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Lok Sabha Debates

Need To Amend The Constitution To Introduce A More Democratic And Federal Way Of ... on 29 August, 2001

Title: Need to amend the Constitution to introduce a more democratic and federal way of administration and strengthening the local bodies in the united territories of Andaman and Nicobar Islands, Lakshadweep and Dadra and Nagar Haveli.

13.02 hrs. SHRI P.C. THOMAS (MUVATTUPUZHA): Sir, the Indian Constitution provides opportunity for all the States as well as the Union territories to practise democracy in a great way. But it is a fact that in many of the Union Territories, democratic process is not taking place. In some of the Union Territories, like Andaman and Nicobar, Lakshadweep, and Dadra and Nagar Haveli, which is represented by Shri Mohan Delkar, though democratic process was envisaged, it is not taking place. It is high time that we should have a decentralised way of administration, as far as power is concerned, as far as economy is concerned and as far as political process is concerned. I would suggest that the Prime Minister may call a meeting of all concerned, especially those who are denied the grassroots democracy. The Minister of State for Home is present here. We took up the matter with him also. This is the position faced by almost all the Union Territories. … (Interruptions)

MR. DEPUTY-SPEAKER: Shri Mohan Delkar, why are you interrupting him?

… (Interruptions)

SHRI MOHAN S. DELKAR (DADRA AND NAGAR HAVELI): I have given a notice on this issue. … (Interruptions)

MR. DEPUTY-SPEAKER: I will call you.

… (Interruptions)

SHRI P.C. THOMAS : Sir, my humble submission is that the Government should take serious note of this matter and call a conference of all those who are concerned in the Union Territories and others also, so that this matter could be discussed. If there is any need for bringing an amendment in the Constitution, then that may also be brought about. I would like to submit that there should be a federal way of administration. The nation will be satisfied, only when the States and the Union Territories are satisfied. Therefore, we should have a complete change in the Constitution. … (Interruptions)

MR. DEPUTY-SPEAKER: Shri P.C. Thomas, this is `Zero Hour’. You have to just mention the matter. You are not supposed to make a speech here.

*m02 श्री मोहन एस. देलकर : उपाध्यक्ष जी, एक तरफ तो हम बहुत खुशी और गर्व से कहते हैं कि हमारे भारत देश का लोक तंत्रीय ढ़ांचा विश्व में पहले नंबर पर है, दूसरी तरफ हमें दु:ख के साथ कहना पड़ता है, भारत देश में जितनी यूनियन टैरेटरीज हैं, वहां लोकतन्त्र नाम की कोई चीज नहीं है। उपाध्यक्ष महोदय, आप लक्षद्वीप को बिलोंग करते है, दमन और दीव तथा अंडमान निकोबार के भी सदस्य हैं। इन यूनियन टैरेटरीज में सारे अधिकार, सारी सत्ता ब्यूरोक्रेट्स के पास होती है। चाहे वह डवेलपमेंट का काम हो, चाहे एडमनिस्ट्रेशन का काम हो, कहीं भी इलैक्टेड मैम्बर्स का पार्टसिपेशन नहीं होता है। बार-बार यह मांग की गई है कि यूनियन टैरेटरीज में सत्ता का अधिकार यूनियन टैरेटरीज को दिया जाए। इस संबंध में संविधान में संशोधन किया गया है। जब जिला परिषद् और जिला पंचायतें आईं, तो भारत सरकार ने सोचा कि जितनी भी यूनियन टैरेटरीज हैं, वहां पर ज्यादा अधिकार, ज्यादा सत्ता दी जाए, इसलिए उस संशोधन में चीफ काउन्सिलर की पोस्ट क्रिएट की गई। चीफ काउन्सिलर को ज्यादा अधिकार और सत्ता देने की बात हुई है। इस बात को छ: साल हो गए है, लेकिन अभी तक कोई फैसला नही हुआ है कि चीफ काउन्सिलर और डिस्टि्रक्ट जिला परिषद् को अधिकार और सत्ता दी जाए। हम गृह मंत्रालय को धन्यवाद देना चाहते हैं कि उस दिशा में मंत्रालय ने कुछ कदम उठाए हैं और कुछ कार्रवाई की गई है। हम मांग करते हैं कि जो कदम उठाए गए हैं, वे पूरे नहीं है,अभी और भी कदम उठाने चाहिए। जितना प्रावधान संविधान में किया गया है, उतना सत्ता का अधिकार जिला परिषद् और चीफ काउन्सिलर को देना चाहिए। …( व्यवधान)

श्री रामजीलाल सुमन : उपाध्यक्ष महोदय, मैं जो विषय उठाना चाहता हूं …( व्यवधान)

MR. DEPUTY-SPEAKER: It is the same matter. If you shout like this, I will not give you a chance. There is a limit. All these hon. Members have given notices.

… (Interruptions)

MR. DEPUTY-SPEAKER: Nothing will go on record except Shri Mohan’s version.

(Interruptions)* MR. DEPUTY-SPEAKER: Your matter is a State subject. I will not allow you.

(Interruptions)* श्री मोहन एस.देलकर : महोदय, हम मांग करते हैं, माननीय पार्लियामेंट्री अफेयर्स मनिस्टर, श्री प्रमोद महाजन जी, सदन में उपस्थित है, हम चाहते हैं कि वे जवाब दें। …( व्यवधान)

महोदय, मेरी बात अभी समाप्त नहीं हुई है। …( व्यवधान)

MR. DEPUTY-SPEAKER: The hon. Speaker did not allow the hon. Member from this side because he has already participated in the same matter. Should any Member react like this?

… (Interruptions)

श्री मुलायम सिंह यादव : इनका विषय राज्य के बंटवारे को लेकर हैं। …( व्यवधान)

उपाध्यक्ष महोदय : आप इस तरह से अपनी बात कहेंगे।

… (Interruptions)

MR. DEPUTY-SPEAKER: He has already given notice on the same matter.

… (Interruptions)

MR. DEPUTY-SPEAKER: Shri Mohan, please resume your seat. You are now spoiling your case.

… (Interruptions)

* Not Recorded MR. DEPUTY-SPEAKER: He has already given notice on the same matter.

उपाध्यक्ष महोदय : माननीय सदस्य भी य़ूनियन टैरेटरीज के बारे में बोल रहे हैं। आप ऐसा क्यों कर रहे हैं, उनको चांस नहीं मिलता है।

…( व्यवधान)

उपाध्यक्ष महोदय : यूनियन टैरेटरीज का मामला नहीं आने देंगे। अंडमान-निकोबार और दमन व दीव के भी मैम्बर्स हैं।

…( व्यवधान)

श्री मोहन एस.देलकर : महोदय, हम आपसे मांग करते है कि माननीय गृह मंत्री यूनियन टैरेटरीज के एमपीज को बुलायें, जिला परिषद् के जितने चेयरमैन हैं, उनको बुलायें और बातचीत व मशविरा करें। इस बात का जल्दी से जल्दी फैसला करें कि संविधान में जो जिला परिषद् और जिला पंचायत तथा चीफ काउन्सिलर को सत्ता का अधिकार देने का प्रावधान है, उस पर तुरन्त निर्णय करें। मै चाहता हूं कि सदन में संसदीय कार्य मंत्री, श्री प्रमोद महाजन जी, उपस्थित हैं, वे इस बात पर रिसपांड करें.। यह बहुत गम्भीर मामला है। यूनियन टैरेटरीज के बारे में आज तक नहीं सोचा गया। मैं आपके माध्यम से चाहता हूं कि प्रमोद महाजन जी इस बारे में जवाब दें।

*m03 श्री विष्णु पद राय : महोदय, ७३वें और ७४वें अमेंडमेंट के माध्यम से इस सदन ने पीआरआई और अरबन लोकल बॉडीस को संवैधानिक अधिकार दिया था। आर्टीकल २४३जी रिलेटिंग टू द पीआरआईज़ डील्स विद २९ पावर्स, that is 29 Departments/Subjects with funds, function and functionaries to PRIS.

महोदय, २४३ डब्ल्यू, लोकल अरबन बॉडीज़ को, १८ विभागों को, फंड, फंक्शंस एंड फंक्शनरीज़ को देने का तय किया था, लेकिन यूनियन टेरेटरीज़ अंडेमान-निकोबार द्वीप समूह लक्ष्यद्वीप, दादरनगर हवेली आदि को यह अधिकार नहीं सौंपा गया और कुछ लोगों के माध्यम से इस अधिकार को मुट्ठीभर लोगों के हाथ में देकर जनता पर राज कर रहे हैं। यूनियन टेरेटरी में न असेम्बली है, न प्रदेश काउंसिल है। इसलिए पंचायती राज सिस्टम को ध्यान में रखते हुए मैं भारत सरकार से अनुरोध करता हूं कि इस यूनियन टेरेटरी में जो अधिकार संविधान ने दिया है, वे २९ डिपार्टमेंट पीआरआई को और १८ डिपार्टमेंट म्युनसिपल काउंसिल को दिए जाएं। अंडेमान और लक्ष्यद्वीप समूह को लेकर एक संस्था बनाई है, जिसका नाम आईलैंड डेवलपमेंट आथोरिटी है। जिसके चेयरमैन माननीय प्रधान मंत्री, श्री अटल बिहारी वायपेयी स्वयं हैं। आईडीए की मीटिंग बहुत सालों से नहीं हुई। इसलिए मेरा अनुरोध है कि आईडीए की मीटिंग बहुत जल्दी बुलाई जाए।

महोदय, द्वीपों के विकास हेतु दिल्ली में सरकार द्वारा टाइम टू टाइम उनकी तकलीफों और समस्याओं को दूर करने के लिए मीटिंग बुलाई जाए। उस मीटिंग में एमपीज़, जिला परिषद के चेयरमैन, म्युनसिपल काउंसिल का चेयरमैन और संबंधित अधिकारी उपस्थित रहें ताकि उनकी तकलीफों और समस्याओं का समय पर निदान हो।…( व्यवधान)

*m04 संसदीय कार्य मंत्री तथा सूचना प्रौद्योगिकी मंत्री (श्री प्रमोद महाजन) : महोदय, यह केन्द्र शासित प्रदेशों के संबंध में महत्वपूर्ण मुद्दा है। जो लोग केन्द्र शासित प्रदेशों से चुन कर आते हैं, उन्होंने यह मुद्दा उठाया है। शायद आपके मन में भी इस प्रकार के मुद्दे हों।…( व्यवधान)

उपाध्यक्ष महोदय : हां है।

श्री प्रमोद महाजन : ये महत्वपूर्ण मुद्दे हैं। आप समझ सकते हैं कि शून्य-काल में इस पर कुछ निर्णायक बोलना मेरे लिए मुश्किल है। मैं जरूर केन्द्रीय गृह मंत्री जी से प्रार्थना करूंगा और आपका जो भी कहना है वह उन तक जरूर पहुंचा दूंगा।…( व्यवधान)

उपाध्यक्ष महोदय : सुमन जी, मैं आपको हमेशा आपके नम्बर पर बुलाता हूं। आज अध्यक्ष महोदय ने एक मेम्बर को राज्य का सब्जैक्ट होने की वजह से एलाऊ नहीं किया तो मैं आपको इस पर कैसे मौका दे सकता हूं, आप बताइए। एक मेम्बर से दूसरे मेम्बर को कैसे डिसक्रमिनेट कर सकते हैं।

…( व्यवधान)

श्री मुलायम सिंह यादव : महोदय, मुझे खेद है कि आपको समझा नहीं पा रहे हैं। हरिद्वार का मामला इसलिए उठा है क्योंकि केन्द्र सरकार ने बंटवारा किया है। उस बंटवारे को लेकर हरिद्वार में बातचीत हो रही है।…( व्यवधान) उनकी कुछ मांगें हैं, उन मांगों को लेकर उन्होंने धरना दिया और प्रदर्शन किया।…( व्यवधान) मुझे अफसोस है कि वह राज्य का बंटवारा नहीं है, यह केन्द्र सरकार की भूल है।

…( व्यवधान) आप इस प्रकार गोली चलवाएंगे। नौ साल, १२ साल और १३ साल के विद्यार्थी को जेल भेजा जाएगा।…( व्यवधान)

उपाध्यक्ष महोदय : स्टेट मेटर जो डिसाइड किया गया, आप उसे चैलेंज कर रहे हैं।

श्री मुलायम सिंह यादव : महोदय, आप मुझे दो मिनट का समय दे दीजिए। यह राज्य सरकार का विषय नहीं है।…( व्यवधान)

उपाध्यक्ष महोदय : आज ही स्पीकर साहब ने एक मेम्बर को इजाजत नहीं दी है।

श्री प्रमोद महाजन : आप स्पीकर साहब से बात करके इजाजत ले लीजिए।…( व्यवधान) आप इन पर दबाव क्यों डाल रहे हैं, आप स्पीकर साहब से बात करके इजाजत ले लीजिए।… (Interruptions)

MR. DEPUTY-SPEAKER: I cannot discriminate one Member against another.

… (Interruptions)

MR. DEPUTY-SPEAKER: He has already been denied, how can I allow him?

… (Interruptions)

MR. DEPUTY-SPEAKER: It is most unfortunate. Everyday you take the floor in the process all other Members suffer.

… (Interruptions)

MR. DEPUTY-SPEAKER: This is most unfortunate. Why are you interrupting?

… (Interruptions)

श्री रामजीलाल सुमन : महोदय, यह राज्य का विषय नहीं है।…( व्यवधान)

श्री मुलायम सिंह यादव : महोदय, हत्याएं हो रही हैं। १२-१३ साल के विद्यार्थियों को जेल भेजा जा रहा हैं।…( व्यवधान) हम सब इन घटनाओं का विरोध करते हुए सदन से वाक आउट करते हैं।

१३१४ hrs. ( तत्पश्चात् श्री मुलायम सिंह यादव तथा कुछ अन्य माननीय सदस्य सभा भवन से बाहर चले गए।) उपाध्यक्ष महोदय : आप शांत रहें। मैं सब को बोलने का चांस दूंगा।

… (Interruptions)

SHRI KIRTI JHA AZAD (DARBHANGA): Sir, he gets up and speaks whenever he likes. … (Interruptions)

MR. DEPUTY-SPEAKER: Shri Azad, do not say that.

… (Interruptions)

MR. DEPUTY-SPEAKER: He has given a notice. His name is there.

… (Interruptions)

MR. DEPUTY-SPEAKER: I will call you, Shri Bishnoi.

… (Interruptions)

श्री नवल किशोर राय (सीतामढ़ी) : उपाध्यक्ष जी, हमसे पहले लोग बोलते जाएंगे जबकि नोटिस हमने पहले दिया है।…( व्यवधान) हम आपका संरक्षण चाहते हैं। …( व्यवधान)

SHRI PRIYA RANJAN DASMUNSI : Sir, first of all, I would like to make it clear that I never get up without notice. … (Interruptions)

श्री राजेश रंजन उर्फ पप्पू यादव : उपाध्यक्ष जी, बिहार के हज यात्रियों का सवाल है। आप हमें भी बोलने का समय दीजिए। …( व्यवधान)

MR. DEPUTY-SPEAKER: I never give a chance to anyone who has not given the notice. Please do not challenge that.

… (Interruptions)

MR. DEPUTY-SPEAKER: I will call you.

… (Interruptions)

SHRI PRIYA RANJAN DASMUNSI : I gave the notice. … (Interruptions)

योगी आदित्यनाथ (गोरखपुर) : उपाध्यक्ष जी, तीन दिन से हम पहले नम्बर पर नोटिस देते हैं लेकिन हम लोगों को समय आप नहीं देते हैं। …( व्यवधान) हमारा भी बहुत महत्वपूर्ण सवाल है और वह केन्द्र से संबंधित मामला है राज्य से संबंधित मामला नहीं है।…( व्यवधान)

उपाध्यक्ष महोदय : आपको हल्ला कम करना चाहिए, आप तो योगी हैं।

योगी आदित्यनाथ : योगी ही नहीं हम जनता के प्रतनधि भी हैं। हमें जनता ने चुनकर भेजा है और अगर हम जनता की समस्याओं को यहां पर नहीं रखेंगे तो यहां आने का मतलब क्या है? हमने देखा है कि केवल उन्हीं लोगों को अवसर मिलता है जो बार-बार बोलते हैं और हर अवसर पर बोलते हैं। हमारा पहले नम्बर पर नोटिस है लेकिन हमें बोलने का अवसर नहीं दिया जाता है। …( व्यवधान)

MR. DEPUTY-SPEAKER: Shri Pramod Mahajan, please control them.

… (Interruptions)

MR. DEPUTY-SPEAKER: How can I control this House?

… (Interruptions)