State Consumer Disputes Redressal Commission
U P P C L vs Balram Pandey on 7 September, 2021
Cause Title/Judgement-Entry STATE CONSUMER DISPUTES REDRESSAL COMMISSION, UP C-1 Vikrant Khand 1 (Near Shaheed Path), Gomti Nagar Lucknow-226010 Revision Petition No. R/2013/39 ( Date of Filing : 15 Apr 2013 ) (Arisen out of Order Dated in Case No. of District State Commission) 1. U P P C L a ...........Appellant(s) Versus 1. Balram Pandey A ...........Respondent(s) BEFORE: HON'BLE MR. SUSHIL KUMAR PRESIDING MEMBER HON'BLE MR. Vikas Saxena JUDICIAL MEMBER PRESENT: Dated : 07 Sep 2021 Final Order / Judgement
राज्य उपभोक्ता विवाद प्रतितोष आयोग ए , उ 0 प्र 0 , लखनऊ।
मौखिक पुनरीक्षण सं0-३९/२०१३ (जिला फोरम/आयोग, जौनपुर द्वारा परिवाद सं0-२००/२०११ में पारित प्रश्नगत आदेश दिनांक १९-१२-२०१२ के विरूद्ध)
१. यू0पी0 पावर कारपोरेशन लि0, लखनऊ द्वारा अध्यक्ष/चेयरमेन एवं तीन अन्य।
...........पुनरीक्षणकर्तागण/विपक्षीगण।
बनाम
१. बलराम पाण्डेय पुत्र श्री हरिहर नाथ।
२. इन्द्रा देवी पत्नी श्री बलराम पाण्डेय।
दोनों निवासीगण मौजा पाण्डेयपुर, पोस्ट आफिस भीकपुर, परगना मुंगरा, तहसील मछली शहर, जिला जौनपुर। .............प्रत्यर्थीगण/परिवादीगण।
समक्ष:-
१- मा0 श्री सुशील कुमार, सदस्य।
२- मा0 श्री विकास सक्सेना, सदस्य।
पुनरीक्षणकर्ता की ओर से उपस्थित : श्री दीपक मेहरोत्रा विद्वान अधिवक्ता।
प्रत्यर्थीगण/परिवादीगण की ओर से उपस्थित : कोई नहीं।
दिनांक :- ०७-०९-२०२१ .
मा 0 श्री सुशील कुमार , सदस्य द्वारा उदघोषित निर्णय
१. यह पुनरीक्षण आवेदन, जिला फोरम/आयोग, जौनपुर द्वारा परिवाद सं0-२००/२०११ बलराम पाण्डेय व अन्य बनाम उ0प्र0 पावर कारपोरेशन लखनऊ व अन्य में पारित प्रश्नगत आदेश दिनांक १९-१२-२०१२ के विरूद्ध योजित किया गया है।
२. पुनरीक्षणकर्तागण के विद्वान अधिवक्ता श्री दीपक मेहरोत्रा उपस्थित हैं। प्रत्यर्थीगण की ओर से कोई उपस्थित नहीं है। सुना गया। पत्रावली का अवलोकन किया गया।
३. प्रश्नगत आदेश द्वारा जिला फोरम/आयोग ने परिवाद को स्वयं द्वारा संधारणीय मानते हुए विपक्षी द्वारा प्रस्तुत प्रार्थना पत्र खारिज कर दिया।
४. इस आदेश को इन आधारों पर चुनौती दी गई है कि जिला फोरम/आयोग ने गलत आदेश पारित किया है क्योंकि परिवादी उपभोक्ता नहीं है। अपने तर्क के समर्थन में पुनरीक्षणकर्ता की ओर से नजीर आन्ध्र प्रदेश ईस्टर्न पावर डिस्ट्रीबूशन कं0 लि0 बनाम जन्नी सुरम्मा व अन्य, I (2016) CPJ 558 (NC) प्रस्तुत की गई है, जिसमें यह -२- व्यवस्था दी गई है कि मृतक गॉंव के बाहर लकड़ी काटने के लिए जा रहा था तब दुर्घटनावश उच्च श्रेणी के विद्युत तार से छू गया और मौके पर ही मर गया। यह साबित करने के लिए कोई साक्ष्य/अभिलेख नहीं मौजूद था कि यह लाइन मृतक के घर के नजदीक थी और इसी लाइन से मृतक के निवास पर विद्युत आपूर्ति की जा रही थी। इसलिए परिवादी को उपभोक्ता नहीं माना गया।
५. प्रस्तुत केस के तथ्य उपरोक्त नजीर के तथ्यों से भिन्न हैं। प्रश्नगत परिवाद में यह उल्लेख है कि परिवादी के नाम ग्राम पाण्डेयपुर में कृषि भूमि है और सिंचाई शुल्क जमा करता है। गॉंव में स्थित ट्यूबवेल से परिवादी द्वारा अपने खेतों की सिंचाई की जाती है।
६. ऐसी स्थिति में जिला फोरम/आयोग द्वारा पारित प्रश्नगत आदेश उचित है और उसमें किसी प्रकार के हस्तक्षेप की आवश्यकता नहीं है। तद्नुसार यह पुनरीक्षण आवेदन निरस्त किए जाने योग्य है।
आदेश
७. पुनरीक्षण आवेदन निरस्त किया जाता है।
८. पुनरीक्षण व्यय उभय पक्ष अपना-अपना वहन करेंगे।
९. उभय पक्ष को इस निर्णय की प्रमाणित प्रति नियमानुसार उपलब्ध करायी जाय।
१०. वैयक्तिक सहायक से अपेक्षा की जाती है कि वह इस निर्णय को आयोग की वेबसाइट पर नियमानुसार यथाशीघ्र अपलोड कर दें।
(सुशील कुमार) (विकास सक्सेना) सदस्य सदस्य
११. निर्णय आज खुले न्यायालय में हस्ताक्षरित, दिनांकित होकर उद्घोषित किया गया।
(सुशील कुमार) (विकास सक्सेना) सदस्य सदस्य प्रमोद कुमार वैय0सहा0ग्रेड-१, कोर्ट नं.-२. [HON'BLE MR. SUSHIL KUMAR] PRESIDING MEMBER [HON'BLE MR. Vikas Saxena] JUDICIAL MEMBER