Lok Sabha Debates
Regarding Central Teachers Eligibility Test (Ctet). on 29 December, 2017
Sixteenth Loksabha an> Title: Regarding Central Teachers Eligibility Test (CTET).
श्री दुष्यंत चौटाला (हिसार) : अध्यक्ष महोदया, जीरो ऑवर में मेरा भी जो मामला है, वह शिक्षकों के प्रति है।...(व्यवधान) आज इस देश के अंदर सेन्ट्रल गवर्नमेंट के जॉब्स के लिए सेन्ट्रल टीचर्स एलिजबलिटी टेस्ट होता है और हर प्रदेश में; जैसे हरियाणा में हरियाणा टीचर्स एलिजबलिटी टेस्ट होता है, उड़ीसा के अंदर अलग टेस्ट होता है। हर टेस्ट की जो समयसीमा है, अगर कोई इन एग्ज़ाम्स को क्वालिफाई करके जे.बी.टी.बनता है, हरियाणा वाले पाँच साल बाद कहते हैं कि टीचर दोबारा टेस्ट दें, सेन्ट्रल गवर्नमेंट कहती है कि सात साल बाद दे; लेकिन सबसे हैरानी की जो बात है कि सेन्ट्रल टेस्ट को क्लियर करने के बाद भी अगर कोई हरियाणा प्रदेश में टीचर लगना चाहे तो उसको दोबारा हरियाणा प्रदेश का टेस्ट क्लियर करना पड़ता है।
आज सरकार से मेरी यही माँग है कि अगर सरकार मेडिकल एग्ज़ामिनेशन के लिए नीट ला सकती है, इंजीनियरिंग के लिए जीट ला सकती है, तो इसी तरीके से जो सीटैट है, उसको पूरे देश में यूनफॉम्र्ली लागू किया जाए, उसकी जो समयसीमा है, अगर मैंने आज कोई एग्ज़ाम क्लियर किया है और मुझे पाँच या सात साल तक नौकरी नहीं मिलती है तो मुझे दोबारा टेस्ट देना पड़ेगा। अगर मेरी नौकरी लग जाती है तो मैं पूरी जिंदगी पढ़ाने के लिए वैलिड हूँ। उसकी समयसीमा को भी दस साल तक बढ़ाया जाए और हम पूरे देश के अंदर एक सेन्ट्रल टीचर के लिए एलिजबलिटी टेस्ट को इम्प्िलमेंट करें, जिसके अंदर अगर कोई हरियाणा का बच्चा उड़ीसा में जाकर हिन्दी का शिक्षक बनना चाहे तो उसको कोई अन्य एग्ज़ाम देने की जरूरत न हो, इस प्रावधान को सेन्ट्रल गवर्नमेंट करें।
मैं आपके माध्यम से माननीय एचआरडी मनिस्टर जी से यही आग्रह करता हूँ कि देश के अंदर टीचर की एलिजबलिटी के लिए भी हम एक सेन्ट्रलाइज़ड एग्ज़ामिनेशन की सुविधा देने की कृपा करें। बहुतबहुत धन्यवाद।
àÉÉxÉxÉÉÒªÉ +ÉvªÉFÉ: श्री शरद त्रिपाठी तथा श्री भैरों प्रसाद मिश्र को श्री दुष्यंत चौटाला द्वारा उठाए गए विषय के साथ संबद्ध करने की अनुमति प्रदान की जाती है।
… (Interruptions)
माननीय अध्यक्ष : श्री धर्मवीर उपस्थित नहीं।