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Lok Sabha Debates

Secretary-General Reported A Message From Rajya Sabha That Rajya Sabha Adopted A ... on 4 December, 2014

Sixteenth Loksabha an> Title: Secretary-General reported a message from Rajya Sabha that Rajya Sabha adopted a motion to join the Joint Committee on Offices of Profit. SECRETARY-GENERAL: Madam Speaker, I have to report the following message received from the Secretary-General of Rajya Sabha:-

          ‘I am directed to inform the Lok Sabha that the Rajya Sabha at its sitting held on Thursday, the 14th August, 2014 adopted the following Motion in regard to the Joint Committee on Offices of Profit:-
“That this House concurs in the recommendation of the Lok Sabha that a Joint Committee on Offices of Profit be constituted for the purposes set out in the Motion adopted by the Lok Sabha at its sitting held on the 1st August, 2014 and communicated to this House, and resolves that this House do join in the said Joint Committee and proceed to elect, in accordance with the system of proportional representation by means of the single transferable vote, five Members from among the Members of the House to serve on the said Joint Committee.”  

2.       I am further to inform the Lok Sabha that as a result of the election process initiated pursuant to the above Motion, the following four Members of Rajya Sabha have been duly elected to the said Committee:-

(i)       Shri Dilipbhai Pandya  

(ii)      Shri Sukhendu Sekhar Roy  

(iii)     Shri K.C. Tyagi  

(iv)     Shri C.P. Narayanan  

   

3. I am also to inform that in order to fill up the remaining one vacancy in the Committee, the election process is being initiated during the current Session of Rajya Sabha itself.’ HON. SPEAKER: Shri P. Karunakaran to present the Report of Committee on Absence of Members from the Sittings of the House. … (Interruptions)

HON. SPEAKER:         Dr. (Smt.) Ratna De to present the report. … (Interruptions)

HON. SPEAKER: Shri Kharge.

… (Interruptions)

HON. SPEAKER: All of you please go to your seats.

श्री मल्लिकार्जुन खड़गे (गुलबर्गा) : अध्यक्ष महोदया, हम हमारी …( व्यवधान) माननीय अध्यक्ष : खड़गे जी,आप एक मिनट रुकिये।

बात यह है कि आपने जो एडजर्नमैंट मोशन का नोटिस दिया है,वह excise duty on petrol and diesel effected through notification by Government of India पर है। ऐसा नहीं होता है। …( व्यवधान)

माननीय अध्यक्ष : आप सम्माननीय सदस्य हैं। आप सबसे बड़े आपोजिशन दल के नेता भी हैं। आपने जो एडजर्नमैंट मोशन का नोटिस दिया था और प्रश्न काल के सस्पेंशन का जो नोटिस मेरे पास आया है,उसका विषय बिल्कुल अलग है। …( व्यवधान)

माननीय अध्यक्ष :   कृपया आप मेरी बात भी समझिये। 400 सदस्य कुछ चाहते हैं और आपका एक ग्रुप कुछ अलग चाहता है। आपने जो नोटिस दिया उस पर आप बोलते कि हमें इस विषय पर कुछ बोलना है,तो बात ठीक बनती है,मगर ऐसा नहीं है। कल जो विषय हो चुका है,माफी मांगी जा चुकी है,सब कुछ कल होने के बाद ... …( व्यवधान)

माननीय अध्यक्ष :   मैं आपको नहीं बोल रही हूं और न ही आपका नोटिस है। …( व्यवधान)

HON. SPEAKER: I will not allow this. I am asking Mr. Kharge.  आपने जो नोटिस दिया है,उस विषय पर आपको कुछ कहना है,तो मैं आपको बोलने की अनुमति देती हूं। जब आप सब अपनी-अपनी जगह पर जायेंगे तभी आपके नेता बोल पायेंगे। मैं हर एक को बोलने नहीं दे सकती। यहां खड़े रहकर बात नहीं हो सकती। …( व्यवधान)

HON. SPEAKER: You please go to your seats. Then I will ask Mr. Kharge something. … (Interruptions)

HON. SPEAKER: All of them have given notices. श्री गौरव गोगोई ने चर्च के बारे में नोटिस दिया है। कल इस पर पूरी चर्चा हुई है और गृह मंत्री जी ने उसका जवाब भी दिया था। मैंने उस विषय को यहां उठाने दिया था। सॉरी। …( व्यवधान)

माननीय अध्यक्ष :ॊ पहले आप सब अपनी-अपनी सीट पर जाइये। यह पद्धति नहीं है। …( व्यवधान)

श्री मल्लिकार्जुन खड़गे  :  हमने प्राइम मिनिस्टर से क्लेरीफिकेशन पूछा था। ...(व्यवधान) माननीय अध्यक्ष :   आपने जो नोटिस दिया है,उसकी बात न करके आप जो चाहे,उसे उठायेंगे तो ऐसा नहीं होता है। आप भी एक जिम्मेदार सदस्य हैं। …( व्यवधान)

माननीय अध्यक्ष :   आप सब पहले अपनी-अपनी सीट पर जाइये।

…( व्यवधान)

माननीय अध्यक्ष :   आप सब पहले अपनी-अपनी सीट पर जाइये।

…( व्यवधान)

HON. SPEAKER: All of you please go to your seats.

… (Interruptions)

माननीय अध्यक्ष :   अगर आप वैल में बोलेंगे तो मैं कैसे सुनूंगी। …( व्यवधान)

HON. SPEAKER: Please go to your seats.

… (Interruptions)

माननीय अध्यक्ष :   सबसे पहले आप सब अपनी-अपनी सीट पर जाइये। …( व्यवधान)

माननीय अध्यक्ष :   आपके सदस्य सिर्फ,आपके सदस्य है,मैंने ऐसा बोला। …( व्यवधान)

माननीय अध्यक्ष :   आप सब अपनी-अपनी सीट पर जाइये।

…( व्यवधान)

माननीय अध्यक्ष : आप क्यों बोल रहे हैं?आप अपनी सीट पर जाइए। …( व्यवधान)

माननीय अध्यक्ष : आप अपनी सीट पर जाएंगे तो उनको बोलने का मौका मिलेगा। ऐसे नहीं होता है। …( व्यवधान)

माननीय अध्यक्ष :  आप सीट पर जाएंगे तो खड़गे जी बोलेंगे। …( व्यवधान)

HON. SPEAKER: First, please go back to your seats. I am sorry.                  … (Interruptions)

माननीय अध्यक्ष : आप लोग बैठिए।

…( व्यवधान)

HON. SPEAKER: I am sorry. First, you will have to go back to your seats. All of you have to go back to your seats. Please go back. … (Interruptions)

माननीय अध्यक्ष :  आप सब लोग अपनी सीट पर जाइए। मैं खड़गे जी की बात समझ लूंगी। …( व्यवधान)

माननीय अध्यक्ष : पहले सब लोग सीट पर जाइए तो मैं खड़गे जी की बात समझूंगी। …( व्यवधान)

माननीय अध्यक्ष : पहले सब लोग अपनी सीट पर जाइए,खड़गे जी क्या कह रहे हैं,मैं समझ लूंगी। …( व्यवधान)

HON. SPEAKER: First, please go back to your seats. I am sorry.                  … (Interruptions)

श्री मल्लिकार्जुन खड़गे  :हाउस ऑर्डर में नहीं था। आपने क्वैश्चन ऑवर में मौका नहीं दिया।...(व्यवधान) माननीय अध्यक्ष : कोई नोटिस नहीं था।

श्री मल्लिकार्जुन खड़गे :हाउस ऑर्डर में नहीं था।...(व्यवधान) माननीय अध्यक्ष : आप भी अपने आर्डर से नहीं बोल रहे थे। आपने जो नोटिस दिया,उस पर नहीं बोल रहे थे। …( व्यवधान)

HON. SPEAKER: I am sorry.                                                       

…( व्यवधान)

HON. SPEAKER: Please go back to your seats.

… (Interruptions)

माननीय अध्यक्ष : आपका माइक भी ऑन नहीं है। Please go back to your seats. … (Interruptions)

माननीय अध्यक्ष :  खड़गे जी,आपके लोग आपको बोलने नहीं देना चाहते हैं। मैं क्या करूं? …( व्यवधान)

माननीय अध्यक्ष : आपके अपने लोग आपको बोलने नहीं देना चाहते हैं। …( व्यवधान)

माननीय अध्यक्ष : खड़गे जी,उनको बोलिए कि आपकी मदद करें। सब अपनी सीट पर जाएं। मैं आपको अलाऊ कर रही हूं। आप अपनी सीट पर चले जाएं। …( व्यवधान)

माननीय अध्यक्ष : धर्मेन्द्र जी,मुझे मालूम है कि आपकी सीट कहां है। यह नेता जी की सीट है। आप अपनी सीट पर जाइए। …( व्यवधान)

माननीय अध्यक्ष : आप खड़गे जी की मदद कीजिए। अपने नेता की मदद कीजिए। …( व्यवधान)

माननीय अध्यक्ष :  बाद में जो भी हो। पहले अपने नेता का सम्मान कीजिए। …( व्यवधान)

   12.07 hrs.   At this stage, Kumari Sushmita Dev, Shri P. Karunakaran and some other hon. Members came and stood on the floor near the Table.   माननीय अध्यक्ष : कृपया आप सब शांत बैठ जाएं।

…( व्यवधान)

    माननीय अध्यक्ष : यहां से आवाज़ नहीं आएगी।

…( व्यवधान)

माननीय अध्यक्ष : क्या हुआ?

…( व्यवधान)

माननीय अध्यक्ष : खड़गे जी,बोलिए। कोई आवाज़ नहीं करेगा। सब चुप बैठेंगे। …( व्यवधान)

माननीय अध्यक्ष : खड़गे जी,क्या आप बोलना चाहेंगे?

…( व्यवधान)

माननीय अध्यक्ष : खड़गे जी को बोलने दीजिए।

…( व्यवधान)

माननीय अध्यक्ष : आप भी तो कल से एक महिला के पीछे पड़े हैं इसलिए महिलाएं नाराज़ हो रही हैं। प्लीज़ जाइए। …( व्यवधान)

माननीय अध्यक्ष : इनको बोलने दीजिए। क्या हो रहा है?आप क्यों नहीं जाते हैं? …( व्यवधान)

   12.08 hrs. At this stage, Kumari Sushmita Dev, Shri P. Karunakaran and some other hon. Members went back to their seats.   …( व्यवधान)

श्री मल्लिकार्जुन खड़गे :माननीय अध्यक्ष जी,आप भी दुखी हैं और हम भी दुखी हैं। ...(व्यवधान)ऐसे करके ठीक नहीं कर रहे हैं। ...(व्यवधान)   माननीय अध्यक्ष : कृपया चुप हो जाइए।

…( व्यवधान)

माननीय अध्यक्ष : यहां से आवाज आ रही है। यह अच्छी बात नहीं है। …( व्यवधान)

श्री मल्लिकार्जुन खड़गे :ये अपनी प्रूव्ड मेजोरिटी से हमें दबाना चाहते हैं।...(व्यवधान)They are provoking. Since you have got majority, you want to suppress us? We have seen many such days.… (Interruptions) इसलिए हमें दुख होता है कि एन्टायर ओपोजिशन आपसे रिक्वेस्ट कर रही थी कि प्रधानमंत्री से एक स्टेटमेंट दिलाइए। क्योंकि उनके एक मंत्री महोदय ने एक ऐसा स्टेटमेंट दिया...(व्यवधान) माननीय अध्यक्ष  : प्लीज उनको बोलने दीजिए।

…( व्यवधान)

HON. SPEAKER: I have allowed him.

… (Interruptions)

  माननीय अध्यक्ष  : यह क्या हो रहा है?

…( व्यवधान)

माननीय अध्यक्ष  : इसका मतलब है कि कोई भी बात न करना चाहते हैं, न सुनना चाहते हैं। …( व्यवधान)

 श्री मल्लिकार्जुन खड़गे :  अध्यक्ष महोदया,हम सिर्फ यही चाहते थे कि केवल इस सदन के नेता और नेता सबके हैं जब सदन में रहते हैं और देश के प्रधानमंत्री हैं और सभी के प्रधानमंत्री हैं। जब प्रधानमंत्री अपने मंत्रियों को कंट्रोल करने के लिए या उनको हिदायत देने के लिए उन्हीं का अख्तियार होता है,दूसरा कोई नहीं कर सकता। इसीलिए सारा सदन यह चाहता था कि ...(व्यवधान) माननीय अध्यक्ष  :  वे अपोजीशन की बात कर रहे हैं,अपनी बात कर रहे हैं। …( व्यवधान)

श्री मल्लिकार्जुन खड़गे  :  सारा देश यह चाहता है ...(व्यवधान)कि ऐसे वक्तव्य को कंडेम करने के लिए सारा देश अपेक्षा करता है। ...(व्यवधान)इसीलिए प्रधानमंत्री जी से हम चाहते थे। ...(व्यवधान)लेकिन इंटायर अपोजीशन आपसे रिक्वेस्ट करके उनके स्टेटमेंट के लिए प्रतीक्षा कर रहा था।...(व्यवधान) हम यह चाहते थे कि कम से कम आप हमारे रक्षण के लिए आएंगी। ...(व्यवधान)ऐसी घटना पहली बार नहीं हुई है। ...(व्यवधान)यदि सदन में 10 लोग आए तो हाऊस एडजर्न हुआ, ...(व्यवधान) 20 लोग थे तो भी एडजर्न हुआ ...(व्यवधान)और आप भी उस सबकी आई-विटनेस थीं और हैं। ...(व्यवधान)इसके बावजूद,आज 80-90 लोग ठहरकर,सभी पार्टियों के लोग आपसे भी विनती कर रहे थे, ...(व्यवधान)लेकिन मुझे यह लगा कि आज आपने भी मुझे परमिशन नहीं दिया। ...(व्यवधान)शायद,मैं यह तो नहीं कह सकता ...(व्यवधान)कि उनके दबाव में आकर आपने दिया होगा...(व्यवधान)मैं यह तो नहीं कह सकता कि आप उनके दबाव में आकर दिये हैं...(व्यवधान) माननीय अध्यक्ष  : खड़गे जी,आप भी थोड़ा शॉर्ट में अपनी कहिए,किसी को उत्तेजित न करें। …( व्यवधान)

माननीय अध्यक्ष  :  नहीं तो कोई भी रिकार्ड नहीं होगी।

...( व्यवधान) * माननीय अध्यक्ष  : यदि कोई गलत बात होगी,तो मैं देख लूंगी। …( व्यवधान)

माननीय अध्यक्ष  : आप चेयर को बोलते ही क्यों हैं? चेयर ने आपको कुछ नहीं बोला, चेयर को कोई नहीं बोलता। …( व्यवधान)

श्री मल्लिकार्जुन खड़गे  :  मैंने यह बोला कि आपने दबाव में आकर ऐसा किया, ...(व्यवधान)ऐसा मैंने नहीं बोला। ...(व्यवधान)मैं तो यह स्पष्ट बोल रहा हूँ। ...(व्यवधान)लेकिन यहाँ पर एक ऐसा वातावरण सृजित हुआ, ...(व्यवधान)हमें क्या महसूस हो रहा है,हमारी इतनी कोशिश करने के बाद भी एक घंटे तक यह चला रहा है, ...(व्यवधान)लेकिन आपने मुझे आशीर्वाद नहीं किया। ...(व्यवधान)मुझे अपनी बात कहने के लिए नहीं कहा। ...(व्यवधान)इससे मुझे बड़ा दुख हुआ। ...(व्यवधान)यह ठीक नहीं है,यदि ऐसा हुआ तो किस ढंग से डेमोक्रेसी चलना चाहिए। ...(व्यवधान)आप तो जानते हैं,आप से पहले भी इस सदन में पेपरवेट्स फेंके जाते थे,पेपर फाड़ा जाता था। ...(व्यवधान) माननीय अध्यक्ष  : वह चर्चा नहीं करनी है।

…( व्यवधान)

श्री मल्लिकार्जुन खड़गे  :  हमने शांतिपूर्ण ढंग से आपके सामने आए,अपने सभी विचार रखे।...(व्यवधान) लेकिन इतने शांतिपूर्ण ढंग से विचार रखने के बावजूद भी हमको मौका नहीं मिला। प्रधान मंत्री जी यहां आकर स्टेटमेंट क्यों नहीं दे रहे हैं?क्या वजह है?इसलिए मैं यह चाहता हूं कि इस ढंग से अगर सदन को चलाना चाहते हैं कि आपकी मेजॉरिटी है,कुछ भी कर सकते हैं,अगर उनके ऐसे विचार हैं तो यह डेमोक्रेसी के लिए बड़ा खतरा है।...(व्यवधान)मैडम,आपको इसे कंट्रोल करना चाहिए।...(व्यवधान)आप कस्टोडियन हैं,हरेक सदस्य की बात को उतनी ही सपोर्ट देनी चाहिए,जितनी उनकी बात को देती हैं। ...(व्यवधान) माननीय अध्यक्ष :  ठीक है,अब बैठिए।

…( व्यवधान)

श्री मल्लिकार्जुन खड़गे  :इसलिए सरकार के ऐसे एटीटय़ूड और बिहेवियर को हम कंडेम करते हैं।...(व्यवधान)उनकी यह आदत ठीक नहीं है।...(व्यवधान)इस सदन में हमेशा प्रधान मंत्री आकर ऐसे स्टेटमेंट देते रहे हैं।...(व्यवधान) माननीय अध्यक्ष :  ठीक है,बैठ जाइए।

…( व्यवधान)

श्री मल्लिकार्जुन खड़गे  :मैं यही बोलना चाहता हूं। इसीलिए मैं रिप्लाई चाहता हूं।...(व्यवधान) श्री सुदीप बन्दोपाध्याय (कोलकाता उत्तर): मैडम, मैं कुछ कहना चाहता हूं।...(व्यवधान) माननीय अध्यक्ष :  सुदीप जी,आपका कोई नोटिस नहीं है। मैं इसे एलाऊ नहीं करूंगी। …( व्यवधान)

माननीय अध्यक्ष :  नहीं,मैं सभी को एलाऊ नहीं करूंगी।

…( व्यवधान)

माननीय अध्यक्ष :  प्लीज आप लोग बैठ जाइए।

…( व्यवधान)

माननीय अध्यक्ष : खड़गे जी ने चेयर के लिए कुछ कहा है।

…( व्यवधान)

माननीय अध्यक्ष : आप बैठ जाइए,आपका कोई नोटिस नहीं है। प्लीज मेरी बात सुनिए। Now, I want to say something. … (Interruptions)

HON. SPEAKER: I am sorry. Nothing will go on record. (Interruptions) …* माननीय अध्यक्ष :  किसी की कोई नोटिस नहीं है,इसलिए आप लोग बैठ जाइए। …( व्यवधान)

माननीय अध्यक्ष : आप लोग बैठिए। पहले मेरी बात सुनिए। चेयर के बारे में कुछ कहा गया है।  You will have to sit and hear me.  … (Interruptions)

HON. SPEAKER: I am sorry.

… (Interruptions)

माननीय अध्यक्ष : आप शांति से बैठिए। प्लीज बैठ जाइए।

          करूणाकरण जी,आप बैठ जाइए। जब प्रश्न पूछने के लिए आपका नाम लिया,तब आप नहीं बोले। अब आप बैठ जाइए। …( व्यवधान)