Lok Sabha Debates
Regarding Land Acquisition, Rehabilitation And Resettlement Bill on 18 December, 2012
> Title: Regarding Land Acquisition, Rehabilitation and Resettlement Bill MR. CHAIRMAN: The House shall now take up Item No.29, Land Acquisition, Rehabilitation and Resettlement Bill. Shri Jairam Ramesh.
… (Interruptions)
THE MINISTER OF RURAL DEVELOPMENT (SHRI JAIRAM RAMESH): Sir, I beg to move that the Bill be taken into consideration.
… (Interruptions)
श्री राजनाथ सिंह (ग़ाज़ियाबाद): सभापति महोदय, विंटर सेशन समाप्त हो रहा है। भूमि अर्जन, पुनर्वासन और पुनर्व्यवस्थापन विधेयक कोई साधारण बिल नहीं है बल्कि एक महत्वपूर्ण बिल है। मैं समझता हूं कि ऐसे गंभीर बिल पर आनन-फानन में विचार नहीं होना चाहिए, इस पर जल्दबाजी में विचार नहीं होना चाहिए। हम लोगों की यह इच्छा थी कि यदि इस सत्र के प्रारंभ में ही सरकार के द्वारा यह बिल आ गया होता तो इस पर गंभीरतापूर्वक विस्तृत चर्चा हो गई होती और यह बिल लोक सभा और राज्यसभा से पारित हो गया हो होता। यह बिल सत्र के अंत में लाया गया है। शायद इसलिए कि सरकार की मंशा यह है कि जल्दबाजी मे इस बिल को पारित करा दिया जाए...( व्यवधान)वैसे यह बिल आज से कई महीने पहले संसद में पेश हो चुका है। ...( व्यवधान)लेकिन संसद ने इसे स्टैंडिंग कमेटी को भेजा दिया था। स्टैंडिंग कमेटी ने जो अपने । रेकमेण्डेशन्स दी हैं उनमें से सारी रेकमेण्डेशन्स को सरकार ने नहीं माना है। सरकार ने कुछ रेकमेण्डशन्स को माना है और कुछ को नहीं माना है। जिन रेकमेण्डेशन्स को सरकार ने नहीं माना है उन पर संसद विचार करना चाहेगी। इसलिए मैं यह प्रस्ताव करता हूं कि यदि संसद सहमत है तो या तो संसद का सत्र बढ़ा दिया जाए और लैंड ऐक्वीजिशन बिल के बारे में इसी सत्र में विचार हो अथवा स्टैंडिंग कमेटी को इसे रेफर कर दिया जाए।
हमारा तीसरा प्रस्ताव यह है कि सरकार चाहे और संसद सहमत हो तो जब बजट सत्र प्रारंभ होगा तब बजट सत्र के प्रारंभ में ही इस बिल को लाकर, इस पर विचार करके ो इसे जल्द से जल्द पारित किया जाए।
श्री मुलायम सिंह यादव (मैनपुरी): सभापति जी, यह सही है कि भूमि अधिग्रहण विधेयक जल्दबाजी में लाया गया है। यह पूरे देश के किसानों से संबंधित है। आपसे अनुरोध है कि हम अभी तक इसे पूरा अध्ययन नहीं कर पाए हैं। इसलिए हम चाहते हैं कि इसका समय अगले सत्र तक बढ़ा दिया जाए जिससे इस पर तैयारी के साथ बहस हो सके। यह मामूली बात नहीं है।...( व्यवधान) आज हालत यह हो गई है कि हिन्दुस्तान की जमीन प्रति वर्ष तीन प्रतिशत कम हो रही है और जनसंख्या बढ़ रही है नतीजा होगा कि देश में पैदावार घटेगी तो देश में भुखमरी फैलेगी।...( व्यवधान) इसके लिए आप क्या कर रहे हैं।...( व्यवधान) इसलिए हम चाहते हैं कि इसे अध्ययन करने के लिए अगले सत्र तक बढ़ा दिया जाए।...( व्यवधान)
सभापति महोदय : ठीक है, आपने अपनी भावना व्यक्त कर दी।
…( व्यवधान)
SHRI BASU DEB ACHARIA (BANKURA): Sir, there are as many as 155 amendments; and there are also 14 new amendments – very important amendments. All these amendments have been circulated today only; at 11 a.m. the Members were able to get the copies of the amendments. It is a very important Bill; it has been hurriedly brought before the House. We are not aware that this Bill would come before the House today. हमारा यही निवेदन है कि इतने महत्वपूर्ण बिल को अभी जल्दबाजी में न लाकर अगले सत्र में लाया जाए ताकि वे जो संशोधन लाए हैं...( व्यवधान)
MR. CHAIRMAN : You made your point.
श्री बसुदेव आचार्य : हम पूरे 155 संशोधन देख सकें, चर्चा कर सकें और उसके बाद सदन में भी चर्चा होगी और यह पारित होगा। यह हमारा निवेदन है।...( व्यवधान)
MR. CHAIRMAN: You made your point. Please be seated.
प्रो. सौगत राय (दमदम): सभापति जी, आपने मुझे प्वाइंट ऑफ आर्डर पर बोलने का समय दिया, इसके लिए आपका बहुत धन्यवाद। दोनों प्वाइंट ऑफ आर्डर हैं। एक, कल लिस्ट ऑफ बिजनस में यह बिल नहीं था, आज की लिस्ट ऑफ बिजनस में अचानक आया। आप जानते हैं कि नियम के अनुसार यदि किसी बिल में संशोधन देना है तो कम से कम एक दिन पहले देना होता है। हमें कोई संशोधन देने का मौका नहीं मिला। दूसरा, आपको पता है कि यह बिल संसदीय समिति में गया था जिनकी अध्यक्षा श्रीमती सुमित्रा महाजन हैं। उन्होंने एक रिपोर्ट दी। लेकिन उस रिपोर्ट के बाद भी मंत्री महोदय 14 संशोधन लाए हैं जिनकी कोई जांच, कोई डिसकशन संसदीय समिति में नहीं हुई। ...( व्यवधान)
MR. CHAIRMAN: Please conclude now.
प्रो. सौगत राय : इससे पहले भी हमने एक बिल में यही सवाल उठाया था। चिदम्बरम साहब ने उसे वापिस ले लिया। मैं आपसे अर्ज करूंगा, विनती करूंगा कि आप मंत्री महोदय को बताइए कि वे बिल अभी वापिस लें या उसे फिर से संसदीय समिति में जांच के लिए भेजा जाए।...( व्यवधान)
सभापति महोदय : ठीक है, आप बैठिए। मंत्री जी जवाब दे रहे हैं।
…( व्यवधान)
प्रो. सौगत राय : इस बारे में कमल नाथ जी रोशनी डालें।...( व्यवधान)
MR. CHAIRMAN: You can associate; please send your names.
शहरी विकास मंत्री तथा संसदीय कार्य मंत्री (श्री कमल नाथ): माननीय सभापति जी, मैंने सब सांसदों की बात सुनी है। मैं आपकी भावनाओं का सम्मान करता हूं। यह बहुत महत्वपूर्ण बिल है। सैशन नहीं बढ़ सकता क्योंकि इसमें सबकी सहमति नहीं होगी। इसलिए एक ही उपाय है कि अगले सैशन में हम इस बिल पर चर्चा करें। जैसा राजनाथ सिंह जी ने कहा है, हम इसे शुरू में लाएंगे। आपके सुझाव को स्वीकार करते हुए हम इसको अगले सेशन में पहले नम्बर पर लाएंगे।...( व्यवधान)
MR. CHAIRMAN : The time of the House is extended by one hour.