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State Consumer Disputes Redressal Commission

B.M., Bhartiya Jeevan Bima Nigam vs Smt. Sakuntala Ramteke on 19 March, 2015

छ तीसगढ़ रा य उपभो ता ववाद ततोषण आयोग, प डर , रायपु र अपील मांकः FA/14/758 संि थत दनांकः 12.11.2014 शाखा बंधक, शाखा .2, भारतीय जीवन बीमा नगम, चैहान टे ट, भलाई, िजला दुग (छ.ग.) वाराः बंधक, व ध एवं आ.सं. व., भारतीय जीवन बीमा नगम, मंडल कायालय, पंडर , रायपु र (छ.ग.) ..... अपीलाथ व ीमती शकुंतला रामटे के , उ लगभग 40 वष, पि न व. लखनलाल रामटे के, वाड .2, मराठ मोह ला, कोसानगर, भलाई, तह. व िजला दुग (छ.ग.) .....उ तरवाद सम ः माननीय सु ी ह ना ठ कर, सद या माननीय ी डी. के. पो ार, सद य प कार के अ धव ता अपीलाथ क ओर से ी सु शील अ वाल, अ धव ता।

उ तरवाद अनुपि थत।

आदे श दनांकः19/03/2015 वाराः माननीय सु ी ह ना ठ कर, सद या अपीलाथ वारा यह अपील िजला उपभो ता ववाद ततोषण फोरम, दुग (छ.ग.) (िजसे आगे सं त म ''िजला फोरम'' संबो धत कया जाएगा) वारा करण मांक CC@13@286 '' ीमती शकुंतला रामटे के व शाखा बंधक, भारतीय जीवन बीमा नगम'' म पा रत आदे श दनांक 14.10.2014 से ु ध होकर तु त क गई है । िजला फोरम वारा उ तरवाद क प रवाद वीकार करते हु ए अपीलाथ को नद शत कया क आदे श दनांक से एक माह के अंदर प रवा दनी को दावा प दान कर एवं दावा प ा त होने के प चात ् प रवा दनी दावा प वां छत द तावेज के साथ व.प. के सम जमा कर। इसके प चात ् व.प. एक माह क अव ध के भीतर दावे का यथो चत नराकरण कर, मान सक क ट हे तु 5,000/- व वाद यय हे तु 1,000/- का भु गतान कर।

2. उ तरवा दनी क प रवाद के न ववा दत त य यह है क व.प.बीमा कंपनी ने प रवा दनी के प त व.लखनलाल रामटे के को जीवन सरल बीमा पॉ लसी .3868876208 बीमा अव ध 18.11.2011 से 18.11.2021 थी, जार क गई थी। िजला फोरम के सम प रवाद का सं प े सार इस कार है क प रवा दनी के प त ने ी मयम रा श 1,021/- का भु गतान कया था व प रवा दनी को ना मनी बनाया था। इस पा◌ॅ लसी म ी मयम फरवर मई अग त नव बर म दे य था एवं बीमा धारक वारा जीवन पय त ी मयम जमा कया गया। बीमा धारक क मृ यु दनांक 29.07.2013 को हो गई। बीमाधार क मृ यु क सू चना प रवा दनी वारा व.प. को द गई तब व.प. वारा पॉ लसी क टे टस रपोट 28.09.2013 प रवा दनी को दान क । आवे दका वारा व.प. बीमा कंपनी व बीमा लोकपाल को पंजीकृ त डाक से सू चना दनांक 07.10.2013 े षत कर दावा प क मांग क गई तथा दावारा श 3,30,820/- मय याज मांग क गई। क तु व.प. वारा सू चना का उ तर नह ं दया गया न ह बीमाधन दान कया गया। इस कार व.प. ने सेवा म न नता क है । अतः िजला फोरम के सम प रवाद तु त कर बीमा धनरा श मय याज अनावेदक से दलाए जाने क याचना क है ।

3. व.प. ने िजला फोरम के सम उ तर तु त कर अपने तर ा म कथन कया है क मृतक बीमाधारक के जीवनकाल म बीमा पॉ लसी सं या 386876208 अव ध दनांक 18.11.2011 से 18.11.2021 थी। दनांक 08.11.2011 को जार क गई िजस पर बीमाधन 1,25,000/- प रप वता प चात ् दे य था। उ त पॉ लसी म तवष तमाह ी मयम 1,531/- दे य था। बीमा पॉ लसी म प रवा दनी ना मनी थी। प रवा दनी के प त बीमाधार वारा अं तम तमाह ी मयम का भु गतान 02/13 कया गया था एवं शेष तमाह ी मयम 05/13 अद त है । बीमाधारक क मृ यु 29.07.2013 को हु ई थी, इस कार मृ यु दनांक तक बीमा पॉ लसी कालातीत अव था म थी। पॉ लसी के नयम व उपबंध के अनुसार कालातीत पा◌ॅ लसी का दावा रा श अदे य होती है । चू ं क मृतक बीमाधार वारा फरवर 2013 का ह ी मयम अदा कया गया था। मई 2013 का ी मयम अद त था। नयमानु सार, 30 दन क रयायती अव ध म य द दे य ी मयम का भु गतान नह ं कया जाता है, तो पॉ लसी कालातीत हो जाती है । मृ यु त थ तक पॉ लसी के चालू रहने क ि थ त म पू ण बीमाधन दे य होता एवं इस करण म मृतक बीमाधारक क मृ यु त थ 29.07.2013 पर पॉ लसी कालातीत अव था म थी। अतः कोई भी दावारा श दे य नह ं है ।

4. व वान िजला फोरम वारा व न चय लया है क बीमा कंपनी वारा बीमाधार क पॉ लसी कालातीत हो जाने क सू चना प रवा दनी को े षत नह ं क थी। अनावेदक बीमा कंपनी वारा प रवा दनी को दावा प दान न कर सेवा म कमी व यवसा यक कदाचरण कया है । प रवाद वीकार कर अनु तोष दान कए गए।

5. हमारे वारा व.प./अपीलाथ के अ धव ता ी सु शील अ वाल वारा तु त तक का वण कया गया। उ तरवाद अनुपि थत रहा। हमारे वारा अ भलेख का सू म अ ययन कया गया।

6. व.प./अपीलाथ के व वान अ धव ता वारा हमारे सम मु यतः यह तक कया गया क बीमाधार ने रयायत अव ध म दे य ी मयम का भु गतान नह ं कया था, अतः उसक पॉ लसी उसके जीवनकाल म ह कालातीत हो गई थी, इस कारण उ तरवा दनी दावा प ा त करने क अ धका रणी नह ं थी एवं व.प./अपीलाथ वारा उसे दावा प दान न कर सेवा म कमी व यवसा यक कदाचरण नह ं कया है । िजला फोरम वारा यह न कष करने म ु ट क है बीमा कंपनी क पॉ लसी कालातीत हो जाने क सू चना प रवा दनी को दे ने क िज मेदार थी, पर तु पॉ लसी के अनु सार, मृ यु त थ पर पॉ लसी चालू रहने पर ह मृ यु हतलाभ बीमाधन रा श क बराबर क रा श तथा भु गतान कए गए सम त ी मयम दे य होती है । चू ं क मृ यु दनांक पर उ त पा◌ॅ लसी कालातीत अव था म थी अतः कोई भी रा श दे य नह ं है । बीमा धार क पॉ लसी मा डेढ़ वष च लत अव था म थी, दो वष भी पू ण नह ं कए थे अतः मृ यु दावा प म वचारण संभव नह ं था। िजला फोरम वारा पा रत आदे श ि थर रखे जाने यो य नह ं है अतः अपील वीकार कर आलो य आदे श अपा त करने क ाथना क गई। व.प./अपीलाथ क अ धव ता वारा न न याय टांत पर व वास कया गयाः- L.I.C. of India Vs. Mani Ram, Civil Appeal No.4806 of 2005, Policy back dated - Policy lapsed on account of non-payment of next yearly premium within days of grace - death of life assured after expiration of grace period - claim rejected on account of lapsation - plea raised by Respondent that next yearly premium fell due one year after the payment of first premium and not from the date to which the policy was dated back.

7. अ भलेख क प रशीलन प चात हम यह पाते है क करण म प रवा दनी/उ तरवा दनी वारा बीमा कंपनी के व यह आरोप लगाया है क उसे दावा प व बीमा धन मांग कए जाने के उपरांत भी दान नह ं कया गया एवं बीमा कंपनी के अ भकथन मे भी यह वीकृ त है क बीमा धारक क मृ यु दनांक पर पॉ लसी कालातीत थी, अतः बीमा रा श दे य नह ं थी। इस कारण प रवा दनी/उ तरवा दनी दावा प ा त करने क अ धका रणी नह ं थी। हमारे मतानुसार, जब करण म यह त य वीकृ त है क प रवा दनी/उ तरवा दनी क थत पॉ लसी म ना मनी थी, तो अपने प त क मृ यु के प चात ् बीमा कंपनी के सम क थत पॉ लसी के अंतगत उसे दावा करने का अ धकार था, पर तु उसे दावा प ह दान नह ं कया गया। दावा प दान न कर बीमा कंपनी वारा सेवा म न नता क गई है । दावा प दान करने का ता पय यह ब कुल नह ं है क बीमा कंपनी दावा रा श का भु गतान करने हे तु दा य वधीन हो जाएगी। दावा प ा त हो जाने के प चात बीमा कंपनी ावधा नत नयमानु सार दावा का नराकरण करने हे तु वतं है । चू ं क क थत पॉ लसी बीमा धार के मृ यु के दनांक पर कालातीत हो चु क थी व बीमाधन प रवा दनी/उ तरवा दनी को दे य नह ं था। मा इस आधार पर बीमा कंपनी वारा प रवा दनी/उ तरवा दनी को दावा प दान न कया जाना ु टपू ण व अनु चत है । बीमा कंपनी उ त आधार पर ह दावा नर त कर सकती थी। पर तु इसी आधार पर प रवा दनी/उ तरवा दनी के दावा करने क व धक अ धकार का हनन नह ं कया जा सकता है ।

व.प./अपीलाथ को अपने तु त याय टांत का लाभ नह दया जा सकता है य क उ त याय टांत म ह प ट उ ले खत है क ''बीमा कंपनी कालातीत पॉ लसी के दावे को नर त कर सकती है ।'' अथात ् सव थम ना मनी को दावा तु त करने का व धक अ धकार ह उसे इस अ धकार से मा इस लए वं चत नह ं कया जा सकता क पॉ लसी कालातीत हो चु क है । अतः अपीलाथ का यह तक तो वीकार यो य है क पॉ लसी कालातीत होने पर उसके कालातीत होने क सू चना ना मनी को े षत करने क िज मेदार बीमा कंपनी को नह ं होती है पर तु यह तक वीकाय नह ं है क पॉ लसी कालातीत अव था म होने के कारण प रवा दनी/उ तरवा दनी दावा प ा त करने क अ धका रणी नह ं थी।

8. उपरो तानु सार, करण के त य पर वचार वमश करने के उपरांत हम इस न कष पर पहु ंचते ह क व.प./अपीलाथ क तु त अपील सारह न आधारह न होने से नर त कए जाने यो य है, अतः नर त क जाती है । िजला फोरम वारा पा रत आदे श उ चत व यायसंगत है, अतः संपु ट कया जाता है । अपील यय के संबंध म कोई आदे श नह ं कया जा रहा है ।

     (सु ी ह ना ठ कर)                         (डी. के. पो ार)
           सद या                                  सद य
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