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Lok Sabha Debates

The Speaker Made References To The Passing Away Of Shri Narsingh Narain Pandey, ... on 8 February, 2018

Sixteenth Loksabha an> Title: The speaker made references to the passing away of Shri Narsingh Narain Pandey, member of 5th Lok Sabha and Shri Raghunath Jha, member of the 13th & 14th Lok Sabha.

माननीय अध्यक्ष : माननीय सदस्यगण, मुझे सभा के दो पूर्व सदस्यों श्री नरसिंह नारायण पांडेय और श्री रघुनाथ झा के दु:खद निधन के बारे में सभा को सूचित करना है ।

         

          श्री नरसिंह नारायण पांडेय उत्तर प्रदेश के गोरखपुर संसदीय निर्वाचन क्षेत्र से पांचवीं लोक सभा के सदस्य थे । वे वर्ष 1980 से 1982 तक राज्य सभा के भी सदस्य थे । वे सभा की बैठकों से सदस्यों की अनुपस्थिति संबंधी समिति के सदस्य थे । इससे पूर्व श्री पांडेय वर्ष 1962 से 1967 तक उत्तर प्रदेश विधान सभा के सदस्य थे । श्री नरसिंह नारायण पांडेय का निधन 8 जनवरी, 2018 को 88 वर्ष की आयु में गोरखपुर, उत्तर प्रदेश में हुआ ।

         

          श्री रघुनाथ झा बिहार के गोपालगंज संसदीय निर्वाचन क्षेत्र से तेरहवीं और बेतिया संसदीय निर्वाचन क्षेत्र से चौदहवीं लोक सभा के सदस्य थे। श्री झा अप्रैल, 2008 से मई, 2009 तक केन्द्रीय भारी उद्योग और लोक उद्यम मंत्रालय में राज्‍य मंत्री थे। वे Committee on Agriculture, Committee on Ethics, Committee on Home Affairs, Railway Convention Committee, House Committee और Public Accounts Committee के सदस्य भी थे। श्री झा वर्ष 1972 से 1998 तक बिहार विधान सभा के सदस्य थे। उन्होंने बिहार में मंत्री के रूप में भी कार्य किया।

 

          श्री रघुनाथ झा का निधन 15 जनवरी, 2018 को 78 वर्ष की आयु में नई दिल्ली में हुआ।

     हम अपने दो पूर्व साथियों के निधन पर शोक व्यक्त करते हैं । मुझे विश्वास है  कि शोक-संतप्त परिवारों के प्रति अपनी संवेदना व्यक्त करने में यह सभा मेरे साथ है ।

         अब यह सभा दिवंगत आत्माओं के सम्मान में कुछ देर मौन रहेगी ।


   

 11 04 hrs   

(The Members then stood in silence for a short while.)                           

         

   

 
   

 11 05 hrs  

ORAL ANSWERS TO QUESTIONS  

माननीय अध्यक्ष: प्रश्न 81,     श्री चन्द्रकांत खैरे – अनुपस्थित ।  

(Q. 81)  

…(व्यवधान)  

 11 06 hrs  

(At this stage, Shri Varaprasad Rao Velagapalli and some other hon. Members came and stood  on the floor near the Table.)   माननीय अध्यक्ष: प्रश्न काल डिस्टर्ब नहीं करना है, आप बैठिए ।

…(व्यवधान)

श्री विनायक भाऊराव राऊत :  माननीय अध्यक्ष जी, विज्ञापन के युग में कई तरह के विज्ञापन आते-जाते रहते हैं, हमें उससे कोई एतराज़ नहीं है। लेकिन कई विज्ञापन ऐसे हैं कि उसका सीधा दुष्परिणाम स्वास्थ्य और लोगों के ऊपर हो रहा है। मैकडोनॉल्ड के विज्ञापन में कहा जाता है कि चिकन बर्गर खाइए, पीज़ा के लिए कहा जाता है कि पीज़ा खाइए, डोमिनोज़ पीज़ा खाइए, इस वजह से लो वड़ा-पाव को भूल गए, इडली-वड़ा-सांबर भूल गए, मसाला डोसा भूल गए । कई ऐसे विज्ञापन आते हैं कि जिससे बच्चे काफी प्रभावित होते हैं। जंक फूड खाने से कम उम्र में ही दुष्परिणामों का सामना करना पड़ता है ।…(व्यवधान) कई वर्ष पहले एक्सपर्ट ग्रुप ने सुझाव दिया था कि हाई फैट, शुगर और सॉल्ट वाली खाने की चीजें बैन करनी चाहिए, कंट्रोल करनी चाहिए। मैं आपके माध्यम से माननीय मंत्री जी से प्रश्न पूछना चाहता हूं कि सरकार इस पर पाबंदी लगाने के लिए क्या कदम उठाने वाली है? …(व्यवधान)

कर्नल राज्यवर्धन राठौर (सेवानिवृत्त): माननीय अध्यक्ष जी, मुझे लगता है कि इस सदन में शायद ही कोई ऐसा सदस्य होगा जिसने बचपन में जलेबी या कचौड़ी न खाई हो, लेकिन किसी भी चीज की अति हानिकारक हो सकती है। फूड सेफ्टी स्टैंडर्ड्स अथारिटी ने एक 11सदस्यों की कमेटी जरूर बनाई थी।  उन्होंने पूरी स्टडी करके कुछ रिकमेंडेशन्स दिए हैं । …(व्यवधान) जैसे आसकी, एडवर्टाइजमेंट स्टैंडर्ड्स काउंसिल आफ इंडिया विज्ञापनों पर सैल्फ रैगुलेट करती है । उनके साथ एफएसएसएआई ने एमओयू किया है कि कंपनियां वालेंटियर होकर इस तरह के विज्ञापन न दें जो मिसलीडिंग हो सकते हैं या किसी पर्टिकुलर फूड प्रोडक्ट की तरफ बच्चों को जरूरत से  ज्यादा आकर्षित कर सकते हैं । आपको यह जानकर खुशी होगी कि नौ फूड बिजनेस ऑपरेटर्स जिसमें कोका कोला, जनरल मिल्स कैलाक्स, फरेरो, नेस्ले, मार्स, पेप्सी, हिंदुस्तान लिवर इन सबने तय किया है कि बच्चों के चैनल्स, प्रोग्राम्स पर इस तरह के विज्ञापन नहीं देंगे जिससे बच्चे भटक जाएं ।

           ऑर्गेनाइजेशन जैसे फूड एंड बैवरेजिस एलाइंस आफ इंडिया ने स्वीकार किया है कि वालेंटियर होकर ये विज्ञापन नहीं देंगे। केबल टेलीविजन एक्ट में एडवर्टाइजिंग कोड है, जिसमें दिया गया है कि इस देश के कानून के विरुद्ध अगर कोई विज्ञापन दिखाया जाएगा तो उस पर प्रतिबंध लगा दिया जाएगा। जिस तरह से टबैको या एल्कोहल पर हैल्थ मिनिस्ट्री ने कानून बनाया है, अगर इस तरह का कानून बनेगा तो आगे उन पर भी पाबंदी लगाई जाएगी।

श्री संजय धोत्रे : अध्यक्ष महोदया, यह जो प्रश्न है, इसमें खासकर छोटे बच्चों की सेहत के ऊपर जो असर होता है, क्योंकि बड़े और बुजुर्गों को तो यह पता है कि सिगरेट, बीड़ी, शराब से क्या नुकसान होता है, फिर भी वे इसका इस्तेमाल करते हैं ।  लेकिन हमारे जो बच्चे हैं और युवा हैं उनकी सेहत के ऊपर इसका बहुत बुरा असर हो रहा है । छोटे बच्चे नहीं जानते कि इसके दुष्परिणाम क्या हैं । इसके ऊपर सीधी तरह से बैन करना चाहिए । और कई चीजें तो ऐसी हैं,जैसा अभी सामने आया है कि कुरकुरे वगैरह में प्लास्टिक का इस्तेमाल होता है ।  सरकार इस पर गंभीरता से विचार करेगी या नहीं करेगी ?   … (Interruptions)

कर्नल राज्यवर्धन राठौर (सेवानिवृत्त) : मैडम, इसके ऊपर स्वास्थ्य मंत्रालय सोच-विचार कर कानून बनाता है । अगर आगे चलकर वे कानून बनाएंगे तो उसके ऊपर हमारा मंत्रालय जो विज्ञापनों के ऊपर नज़र रखता है और ASCI,जो सेल्फ रेगुलेट करता है, वह जरूर कोई एक्शन ले सकता है । मैं माननीय सदस्य को और पूरे सदन को जरूर बतलाना चाहूंगा कि एफएसएसएआई ने अवेयरनेस कैम्पेन भी चलाया है । सभी स्कूलों के अंदर यह अवेयरनेस कैम्पेन चलाया है और स्कूल की जो कैंटीन्स हैं, उनके अंदर एक होलसम फूड प्रोडक्ट्स एवेलेबल हों और जंक फूड उतनी मात्रा में एवेलेबल न हों । इसके ऊपर भी अवेयरनेस कैम्पेन चलाया  गया है ।… (Interruptions)

SHRI PARTHA PRITAM RAY : Madam, I thank you for allowing me to ask a supplementary. … (Interruptions)

          Now-a-days, as you know, more and more children are spending time using online Apps and social media rather than watching TV. Recently, the World Health Organisation warned that the Governments should protect children from targeted junk food advertisements appearing in Apps, social media, video blogs as well as on TV. … (Interruptions)

          I would like to ask the hon. Minister, through you, what are the Government initiatives in regard to restricting the advertisements in online Apps, social media, video blogs as well as on TV. … (Interruptions)

कर्नल राज्यवर्धन राठौर (सेवानिवृत्त) :मैडम, प्रश्न तो सिमिलर है, लेकिन उसके बावजूद मैं यह बात और कहना चाहूंगा कि ASCI, जो कि विज्ञापनों को सेल्फ रेगुलेट करता है, उन्होने भी अपनी तरफ से सभी कंपनीज़ को यह कॉशन दिया है कि जब आप बच्चों के विज्ञापन चलाएं तो जरूर ध्यान दें कि वे मिसलीड न हों ।  बाकी जैसा मैंने कहा कि एक अवेयरनेस कैम्पेन भी चलाया जा रहा है । … (Interruptions)

SHRI BAIJAYANT JAY PANDA : Despite much progress in our country, we still have high levels of malnutrition. More than 40 per cent of our children are malnourished.  … (Interruptions) Even in urban areas, almost 25 per cent children are malnourished. It is not just due to shortage of food; it is due to eating bad food, junk food with trans-fats, high salt and high sugar, as has been discussed. … (Interruptions)

The hon. Minister has talked about self-regulation by the industry which is a necessary first step, but it is never going to be adequate because money is a very strong motivator. So, despite self-regulation, there are going to be violations of such advertisements. … (Interruptions)

HON. SPEAKER : It is not allowed.  Please keep it in.

… (Interruptions)

HON. SPEAKER: No, nothing doing.  Do not speak to them. Do not entertain such things.

… (Interruptions)

SHRI BAIJAYANT JAY PANDA : The hon. Minister has stated that if a law is passed, as we have done for tobacco, then they would also implement those kinds of laws for food safety. … (Interruptions) I would urge the hon. Minister that pending such a law to be passed, his Ministry could take steps to insist that when such companies are advertising junk food, they should also, as a voluntary health warning, point out that excess eating of high salt, high sugar and trans-fats is bad for health. If the hon. Minister could give such an assurance, it would be very good for the children of our country. … (Interruptions)

COL. RAJYAVARDHAN RATHORE (RETD.): Madam, the point is very well noted. However, I would like to bring this to the attention of the House that there is a Food and Safety Standards Act, 2006 which clearly states that all packaged food items need to be marked and labelled. … (Interruptions) It also states that in case there is any misleading or a deceptive claim, then there will be a penalty leading up to Rs. 10 lakh. … (Interruptions) However, to assure the hon. Member, I would also go to the extent of saying that the FSSAI and the Health Ministry are also considering the case where the amount of salt or sugar content in that product is also there on the label of the packaged item so that the person who is consuming it, would be more aware. … (Interruptions)

माननीय अध्यक्ष :क्वेश्नन नम्बर - 82,  श्री संतोष कुमार – उपस्थित नहीं।

 

(Q. 82) श्री हरि ओम पाण्डेय : महोदया, भारत गाँवों का देश है ।…(व्यवधान) लोकतंत्र के इतिहास में यह हमारे देश की प्रणाली रही है, जो कि गाँव पंचायत, क्षेत्र पंचायत, नगर पंचायत और जिला पंचायतों का विकास उत्तरोत्तर होता जा रहा है ।…(व्यवधान) हमारे मंत्री जी ने जो उत्तर दिया है, उत्तर प्रदेश के जनपद अम्बेडकर नगर में अभी तक 1,735 ग्राम सभाओं में से सिर्फ 96 गाँवों में लैपटॉप के माध्यम से यह पहुँचाया गया है ।…(व्यवधान) मैं माननीय मंत्री महोदय से यह जानना चाहता हूँ कि क्या ग्राम पंचायत स्तर पर लागू की जा रही योजनाओं के उचित क्रियान्वयन के लिए सैटेलाइट ऑनलाइन मानीटरिंग के सम्बन्ध में कोई प्रावधान किया गया है ? यदि हाँ, तो तत्सम्बन्धी ब्यौरा क्या है?

श्री नरेन्द्र सिंह तोमर : महोदया, पंचायतें निश्चित रूप से देश के लोकतंत्र के लिए बहुत महत्वपूर्ण हैं।…(व्यवधान) खास तौर से लोकतंत्र के इस संस्थान को अगर हम ताकतवर बना दें तो निश्चित रूप से काफी अच्छा काम हो सकता है ।…(व्यवधान) पिछले दिनों सारे देश के ध्यान में है कि प्रधान मंत्री नरेन्द्र मोदी जी ने 14वें वित्त आयोग की सिफारिशों को माना और ढाई लाख पंचायतों को पाँच वर्ष में जो 65 हजार करोड़ रुपया मिलता था, उसे बढ़ाकर दो लाख 292 करोड़ रुपया किया।…(व्यवधान) पंचायतें आर्थिक रूप से सक्षम हों, लेकिन पंचायतें तकनीकी रूप से भी सक्षम हों, पंचायतें पारदर्शिता से काम कर सकें, पंचायतों को टेक्निकल सपोर्ट मिल सके, पंचायतों का ठीक प्रकार से प्रशिक्षण हो सके, इस दिशा में केन्द्र सरकार लगातार चिन्तित है ।…(व्यवधान) सारी पंचायतें ई-पंचायत के रूप में विकसित हों, इसलिए ई-पंचायत मिशन मोड परियोजना हम लोगों ने लागू की है ।…(व्यवधान) इसके तहत लगातार काम चल रहा है ।…(व्यवधान) अब तक लगभग 81हजार पंचायतें ऐसी बची हैं, जिनमें कम्प्यूटर इत्यादि की व्यवस्था नहीं हो पायी है । इसको भी हम लगातार कर रहे हैं और इसके अतिरिक्त भी जो सपोर्ट तकनीकी रूप से चाहिए, वह भारत सरकार देने के लिए तैयार है ।…(व्यवधान) राज्य सरकारें इस दिशा में काम कर रही हैं, लेकिन यह कार्यक्रम पहले नहीं था, इसलिए धीरे-धीरे चल रहा है ।…(व्यवधान) मैंने अपने उत्तर में भी बताया है कि दूरसंचार विभाग को प्रधान मंत्री जी ने ऑप्टिकल फाइबर बिछाने का निर्देश दिया ।…(व्यवधान) वर्ष 2014 में जब हम लोग सरकार में आये थे, तब मात्र 56 पंचायतों में ऑप्टिकल फाइबर बिछा था। …(व्यवधान) अब एक लाख से ज्यादा पंचायतें ऑप्टिकल फाइबर से युक्त हो चुकी हैं ।…(व्यवधान) कनेक्टिविटी जुड़ रही है और वर्ष 2019 तक यह शत-प्रतिशत हो जाये, इस दिशा में सरकार पूरी तरह प्रयत्नशील है ।…(व्यवधान)

माननीय अध्यक्ष :आपको सेकेंड सप्लीमेन्टरी पूछना हो तो आज आपको मौका मिल सकता है ।

…(व्यवधान)

 श्री हरि ओम पाण्डेय: महोदया, हमें सेकेंड सप्लीमेन्टरी पूछना है ।…(व्यवधान) भारत गाँवों का देश है और हमारे महात्मा जी ने ग्राम स्वराज की परिकल्पना की थी ।…(व्यवधान) हमारे माननीय मंत्री जी के उत्तर से मैं संतुष्ट तो हूँ कि वर्ष 2019 तक सारे गाँवों को इंटरनेट से जोड़ दिया जायेगा, लेकिन उत्तर प्रदेश का अम्बेडकर नगर जनपद सबसे पिछड़ा हुआ जनपद है, जहाँ आजादी से लेकर आज तक विकास की किरण नहीं पहुँच पायी है ।…(व्यवधान) जब से हमारी भारतीय जनता पार्टी की सरकार आयी है, जो कार्य हो रहा है, वह भी बहुत स्लो गति से हो रहा है, जबकि हमारे देश के प्रधान मंत्री नरेन्द्र भाई मोदी जी का यह सपना है कि भारत गाँवों का देश है और जब तक गाँव का विकास, किसान, मजदूर और जवान विकसित नहीं होगा, तब तक देश को पूरी कनेक्टिविटी का कैसे लाभ मिलेगा? …(व्यवधान) मैं माननीय मंत्री जी से यह जानना चाहता हूँ कि उत्तर प्रदेश के अम्बेडकर नगर के दिन कब तक बहुर जायेंगे ।…(व्यवधान) मैं यह प्रश्न पूछना चाहता हूँ ।…(व्यवधान) 

श्री नरेन्द्र सिंह तोमर : माननीय अध्यक्ष महोदया, प्रधान मंत्री नरेन्द्र मोदी जी की प्राथमिकता है ‍कि देश में व्यक्तियों में भी गैर-बराबरी समाप्त हो और विकास की दृष्टि से जो देश में असंतुलन खड़ा हो गया है, वह भी पूरी तरह संतुलित हो ।…(व्यवधान)

         अध्यक्षा जी, मैं आपके माध्यम से माननीय सदस्य को बताना चाहता हूं और देश को भी बताना चाहता हूं कि प्रधान मंत्री जी लगभग साल भर से इस बात से चिंतित थे कि देश के कुछ जिले ऐसे हैं, जो विकास की दौड़ में और अन्य पैरामीटर्स में पिछड़ गए हैं।…(व्यवधान) इसलिए पिछले दिनों उन्होंने ऐसे 115 जिलों का चयन किया। उन 115 जिलों को बराबरी के स्तर पर लाया जा सके, इस दृष्टि से केन्द्र सरकार के एक-एक अफसर को इसमें लगाया गया है, केन्द्र सरकार के मंत्रियों से भी इसके लिए आग्रह किया गया है, राज्य सरकार से भी को-ऑर्डिनेट किया जा रहा है। विकास की दौड़ में हर जिला, एक प्रकार से बराबरी के स्तर पर खड़ा हो सके, यह परिस्थिति खड़ी करने की कोशिश की जा रही है ।…(व्यवधान)

         पंचायती राज संस्थाओं के सशक्तीकरण की दृष्टि से, उनको टेक्नीकल सपोर्ट देने की दृष्टि से, उन्हें आर्थिक संपन्न बनाने की दृष्टि से और वे अपना ग्राम पंचायत डेवलपमेंट प्लान बना सकें, इसके लिए मार्गदर्शन की दृष्टि से भारत सरकार प्रतिबद्ध है और प्रयत्नशील है ।…(व्यवधान)

मैं माननीय सदस्य को यह बताना चाहता हूं कि आप चिंता मत कीजिए, आप अपनी सरकार के साथ सम्पर्क में रहिए। इसके लिए राज्य सरकार भी प्रयत्नशील है और अम्बेडकर नगर के दिन जल्दी बदलेंगे, ऐसा मैं विश्वासपूर्वक कह सकता हूं ।…(व्यवधान)

श्री अधीर रंजन चौधरी: मैडम, जब पंचायत की बात होती है तो स्वर्गीय राजीव गांधी जी को हमें याद करना ही पड़ेगा।…(व्यवधान) उन्होंने ही पंचायती राज संस्थाओं को जन्म दिया था। इंफॉर्मेशन टेक्नोलॉजी की जो क्रांति हुई थी, उसके चलते ही आज हम लोग ई-पंचायत की बात करने के काबिल हो रहे हैं । इस ई-पंचायत की शुरुआत डॉ. मनमोहन सिंह जी ने वर्ष 2011 में की थी।…(व्यवधान)

         मैडम, मैं मिनिस्टर तोमर जी का ध्यान एक मूलभूत विषय की ओर आकर्षित करना चाहता हूं कि पंचायती राज संस्थाओं में 3-Fs होते हैं । एक है फण्ड, दूसरा फंक्शन, और तीसरा फंक्शनरीज। आज यह होता है कि पंचायत ज्यादा से ज्यादा स्टेट और केन्द्र सरकार के ऊपर निर्भर करते हैं। लेकिन, हमारी इलेवेंथ शिड्यूल, जिसे 73वें संविधान संशोधन के तहत पंचायती राज संस्थाओं के साथ तय किया गया था, उसमें 29 किस्म की पावर्स पंचायती राज संस्थाओं को दिए गए थे, उसके बारे में यह सरकार क्या सोचती है? पंचायती राज संस्थाओं को जो ये पावर्स दिए गए थे, इन्हें वे पावर्स हासिल कराने के लिए इस सरकार का रवैया क्या है ?…(व्यवधान)

         मैडम, इससे संबंधित पार्लियामेंटरी स्टैंडिंग कमेटी ने भी यह सलाह दी थी  -“The Committee strongly recommended that if necessary, the Minister should go for a constitutional amendment for doing away with the discretionary power of the State Legislatures without compromising the spirit of the federalism enshrined in the Constitution.”          पंचायती राज संस्थाओं को पावर्स देने के लिए यह सरकार क्या सोच रही है ? …(व्यवधान)

श्री नरेन्द्र सिंह तोमर : माननीय अध्यक्ष महोदया, अधीर रंजन जी ने प्रश्न तो कम पूछा, लेकिन अपना भाषण ज्यादा दिया है ।…(व्यवधान) मैं आपके माध्यम से यह बताना चाहता हूं कि पंचायती राज की कल्पना भारत में राजीव गांधी जी के माध्यम से ही नहीं आई, प्राचीन भारत में भी पंचायत की कल्पना थी, ‘पंच परमेश्वर’ की कल्पना थी, गांव के निर्णय गांव में ही होते थे और उस समय भी बड़े-बड़े सवाल इसके माध्यम से निपटाए जाते थे ।…(व्यवधान)

         जहां तक ई-पंचायत की बात है, मैं अधीर रंजन चौधरी जी को कहना चाहता हूं कि वर्ष 2014 तक आपकी सरकार थी । वर्ष 2014 से पहले ई-पंचायत की दृष्टि से इस क्षेत्र में क्या हुआ, यह मुझे आपको बताने की जरूरत नहीं है । ऑप्टीकल फाइबर की दृष्टि से भी मैंने पहले बताया कि मात्र 56 पंचायतों तक ही ऑप्टीकल फाइबर पहुंचाया गया था । नरेन्द्री मोदी जी के दृढ़ संकल्प के कारण एक लाख से अधिक पंचायतों में ऑप्टीकल फाइबर पहुंचाने का प्रयत्न किया गया है।…(व्यवधान)

मैं यह बताना चाहता हूँ कि 13 वें वित्त आयोग की जब रिपोर्ट आयी थी, तो उस समय आपकी सरकार थी और 58,256 करोड़ रुपये दिये गये ।…(व्यवधान) 14वें वित्त आयोग की रिपोर्ट हमारे समय में आयी तो हमने 2 लाख 2 सौ 92 हजार करोड़ रुपये पंचायतों को देने प्रारंभ किये।…(व्यवधान) पंचायती राज सशक्त हो, पंचायत स्व-सरकार के रूप में विकसित हो, पंचायत आत्मनिर्भर हो, पंचायत टैक्स लगा सके और अपनी आय बना सके, इस दिशा में पंचायतों  के साथ केन्द्र सरकार और राज्य सरकार मिलकर लगातार काम  कर रही है ।…(व्यवधान) मुझे पूरा विश्वास है कि आने वाले समय में पंचायतें स्व-सरकार के रूप में विकसित होंगी। धन्यवाद।…(व्यवधान)

HON. SPEAKER:  I am requesting all of you to please think about the Lok Sabha staff also.  Keep distance from them as they are working for you and if something happens to them, it will not be proper.  So, please keep distance from them.

… (Interruptions)

HON. SPEAKER:  No, I am sorry.

… (Interruptions)

कर्नल सोनाराम चौधरी: मैडम स्पीकर, मैं आपके माध्यम  से मंत्री जी को बताना चाहता हूँ कि मेरा संसदीय क्षेत्र बाड़मेर है,जो ई-पंचायत तथा इंटरनेट की फैसिलिटी बहुत कमजोर है ।…(व्यवधान) मैं आपको बताना चाहता हूँ कि 19 ब्लॉक हैं, जिनमें 2 ब्लॉक मेरे यहाँ हैं, खेड़ा और खेड़ा ब्लॉक के अंदर भी इंटरनेट नहीं है ।…(व्यवधान) यदि वहाँ कोई पंचायतें हैं, तो 581 में से 377 पंचायतों के अंदर इंटरनेट नहीं है ।…(व्यवधान) वहाँ करीब 3258 गाँव हैं, उनमें से सिर्फ 1986 गाँव के अंदर इंटरनेट है । हमारे मंत्री जी ने ठीक कहा कि उन्होंने 115 गाँवों को पिछड़ा गाँव घोषित किया है ।…(व्यवधान) इसके लिए मैं मोदी सरकार को बहुत धन्यवाद देता हूँ । इसकी वजह से हमारे दोनों डिस्ट्रिक्ट्स बाड़मेर तथा जैसलमेर उसमें आ रहे हैं, परंतु वहाँ सर्विसेज़ बहुत ही पूअर हैं।…(व्यवधान) अभी तक 60 पर्सेंट ग्राम पंचायतों में इंटरनेट नहीं है, ई-पंचायत की फैसिलिटी नहीं है। आपको यह जानकर ताज्जुब होगा कि सांसद आदर्श गाँव योजना के तहत एक सांसद को तीन गाँव लेने पड़ते हैं। मैंने तीन गाँव लिये हैं। इन तीन गाँवों में से दो गाँव के अंदर इंटरनेट की फैसिलिटी नहीं है ।…(व्यवधान) ऐसी स्थिति में जब मैं मंत्री जी से मिला था तो उन्होंने कहा कि हमारे पास कुछ ही बजट है ।…(व्यवधान) मैं मानता हूँ कि आपने काफी फैसिलिटी बढ़ायी है, लेकिन आपसे मेरा यही सवाल है कि अपने संबंधित मंत्रालय को कह कर आपको उन 65 पर्सेंट ग्राम पंचायतों में इसकी फैसिलिटी देनी चाहिए।…(व्यवधान) इन ग्राम पंचायतों में इंटरनेट की फैसिलिटी पहुँचाने के लिए टाइमबाउंड पिकअप करें, सेलेक्ट करें और उसको टाइमबाउंड करके कब तक करेंगे? इस बारे में मुझे जवाब दें ।…(व्यवधान)

श्री नरेन्द्र सिंह तोमर: माननीय अध्यक्ष महोदया, मैं आपके माध्यम से माननीय सदस्य को बताना चाहता हूँ,…(व्यवधान) मुझे यह मानने में कोई संकोच नहीं है और मैंने पहले भी यह कहा था कि अभी बहुत सारे ऐसे क्षेत्र बाकी हैं, जहाँ ऑप्टिक फाइबर लाइन बिछ नहीं पायी है ।…(व्यवधान)

   

HON. SPEAKER:  What is happening?  I will have to take action against you.  This is not proper.  What is it?  No, I am sorry.

… (Interruptions)

HON. SPEAKER:  The House stands adjourned to meet again at 11.45 a.m. 11 29 hrs The Lok Sabha then adjourned till Forty Five Minutes past Eleven of the Clock.

   

11 45 hrs The Lok Sabha re-assembled at Forty Five Minutes past  Eleven of the Clock.

(Hon. Speaker in the Chair) … (Interruptions)

11 45 ¼  hrs (At this stage, Shri Malyadri Sriram and some other hon. Members came and stood  on the floor near the Table.) … (Interruptions)

1145 ½  hrs (At this stage, Shri Y.S. Avinash Reddy and some other hon. Members came and stood  on the floor near the Table.) … (Interruptions)

 

11 46 hrs ORAL ANSWERS TO QUESTIONS ... Contd.

(Q. 82) HON. SPEAKER: Mr. Minister, you may reply.

ग्रामीण विकास मंत्री, पंचायती राज मंत्री तथा खान मंत्री(श्री नरेन्द्र सिंह तोमर)  : माननीय अध्यक्ष महोदया, हमारे सांसद सोनाराम जी का सप्लीमेंट्री प्रश्न चल रहा था । …(व्यवधान) मैं उन्हें यह भी बताना चाहता हूं कि पुनर्गठित राष्ट्रीय ग्राम स्वराज अभियान भी सरकार प्रारम्भ कर रही है ।…(व्यवधान)  इस पर 7255 करोड़ रुपये का प्रावधान किया गया है। यह अभियान प्रारम्भ हो रहा है ।…(व्यवधान) इससे निश्चित रूप से ग्राम पंचायत भवन जो अभी बाकी बचे हैं, देश में लगभग 52 हजार ग्राम पंचायतें हैं, जिनके पास अपना ग्राम पंचायत भवन नहीं है, वे बनाए जाएंगे ।…(व्यवधान) पंचायती राज संस्थाओं की क्षमता का विकास किया जाएगा, उनको प्रशिक्षण दिया जाएगा ।…(व्यवधान) दूरस्थ शिक्षण के लिए सैटकॉम, डीटीएच, इंटरनेट प्रोटोकॉल आधारित प्रौद्योगिकी, पंचायतों की ई-सक्षमता, आर्थिक आय में वृद्धि, ग्राम पंचायत स्तर पर लघु परियोजनायें बन सकें और उनका ठीक प्रकार से संचालन हो सके, पंचायतों को तकनीकी सहायता उपलब्ध कराई जा सके और ई-पंचायत मिशन बोर्ड परियोजना को ठीक से लागू किया जा सके, पंचायतों का प्रोत्साहनीकरण किया जा सके, यह ग्राम स्वराज अभियान में सम्मिलित है ।…(व्यवधान)

मैं आपके माध्यम से माननीय सदस्य को बताना चाहता हूं कि राजस्थान में 8,117 पंचायतों में इंटरनेट कनेक्शन सर्विस रेडी स्टेज पर आ चुकी है । राजस्थान में ग्राम पंचायतों की संख्या 9,294 है ।…(व्यवधान) 9,294 में से 8,117 पंचायतों में इंटरनेट कनेक्टिविटी जुड़ चुकी हैं और जो शेष बची हैं, उनको भी जल्दी पूरा किया जाएगा ।…(व्यवधान)

 

(Q.  83) श्री ए॰पी॰जितेन्द्र रेड्डी : …(व्यवधान) मैडम, सबसे पहले तो मैं आज बधाई का पात्र हूं । साढ़े तीन साल के अंदर पहली बार मेरा स्टार्ड क्वैश्चन आया है। …(व्यवधान) मुझे डर था कि आज भी होगा या नहीं । …(व्यवधान) क्योंकि आपके एडजर्न करने के बाद मैंने सोचा कि आज भी मेरा क्वैश्चन गया । …(व्यवधान)

         मंत्री जी द्वारा जो जवाब दिया गया है, मैंने उस जवाब को पढ़ा है । माननीय मंत्री, गडकरी जी के काम के ऊपर मुझे बहुत ही भरोसा है। वह देश के लिए बहुत ही अच्छा काम कर रहे हैं, बहुत आगे बढ़ा रहे हैं । तेलंगाना में 3 साल के अंदर 3,007 किलोमीटर की रोड दी है, इसके लिए तेलंगाना सरकार की तरफ से भी मैं उन्हें बधाई देता हूं ।…(व्यवधान) लेकिन जिस तेजी के साथ वह रोड बनाते जा रहे हैं, उसकी सेफ्टी की तरफ वह ध्यान नहीं दे रहे हैं ।…(व्यवधान) पहला ही उनका जवाब यह है। No, Madam, there is a marginal decline of four per cent in the number of road accidents in 2016, which is prepared based on data furnished by the police department of States and UTs.

मैडम, यह गलत बात है, …(व्यवधान) आपके आंकड़े बताते हैं कि वर्ष 2014 के अंदर 4,89,400 एक्सिडेंट्स हुए हैं, वर्ष 2015 में 5,01,432 एक्सिडेंट्स हुए हैं। इससे साफ जाहिर होता है कि एक्सिडेंट्स बढ़ रहे हैं। यहां बहुत सारे स्टेप्स लिए गए हैं, बहुत सारे अवेयरनेस प्रोग्राम भी ला रहे हैं। आपकी रिपोर्ट में ही ‘Details of funds utilised under the Scheme of Awareness Generation and Publicity regarding road safety’. लास्ट पेज में वर्ष 2014-15 में 37 करोड़ रुपये का यूटिलाइजेशन हुआ है, वर्ष 2016-17 में 32 करोड़ रोड सेफ्टी अवेयरनेस पर खर्च हुए हैं। जब अवेयरनेस  का अमाउंट ही कम हो रहा है, …(व्यवधान) रोड एक्सिडेंट्स ज्यादा हो रहे हैं । मैं मंत्री जी से पूछना चाहता हूं, आप रोड विस्तार में नाम कमा रहे हैं, ट्रांसपोटशन में कमा रहे हैं लेकिन एक्सिडेंट्स में आपका नाम बहुत खराब हो रहा है । महबूबनगर जिले के बारे में बहुत समय 377 और जीरो ऑवर में बोला, बहुत सारे लेटर्स भी आपको लिखे हैं। हर‍ दिन मिनिमम एक आदमी एक्सिडेंट्स में मरता है। …(व्यवधान) इसके लिए आप क्या सुझाव देना चाहते हैं, इस बारे में जानकारी दीजिए?

श्री नितिन गडकरी: माननीय स्पीकर महोदया, यह बात सच है कि एक्सिडेंट्स हमारे देश के लिए बहुत ही गंभीर समस्या है। वर्ष 2014 से लेकर वर्ष 2016 तक सभी डीटेल्स मैंने दिए हैं। …(व्यवधान) मैं सदन को बताना चाहता हूं कि वर्ष 2015 में 5, 01,423 एक्सिडेंट्स हुए थे, उसमें 1,46,133 लोगों की मृत्यु हुई थी, वर्ष 2016 में 4,80,652 एक्सिडेंट्स हुए थे और 1,50,785 लोगों की डेथ हुई थी। वर्ष 2017 का डाटा भी मेरे पास है। उसमें 4,60,000 एक्सिडेंट्स हुए, एक्सिडेंट्स में कमी हुई है, करीब डेथ चार हजार से कम हुई हैं। 1,46,000 लोगों की मौत हुई है। किंतु मैं इससे संतुष्ट नहीं हूं, पूरी दुनिया में सबसे ज्यादा एक्सिडेंट्स हमारे देश में होते हैं, एक्सिडेंट्स न हों, इसके लिए हमने चार महत्वपूर्ण बातों पर ध्यान दिया है । करीब 68 परसेंट एक्सिडेंट्स हेलमेट न पहनने से बाइक से होते हैं, हेलमेट के बारे में हम लगातार प्रचार कर रहे हैं। …(व्यवधान) हमारी जो पॉलिसी है - 4 ‘E’ एजुकेशन, फॉर ई-पॉलिसी, एजुकेशन इंजीनियरिंग, इन्फोर्समेंट एंड इमर्जेंसी केयर। रोड इंजीनियरिंग जिसके बारे में माननीय सदस्य ने उल्लेख किया था, ये रोड बहुत पुराने समय में बने थे, जब हमारी सरकार भी नहीं थी । …(व्यवधान) हमने जो ब्लैक स्पॉट आइडेंटिफाई किए हैं, उसको इम्प्रूव करने का काम हमने शुरू कर दिया है । इसके साथ साथ 786 ब्लैक स्पॉट्स निकाले गए और उसके ऊपर कार्रवाई हुई है ।

         माननीय सदस्य एक्सिडेंट्स के बारे में संवेदनशील हैं, इसके लिए मैं उनको बधाई देना चाहता हूं । उन्होंने अपने जिले के बारे में बताया है, टोटल 32 ब्लैक स्पॉट्स हैं, उसमें 19 अंडर शार्ट टर्म रिमेडियल मेजर्स में है, रेक्टिफाइड अंडर परमानेंट मेजर्स में 13 हैं । इन सभी स्पॉट्स को इम्प्रूव करने के आदेश दिए गए हैं ।

         महोदया, मैं सदन को आह्वान करता हूं कि हमने हर पार्लियामेंट सदस्य की अध्यक्षता में एक्सिडेंट्स निर्मूल करने के लिए एक कमेटी बनाई है । …(व्यवधान) कुछ ब्लैक स्पॉट्स राष्ट्रीय मार्ग पर हैं, कुछ ब्लैक स्पॉटस स्टेट रोड पर है, कुछ डिस्ट्रीक्ट रोड पर हैं, कुछ म्युनिसिपल कारपोरेशन रोड पर है, कुछ स्पॉटस विलेज कनेक्टिविटी के रोड पर हैं ।

एक्सीडेंटल स्पॉट्स इम्प्रूव करने के लिए कहा है। अगर यह काम होगा तो बड़े प्रमाण पर एक्सीडेंट्स की संख्या कम होगी । मेरा सभी एमपीज़ से आहृवान है कि हमने जो ऑर्डर निकाला है, उसके आधार पर कमेटी तुरंत तैयार करें । आप कमेटी के आधार पर अपने जिले में इनीशिएटिव लें और आइडेंटिफाई करके संबंधित एजेंसी की कलक्टर द्वारा मीटिंग बुलाएं। अगर यह काम होगा तो निश्चित रूप से इसमें कमी आएगी । …(व्यवधान)

         यह दुर्भाग्यपूर्ण है कि हम विश्व में सबसे हाइएस्ट एक्सीडेंट्स में हैं । मेरा भी एक्सीडेंट हुआ था। एक्सीडेंट्स में कितने लोग जख्मी हो जाते हैं । मैं सदन को विश्वास दिलाना चाहता हूं कि सरकार की इसके लिए सर्वोच्च प्राथमिकता है और हम इसे पूरा करेंगे । मुझे दुख हो रहा है कि उन्होंने मुझे पूछा कि पैसा क्यों खर्च नहीं हो रहा है । रोड सेफ्टी बिल सदन में 10 अप्रैल, 2017 को पास हुआ था । इसके आने से पहले मुझे डेढ़ साल संघर्ष करना पड़ा और सब राज्यों के ट्रांसपोर्ट मिनिस्टर्स की कमेटी बनी, युनेनिमिटी बनी, उसके बाद यह बिल आया। बिल यहां से पास होकर राज्य सभा में गया, उन्होंने स्टैंडिंग कमेटी के पास भेजा। स्टैंडिंग कमेटी में नौ बार सैक्रेट्री गए, दो बार मैं गया । अब स्टैंडिंग कमेटी की रिपोर्ट आ गई है । तीन सेशन हो गए हैं, बिल लटका हुआ है, काम नहीं हो रहा है क्योंकि बिल मंजूर नहीं हो रहा है और मैं लॉ का एन्फोर्समेंट नहीं कर पा रहा हूं।…(व्यवधान)

         मैं सदन से आह्वान करना चाहता हूं कि यह राजनीतिक विषय नहीं है, लोगों की जान बचाने का विषय है, एक्सीडेंट्स को कम करने का विषय है । ऐसे महत्वपूर्ण विषय पर अगर लोकतंत्र में तीन साल ऐसे ही अटके रहेंगे तो कैसे काम होगा । इस तरह से लोगों की मृत्यु होती रहेगी और हम उनकी जान नहीं बचा पाएंगे। यह मेरी वेदना है ।…(व्यवधान)

         मैं आपके मार्फत सभी लोक प्रतिनिधियों से आह्वान करता हूं कि अगर इसमें सहयोग करेंगे तो रोड सेफ्टी अथारिटी बन जाएगी, लॉ एन्फोर्समेंट होगा, ड्राइविंग ट्रेनिंग सैंटर शुरु होंगे, आर्टिरियल ट्रैफिक सिस्टम आएगा, कैमरे से वाएलेशन की नोटिंग की जाएगी, फाइन में बढ़ोतरी होगी। लोगों के मन में कानून के प्रति सम्मान और डर नहीं है, इससे दोनों बातें हासिल होंगी और हम लोगों की जान बचाने में सफल होंगे ।…(व्यवधान)

         मैं पूरे सदन से आह्वान करता हूं कि लोगों की जान बचाने में सभी सहयोग करें । मुझे विश्वास है कि आप सबके सहयोग से आने वाले पांच साल जब पूरे होंगे तो हम कम से कम 50 फीसदी लोगों की जान जरूर बचा पाएंगे । आप इस काम में सहयोग कीजिए, यही मेरी आप सबसे प्रार्थना है। …(व्यवधान)

श्री ए.पी. जितेन्द्र रेड्डी : माननीय अध्यक्ष जी, माननीय मंत्री जी ने बहुत ही विस्तार से जवाब दिया है। जिलों में एमपीज़ को मीटिंग करने के लिए प्रस्ताव बनाया गया है । हमने कलक्टर, आरओ आफिसर के साथ मीटिंग कंडक्‍ट की है । हमने नेशनल हाईवे 44 में उनके साथ जाकर इंस्पेक्शन की है । आपने बताया कि 32 ब्लैक स्पॉट्स की आइडेंटिफिकेशन हुई है, यहां उनका काम पूरा नहीं है, जो काम किया गया है यह सिर्फ आईवाश है । वहां पर आरओबी, आरयूबी, स्लिप रोड नहीं हैं । मुझे नहीं मालूम कि क्यों नेशनल हाईवे अथारिटी मिनिस्ट्रीज़ कांट्रेक्टर्स को साइट दे रही है? हमारे पास दो कांट्रेक्टर हैं, जीएमआर और एलएंडटी। मेरे ख्याल से जब ये रोड का काम शुरु करते हैं, I think when they start construction work of a road, they are supposed to take care of all these precautions and see that these ROBs, RUBs and slip roads are constructed at that particular time. But till date that has not been done. इंस्पेक्शन हो चुका है । कोट्टावट्टा, जानमपेट गांव, जड़चेर्ला, शादनगर में बहुत एक्सीडेंट्स होते हैं। आपने बताया कि हैलमेट नहीं पहनने से एक्सीडेंट्स होते हैं । When a person comes out of his village to reach a road, he does not travel on a motor cycle or on any other vehicle. He travels on foot from his village to the road. उसे ट्रक मारकर चला जाता है।वहां पर प्रॉपर बैरीकेड्स नहीं हैं । …(व्यवधान)

माननीय अध्यक्ष: रेड्डी जी, आपको भाषण न देकर केवल प्रश्न पूछना है ।

…(व्यवधान)

श्री ए. पी. जितेन्द्र रेड्डी :  अध्यक्ष महोदया, मैं कहना चाहता हूं कि जहां पर एक्सीडैंट्स हो रहे हैं, यानी कामारेड्डी एन.एच. 44, जाहिराबाद एन. एच. 65 पर आरओबीज चाहिए । जरचला से महबूबनगर का रोड, जो इतने साल से पेंडिंग है, उसे भी डेवलप करना है। आप उसे जल्दी से जल्दी डेवलप करें। हाला में नौ आदमियों का एक्सीडैंट हुआ है, जिसमें सबकी मौत हो गयी है ।

         मैं मंत्री जी से पूछना चाहता हूं कि वे ये रोड्स कितनी जल्दी पूरी करेंगे ।

श्री नितिन गडकरी:  अध्यक्ष महोदया, सम्माननीय सदस्य ने मुझे एन.एच. 44 पर 32 सुझाव दिये हैं। मेरे पास पूरी लिस्ट है । वहां के एमएलए देवरकागरा एंड पीडीएनएचएआई ने खुद जाकर लोकेशन पर विजिट भी की है और मेरे साथ उनकी मीटिंग भी हुई है ।  स्कोप ऑफ वर्क में काम करने के लिए यहां प्रपोजल भेजकर अनुमति मिलती है । इसके लिए हमने पीडी के अधिकार भी बढ़ाकर दिये हैं ।

 मैं माननीय सदस्य से कहना चाहूंगा कि हम लोग तुरंत इस पर कार्रवाई करेंगे और उसके बाद एक्सीडैंटल स्पॉट्स के बारे में जो डिले हो रहा है, उसे कम करने के लिए वहां पीडी अधिकार को इम्प्लीमैंट करने के लिए कहेंगे। हम जल्द से जल्द सब काम पूरा करके देंगे, ऐसा मैं उन्हें विश्वास देता हूं।

   

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