Lok Sabha Debates
 Problems Being Faced By Farmers In Uttar Pradesh Due To Acute Shortage Of ... on 27 November, 2006
> Title : Problems being faced by farmers in Uttar Pradesh due to acute shortage of Chemical fertilizers.
श्री रघुराज सिंह शाक्य (इटावा): सभापति जी, भारत एक कृषि प्रधान देश है और इस समय पूरे भारत में धान की कटाई के बाद गेहूं और ज्वार की बुवाई का समय है। खासकर मैं उत्तर प्रदेश के किसानों की ओर आपका ध्यान आकर्षित करना चाहता हूं। इस समय उत्तर प्रदेश में जो सबसे बड़ी समस्या है वह डी.ए.पी. खाद की अनुपलब्धता की है। वहां यह खाद बिलकुल नहीं मिल रही है। मैं समझता हूं कि देश के अन्य प्रदेशों में भी ऐसी ही स्थिति होगी। आज किसान अपनी फसल को बोने के लिए परेशान हैं। इस कारण किसानों को खाद ब्लैक में ६००-७०० रुपए बोरे के हिसाब से खरीदनी पड़ रही है। मैं केन्द्रीय उर्वरक मंत्री और भारत सरकार से निवेदन करना चाहता हूं कि उत्तर प्रदेश में किसानों की परेशानियों को देखते हुए तुरन्त यह खाद उपलब्ध कराई जाए। महोदय, पूरे देश में किसानों की हालत खराब है जिसके कारण किसान आत्महत्या कर रहे हैं। कहीं किसानों को पानी नहीं मिल रहा है, कहीं किसानों को बिजली नहीं मिल रही है और उत्तर प्रदेश में आज हालत यह हो गई है कि किसान बुवाई के लिए बैठा है, लेकिन खाद उपलब्ध नहीं हो रही है। मैं अपने लोक सभा क्षेत्र इटावा में अभी घूमकर आया हूं। मैंने वहां देखा है कि वहां लम्बी-लम्बी लाइनों में किसान खड़े हैं, लेकिन उन्हें डी.ए.पी. खाद नहीं मिल रही है। जो एन.पी.के. खाद मिल भी रही है, वह भी मिलावटी मिल रही है। उत्तर प्रदेश में एक भी उर्वरक कारखाना नहीं है। अत: मैं केन्द्र सरकार और केन्द्रीय उर्वरक मंत्री जी से मांग करना चाहता हूं कि उत्तर प्रदेश में किसानों को बुवाई का काम करने के लिए अधिक से अधिक मात्रा में डी.ए.पी. खाद उपलब्ध कराने की व्यवस्था की जाए ताकि किसानों की समस्या हल हो सके।