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Lok Sabha Debates

Regarding Alleged Rampant Corruption Prevailing In The Country And Rise In The ... on 22 May, 2006

an> Title : Regarding alleged rampant corruption prevailing in the country and rise in the prices of essential commodities. MR. SPEAKER : Hon. Members, what I am now going to do is this.

… (Interruptions)

MR. SPEAKER : As I have had the discussion with the hon. Leaders, I shall permit two hon. Members to raise the issues. I will request earnestly all the hon. Members to please cooperate and this should not be treated as a precedent in future. Sometimes, as it happens, we have to respond to the situations that develop. I repeatedly said I do not wish to scuttle any issue from being raised. The only thing I implore on all the hon. Member is that let it be done according to the procedure and rules. Otherwise, it will be disorder and that is what is happening.             Prof. Ram Gopal Yadav to speak now.

प्रो. राम गोपाल यादव (सम्भल) : अध्यक्ष महोदय, इस सरकार के शासनकाल के दो वर्ष पूरे हो चुके हैं और दो वर्ष पूरे होने पर तमाम तरह की बातें की जा रही हैं कि सरकार ने ये-ये उपलब्धियां की हैं। लेकिन मुझे अफसोस के साथ कहना पड़ रहा है कि इन दो वर्षों में हमारे सब नेताओं और साथियों ने यह कहा था कि इस सरकार की उपलब्धियों को दो रूप में देखा जा सकता हैं - एक भ्रष्टाचार और दूसरा महंगाई। आपने देखा होगा कि बहुत सारे ऐसे मामले हैं जिन्हें सारा देश जानता है। हमें यह लगता है कि सरकार की तरफ से यह कोशिश की जा रही है कि कैसे भ्रष्टाचारी को बचाया जा सके। मैं दो-तीन बिन्दुओं की ओर ब्रीफ में आपका ध्यान दिलाना चाहता हूं…( व्यवधान)  MR. SPEAKER : Silence please, this is not right.

… (Interruptions)

प्रो. राम गोपाल यादव : अध्यक्ष महोदय, एक तो यह है कि एक मंत्री को सरकार से त्याग-पत्र देना पड़ा क्योंकि उनका नाम वोलकर कमेटी की रिपोर्ट में था, उस मामले की जांच चल रही है। जब उन्होंने मुंह खोला तो एक नाम और आया। और इन्हीं के जरिये दूसरा नाम कांग्रेस पार्टी का था लेकिन उस नाम पर किसी तरह की कोई कार्यवाही क्यों नहीं की गई? सभी लोगों को इस बात की आशंका है कि कहीं न कहीं दाल में काला है। जो बड़े लोग हैं, उन्हें बचाने की साज़िश चल रही है। वोलकर कमेटी ने एक नाम आस्ट्रेलियन व्हीट एजेंसी का दिया है जिससे हम गेहूं मंगा रहे हैं। वोलकर कमेटी ने सब से ज्यादा कमीशन सद्दाम हुसैन को दिये जाने की बात कही है। यह वही दागी एजेंसी है जिससे हिन्दुस्तान की सरकार गेहूं आयात कर रही है। यह गेहूं १००० रुपये प्रति क्िंवटल की लागत से आयात किया जा रहा है जबकि यहां के किसानों से गेहूं ६५० रुपये प्रति क्िंवटल के हिसाब से लिया जा रहा है। साथ में ५० रुपये प्रति क्िंवटल बोनस के रूप में दिये जा रहे हैं। यह बहुत ही गम्भीर मामला है। अध्यक्ष महोदय, दुनिया में कहीं ऐसा नहीं हुआ कि अगर किसी का खाता सील हो गया हो और वह अपील न करे, रिक्वैस्ट न करे और सूओ-मोटो, जो आरोप लगाना है, जो एजेंसी मुकदमा चलाने वाली हो, वह यह कहे कि खाता सील कर दिया जाये, यह कभी नहीं हुआ। बाद में जब मामले की रिट पैटीशन सुप्रीम कोर्ट में की गई तो सी.बी.आई. द्वारा यह बताया गया। सवाल यह है कि वह पैसा कहां चला गया?              यह साबित करता है कि कहीं न कहीं किसी बड़े स्तर से एक व्यक्ति को लाभान्वित करने की कोशिश की गई है और बोफोर्स के मामले में जो दलाली ली गई, उसका पैसा देश से साफ निकल जाने दिया गया। इस प्रकार दोषी को बचाने का काम किया गया है। …( व्यवधान)  अध्यक्ष महोदय : आप लोग बैठिए। आप अपने लीडर को डिस्टर्ब क्यों कर रहे हैं?

...( व्यवधान)

SHRI MADHUSUDAN MISTRY (SABARKANTHA): Sir, he just cannot go on like that, making such allegations in that sense. … (Interruptions) They were exonerated in the High Court. … (Interruptions) MR. SPEAKER: I have permitted him to speak.

… (Interruptions)

प्रो. राम गोपाल यादव : मैंने किसी का नाम नहीं लिया है। …( व्यवधान) 

SHRI MADHUSUDAN MISTRY : Sir, I am objecting to what he is speaking. I am not saying that he should not speak. … (Interruptions) MR. SPEAKER: Nothing else except the statement of Prof. Ram Gopal Yadav will be recorded. (Interruptions) ………* * Not Recorded.

प्रो. राम गोपाल यादव : अध्यक्ष महोदय, मैं कह रहा हूं कि दुनिया में कभी ऐसा नहीं हुआ कि जो आरोप लगाने वाला हो, जिस पर आरोप लग रहे हैं, …( व्यवधान)  क्या क्वात्रोची आपका रिश्तेदार है, जो आपको बुरा लग रहा है ? अभी मैं वह पढ़कर सुनाने लगूंगा, जो सी.बी.आई. ने लिखा है, तो आपका क्या हाल होगा। सी.बी.आई. ने लिखा है कि कौन जाता था, किसको ले जाता था, कौन खाना बनाता था, किसकी गाड़ी में बैठकर जाता था- ये सब बातें मैंने नहीं कही हैं। …( व्यवधान)  MR. SPEAKER: You talk to me.

… (Interruptions)

MR. SPEAKER: Nothing else is being recorded except the statement of Prof. Ram Gopal Yadav. Only your statement is being recorded. (Interruptions) … * प्रो. राम गोपाल यादव : अध्यक्ष महोदय,इसके अलावा जो सबसे बड़ी बात होने जा रही है, वह मैंने अभी बताई नहीं है। जो अभी मैंने कहा है, ये तो भ्रष्टाचार वाली बातें हैं। मैंने पहले भी कहा था कि इन्हें रोकने की कोशिश कीजिए। मार्च, २००१ में जब ये सरकार में थे, तब इन्होंने बाल्को के ५१ प्रतिशत शेयर बेच दिए। ४९ प्रतिशत शेयर बचे जिनकी संख्या १० करोड़ ८ लाख के आसपास है। इस सरकार में हमारे वित्त मंत्री जी ने जिस दिन वित्त मंत्री का पद ग्रहण किया, ठीक उसकी सुबह तक वे वेदान्ता एल्यूमीनियम, जो इंग्लैंड बेस्ड कंपनी है उसके बोर्ड ऑफ डायरैक्टर्स में थे और उसी कंपनी द्वारा ७० प्रतिशत शेयर कंट्रोल किए जाते हैं …( व्यवधान)  MR. SPEAKER: Prof. Yadav, without notice, you cannot make complaint against others. प्रो. राम गोपाल यादव : सर, यह मामला मामूली नहीं है। यदि एक शेयर पर एक रुपया कम कर दिया जाए तो १० करोड़ रुपए से ज्यादा का फायदा तत्काल होता है। इस कंपनी का शेयर १००० रुपए का था और उसे ७७ रुपए पर इवैल्यूएट किया गया। यह ९ हजार करोड़ रुपए का मामला है। इसमें ९ हजार करोड़ रुपए का घपला हुआ है। …( व्यवधान)              महोदय, हम लोग डिफेंस का मामला आमतौर पर सदन में नहीं उठाते हैं, लेकिन डिफेंस में भी एक मामला ऐसा हुआ है। चार-पांच बड़ी-बड़ी बातें हैं। …( व्यवधान)      MR. SPEAKER: You ignore him. Only your statement is being recorded.

(Interruptions) …* अध्यक्ष महोदय : आपको शोभा नहीं देता है। आप सीनियर मैम्बर हैं।

प्रो. राम गोपाल यादव : महोदय, चार-पांच ऐसी बड़ी-बड़ी बातें हैं। वैसे तो बहुत मुद्दे हैं, जिनकी चर्चा मैं यहां नहीं करना चाहता हूं और जिन्हें सारी दुनिया जानती है। इसलिए मैं कह रहा हूं कि जो दो वर्ष का इनका कार्यकाल है, इनकी जो उपलब्धियां हैं, वे ठीक नहीं हैं। महंगाई बहुत बढ़ी है। अभी सुबह जब हम सदन में बैठे थे, तो शेयर मार्केट, ४००, ६००, ८००, १००० और १२०० पाइंट एक घंटे के अंदर गिरा जिससे शेयर मार्केट को बन्द करना पड़ा। इससे स्पष्ट होता है कि कहीं न कहीं हमारी अर्थव्यवस्था में गड़बड़ी है। यहां माननीय नेता सदन बैठे हुए हैं, मैं उनसे प्रार्थना करना चाहता हूं कि आप इसकी ओर देखिए कि ऐसा क्यों है और कहीं ऐसा न हो कि आपके देखते-देखते रातोंरात देश दिवालिया हो जाए। आज शेयर मार्केट के औंधे मुंह गिरने से देश के हजारों और लाखों लोग बेघरबार हो गए हैं। उनकी पूरी सम्पत्ति चली गई है। उनके हालात बहुत खराब हो गए हैं। यह स्थिति है और यह कार्य करने का तौर-तरीका है। दो साल पूरे होने पर स्टॉक मार्केट ने जो सलामी दी है, उस पर थोड़ा ध्यान दीजिए। आपने मुझे बोलने की इजाजत दी, इसके लिए बहुत-बहुत धन्यवाद। MR. SPEAKER: Prof. Vijay Kumar Malhotra.

… (Interruptions)

SHRI KINJARAPU YERRANNAIDU (SRIKAKULAM): Sir, I want to associate myself. … (Interruptions) MR. SPEAKER: No. Please take your seat.

… (Interruptions)

प्रो. विजय कुमार मल्होत्रा (दक्षिण दिल्ली) : अध्यक्ष जी, राम गोपाल यादव जी ने जिन बातों का उल्लेख किया है, उनमें भीषण और भयंकर महंगाई, आतंकवाद, सरकारी भ्रष्टाचार और दो साल की यू.पी.ए. सरकार की जो उपलब्धियां हैं, वे बताई हैं .। अध्यक्ष महोदय : आप बोलते रहिए। आप मुझे एड्रेस कीजिए।

...( व्यवधान)

श्री अशोक प्रधान (खुर्जा) : ऐसे में कैसे बोलते रह सकते हैं।…( व्यवधान) 

* Not Recorded.

अध्यक्ष महोदय : उनकी बात रिकार्ड नहीं हो रही है।

...( व्यवधान)

MR. SPEAKER: Please do not disturb your leader.

… (Interruptions)

MR. SPEAKER: Please take your seat.

… (Interruptions)

MR. SPEAKER: Your Ministers are also here, and if they want they can respond later on. I am not compelling anybody. But please do not disturb him. … (Interruptions)

MR. SPEAKER: Please sit down. Do not disturb him. It is a bad habit.

… (Interruptions)

MR. SPEAKER: Mr. Malhotra, it is not being recorded. Please continue with your submission. … (Interruptions)

प्रो. विजय कुमार मल्होत्रा : चार मंत्रियों को इस्तीफा देना पड़ा था और वोल्कर कमेटी रिपोर्ट के बारे में नटवर सिंह जी को इस्तीफा देना पड़ा था। इस्तीफा देने के बाद उन्होंने जो मुंह खोला, उन्होंने इस बात को दोहराया, उसमें से हम जानना चाहते हैं कि क्या नटवर सिंह जी के साथ ...* THE MINISTER OF PARLIAMENTARY AFFAIRS AND MINISTER OF INFORMATION AND BROADCASTING (SHRI PRIYA RANJAN DASMUNSI): Sir, it should not be recorded. We protest against it. यह तो हमेशा की बीमारी बन गयी है।…( व्यवधान)  SHRI MADHUSUDAN MISTRY : Sir, it should not go on record. … (Interruptions)

MR. SPEAKER: Bring it to me, and I will see it.

… (Interruptions)

__________________________________________________________________*Expunged as ordered by the Chair     MR. SPEAKER: It is not right.

… (Interruptions)

SHRI PRIYA RANJAN DASMUNSI: Sir, it should be deleted from the records. Mr. Malhotra deserves contempt of the House for falsely alleging things that do not form part of the Report. … (Interruptions) MR. SPEAKER: You have to give notice for it, and you cannot say all this without giving notice. … (Interruptions)

PROF. VIJAY KUMAR MALHOTRA : Sir, I am saying only जो उन्होंने कहा…( व्यवधान) 

SHRI PRIYA RANJAN DASMUNSI: Sir, I would like to say that it should not be part of the record. … (Interruptions) MR. SPEAKER: You know the rules very well with regard to this issue.

… (Interruptions)

PROF. VIJAY KUMAR MALHOTRA : Sir, the Report says so. … (Interruptions)

SHRI PRIYA RANJAN DASMUNSI: Sir, nowhere in the Report it has been mentioned like this. It is just your imagination. … (Interruptions) यह तो हमेशा की बीमारी बन गयी है। इसका इलाज होना चाहिए।…( व्यवधान)  अध्यक्ष महोदय : आप बोलिए।

...( व्यवधान)

प्रो. विजय कुमार मल्होत्रा : इन्फोर्समेन्ट डायरेक्टरेट ने उनसे जो पूछताछ की उसके बारे में हम जानना चाहते हैं कि जो रूपया तेल के बदले अनाज कार्यक्रम के बदले कांग्रेस पार्टी के नाम पर जो कूपन वहां से उठाए गए थे, वह रूपया कहां गया?  वह रूपया किस के पास है?…( व्यवधान)  अध्यक्ष जी, यहां पर क्वात्रोची का जिक्र किया गया और उस पर बहुत हो-हल्ला मचा। क्वात्रोची के किस पार्टी के साथ संबंध थे और ...* के साथ संबंध थे और कितने संबंध थे, इसको पूरी दुनिया जानती है। क्वात्रोची को किस तरह से निकल जाने दिया गया, यह पूरी दुनिया जानती है।…( व्यवधान)    अध्यक्ष महोदय : यह शब्द निकाल दिया जाए।

श्री प्रियरंजन दासमुंशी : हमने सुना है कि आपकी सरकार के समय में उसे मलेशिया से लाने पर रोक लगायी थी। उस समय आपकी सरकार थी, तब आपने मलेशिया से उसको लाने पर क्यों रोक लगायी थी?…( व्यवधान)  प्रो. विजय कुमार मल्होत्रा : अध्यक्ष महोदय, चाहे वोल्कर का मामला हो,चाहे बाल्को के निवेश का मामला हो या फिर चाहे स्कोर्पियन डी का मामला हो।…( व्यवधान)  श्री बसुदेव आचार्य (बांकुरा) : आपने ही ५१ प्रतिशत डिसइन्वेस्टमेन्ट किया था।…( व्यवधान)  अध्यक्ष महोदय : आप लोग बैठ जाइए।

...( व्यवधान)

SHRI BASU DEB ACHARIA : Who did 51 per cent disinvestment? … (Interruptions)

PROF. VIJAY KUMAR MALHOTRA : Yes, I am saying so. Do not go with them. Do not support corruption. You are supporting corruption. … (Interruptions) SHRI BASU DEB ACHARIA : At what price was this 51 per cent disinvestment done? He has got no moral right to say all these things. … (Interruptions) You have sold it off. … (Interruptions) MR. SPEAKER: Please sit down. Otherwise, I will go to the next subject.

… (Interruptions)

MR. SPEAKER: If you disturb each other like this, then I will go to the next subject.

  *Expunged as ordered by the Chair     … (Interruptions)

MR. SPEAKER: I will control him, and not you. You are not the Speaker.

… (Interruptions)

SHRI BASU DEB ACHARIA : Sir, they have got no moral right to say all these things.

MR. SPEAKER: Mr. Malhotra, please address the Chair. It is my request to you.

… (Interruptions)

SHRI BASU DEB ACHARIA : Sir, I have also given notice on this issue. … (Interruptions)

अध्यक्ष महोदय : आप बैठ जाइए। यह सही नहीं है। यह शोभा नहीं देता है।

...( व्यवधान)

प्रो. विजय कुमार मल्होत्रा : अध्यक्ष महोदय, स्कोर्पियन डील बोफोर्स से भी बड़ी डील हुईहै। हमारा कहना है कि यूपीए सरकार के दो साल का भयंकर भ्रष्टाचार का इतिहास है। इन दो सालों में भयंकर भ्रष्टाचार हुआ है। जहां तक महंगाई का ताल्लुक है।…( व्यवधान)  अध्यक्ष महोदय : आप चेयर को एड्रेस कीजिए। आप उनकी बात को स्पोर्ट कर दीजिए।

...( व्यवधान)

MR. SPEAKER: Mr. Malhotra, please conclude now.

… (Interruptions)

प्रो. विजय कुमार मल्होत्रा : अध्यक्ष महोदय, जब हमारे लोगों द्वारा की जा रही सभा पर बम ब्लास्ट हुआ और उसमें लोग मारे गए तो यह कहा गया कि इन्होंने धरना क्यों दिया? आज कांग्रेस पार्टी पर जब हमला हुआ और आठ आदमी मारे गए तो अब जस्टिफायी किया जा रहा है कि सीरियस मामला है। बीजेपी पर हमला हुआ तो कह रहे थे कि बीजेपी को धरना नहीं देना चाहिए था। तो बी.जे.पी. को धरना नहीं देना चाहिए। आपको इसका खामियाज़ा भुगतना पड़ेगा।…( व्यवधान)  अध्यक्ष महोदय : दोनों एक सबजैक्ट नहीं हैं।

प्रो. विजय कुमार मल्होत्रा : अध्यक्ष जी, मैं यह कहना चाहता हूं कि भयंकर महंगाई सारे देश में रिकार्ड तोड़ रही है, ऐसी महंगाई, ऐसा भ्रष्टाचार दो साल के इतिहास में इस बात का गवाह है कि यह सरकार पूरी तरह से असफल रही है। …( व्यवधान)  SHRI BASU DEB ACHARIA : Sir, I have given notice on the same issue.

MR. SPEAKER: I will now come to Calling Attention.

श्री ब्रजेश पाठक (उन्नाव) : मल्होत्रा साहब को दुख इस बात का है कि इन्होंने भाजपा को दो साल में खत्म कर दिया।…( व्यवधान)  MR. SPEAKER: It seems you want me to adjourn the House again.

SHRI BASU DEB ACHARIA : Sir, I have given notice on the same issue. … (Interruptions)

MR. SPEAKER: Please take your seat. It has been agreed that only two Members will speak and without treating it as a precedent. … (Interruptions)

SHRI GURUDAS DASGUPTA (PANSKURA): Sir, we were not present in the meeting while this agreement was reached. So, we are not bound by it. … (Interruptions) SHRI BASU DEB ACHARIA : Why only two Members, Sir?

MR. SPEAKER: Other matters will be taken up at six o’clock.

SHRI BASU DEB ACHARIA : Sir, I have given notice on BALCO.

SHRI GURUDAS DASGUPTA : Kindly allow us to speak for one minute. … (Interruptions) The issue of corruption is not BJP’s monopoly. … (Interruptions) We also believe that all those who are responsible for corruption should be brought to justice by this Government. … (Interruptions) SHRI HARIN PATHAK (AHMEDABAD): What about price rise? People are dying. … (Interruptions) SHRI BASU DEB ACHARIA : Please allow us, Sir. You should hear our views also.

MR. SPEAKER: I will allow you tomorrow.

 

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