Lok Sabha Debates
Need To Increase The Entitlement Ceiling Of Mplad Scheme To Rs. 25 Crores. on 16 December, 2015
Sixteenth Loksabha an> Title: Need to increase the entitlement ceiling of MPLAD Scheme to Rs. 25 Crores. crores.
श्री सुशील कुमार सिंह (औरंगाबाद) : स्पीकर मैडम, आपने शून्य काल में मुझे एक महत्वपूर्ण विषय पर बोलने का मौका दिया है, इसके लिए मैं आपको धन्यवाद देता हूं।...(व्यवधान)
महोदया, मैं आपके माध्यम से कहना चाहूंगा कि देश में अपने-अपने क्षेत्रों में विकास के लिए एक महत्वपूर्ण योजना चलायी जाती है, जिसका नाम ‘सांसद स्थानीय विकास योजना’ है।...(व्यवधान) इस योजना में एक वर्ष में मात्र पांच करोड़ रुपए की राशि निर्धारित है, जिसे हम सांसद अनुशंसित करते हैं।...(व्यवधान) यह योजना विकास के परिप्रेक्ष्य में त्वरित और ऑन-द-स्पॉट निर्णय के हिसाब से बहुत उपयोगी है और इसी उद्देश्य से इस योजना को सरकार ने लाया भी था...(व्यवधान) इसी उद्देश्य से इस योजना को सरकार लायी भी थी। ...(व्यवधान) हम सांसद अपने क्षेत्रों में जहाँ जाते हैं, वहीं कुछ माँग और आवश्यकता के आधार पर अपनी अनुशंसा देते हैं और वहाँ विकास का कार्य होता है। ...(व्यवधान) लेकिन वर्तमान में इसकी राशि इतनी कम है, मैं आपके माध्यम से कहना चाहूँगा कि निर्माण कार्यों में लागत में वृद्धि, जनता की विकास के प्रति बढ़ती हुई आकांक्षाएं और हम सांसदों की उनकी आकांक्षाओं को पूरा करने की जो मंशा है, हम चाहते हैं कि हम उनकी माँगों को, उनकी आवश्यकताओं को शत-प्रतिशत पूरा करें। ...(व्यवधान) इसके मद्देनजर मैं आपसे कहना चाहूँगा कि यह राशि कई वर्षों पहले निर्धारित हुई थी। ...(व्यवधान) इस राशि को बढ़ाकर कम से कम 25 करोड़ रुपए प्रतिवर्ष किया जाए। ...(व्यवधान)
महोदया, निगरानी चाहे जितनी हो, गुणवत्ता के निर्धारण में कड़ी से कड़ी निगरानी हो, हम लोग उसका समर्थन करते हैं, उसका स्वागत करेंगे, लेकिन इस राशि को कम से कम, माननीय वित्त मंत्री जी यहाँ मौजूद हैं, पिछले सत्र में कार्यान्वयन मंत्रालय ने भी इसके लिए आश्वस्त किया था कि यह मैटर अंडर कंसीडरेशन है। ...(व्यवधान) मैं कहना चाहूँगा आपके माध्यम से कि इसे बढ़ाया जाए। ...(व्यवधान) जब देश में आपदा आती है, सुनामी आती है, बाढ़ आती है, तो हम सांसद एम.पी.लैड से वहाँ भी मदद करते हैं और करने को तैयार रहते हैं ।...(व्यवधान) इसलिए मेरा आपके माध्यम से भारत सरकार से आग्रह है कि या तो इस राशि को बढ़ाकर 25 करोड़ रुपए प्रतिवर्ष किया जाए या हम लोगों को आलोचनाओं और परेशानियों से बचाने के लिए इसको खत्म ही कर दिया जाए। ...(व्यवधान) या तो इसको बंद कर दिया जाये या फिर कम से कम इसे 25 करोड़ रुपए प्रतिवर्ष किया जाए। ...(व्यवधान) आपने मुझे बोलने का मौका दिया, इसके लिए मैं आपको धन्यवाद देता हूँ।...(व्यवधान)
श्रीमती ज्योति धुर्वे, श्री चिन्तामन नावाशा वांगा, श्री गजेन्द्र सिंह शेखावत, कुँवर पुष्पेन्द्र सिंह चन्देल, श्री रामचरण बोहरा, श्री चन्द्र प्रकाश जोशी, श्री पशुपति नाथ सिंह, डॉ. किरिट पी. सोलंकी, श्रीमती मीनाक्षी लेखी, श्रीमती पूनमबेन माडम, श्रीमती जयश्रीबेन पटेल, श्रीमती दर्शना विक्रम जरदोश, श्री कामाख्या प्रसाद तासा, श्री कीर्ति वर्धन सिंह, श्री भैरों प्रसाद मिश्र, श्री रवीन्द्र कुमार जेना, श्री केशव प्रसाद मौर्य, श्री नाना पटोले, श्री पी.पी.चौधरी, श्री प्रहलाद सिंह पटेल, श्री भानु प्रताप सिंह वर्मा, कुँवर पुष्पेन्द्र सिंह चन्देल को श्री सुशील कुमार सिंह द्वारा उठाए गए विषय के साथ संबद्ध करने की अनुमति प्रदान की जाती है।