State Consumer Disputes Redressal Commission
Soumya Srivastava vs Sunil Bharti Mittal on 12 May, 2016
Cause Title/Judgement-Entry STATE CONSUMER DISPUTES REDRESSAL COMMISSION, UP C-1 Vikrant Khand 1 (Near Shaheed Path), Gomti Nagar Lucknow-226010 First Appeal No. A/1842/2015 (Arisen out of Order Dated 26/11/2010 in Case No. C/87/2009 of District Lucknow-I) 1. Soumya Srivastava Lucknow ...........Appellant(s) Versus 1. Sunil Bharti Mittal New Delhi ...........Respondent(s) BEFORE: HON'BLE MR. Jitendra Nath Sinha PRESIDING MEMBER HON'BLE MRS. Smt Balkumari MEMBER For the Appellant: For the Respondent: ORDER
राज्य उपभोक्ता विवाद प्रतितोष आयोग, उ0प्र0, लखनऊ।
(मौखिक) अपील संख्या : 1842 / 2015 (जिला मंच, प्रथम लखनऊ द्धारा परिवाद सं0 87/2009 में पारित आदेश दिनांक 26.11.2010 के विरूद्ध) Soumya Srivastava, aged about 30 years, D/o Deepak Srivastava, R/o 5/596 Vikas Khand, Gomti Nagar, Lucknow.
........... Appellant/Complainant.
Versus Suncel Bharti Mittal, Airtel Ltd. and another 1 Sunil Bharti Mittal C/o Airtel, Venture Ltd. Regd. Office H-5/12 Qutub Ambience Mehrauli Road, New Delhi-110030 2 S.S. Singh Major, C/o Airtel Officer, 12 Rani Laxmi Marg, Lucknow. 3 Shanker Prasad, C/o Airtel Officer, 12 Rani Laxmi Marg, Lucknow. 4 Ajai Singh Major, R/o Connect, Mahanagar, Lucknow. Respondents/Opp. Parties. समक्ष :- मा0 श्री जितेन्द्र नाथ सिन्हा, पीठासीन सदस्य मा0 श्रीमती बाल कुमारी, सदस्य अपीलार्थी के अधिवक्ता : श्री दीपक श्रीवास्तव प्रत्यर्थी के अधिवक्ता : कोई नहीं। दिनांक :18.5.2016 मा0 श्री जे0एन0 सिन्हा, पीठासीन सदस्य द्वारा उदघोषित निर्णय
परिवाद संख्या-87/2009 सौम्या श्रीवास्तव बनाम सुनील भारती मित्तल व अन्य में पारित आदेश दिनांक 26.11.2010, जिसके माध्यम से जिला मंच, प्रथम लखनऊ द्वारा परिवाद उभय पक्ष की अनुपस्थिति के कारण निरस्त कर दिया गया, से क्षुब्ध होकर परिवादी/अपीलार्थी की ओर से वर्तमान योजित की गई है।
परिवादी/अपीलार्थी के विद्वान अधिवक्ता द्वारा मुख्य रूप से यह तर्क प्रस्तुत किया गया कि जिला मंच द्वारा गुणदोष के आधार पर निर्णय पारित नहीं किया गया है एवं पत्रावली लिखित कथन योजित करने हेतु नियत चल रही थी एवं वाद पत्र के अभिवचनों का उल्लेख करते हुए भी -2- प्रश्नगत आदेश पारित नहीं किया गया, ऐसा न करने से प्रश्नगत निर्ण्ाय/आदेश त्रुटि पूर्ण है और प्रस्तुत अपील स्वीकार करते हुए जिला मंच द्वारा पारित प्रश्नगत आदेश अपास्त किये जाने योग्य है। परिवाद में विपक्षी की उपस्थिति अभी नहीं हो सकी है। जिला मंच के समक्ष अभी केवल परिवादी ही उपस्थित हुआ था, जिला मंच को स्वयं द्वारा पारित आदेश पर पुनर्विचार किये जाने का अधिकार प्राप्त नहीं है। परिवादिनी की मॉ की मृत्यु के शोक में परिवादिनी के पिता जो प्रकरण की पैरवी कर रहे थे, Brain Hemorrhage रोग से पीडित होने के कारण मानसिक रूप से अस्वस्थ हो गये थे, इन्ही कारणों से उक्त तिथि को परिवादिनी की ओर से कोई उपस्थित नहीं हो सका था। न्याय संगत यह प्रतीत होता है कि प्रश्नगत आदेश को अपास्त करते हुए मामला सम्बन्धित जिला मंच को इस टिप्पणी के साथ प्रति प्रेषित किया जाय कि वे तथ्यों का विश्लेषण कर दोनों पक्षों को साक्ष्य एवं सुनवाई का समुचित अवसर प्रदान करते हुए प्रकरण का निस्तारण गुण-दोष के आधार पर त्वरित गति से करना सुनिश्चित करें।
तदनुसार प्रस्तुत अपील स्वीकार किये जाने योग्य है।
आदेश प्रस्तुत अपील स्वीकार करते हुए जिला मंच, प्रथम लखनऊ द्वारा परिवाद संख्या-87/2009 सौम्या श्रीवास्तव बनाम सुनील भारती मित्तल व अन्य में पारित आदेश दिनांक 26.11.2010 को अपास्त करते हुए प्रस्तुत प्रकरण सम्बन्धित जिला मंच को इस निर्देश के साथ प्रति-प्रेषित किया जाता है कि वे सम्पूर्ण तथ्यों का विश्लेषण कर, दोनों पक्षों को साक्ष्य एवं सुनवाई का समुचित अवसर प्रदान करते हुए गुण-दोष के आधार पर परिवाद का निर्णय त्वरित गति से करना सुनिश्चित करें।
(जे0एन0 सिन्हा) (बाल कुमारी) पीठासीन सदस्य सदस्य हरीश आशु., कोर्ट सं0-1 [HON'BLE MR. Jitendra Nath Sinha] PRESIDING MEMBER [HON'BLE MRS. Smt Balkumari] MEMBER