Legal Document View

Unlock Advanced Research with PRISMAI

- Know your Kanoon - Doc Gen Hub - Counter Argument - Case Predict AI - Talk with IK Doc - ...
Upgrade to Premium
[Cites 0, Cited by 0]

Lok Sabha Debates

Regarding Reported Lodging Of An F.I.R. Against The Minister Of Railways By The ... on 21 December, 2004

12.06 hrs. Title: Regarding reported lodging of an F.I.R. against the Minister of Railways by the Election Commission for violating the model Code of Conduct.

प्रो. विजय कुमार मल्होत्रा (दक्षिण दिल्ली) : अध्यक्ष महोदय, कालिंग अटेंशन से पहले सारे देश का ध्यान इस तरफ आकर्षित हो रहा है कि एक केबिनेट मनिस्टर के खिलाफ इलैक्शन कमीशन ने एफ.आई.आर. लाज़ की है। ऐसा इतिहास में कभी नहीं हुआ है।…( व्यवधान) एक दागी मंत्री के बारे में बात अलग है और दागी मंत्रियों को रखकर सारी सरकार दागी बनी हुई है, वह बात अलग है। परन्तु यहां पर इलैक्शन कमीशन किसी एक मंत्री के खिलाफ एफ.आई.आर. लाज़ करे और वह मंत्री जिस तरह से बयान दे रहे हैं, जिस तरह से वहां पर इम्यूनिटी के साथ इसका उल्लंघन कर रहे हैं और अहंकार के साथ कह रहे हैं कि मुझे इससे कोई फर्क नहीं पड़ता, यह बहुत ही गम्भीर मामला है। प्रधानमंत्री जी को बताना चाहिए कि वे ऐसे मंत्री को कब तक रखेंगे, कैसे रखेंगे, क्या कार्रवाई उन्होंने की है…( व्यवधान) या प्रधानमंत्री जिम्मेदार हैं।…( व्यवधान)

अध्यक्ष महोदय : आप एक-एक करके बोलिये। आप बैठिये। Your Deputy-Leader is speaking. Allow him to continue. He has not yet finished his version.

… (Interruptions)

MR. SPEAKER: Your Deputy-Leader is speaking. Please do not get up now. Let us do it now. Prof. Malhotra has my permission to speak. Please do not disturb him, उनको बोलने दीजिए।

...( व्यवधान)

MR. SPEAKER: Let him conclude now.

प्रो. विजय कुमार मल्होत्रा : अध्यक्ष जी, मैं यह बात कह रहा था कि किसी एक मंत्री के खिलाफ इलैक्शन कमीशन एफ.आई.आर. लाज़ कर रहा है और उनको अपराधी घोषित कर दिया है तो क्या ऐसे अपराधी मंत्रिमंडल में बने रहेंगे, क्या मंत्रिमंडल से उनको यहां से हटाया जायेगा?

अध्यक्ष महोदय : आप बैठिये।

प्रो. विजय कुमार मल्होत्रा : यहां पर लीडर ऑफ दि हाउस बैठे हैं, प्रधानमंत्री को आकर इसके बारे में बताना चाहिए कि इस मंत्री को कब तक वे बर्दाश्त करेंगे और उनके खिलाफ क्या कार्रवाई करेंगे? जब तक यहां पर यह नहीं होता…( व्यवधान)

अध्यक्ष महोदय : आप एक-एक करके बोलिये। उनको अपनी बात खत्म करने दीजिए।

...( व्यवधान)

MR. SPEAKER: I will call you.

प्रो. विजय कुमार मल्होत्रा : यह हिन्दुस्तान के इतिहास में पहली बार अनप्रीसिडेंटिड बात हुई है और इतनी बड़ी बात पर भी सब लोग मौन साध कर बैठ जायें, सब इसके ऊपर चुप्पी साध लें, यह बहुत ही आपत्तिजनक है। हम चाहते हैं कि प्रधानमंत्री जी आकर इसके बारे में स्पष्टीकरण करें कि उनको कब हटाएंगे और अभी तक उनका त्याग-पत्र क्यों नहीं लिया गया?

MR. SPEAKER: I am requesting everybody to appreciate that whatever one hon. Member says, it is not necessarily binding on others. You can refute that later. I will call again Shri Sushil Modi. I have assured him. I will call him. I will call Shri Prabhunath Singh also. I will call all of you. Let us proceed. Let us hear each other. We need not agree to each other but let us hear each other. That is my appeal to all of you.

श्री सुशील कुमार मोदी (भागलपुर) : अध्यक्ष महोदय, मैंने भी नोटिस दिया था।…( व्यवधान)

अध्यक्ष महोदय : आपने नोटिस दिया है, आपके लीडर बोले हैं। मैं एक-एक करके बुलाऊंगा। सुशील मोदी जी, क्या बात है, मैं आपको जरूर सुनूंगा। मैंने यह तो नहीं बोला कि आपको नहीं सुनूंगा।

श्री रघुनाथ झा (बेतिया) : माननीय अध्यक्ष महोदय, यह बात ठीक है कि राष्ट्रीय जनता दल के राष्ट्रीय अध्यक्ष लालू प्रसाद यादव जी ने…( व्यवधान)

श्री सुशील कुमार मोदी : इन्होंने नोटिस दिया है क्या?…( व्यवधान)

श्री रघुनाथ झा : हां, दिया है।…( व्यवधान)

अध्यक्ष महोदय : हाउस को थोड़ा कंट्रोल करने दीजिए। आप भी थोड़ा ब्रीफ में बोलिये।

श्री रघुनाथ झा : जी हां, ब्रीफ में बोलूंगा। महोदय, यह बात सही है कि हमारे नेता लालू प्रसाद यादव जी ने, जो आ रहे थे, तो गरीबों ने और विशेषकर गरीब महिलाओं ने घेरा और उनसे मांग की कि हमें मिठाई खाने के लिए पैसा दीजिए। उन्होंने गरीबों को पैसा दिया। उन्होंने बंगारू लक्ष्मण की तरह पैसा लिया नहीं। महोदय, लालजी टंडन जी माननीय पूर्व प्रधानमंत्री श्री अटल बिहारी वाजपेयी के इलैक्शन एजेण्ट थे, इलैक्शन डिक्लेयर हो चुका था, लेकिन वे इलैक्शन के टाइम पर साड़ियों का वितरण कर रहे थे। इन सारी चीजों पर क्या कार्रवाई हुई। इस तरह से जो बात हुई, जो केस हुआ है, उसकी जांच हो रही है। जांच होगी, बात होगी, उसका फैसला होगा, उससे कौन घबराता है। घबराते तो आप हैं कि आपका जनसमर्थन गया है, आप सदा के लिए खत्म हो गये हैं।…( व्यवधान)

अध्यक्ष महोदय : आप बाद में बोलिये, I will call you later on.

… (Interruptions)

MR. SPEAKER: Hon. Members, I am giving opportunity to everybody. I request that let us develop the habit of listening to each other and then controvert, if you want.

Now, Shri Sushil Kumar Modi.

… (Interruptions)

MR. SPEAKER: Do not disturb one of your colleagues.

… (Interruptions)

MR. SPEAKER: Shri Prabhunath Singh, I have said that I will call you. Please take your seat now.

श्री सुशील कुमार मोदी : अध्यक्ष महोदय, संसदीय इतिहास में यह पहली घटना है कि किसी केन्द्रीय मंत्री पर १७१ (बी) के तहत मामला दर्ज किया जाए यानी यह कोई मुकदमा नहीं है, रिश्वत देने के आरोप में आपराधिक मुकदमा दर्ज किया गया है। पूरी दुनिया ने देखा कि नोटों की गडि्डयों को गोद में रखकर किस तरह श्री राम विलास पासवान के समर्थक, जो दलित थे, उनके द्वारा वोट खरीदने के लिए पैसा बांटा गया।…( व्यवधान) अभी तक लालू जी को केवल कैमरे पर पैसा बांटते हुए पकड़ा गया है। कल अगर उनको पैसा लेते हुए भी पकड़ा जाएगा तो कोई आश्चर्य की बात नहीं होगी।

मैं मांग करूंगा कि प्रधान मंत्री जी ऐसे मंत्री को मंत्रिमंडल से तत्काल बरखास्त करें। लालू जी जो ड्रामा कर रहे हैं कि मिठाई खाने के लिए पैसा दे रहे थे, वे बताएं कि क्या वे अपनी तनख्वाह से पैसा बांट रहे थे?…( व्यवधान) वे पैसा कहां से लाए? बिहार के गरीब लोगों के पास खाने के लिए अनाज नहीं है और लालू जी मिठाई खाने के लिए पैसा बांट रहे हैं। …( व्यवधान) लालू जी ने डर के मारे रैली स्थगित कर दी क्योंकि भीड़ नहीं जुटेगी। रेल को रोक दिया गया।…( व्यवधान) अब आपकी पोल खुल गई है कि भीड़ नहीं जुटा पाएंगे। इसलिए आपने रैली स्थगित करने का नाटक किया।…( व्यवधान) हमारी मांग है कि लालू जी को मंत्रिमंडल से अविलम्ब बरखास्त किया जाए।…( व्यवधान)

अध्यक्ष महोदय : मैंने आपको बोलने का पूरा मौका दिया है।

...( व्यवधान)

श्री देवेन्द्र प्रसाद यादव (झंझारपुर) : अध्यक्ष महोदय, मैं सुशील मोदी जी का नाम नहीं लेना चाहता लेकिन संसदीय इतिहास का जिक्र करने से पहले मैं पूछना चाहता हूं कि मोदी जी का संसदीय जीवन कितने दिन का है? पूरे एनडीए कार्यकाल में कितने ही मंत्री थे जिन पर एफआईआर दर्ज हुई। माननीय वाजपेयी जी यहां बैठे हुए हैं। क्या इनका इस्तीफा हुआ? एफआईआर होना ही सफशिएंट नहीं है। उसकी जांच होगी। यहां तक कि आडवाणी जी पर भी चार्जशीट थी।…( व्यवधान) वे देश के गृह मंत्री रह चुके हैं। यह नए प्रसिडैंस की बात नहीं है। मैं जानना चाहता हूं कि एनडीए में जो मंत्री चार्जशीटेड थे या जिनके ऊपर एफआईआर दर्ज हुई थी, क्या उन्होंने इस्तीफा दिया था?…( व्यवधान) यह देश देख रहा है।…( व्यवधान)

MR. SPEAKER: You have made your point.

श्री देवेन्द्र प्रसाद यादव : ये लोग हताशा में हैं। गरीब किसान, मजदूर गोलबंद हुए हैं। उनकी हताशा में यह लोग जी रहे हैं। इनके ऐसे जीने से वोट पर कोई असर नहीं पड़ेगा। एफआईआर की जांच हो जाए। हम लोग युनाव आयोग का सम्मान करते हैं, आचार-संहिता का सम्मान करते हैं। रैली को इसलिए स्थगित किया गया है ताकि आचार-संहिता का पूरी तरह पालन हो सके।...( व्यवधान)

MR. SPEAKER: Shri Harin Pathak, please take your seat.

The hon. Power Minister has to go to the other House. He wants to make a statement. So, I am allowing him now.

_______ 12.15 hrs. Re: Reported lodging of an F.I.R. against the Minister of Railways by the Election Commission for violating the modelCode of Conduct- Contd.

अध्यक्ष महोदय : मैंने कहा है कि आपकी बात सुनूंगा लेकिन आप सुनते नहीं हैं। आप थोड़ा धीरज रखिए। मैंने प्रभुनाथ सिंह जी को कहने के बाद उनको बुलाया है।

...( व्यवधान)

MR. SPEAKER: The issue is not over. The same issue is going on. I have not closed it. Shri Prabhunath Singh.

श्री प्रभुनाथ सिंह (महाराजगंज, बिहार) : अध्यक्ष महोदय, हमने रेल पटरी उजड़ने के संबंध में नोटिस दिया था और यह आग्रह भी किया था कि हमें बोलने के लिए पहला नम्बर दिया जाये। मेरी आपसे प्रार्थना है कि इस इश्यू के बाद हमें वह विषय उठाने के लिए बुलाया जाये।

अध्यक्ष महोदय, हम आपसे कहना चाहते हैं कि आचार-संहिता को तोड़ने के लिए श्री लालू यादव के खिलाफ एफआईआर दर्ज हुई है। …( व्यवधान)

अध्यक्ष महोदय : आप लोग क्यों नहीं सुनते?

...( व्यवधान)

MR. SPEAKER: We must develop the habit of listening to others also. हम सबको बोलने का मौका देंगे लेकिन आप पहले कोआपरेट कीजिए।

...( व्यवधान)

श्री प्रभुनाथ सिंह : अध्यक्ष महोदय, टी.वी. पर श्री लालू यादव को दस हजार रुपये की गड्डी में से सौ-सौ रुपये के नोट बांटते हुए दिखाया गया है। चुनाव आयोग ने पूरे बिन्दुओं पर समीक्षा करके उनके खिलाफ एफआईआर दर्ज करने का निर्देश दिया और श्री लालू यादव के खिलाफ एफआईआर दर्ज हुई। अभी माननीय सदस्य कह रहे थे कि वह पैसे ले नहीं रहे थे बल्कि दे रहे थे। मेरा कहना है कि रिश्वत लेना और रिश्वत देना, दोनों अपराध हैं। चुनाव आयोग की पूर्ण समीक्षा के बाद एफआईआर दर्ज हुई है। माननीय सदस्य कहते हैं कि दूध का दूध और पानी का पानी हो जायेगा। इस बारे में बिहार पुलिस जांच कर रही है। चुनाव के बाद चुनाव आयोग अपना काम करेगा और बिहार पुलिस श्री लालू यादव के इशारे पर उस केस को फाइनल करेगी, यह हम आपको बता देना चाहते हैं। मैं आपसे निवेदन करना चाहता हूं कि चुनाव आयोग ने जो नोटिस जारी किया है, पूरे बिहार में जितने भी सरकारी होर्डिंग लगे हुए थे, उन सबको मिटाकर श्री लालू यादव ने अपने बैनर लगा दिये हैं, होर्डिंग लगा दिये हैं। अगर सही ढंग से चुनाव आयोग जांच करे तो बिहार के हर प्रखंड में श्री लालू यादव और राजद के लोगों पर एफआईआर दर्ज करनी पड़ेगी। श्री लालू यादव ही रुपया नहीं बांट रहे थे। …( व्यवधान) बिहार के जितने भी मंत्री हैं, वे सब अपने-अपने इलाके में रुपया बांटकर लोगों को लाने का काम कर रहे हैं। लेकिन संयोग से मीडिया के सामने श्री लालू यादव ही पड़ गये। इस नोटिस के आधार पर हम आपके माध्यम से चुनाव आयोग से निवेदन करना चाहेंगे कि श्री लालू यादव की राष्ट्रीय जनता पार्टी का रजिस्ट्रेशन रद्द किया जाये ताकि वह चुनाव न लड़ सकें। …( व्यवधान)

MR. SPEAKER: You have very strongly raised this matter and I have allowed you to raise it. But you have yourself admitted that this is a matter for the Election Commission to decide.

… (Interruptions)

प्रो. विजय कुमार मल्होत्रा (दक्षिण दिल्ली) : अगर रजिस्ट्रेशन वाला मामला है तो ठीक है।

श्री प्रभुनाथ सिंह : अध्यक्ष महोदय, मैंने सदन के माध्यम से निवेदन किया है। …( व्यवधान)

अध्यक्ष महोदय : आपने निवेदन किया, ठीक है, लेकिन यह उनका अधिकार है।

SHRI P.C. THOMAS (MUVATTUPUZHA): Sir, there are two very serious issues involved. One is that we are all hanging our heads in shame because of the allegation which has come and the admission that has been made that money was distributed and that also after the election notification has been made for Bihar. That is the first thing. It is a case of bribery and misconduct.

Secondly, there is another issue also that the hon. Railway Minister has admitted and said that giving money to Dalits is no bribery. I think, this is a dishonour to the whole Dalit community of India. Giving money to Dalits is no bribery, what is that? … (Interruptions) This has to be differentiated like that also. This is a very serious issue. It has got another very serious aspect of it… (Interruptions) If you are giving money to other community, it is bribe… (Interruptions)

MR. SPEAKER: Other hon. Members have said that.

SHRI P.C. THOMAS : These two are very serious issues. This is a matter regarding the collective responsibility of the Government. The hon. Prime Minister should come and respond to this. This is a matter where the Prime Minister should say why he is retaining this Minister in his Council of Ministers in spite of all the cases, in spite of the privilege motion, in spite of all the allegations and admissions, which have come up. I am very ashamed to be here that some Members openly say, ‘yes, we have distributed money’. This is a very serious issue.

MR. SPEAKER: You have made your point very forcefully.

SHRI P.C. THOMAS : Sir, I would submit that the hon. Prime Minister should come to this House and make a statement on this issue.

MR. SPEAKER: I do not want any mutual recriminations.

… (Interruptions)

मोहम्मद सलीम (कलकत्ता-उत्तर पूर्व) : चुनाव प्रक्रिया सही ढंग से हो, इसके लिए संवैधानिक तौर पर चुनाव आयोग है। इस देश के लोक तंत्र में और इस सदन में जब चुनकर आते हैं, इस चुनाव प्रक्रिया को सही तरीके से सम्पन्न करने के लिए चुनाव आयोग है। मैं बार-बार कहता हूं कि एक के मामले में दूसरा अगर दखलंदाजी करता है तो इससे लोकतांत्रिक परम्परा में बाधा पड़ेगी। चाहे साड़ी बांटना हो, चाहे कम्बल बांटना हो, या मशीन बांटना हो या रुपये बांटना हो, हम वामपंथी इसके विरोध में हैं। लेकिन चुनाव आयोग को इसके बारे में फैसला लेना चाहिए और सदन को गुमराह करने के लिए या इसको बिहार असैम्बली बनाने के लिए हमको किसी को इस मौके का इस्तेमाल नहीं करने देना चाहिए क्योंकि बिहार में अभी चुनाव होने हैं। संसद में और बहुत से मुद्दे हैं। …( व्यवधान) उनसे हटकर हम बिहार के चुनाव में इसका इस्तेमाल करें, यह गलत है।…( व्यवधान)

श्री हरिन पाठक (अहमदाबाद) : अध्यक्ष महोदय, बिहार में चुनाव की घोषणा हो गई।…( व्यवधान)

अध्यक्ष महोदय : आपके मैम्बर को बुलाते हैं तब भी आप डिसटर्ब करते हैं।

…( व्यवधान)

श्री हरिन पाठक : बिहार में चुनाव की घोषणा हो गई। उसी दिन चुनाव आयोग ने यह भी तय कर लिया कि आचार संहिता लागू होगी। यहां पर प्रश्न यह है कि इस कांड के दो हिस्से हैं। एक यह है कि चुनाव आयोग ने प्राथमिक इंफॉर्मेशन लेकर एफ.आई.आर. दर्ज की, वह चुनाव आयोग का काम है। दूसरी बात यह है कि इस हाउस का सदस्य तथा केन्द्र सरकार का एक मंत्री है जो कि उसी के राज्य में चुनाव है, वह खुद पैसा बांटे, इस सदन की गरिमा और इस सदन की परम्परा और सरकार के लिए प्रश्न चिन्ह खड़ा करता है। हम चुनाव आयोग से यह कहेंगे कि चुनाव आयोग अपना काम करे मगर केन्द्र सरकार के मुखिया के नाते प्रधान मंत्री का यह दायित्व है क…( व्यवधान)

MR. SPEAKER: Nothing will be recorded except what Shri Harin Pathak says.

(Interruptions)* श्री हरिन पाठक : प्रधान मंत्री का यह दायित्व है कि वह अपने मंत्री के खिलाफ चुनाव आयोग ने जिस प्रकार से एफ.आई.आर. दर्ज की है, वह सदन में आकर इतने गंभीर अपराध के बारे में अपना बयान दें और उस मंत्री को तुरंत ही अपने पद से इस्तीफा देने के लिए कहें।…( व्यवधान) देवेन्द्र यादव जी ने मेरे नाम का उल्लेख किया।…( व्यवधान)

श्री रघुनाथ झा (बेतिया) : अध्यक्ष महोदय, माननीय सदस्य जो कह रहे हैं, प्रधान मंत्री …( व्यवधान)

अध्यक्ष महोदय : रघुनाथ झा जी, आप बैठिए।

…( व्यवधान)

श्री हरिन पाठक : अध्यक्ष जी, मेरे नाम का उल्लेख देवेन्द्र यादव जी ने एन.डी.ए. के मंत्री के नाते किया। मैं सदन को बताना चाहता हूं कि एक आंदोलन के केस में मुझे तत्कालीन सरकार ने झूठा फंसाया था। मुझ पर जब चार्जशीट फ्रेम हुई, जब मैं मंत्री था, …( व्यवधान) चार्ज होना और चार्जशीट फ्रेम होना,…( व्यवधान) मुझ पर जब चार्जशीट फ्रेम हुई, मैंने तुरंत ही इस्तीफा दे दिया था। आपके जो दागी मंत्री हैं।…( व्यवधान) उन सभी दागी मंत्रियों पर चार्ज फ्रेम हो चुका है। अदालत ने उस पर कार्रवाई की है, कुछ बेल पर हैं, कुछ को अदालत ने सजा भी दी है। हम उन्हीं का आज इस्तीफा मांगते हैं। मैंने तो इस्तीफा दे दिया था।…( व्यवधान) वे इस्तीफा क्यों नहीं देते हैं ? …( व्यवधान)

*Not Recorded.

   

Charges were framed by the Court in my case. When charges were framed, I immediately resigned. When all the charges were quashed by the High Court, then I was re-inducted. He is one of the Ministers, who has been charge-sheeted by the Court. Still, he has not resigned.

MR. SPEAKER: Has the Government anything to say? I cannot compel anybody but if the Government wish to say, they can say. It cannot go on indefinitely.

The hon. Leader of the House wants to say something.

THE MINISTER OF DEFENCE (SHRI PRANAB MUKHERJEE): Sir, the point has been raised by Prof. Vijay Kumar Malhotra and other hon. Members in regard to an FIR filed against Shri Lalu Prasad Yadav, Railway Minister for the violation of the model code of conduct.

Sir, as you yourself have very correctly observed, whenever a model code of conduct is in operation at that moment the matter comes within the purview of the Election Commission, which is a constitutional body, it is for the Election Commission to decide whether somebody has violated the model code of conduct, and what appropriate action the Election Commission should take. It is for the Election Commission to decide. Simply because somebody is a Central Minister, it does not become the subject of Parliament. He is also a leader of an important and recognised political Party which has representation here and which is running a State Government. It is for the Election Commission to decide, and neither the Prime Minister nor anybody else to decide… (Interruptions)

MR. SPEAKER: Let him complete.

… (Interruptions)

SHRI PRANAB MUKHERJEE: I have not yet completed.

Please have patience. I have not yet completed.

Sir, the question of collective responsibility, responsibility of the Prime Minister about the conduct of his Cabinet colleague does not arise because the Election Commission have not conclusively found somebody guilty. And when the Election Commission will find somebody guilty, then that case will come, at this stage it does not arise. … (Interruptions)

MR. SPEAKER: It cannot go on unending.

… (Interruptions)

MR. SPEAKER: I have allowed you to raise it.

… (Interruptions)

PROF. VIJAY KUMAR MALHOTRA : Sir, we are not satisfied with the reply. … (Interruptions)

SHRI ANANTH KUMAR (BANGALORE SOUTH): Sir, the Prime Minister should come and make a statement. … (Interruptions)

MR. SPEAKER: Shri Vajpayee ji wants to say something. Let us hear him.

प्रो. विजय कुमार मल्होत्रा : प्रधान मंत्री जी को यहां आकर स्थिति स्पष्ट करनी चाहिए।…( व्यवधान)

श्री अनंत गंगाराम गीते (रत्नागरि) : यह सदन की गरिमा के साथ-साथ देश की भी गरिमा का सवाल है…( व्यवधान)

MR. SPEAKER: Let us hear each other. You should also respect and hear the senior leader when he is speaking. आप लोग बैठिए। वाजपेयी जी बोलना चाहते हैं।

श्री अटल बिहारी वाजपेयी (लखनऊ) : अध्यक्ष महोदय, इस मामले में कुछ तथ्य हैं। उन तथ्यों पर विचार होना चाहिए। कुछ निष्कर्ष हैं, जिनके अनुसार काम होना चाहिए। अभी सदन के नेता बोल रहे थे। उन्होंने माना कि कुछ गड़बड़ हुई है।…( व्यवधान)

MR. SPEAKER: Nothing will go on record except what Shri Atal Bihari Vajpayee says.

(Interruptions) …* MR. SPEAKER: You show some respect to him. Shri Vajpayee ji is speaking. Please show some respect to him.

… (Interruptions)

*Not Recorded.

 

श्री अटल बिहारी वाजपेयी : इस बात से कोई इनकार नहीं कर सकता कि वहां मिठाई बांटी गई थी।…( व्यवधान)

श्री देवेन्द्र प्रसाद यादव (झंझारपुर) : कभी साड़ियां भी बांटी गई थीं।…( व्यवधान)

श्री अटल बिहारी वाजपेयी : मिठाई कौन सी थी इस पर मतभेद हो सकता है, लेकिन यह माना गया है कि वहां मिठाई बांटी गई थी। चुनाव के दिनों में इस तरह से मिठाई बांटना और फिर उसका समर्थन करना और यह कहना कि कलेक्टिव रिसपाँसबलिटी की बात नहीं है, एक मंत्री द्वारा ऐसा किया जा रहा है। उसने कानून का उल्लंघन किया है । उसके खिलाफ एफ.आई.आर. दर्ज हुई है । क्या यह नैतिकता का तकाजा नहीं कि ऐसे मंत्री को छुट्टी दे दी जाए। अध्यक्ष महोदय, आप स्वीकार करेंगे कि कानून अपनी जगह है, मगर आचरण में नैतिकता का एक अलग स्थान है।…( व्यवधान)

अध्यक्ष महोदय : यह क्या हो रहा है, हम कोशिश कर रहे हैं और हाथ जोड़ कर कोशिश कर रहे हैं कि कृपया बीच में न बोलें।

…( व्यवधान)

अध्यक्ष महोदय : वाजपेयी जी बोल रहे हैं, आप उन्हें सुनिए।

श्रीमती कृष्णा तीरथ (करोल बाग) : वाजपेयी जी को ठीक बोलना चाहिए।…( व्यवधान)

MR. SPEAKER: Why is this impatience? I am myself saying that nobody can dictate what the other hon. Member will say. If you do not like it, when your chance comes you refute it. Please do not make any running commentary. Please do not interrupt.

… (Interruptions)

MR SPEAKER: Shri Vajpayee ji, if you want to say something more, you can.

SHRI ATAL BIHARI VAJPAYEE : Sir, may I complete?

MR. SPEAKER: Shri Vajapee ji, you complete your observation. I am requesting all the hon. Members to listen him.

श्री अटल बिहारी वाजपेयी : यह बात स्वीकार की जा चुकी है कि वहां एक सौ रुपए के नोट बांटे गए।…( व्यवधान) क्या कोई मंत्री महोदय या सदन के नेता इसको चुनौती देते हैं कि वहां एक सौ रुपए के नोट नहीं बांटे गए।

श्री रघुनाथ झा : उन्होंने तो खुद स्वीकार किया है। उससे इनकार करने की क्या जरूरत है…( व्यवधान)

MR. SPEAKER: Only Shri Atal Bihari Vajpayee’s observation will go on record.

(Interruptions)* MR. SPEAKER: His observation is not being recorded. Only your statement will go on record.

श्री अटल बिहारी वाजपेयी : वहां नोट बांटे गये, यह बात स्वीकार कर ली गयी है। नोटों का वितरण किस भले काम के लिए हुआ, कौन सा शुभ काम लालू जी करने जा रहे थे, जो नोटों का बांटना जरूरी था। कोई उत्तर आपके पास है?

श्री रघुनाथ झा : वहां पर लालू जी को औरतों ने घेरा और कहा कि आप रेल मंत्री बन गये हैं, मिठाई खिलाओ…( व्यवधान)

MR. SPEAKER: Shri Atal Bihari Vajpayee himself is speaking. I want to listen to him very intently. आप लोग बैठिये, आप लोग क्या कर रहे हैं? आप लोग क्यों परेशान हो जाते हैं, जब आपके नेता बोल रहे है हम लोग उनको भी बोल रहे हैं। Do not be unfair to me. I am asking them to sit down. I am saying that anything stated will not be recorded so long as he is on his legs. What more can I do? Can I go and jump?

… (Interruptions)

MR. SPEAKER: Please listen. Let us have mutual respect.

… (Interruptions)

MR. SPEAKER: You are compelling me to take action against you. I will take action against you. I warn you. This has become a fashion. आप चेयर की बात सुनने को राजी नहीं है, किसी लीडर की बात सुनने को राजी नहीं हैं। क्या इसके लिए चेयर की जरुरत नहीं है, स्पीकर की जरुरत नहीं है। इस रनिंग कमेंटरी की क्या जरुरत है?

श्री अटल बिहारी वाजपेयी : अध्यक्ष जी, आप ऐसा मत कहिये कि स्पीकर की जरुरत नहीं है।

अध्यक्ष महोदय : आप बोलिये, हम आपको सुनना चाहते हैं।

श्री अटल बिहारी वाजपेयी : अध्यक्ष जी, एक मामला उठाया गया, सार्वजनिक महत्व का मामला है। चुनाव हो रहे हैं और चुनाव में एक आचार-संहिता लागू हो गयी है। अब अगर नोट बांटे जाते हैं …( व्यवधान)

*Not Recorded.

 

MR. SPEAKER: Who is talking? Who has the courage to say that? Stand up here.

श्री अटल बिहारी वाजपेयी : अगर नोट बांटे जाते हैं तो गरीबी दूर करने के लिए नोट नहीं बांटे जा रहे हैं, चुनाव को ध्यान में रखकर नोट बांटे जा रहे हैं। यह गंभीर आरोप है। जिस मंत्री ने यह काम किया है वह इसको बुरा नहीं मान रहा है । वह इसके लिए लज्जित नहीं है। वह कहता है कि अगर गरीब लोगों को खाने के लिए, मिठाई के लिए पैसे दे दिये तो इसमें कौन सी बुराई है? …( व्यवधान)

MR. SPEAKER: Nothing is being recorded. You can speak.

श्री अटल बिहारी वाजपेयी : तो फिर चुनाव में कोई आचार-संहिता नहीं चलेगी…( व्यवधान) यह गलत है। इसलिए हम प्रधान मंत्री जी से उम्मीद करते हैं, नेता सदन ने तो हमें निराश किया है लेकिन अभी हमें थोड़ी सी आशा प्रधान मंत्री जी से है।

MR. SPEAKER: I think we have had full discussion. Would you like to add anything?

SHRI PRANAB MUKHERJEE: I would like to add one point to whatever Shri Atal Bihari Vajpayee has said. He is a senior respected leader. The only limited point on which I want to say is that the matter is within the purview of the Election Commission which is the Constitutional authority. Therefore, let Parliament not interfere with the legitimate function of a Constitutional authority like the Election Commission. … (Interruptions)

MR. SPEAKER: We had a full discussion here. More than half-an-hour has been taken. I have allowed a full discussion. Shri Atal Bihari Vajpayee has made his observation. The Leader of the House has made his observation. I cannot take a decision. It is entirely for the Election Commission. Therefore, let us go on with the other business.