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Lok Sabha Debates

Regarding Extension Of Railway Services To Ganganagar Parliamentary ... on 23 September, 2020

Seventeenth Loksabha an> Title: Regarding extension of railway services to Ganganagar Parliamentary Constituency, Rajasthan.

श्री निहाल चन्द चौहान (गंगानगर): महोदय, मैंआपके माध्यमसे केन्द्र सरकारका ध्यान अपनेलोक सभा क्षेत्रकी तरफ दिलानाचाहूंगा । महोदय, जिलाहनुमानगढ़ मेंएक वॉशिंग लाइनका निर्माण कियाजाना बहुत आवश्यकहै । भटिंडाजंक्शन जो, हनुमानगढ़जंक्शन से करीब80किलोमीटरकी दूरी परहै, लेकिनहनुमानगढ़ मेंवॉशिंगलाइन नहींहै, यहांपर 300 बीघाकी ज़मीन रेलवेकी भी पड़ी है । वहां पर सोलरप्लांट लगानेके लिए, मैंसरकार से आग्रहकरना चाहूंगा । महोदय, उत्तररेलवे के फिरोज़पुररेलवे मंडल नेअमृतसर से श्रीगंगानगरहोते हुए बीकानेरतक एक रेल लाइनकी स्वीकृतिप्रदान की थी । एक गरीब रथ रेलगाड़ी की स्वीकृति प्रदान की थी, उसका भी संचालन नहीं हुआ है ।

अध्यक्ष महोदय, मैं आपके माध्यम से केन्द्र सरकार से आग्रह करूँगा कि पूर्वी रेलवे द्वारा संचालित गाड़ी नंबर 13007 और 13008 हावड़ा-श्रीगंगानगर हावड़ा उद्यान आभा तूफान एक्सप्रेस,जो सबसे पुरानी रेल चल रही थी,उसको विभाग ने बंद करने का प्रस्ताव किया है, जो बिल्कुल उचित नहीं है । मेरे संसदीय क्षेत्र से चलने वाली ये रेल सेवाएँ बहुत पुरानी हैं । मैं आपके माध्यम से केन्द्र सरकार से आग्रह करूँगा कि इन पर केन्द्र सरकार कृपा करके ध्यान दे । बहुत-बहुत धन्यवाद ।

माननीय अध्यक्ष :

कुँवर पुष्पेन्द्र सिंह चन्देल और श्री रामचरण बोहरा को श्री निहाल चन्द चौहान द्वारा उठाए गए विषय के साथ संबद्ध करने की अनुमति प्रदान की जाती है ।
श्री चन्द्र सेन जादौन – उपस्थित नहीं ।
          डॉ.वीरेन्द्रकुमार ।
*t23 Title: Need to expedite the work of linking of Kem-Betwa rivers.
डॉ. वीरेन्द्र कुमार (टीकमगढ़): अध्यक्षमहोदय, केन-बेतवालिंक परियोजनाबुंदेलखंड कीजीवनदायिनी औरमहत्वाकांक्षीयोजना है । मध्यप्रदेश का बुंदेलखंडकम वर्षा केकारण अकसर सूखेकी समस्या सेग्रसित होतारहता है । मेरेसंसदीय क्षेत्रटीकमगढ़, छतरपुर, निवाड़ीसहित सागर, दमोह, पन्ना, दतियाऔर आस-पासके जो जिलेहैं, उनकेसाथ ही साथउत्तर प्रदेशका जो बुंदेलखंडजिला है, उनजिलों में सूखेके कारण जहांएक ओर किसानोंको सिंचाई केलिए पानी नहींमिल पाता है, वहींउनको पेयजल कीगम्भीर समस्याका सामना भीकरना पड़ता है ।
सम्माननीयअटल बिहारी वाजपेयीजी की सरकारके समय ऐसेराज्यों मेंजहां पर नदियोंमें अकसर बाढ़आती है, ऐसीबाढ़ वाली नदियोंका पानी औरजिन राज्योंमें कम पानीगिरता है, उनकोआपस में जोड़कर वहां परपानी पहुंचाएजाने के लिए, इननदियों को परस्परजोड़ने की योजनाबनाई गई थी । बीच में 10 वर्षजो यूपीए कीसरकार आई, उन10 वर्षोंके कार्यकालमें नदियों कोआपस में जोड़नेके काम को पूरीतरह से बंदकर दिया गया । इसके कारणकाफी कठिनाइयोंका सामना बुंदेलखंडके किसानों औरनिवासियों कोकरना पड़ रहाहै ।
आदरणीयमोदी जी कीसरकार आने केबाद पिछले 6 वर्षोंमें केन-बेतवानदी को जोड़ेजाने का काफीकाम हुआ है । इसके कारणबुंदेलखंड मेंविशेष रूप सेटीकमगढ़ और छतरपुरक्षेत्र के लोगोंमें एक आशाऔर विश्वास कासंचार हुआ है । सरकार की नीतिनदियों को आपसमें जोड़ने कीहै । किसानोंके हितों औरपेयजल की गम्भीरसमस्या को दृष्टिगतरखते हुए केन-बेतवानदी को जोड़नेका कार्य शीघ्रपूरा करके इसयोजना को प्रारम्भकिया जाए । इससेलगभग 445 लाखहेक्टेयर भूमिसिंचित होगी, जिसमेंटीकमगढ़, छतरपुरऔर निवाड़ी जिलेके 60 लाखपरिवारों कोपेयजल भी मिलेगा । साथ ही बुंदेलखंडके सभी जिलोंमें किसानोंके लिए सिंचाईकी सुविधाओंका विस्तार औरपेयजल की गम्भीरसमस्या का निराकरणभी होगा ।
अत: मेराआपके माध्यमसे सरकार सेअनुरोध है किकेन-बेतवालिंक परियोजनाका काम शीघ्र  पूरा  करके बुंदेलखंडके निवासियोंको इसका लाभदिलाया जाए । बहुत-बहुतधन्यवाद ।
माननीय अध्यक्ष :
कुँवर पुष्पेन्द्र सिंह चन्देल को डॉ. वीरेन्द्रकुमार द्वारा उठाए गए विषय के साथ संबद्ध करने की अनुमति प्रदान की जाती है ।
*t24 Title: Need to take steps for release of fishermen detained in Pakistan jails.
श्री राजेश नारणभाई चुड़ासमा (जूनागढ़): अध्यक्ष महोदय, आज मैं सदन के माध्यम से उन मछुआरों की दयनीय स्थिति को बताना चाहता हूँ, जो पिछले तीन वर्षों से अधिक समय से पाकिस्तान की जेल में बंद है । गुजरात के लगभग 271 मछुआरे,जिनमें ज्यादातर गिर-सोमनाथ के हैं । पिछले तीन वर्षों से अधिक समय से पाकिस्तान ने बंदी बना कर रखा है ।
          अध्यक्ष महोदय, प्रधान मंत्री नरेन्द्र मोदी जी के नेतृत्व में सरकार के निरंतर प्रयास के उपरांत पाकिस्तान सरकार ने पिछले पाँच वर्षों के दौरान 201 मछुआरों को जेल से रिहा किया है । लेकिन इन मछुआरों को पाकिस्तान से रिहा नहीं किया गया है । उपर्युक्त विचार को ध्यान में रखते हुए,मैं सदन के माध्यम से अनुरोध करना चाहता हूँ कि पाकिस्तान की जेल से इन 271 मछुआरों की शीघ्र रिहाई के लिए कृपा करके कार्रवाई की जाए ।
अध्यक्ष महोदय, अगर आपकी अनुमति हो,तो मैं आपकी जानकारी और अवलोकन के लिए गिरफ्तार मुछआरों की सूची संलग्न करना चाहता हूँ ।
माननीय अध्यक्ष :
डॉ. (प्रो.) किरिट प्रेमजीभाई सोलंकी, श्री नारणभाई काछड़िया, *m04 श्री देवजी पटेल और कुँवर पुष्पेन्द्र सिंह चन्देल को श्री राजेश नारणभाई चुड़ासमा द्वारा उठाए गए विषय के साथ संबद्ध करने की अनुमति प्रदान की जाती है ।
आप टेबलकर दें । सूचीरिकार्ड मेंआ जाएगी ।
श्रीनायब सिंह सैनी ।
     
*t24 Title: Regarding four laning of road in Kurukshetra.
श्री नायब सिंह सैनी (कुरुक्षेत्र): माननीयअध्यक्ष जी, आपनेमुझे शून्यकालमें अपने लोकसभा क्षेत्रकी एक अति महत्वपूर्णसमस्या को उठानेका मौका दियाहै ।
          माननीयअध्यक्ष जी, मैंआपके माध्यमसे सरकार काध्यान अपने लोकसभा क्षेत्रकुरुक्षेत्र, पटियालासे हरिद्वारतक सड़क, जोकि मेरे लोकसभा क्षेत्रचीका, पेहवा, कुरुक्षेत्र, लाडवा, रादौरव यमुनानगर सेहोते हुए लगभगतीन राज्योंको उत्तर प्रदेश, उत्तराखंडऔर पंजाब कोजोड़ता है, कीओर दिलाना चाहताहूँ ।
          अध्यक्षजी, यह रोडसिंगल है । इसपर ट्रैफिक काभारी दबाव है । उसके साथ हीइस रोड पर लगभग7 अनाजमंडी, 3 सब्जीमंडी व चीकामें एक बड़ीमार्बल मार्किटतथा यमुनानगरमें बड़ी लकड़मंडी और 2 चीनीमिल पड़ती है, जिसकारण से किसानोंको भी भारीदिक्कत का सामनाकरना पड़ता है । इस रोड कीकुल लम्बाई 230 किलोमीटरहै । अध्यक्षजी, मैंआपके माध्यमसे सड़क व परिवहनमंत्री जी कोयह ध्यान दिलानाचाहता हूँ किइस सड़क को फोरलेन किया जाए ।
इस रोड के ऊपर भारी ट्रैफिक रहता है और उससे किसानों को दिक्कत आती है । इस रोड के फोर लेन होने से इसके ऊपर होने वाली दुर्घटनाओं से भी बचा जा सकेगा । ऐसा होने से किसानों और आम जनता को इसका लाभ मिल सकेगा । धन्यवाद ।
 
*t25 Title: Regarding renaming of South Bihar Central University of Baba Saheb Bhimrao Ambedkar University.
श्री विजय कुमार (गया): महोदय, आपनेमुझे शून्य कालमें बोलने कामौका दिया, इसकेलिए मैं आपकादिल से आभारव्यक्त करताहूँ ।
          मेरेसंसदीय क्षेत्रगया में दक्षिणबिहार नाम सेकेन्द्रीय विश्वविद्यालयहै । हम सदनके माध्यम सेमाननीय केन्द्रीयमंत्री जी सेमाँग करते हैंकि इस केन्द्रीयविश्वविद्यालयका नामकरण बाबासाहेब भीमरावअम्बेडकर जीके नाम से कियाजाए ।
*t26 Title: Demand to improve condition of roads in Churu Parliamentary Constituency in Rajasthan.
श्री राहुल कस्वां (चुरू): महोदय, राजस्थानमें जो कांग्रेसकी सरकार राजकर रही है, उसनेमेरे लोक सभाक्षेत्र चुरूके अंदर बीतेहुए 22 महीनोंमें 100 मीटरभी रोड बनानेका काम नहींकिया है । क्षेत्रके अंदर जोबहुत ही महत्वपूर्णसड़कें हैं, चाहेतारानगर से चुरूकी सड़क हो, चाहेतारानगर से साहवा-नोहरकी हो, चाहेवह भादरा सेलेकर साहवा कीहो, चाहेराजगढ़ से लेकरशिवमुख की हो, झुंझुनूकी हो, उनसभी सड़कों कीइतनी बुरी स्थितिहै, जिसकेबारे जितनी चर्चाकी जाए, वहकम है । वहाँपर रोज दुर्घटनाएंहोती हैं औरउन सड़कों परगाड़ियों का चलनामुश्किल हो गयाहै । राजस्थानकी सरकार बिल्कुलसोई हुई है । बीते हुए दोसाल पहले हमनेभारत सरकार सेसिरसा-नोहर-साहवा-तारानगरऔर चुरू काएक राष्ट्रीयराजमार्ग घोषितकरवाया था, जिसकीडीपीआर का कामभी पूरा होचुका है ।
          महोदय, मैंआपके माध्यमसे निवेदन करनाचाहूँगा कि अगरराजस्थान सरकाररोड बनाने मेंसक्षम नहीं हैतो जो सैंशनरिपोर्ट है, जोडीपीआर आ चुकीहै, इसरोड को स्वीकृतकिया जाए औरजो तारानगर-चुरूकी महत्वपूर्णरोड है, उसरोड को नेशनलहाइवे घोषितकरके उसका कामचालू किया जाए । मैं आपसे ऐसीविनती करता हूँ । धन्यवाद ।
*t27 Title: Regarding damage caused by floods in Vaishali Parliamnetary Constituency, Bihar.
श्रीमती वीणा देवी (वैशाली): महोदय, इसवर्ष ओलावृष्टिऔर बाढ़ के कारणबिहार का अधिकांशहिस्सा बुरीतरह प्रभावितरहा है । करीब50 लाखसे ज्यादा कीआबादी बाढ़ कीचपेट में आईहै । वहाँ केकिसानों की खरीफकी फसल बुरीतरह बर्बाद होचुकी है । अधिकांशसड़कें टूट गईहैं और मेरेसंसदीय क्षेत्रवैशाली के अंतर्गतमीनापुर, पारू, कांटी, बरुराज, साहिबगंज, वैशालीविधान सभाएंबाढ़ से कुछज्यादा ही प्रभावितरही हैं । इनक्षेत्रों केकई बाँध टूटगए और यहाँकिसानों   की80 प्रतिशतसे ज्यादा फसलप्रभावित हुईहै । हमारे किसानबुरी तरह प्रभावितहुए हैं । मजदूरबेरोजगार होगए हैं । राज्यसरकार अपने सीमितसंसाधनों सेयथासंभव बाढ़पीड़ितों की मददकर रही है, परन्तुकेन्द्र सरकारके सहयोग केबिना लोगों कीमुश्किल कम नहींहोगी ।
          महोदय, मैंआपके माध्यमसे केन्द्र सरकारसे माँग करतीहूँ कि वह बाढ़पीड़ितों की मददकरे और टूटीहुई सड़कों कीमरम्मत कराए । धन्यवाद ।
*t28 Title: Regarding setting up of AIIMS in Tripura.
कुमारीप्रतिमा भौमिक (त्रिपुरा पश्चिम): महोदय, आपनेमुझे शून्य कालमें बोलने कामौका दिया, इसकेलिए आपका धन्यवाद ।
          महोदय, मैंआपके माध्यमसे केन्द्रीयस्वास्थ्य मंत्रालयकी दृष्टि अपनेराज्य की तरफदिलाना चाहतीहूँ । मेरे राज्यमें एक ही बड़ारेफरल अस्पतालहै । अभी जोकोरोना चल रहाहै, इसकेसंदर्भ में औरपहले से भीत्रिपुरा मेंएक एम्स जैसाअस्पताल बनानेकी हम लोगोंकी माँग रहीहै । मेरी कांस्टीट्यूएंसीमें एक ही अस्पतालटीएमसी है, जोगवर्नमेंट अंडरटेकिंगहै । उसमें पर्याप्तइंफ्रास्ट्रक्चरहै और उसकेपास जमीन भीहै ।
          मैं आपकेमाध्यम से त्रिपुराकी ओर से हेल्थमंत्रालय कोरिक्वेस्ट करतीहूँ कि वह वहाँपर एम्स जैसाएक अस्पताल स्थापितकरे । हम लोगोंने जो माँगाथा, मोदीजी ने पिछले6 सालोंमें हमें उससेज्यादा दियाहै । हमने कभीकल्पना भी नहींकी थी कि हमेंराजधानी मिलेगी । उन्होंने अभीपिछले कुछ दिनोंसे बांग्लादेशकी तरफ से हमलोगों को, नॉर्थईस्ट को वॉटरवेजका रूट भी खोलकरदिया है । रेलवेजका रूट बांग्लादेशके अंदर सेहुआ है और रोडकंस्ट्रक्शनभी बांग्लादेशके अंदर होरहा है । हमनेजो माँगा है, उससेज्यादा पिछले6 सालोंमें मोदी जीने हमें दियाहै ।
सर, मैंआपके माध्यमसे सरकार कीदृष्टि हेल्थसेक्टर की ओरले जाना चाहतीहूं कि हम लोगोंको एम्स जैसाहॉस्पिटल मिले । टी.एम.सी. हॉस्पिटलका अधिग्रहणकरके इसे कियाजाए । इसके लिएपूरी जमीन भीहै और इंफ्रास्ट्रक्चरभी बहुत है, इसलिएउसे केन्द्रसरकार अधिग्रहणकरे और हमेंतथा नॉर्थ-ईस्टको एक और एम्सहॉस्पिटल दे ।
*t29 Title: Issue regarding shifting of Assam rifles from Aizwal to Zokhawsang in Mizoram.
SHRI C. LALROSANGA (MIZORAM): Hon. Speaker, Sir, thank you for giving me this opportunity to speak during the `Zero Hour’.
          Sir, I wish to bring to the notice of the Government the urgent need for carrying out its instructions issued nearly two years back to shift the unit of Assam Rifles from the heart of Aizawl, the capital of Mizoram to their designated location at Zokhawsang on the outskirts of the city.
          The Ministry of Home Affairs, in their Office Memorandum to the Assam Rifles dated 19th February 2019, had directed the oldest Para-Military Forces in the country to shift their units from the capital city of Aizawl to Zokhawsang by 31st May, 2019. Regretfully, this direction of the Ministry has so far not been carried out.
          The Assam Rifles have been handed over as many as 289 buildings out of 327 buildings constructed for them for shifting their units to Zokhawsang and an approach road has already been made for them. There have been undesirable incidents in the past between the Para-Military Forces and the civilians in the capital city. The tragic incident of firing on civilians of Aizol in 1988 following an altercation between the Para-Military Forces and civilians are still fresh in memory. Ten persons lost their lives in that unfortunate incident. These types of unfortunate incidents should be avoided at all costs. There have been recent instances of misunderstanding and altercation as well. These types of incidents have to be avoided at all costs.
          Sir, I would like to request the Central Government to positively ensure that the units of Assam Rifles are expeditiously shifted out of Aizawl city to avoid any possible friction and misunderstanding in the future.
          Thank you.
*t30 Title: Regarding four laning of National Highway No. 139 in Bihar.
श्री सुशील कुमार सिंह (औरंगाबाद): माननीयअध्यक्ष महोदय, मेरेबिहार में एकराष्ट्रीय राजमार्गसंख्या 139 है, जोपटना से शुरूहोकर दो-दोजिला मुख्यालयों- अरवलऔर औरंगाबाद- होतेहुए झारखण्डकी ओर जातीहै । इस राजमार्गकी लम्बाई बिहारमें 156 किलोमीटरहै और यह तीन-तीनराज्यों का सम्पर्कपथ है । यह राजमार्गबिहार से झारखण्डजाती है औरछत्तीसगढ़ जानेका भी रास्ताइसी से है ।वैसे, इसरास्ते से लोगउत्तर प्रदेशकी ओर भी जातेहैं, लेकिनवर्तमान स्थितियह है कि अभीयह सड़क केवल2-लेनहै जबकि इससड़क पर यातायातका भारी दबावहै । मालवाहकगाड़ियों और पैसेंजरगाड़ियों का भीउस पर दबावहै ।
          महोदय, मैंनेकई बार अपनीइस मांग कोसदन के माध्यमसे भी सरकारके सामने रखाहै, लेकिनसड़क परिवहन एवंराजमार्ग मंत्रालयका यह कहनाहै कि इस सड़कपर परिचालितगाड़ियों की संख्याकम है, इसलिएइसे 4-लेननहीं किया जासकता । मैंनेउन्हें इसकीचुनौती देतेहुए कहा कियह सर्वे गलतहै और यह सर्वेवर्ष 2011 काहै, जबयह सड़क अत्यंतही खराब स्थितिमें थी । यहठीक है कि उससमय इस सड़कपर कम गाड़ियांचलती थीं, लेकिनजब से यह 2-लेनसड़क अच्छी बनीहै, उसकेबाद से इस परगाड़ियों का परिचालनबहुत अधिक बढ़गया है और इसपर बहुत अधिकदबाव है ।
          महोदय, मैंयह भी कहनाचाहूंगा कि प्रधानमंत्री जी कीसोच के तहतजो देश के अन्दर115 आकांक्षीजिले बनाए गएहैं, उनमेंहमारा औरंगाबादजिला भी आताहै । उसका विकासकरके उसे देशके औसत विकासके ऊपर लानाहै ।
          महोदय, आपकेमाध्यम से सड़कपरिवहन एवं राजमार्गमंत्रालय, भारतसरकार से मेरीमांग है किइस सड़क को 4-लेनकिया जाए । यहउग्रवादग्रस्तऔर बहुत हीपिछड़ा इलाकाहै । इसको 4-लेनकरना वहां केआम आदमी, किसान, व्यापारी, सभीके लिए हितकरहोगा  ।
   
*t31 Title: Issue regarding provision of electricy connection for installing tubewells.
श्री देवेन्द्र सिंह ‘भोले’ (अकबरपुर):माननीय अध्यक्षजी, आपनेमुझे शून्य प्रहरमें बोलने काअवसर दिया, इसकेलिए आपको बहुत-बहुतधन्यवाद ।
          महोदय, हमारेदेश के माननीयप्रधान मंत्रीनरेन्द्र मोदीजी जहां किसानोंको स्वावलम्बीबनाने के लिएहर तरीके सेप्रयास कर रहेहैं, वहींविगत यू.पी.ए. सरकारकी गलतियों केकारण मैं आपकाध्यान अपने क्षेत्रकी ओर ले जानाचाहता हूं ।
          महोदय,मैं कानपुर नगर और कानपुर देहात में विद्युत के संबंध में आपसे कहना चाहता हूँ कि जो किसान अपना प्राइवेट ट्यूबवेल लगाता है, उन ट्यूबवेलों को तीन-तीन साल तक सामान नहीं मिल पा रहा है । इसके कारण यह पता नहीं लगता है कि उसका लक्ष्य पूरा हो गया है । इस संबंध में जब मैंने विभागीय अधिकारियों और उनके प्रबंध निदेशक से बात की तो उन्होंने कहा कि चूंकि एक साल में 35 हजार का लक्ष्य है और 45 हजार हमारी पेंडेंसी बाकी है । इस तरीके से तमाम किसानों की सिंचाई का नुकसान हो रहा है । इसलिए,आपसे निवेदन है कि आप इस विषय में हस्तक्षेप कर किसानों की समस्या को दूर करने का कष्ट करें ।
          दूसरा,सौभाग्य योजना के तहत डीडीजेएवाई के बारे में सौभाग्य-1और सौभाग्य-2का जो लक्ष्य रखा था, आज भी सौभाग्य योजना के तहत कई लक्ष्य अधूरे हैं । इसके संबंध में हमने विगत महीने कानपुर नगर और कानपुर देहात के जिलाधिकारी,मुख्य विकास अधिकारी और विद्युत विभाग के अधिकारियों के साथ बैठक करके उनसे कहा कि अगर कोई छूट गया है तो उनको भी सौभाग्य-3में शामिल किया जाए और किसी भी गाँव एवं बसावट को नहीं छोड़ा जाए ।
          महोदय,मैं आपके माध्यम से अनुरोध करना चाहता हूँ कि इन समस्याओं पर ध्यान देते हुए कार्य को पूर्ण कराने की कृपा की जाए ।
माननीय अध्यक्ष:
डॉ. सुजय विखे पाटील को श्री देवेन्द्रसिंह ‘भोले’द्वारा उठाए गए विषय के साथ संबद्ध करने की अनुमति प्रदान की जाती है ।
*t32 Title: Need to take steps to revive Ramgarh dam in Rajsamand Parliamentary Constituency, Rajasthan.
सुश्री दिया कुमारी (राजसमन्द): अध्यक्षमहोदय, आजमैं एक बेहदगंभीर और महत्वपूर्णमुद्दे पर बोलनाचाहूँगा । जयपुरकी लाइफ लाइनकही जाने वालीऔर जयपुर सहितआसपास के क्षेत्रमें पीने केपानी के एकमात्रस्रोत के रूपमें पहचान रखनेवाला रामगढ़ बाँधआज पूरी तरहसे सूख चुकीहै । यह बहुतही दुख की बातहै । एक समयमें यहाँ पर64 फीटपानी था । वर्ष1982 मेंजब हमारे यहाँएशियन गेम्सहुए थे तो रोइंगके इवेन्ट्सभी यही हुएथे । आज यह हालतहै कि प्रशासनकी अनदेखी केकारण, यहाँजो कैचमेन्टएरिया है, उसमेंपूर्ण रूप सेएन्क्रोचमेन्ट्सहो चुके हैं । कुछ लोगोंने कंस्ट्रक्शनकर लिया हैऔर वहाँ फार्महाउसेस बना लिएहैं । उसकी हालतयह है कि यहाँपर आज एक बूँदभी पानी नहींहै । इस बाँधके सूख जानेके कारण लाखोंकी आबादी वालाजयपुर शहर आजपानी के लिएतरस रहा है ।
          महोदय, इसेदोबारा जीवितकरने के लिएकई एनजीओज़, जनप्रतिनिधिऔर मीडिया लगातारप्रयास कर रहेहैं । राजस्थानहाईकोर्ट नेभी सेल्फ कॉग्निजेन्सलेते हुए कईबार प्रशासनसे इस पर कार्रवाईकरने करने कोकहा और नोडलऑफिसर भी अपॉइंटकिया गया । इसकेबावजूद भी कोईकार्रवाई नहींहुई है ।
          महोदय, आजमैं आपके माध्यमसे माननीय जलशक्ति मंत्रीजी तक यह बातपहुँचाना चाहूँगीकि जयपुर कीइस लाइफ लाइनऔर हेरिटेज कोबचाया जाए ।यह जो बाँधहै, इसकीनींव वर्ष 1897 में रखी गईथी । यह बाँध 100 साल से भीज्यादा पुरानाहै । यह बाँधहमारे राजस्थानका हेरिटेज भीहै ।
          अध्यक्षमहोदय, इसकेलिए मैं आपकेमाध्यम से मंत्रीजी से निवेदनकरना चाहूँगीकि इस पर उचितकार्रवाई कीजाए, ताकिइस बाँध कोबचाया जा सके । राज्य मेंजो सरकार है, वहभी इसके बारेमें कार्रवाईनहीं कर रहीहै । मुझे आगेभी इनसे कोईउम्मीद नहींहै कि वह कोईकार्रवाई करेगी ।        धन्यवाद ।
माननीय अध्यक्ष:
डॉ. सुजय विखे पाटील, श्री सुभाष चन्द्र बहेड़िया, *m04 श्री रामचरणबोहरा और *m05 कुँवरपुष्पेन्द्रसिंह चन्देल को सुश्रीदिया कुमारी द्वारा उठाए गए विषय के साथ संबद्ध करने की अनुमति प्रदान की जाती है ।
माननीयसदस्यगण, मैंसभी माननीय सदस्योंकी सक्रियताको देख रहाहूँ । आज भीलोक महत्व केविषय को उठानेके लिए एक लंबीसूची मेरे पासहै । आप सब अपने-अपनेक्षेत्र की जनताकी भावनाओं, समस्याओंऔर उनकी कठिनाइयोंको सदन के माध्यमसे राज्यों औरकेन्द्र की सरकारोंको अवगत करातेरहते हैं । मेराआप सभी से आग्रहहै, क्योंकिसमय कम है, अगरआप अपनी बातएक मिनट मेंकह देंगे तोमैं सूची पूर्णकर लूँगा । क्यासदन इसके लिएतैयार है?
अनेक माननीय सदस्य: हाँ ।
*t33 Title: Issue regarding water conservation of Suraha lake in Ballia Parliamentary Constituency, Uttar Pradesh.
श्री वीरेन्द्र सिंह (बलिया): अध्यक्षजी, मैंआपका ध्यान इससदन के माध्यमसे जल संरक्षणकी तरफ दिलानाचाहता हूँ ।मनरेगा के माध्यमसे जल संरक्षणका कार्य होरहा है । कृषिके क्षेत्र केविकास और किसानोंकी समृद्धि केलिए यह बहुतही जरूरी कामहै । उनके लिए हमने प्रयास किया कि सुरक्षा के अपेक्षित परिणाम आएं ।
महोदय, मेरे बलिया क्षेत्र में विधासभा के दो विधायक जो उत्तर प्रदेश सरकार में मंत्री है, श्री उपेन्द्र तिवारी और श्री आनंद स्वरूप शुक्ला,उन्होंने जल संरक्षण का जो काम किया है, वह बेमिसाल काम है । मैं आपके माध्यम से एक निवेदन करना चाहता हूं कि मनरेगा को कृषि की जुताई,गुड़ाई और कटाई से जोड़ देने से भी खेती की लागत कम हो जाएगी, किसानों की समृद्धि बढ़ जाएगी । यह काम मनरेगा से अगर हुआ, तो खेती में लेवलिंग का काम, मेड़ पर पेड़ लगाने का काम,जल संरक्षण का काम इससे हो सकेगा ।
          अध्यक्ष जी, मेरे क्षेत्र में एशिया की सबसे बड़ी झील सुरहा ताल है । उस ताल के पानी को, जल मंत्री जी यहां उपस्थित हैं,मैं आपके माध्यम इनको आज ही आमंत्रित कर देता हूं कि ये वहां चलेंगे तो जल संरक्षण का काम बहुत विस्तार से हो सकता है ।
माननीय अध्यक्ष :
श्री उदयप्रताप सिंह, कुँवरपुष्पेन्द्रसिंह चन्देल, *m04 श्री देवजीपटेल और *m05 श्री रवि किशन को श्री वीरेन्द्रसिंह द्वारा उठाए गए विषय के साथ संबद्ध करने की अनुमति प्रदान की जाती है ।
*t34 Title: Regarding setting up of Homoeopathy health centre in Himachal Pradesh.
श्री सुरेश कश्यप (शिमला): माननीय अध्यक्ष महोदय, मैं आपका धन्यवाद करना चाहूंगा । मैं आपके माध्यम से केंद्रीय आयुष मंत्री जी का ध्यान हिमाचल प्रदेश में होम्योपैथी को बढ़ावा देने की ओर आकर्षित करना चाहता हूं । विश्व स्वास्थ्य संगठन के अनुसार आज विश्व में एलोपैथी के बाद होम्योपैथी सबसे ज्यादा प्रचलित है, चाहे हम अमरीका की बात करें, जर्मनी की बात करें, फ्रांस की बात करें या फिर हमारा देश भारत भी इसमें अग्रणी देश है । वर्ष 2005 में इस देश में राष्ट्रीय ग्रामीण स्वास्थ्य मिशन आया और वैकल्पिक स्वास्थ्य पद्धति को बढ़ावा देने की ओर बल दिया गया ।
मैं बताना चाहता हूं  कि हिमाचल प्रदेश में लगभग ढाई हजार के करीब एलोपैथिक स्वास्थ्य केंद्र हैं, डेढ़ हजार के करीब आयुर्वेदिक स्वास्थ्य केंद्र हैं, लेकिन केवल मात्र 14 होम्योपैथिक सेंटर्स हैं । पिछले 25 वर्षों में एक भी होम्योपैथिक स्वास्थ्य केंद्र नहीं खुला है । यहां एक होम्योपैथिक कॉलेज है जिससे लगभग प्रतिवर्ष 700 डॉक्टर्स निकलकर पास आउट होते हैं,लेकिन पिछले 25 वर्षों में एक भी होम्योपैथिक स्वास्थ्य केंद्र नहीं खोला गया । मैं माननीय मंत्री जी से आग्रह करना चाहूंगा कि हिमाचल प्रदेश में होम्योपैथी को बढ़ावा देने की ओर उचित कदम उठाए जाएं ।
माननीय अध्यक्ष :
डॉ. सुजय विखे पाटील और श्री रवि किशन को श्री सुरेश कश्यप द्वारा उठाए गए विषय के साथ संबद्ध करने की अनुमति प्रदान की जाती है ।
एकमिनट बाद अपनेआप माइक बंदहो जाएगा ।
*t35 Title: Need to take immediate steps to ensure that the beneficiaries are handed over the houses under the PMAY at the earliest.
SHRI JAYADEV GALLA (GUNTUR): Thank you, Sir, for giving me this opportunity.
          The Government of India, under the Pradhan Mantri Awas Yojana had generously sanctioned 12,32,237 houses to Andhra Pradesh. This was in 2015. The Government of Andhra Pradesh had completed the construction of 84,000 houses, while another 75,000 houses were close to completion. Beneficiary selection had been completed and the beneficiaries have been waiting to take their houses since the end of Elections in 2019. 
          After the Elections, the YSR-led Government started following their modus operandi of vendetta politics, and the houses constructed during the TDP regime have been kept idle. After nearly 16 months, handing over of the houses to beneficiaries is eagerly awaited. …(Interruptions) The COVID-19 pandemic has put further strain on them financially. …(Interruptions)
          Therefore, I request the hon. Minister for Housing and Urban Development to take immediate steps to ensure that the beneficiaries are handed over the houses under the PMAY at the earliest. …(Interruptions) Such a step by the Government of India would go a long way in ensuring comfortable and dignified living of the poor. …(Interruptions)
   
*t36 Title: Regarding opening of roads in Danapur cantonment area in Patliputra Parliamentary Constituency, Bihar.
श्री राम कृपाल यादव (पाटलिपुत्र):अध्यक्ष महोदय, मैंआपके प्रति आभारव्यक्त करताहूं कि एक  अत्यंतमहत्वपूर्ण विषयजो मेरे क्षेत्रसे संबंधितहै, उस परबोलने का मुझेअवसर प्रदानकिया । मेरेसंसदीय क्षेत्रपाटलिपुत्र केअंतर्गत दानापुरविधान सभा क्षेत्रमें दानापुरछावनी परिषदके अधीन 100 वर्षोंसे अधिक चालूसर्वे बैरक नंबर1 लोधीपुर, चांदमारीरोड को अकारण, जबरनदानापुर कन्‍टोनमेंटके सैन्य अधिकारियोंद्वारा बंद करदिया गया । इससेदर्जनों गांवप्रभावित होगए हैं । पूर्वमें माननीय पूर्वरक्षा मंत्रीके आदेशानुसारआदेश संख्यादिनांक 14.9.2018 केअनुसार पांचरास्तों को खोलनेका आदेश हुआथा । यह पूरेदेश के पैमानेपर हुआ था औरहमारे क्षेत्रमें हुआ था । वह आदेश अभीतक है । इसकेबावजूद दानापुरके कन्‍टोनमेंटमें आने-जानेका रास्ता बंदकर दिया है ।
मैं आपकेमाध्यम से निवेदनकरूंगा, रक्षामंत्री जी सेमैं दो बारमिल चुका हूं, सीडीएससे भी मैंनेअनुरोध कियाहै, लेकिनअभी तक रास्तानहीं खुला है । वहां एक शिक्षणसंस्थान भी है, एकबड़ी आबादी हैऔर हजारों लोगप्रभावित होरहे हैं । वहांलोगों को बहुतदिक्कत हो रहीहै । लोगों को10 किलोमीटरघूमकर जाना पड़ताहै । मैं आपकेमाध्यम से रक्षामंत्री जी सेपुन: निवेदनकरूंगा कि वेहस्तक्षेप करेंऔर दानापुर कन्‍टोनमेंटका रास्ता जोचांदमारी सेहै, उसकोऔर जो चार अन्यरोड हैं, उन्हेंखुलवाने की कृपाकरें । धन्यवाद ।
माननीय अध्यक्ष  :
डॉ. सुजय विखे पाटील और श्री रवि किशन को श्री रामकृपाल यादव द्वारा उठाए गए विषय के साथ संबद्ध करने की अनुमति प्रदान की जाती है ।
 *t37 Title: Regarding the upgradation of state Highways to National Highways in Karnataka.
SHRI KARADI SANGANNA AMARAPPA (KOPPAL): Hon. Speaker, Sir, I thank you for giving me an opportunity to raise a very important matter relating to my constituency and this is regarding the upgradation of State Highways to National Highways.
          Sir, first of all, I am very grateful to the hon. Prime Minister and the hon. Minister of Road Transport and Highways for sanctioning the upgradation of Bellary-Hospet-Koppal-Gadag-Hubli National Highway 63 into four-lane which is near completion. The department concerned has already submitted the DPR to the Central Government. In the interest of the welfare of the State and also to meet the demands of the public and farmers, it is very much necessary to upgrade the following State Highways into National Highways and they are, Koppal-Shiggaon for about 120 kms., Raichur-Ginigera for about 140 kms., and Sindnoor-Naragund via Kustagi Gagendragada which is a length of about 157 kms.
          The farmers of Koppal District of Karnataka grow plenty of pomegranates, banana, grapes and mangoes; and especially pomegranates are getting exported to various countries. In order to explore newer markets for the fruits, strengthening of road transport is very much necessary.
          So, I humbly request the hon. Minister of Road Transport and Highways to kindly consider the request for the upgradation of these State Highways to National Highways.
*t38 Title: Regarding non-availability of information about tehsil Mitauli district Lakhimpur Khiri on website concerning Pradhan Mantri Kisan Saerman Nidhi Yojana.
श्रीमती रेखा अरुण वर्मा (धौरहरा): अध्यक्षमहोदय, मैंअपने क्षेत्रका एक बहुतही महत्वपूर्णविषय उठाना चाहतीहूं । प्रधानमंत्रीकिसान निधि योजनाके अंतर्गत भारतसरकार की वेबसाइटडब्ल्यू डब्ल्यूडब्ल्यू. पीएमकिसान.गवर्नमेंट.इनपर तहसील मितौलीजनपद लखीमपुरखीरीप्रदर्शित नहींहो पा रही है । इसके कारणमेरे लोक सभाक्षेत्र के तहसीलमितौलीके किसानों कोप्रधानमंत्रीकिसान सम्माननिधि योजना केअंतर्गत लाभनहीं मिल पारहा है ।
          मेराआपके माध्यमसे माननीय मंत्रीजी से आग्रहहै कि भारतसरकार की वेबसाइटडब्ल्यू डब्ल्यूडब्ल्यू. पीएमकिसान.गवर्नमेंट.इनतहसील मितौलीजनपद लखीमपुरखीरीको प्रदर्शितकरने की कृपाकरें । बहुत-बहुतधन्यवाद ।
माननीय अध्यक्ष:
श्री रविंद्रश्यामनारायणउर्फ रवि किशनको श्रीमती रेखाअरुण वर्मा द्वारा उठाए गए विषय के साथ संबद्ध करने की अनुमति प्रदान की जाती है ।
श्रीमतीपूनमबेन हेमतभाईमाडम का आजजन्मदिन भी है ।
*t39 Title: Regarding smooth conduct of Parliament session.
श्रीमती पूनमबेन माडम (जामनगर) : अध्यक्षमहोदय, आपकाबहुत-बहुतधन्यवाद । आपनेकोविड की स्थितिमें जिस तरहसे सत्र कन्डक्टकिया है । उसकेलिए मैं आपकोअभिनंदन और आभारप्रकट करती हूं । हम सभी सदस्यसोच रहे थेकि ऐसी परिस्थितिमें सदन कंडक्टकैसे होगा, हमसब अपनी खुदकी सुरक्षा केलिए भी थोड़ेसे भयभीत थे । इस स्थितिमें भी आपनेबहुत अच्छे सेहमारी सुरक्षाको ध्यान मेंरखकर सदन कन्डक्टकिया, इसकेलिए मैं आपकाबहुत आभारी हूं । आज मेरे जन्मदिनपर आपने चेयरसे विश किया, उसकेलिए भी आपकीआभारी हूं ।धन्यवाद ।
   
*t40 Title: Regarding alleged irregularities by Adarsh society.
श्री देवजी पटेल (जालौर): अध्यक्षजी, मैंआपके माध्यमसे सरकार सेअनुरोध करूंगा । मेरे लोक सभाक्षेत्र सहितपूरे राजस्थानऔर पूरे देशमें आदर्श सोसायटीद्वारा लोगोंसे पैसे लेलिए और उसेवापस नहीं कररहे हैं ।
अध्यक्षजी, वहांमैनेजमेंट कमेटीजेल में है । सरकार ने लिक्विडेटरनियुक्त कियाहै लेकिन ईडीऔर डीआरआई अन्यविभागों द्वाराआदर्श की सारीप्रोपर्टी सीजकर दी गई है । जब लिक्विडेटरसे पूछा गयातो उन्होंनेकहा कि मेरेपास कुछ हैही नहीं तोमैं क्या दूंगा?
माननीय अध्यक्ष : कुँवर पुष्पेन्द्रसिंह चन्देल को श्री देवजीपटेल द्वारा उठाए गए विषय के साथ संबद्ध करने की अनुमति प्रदान की जाती है ।
श्री देवजी पटेल : मेराआपके माध्यमसे सरकार सेअनुरोध है किजैसे यस बैंकको उबारा, उसीतर्ज पर आदर्शसोसायटी मेंभी प्रशासक नियुक्तकरके उसकी अटैचप्रोपर्टी कोफ्री करके जोपैसा है उसपैसे को वापसगरीबों को लौटायाजाए, तभीगरीब सुख-शांतिसे जी पाएगा । यही मेरा आपसेअनुरोध है ।बहुत-बहुतधन्यवाद । 
*t41 Title: Need to take steps to revive Donakonda Aerodrome in Ongole Parliamentary Constituency, Andhra Pradesh.
SHRI MAGUNTA SREENIVASULU REDDY (ONGOLE): Hon. Speaker, Sir, I thank you very much for giving me an opportunity for raising a matter of urgent public importance pertaining to my constituency.
          Sir, I would like to raise the matter regarding Donakonda Aerodrome in my Ongole Parliamentary Constituency in Andhra Pradesh. This was built during the British period and later on it had been abandoned. Now, a lot of industries are going to come up in this area. Our hon. Chief Minister Shri Y.S. Jagan Mohan Reddy Garu is interested in developing an industrial corridor in that place.
Now, the Indian Navy is also setting up a big unit called VLF station there and 2,500 acres of land has been allotted with an investment of Rs. 800 crore. An Army lab is also coming up in that area.
          So, I would request the hon. Minister to kindly revive the Donakonda Aerodrome so that people can travel freely.  An express highway from Amaravati to Anantapur is also operating in that station.  Thank you.
*t42 Title: Regarding non-availability of vehicles by fruit growers.
श्री अकबर लोन (बारामूला): माननीय स्पीकर सर, जैसा कि आपको और सदन में सब लोगों को इस चीज का इल्म है कि जम्मू-कश्मीर में जो फ्रूट पैदा होता है, उसे मुल्क की दूसरी मंडियों तक पहुंचाने के लिए गाड़ियों की असल जरूरत होती है । वक्त पर गाड़ियां लोगों को नहीं मिलती हैं, इस वजह से लोगों को बड़ी तकलीफ होती है और अक्सर मेवा सड़ जाती है क्योंकि रास्ते में मेवा रोकी जाती है ।
          मेरी आपके वसादत से मंत्री महोदय से गुज़ारिश है कि मुतालक्का गवर्नमेंट को मुत्तला करे कि इन गाड़ियों को रास्ते में रोके बगैर आगे जाने की इज़ाजत दें ताकि इनमें जो भी मेवा वगैरह लानी हो या लेनी हो, उनको तकलीफ न हो ।
جنابمحمداکبرلون (بارہمولہ): جناباسپیکرصاحب،جیساکہ آپکو اوراس ایوانمینسب لوگوںکو اسچیزکا علمہے کہجموںو کشمیرجو جوفروٹپیداہوتاہے،اسےملککی دوسریمنڈیوںتک پہنچانےکے لئےگاڑیوںکی اشدضرورتہوتیہے۔وقتپر گاڑیاںلوگوںکو نہیںمل پاتیہیں،اس وجہسے لوگوںکو بہتتکلیفہوتیہے اوراکثرمیوہسڑ جاتیہے کیونکہراستےمیںمیوہروکیجاتیہے۔           میریآپکیوسادتسے منتریجی سےگزارشہے کہمتعلقہگورنمنٹکو اطلاعکریںکہ انگاڑیوںکو راستےمیںروکےبغیرآگےجانےکی اجازتدیںتاکہان میںجو بھیمیوہوغیرہلانیہو لینیہو انکو تکلیفنہ ہوے۔  شکریہ *t43 Title: Regarding four laning of roads in Ratapani Wildlife Sanctuary.
श्री रमाकान्त भार्गव (विदिशा):माननीय अध्यक्ष जी, मैं आपका बहुत धन्यवाद करता हूं कि आपने मुझे जीरो आवर में बोलने का मौका दिया ।
          मेरे संसदीय क्षेत्र विदिशा,मध्य प्रदेश के राष्ट्रीय राजमार्ग 69 पर फोर लेन सड़क की स्वीकृति के बाद सड़क निर्माण कार्य किया जा रहा है । यह निर्माण कार्य एनएचआई के माध्यम से किया जा रहा है । मेरे संसदीय क्षेत्र में बरखेड़ा से बूंदी तक 12.50 किलोमीटर लंबी सड़क रातापानी वन्य प्राणी अभ्यारण के क्षेत्र में आती है । इस क्षेत्र में फोर लेन सड़क निर्माण कार्य की अनुमति प्राप्त नहीं होने से सड़क निर्माण का कार्य नहीं हो पा रहा है ।
          माननीय अध्यक्ष जी, मेरा आपके माध्यम से माननीय वन मंत्री महोदय से अनुरोध है कि रातापानी वन्य प्राणी अभ्यारण क्षेत्र में फोर लेन सड़क निर्माण कार्य को एनओसी प्रदान करने का कष्ट करें ताकि भोपाल-नागपुर फोर लेन सड़क मार्ग पर आने-जाने वाले हजारों यात्रियों को सुविधा मिल सके । धन्यवाद ।
*t44 Title: Regarding problem of water supply in Aurangabad Parliamentary Constituency, Maharashtra.
श्री सय्यद ईमत्याज जलील (औरंगाबाद):माननीय अध्यक्षजी, सुप्रीमकोर्ट के एकजजमेंट में कहागया है - water is right to life.  लेकिन हमेंइस राइट सेमहरूम रखा जारहा है ।
          माननीयअध्यक्ष जी, मैंजिस कांस्टीटुएंसीसे आता हूं, वहांआज भी सात यानौ दिन के बादपानी मिलता है । इस बार इतनीअच्छी बारिशहुई और शहरको जायकवाड़ीडैम से पानीप्रोवाइड कियाजाता है, जोकिपूरीतरह से लबालबभरा हुआ है, लेकिनइसका पानी 55 किलोमीटरदूर औरंगाबादमें ला नहींसकते हैं, पिछलीसरकारों की नाकामियांरही होंगी, लेकिनआज गेट्स खोलकरपानी को बहायाजा रहा है ।अब सरकार ने1680 करोड़रुपये की स्कीमकी घोषणा कीहै ।
यहांजल शक्ति मंत्रीबैठे हुए थे, मैंअभी तक इंतजारकर रहा था किआप मेरा नामपुकारें, लेकिनइससे पहले वहउठकर चले गए । सरकार ने वादाकिया है – “हरघर जल” । मेरा अनुरोधहै कि इस स्कीमके तहत औरंगाबादको केस स्टडीपर लिया जाएऔर सरकार अपनीसक्सैस स्टोरीबोलकर प्रोजेक्टकरे कि इस शहरमें, जहांसात दिन बादपानी मिलता था, डेढ़-दोसाल में हररोज पानी प्रोवाइडकराने का इंतजामकिया गया है ।
मैं आपसेहाथ जोड़कर अनुरोधकरना चाहता हूंकि 70 सालोंबाद भी अगरसात या नौ दिनबाद पानी मिलरहा है तो हमसबके लिए बड़ेशर्म और अफसोसकी बात होनीचाहिए । हमें इतनेसालों बाद भीपानी के लिएतरसना पड़ रहाहै । हम बड़ीबातें करते हैं, बड़ीघोषणाएं करतेहैं, लेकिनमैं आपको जमीनीहकीकत बता रहाहूं कि जब पांचदिन बाद पानीआता है तो महिलाओंको किस तरहकी कठिनाइयोंका सामना करनापड़ता होगा, आपइसका अंदाजालगा सकते हैं ।
*t45 Title: Need to expedite the construction of bye-pass ring road from Sonu Ghat to Baitalpur in Deoria Parliamentary Constituency.
श्री रमापति राम त्रिपाठी (देवरिया):  माननीयअध्यक्ष जी, मेरेसंसदीय क्षेत्रके मुख्यालयदेवरिया शहरके बीच राष्ट्रीयराजमार्ग संख्या727 गुजरतीहै । यह सड़कउत्तर प्रदेशऔर बिहार कोजोड़ती है । इससड़क की हालतभारी वाहनोंके आने-जानेसे बहुत जर्जरहो गई है । यहांभारी वाहनोंके गुजरने सेलंबा जाम भीलग जाता हैऔर आए दिन सड़कदुर्घटनाएं भीहोती हैं । इससेव्यापार मेंभी काफी क्षतिहोती है औरव्यापार काफीप्रभावित होताहै । इस परेशानी को देखते हुए दिनांक 25.01.2018 को सड़क परिवहन मंत्री माननीय नितिन गडकरी जी एवं तत्कालीन सांसद और उत्तर प्रदेश के लोक निर्माण मंत्री जी की मौजूदगी में सोनू घाट से बैतालपुर, देवरिया बाईपास रोड रिंग रोड का शिलान्यास किया गया था । परन्तु,बड़े खेद के साथ कहना पड़ रहा है कि अब तक उस पर कोई कार्य नहीं किया गया, जिसके कारण वहां की स्थानीय जनता में क्षोभ है । लोग इसको मुद्दा बनाकर हम सबसे शिकायत करते हैं । इस संबंध में हमने कई बार संबंधित अधिकारियों से बात की, परन्तु,हमें वहां से कोई संतोषजनक उत्तर नहीं मिला । अत:मैं सदन में आपके माध्यम से माननीय सड़क परिवहन मंत्री जी से मांग करता हूं कि इस समस्या को संज्ञान में लेते हुए,जो भी प्रशासनिक और वित्तीय परेशानी आ रही है, उसे अविलम्ब दूर करके,जनहित में सोनू घाट से बैतालपुर,देवरिया बाईपास रिंग रोड का निर्माण कार्य प्रारंभ कराने की कृपा करें ।
माननीय अध्यक्ष :
डॉ. सुजय विखे पाटील को श्री रमापतिराम त्रिपाठी सिंह द्वारा उठाए गए विषय के साथ संबद्ध करने की अनुमति प्रदान की जाती है ।
*t46 Title: Need to include Kuruba caste in the list of Scheduled Tribe. .
श्री भगवंत खुबा (बीदर):माननीय अध्यक्ष महोदय, मैं आपको बहुत-बहुत धन्यवाद देता हूं । खासकर मैं यशस्वी प्रधान मंत्री जी और कृषि मंत्री जी को किसान भाईयों की ओर से धन्यवाद देता हूं । कर्नाटक के अंदर बीदर,गुलबर्गा और यादगिर जिला जो स्वतंत्रता से पूर्व निजाम सरकार में थे, उसके बाद वहां के गोंड समाज के लोग केंद्र सरकार की एस.टी कैटेगरी में आते हैं । उसी गोंड समाज का सिनोनिमस शब्द कुरुबा है । इन तीनों जिलों के कुरुबा समाज को केंद्र सरकार की एस.टी कैटेगरी लिस्ट में शामिल किया जाए । यही मेरा आग्रह है । धन्यवाद ।
माननीय अध्यक्ष :
कुँवर पुष्पेन्द्र सिंह चन्देल को श्री भगवंत खुबा द्वारा उठाए गए विषय के साथ संबद्ध करने की अनुमति प्रदान की जाती है ।
*t47 Title: Demand for pay revision of employees of Steel Authority of India Limited.
श्री पशुपति नाथ सिंह (धनबाद): अध्यक्ष महोदय, हम आपके विशेष रूप से आभारी हैं कि आपने हमें शून्य काल में बोलने का अवसर दिया । विशेष रूप से,इसलिए भी आभारी हैं कि यदि मैं सदन में बिना एक शब्द बोले वापस लौट जाता तो जनता का कोपभाजन बनता  । जनता ने हमें झोली भरकर वोट दिया है । करीब पांच लाख से हमें जिताया ।
          अध्यक्ष महोदय, आप हैं तो यह मुमकिन हो रहा है, क्योंकि,इसके पूर्व भी हमने दो-दो अध्यक्ष को देखा,कभी अवसर नहीं मिलता था, जिस तरह से आपने सभी को अवसर देने का काम किया है ।
          मेरे क्षेत्र में सेल का बोकारो स्टील प्लांट और कोलरिया हैं । लेकिन, समस्या सेल के पूरे कर्मचारियों की है । उनका पे रिवीजन पिछले कई वर्षों से लंबित है । वे बेचारे निराशा की स्थिति में हैं । पिछले दो सालों से सेल लगातार प्रोफिट में है, फिर भी उनका पे रिवीजन नहीं हो पा रहा है । अत: मैं स्टील मिनिस्ट्री और पूरी सरकार से अनुरोध करना चाहता हूं कि जो भी बाधा है, उसको दूर करके सेल के कर्मचारियों का पे रिवीजन किया जाए । बहुत-बहुत धन्यवाद ।
माननीय अध्यक्ष :
कुँवर पुष्पेन्द्र सिंह चन्देल और डॉ. सुजय विखे पाटील को श्री पशुपति नाथ सिंह द्वारा उठाए गए विषय के साथ संबद्ध करने की अनुमति प्रदान की जाती है ।
श्रीअजय कुमार मंडल- उपस्थितनहीं श्रीमोहन एस. देलकरजी  ।
*t48 Title: Regarding regularization of colonies in Dadra and Nagar Haveli.
श्री मोहन एस. देलकर (दादरा और नागर हवेली):अध्यक्ष महोदय, सबसेपहले मैं आपकादिल से धन्यवादकरना चाहता हूंकि आपने बहुतसुचारु रूप सेसदन को चलाया । यह आपकी खूबीहै, इसलिए, सभीलोग आपकी तारीफकर रहे हैंकि आप सबकोमौक दे रहेहैं ।
          आज पूरेदेश में लोगकोरोना संकटके कारण विकटपरिस्थिति मेंहैं । मेरा प्रदेशदादरा और नागरहवेली तथा दमनदीव भी है ।
19.00hrs           ऐसी स्थिति में वहाँ का प्रशासन निर्णय लेकर,वहां पर जो कॉलोनी बनी है, उसे खाली करवाने के लिए नोटिस जारी कर रहा है । आज आर्थिक स्थिति भी बहुत गंभीर है । लोग बहुत परेशान हैं और ऐसी स्थिति में ऐसे नोटिस निकालना ठीक नहीं है । मैं आपके माध्यम से सरकार से और खासकर गृह मंत्रालय से निवेदन करना चाहता हूँ । हमारे गृह राज्य मंत्री श्री जी. किशन रेड्डी जी यहां पर बैठे हैं, उनसे मैं गुजारिश करना चाहता हूँ कि आप इसमें तुरन्त दखल दें । लोग बहुत परेशान हैं । इस तरह के नोटिस बंद किए जाएँ और एक पॉलिसी बनाई जाए,जिसके अन्तर्गत सभी कॉलोनीज़ को रेगुलर करने का काम किया जाए । जैसे भारत सरकार ने किया है, वैसे ही वहाँ के लिए भी निर्णय लिया जाए ।

माननीय अध्यक्ष : रमेश जी, इस सदन में जो कभी नहीं बोले हैं, उनका पहले नम्बर आएगा । आपका नम्बर बाद में आएगा ।

          श्री ए.नारायण स्वामी जी ।

   

*t49 Title: Regarding corporate social responsibility fund utilization.

SHRI A. NARAYANA SWAMY (CHITRADURGA): Sir, I would like to speak about the Corporate Social Responsibility Fund Utilisation.

          CSR is said to increase reputation of a company’s brand among its customers and society.  The Companies Act, 2013 has formulated Section 135, Companies (Corporate Social Responsibility) Rules, 2014 and Schedule VII which prescribes mandatory provisions for companies to fulfil their CSR activities of two per cent out of their three years average profit.  The types of Corporate Social Responsibility are environment conservation, diversity and labour practices.  The same is implemented even by the small businesses.  One way to demonstrate your commitment to Corporate Social Responsibility is to get involved with local community, volunteers, go green, alternative transport methods, support the development of employees and to execute the decision taken by the company.

          In many cases, companies have failed to utilise CSR funds as there is no proper way to inspect the same by Government controlling authorities.  Companies have practiced to evade CSR funds by not showing profits or maybe, they will implement within their company premises or whatsoever.  Due to this, there is no significant development in the area in which the company is located.  They have to look after the environment, infrastructure, education and providing basic facilities in their local areas. But they were not doing this and they simply sponsor sports event or sponsor some other events and publish the same in their annual report.  This has to be completely stopped.  A new set of guidelines has to be implemented so that the people of the local area get employment opportunities and development of environment and also to provide basic facilities only. A proper checking mechanism has to be set up under the Chairmanship of hon. Members of Parliament representing Lok Sabha.  Hon. MPs can review their CSR implementation along with MPLADs. This will help the local people and local Government to converge the additional funds available with the CSR.  The CSR funds accountability can be assessed locally.  The CSR funds must be utilized locally so that the local people get benefit out of everything. Like this many new modifications of rules are to be implemented and the companies should be accountable to District Administration or hon. Member of Parliament.

       

*t50 Title: Demand to settle the rehabilitation and compensation process to the families whose lands was acquired for Hirakund Dam.

SHRI NITESH GANGA DEB (SAMBALPUR): Thank you Sir for giving me an opportunity. मैं सोच रहा था कि आज भी मुझे मौका नहीं मिलेगा, लेकिन आपने मुझे मौका दिया, उसके लिए मैं आपको धन्यवाद देता हूँ ।

Sir, Hirakud Dam at Sambalpur in the State of Odisha was built in 1957.  The first multipurpose river valley project and the longest man-made dam in the world was on river Mahanadi.  Though this project has been completed 63 years back, the rehabilitation and compensation to the families whose lands were submerged in this project have not yet been settled till date. 

          I would like to draw the attention of the Chair to instruct the Government to settle the compensation and rehabilitation process at the earliest and kindly tell the Government to make an extra allocation of additional funds for improvement of the dam.

     

*t51 Title: Demand to establish medical college in Bhandara.

श्री सुनील बाबूराव मेंढे (भन्डारा-गोंदिया):धन्यवाद,अध्यक्षमहोदय । मैं आपके द्वारा माननीय स्वास्थ्य मंत्री जी का ध्यान अपने लोक सभा क्षेत्र भन्डारा की ओर आकर्षित करना चाहूंगा,जहां काफी पुराना शहर और जिला होने के बावजूद अभी तक मेडिकल कॉलेज नहीं है । खासकर, इस कोविड-19 की स्थिति में,वहां कोविड-19 पेशेंट्स का काफी बुरा हाल है । उनको छोटी-छोटी बातों के लिए नागपुर और दूसरे शहरों में जाना पड़ता है । वहां पर 1000बेड का गवर्नमेंट हॉस्पिटल आलरेडी तैयार है, काफी दिनों से वह तैयार है ।

मैं आपके माध्यम से पुन: स्वास्थ्य मंत्री जी का ध्यान आकर्षित करूंगा कि जल्द से जल्द भन्डारा में मेडिकल कॉलेज शुरू किया जाए ।

माननीय अध्यक्ष:

डॉ. सुजय विखे पाटील और श्री उन्मेश भैय्यासाहेब पाटिल को श्री सुनील बाबूराव मेंढे द्वारा उठाए गए विषय के साथ संबद्ध करने की अनुमति प्रदान की जाती है ।
     
*t52 Title: Issue regarding plight of coffee growers in Karnataka.
SHRI PRATHAP SIMHA (MYSORE): Sir, thank you for allowing me to throw light on the plight of the Karnataka coffee growers.
          My State, Karnataka, accounts for 70 per cent of coffee production in India. This contribution is achieved by 3,50,000 coffee growers, out of which 98.5 per cent of the coffee growers are small and medium scale growers. However, since 2016, the entire coffee-growing area from Coorg, Hassan to Chikmagalur is in doldrums because of droughts, floods and landslides.
          We had severe drought in 2016 and 2017. For the last three years, we have been reeling under floods and landslides. My constituency, Coorg, alone has lost over 3,000 hectares of fertile coffee land. Now replantation is not possible because the fertile surface land has been washed away. Whatever the little relief we get under the NDRF is not sufficient.
Therefore, I urge the Government, especially, the hon. Finance Minister, Shrimati Nirmala Sitharaman, who also represents Karnataka in Rajya Sabha, and the hon. Commerce Minister, Piyush Goyal Ji, who was in-charge of Karnataka BJP, knows our problem, to give heed to our reasonable three demands. I do not expect the Government to waive off the loan. …(Interruptions) Sir, I will finish it in another 30 seconds.
          I expect the Government to at least waive off the interest on crop and term loans, restructure the term and crop loans with reduced interest rate and with a two-year moratorium period, and also not to link the CIBIL score of coffee growers with their crop loans. Thank you.
*t53 Title: Issue regarding subarnarekha irrigation project.
ER. BISHWESWAR TUDU (MAYURBHANJ): Sir, this is a project involving inter-States, namely Subarnarekha Irrigation Project, between Jharkhand and Odisha. It is a matter of regret that, though 32 years have passed, this project work could not be completed. Also, some of the people, who have lost their lands, have not been rehabilitated properly.
          My request to the hon. Minister, through you, is to look into this matter seriously so that the work can be completed and the public will be benefited. Thank you.
 
*t54 Title: Regarding setting up of Kendriya Vidyalaya in Raipur Parliamentary Constituency, Chhattisgarh.
श्रीसुनील कुमार सोनी (रायपुर): अध्यक्ष जी, धन्यवाद । मैं शिक्षामंत्री जी से निवेदन करता हूं कि रायपुर लोक सभाक्षेत्र के अंतर्गत जिला बलौदा बाजार और भाटापारा,जो कि औद्योगिक क्षेत्र है, वह पिछड़ा वर्ग और अनुसूचित जाति बहुल क्षेत्र भी है ।  कृपया बलौदा बाजार या भाटापारा विधान सभा क्षेत्र में केन्द्रीय विद्यालय प्रारम्भकिए जाने की कृपा करें । केन्द्रीय विद्यालय के लिए जो पांच किलोमीटर का दायरा होताहै, यह सभी सांसदों के लिए आता है,कृपया उस दायरे को समाप्त करेंगे,क्योंकि केन्द्रीयविद्यालय एक लोक सभा क्षेत्र में दो या तीन हैं । इसलिए पांच किलोमीटर के इस दायरे कोसमाप्त करें । बहुत-बहुतधन्यवाद ।
*t55 Title: Regarding construction of railway underpass and Railway over Bridges in Satara Parliamentary Constituency, Maharashtra.
श्री श्रीनिवास दादासाहेब पाटिल (सतारा): महोदय, इस सत्र के आखिरी दिन में आपने मुझे बोलने का मौका दिया, इसके लिए मैं आपका आभारी हूं । पुणे और हुबली सैंट्रल रेलवे लाइन पर मेरा संसदीय क्षेत्र सतारा है । यहां एक गांव है, जहां पूरे देश का दूसरे नम्बर का प्याज का बाजार है, एमआरडीसी है और संत ज्ञानेश्वर महाराज की पालकी भी आषाढ़ माह में निकलती है । यह शहर रेल लाइन के दोनों तरफ बसा हुआ है । एक तरफ से दूसरी तरफ जाने में कठिनाई होती है, इसलिए एक अंडरपास और दो  ओवर ब्रिज बनाएंगे,तो कालेज, मार्केट या किसी अन्य काम के लिए उनका आना-जाना सुगम होगा । यहां रेल के स्टापेज बढ़ाए जाएं । दक्षिण और उत्तर में जो रेल जाती हैं,उनके स्टापेज नहीं हैं । कई लोग केरल से आकर यहां बसे हैं, कई नार्थ से आकर यहां बसे हैं । उन्हें रेल पकड़ने के लिए पुणे या मिराज जाना पड़ता है । सतारा शहर के पास जो रेलवे स्टेशन है, वहां पुलिस स्टेशन मंजूर हुआ है, लेकिन उसकी बिल्डिंग पिछले दस सालों से बन रही है । पुणे या मिराज से जाने वालों को रेल में चोरी की रिपोर्ट कराने के लिए किसी दूसरे पुलिस स्टेशन जाना पड़ता है । महिलाओं को भी तकलीफ होती है । अगर यह पुलिस स्टेशन जल्दी बनेगा,तो हमें सुविधा होगी ।
*t56 Title: Demand to make a law on control of population increase in the country.
श्री उदय प्रताप सिंह (होशंगाबाद):अध्यक्ष जी, मैं देश में बढ़ती हुई जनसंख्या की तरफ सरकार का ध्यान आकर्षित करना चाहता हूं । कोरोना के संकट के समय भी हम जनसंख्या के प्रकोप को झेल रहे हैं । बेरोजगारी की समस्या भी बढ़ती जनसंख्या के कारण पैदा हो रही है और देश में अराजकता के विस्फोट के मूल में भी बढ़ती जनसंख्या एक मुख्य कारण है । मैं आपके माध्यम से देश के प्रधान मंत्री माननीय नरेन्द्र मोदी जी से निवेदन करना चाहता हूं कि जिस प्रधान मंत्री जी के नेतृत्व में धारा-370 खत्म करने का हमने काम किया है, जिस प्रधान मंत्री जी के नेतृत्व में 35-ए खत्म करने का काम किया है, जिस प्रधान मंत्री के नेतृत्व में हमारी सरकार ने राम मंदिर के निर्माण का मार्ग प्रशस्त किया है,जिस प्रधान मंत्री जी के नेतृत्व में हमने तीन तलाक का कानून बनाने का काम किया हो,जिस सरकार ने देश के किसानों के हित में बड़ा कानून बनाया हो,उस सरकार से आपके माध्यम से अनुरोध करना चाहता हूं कि इस सदी का सबसे बड़ा कानून जनसंख्या पर नियंत्रण का कानून बनाने की कृपा करें ।
माननीय अध्यक्ष :
श्री देवजी एम. पटेल, कुँवर पुष्पेन्द्र सिंह चंदेल, *m04 श्री जगदम्बिका पाल और *m05 डॉ. सुजय विखे पाटील को श्री उदय प्रताप सिंह द्वारा उठाए गए विषय के साथ संबद्ध करने की अनुमति प्रदान की जाती है ।
*t57 Title: Regarding setting up of a Kendriya Vidyalaya in Amrali Parliamentary Constituency.
श्री नारणभाई काछड़िया (अमरेली) महोदय, मैं आपको धन्यवाद देता हूं और हमारे प्रधान मंत्री नरेन्द्र भाई मोदी जी का और एनडीए सरकार का भी धन्यवाद करता हूं । मैं अपने क्षेत्र गुजरात,अमरेली का विषय कई सालों से शून्य काल में उठा चुका हूं । सदन में एचआरडी मिनिस्टर पोखरियाल जी भी बैठे हैं । वे भी मेरे क्षेत्र गुजरात में आ चुके हैं । मैं अपने क्षेत्र में केंद्रीय विद्यालय के लिए कई बार प्रश्न उठा चुका हूं,लेकिन अभी तक यह काम पूरा नहीं हुआ है । मैं डिस्ट्रिक्ट से स्टेट और स्टेट से सैंटर तक इस विषय को उठा चुका हूं । मुझे मेरे पत्र के माध्यम से जानकारी मिली है कि चैलेंज मैथड कमेटी की सहमति न मिलने से केंद्रीय विद्यालय को मंजूरी नहीं मिली है । मेरा क्षेत्र कृषि क्षेत्र है और साढ़े आठ सौ से ज्यादा गांव हैं । मंत्री जी वर्ष 2017 में मेरे क्षेत्र का दौरा कर चुके हैं । मैं आपके माध्यम से माननीय मंत्री जी से निवेदन करता हूं कि जल्द से जल्द मेरे क्षेत्र में केंद्रीय विद्यालय की मंजूरी मिले ।
*t58 Title: Need to take steps for return of missing Indian National in Libya.
SHRI RAM MOHAN NAIDU KINJARAPU (SRIKAKULAM): Thank you, hon. Speaker, Sir, for giving me the opportunity. I, on behalf of my party, would also like to thank you for taking good care of each and every one of us and also for running of the House smoothly.
          Sir, three people from Seethanagaram Village, Naupada, Santhabommali Mandal in my constituency went to Libya to work as welders   in Al Shola Al Modea company during October 2019. On expiry of their work visa, they booked their return tickets to India on 13th September, 2020. They started from Benghazi to Tripoli airport in Libya by road. Later, they were found missing and have not come into contact with their family members. It has been 10 days till now. The family members have been worrying for their safety and whereabouts.
          The names of these people are Boddu Danayya, Batchala Venkata Rao and Batchala Joga Rao. Keeping in view the agony of their families, I request the hon. Minister of External Affairs to kindly initiate the necessary efforts through our Indian Embassy in Libya to trace out the above missing persons and ensure their safe return to India. Thank you.
माननीय अध्यक्ष :
कुँवर पुष्पेन्द्र सिंह चंदेल को श्री  राम मोहननायडू किंजरापुद्वारा उठाए गए विषय के साथ संबद्ध करने की अनुमति प्रदान की जाती है ।
*t59 Title: Demand for construction of Kisan Bhawan in all District Headquarter in the country.
श्री राजकुमार चाहर (फतेहपुर सीकरी): माननीयअध्यक्ष जी, मैंआपके माध्यमसे भारत सरकारका ध्यान एकबड़े गंभीर विषयकी ओर आकर्षितकराना चाहताहूं । पूरे देशमें किसानोंकी समस्याओंका धीरे-धीरेसमाधान हो रहाहै, माननीयमोदी जी नेउनकी समस्याओंका समाधान कियाहै । लोक सभाका यह ऐतिहासिकपल और ऐतिहासिकक्षण चल रहाहै । ग्रामीणक्षेत्रों कीजनता गांवोंमें रहती हैऔर वे लोग जरूरीकाम से शहरमें आते हैं । वे चाहे अस्पतालमें इलाज केलिए आएं, दीवानी, कलेक्ट्री, कचहरीया राजनैतिकलोगों से मिलनेके लिए शहरोंमें आते हैं, तोउनको वहां ठहरनेमें बहुत दिक्कतआती है ।
          माननीयअध्यक्ष जी, मैंआपके माध्यमसे सरकार सेनिवेदन करनाचाहता हूं किदेश के सभीजिला मुख्यालयोंपर एक किसानभवन का निर्माणकराया जाए, जिससेगांवों से आनेवाली जनता कोशहरों में रुकनेकी व्यवस्थाहो, जहांवे सस्ते मेंखा सकें एवंरह सकें । ऐसीव्यवस्था सरकारकी ओर से पूरेजिला मुख्यालयोंमें की जाए । यह मेरा आपकेमाध्यम से सरकारसे प्रार्थनाहै । धन्यवाद ।
माननीय अध्यक्ष :
कुँवरपुष्पेन्द्रसिंह चन्देलऔर श्रीमतीरेखा अरुण वर्माको श्री राजकुमारचाहर द्वारा उठाए गए विषय के साथ संबद्ध करने की अनुमति प्रदान की जाती है ।
श्री गोपाल शेट्टी – उपस्थित नहीं ।
श्रीसतीश कुमार गौतमजी ।
*t60 Title: Demand for reservation of SC, ST and OBC in Aligarh Muslim University.
श्री सतीश कुमार गौतम (अलीगढ़): माननीयअध्यक्ष जी, मैंआपके माध्यमसे यह कहनाचाहता हूं किअलीगढ़ यूनिवर्सिटीमेरे लोक सभाक्षेत्र मेंहै । वह केन्द्रके द्वारा संचालितहोती है, वहकेन्द्र के पैसेसे चलती है । बीएचयू मेंएससी, एसटीऔर ओबीसी कोआरक्षण मिलताहै, लेकिनअलीगढ़ यूनिवर्सिटीमें इनको कोईआरक्षण नहींमिलता है । केवलकांग्रेस कीएक गलती कीवजह से आज हमारेबच्चे, एससी, एसटीऔर ओबीसी केबच्चे वहां कीशिक्षा से वंचितहैं ।
          अध्यक्षजी, मैंआपके माध्यमसे सरकार सेनिवेदन करनाचाहता हूं किवहां पर केन्द्रसरकार की तरफसे कोई न कोईकमेटी गठित कीजाए । आने वालेवर्ष 2021 मेंवहां केवल एकसमुदाय के डॉक्टर्सरहेंगे, दूसरेसमुदाय का कोईडॉक्टर भी नहींरहेगा । वर्ष 2021 में उनकारिटायरमेंट होजाएगा । वह केवलएक समुदाय कीयूनिवर्सिटीरह गई है । वहकेन्द्र के पैसेसे चलती है । मेरा आपकेमाध्यम से सरकारसे मांग हैकि वहां एससी, एसटीऔर ओबीसी केगरीब बच्चोंको शिक्षा प्राप्तकरने की सुविधादी जाए ।
माननीय अध्यक्ष :
कुँवरपुष्पेन्द्रसिंह चन्देलऔर श्री जगदम्बिकापाल को श्री सतीश कुमारगौतम द्वारा उठाए गए विषय के साथ संबद्ध करने की अनुमति प्रदान की जाती है ।
*t61 Title: Demand to increase number of mandays and enhancement of the wage rate under MGNREGS.
SHRI BHARTRUHARI MAHTAB (CUTTACK):  Hon. Speaker, Sir, I extend my heartfelt thanks to you for looking after us not only during this Session, but also for last six months, you have personally contacted many of us and have been taking care of us.
          I will be drawing the attention of this House, through you, to the issue relating to the wage rate of unskilled labour under MGNREGS which has been increased from ₹ 196 to ₹ 207. I thank the Prime Minister and the Government for it, but the minimum wage rate in Odisha as per the State Government notification is ₹ 303.40, because of the intervention of our Chief Minister Shri Naveen Patnaik, from 1st April, 2020. The lower wage rate under MGNREGS is rendering work under MGNREGS less attractive.
          What has happened in-between during last six months of COVID-19 is that MGNREGS has come as a boon. In many districts, within September, the mandays have already reached 75 to 80 days. As 100 days is the maximum one job-cardholder can work for in a year, there is a need to increase it to at least 200 days as there are six more months in this financial year. Also, there should be enhancement of the wage rate to be commensurate with the minimum unskilled wage rate notified by the State Government of Odisha.
          Thank you.
*t62 Title: Need to give plantation of betel leaf as status of agricultural farming.
श्रीमती अनुप्रिया पटेल (मिर्जापुर):माननीय अध्यक्षजी, भारतके 11 राज्यों, पश्चिमबंगाल, असम, कर्नाटक, तमिलनाडु, ओडिशा, आंध्रप्रदेश, बिहार, केरल, उत्तरप्रदेश और मध्यप्रदेश में चौरसियासमाज के 20 लाखलोग निरंतर पानके पत्ते कीखेती के कार्यमें लगे हुएहैं और हर वर्षछ: लाख टनइसका उत्पादनकरते हैं, जो29 देशोंमें निर्यातकिया जाता है । वर्तमान समयमें पान कीखेती बागवानीके अंतर्गत आतीहै और कृषिका दर्जा प्राप्तनहीं होने केकारण, इसेबीमा, सब्सिडी, सस्तीबिजली और बैंकसे कम ब्याजपर ऋण, सरकारीमूल्य पर कीटनाशकदवाएं और प्राकृतिकआपदा की स्थितिमें किसी भीप्रकार के मुआवजेका लाभ नहींमिल पा रहाहै । लंबे समयसे देश का चौरसियासमाज, जोकई राज्यों मेंनिवास करता है, यहमांग कर रहाहै कि पान कीखेती को कृषिका दर्जा प्रदानकिया जाए ।
          इसलिएआपके माध्यमसे मेरा माननीयकृषि मंत्रीजी से आग्रहहै कि इस दिशामें कदम उठाएंऔर पान की खेतीको बागवानी केदायरे से निकालकर कृषि कादर्जा देने काप्रयास करें ।
माननीय अध्यक्ष :
डॉ. मनोज राजोरिया को श्रीमतीअनुप्रिया पटेलद्वारा उठाए गए विषय के साथ संबद्ध करने की अनुमति प्रदान की जाती है ।
*t63 Title: Regarding completion fo work on National Highway No. 24.
श्री धर्मेन्द्र कश्यप (आंवला): माननीयअध्यक्ष महोदय, जनपदबरेली, शाहजहाँपुरऔर सीतापुर केबीच राष्ट्रीयराजमार्ग संख्या 24बहुतही जर्जर स्थितिमें है । इसपर लम्बे समयसे दुर्घटनाकी संभावना बनीरहती है ।
          मेराआपके माध्यमसे सड़क परिवहनमंत्री जी सेनिवेदन है किइस राष्ट्रीयराजमार्ग संख्या 24, जो बरेली, शाहजहाँपुरऔर सीतापुर सेहोकर लखनऊ औरदिल्ली को जोड़तीहै, काजल्द-से-जल्दकार्य करानेका कष्ट करें ।
*t64 Title: Demand to grant FCRA permission to the Tirumala Tirupati Devasthanam.
SHRI LAVU SRIKRISHNA DEVARAYALU (NARASARAOPET): Recently, Gurdwara Harmandir Sahib was granted the FCRA registration allowing it to receive foreign donations. This is a commendable step by the Central Government.
          The Government should also grant FCRA permission to the Tirumala Tirupati Devasthanam. The Temple is deeply ingrained in Hindu culture. Lord Venkateswara has been worshipped for centuries. The temple receives anywhere between 60,000 and 1,00,000 devotees every day.
          TTD’s multiple Trusts perform social welfare activities, like providing daily free meals to 70,000 people. It also provides medical services like consultations, and even free surgeries through the BIRRD Trust and the Sri Venkateswara Institute of Medical Sciences.
          TTD’s Trusts are running schools and colleges across the country where lakhs of students are getting high quality education. The Temple Trust also acts as a guardian of our rich history by preserving and restoring ancient temples. These social activities are costing them around Rs. 3,300 crore.
          Devotees of Lord Venkateswara who are living abroad are willing to offer their services to the Temple through donations. However, their hands are tied because there is no FCRA registration for the Temple.
          Hence, I request the Government, through you, to take note of this request and grant FCRA registration to the TTD Trust. Thank you very much.
*t65 Title: Need to increase the number of Kendriya Vidyalayas in Noida.
डॉ. महेश शर्मा (गौतम बुद्ध नगर): माननीय अध्यक्ष जी, मैं आपके माध्यम से कहना चाहता हूं कि नोएडा-गौतमबुद्ध नगर आज पूरे विश्व पटल पर है । यहाँ जेवर एयरपोर्ट है और अब फिल्म सिटी भी है । दिल्ली के पास होने के कारण यहाँ की जनसंख्या लगातार बढ़ती चली जा रही है । नोएडा में केन्द्रीय विद्यालय आज से 20 वर्ष पहले एक था, वह आज भी एक ही है ।
मैं आपके माध्यम से माननीय शिक्षा मंत्री जी से अपील करना चाहूंगा कि वहाँ केन्द्रीय विद्यालय की संख्या में बढ़ोतरी की जरूरत है । इस मांग को शीघ्र-से-शीघ्र पूरा कराया जाए ।
*t66 Title: Regarding drinking water problem in Gwalior Parliamentary Constituency.
श्री विवेक नारायण शेजवलकर (ग्वालियर): मैं आपके माध्यम से एक लोक हित की समस्या की ओर सरकार का ध्यान आकर्षित करना चाहता हूँ ।
          ग्वालियर में चम्बल नदी का पानी लाने की योजना काफी दिनों से चल रही है । लेकिन वाइल्ड   लाइफ और फॉरेस्ट डिपार्टमेंट की ओर से एनओसी न मिलने के कारण काम रुका हुआ है । मैं सरकार से निवेदन करूँगा कि इस काम में जल्दी की जाए ।
          इसके अलावा ग्रामीण क्षेत्रों में लगभग 165 नल-जल की योजनाएं हैं, जो मेनटेनेंस के अभाव में बंद पड़ी हैं । उनको भी शीघ्रातिशीघ्र चालू करने का आदेश यहाँ से प्रदान करें । आप वहां की सरकार से कहें कि यह जल्दी किया जाए ताकि आने वाले समय में ग्वालियर नगर और ग्रामीण क्षेत्रों की पेयजल की समस्याओं का समाधान समय रहते हो सके ।
 
*t67 Title: Need to expedite the commencement of railway service in Morwad tehsil in Bhiwandi Parliamentary Constituency, Maharashtra.
श्री कपिल मोरेश्वर पाटील (भिवंडी): माननीय अध्यक्ष महोदय, मेरे भिवंडी लोक सभा क्षेत्र में मोरवाड़ तहसील है । भारतीय रेल के जनक नाना शंकर सेठ का गांव मोरवाड़ है । लगभग 50 सालों से मोरवाड़ के लोग वहां रेल के आने का इंतजार कर रहे हैं ।
          मैं प्रधानमंत्री जी और रेल मंत्री श्री पीयूष जी को धन्यवाद दूंगा और तत्कालीन मुख्यमंत्री श्री देवेन्द्र फड़णवीस जी को भी धन्यवाद दूंगा कि उन्होंने मोरवाड़ के लिए रेल सैंक्शन कराई । अभी उसका अंतिम डीपीआर तैयार होकर नीति आयोग के पास जाने वाला है ।
मैं आपके माध्यम से रेल मंत्री जी से विनती करूँगा कि 50सालों से इंतजार में बैठे हुए लोगों का इंतजार खत्म करने के लिए मोरवाड़ की रेल का काम जल्द-से-जल्द शुरू करने के लिए सहयोग दें और हमारा सपना पूरा करें । मैं रेल मंत्री जी से यह विनती करता हूँ ।
माननीय अध्यक्ष:
श्री उन्मेश भैय्यासाहेब पाटिल को श्री कपिल मोरेश्वर पाटिल द्वारा उठाए गए विषय से संबद्ध करने की अनुमति प्रदान की जाती है ।
*t68 Title: Need to conduct the survey of railway line to commence train from Kasganj to Kathgodam and Etah to Lucknow.
श्री राजवीर सिंह (राजू भैय्या) (एटा) : अध्यक्षजी, आपनेआज मुझे बोलनेके लिए समयदिया, इसकेलिए आपका धन्यवाद । …(व्यवधान)
माननीय अध्यक्ष : आपनेआज ही समय मांगाहै, पहलेमांगा भी नहींहै ।
…( व्यवधान)
माननीय अध्यक्ष : मैंतो सबको, राततक बोलने केलिए समय देताहूं ।
…( व्यवधान)
श्री राजवीर सिंह (राजू भैय्या) : अध्यक्ष जी, मैंआपका बहुत-बहुतआभारी हूं किआपने मुझे बोलनेके लिए समयदिया ।
          मेरीलगातार सात सालसे एक ही डिमांडहै । एटा औरकासगंज – येदोनों जिले आपसमें लगते हैं । आज तक वहांरेलवे लाइन काविस्तार नहींहो पाया है । बार-बारवह रेलवे लाइनसर्वे में तोआ जाती है, लेकिनवहीं की वहींरुक जाती है । जो रेलवे केअधिकारी हैं, वेकेवल 28 किलोमीटरका नफ़ा-नुकसानदिखाते हैं । मैं उन अधिकारियोंसे और माननीयरेल मंत्री जीसे कई बार मिलचुका हूं औरउनसे कहा हैकि वे कासगंजसे लेकर काठगोदामतक और एटा सेलेकर लखनऊ तकट्रेन चलानेके लिए इस रेलवेलाइन का सर्वेकराइए ।
          मैं आपकेमाध्यम से यहनिवेदन करनाचाहता हूं ।आपका बहुत-बहुतधन्यवाद ।
माननीय अध्यक्ष: संसदीय कार्य मंत्री जी क्या कहते हैं, यह उनसे पूछ लेते हैं ।
…( व्यवधान)
माननीय अध्यक्ष: पहले माननीय संसदीय कार्य मंत्री जी बोलेंगे । आप उनसे आग्रह करो, वे समय दे देंगे ।
…( व्यवधान)
संसदीय कार्य मंत्रालय में राज्य मंत्री तथा भारी उद्योग और लोक उद्यम मंत्रालय में राज्य मंत्री (श्री अर्जुन राम मेघवाल): हमारेसंसदीय कार्यमंत्री श्रीप्रहलाद जोशीइस अवसर परकुछ बोलना चाहेंगे । …(व्यवधान)
माननीय अध्यक्ष: वे कहेंगे तो और लोगों को बोलने की इजाज़त दे देंगे ।
…( व्यवधान)
माननीय अध्यक्ष: प्रहलाद जोशी जी, आप बोलिए ।
…( व्यवधान)
संसदीय कार्य मंत्री; कोयला मंत्री तथा खान मंत्री (श्री प्रहलाद जोशी) : माननीयअध्यक्ष जी, आपनेमुझे दो मिनटदिए हैं ।…(व्यवधान)
 
माननीय अध्यक्ष: नहीं, मैंने आपका समय तय नहीं किया है ।
…( व्यवधान)
 
*t69 Title: Shri Prahlad Joshi felicitated Hon'ble Speaker for making special arrangements to conduct proceedings of the House.
श्री प्रहलाद जोशी : धन्यवाद, सर ।
          सर, आपनेमुझे बोलने कामौका दिया, इसलिएमैं बहुत प्रसन्नभी हूं और आपकोधन्यवाद भी करताहूं । इस विशिष्टऔर विषम परिस्थतिमें आपने औरचेयरमैन, राज्यसभा – दोनोंने बातचीत करके, सहमतिसे, जोएक विशिष्ट व्यवस्थाकी और तीन-चारजगहों पर मेंबर्सको बैठना पड़ा, यहपूरी व्यवस्थाबहुत सुचारूरूप से, बहुतसोच-समझकरआपने की है । …(व्यवधान)मैं आपको इसके लिए बहुत-बहुत धन्यवाद और बधाई देता हूं ।
          हमारी संख्या बहुत बड़ी है । Our number is quite big and the hon. Chairman, Rajya Sabha has also guided और उन्होंने भी इस व्यवस्था में बहुत अच्छे ढंग से भाग लिया है । मैं उनको भी धन्यवाद देता हूं । इस संदर्भ में,बहुत सुचारू रूप से, पॉलिटिकली टेंस सिचुएशन में आपने सभी पार्टियों को विश्वास में लेकर सदन को बहुत अच्छे ढंग से चलाया है । इसके लिए भी मैं आपको धन्यवाद समर्पित करता हूं । …(व्यवधान)
          मैं अपना स्वयं का अनुभव भी बताता हूं । यहां जो पहली बार के मेंबर्स हैं, उनके लिए मैं यह बताना चाहता हूं । जब मैं पहली बार एमपी बना था,तब पूरे सत्र में एक भी ज़ीरो ऑवर मिलता था तो बहुत बड़ी बात होती थी । अगर हमको एक भी ज़ीरो ऑवर मिलता था तो it was be one of the biggest things, लेकिन आप ज़ीरो ऑवर के ‘हीरो’बन गए, मैं ऐसा मानता हूं । …(व्यवधान)
          आप सभी को बोलने के लिए मौका देते हैं,सभी आपसे बहुत प्रसन्न हैं । इसीलिए, मैं आपको सभी मेंबर्स की तरफ से बहुत-बहुत धन्यवाद अर्पित करता हूं । …(व्यवधान)इसी संदर्भ में मैं अपने सभी साथियों को धन्यवाद देना चाहता हूं, क्योंकि आपने जो भी प्रोटोकॉल तैयार किए थे,जो प्रोटोकॉल आपने जारी किए थे, उस प्रोटोकॉल को लेटर-एंड-स्पिरिट से सबने अपनाया है और उसका पालन भी किया है । …(व्यवधान)
          मैं सभी एमपीज़ को बहुत-बहुत धन्यवाद समर्पित करता हूं । भगवान की दया भी है कि दस दिन,जब हम दोनों सदन चलाते हैं,तब तीन-चार हज़ार से ज्यादा लोग व्यवस्था और सब चीज़ों के लिए इस प्रिमाइसिस में रहते हैं । इतने सारे लोगों के रहते हुए भी आपकी विशेषता और चेयरमैन साहब की विशेष सतर्कता-प्रिकॉशन के कारण हमें ज्यादा समस्या नहीं हुई । …(व्यवधान)इसके लिए आपका प्रयत्न भी एक कारण है और भगवान का आशीर्वाद भी हमारे ऊपर है,मैं ऐसा मानता हूं । …(व्यवधान)
          इस विशिष्ट और विषम परिस्थति में बहुत सुचारू रूप से, आपने जिस तरह यह सदन चलाया है, पूरे सदन की ओर से और अपोज़ीशन पार्टी के जो मेंबर्स यहां नहीं है,मैं उनको भी धन्यवाद देता हूं और उनकी तरफ से भी आपको बहुत-बहुत धन्यवाद समर्पित करता हूं । आपका बहुत-बहुत धन्यवाद ।
 
*t70 Title: Regarding  Nationalized banks subscribers facing problems in Covid-19 pandemic -laid.
श्रीमती रक्षा निखिल खाडसे (रावेर): राष्ट्रीयकृत बैंकों तथा खास कर स्टेट बैंक ऑफ इंडिया में आम आदमी को बैंक के कामकाज करने के लिए भारी कठिनाईयों का सामना करना पड़ रहा है,  बैंक में स्टाफ कम होने से जो स्टाफ डयूटी निभा रहे हैं, उन्हें भी बहुत कठिनाईयों का सामना करना पड़ रहा है । कोविड जैसे परिस्थिति में बहुत कम लोग घर से बैंक के काम के लिए निकल रहे है । इस स्थिति में हाल ही में एसबीआई ने ज्यादातर बैंक अकाउंट को एक बार फिर से केवाईसी अपडेशन/जॉच के लिए ब्लॉक कर दिये, अकाउंट होल्डर जिनके एकाउंट ब्लाक किए हैं, परेशान हो कर कोविड जैसे परिस्थिति में बैंक में डाक्यूमेंट्स लेकर चक्कर लगाने पर मजबूर हो गए हैं । मैं सरकार से एवं वित्त मंत्री जी से निवेदन करती हूँ कि देश में कोविड से पहले ही लोग परेशान थे/हैं । ऐसे माहौल में के.वाई.सी. अपडेशन के लिए अकाउंट ब्लाक करना उचित नहीं, जिससे बैंक आने वाले तथा बैंक कर्मचारी दोनों को प्रतिकूल परिस्थितियों का सामना करना पड़ा इस स्थिति में हो सकता है बहुत लोग बीमार हुए होंगे । इसलिए बैंक व्यवस्थापन को देश की इन परिस्थिति को ध्यान में रखते हुए सोच समझ कर काम करना है, यह समझाने की आवश्कता है और इसकी जांच होनी चाहिए यह निवेदन सरकार से करती हूँ ।
                                           
*t71 Title:  Need to include the sacred Shrimad Bhagvad Gita in school and college curriculum and also include in the Oaths Act, 1969 -laid.
 
श्री गोपाल शेट्टी (मुम्बई उत्तर):  हिन्दू शास्त्रों में श्रीमदभागवद गीता का सर्वप्रथम स्थान है तथा यह भारतीय संस्कृति की आधारशिला है । लोकप्रियता में इससे बढ़कर कोई दूसरा ग्रंथ नहीं है तथा विश्व में इसकी लोकप्रियता दिनों दिन बढ़ती जा रही है । गीता में अत्यंत प्रभावशाली ढंग से धार्मिक सहिष्णुता की भावना को प्रस्तुत किया गया है, जो भारतीय संस्कृति की एक विशेषता है । वस्तुत: इस ग्रंथ में सम्पूर्ण वेदों का सार निहित है । गीता की महत्ता को शब्दों में वर्णन करना असंभव है । यह स्वयं भगवान श्री कृष्ण के मुखारविंद से निकली है ।
मनुष्य को अपने जीवन को सफल बनाने, हरेक तनाव से दूर रहने हेतु श्रीमदभागवद गीता को हृदय में धारण करना आवश्यक है । यह जीवन को सफल बनाने का एक कल्याणकारी मार्ग है । भारत हि नहीं विदेशों में भी गीता का बहुत प्रचार है । संसार की शायद ही ऐसी कोई सभ्य भाषा हो, जिसमें गीता का अनुवाद न हुआ हो ।
उत्कृष्ट भावना का परिचायक होने के कारण गीता का सभी ग्रन्थों में सर्वोपरि स्थान है तथा इस पवित्र  ग्रंथ  के उपदेशों को सभी ने स्वीकार किया है । इसलिए यह किसी संप्रदाय विशेष का ग्रंथ नहीं है । पाश्चात्य विद्वान हंबाल्ट ने गीता से प्रभावित होकर कहा है कि "किसी ज्ञात भाषा में उपलब्ध ग्रन्थों में संभवत: सबसे अधिक सुंदर और दार्शनिक गीता विश्व की परम निधि है ।"
अत: चूंकि, श्रीमदभागवद गीता में सभी धर्मों के ग्रन्थों का समावेश है और इसमें ईश्वर की वाणी निहित है, तथा यह ईश्वर का एक स्वरूप है । इसलिए, मेरा अनुरोध है कि विश्व प्रसिद्ध इस पवित्र ग्रंथ को देश के सभी विधालयों, कालिजों और तकनीकी/चिकित्सा संस्थानों के पाठ्यक्रमों में शामिल किए जाने के साथ-साथ शपथ अधिनियम-1969 की "धारा-6 शपथ और प्रतिज्ञान के प्रारूप में "ईश्वर की शपथ लेता हूँ" के स्थान पर "श्रीमदभागवद गीता की शपथ लेता हूँ" अंत: स्थापित किए जाने हेतु समुचित कार्यवाही की जाए ।
     
*t72 Title: Regarding alleged irregularities committed by CMO, Badaun in Uttar Pradesh -laid.
डॉ. संघमित्रा मौर्य (बदायूं): पूरा देश कोरोना जैसी महामारी से लड़ने के लिए संघर्ष कर रहा है, वहीं हमारे लोकसभा बदायूं के सीएमओ द्धारा हो रही अनियमितता लगातार प्रिंट मीडिया व इलेक्ट्रॉनिक मीडिया के माध्यम से उजागर होती रही है । चाहे वहां सैनिटाइजर मशीन को 3 महीने तक ताले में बंद करने की बात हो, राज्य सरकार द्धारा उपलब्ध करई गई सिटीजन किट का प्रयोग ना करना रहा हो या जिले में जिस समय प्रवासी मजदूर लाये जा रहे थे, उस वक्त छह-सात दिनों तक कोरोना की जांच ना होने का मुद्दा रहा हो, इतना ही नहीं हमारे सीएमओ बदायूं कोरोना जांच में पॉजिटिव पाए जाते हैं और होम क्वारेंटाइन होते हैं उसी दौरान बदायूं से मेरठ आते हैं वहां जांच में पॉजिटिव पाए जाते हैं । एक डॉक्टर होकर इतना गैर जिम्मेदाराना कार्य करने को जांच हेतु अनुरोध करती हूं  ।
 
*t73 Title: Need to stop levy of toll tax on Etawah-Chakeri Toll Plaza  in Kanpur district, Uttar Pradesh -laid.
श्री देवेन्द्र सिंह ‘भोले’ (अकबरपुर): मैं सरकार का ध्यान जनपद कानपुर देहात में स्थित बारा टोल प्लाजा द्वारा की जा रही नियम विरूद्ध टोल वसूली के संबंध में आपका ध्यान आकृष्ट करना चाहता हूँ ।
लोक सभा क्षेत्र अकबरपुर के जनपद कानपुर देहात के बारा में इटावा चकेरी टोल प्लाजा स्थित है वर्ष 2013 से स्थापित उक्त टोल प्लाजा जो कि गलत स्थान के चयन के बावजूद संचालित है तथा  ठेकेदार के द्वारा अनुबंध के अनुसार कराये जाने वाले कार्यों को आज तक पूर्ण नहीं कराया गया है । जनपद कानपुर देहात में आहूत होने वाली निगरानी समिति का अध्यक्ष होने के नाते मुझे बैठकों पर अपूर्ण कार्यों के संबंध में कई बार शिकायतें प्राप्त होती रहती हैं । इसके पूर्व में भी वर्ष 2013 से लेकर अब तक मेरे एवं पार्टीजनों के साथ मिलकर उक्त टोल प्लाजा के संबंध में कई बार शासन एवं सरकार को अवगत कराया जा चुका है । कार्यवाही न होने के कारण आम जन मानस में रोष व्याप्त रहता है जिला विकास समन्वय एवं निगरानी समिति (दिशा)की दिनांक 22.02.2020की बैठक में उक्त मामले को जन प्रतिनिधियों एवं पार्टीजनों के द्वारा उठाया गया था । टोल टैक्स राष्ट्रीय राजमार्ग फीस नियम 2008 के तहत निर्धारित है किन्तु टोल टैक्स तभी पूर्ण रूप से लिया जाना उचित होता है । उक्त संबंध में अवगत हो कि इटावा-चकेरी हाईवे परियोजना पर अभी तक अनेकानेक कार्य अधूरे पड़े हैं जिसमें की लगभग 75 माइनर जंक्शन, 10 मेजर जंक्शन, 350 साइन बोर्ड, पेवमेंट मार्किंग, मेटल बीम क्रेस बैरियर, वायर रूप क्रेस बेरियर 4 किमी गार्ड रेल, हाई मास्क लाइटिंग, 30 बस बेस, 3 ट्रक ले बे, 8000 हाईवे लाइटिंग, 50 जेनसेट हाईवे लाइटिंग हेतु,आर.ओ.डब्लू.फेंसिंग आदि कार्य अभी तक शेष है इसके अलावा ठेकेदार के द्वारा रख रखाव के कार्य भी समय-समय पर एवं गुणवत्ता पूर्ण नहीं कराये जाते है जिसके कारण यात्रियों को समस्या एवं दुर्घटनाओं का सामना करना पड़ता है । इसके बावजूद भी आमजन से टोल टैक्स पूरा वसूल किया जाता है जो कि विधि के विरूद्ध एवं न्याय संगत नहीं है । ऐसी स्थिति में कार्य पूर्ण न होने तक टोल टैक्स नहीं लिया जाना चाहिए था । वर्ष 2016 में अनाधिकृत तरीके से दिए गए कार्य समापन प्रमाण पत्र को निरस्त किए जाने के संबंध में भी राजमार्ग प्राधिकरण द्वारा अभी तक कोई कार्यवाही/संस्तुति क्यों नहीं की गयी, जब वर्तमान में भी कार्य अधूरे हैं । परियोजना में बहुत से कार्य कराया जाना अभी भी शेष है जिस पर आज कोई संज्ञान नहीं लिया गया और न ही ठेकेदार के विरूद्ध कोई कार्यवाही की गयी और न ही टोल दरों में कमी की गयी कार्यों के पूर्ण न होने पर यात्रियों को हो रही असुविधाओं को दरकिनार करते हुए पूरा टोल वसूल किया जा रहा है । ओवरलोड वाहनों के संबंध में भी मनमाने तरीके से टोल वसूली की जाती है । तथा परियोजना में ठेकेदार द्वारा राष्ट्रीय राजमार्ग को जाने वाली सालाना प्रीमियम पर भी छूट ली जाती है ।
अतः निवेदन है कि केन्द्र सरकार एवं प्रदेश सरकार को टोल प्लाजा पर की जा रही कथित अवैध वसूली को रोकने एवं वर्ष 2016 के लिए टोल की वसूली कराये जाने हेतु निविदा अनुबंध अनुसार कार्यों को पूर्ण कराए जाने हेतु संबंधित आवश्यक आदेश/निर्देश निर्गत करने की कृपा करें ।
                 
*t74 Title: Need to establish an 'Aushadhiya Kendra' in Sasaram Parliamentary Constituency, Bihar -laid.
 
श्री छेदी पासवान (सासाराम):483 किलोमीटर में फैला कैमूर पहाडी क्षेत्र, जो विन्ध्य पर्वत माला का पूर्ववर्ती भाग है जिसका विस्तार जबलपुर के कातंगीसे रोहतास (सासाराम)बिहार तक है  । इस पहाडी श्रृखंला में अनेकानेक औषधीय पौधों की मौजूदगी है  । यदि इन औषधीय पौधों और इसके उत्पादों की उपयोगिता का सर्वे कराकर आवश्यक संग्रहण, विपणन एवं जन आरोग्य में इसका उपयोग किया जाए तो यह औषधीय संपदा राष्ट्र के स्वास्थ्य एवं राजस्व के संवर्द्धन में अत्यंत सहायक सिद्ध होगा । इस संबंध में वन एवं पर्यावरण मंत्रालय से समन्वय स्थापित कर औषधीय संपदा का उपयोग आवश्यक प्रतीत होता है  ।
अतः मेरा सरकार से आग्रह है कि मेरे संसदीय क्षेत्र सासाराम बिहार में स्थापित कैमूर पहाड़ी क्षेत्र के रोहतास प्रखण्ड मुख्यालय में एक वृहत औषधीय केन्द्र स्थापित कराने की कृपा की जाए ।
     
*t75 Title: Need to float fresh tender for construction of Tarsod-Fagne section of NH-6 into four lane in Maharashtra -laid.
श्री उन्मेश भैय्यासाहेब पाटिल (जलगाँव): NHAI द्वारा मई 2016 में  NHDP-IV के अंतर्गत Four laning of Tarsod-Fagne section of NH-6 from km 422.700 to km 510.000 जिसका निर्माण Hybrid Annuity Mode में होना था उसके लिए टेंडर निकाला गया । नवंबर 2016 में इस परियोजना का टेंडर MBL Infrastructure की अगुवाई वाले consortium को दिया गया । इस राजमार्ग के निर्माण का कार्य बहुत ही धीमी गति से चल रहा है और 2020 तक सिर्फ 14 प्रतिशत कार्य हुआ है और निर्माणाधीन होने के कारण अनुमानित 140 लोगों की इस राजमार्ग पर सड़क दुर्घटना से मृत्यु हो गयी है और स्थानीय लोगों में बहुत असंतोष है । NHAI के परियोजना निदेशक ने concessionaire पर 16 करोड़ रुपये की पेनल्टी लगाई है । मेरा सरकार से निवेदन है कि इस परियोजना के लिए दिए गए tender को खारिज किया जाए और पुनः EPC model के माध्यम से इसके निर्माण के लिए Tender तत्काल float किया जाए, जिससे इस परियोजना को समय सीमा के अंतर्गत पूरा किया जाए और यात्रियों को हो रही असुविधा का निवारण किया जा सके  ।  
                 
*t76 Title: Need to provide jobs to local land oustees families in ONGC in Mahesana Parliamentary Constituency,  Gujarat -laid.
श्रीमती शारदा अनिल पटेल (महेसाणा):  मेरे   संसदीय क्षेत्र महेसाणा में ONGC एसेट कार्यरत है । महेसाणा एसेंट तटवर्तीय तेल उत्पादन क्षेत्र में पूरे भारत में पहले नंबर पर है । महेसाणा क्षेत्र से भारत सरकार को हर साल अच्छी आमदनी होती है और मेरा क्षेत्र भारत सरकार को देश के विकास में मदद होती है । यह हमारे लिए गर्व की बात है । यहाँ के किसान अपनी जमीन सरकार को समर्पित करके देश हित के काम में जुड़े है । लेकिन महेसाणा के किसान और कंपनी के बीच कई बार विविध मुद्दे को ले कर टकराव हो जाता है । जिसमें से कई मुद्दे वाजिब भी हैं । महेसाणा के लोग ज़्यादातर छोटे किसान हैं और वह खेतीबाड़ी और पशुपालन की आमदनी से अपना और अपने परिवार का पालन करते हैं । अब जब किसान अपनी जमीन ONGC को दे देगा तो परिवार के लिए उसको भी ONGC की तरफ से किराए के अलावा कुछ मिलना चाहिए, जिससे किसान और ONGC का टकराव भी खत्म होगा ।
ONGC मेंcontract में दिए गए कामों में लैंड लुजर्स किसानों के परिवार वालों को रोजगार मिलना चाहिए । चौकीदार जो भीcontract आधारित नॉन टेक्निकल नौकरियाँ है,वह किसानों और लोकल लोगों को ही दी जानी चाहिए । जिससे लेंड लुजर्स किसानों के परिवार वालों का गुजारा हो सकेगा । ONGC को आईटीआई के साथ मिलके ONGC में काम आने वाले छोटे मोटे स्पेशियल कोर्सिज चलाने चाहिए ताकि ONGC में अच्छे टेकनिकल नॉलेज वाले कर्मचारी मिलें । ONGC में आईटीआई और इंजीनियरिंग से पास हुए लोगों को विभिन्न विभाग में एप्रेंटीस करने के लिए नौकरियाँ   मिलती हैं । मेरी आपसे विनती है कि इस एप्रेंटीस में लेंड लूजर्स किसानों के परिवार वालों के लिए आरक्षण होना चाहिए और उस आरक्षण में मेरिट के आधार पर नौकरी मिलनी चाहिए ।
मेरा माननीय पेट्रोलियम एंव प्राकृतिक गैस मंत्री से निवेदन है कि इस विषय पर कार्यवाही  हेतु आवश्यक कदम उठाने हेतु निर्देश जारी करें ।
 
 *t77 Title: Regarding deteriorating law and order situation in Jharkhand -laid.
श्री जयंत सिन्हा (हज़ारीबाग): 15 सितम्बर2020 को हजारीबाग में एक युवक की गोली मारकर हत्या कर दी गयी  । 23 अगस्त को एक 21 वर्ष के युवक की हत्या हुई  । राज्य में अपराध पनप रहा है  । पिछली सरकार के कार्यकाल के मुकाबले इस सरकार में जुलाई में आपराधिक वारदातें 10 प्रतिशत बढी हैं  ।
रेप हत्या या कोयला बालू चोरी, विधि-व्यवस्था चरमरा गयी है  । जिस नक्सलवाद को पिछली सरकार  ने  साफ किया था, आज वह मजबूत हो रहा है  । मात्र 7 महीनों में 174 नक्सल घटनाएं हुई है  ।
राज्य मे अपराधियों को कोई डर नहीं रहा है लेकिन जनता डरी हुई है ।
मैं सरकार का ध्यान झारखण्ड सरकार के कानून-व्यवस्था को कायम रख पाने में असफल होने की ओर आकृष्ट करवाना चाहता हूँ  ।
गृह मंत्रालय से आग्रह है कि वे झारखण्ड सरकार से रिपोर्ट मांगे कि राज्य में कानून पुनः स्थापित करने के लिए क्या कदम उठाये जा रहे हैं |             *t78 Title: Need to upgrade Fragrance & Flavour Development Centre, Kannauj, Uttar Pradesh to Aroma University -laid.
श्री सुब्रत पाठक (कन्नौज):मेरे संसदीय क्षेत्र कन्नौज का इत्र एंव सुगंध व्यवसाय से लगभग 500 वर्ष का पुराना इतिहास है । भारत में सर्वाधिक इत्र व्यवसाय के रूप में पूरी दुनिया में कन्नौज ने अपनी एक अलग पहचान बनाई है । लगभग 300 से अधिक छोटी से बड़ी इकाईयां आज इस उधोग में कार्यरत होकर उत्पादन के साथ-साथ रोजगार देने के लिए बहुत बड़ी साधन बनी हुयी है । कन्नौज में स्थापित सुगंध एंव सुरस विकास केंद्र28 एकड़ के विशाल परिक्षेत्र में अवस्थित होने के साथ ही भारत सहित मिश्र, युगांडा,श्रीलंका, बांग्लादेश आदि दुनिया के कई देशों के प्रशिक्षार्थियों को बेहतर प्रशिक्षण प्रदान कर इस व्यवसाय में दक्षता प्रदान करने का भी काम कर चुका है । जनपद कन्नौज में स्थित विशाल परिसर में अवस्थित इस प्रशिक्षण संस्थान को आवश्यकता अनुसार और भी भूमि उपलब्ध कराई जा सकती है । इसलिए यदि संस्थान को अरोमा विश्वविद्यालय के रूप में स्थापित कर दिया जाए तो दुनिया में भारत की यह एक अनोखी पहल होगी, जिसमें पुन: नालंदा और तक्षशिला की भांति भारत में भी लोग अरोमा विश्वविद्यालय में शिक्षा ग्रहण करने आया करेंगे । साथ ही विषय विशेषज्ञों से प्रशिक्षण प्राप्त करने और शोध कार्य होने से बेहतर परिणाम प्राप्त कर दुनिया में इसके निर्यातक देश के रूप में भी अपना स्थान बना सकेंगे ।
अत: मेरा माननीय मंत्री से आग्रह है कि सुगंध एंव सुरस विकास केंद्र (Fragrance and Flavour Development Center) को अरोमा विश्वविद्यालया के रूप में विकसित किया जाए ।
 
*t79 Title: Regarding interlinking of rivers in northern and southern areas of Bihar -laid.
 
श्री सुशील कुमार सिंह (औरंगाबाद):  मेरा संसदीय क्षेत्र औरंगाबाद दक्षिणी बिहार के मगध प्रमंडल का एक सूखाग्रस्त जिला है तथा यहाँ पेयजल की भी समस्या बेहद गंभीर है  । हालत यह है कि यहाँ जमीनी जल का स्तर इतना नीचे पहुंच चुका है कि फरवरी मार्च से ही चापाकल सूखने लगते हैं और गर्मियों में पेयजल की बड़ी ही गंभीर समस्या उत्पन्न हो जाती है | वहीं बरसात के महीनों में उत्तरी बिहार में हाहाकार की स्थिति हो जाती है ।
आज देश में लगभग सभी प्रदेशों में पेयजल का संकट गहराता जा रहा है ऐसे में मेरा सरकार से आग्रह है कि वर्षाकाल में उत्तर बिहार की बडी नदियों गंगा, कोशी आदि के अतिरिक्त जल प्रवाह के पाइप परियोजनाओं के माध्यम से दक्षिण बिहार की नदियों फल्गु, मोरहर,केशहर, पुनपुन,मदाड, अदरी,बटाने, टेकारी नदी आदि में स्थानान्तरित कर इन नदियों को जलाश्य के रूप में उपयोग किया जाए, इससे जहां बाढ की समस्या से कुछ राहत की उम्मीद होगी, वहीं इस सूखाग्रस्त इलाके में जलस्तर उठने से पेयजल की समस्या का समाधान भी हो सकेगा  ।
 
*t80 Title: Regarding amending CSR rules -laid.
SHRI A. NARAYANA SWAMY (CHITRADURGA):The current attitude towards the use of CSR funds needs to be changed. Current practices are against the spirit of CSR. A new set of guidelines need to be implemented so as to ensure that the local community get basic facilities and better environment through CSR projects. A proper monitoring needs to be set up under the chairmanship of Hon’ble Member of Parliament representing Lok sabha in the area from where a company operates. Hon’ble MP can review the CSR implementation and he/she can even expand the coverage of MPLADS with co-funding from CSR. This will help the local people and local administration to converge the additional funds available under CSR for local development. Hence, the Centre should amend the CSR rules to facilitate local development.
 
*t81 Title: Need to provide adequate lighting facility on over bridges on NH 27 (Jhansi-Kanpur) in Uttar Pradesh -laid.
श्री भानु प्रताप सिंह वर्मा (जालौन): राष्ट्रीय राजमार्ग - 27 झॉसी से कानपुर के मध्य जितने भी ओवर ब्रिज बनाये गये हैं उन पर डबल लाइट की जगह सिंगल लाइट लगायी गयी है जिससे राष्ट्रीय राजमार्ग एवं सर्विस मार्ग पर उचित रोशनी नहीं होती है, अभी तक कई ओवरब्रिज पर सर्विस रोड ही नहीं बनाये गए हैं, जिससे सही दिशा में आने वाले वाहन गलत दिशा में जाकर रोड पार करते हैं जैसे भुजौंद, पिरौना भोगनीपुर का पुल इत्यादि,इसी प्रकार राष्ट्रीय राजमार्ग में जितने भी संपर्क मार्ग जुड़ते हैं, राष्ट्रीय राजमार्ग की ऊँचाई ज्यादा होने के कारण वाहन तेजी से सीधे राष्ट्रीय राजमार्ग पर आ जाते हैं, नियमानुसार उनके लिए भी 100 मीटर समतल मार्ग बनाये जाने की आवश्यकता है,उपरोक्त कार्य न होने के कारण लगातार दुर्घटनाएँ हो रही हैं, अतः मेरी केन्द्र सरकार से मांग है कि उपरोक्त कार्यों की जांच करवाकर दोषियों को दण्डित करते हुए शीघ्र ही कार्य पूर्ण कराया जाए ।
               
*t82 Title: Regarding  alleged irregularities in Pradhan Mantri Awas Yojana and other rural development schemes in Pratapgarh district, Uttar Pradesh -laid.
श्री संगम लाल गुप्ता (प्रतापगढ़): प्रधानमंत्री जी ने 2022 तक सभी को आवास और अन्य आवश्यक सुविधाओं से युक्त करने का लक्ष्य बनाया है जिसके तहत सीधे लाभार्थियों के खातों में भारत सरकार से पैसा भेजने की व्यवस्था सुनिशिचत की गई है लेकिन खेद का विषय है कि कतिपय अधिकारियों के कथित भ्रष्टाचार में लिप्त होने के कारण वे योजनाएं निचले स्तर पर कहीं- कहीं फलीभूत होने से रह जा रही हैं ।
मेरे द्वारा भारत सरकार के ग्रामीण विकास मंत्रालय में व्यक्तिगत रूप से जनपद प्रतापगढ़ की कुछ ग्राम पंचायतों में हुए प्रधानमंत्री आवास सहित ग्रामीण विकास विभाग के कथित अनियमितताओं के संबंध में पत्र के माध्यम से अवगत कराते हुए जांच कराकर प्रधानमंत्री आवास सहित अनेक योजनाओं में लाभार्थियों से कथित रूप से धन उगाही किए जाने तथा उन्हें पात्रता के बावजूद भी योजनाओं से वंचित किए जाने और उसके साथ-साथ पत्र लाभार्थी के नामों से मिलते-जुलते लोगों को धन उगाही कर उनके आवास का पैसा दूसरे के खाते में आबंटित किए जाने के विशिष्ट प्रकरण मंत्रालय में दिए गए । किन्तु खेद का विषय है कि 1 वर्ष की लंबी अवधि व्यतीत हो जाने के बावजूद मेरे द्वारा उसमें रिमाइंडर भी इस संबंध में प्रस्तुत किए गए किन्तु मंत्रालय से किसी प्रकार का   कोई आवश्यक कदम न उठाए जाने के कारण भ्रष्टाचारियों का मनोबल ऊपर उठ रहा है ।
   
मैं माननीय ग्रामीण विकास मंत्री, भारत सरकार से मांग करता हूँ कि वह मेरे द्वारा लाभार्थी परक योजनाओं में भारत सरकार से दी जाने वाली धनराशि में किए गए अनियमितताओं के संबंध में मेरे प्रेषित पत्रों के 1 वर्ष बीत जाने के बावजूद भी कोई कार्यवाही न करने वाले लापरवाह जिम्मेदार अधिकारियों पर कार्यवाही करते हुए उसकी वास्तविक जांच कराकर जनता को न्याय दिलाने जाने का कार्य करे ।
 
*t83 Title: Need to set up  sewage treatment plant in drains in North East Delhi Parliamentary Constituency -laid.
 
श्री मनोज तिवारी (उत्तर पूर्व दिल्ली): मैं अपने संसदीय क्षेत्र की एक बड़ी आबादी क्षेत्र में पानी निकासी न होने जैसी बड़ी समस्या की ओर सरकार का ध्यान दिलाना चाहता हूँ जिसके कारण करावल नगर, मुस्तफाबाद, गोकलपुर, घोंडा, बुराडी विधान सभा की दर्जनों कालोनियों में गंदे पानी का जल जमाव हो जाता है और भूजल भी जहरीला हो रहा है । गंदे पानी के जल जमाव से हरियाली नष्ट हो रही है और कई जल-जनित बीमारियाँ पनप रही है । मेरे द्वारा गोद लिए अकेले आदर्श गाँव सभापुर में इसी कारण से कैंसर से पीडित होकर लगभग आधा दर्जन लोगों की मौत हो गयी जबकि कई अन्य लोगों का इलाज चल रहा है ।
मै शहरी विकास मंत्री जी से अनुरोध करना चाहता हूँ कि लाखों लोगों के जन स्वास्थ्य को ध्यान में रखते हुए अमृत योजना के तहत इन क्षेत्रो में स्थित सभी बड़े नालों पर सीवेज ट्रीटमेंट प्लांट लगाये जाएं जिससे नालों के पानी को शोधित कर विभिन्न कार्यो में उपयोग किया जा सके और भूजल को जहरीला होने से बचाने के साथ ही गंदगी और जहरीले पानी से होने वाली कैंसर जैसी जानलेवा बीमारियों  से बड़ी आबादी को बचाया जा सके और पर्यावरण की रक्षा भी हो सके ।
       
*t84 Title: Need to ensure adequate medical facilities for treatment of non-Covid patients in hospitals -laid.
श्री विवेक नारायण शेजवलकर (ग्वालियर): कोरोना से संघर्ष के प्रारंभिक चरण में सही समय पर लॉकडाउन की घोषणा कर प्रधान मंत्री जी ने इस संघर्ष को जन आंदोलन बनाकर चुनौती का सफलतापूर्वक सामना किया । जिससे आज भारत में कोरोना संक्रमितों के स्वस्थ होने का प्रतिशत विश्व में सबसे अच्छा है ।
आज जब हम अनलॉक की ओर बढ़ रहे हैं, संक्रमितों की संख्या में वृद्धि चुनौती बनकर उभर रही है । संक्रमितों के लिए पर्याप्त बेड्स, ऑक्सीजन,वेंटीलेटर्स आदि के लिए केन्द्र व प्रदेश की सरकारें कृत संकल्पित हैं । कोरोना संक्रमितों की बढ़ती संख्या के कारण अस्पतालों में अन्य बीमारियों से ग्रसित मरीजों को बेहतर स्वास्थ्य सेवायें नहीं मिल पा रही है । निजी अस्पताल अपनी भूमिका का निर्वहन ठीक से नहीं कर रहे हैं । अन्य बीमारियों का भी इलाज ठीक प्रकार से हो सके यह सुनिश्चित किया जाना आवश्यक है । सरकार द्वारा सभी प्रदेश सरकारों को इस हेतु विशेष सलाह (एडवाइजरी)जारी करने पर विचार किया जाना चाहिये ।
           
*t85 Title: Regarding inclusion of Gorboli in 8th Schedule to the Constitution -laid.
DR. SHRIKANT EKNATH SHINDE (KALYAN):     Gor Banjara language (Gorboli) is predominantly spoken by the Banjara/Lammani/Lambhadi and other communities in the State of Karnataka, Maharashtra, Andhra Pradesh, Telangana and few other states. As ‘Gorboli’ does not have script, its history stays alive through oral traditions. The ancient culture and heritage of this community and language has not been recognized under the Constitution since Independence. Vast amount of literature and books have been written in Gorboli by Sahitya Academy and there is a need to record its history and protect the language and oral traditions. We need to see Banjara language within the matrix of the cultural, social, economic and political life of the community and not in isolation. I request the Government to develop the Gorboli (Banjara) language by including the same in the 8th Schedule to the Constitution at par with the other languages.
       
*t86 Title:  Need to construct flyover on NH-27(28) and a bridge over Gandak river  in Gopalganj Parliamentary Constituency, Bihar -laid.
डॉ. आलोक कुमार सुमन (गोपालगंज): मैं माननीय सड़क परिवहन एंव राज मार्ग मंत्री जी का ध्यान मेरे संसदीय क्षेत्र गोपालगंज ईस्ट-वेस्ट कोरीडोर NH - 27 (28) की ओर दिलाना चाहता हूँ  जिसमें एक फ्लाई ओवर का निर्माण कई सालों से बंद पड़ा है । यह फ्लाई ओवर गोपालगंज के बंजारी मोड से लेकर हजियापुर तक है । फ्लाई ओवर का निर्माण नहीं होने से गोपालगंज शहर में घंटों गाड़ियों की लंबी जाम लगी रहती है ।
ट्रक जो कि अलग-अलग राज्यों के लिए essential commodities लेकर इस मार्ग से बंगाल तथा उत्तरपूर्व के राज्यों में जाते हैं,घंटों तक जाम में फंसे रहते है । जिसके कारण शहर में Air Pollution की भी समस्या बढ़ती जा रही है । इसके साथ साथ NH - 28 के गंडक नदी पर डुमरियाघाट पुल का निर्माण भी बरसों से अधूरा पड़ा है । निर्माण या रिपेयर का कार्य शुरू नहीं होने की स्थिति में कभी भी भयंकर दुर्घटना घट सकती है । मेरे संसदीय क्षेत्र गोपालगंज में NHके जहां जहां फ्लाई ओवर बना हुआ है उसमें एवं उसके सर्विस लेन में एक से दो फीट तक गड्डे बन गए हैं ।
मैं माननीय सड़क परिवहन एंव राजमार्ग मंत्री को धन्यवाद देना चाहता हूँ कि उपरोक्त कार्यों के लिए कई महीने पहले ही पैसा स्वीकृत किया जा चुका है लेकिन आजतकNHAI द्वारा कार्य को शुरू नहीं किया गया है ।
मैं माननीय मंत्री जी से आग्रह करता हूँ कि बरसों से बंद पड़े फलाई ओवर एंव डुमरियपुल का तथा अन्य मरम्मत कार्य को शुरू करने के लिए निर्देश देने की कृपा करेंगे ।
धन्यवाद, *t87 Title: Discussion on the motion for consideration of the Major Port Authorities Bill, 2020 (Discussion concluded and Bill Passed) -laid.
माननीय अध्यक्ष : आइटम नम्बर 23, महापत्तन प्राधिकरण विधेयक, 2020 - माननीय मंत्री जी ।
THE MINISTER OF STATE OF THE                                                                                                                                                                                                                                                                                                                                                                                                                                                                                                                                                                                                                                               MINISTRY OF SHIPPING AND MINISTER OF STATE IN THE MINISTRY OF CHEMICALS AND FERTILIZERS (SHRI MANSUKH L. MANDAVIYA): Sir, I rise to move :
“That the Bill to provide for regulation, operation and planning of Major Ports in India and to vest the administration, control and management of such ports upon the Boards of Major Port Authorities and for matters connected therewith or incidental thereto, be taken into consideration.” सर, मैं यह बिल इसलिए लेकर आया हूं कि देश में हमारी मेरीटाइम हिस्ट्री बहुत पुरानी है । मेरीटाइम सेक्टर से ही दुनिया के साथ हम कनेक्ट रहते थे और विश्व में सबसे पुराना मेरीटाइम सेक्टर,सबसे पुराना एग्जाम्पल और सबूत है, तो वह गुजरात में लोथल है । लोथल में पांच हजार साल पुराना एक डॉक मिला है । पांच हजार साल पहले कितना सिस्टमैटिक और साइंटिफिक नेविगेशन सिस्टम होता था,उसका बेस्ट एग्जाम्पल लोथल में दिखाई देता है । उसके बाद समय-समय पर मगध साम्राज्य,पांडियन, चालुक्य आदि वेस्टर्न ईस्ट कोस्ट पर शासन करने वाले सभी सम्राटों के इतिहासों को देखें तो उनके समय में भी मेरीटाइम सेक्टर था, वे मेरीटाइम के विषय में ज्ञान रखते थे और स्पेसिफिक आइलैण्ड कंट्री तक उनकी पहुंच रहती थी ।
 उसके बाद जब देश में अंग्रेज आए और अंग्रेजों ने एक स्थिति निर्मित की । इंडिया में बेस्ट शिप बिल्डिंग होती थी । इंडिया में सभी पोर्ट्स से दुनिया के साथ कारोबार होता था । उसके भी कई एग्जाम्पल्स हैं । आप गुजरात में अहमदाबाद जाइए,वहां मस्कती मार्केट है । गल्फ ऑफ कैम्बे के मार्फत वह अफ्रीकन कंट्रीज और सभी के साथ सी ट्रांसपोर्टेशन से जुड़े हुए थे । आज ईस्ट अफ्रीका की किसी भी कंट्री में जाकर देखिए,वहां आपको कोई न कोई इंडियन,जिसका ओरिजिन इंडियन है, ऐसे लोग सी रूट के माध्यम से वहां पहुंचे थे ।
19.33 hrs                       (Shri Rajendra Agrawal in the Chair) जब अंग्रेज आए तो अंग्रेजों ने देश में शिप बिल्डिंग पर प्रतिबंध लगा दिया, देश में सीफेरर पर प्रतिबंध लगा दिया, देश में उनके वेसल्स पर कैप्टन अंग्रेज ही हो, ऐसा सुनिश्चित कर दिया । उसके बाद से हमारा मेरीटाइम पीछे हुआ और आजादी के बाद यह सेक्टर बहुत उपेक्षित रहा । इसके उपेक्षित रहने से आज के दिन देश में 204 पोर्ट्स हैं । उन 204 पोर्ट्स में 12 मेजर पोर्ट्स हैं । इनमें नॉन मेजर पोर्ट्स हैं और प्राइवेट पोर्ट्स भी हैं । पोर्ट सेक्टर में भी एक टाइम का कॉम्पटीशन आज के दिन दिखाई दे रहा है । बदलते समय के साथ पोर्ट सेक्टर को बदलना आवश्यक होता है । पोर्ट सेक्टर में जो रूल्स और रेगुलेशन या बिल,जिससे वे रेगुलेट होते हैं, ऐसी व्यवस्था अंग्रेजों के जमाने से चली आ रही है । ऐसी स्थिति थी कि 150-200 साल पुरानी कई व्यवस्थाओं से हमारा मेरीटाइम सेक्टर कंट्रोल होता था । समय के साथ बदलने के लिए,हमारे पोर्ट सेक्टर को वर्ल्ड के पोर्ट्स सेक्टर्स से कॉम्पटीशन करने के लिए और वर्ल्ड के पोर्ट्स से कॉम्पटीशन हमारे पोर्ट्स भी कर सकें, प्राइवेट पोर्ट्स और मेजर पोर्ट्स आपस में कॉम्पटीशन कर सकें,बेस्ट प्रैक्टिस कर सकें, उस उद्देश्य से पोर्ट सेक्टर में मेजर पोर्ट को स्वायत्तता देने के लिए, मेजर पोर्ट्स की एक्टिविटीज को स्मूथ करने के लिए, उसको कॉम्पिटेंट बनाने के लिए मैं मेजर पोर्ट अथॉरिटीज बिल, 2020 लेकर आया हूं । मैं प्रस्ताव करता हूं कि यह सदन इसके ऊपर विचार करे ।

माननीय अध्यक्ष : प्रस्तावप्रस्तुत हुआ:

“कि भारत में महापत्तनों के विनियमन, प्रचालन और योजना के लिए तथा महापत्तन प्राधिकरणों के बोर्डों में ऐसे पत्तनों के प्रशासन,नियंत्रण और प्रबंधन को निहित करने तथा उससे संबद्ध या उसके आनुषंगिक विषयों का उपबंध करने वाले विधेयक पर विचार किया जाए । ।”     डॉ. भारतीबेन डी.श्याल (भावनगर):सभापति महोदय, महापत्तनप्राधिकरण विधेयक, 2020का समर्थनकरने के लिएआज मैं सदनमें बोल रहीहूं ।
          आदरणीयसभापति जी, हमारादेश द्वीपकल्पहै, यानीहमारे देश केतीन तरफ समुद्रहै और एक तरफहिमालय पर्वतहै । समुद्रीतटों का सहीतरीके से उपयोगहमारे पूर्वजोंने भी कियाथा । हमारे माननीयमंत्री जी नेअभी बताया किपूर्व में भी, यानीहमारा इतिहाससाक्षी है किहमारे देश काकारोबार विदेशोंके साथ उस टाइमपर भी समुद्रसे होता थाऔर उसी समयहमारा देश सोनेकी चिड़िया कहाजाता था । लेकिनजैसा कि बतायागया है कि हमारेदेश पर विदेशीआक्रमण होतेरहे, हमगुलामी की स्थितिमें आ गए । इससेहमारे पोर्ट्सऔर समुद्री व्यापारपर बहुत हीगम्भीर असर पड़ा । धीरे-धीरेहमारे पोर्ट्सध्वस्त होतेगए । इस तरहसे हमारा देशगुलामी की अवस्थामें आ गया ।फिर हमारा देशआजाद हुआ । हमारेपोर्ट्स और देशका इंफ्रास्ट्रक्चरगति करने लगा । हमारा डेवलपमेंटहोने लगा । हमारेमाननीय श्रीनरेन्द्र मोदीसाहब ने जबसे देश की बागडोरसम्भाली तब सेमुझे लगता हैकि आफ़त को भीकैसे अवसर मेंबदलने की हममें ताकत है, वहसबको उन्होंनेदिखाया है ।मैं एक छोटासा एग्जाम्पलदेना चाहती हूंकि हमारे गुजरातके कच्छ मेंदरिया के किनारेसॉल्ट की बंजरजमीन थी, उसकाव्हाइट डेज़र्टनाम रखने केबारे में किसीने भी सोचानहीं होगा ।आज वहां देशऔर दुनिया सेटूरिस्ट आ रहेहैं । इससे हमारेकच्छ पर हीनहीं, हमारेगुजरात के डेवलपमेंटऔर इकॉनमी परबहुत फर्क पड़ाहै ।
          सर, मैंभावनगर, गुजरातसे आती हूं । हमारा भावनगरकोस्टल एरियाहै । इतिहाससाक्षी है किहमारा घोघा बंदरसे बहुत बड़ाकारोबार होताथा । गुजरातीमें एक कहावतभी है- “लंकानी लाडी आनेघोघा नो वर ।” यानीकि हमारे समुद्रीसंबंध इतने अच्छेथे और वे कैसेचल रहे थे, वहहम इस कहावतसे समझ सकतेहैं । इसी घोघाबंदर से दहेजतक रो-रोफेरी और पेक्ससर्विस चालूहो गयी है ।यह हमारे माननीयप्रधान मंत्रीनरेन्द्र भाईमोदी जी काविजन था । इससेहमारे भावनगरका ही नहींबल्कि पूरे सौराष्ट्रका डेवलपमेंटहो रहा है ।दूसरा, एशियाका सबसे बड़ाशिप ब्रेकिंगयार्ड, अलंगमें है जो मेरेनिर्वाचन क्षेत्रमें है । पूरेविश्व में सेजहाज वहां ब्रेककरने के लिएआते हैं औरपिछले सैशन मेंही माननीय मंत्रीजी हांगकांगकनवेंशन का एकबिल लेकर आएथे । हांगकांगकनवेंशन का बिलपास होने केबाद जो थोड़ेबहुत जहाज हमारेयहां नहीं आरहे थे, वेभी अब आने लगेंगे । आने वाले पांचसालों में अलंगका शिप ब्रेकिंगका व्यापार डबलहो जाएगा । अलंगशिप ब्रेकिंगयार्ड हमारेभावनगर की लाइफलाइनहै । हमारे भावनगरमें भी दो पोर्ट्सहैं, एकओल्ड पोर्ट औरएक न्यू पोर्टभी है । हमारेमहाराजा कृष्णकुमार सिंह जीने वहां लोकगेट बनाया था । भावनगर केडेवलपमेंट केलिए पोर्ट मेंभी उन्होंनेबहुत सारे कार्यकिए थे । माननीयमंत्री जी भावनगरके ही हैं ।सदन के सामनेएक बात मैंखुले दिल सेरखना चाहती हूंकि हमारे भावनगरके लोगों नेएक डिमांड रखीथी कि हमारेभावनगर के पोर्टके लिए कुछकिया जाए, डेवलपमेंटकिया जाए । वहांकार्गो तो हेंडलहोता है, लेकिनकुछ डेवलपमेंटकिया जाए । लेकिनहमारी कल्पनामें भी नहींथा कि हमारेमंत्री जी, हमारीकेन्द्र सरकारऔर हमारी गुजरातसरकार ने मिलकरदेश का सबसेपहला सीएनजीपोर्ट दो हजारकरोड़ रुपयेमें  भावनगरमें स्थापितकरने के बारेमें सोच लियाहै और कुछ समयमें ही वह शुरूहोने वाला है । इससे हजारोंकी संख्या मेंहमारे भावनगरके लिए रोजगारबढ़ेगा और बहुतज्यादा व्यापारभी यहां सेहोने वाला है ।
          सर, जबमुझे बोलने कामौका मिला हैतो मैं सरकारके सामने कुछडिमांड भी रखनाचाहती हूं किहमारे भावनगरके पोर्ट मेंड्रेजिंग कीसमस्या रहतीहै ।
          हमारे भावनगर का जो न्यू पोर्ट है, उनमें ड्रेजिंग की बहुत बड़ी समस्या रहती है, तो बार-बार उनकी ड्रेजिंग की जाए, जिससे हमारा वहां से जो ट्रांसपोर्टेशन होता है, वह अच्छे तरीके से हो सके । हमारे महाराजा ने जिस लॉक गेट का निर्माण किया था, अब उसका भी नवीनीकरण करने की बहुत जरूरत है । हमारे माननीय प्रधान मंत्री जी का ड्रीम प्रोजेक्ट जो घोघा-दहेज रो-रो फेरी सर्विस है, वह चालू तो है,लेकिन टेक्निकल प्राब्लम्स की वजह से वह कहीं-कहीं बंद भी हो जाती है ।
          मेरी दूसरी डिमांड यह है कि घोघा से सूरत के…(व्यवधान) लिए रो-रो फेरी सर्विस शुरू की जाए और घोघा से मुंबई के लिए भी एक रो-रो फेरी सर्विस शुरू की जाए । एक हमारा फिशरीज़ के लिए बहुत ही पुराना बंदरगाह है, जो सरतानपर बंदरगाह है । अगर हम उसका भी डेवलेपमेंट कर सकें, तो फिशरीज़ के लिए बहुत ही अच्छा होगा । हमारे यहां ऐल्कौक ऐश्डाउन नामक एक कंपनी है । वहां छोटे-मोटे जहाज तो बनते थे, वहां नेवी के भी जहाज बनते थे, लेकिन किसी कारणवश वह अभी बंद हो गए हैं । मुझे लगता है कि भारत सरकार ने…(व्यवधान)हैंडओवर कर लिया है । लेकिन यह ऐल्कौक ऐश्डाउन भी फिर से कार्यरत हो सके ।…(व्यवधान)
माननीय सभापति : माननीयसदस्य, कृपयासंक्षेप मेंबोलिएगा, क्योंकि  समयकम है ।
…( व्यवधान)
 
SHRI LAVU SRIKRISHNA DEVARAYALU (NARASARAOPET): Sir, when we are discussing the Major Port Authorities Bill, 2020, we need to take into context the following points.
          First, India’s rank has declined from 35th to 44th in the 2018 report of the World Bank’s Logistics Performance Index. India is way behind Singapore, China, Malaysia and UAE. In the other indices also, the average turnaround time across major ports in India has increased from 59 hours to 62 hours since last year.
          Second, the average output per day has reduced from 16,500 tons to 16,100 tons. The third point we should look at is the budgeted Capital Outlay on ports and lighthouses for this year has declined by 75 per cent since last year from Rs. 535 crore to Rs. 135 crore.
          I come from Andhra Pradesh where Visakhapatnam Port’s traffic share among India’s major ports has consistently declined from 2014-15. I understand that there is a need for improving the management of major ports. The provision of this Bill says that port authorities will don the role of landlords – a model widely followed globally wherein the publicly governed port authority acts as a regulatory body and a landlord while private companies carry out their cargo-handling activities.
          Principally, the Bill adopts a three-step approach to achieve its objective. First step is through a Board representing the Centre, the States, Railways, Defence, Customs and independent members. Second step is by giving greater autonomy to this Board to make master plans. Third step is by creating transparency in the functioning of the ports through proper accounts which are audited by the C&AG.
          The problem with the implementation of this Bill is related to clause 2 of Section 22; clause 3 of Section 22; and clause 2 of Section 25 and Section 26. Basically, it is literally taking away the involvement of the State Government with the Central Government wherein the Board can actually decide on development of the port’s master plan and everything. It cannot create an island just by port itself unless we create some sort of a connection through Railways or electricity which has to come through the States. So, we have to take the States’ interest also into consideration. Not only that, even the fishermen also need to be kept in mind because the inland waterways are also developed by the Ports Trust. So, the fishermen and the communities which are dependent on the inland waterways have to be taken into consideration. Just because they are not at the port, they are outside the port, we cannot say that they are not related to it. It has to be taken into consideration.
          Regarding Visakhapatnam Port in Andhra Pradesh, the turnaround time has increased in the financial year 2019 because of the unavailability of the train rakes during peak season. We can request the Government to look into this and give the train rakes. Connectivity can be further enhanced by connecting ports to the inland waterways. A pilot project can be taken up by the Government in Visakhapatnam under the Sagarmala Project.
19.44 hrs                       (Hon. Speaker in the Chair)           Another problem that Visakhapatnam Port faces is that it handles 75 per cent of India’s dangerous chemical cargos including Ammonium Nitrate. Even as we are speaking, 40,000 tons of Ammonium Nitrate is waiting to enter the port which is 13 times the amount of what exploded in Beirut. I have already made the request with our MoS for Home Affairs, Mr. G. Kishan Reddy Garu and he has already promised to look into it.

I am confident that the Central Government will take note of our suggestion and undertake a positive review of the key performance indicators of the major port.

We as the YSR Congress Party repeat our support for this Bill. We hope that reformed management of the ports will also improve the infrastructure and operational efficiency by taking into consideration the local people and the fishermen communities.

          Thank you very much.

 

*m04 SHRI ANUBHAV MOHANTY (KENDRAPARA): Sir, while supporting the Bill, I would like to make a request to the hon. Minister, through you. Just a few weeks ago the Union Government recognised the Paradip Port as number one Major Port of cargo handling. I request the hon. Minister to rename Paradip Port after Odisha’s Biju Babu to honour his contribution to developing the Paradip Port.

          Sir, it is well known that when Nehru ji refused to give funds to build the Paradip Port, Biju Babu said then, “To hell with the Indian Government! I will build the port with the State Government money or my own money”. And he spent Rs.1.6 billion on it. Later Nehru ji sanctioned funds for the project, but it was Biju Babu’s greatened vision that ensured Paradip Port becomes a reality.

          The maritime growth story started by Biju Babu has been taken to new heights by current Odisha Chief Minister, hon. Shri Naveen Patnaik Sir, who has played a pivotal role in the port-led development of Odisha be it setting up Gopalpur port, Dhamra port, Subarnarekha port, or setting up a Maritime Board in the recent times.

Representations have been made to rename the Paradip Port earlier as well. I reiterate the same demand and request the Government, through you, to rename the port. It would also be a tribute to Odisha’s glorious history of sea-fearing and maritime trade.

          Sir, my hon. colleague from Biju Janata Dal, Bhartruhari Mahtab ji, gave an amendment on this and he will speak more on that. Thanking you once, I once again request the hon. Minister to consider our request. Thank you so much, Sir.

 

*m05 श्री कौशलेन्द्र कुमार (नालंदा): महोदय, आपनेमुझे इस विधेयककी चर्चा परभाग लेने कामौका दिया है, इसकेलिए मैं आपकाधन्यवाद करताहॅूं । सरकारद्वारा समुद्रीपरिवहन के विस्तारएवं उसे बढ़ावादेने के उद्देश्यसे यह विधेयकसदन के समक्षलाया गया है । इससे विश्वके अनेकों देशोंके साथ भारतका व्यापार तथावाणिज्य सुगमएवं सरल होगा । व्यवसायीकरणको बढ़ावा मिलेगा, प्रबंधनको सुदृढ़ कियाजाएगा । इससेत्वरित और पारदर्शीनिर्णय लेनेकी क्षमता बढ़ेगीऔर व्यापार जगतको इसका लाभमिलेगा । इससेनिष्पादन क्षमतामें भी बढ़ोत्तरीहोगी ।

अध्यक्षमहोदय, किसीभी देश के आर्थिकऔर सामाजिक विकासमें समुद्रीपरिवहन की प्रमुखविशेषता होतीहै और अधिकांशदेश समुद्रीमार्गों से जुड़ेहोते हैं । भारतका तो मूल्यके अनुसार करीब70 प्रतिशतका व्यापार, यात्राके अनुसार लगभग95 प्रतिशतका व्यापार समुद्रीमार्गों पर हीनिर्भर है ।इस क्षेत्र मेंहम लोग पिछड़रहे हैं । यहीकारण है कियह विधेयक लायागया है ।

अध्यक्षमहोदय, यहकानून चेन्नई, कोचीन, जवाहरलालनेहरू पत्तन, कांडला, कोलकत्ता, मुंबई, न्यूबैंगलुरु, मोरमुगांव, पाराद्वीप, वियोचिदंबरमऔर विशाखापतनमजैसे प्रमुखबंदरगाहों परलागू होगा ।संसदीय स्थायीसमिति भी इसपर अपनी रिपोर्टदे चुकी है । अत: कानूनबनाने से देशकी समुद्री परिवहनव्यवस्था मेंअंतर्राष्ट्रीयस्तर पर बदलावआएगा । कानूनबनाने से प्रत्येकस्थानों पर महापत्तनप्राधिकरण बोर्डबनेगा । स्वतंत्रसदस्यों का सुगठितबोर्ड सभी प्रकारके निर्णय एवंभविष्य की योजनाओंपर विचार करनेके लिए त्वरितआदेश देगा ।यह बोर्ड पीपीईमॉडल पर भीअपना निर्णयदेगा । किसीभी प्रावधानका उल्‍लंघनकरने वालों परबोर्ड स्वयंजुर्माना लगानेका निर्णय लेगा, यहबोर्ड अपने उत्तरदायित्वोंको पूरा करनेके लिए पूर्णरूपेणस्वतंत्र भीहोगा । यह भारतमें व्यापारको सरल और सुगमबनाने में एकअहम भूमिका अदाकरने वाला संस्थानहोगा ।

महोदय, इसकानून के बननेसे महापत्तनन्यास अधिनियमसन् 1963 स्वत: निरस्तहो जाएगा । इसनए कानून केतहत एक पूर्णस्वायत्त एवंस्वतंत्र महापत्तनप्राधिकरण बननेजा रहा है ।महोदय, मैंइस बिल का समर्थनकरता हॅूं ।माननीय सदस्यने पाराद्वीपके बारे मेंजो कहा है किबीजू बाबू केनाम पर वह होनाचाहिए, इसकाभी मैं समर्थनकरता हॅूं ।

 

*m06 SHRI P. RAVEENDRANATH KUMAR (THENI): Thank you, hon. Speaker, Sir, for giving me the opportunity to speak on this important Bill.

          I am a representative from Tamil Nadu and I am a witness to the growth the State has received from the Chennai port. Being a hub port for containers, cars, cargo, the port’s container traffic has crossed one million TEUs and is ranked 86th in the world. With plans to expand its capacity to 140 million tonnes per annum and having direct connectivity to more than 50 ports in the world, it is a major source of trade.

          Sir, the major focus of this Bill is modernization, minimum Government and maximum governance, which will lead to boosting of trade. The Bill seeks to ensure greater efficiency by freeing up ports from as much red-tapism as possible while ensuring sufficient accountability by delegating to the port authority full power to enter into contracts, planning and development, and fixing of the tariff.

          Sir, finally, I suggest the Government to make some new provisions for the autonomy, transparency, and efficiency for all 205 notified minor and intermediate ports in our country.

With this, I support this Bill. Thank you, Sir.

 

*m07 *श्रीमती दर्शना विक्रम जरदोश (सूरत):माननीय अध्यक्ष जी, मैं पोत परिवहन मंत्री श्री मनसुख भाई द्वारा लाए गए बिल का समर्थन करती हूं । इस विधेयक का उद्देश्य भारत में महापत्तनों के प्रशासन, नियंत्रण और प्रबंधन का नवीनीकृत करने के लिए महापत्तन न्यास अधिनियम, 1963 को प्रस्थापित करना है । माननीय प्रधान मंत्री श्री नरेन्द्र भाई के नेतृत्व में देश की लगातार बढ़ती व्यापार आवश्यकताओं को पूरा करने में 12 महापत्तन और लगभग 200 गैर महापत्तन कार्यरत हैं । वर्ष 1920 के दौरान इन पत्तनों की क्षमता 2398 एमटीपीए थी । यह विभिन्न पत्तनों में नई बर्थों और टर्मिनलों के निर्माण, युक्तिसंगत उपयेाग,पत्तन चैनलों में बड़े जलयानों को आकर्षित करने के लिए कर बढ़ाने हेतु कैपिटल ड्रेजिंग जैसी विभिन्न अवसंरचना परियोजनाओं के कारण सम्भव हो सका ।

सूरत व्यापार के लिए बड़ा इंडस्ट्रियल हब है । सभी राज्यों और अन्य देशों से यहां व्यापार हो रहा है । सूरत का इतिहास पुराना है । गुजराती में कहावत है । वैसे तो आप दो दिन से गुजराती में बोलने की इजाजत दे रहे हैं । पोत को वहां बंदर कहते हैं । ×(84 पोतों पर बिजनेस होता था और जिनसे बिजनेस होता था, उनके फ्लैग वहां पर लगे हुए थे ।) पुराने किले में यह सब इतिहास उपलब्ध है, जहां पुर्तगाल की कोठी भी है,अंग्रेजों ने भी शासन किया था,मुगलसराय भी है । यहां तेजा ना मरी मसाला सच्चे मोतियों का व्यापार होता था सूरत के वाडिया बंधु उस जमाने में शिप बनाते थे, जिसे खरीदने के लिए देश-विदेश से लोग आते थे । शिवाजी महाराज की नौसेना भी यहां तैनात रहती थी । ऐसा पुराने बंदरगाह की वजह से सूरत बड़ा व्यापार क्षेत्र बना ।

 

          आज भी सूरत के पास हजीरा में बड़ी इंडस्ट्रियल बेल्ट है । ऐसे शहर में एस्सार,अढानी के प्रावइेट पोर्ट से व्यापार होता है । डायमंड का सबसे बड़ा हीराबुर्स,जो माननीय प्रधान मंत्री जी के आशीर्वाद से सूरत में बनने जा रहा है । एनटीपीसी,ओएनजीसी, रिलायंस, एस्सार, अढानी जैसे बड़े उद्योगों के लिए यहां बहुत बड़े नए पोर्ट की सम्भावना है । हमारा पुराना मगदल्ला पोर्ट, जिसको इस बिल से बल मिलेगा और मैं मंत्री जी से आग्रह करूँगी कि इस डेवलपमेंट के बिल आप जो बिल लाए हैं, इसके लिए हम आपके आभारी हैं ।

          भारत   के महापत्तनों की क्षमता और उत्पादकता बढ़ाने हेतु एक बीसीजी नियुक्त किया गया था । बेंचमार्किंग अध्ययन में क्षमता का उपयोग प्रभावशाली रूप से किया गया है । महापत्तनों के यातायात की यात्रा में महत्वपूर्ण वृद्धि करने और पूंजीगत व्यय से बचने के लिए 12 महापत्तनों के लिए 116 नई पहलों की पहचान की गई है ।

          भारत सरकार ने 24 सितंबर, 2018 को ईरान के शाहीद बहेस्ती पत्तन चाबहार का दो वर्षों के प्रचालनों का कार्यभार संभाला है और एक वर्ष का सफल प्रचालन पूरा किया है ।

          महापत्तन प्राधिकरण विधेयक, 2020 में प्रस्तावित परिवर्तनों के साथ वहां पत्तनों के प्रशासन में काफी सुधार आएगा और शीघ्र निर्माण किए जाएंगे । यह विधेयक महापत्तनों के प्रशासन के लिए नए युग की शुरुआत होने की अपेक्षा है, जिसमें महापत्तन आर्थिक विकास में काफी योगदान देंगे और विकास का भूस्वामी मॉडल, जहां प्रमुख अवसंरचना का विकास पत्तन प्राधिकरण द्वारा किया जाएगा । वाणिज्य प्रचालन निजी कम्पनियों को बोली पर दिया जाएगा, ऐसी नीति अपनाते हुए विश्वस्तरीय पत्तन अवसंरचना प्रदान करेंगे ।

          परिवहन मंत्रालय ने 31 जुलाई, 2016 से सभी महापत्तनों के लिए नई स्टीवडोरिंग एवं तटसंभलाई नीति कार्यान्वित की है ।

          इस बिल में सुरक्षा निकासी,दिशा-निर्देश,व्यापार करने में आसानी, कंटेनर स्कैनर,रेडियो फ्रीक्वेंसी,आइडेन्टिफिकेशन,पत्तन सामुदायिक प्रणाली, डायरेक्ट पोर्ट डिलिवरी,डायरेक्ट पोर्ट एंट्री, एसआईपीसी,दीनदयाल पत्तन न्याय (डीपीटी),पारादीप पत्तन पर स्मार्ट इंडस्ट्रियल स्पोर्ट सिटी,स्वच्छ भारत अभियान, गैर-परंपरागत ऊर्जा,महापत्तनों में सुरक्षा,महापत्तन ऊपर भूस्वामी मॉडल,जेएनपीटी द्वारा महाराष्ट्र के दहानू के वधावन में महापत्तन का विकास, जवाहरलाल नेहरू पत्तन न्यास में प्रथम आधारित एसईजेड का विकास,इन सबका भी इस बिल में प्रावधान किया गया है ।

          वर्ष 2020 के लिए मैरिटाइम एजेंडा ने पत्तन प्रचालन सहित कार्यात्मक क्षेत्रों को शामिल करते हुए एंटरप्राइज रिसोर्स प्लानिंग (ईआरपी) को कार्य बंद करने की सिफारिश की है । इस सिफारिश के आधार पर जिन पाँच पत्तनों को चुना गया है, उसमें मुंबई,दीनदयाल कांडला,कोलकाता, पारादीप और चेन्नई हैं ।

          मैं बिल का समर्थन करते हुए फिर से माननीय मंत्री जी से आग्रह करूँगी कि सूरत में आने वाले दिनों में इस बिल का परिणाम हमें जरूर मिलेगा,जिसमें आपका सहयोग रहेगा । धन्यवाद ।

 

*m08 श्री गोपाल शेट्टी (मुम्बई उत्तर): महोदय, आपने मुझे इस बिल पर बोलने का मौका दिया, इसके लिए आपका बहुत-बहुत धन्यवाद ।

          महोदय,मैं नितिन गडकरी जी को भी याद करना चाहूँगा, जिन्होंने इस क्षेत्र में बहुत बड़ा काम किया और उनके काम को हमारे युवा मंत्री मनसुख एल. मांडविया जीबहुत आगे लेकरजा रहे हैं । लोग इनसे बहुतखुश हैं औरजिनको भी इनसेमिलना होता है,ये तुरन्तउनसे मिलते हैं,उनकी बात सुनतेहैं और उनकाकाम भी करतेहैं ।

          महोदय, मैंइस बिल की कुछविशेषताओं केबारे में बातकरना चाहूँगा । यह जो बिलहै, नयेग्लोबल मार्केटमें कम्पीट करनेमें इससे बहुतपरेशानी होतीहै, इसलिएहम इसमें अमेंडमेंटलाए हैं । इसमेंसबसे बड़ा बिन्दुहै कि इसमें13 मेंबर्सहोंगे और इसमेंचार इन्डिपेन्डेंटमेंबर्स को लेनेका प्रावधानहमने किया है । पहले जो बिलथे, जोबोर्ड थे, उसमेंकान्फ्लिक्टऑफ इंटरेस्टके बहुत सारेमेंबर्स थे, इनसारे लोगों कोइस नए बिल मेंनिकालने का कामकिया है औरयह बहुत बड़ाकाम किया है । इसके लिए मैंनिश्चित रूपसे अपने दिलकी गहराइयोंसे मंत्री जीका अभिनन्दनकरता हूँ । येसारे जो कान्फ्लिक्टऑफ इंटरेस्टके लोग थे, इन्होंनेसारे पोर्ट ट्रस्टको अपने हाथमें रखा थाऔर ये ही कामकाजको चलाते थे ।

          महोदय, सभीडिसिजन बोर्डके लोग लेंगेऔर जो डिसिजनलेंगे, उसे60 दिनमें अमल मेंलाने का प्रयासकरेंगे, यहभी बहुत बड़ीउपलब्धि है, ऐसामैं मानता हूँ । साल में सिर्फएक बार केन्द्रसरकार  को इनकोहिसाब देना पड़ेगा । यह बोर्ड कैगके ऐम्बिट मेंआता है । यहसबसे बड़ी उपलब्धिहै । हमें सबजगह इसका अमलीकरणआने वाले दिनोंमें करना पड़ेगा । डिस्प्यूटसेटलमेंट केलिए पोर्ट मेंही व्यवस्थाकी गई है । वहाँके जितने भीडिस्प्यूट होंगे, रिटायर्डजज के माध्यमसे उन्हें सुनाजाएगा और वेवहीं पर उनकासमाधान करेंगे । अगर कोई समाधाननहीं होता हैतो फिर सिर्फडायरेक्ट   सुप्रीमकोर्ट में जानेका उनको प्रोविजनहै, बीचमें कहीं परभी उनको कोईव्यवस्था नहींहै । मैं  मानता  हूँ कि सारेडिस्प्यूट इंटरनलीसुलझा लिए जाएंगेऔर फिर हम सबकोपता है कि सुप्रीमकोर्ट   में  भी  बहुत  जल्दी   फैसला  आता है तो यहएक बहुत बड़ीपहल है, ऐसामैं मानता हूँ ।…(व्यवधान)

महोदय, मैं अपनी बातपूरी कर रहाहूँ । इस बोर्डको 50 प्रतिशतलोन लेने काभी अधिकार दियागया है । हमारेदेश के प्रधानमंत्री जो विवादसे विश्वास कीबात करते हैं,बजट में जबउन्होंने ऐसाकहा था तो हमकिसी के भीदिमाग में यहनहीं आया थाकि विवाद सेविश्वास क्याहो सकता है,लेकिन बोर्डको विश्वास देकरआने वाले दिनोंमें बहुत तेजीसे पोर्ट काकामकाज चलेगा ।

          महोदय, नितिनगडकरी जी हमेशाकहते थे किरोड पर पाँचलाख से भी ज्यादादुर्घटनाएं होतीहैं और पोर्टमें कम से कमदुर्घटनाओं मेंबहुत ज्यादासे ज्यादा कामहोता है, यहभी हमने देखाहै ।

          अंत में, मैंमंत्री महोदयसे एक ही निवेदनकरूँगा कि देशके प्रधान मंत्रीजी वर्ष 2022 तकसबको हक कापक्का घर देनेकी बात करतेहैं, मैंनेकल भी जीरोऑवर में इसमुद्दे को उठायाथा, बॉम्बेपोर्ट ट्रस्टकी जगह पर भीबहुत सारी झोपडपट्टियाँ हैं । उन सारे लोगोंको मालिकानाहक देकर उनकोघर देने काकाम हम लोगकरेंगे । मैंझोपड पट्टी मेंसे आता हूँ, मैंनेअपने जीवन के55 सालझोपड़ पट्टी मेंगुजारे हैं, इसलिएएक लाइन बतानाचाहूँगा कि हमारेपूरे सिस्टमके लोगों कोऐसा लगता हैकि यह सारीसरकारी जमीनलोगों ने कब्जाकी है । इसमेंथोड़ी मात्रामें ऐसा कुछहो सकता है, लेकिनजो बीपीटी मेंकाम करने वालेलोग हैं, वहींबगल में ऑफिसरलोगों ने उनकोबसाया है और   वे वहाँपर रह रहे हैं । रेलवे मेंभी ऐसा ही हुआहै । जितने भीडिपार्टमेंट्सहैं, येसारे लोग देशकी सेवा करनेके लिए इन सारीजमीनों पर अपनाघर बनाकर रहनेका काम करतेहैं । देश केप्रधान मंत्रीजी का सपनाहै कि वे वर्ष2022 तकसबको पक्काघर देंगे । मैंमाननीय मंत्रीजी से इसकेलिए प्रार्थनाकरता हूँ । मैंबिल का समर्थनकरते हुए अपनीबात समाप्त करताहूँ । धन्यवाद ।

           

*m09  श्री मनसुख एल. मांडविया: सर, आजके इस बिल परडॉ. भारतीबेन, श्रीश्रीकृष्णा देवरायालू, श्रीअनुभव मोहंती, श्रीकौशलेन्द्र कुमार, श्रीरविन्द्रनाथकुमार, श्रीमतीदर्शना जरदोशऔर अन्त मेंगोपाल शेट्टीजी ने अपनेविषय रखे ।

          माननीयअध्यक्ष जी, अन्तमें, गोपालशेट्टी जी नेजो कहा, इसबिल को लानेका यह भी एकउद्देश्य हैकि पोर्ट मेंट्रांसपैरेंसीहो, पोर्टअपनी ओर सेडेवलप हो सके, पोर्टएक वर्ल्ड क्लासइंफ्रास्ट्रक्चरखड़ा कर सके । पोर्ट के संचालनमें सरकार काभी कम से कमरोल और कम सेकम भूमिका हो । पोर्ट के बोर्डही स्वयं निर्णयले सकें । गोपालशेट्टी जी नेसही कहा किपोर्ट के असेट्सपर जो पंजाथा, उसपंजे की वजहसे पोर्ट मेंऐसे स्थानीयलोग, जिनकाउसमें इंटेरेस्टहो, उनस्थानीय लोगोंको बल मिल जाताथा । भविष्यमें ऐसे लोगोंका उस पर पंजान पड़े, ऐसाप्रावधान मैंइस बिल मेंलेकर आया हूं ।

          माननीयअध्यक्ष जी, इसबिल में कुलमिलाकर पोर्टसेक्टर में समयके साथ बदलावहोना आवश्यकहै । सभी सेक्टरमें बदलाव हो । समय के साथनई टेक्नोलॉजीका इम्प्लीमेंटेशनकिया जाए, नएसिस्टम का इम्प्लीमेंटेशनकिया जाए क्योंकिदेश में 70प्रतिशतकार्गो ‘बाई-वॉल्यूम’ पोर्टसे ही आताहै, 95 प्रतिशत ‘बाई-वैल्यूज़’ कार्गोभी पोर्ट सेही आते हैं । इसलिए पोर्टविकास का एकद्वार बन सकताहै । मोदी जीने सही कहाथा - ‘नॉटओनली फॉर पोर्ट, बटपोर्ट-लेडडेवलपमेंट ।’ पोर्टका भी विकासकरना है औरपोर्ट विकासका द्वार बनसकता है । इसेइतिहास साबितकरता है किजहां-जहांपर भी पोर्ट्सथे, वेशहर आज के समयमें भी ज्यादाविकसित दिखाईदे रहे हैं । लेकिन, आजके दिन मेंजो पोर्ट्स चलरहे थे, वेमेजर पोर्ट्सएक्ट, 1963 केतहत चल रहेथे । पचास सालपहले यह एक्टबना था । उससमय स्थिति अलगथी । आज की स्थितिबदली हुई है । उस वक्त लैंडलॉर्डमॉडलनहीं था, पी.पी.पी. मॉडलनहीं था औरसारे पोर्ट्ससर्विस मॉडलपर चल रहे थे । पोर्ट मेंभर्ती पोर्टके लोग ही करतेथे, पोर्टका संचालन भीपोर्ट के लोगही करते थेऔर पोर्ट कामैनेजमेंट भीपोर्ट के लोगही करते थे । इस प्रकार, सभीचीजें पोर्टके लोग ही करतेथे और उसमेंही उनकी सारीशक्तियों काव्यय होता था । इसलिए डेवलपमेंटकी तरफ जो उसकीदिशा जानी चाहिएथी, वहकम हो गई थी । उसे देखतेहुए वर्ष 1995 केबाद पी.पी.पी. मॉडलआया । कुल मिलाकर, मेरेपास पोर्ट में252 बर्थहैं । उनमेंसे 70 बर्थऐसे हैं, जोकैप्टिव हैंया वे पी.पी.पी. मॉडलपर चल रहे हैं । ऐसे बर्थ मेंजब प्राइवेटपार्टनर्स आतेहैं तो वे टेक्नोलॉजीलेकर आते हैं, बिजनेसलेकर आते हैं । वह वहां सारीव्यवस्था खड़ीकरता है औरअपना सारा बिजनेसऔर कारोबार वहांचलाता है । जबप्राइवेट प्लेयर्सआते हैं औरउनके साथ कंसेसनएग्रीमेंट्सहोते हैं तोकई बार ऐसाभी आता है किजब कोई बिजनेसपार्टनरशिप मेंचलता है तोउसमें डिस्प्यूट्सभी खड़े हो जातेहैं । उन डिस्प्यूट्सको रिजॉल्व करनेकी व्यवस्थापहले वाले बिलमें नहीं थी । अगर कोई डिस्प्यूटहोता है तोउसे कैसे सॉल्वकरें, इसकेलिए हम इस बिलमें प्रावधानलाये हैं, जिससेकि भविष्य मेंहम पोर्ट्स कोअच्छी तरह सेचला सकें ।

          सर, हरपोर्ट के पासलैंड है । वहांउसका उपयोग पोर्टके डेवलपमेंटके लिए हो सकताहै । वहां   पोर्ट-लेडइंडस्ट्रियलाइजेशनहो सकता है । उसके लिए पोर्टका उपयोग करनाआवश्यक होताहै ।

          सर, मैंउदाहरण के तौरपर बताता हूंकि आज अफ्रीकासे लकड़ी आतीहै । 70 प्रतिशतलकड़ी कांडलापोर्ट पर आतीहै । चीन मेंभी उसी अफ्रीकासे लकड़ी जातीहै । वहां उसलकड़ी से फर्निचर्सबनते हैं औरसारी दुनियाफर्नीचर्स खरीदनेके लिए चीनजाती है । क्याहम अपने देशमें फर्नीचर्सपार्क नहीं बनासकते? कांडलापोर्ट पर भीउसी रूट सेलकड़ी आती है । वहां के लोगट्रैडीशनली वुड्सइंडस्ट्री केसाथ जुड़े हुएहैं । ऐसे हमारेसभी मेजर पोर्ट्सपर एक-एकइंडस्ट्रियलडेवलपमेंट करके‘वनपोर्ट वन इंडस्ट्री’ केआधार पर उसेकैसे डेवलप करसकेंगे? जबऐसा करना हैतो उसके लिएउसके पास कुछस्वायत्तता होनीचाहिए । आज मेजरपोर्ट के साथ-साथप्राइवेट पोर्ट्सभी आ गए हैं । नॉन-मेजरपोर्ट्स भी हैंऔर उनके बीचमें कम्पीटिशनभी होता है । इसलिए उनकेबीच हेल्दी कम्पीटिशनहोना चाहिए । कई चीजें ऐसीहैं, जबकिसी पोर्ट कोडिसीजन लेनाहोता है, जैसेबगल में कोईदूसरा पोर्टहै, उसनेटैरिफ कम करदिया और सरकारीपोर्ट पर टैरिफज्यादा है, तोऐसी स्थिति मेंउसे उसके लिएपरमिशन लेनेके लिए सरकारतक आना पड़ताहै । जब उन्हेंस्वयं डिसीजनलेकर टैरिफ कोकम करना हैतो वे टैरिफकम नहीं करसकते थे । इसबिल के माध्यमसे हम पोर्टको स्वायत्ततादेना चाहते हैं ।   उस डिसीजन के आधार पर वे भी आगे बढ सकें । इसके लिए हम इस महापत्तन प्राधिकरण विधेयक के माध्यम से काम करने जा रहे है ।

          महोदय,जब मैं यह बिल लोक सभा में इंट्रोड्यूस कर रहा था, अभी प्रतिपक्ष के लोग यहाँ नहीं हैं,लेकिन उन्होंने एक चिंता जताई थी । उसके बारे में मैं सदन में स्पष्टीकरण कर देना चाहता हूँ कि आज हमारे पोर्ट्स में करीब एक लाख बारह हजार पेंशनर्स हैं । आज हमारे पोर्ट्स में कुल 28 हजार एम्प्लाईज हैं । उस वक्त एक बात कही गई थी कि इस बिल के आने से उनके हितों का नुकसान होगा,लेकिन ऐसा नहीं है । मैं लोक सभा के फ्लोर पर यह क्लियर करना चाहता हूँ कि हमारे पोर्ट्स के बारे में ऐसी स्थिति नहीं है ।

 एक समय था, जब कोलकाता पोर्ट में 10 हजार पेंशनर्स थे । पाँच साल पहले जब वर्ष 2014 में मोदी जी के नेतृत्व में सरकार बनी थी, उस वक्त कोलकाता से लोग दिल्ली आते थे । यहाँ पर आकर हमारे सामने वे लोग अपना विषय रखते थे कि हमारा पोर्ट बंद नहीं होना चाहिए,हमारा पोर्ट बंद हो रहा है,हमारा पोर्ट घाटे में हैं । लेकिन, विगत पाँच सालों में पोर्ट सेक्टर में जो काम किया गया है, उससे आज कोलकाता पोर्ट घाटे में नहीं है, बल्कि वह प्रॉफिट में है । कोलकाता पोर्ट के 10 हजार पेंशनर्स की पेंशन को एलआईसी में सुनिश्चित किया गया है । कुल पोर्ट्स को मिलाकर हमारे जो 28 हजार एम्प्लाईज हैं,उनके हितों का कोई नुकसान नहीं होगा । उनके पेंशन के संबंध में कोई भी चिंता नहीं करनी चाहिए । हमारे एम्प्लाईज की तनख्वाह में कोई कमी नहीं की जाएगी । सभी के हितों को ध्यान में रखते हुए,पोर्ट्स को स्वायत्ता देकर उनको काम्पीटीटिव बनाया जाएगा । इसके लिए मैं यह बिल लेकर आया हूँ । मैं अपेक्षा करता हूँ कि सदन उसको पारित करे ।

माननीय अध्यक्ष: प्रश्न यह है:

“कि भारत में महापत्तनों के विनियमन, प्रचालन और योजना के लिए तथा महापत्तन प्राधिकरणों के बोर्डो़ में ऐसे पत्तनों के प्रशासन,नियंत्रण और प्रबंधन को निहित करने तथा उससे संबद्ध या उसके आनुषंगिक विषयों का उपबंध करने वाले विधेयक पर विचार किया जाए ।” प्रस्ताव स्वीकृत हुआ ।
माननीय अध्यक्ष: अब सभा विधेयक पर खण्डवार विचार करेगी ।
          माननीय सदस्यगण, इस विधेयक पर अनेक सदस्यों के संशोधन परिचालित किए गए हैं, लेकिन केवल श्री बी.महताब जी सभा में उपस्थित हैं,इसलिए केवल उन्हीं को संशोधन प्रस्तुत करने का मौका मिलेगा,बाकियों के नाम नहीं बुलाए जाएंगे ।
         
खण्ड 2    परिभाषाएं  

प्रश्न यह है:  

    “कि खण्ड 2 विधेयक का अंग बने ।”  

 प्रस्ताव स्वीकृत हुआ ।  

 खण्ड  2 विधेयक में जोड़ दिया गया ।  

    

खण्ड 3                महापत्तन प्राधिकरण  

                                     के बोर्ड का गठन और संरचना  

   

माननीय अध्यक्ष: श्री भर्तृहरि महताब जी, क्या आप संशोधन संख्या 27 प्रस्तुत करना चाहते हैं?
SHRI BHARTRUHARI MAHTAB (CUTTACK): Hon. Speaker, Sir, I may be allowed to move my Amendment No. 27. Along with the same, I have something to say in a limited time.
This Bill aims at reorienting the governance model in central ports to landlord port model in line with the successful global practice. The Bill was first introduced in the year 2016. The Standing Committee deliberated on it and gave a Report in the year 2017. An amended Bill was introduced in 2019 or first part of 2019. The House was dissolved and again, in March, 2020, this Bill had been introduced. At the time of introduction, I had also raised certain issues, which have not been considered as yet.
The first Amendment that I want to propose before this Government, in this House, is that the composition of the Board of Major Port Authority -- constituted under Clause 3 of the Bill -- is heavily in favour of private persons. Besides, the States have been given very little representation in the Board.
Therefore, I am proposing that a Member of each House of Parliament should be represented on the Board from all the States which have major ports.
I beg to move:
               Page 4, after line 20, -
insert  “(g) one Member of each House of Parliament from the            States that have a major port”.      (27)   माननीय अध्यक्ष: अब मैं श्री भर्तृहरि महताब द्वारा प्रस्तुत संशोधन संख्या 27को सभा में मतदान के लिए रखता हूँ ।
प्रस्ताव अस्वीकृत हुआ ।
   
माननीय अध्यक्ष: प्रश्न यह है:
“कि खण्ड 3 विधेयक का अंग बने ।” प्रस्ताव स्वीकृत हुआ ।
खण्ड 3 विधेयक में जोड़ दिया गया ।
 
          खंड 4                          बोर्ड के अध्यक्ष,उपाध्यक्ष और सदस्यों की अर्हताएं माननीय अध्यक्ष :श्री भर्तृहरि महताब जी, क्या आप संशोधन संख्या 28 प्रस्तुत करना चाहते हैं?
श्री भर्तृहरिमहताब: सर, विधेयक में है, two members representing the interest of the employees of the major Port Authority,यह लिखा है । हमने कहा जो पोर्ट में वर्क कर रहा है, उसी को मेंबर बनाया जाए । Not members representing the interest. मैं अमेंडमेंट मूव कर रहा हूं:
पृष्ठ 5,पंक्ति 1 और 2,-
“ऐसे व्यक्तियों और ऐसी रीति में, जो विहित की जाए,” के स्थान पर “संघ सरकार में पोत परिवहन मंत्री और उस प्रत्येक राज्य जहां महापत्तन है,की सरकार  द्वारा नामांकित एक मंत्री ।” प्रतिस्थापित करें ।      (28) माननीय अध्यक्ष : अब मैं श्री भर्तृहरि महताब द्वारा खंड 4 में प्रस्तुत संशोधन संख्या 28 को सभा के समक्ष मतदान के लिए रखता हूँ ।
संशोधन मतदान के लिए रखा गया तथा अस्वीकृत हुआ ।
माननीय अध्यक्ष :प्रश्न यह है:
“कि खंड 4 विधेयक का अंग बने ।” प्रस्ताव स्वीकृत हुआ ।
खंड 4 विधेयक में जोड़ दिया गया ।
खंड 5 से 20 विधेयक में जोड़ दिए गए ।
 
खंड21               बोर्ड को महापत्तन न्यासी बोर्ड   

                               के उत्तरवर्ती के रूप में समझा जाना  

   

माननीय अध्यक्ष :श्री भर्तृहरि महताब जी, क्या आप संशोधन संख्या 29 और30 प्रस्तुत करना चाहते हैं?
श्री भर्तृहरिमहताब :सर, संशोधन संख्या 29 और30 में बस एक करेक्शन हमने डिलीट करने के लिए कहा है, जिसमेंwithout the previous sanction of the Central Government, ये दोनों लाइनें मैंने कहा है कि इनको डिलीट करिए । सीधा ट्रस्ट को इसकी पॉवर दी जाए । मैं अमेंडमेंट मूव कर रहा हूं ।
 
पृष्ठ 9,पंक्ति 25,-

“केंद्रीय सरकार की पूर्वानुमति के बिना ।”  

का लोप करें          (29)  

पृष्ठ 9,पंक्ति 32,-  

“केंद्रीय सरकार की पूर्व स्वीकृति के बिना ।”  

का लोप करें          (30)  

माननीय अध्यक्ष :अब मैं श्री भर्तृहरि महताब द्वारा खंड 21 में प्रस्तुत संशोधन संख्या 29 और30 को सभा के समक्ष मतदान के लिए रखता हूँ ।
संशोधन मतदान के लिए रखे गए तथा अस्वीकृत हुए ।
माननीय अध्यक्ष :प्रश्न यह है:
“कि खंड 21 विधेयक का अंग बने ।” प्रस्ताव स्वीकृत हुआ ।
खंड 21विधेयक में जोड़ दिया गया ।
खंड 22से 76 विधेयक में जोड़ दिए गए ।
खंड 1,अधिनियमन सूत्र और विधेयक का पूरा नाम विधेयक में जोड़ दिए गए ।
 
माननीयअध्यक्ष :माननीय मंत्री जी, अब आप प्रस्ताव करें कि विधेयक पारितकिया जाए ।
SHRI MANSUKH L. MANDAVIYA: Sir, I beg to move:
“That the Bill be passed.” माननीयअध्यक्ष :प्रश्न यह है:
 “कि विधेयक पारित किया जाए ।” प्रस्ताव स्वीकृत हुआ ।
     
*t88 Title: Speaker made valedictory reference on the conclusion of the 4th session of the 17th Lok Sabha.
माननीय अध्यक्ष : माननीय सदस्यगण, सत्रहवीं लोकसभा का चौथा सत्र आज समाप्त हो रहा है ।  यह मानसून सत्र कई अर्थों में ऐतिहासिक रहा है ।  आप सभी माननीय सदस्यों ने कोरोना महामारी के खतरे के बावजूद अपने संवैधानिक कर्तव्यों को सर्वोपरि रखा और देर रात तक बैठकर विधायी कार्य किए । आपने पूरे सत्र के दौरान स्वास्थ्य संबंधी सभी प्रोटोकॉल्स का पूरी तरह से पालन किया है,इसके लिए मैं आप सभी को साधुवाद देता हूं, धन्यवाद देता हूँ । आपके सक्रिय सहयोग और सकारात्मक भागीदारी के कारण ही इस सत्र में सदन की कार्य-उत्पादकता167 प्रतिशत रही है जो  अन्य सत्रों की  तुलना में अधिक है । इस उपलब्धि के लिए आप सभी माननीय सदस्य बधाई के पात्र  हैं  ।  वर्तमान परिस्थितियों के कारण इस बार सदन के साथ-साथ पूरे संसद भवन परिसर में संक्रमण से सुरक्षा के व्यापक इंतजाम किए गए ।
देश के संसदीय इतिहास में ऐसा पहली बार हुआ है कि माननीय सदस्यों ने संसद के दोनों सदनों (लोक सभा एवं राज्य सभा) केकक्षों और इनकी दीर्घाओं से सदन की कार्यवाही में हिस्सा लिया, जैसा कि आप सभी को विदित है कि मानसून सत्र 14सितम्बर, 2020 को आरंभ हुआ । इस सत्र के दौरान, हमने10 बैठकें की जो बिना किसी अवकाश के शनिवार और रविवार को भी आयोजित की गई ।  इन बैठकों के लिए निर्धारित कुल 37 घंटों की तुलना में कुल 60 घंटे की कार्यवाही संपन्न हुई । इस सत्र में महत्वपूर्ण विधायी और अन्य कार्यों का भी निपटान हुआ । सत्र के दौरान 68 प्रतिशत समय में विधायी कार्य किए गए, जबकि शेष 32 प्रतिशत में गैर-विधायी कार्य किए गए । वर्ष 2020-21 के लिए अनुदानों की अनुपूरक मांगों का पहला बैच और वर्ष 2016-17 के लिए अतिरिक्त अनुदानों की मांगों पर चर्चा 4 घंटे38 मिनट तक चली । तद्नुसार विनियोग विधेयक भी पारित किए गए । वर्तमान सत्र के दौरान, 16 सरकारी विधेयक पुरःस्थापित किए गए । कुल मिलाकर 10 बैठकों में 25 विधेयक पारित हुए । इन सभी विधेयकों पर चर्चा हुई । सदन में पारित हुए कुछ महत्वपूर्ण विधेयक थे,आवश्यक वस्तु (संशोधन)विधेयक, 2020, कृषक उपज व्यापार और वाणिज्य (संवर्धन और सरलीकरण)विधेयक, 2020, कृषक(सशक्तिकरण और संरक्षण)कीमत आश्वासन और कृषि सेवा पर करार विधेयक, 2020, उपजीविकाजन्य सुरक्षा, स्वास्थ्य और कार्यदशा संहिता, 2020, औद्योगिक संबंध संहिता, 2020 और सामाजिक सुरक्षा संहिता, 2020.
 इस सत्र के दौरान अतारांकित प्रश्न सभा पटल पर रखने की अनुमति दी गई । तदनुसार माननीय सदस्यों द्वारा पूछे गए 2300 अतारांकित प्रश्नों के उत्तर सभा पटल पर रखे गए ।
इस सत्र में माननीय सदस्यों ने शून्य काल में370 लोक महत्व के मामले उठाए । मैं विशेष रूप से उल्लेख करना चाहूंगा कि 20 सितम्बर, 2020 को शून्य काल में देर रात तक बैठकर कुल 88 माननीय सदस्यों ने लोक महत्व के मुद्दे उठाए । सत्र में बैलट के अलावा 230सदस्यों को भी अपने विषय उठाने का अवसर मिला ।
          माननीय सदस्‍यों द्वारा नियम 377 के अधीन लोक महत्‍व के181 मामले भी उठाए गए । मुझे सदन को यह बताते हुए खुशी हो रही है कि नियम 377 के अधीन उठाए जाने वाले मामलों पर मंत्रालय द्वारा शीघ्र उत्‍तर प्राप्‍त करने के लिए पहल की गई, जिसके परिणामस्‍वरूप पंद्रहवीं लोक सभा में जहां 77 प्रतिशत उत्तर प्राप्त होते थे, वहीं सत्रहवीं लोक सभा में 98.34 प्रतिशत उत्‍तर मंत्रालयों से माननीय सदस्यों को प्राप्‍त हुए हैं । मेरा यह निरंतर प्रयास रहा है कि माननीय सदस्‍यों को मंत्रालयों से एक माह की निर्धारित अवधि के अंदर उत्‍तर प्राप्‍त हो सकें । माननीय मंत्रियों द्वारा विभिन्न महत्वपूर्ण विषयों पर 40 वक्तव्य दिए गए । इसमें कोविड-19 महामारी, कृषि क्षेत्र में न्‍यूनतम समर्थन मूल्‍य तथा लद्दाख सीमा के पास घटित हो रहे घटनाक्रम पर संबंधित मंत्रियों द्वारा वक्‍तव्‍य शामिल हैं । इस सत्रकेदौरान, संबंधितमंत्रियोंनेकुल 855 पत्र सभापटलपररखे । सभा में देश में कोविड-19वैश्विकमहामारी के संबंध में नियम 193 के अंतर्गत एक अल्पकालिक चर्चा भी की गईजो 5 घंटे और 8 मिनट तक चली । चर्चा संबंधित मंत्री के उत्तरकेसाथसमाप्तहुई । इस सत्र में, विभिन्न महत्वपूर्ण मुद्दों पर चर्चा कराने और विधायी कार्य संपन्न करने के लिए सभा की कार्यवाही निर्धारित समय के अतिरिक्त 23 घंटे से अधिक देर तक चली ।
मैं माननीय उपराष्ट्रपति जी का भी आभार व्यक्त करता हूँ जिनके निरंतर सहयोग और मार्गदर्शन से सभा का आयोजन सफलतापूर्वक करने में सहायता मिली । मैं सभाकीकार्यवाहीकोपूराकरनेमेंसभापतितालिकामेंशामिल मेरे माननीयसहयोगियोंके प्रति आभारव्यक्त करता हूँ । मैंमाननीयप्रधानमंत्री जी, संसदीयकार्यमंत्री, विभिन्नदलोंकेनेताओंऔर लोक सभा एवं राज्‍य सभा के सभी माननीयसदस्योंकेप्रति भी सहयोग केलिएअत्यधिककृतज्ञहूँ ।
          मैं सदन की ओर से प्रेस और मीडिया के मित्रों का भी धन्यवाद करता हूँ । मैं सभा को प्रदान की गई समर्पित और त्वरित सेवाओं के लिए एन.आई.सी., लोक सभा टीवी,राज्‍य सभा टीवी, लोक सभा और राज्‍य सभा के महासचिव और लोक सभा और राज्‍य सभा सचिवालय के अधिकारियों और कर्मचारियों को धन्यवाद देता हूँ । सत्र के सुचारू रूप से आयोजन के लिए दोनों सचिवालयों के बीच कई दौर की बैठकें हुईं ।
उनके लिए हमने प्रयास किया कि सुरक्षा के अपेक्षित परिणाम आएं ।
संसद भवन को संक्रमण मुक्त रखने में सहयोग करने एवं स्वास्थ्य संबंधी सुविधाएं उपलब्ध कराने के लिए मैं संबंधित मंत्रालयों, विभागों और अन्य एजेंसियों के प्रति आभार व्यक्त करता हूं ।
 
मैं सभा की कार्यवाही के संचालन में संबद्ध एजेंसियों को उनके द्वारा दी गई सहायता के लिए भी धन्यवाद देता हूं ।
 
माननीय अध्यक्ष: माननीय सदस्यगण,कृपया अपने स्थान पर खड़े हो जाएं क्योंकि अब “वन्दे मातरम्”की धुन बजाई जाएगी ।
20.19hrs                                 NATIONAL SONG (राष्ट्रीय गीत की धुन बजाई गई) माननीय अध्यक्ष: सभा की कार्यवाही अनिश्चित काल के लिए स्थगित की जाती है ।
20.21hrs The Lok Sabha then adjourned sine die.
 

* Available in Master copy of the debate ,placed in Library.

* Laid on the Table and also placed in Library, See No .LT 2816 /17/20.

 

* Hindi translation of the speech laid on the Table originally in Gujarati.