाए। चूंकि इस संबंध में उत्तर प्रदेश की कालांतर में रही सभी सरकारों ने इन सभी 17 जातियों को अनुसूचित जातियों की श्रेणी में शामिल करने का प्रस्ताव केन्द्र को भेजा है। महारजिस्ट्रार, भारत सरकार ने इस संबंध में उत्तर प्रदेश सरकार से नृजातीय सामग्री की मांग की। उत्तर प्रदेश की सरकार ने इस प्रस्ताव के समर्थन में सामग्री भेजी थी, परंतु महारजिस्ट्रार ने इन जातियों को अनुसूचित जातियों की श्रेणी में शामिल करने पर अपनी असहमति जता दी है। महारजिस्ट्रार की इस प्रतिक्रिया से इन जातियों में बेहद निराशा व्याप्त है।
महोदया, उत्तर प्रदेश में इन जातियों की करीब 25 प्रतिशत आबादी है और इन जातियों की सामाजिक, आर्थिक, शैक्षणिक और राजनीतिक स्थिति बहुत ही दयनीय है। इन सभी जातियों को सम्मान के साथ जीने और राष्ट्र की मुख्य धारा में शामिल करना बेहद जरूरी है। इतनी बड़ी आबादी को राष्ट्र की मुख्य धारा में शामिल करने से राष्ट्र का विकास तो होगा ही साथ ही साथ इन जातियों को अपनी स्थिति को सुधारने और समानता प्राप्त करने में काफी आसानी होगी।
अतः आपके माध्यम से मैं माननीय प्रधान मंत्री जी से आग्रह करता हूँ कि भर-राजभर सहित उत्तर प्रदेश की सभी 17 जातियां जो कि कुंठा और निराशा से ग्रसित हो रही हैं, को अनुसूजित जाति की श्रेणी में शामिल किया जाए ताकि वे अपने जीवन को सम्मान के साथ जी सकें और जीवन स्तर को सुधार सकें।
माननीय अध्यक्ष : माननीय सदस्यों, लिख कर भी इतना ही लाएं, जिससे कि वह एक मिनट में पढ़ कर समाप्त किया जा सके।
श्री भैरों प्रसाद मिश्र, श्री राजेन्द्र अग्रवाल कुँवर पुष्पेन्द्र सिंह चन्देल एवं श्री शरद त्रिपाठी को श्री हरिनरायन राजभर द्वारा उठाए गए विषय के साथ संबद्ध करने की अनुमति प्रदान की जाती है।