Lok Sabha Debates
Regarding Alleged Irregularities In Utilization Of Mplad Funds And Reported ... on 4 March, 2003
ont> Title: Regarding alleged irregularities in utilization of MPLAD funds and reported direction by the Chief Minister of Uttar Pradesh to contribute to the Party Fund from it.
श्री रामजीलाल सुमन (फिरोजाबाद):उपाध्यक्ष महोदय, उपाध्यक्ष महोदय : अब वैसे तो आइटम नं.१२ लेनी है, लेकिन उसे लेने से पहले मैं आपकी सबमीशन सुनूंगा।
कुंवर अखिलेश सिंह (महाराजगंज, उ.प्र.) : उपाध्यक्ष महोदय, हमने भी नोटिस दिया है।
उपाध्यक्ष महोदय : मैं आप दोनों को समय नहीं दूंगा। आपकी ओर से श्री रामजी लाल सुमन ही बोल दें।
कुंवर अखिलेश सिंह: मान्यवर, उन्होंने भी नोटिस दिया है और हमने भी नोटिस दिया है। मेरा आग्रह है कि हम दोनों को आप सुनें और दोनों को सुनने के लिए आपको हमें समय देना चाहिए।
उपाध्यक्ष महोदय : यह शून्य-काल नहीं है। मैं एक सब्मीशन सुनूंगा।
श्री रामजीलाल सुमन : उपाध्यक्ष महोदय, सुबह प्रश्न-काल के दौरान अध्यक्ष जी ने व्यवस्था दी थी कि उत्तर प्रदेश की मुख्य मंत्री मायावती जी के खिलाफ जो आरोप हैं, उनके बारे में शून्य-काल के दौरान, …( व्यवधान)
श्री राशिद अल्वी (अमरोहा):उपाध्यक्ष महोदय, स्टेट मैटर यहां कैसे उठाया जा सकता है और यदि आप इन्हें सुन रहे हैं, तो हमें भी अपनी बात कहने का मौका अवश्य दीजिए।
उपाध्यक्ष महोदय : राशिद अल्वी जी, मैं आपको भी सुनूंगा। मैं आपको सब्मीशन करने की इजाजत दूंगा।
श्री राशिद अल्वी : उपाध्यक्ष महोदय, ये प्रश्न-काल और शून्य-काल में भी बोल चुके हैं। इसलिए अब मुझे मौका दीजिए। …( व्यवधान)
श्री रामजीलाल सुमन : उपाध्यक्ष महोदय, विधान मंडल की तरफ से हमारी पार्टी के लोग उत्तर प्रदेश के महामहिम राज्यपाल से मिले थे और उनसे विनम्र आग्रह किया था कि हमारे पास जो उपलब्ध साक्ष्य हैं उनको देखते हुए मुख्य मंत्री महोदया को बर्खास्त किया जाए। हमने उन्हें पर्याप्त समय दिया और पुख्ता साक्ष्य़ उपलब्ध कराए।
महोदय, जहां तक केन्द्र सरकार का सवाल है, वह हमें क्या जवाब देगी। यह संघीय ढांचा है। …( व्यवधान)
उपाध्यक्ष महोदय : सुमन जी, आप इस मामले की मैरिट पर न जाएं और इसको बढ़ाएं नहीं। मैंने आपको केवल दो मिनट दिए हैं। आप अपनी बात शीघ्र समाप्त करिए।
श्री रामजीलाल सुमन : उपाध्यक्ष महोदय, भारत सरकार ने कहा है कि उत्तर प्रदेश सरकार से रिपोर्ट लेने के बाद वे सदन को अवगत कराएंगे। उत्तर प्रदेश की मुख्य मंत्री खुद इस केस की एक पार्टी हैं। उनसे यह अपेक्षा कैसे की जा सकती है कि वे सही तथ्यों की जानकारी केन्द्र सरकार को देंगी ? यह सम्भव नहीं है।
महोदय, यह सांसदों की प्रतिष्ठा और गरिमा का सवाल है। सांसदों से दो-दो लाख रुपए सांसद स्थानीय क्षेत्र विकास नधि के पैसे में से वे मांग रही हैं। यह किसी भी तरह न्यायसंगत नहीं है। उत्तर प्रदेश में भ्रष्टाचार चरम सीमा पर है, शिखर पर है। इसलिए मेरा आग्रह है कि उत्तर प्रदेश की मुख्य मंत्री को बर्खास्त किया जाना चाहिए और इस प्रकरण की जांच करानी चाहिए ताकि दूध का दूध और पानी का पानी हो सके। उत्तर प्रदेश सरकार अपने गुनाहों पर पर्दा डालने का काम करेगी। हमने उत्तर प्रदेश के राज्यपाल को समय और पर्याप्त सबूत दिए। उत्तर प्रदेश की मुख्य मंत्री को बर्खास्त करने के लिए उनके खिलाफ पर्याप्त साक्ष्य उपलब्ध हैं। मेरा आपके माध्यम से सरकार से विनम्र आग्रह है कि उत्तर प्रदेश की मुख्य मंत्री को बर्खास्त किया जाए।
श्री राशिद अलवी : उपाध्यक्ष महोदय, मैं आपका बहुत शुक्र गुजार हूं कि आपने मुझे बोलने का टाइम दिया। सुबह से लगातार इस बात की यहां पर चर्चा हो रही है। मैं यह कहना चाहता हूं कि मैं बहुजन समाजवादी पार्टी का लीडर और एम.पी. हूं।
टेप के अंदर जो कहा गया है, मैं समाजवादी पार्टी को चुनौती देता हूं कि अगर राशिद अलवी के खिलाफ ये साबित कर देंगे तो मैं लोक सभा से इस्तीफा देने को तैयार हूं।…( व्यवधान)आप पहले मेरी पूरी बात सुन लीजिए।…( व्यवधान)
उपाध्यक्ष महोदय : अलवी जी ने आपकी बात को सुना है, अब आप भी इनकी बात को सुनिए। आप ऐसे मत करिए।
…( व्यवधान)उपाध्यक्ष महोदय : रामजीलाल सुमन जी, एक-दूसरे पर आरोप-प्रत्यारोप मत कीजिए, कल सरकार की तरफ से बयान होगा तो सब कुछ मालूम हो जाएगा।
…( व्यवधान)उपाध्यक्ष महोदय : सुमन जी, आपको मैंने बोलने का मौका दिया है, आपके जैसे इन्हें भी बोलने का मौका देना है।
…( व्यवधान)MR. DEPUTY-SPEAKER: Do not waste the time of the House like this.
…( व्यवधान)श्री राशिद अलवी : उपाध्यक्ष महोदय, मुझे भी बोलने की इजाजत दी जाए।…( व्यवधान)
MR. DEPUTY-SPEAKER: Nothing will go on record except the speech of Shri Rashid Alvi.
(Interruptions) * MR. DEPUTY-SPEAKER: You please allow him to speak. मैंने आपको बोलने का समय दिया है, अब इन्हें भी बोलने दीजिए।
…( व्यवधान)श्री राशिद अलवी : मेरी बात को भी सुना जाए। महोदय, हंगामे और घपले से ये सोचें कि ये साबित कर देंगे कि यह सच है तो ऐसा कभी नहीं हो सकता। मैं यह कहना चाहता हूं कि अगर मायावती जी कमीशन लेती तो वह कमीशन मेरे कमीशन से भी जाता, सारे एमपीज़ का जाता। मैं इस हाउस में कह रहा हूं कि मेरे खिलाफ आप साबित कर देंगे तो मैं लोकसभा से इस्तीफा दे दूंगा।…( व्यवधान)
महोदय, जो टेप गवर्नर को दिया है, वह पूरा सच नहीं है। सच यह है कि इटावा के अंदर मुलायम सिंह जी के फादर के नाम से एक कालेज बन रहा है और उसे बनाने के लिए जो शिकायतें चीफ मनिस्टर के पास गई हैं, उसे बनाने के लिए समाजवादी पार्टी के एमएलएज़ और एमपीज़ से पांच लाख से लेकर २५ लाख रुपए लिए गए।…( व्यवधान)
कुंवर अखिलेश सिंह:उल्टा चोर कोतवाल को डांटे।…( व्यवधान)
MR. DEPUTY-SPEAKER: Now, he will make his submission.
…( व्यवधान)श्री राशिद अलवी : महोदय, पांच लाख रुपए से लेकर २५ लाख रुपए तक लिए गए। …( व्यवधान)इसका पूरा रिकार्ड मौजूद है।…( व्यवधान)वह टेप गवर्नर को दिया गया है।…( व्यवधान)अगर उस टेप में सच्चाई होती,…( व्यवधान)
MR. DEPUTY-SPEAKER: Shri Rashid Alvi, please resume your seat now. It is enough.
…( व्यवधान)
Not Recorded.
श्री सईदुज्जमा (मुजफ्फ़रनगर):महोदय, आज टी.वी. चैनल पर जो प्रसारित किया जा रहा है, उससे तमाम सदन और देशवासियों को अपमानित किया जा रहा है।…( व्यवधान)ऐसी स्थिति में जब पूरा देश और प्रदेश इस तरफ देख रहा है।…( व्यवधान)महोदय, सांसदों को अपमानित करने का काम किया गया है। आज भारतीय जनता पार्टी के झंडे के नीचे मायावती के जरिए जो भ्रष्टाचार करवा रहे हैं,…( व्यवधान)ये सारा काम भारतीय जनता पार्टी करवा रही है। तमाम जनता और पूरे सांसद इस पर गंभीरता से विचार करें।
महोदय, आज जो सांसदों को अपमानित करने का प्रयास किया गया है, इससे ज्यादा अन्य कोई घिनौना काम नहीं हो सकता। …( व्यवधान)यह किसी एक पार्टी का मसला नहीं है, बल्कि इससे पूरे सदन के सदस्यों की गरिमा को ठेस पहुंची है और पूरे हिन्दुस्तान के लोगों को अपमानित किया गया है। इस संबंध में सीबीआई से जांच कराई जाए। मायावती के कार्यकाल में जिस तरह भ्रष्टाचार और अत्याचार हो रहा है, बेगुनाह लोगों को जेल भेजा जा रहा है, इससे बड़ा अत्याचार अन्य कोई नहीं हो सकता। आज जो इन्होंने सांसदों को अपमानित करने का काम किया है, इन्हें उसका खामियाजा भुगतना पड़ेगा।
14.00 hrs. अब इसकी जांच होनी चाहिए। इससे बड़ी तकलीफदेह बात नहीं हो सकती। मुझे अफसोस है कि भारतीय जनता पार्टी के लोग इस अपमान को सह रहे हैं और अपने झण्डे के नीचे अपमान करा रहे हैं, इस झण्डे के नीचे बैठकर अत्याचार करा रहे हैं।…( व्यवधान) ऐसे शब्द इस्तेमाल करना पूरे सदन का अपमान है। मुझे अफसोस है, मुझे खेद है कि भारतीय जनता पार्टी के लोगों में से कोई विरोध नहीं कर रहा है, उधर से कोई सवाल नहीं आ रहा है। आज गम्भीरता से इसे सुना जाये, इसमें सी.बी.आई. की जांच कराई जाये और इस सम्बन्ध में सदन को अवगत किया जाये।…( व्यवधान)
कुंवर अखिलेश सिंह:उपाध्यक्ष महोदय, आपने कहा था कि आप मुझे सुनेंगे। मेरा इस विषय पर नोटिस है।…( व्यवधान)
14.01 hrs. (At this stage, Kunwar Akhilesh Singh came and sat on the floor near the Table.) उपाध्यक्ष महोदय : आप क्या करते हैं। आपको मैंने बोलने का चांस दिया। सुमन जी, आप इन्हें संभालिये, आप पार्टी के लीडर हैं।
श्री रामजीलाल सुमन : उपाध्यक्ष महोदय, मेरा आपसे विनम्र आग्रह है कि आप अखिलेश जी को सिर्फ दो मिनट का समय दे दें।…( व्यवधान)
उपाध्यक्ष महोदय : इनको कहिये कि जाकर अपनी जगह पर बैठें। आप अपनी जगह पर जाइये।
संसदीय कार्य मंत्रालय में राज्य मंत्री तथा श्रम मंत्रालय में राज्य मंत्री (श्री विजय गोयल): आइये, संसद चलने दीजिए।…( व्यवधान)
उपाध्यक्ष महोदय : आप आगे आकर बुलाकर ले जाइये। ऐसे कैसे चलेगा?आपके लीडर ने आग्रह किया है। अभी आपको कितने मिनट समय और चाहिए?
14.02 hrs. (At this stage, Kunwar Akhilesh Singh went back to his seat.) श्री रामजीलाल सुमन : उपाध्यक्ष महोदय, अखिलेश जी दो मिनट में अपनी बात खत्म कर देंगे।…( व्यवधान)
उपाध्यक्ष महोदय : मि. प्रधान, यह क्या हो रहा है? मनिस्टर्स हाउस को डिस्टर्ब कर रहे हैं।
श्री विजय गोयल : उपाध्यक्ष महोदय, अखिलेश जी को दो मिनट का समय दिया जाये, इसमें कोई हर्ज नहीं है, पर अखिलेश जी संसद को मजाक बना लें, यह अच्छी बात नहीं है।…( व्यवधान)
14.03 hrs. (At this stage, Kunwar Akhilesh Singh came and stood near the Table.) उपाध्यक्ष महोदय : आप अपनी जगह पर जाकर बोलिये।
...( व्यवधान)
MR. DEPUTY-SPEAKER: Shri Akhilesh Singh, please do not waste the time of the House.
… (Interruptions)
श्री रामजीलाल सुमन : यह क्या तुम्हारे घर की व्यवस्था है कि हाउस से निकालेंगे।
उपाध्यक्ष महोदय : आप अपनी जगह पर जाकर बात बताइये। आप वहां जाकर बोलिये।
...( व्यवधान)
उपाध्यक्ष महोदय : अभी रेलवे बजट पर चर्चा होनी है। प्रियरंजन दासमुंशी जी को मैंने दोबारा बिठाया है। आप ऐसा क्यों करते हैं। मैंने आपको इजाजत दे दी है।
...( व्यवधान)
उपाध्यक्ष महोदय : हाउस की गरिमा के बारे में यहां किसी को बोलना ठीक नहीं है। सुमन जी, मैंने गलती की कि मैंने आपको चांस नहीं दिया, इनको चांस दिया। यह मेरी गलती है। अब आप दो मिनट में अपनी बात खत्म करो।
14.04 hrs. (At this stage, Kunwar Akhilesh Singh went back to his seat.) कुंवर अखिलेश सिंह:नहीं, अब मुझे पांच मिनट चाहिए, क्योंकि संसदीय राज्य मंत्री ने आरोप लगा दिया है तो मैं अपनी बात कहूंगा।
श्री चिन्मयानन्द स्वामी (जौनपुर): यह क्या तरीका है कि एक आदमी हाउस को हाईजैक कर ले। हम इनको नहीं सुनेंगे, यह क्या तरीका है?
कुंवर अखिलेश सिंह:यह इनके बल पर हो रहा है।
ये हाउस में बार-बार ऐसा बोल रहे हैं। …( व्यवधान)इन्होंने हाउस को हाईजैक कर रखा है। …( व्यवधान)
उपाध्यक्ष महोदय, इनको पसीना आ रहा है। …( व्यवधान)
अब यह दादागिरी नहीं चलेगी। …( व्यवधान)
यह पूरे उत्तर प्रदेश में कोहराम मचाना चाहते हैं इसलिए आज मायावती जी …( व्यवधान)
श्री चिन्मयानन्द स्वामी :क्या ऐसे हाउस को हाईजैक किया जायेगा ? एक आदनी पूरे हाउस को हाईजैक कर रहा है। …( व्यवधान)यह तीन बार बोल चुके हैं। क्या यह बार-बार बोलेंगे ?…( व्यवधान)
यह क्या चाहते हैं ?…( व्यवधान)
कुंवर अखिलेश सिंह:उपाध्यक्ष महोदय, ये हाईजैक कर रहे हैं। …( व्यवधान)
इन्होंने जनादेश का हाईजैक किया है। …( व्यवधान)इन्होंने जनादेश का अपहरण किया है। …( व्यवधान)
यह उत्तर प्रदेश को काब्रिस्तान बनाना चाहते हैं और सुश्री मायावती की बिना शरण के इनकी इच्छा पूरी नहीं होने वाली है। …( व्यवधान)ये उत्तर प्रदेश को काब्रिस्तान बनाना चाहते हैं। …( व्यवधान)
MR. DEPUTY-SPEAKER: Hon. Members, we have to take up discussion on the Railway Budget. I appeal to all of you to keep silence in the House for two minutes. I am permitting Kunwar Akhilesh Singh to speak for two minutes. We have to take up the discussion on the Railway Budget.
… (Interruptions)
MR. DEPUTY-SPEAKER: Will you please resume your seat? Let him speak for two minutes.
… (Interruptions)
श्री राशिद अलवी : उपाध्यक्ष महोदय, श्री राम संजीवन जी भी बोलना चाहते हैं। इनके बाद यह भी बोलेंगे। …( व्यवधान)अगर आप इन्हें बोलने की इजाजत देंगे तो श्री राम संजीवन को भी दो मिनट बोलने की इजाजत मिलनी चाहिए। …( व्यवधान)अगर इस हाउस में दबाव की वजह से किसी को बोलने की इजाजत मिलेगी तो आइंदा हम भी दबाव बनायेंगे।…( व्यवधान)इस तरह से कुछ नहीं हो सकता।…( व्यवधान)
उपाध्यक्ष महोदय : आपका इस तरह से बोलना ठीक नहीं है क्योंकि आपको बोलने का चांस मिला है।
...( व्यवधान)
श्री राशिद अलवी : दो मिनट के लिए श्री राम संजीवन जी भी बोलना चाहते हैं। …( व्यवधान)
उपाध्यक्ष महोदय : आप एक पार्टी के लीडर हैं। आप ऐसा नहीं बोल सकते।
...( व्यवधान)
श्री रामजीलाल सुमन : उपाध्यक्ष महोदय, क्या यह हाउस पर दबाव बनायेंगे ? …( व्यवधान)उत्तर प्रदेश में जो कुछ हो रहा है, वह सब कुछ भाजपा के चलते हो रहा है। …( व्यवधान)
श्री राशिद अलवी : उपाध्यक्ष महोदय, इन्होंने उत्तर प्रदेश को काब्रिस्तान बना दिया है। हमने उसे ठीक करने की कोशिश की है। …( व्यवधान)इसके बाद श्री राम संजीवन जी को आप बोलने की इजाजत दीजिए।…( व्यवधान)
कुंवर अखिलेश सिंह:उपाध्यक्ष महोदय, सबसे पहले मैं राज्य मंत्री जी की बात का प्रतिवाद करता हूं। राज्य मंत्री जी ने कहा कि मैंने सदन का मजाक बनाया है। मैंने सुबह कार्य स्थगन प्रस्ताव के अंतर्गत सूचना दी थी कि प्रश्न काल को स्थगित किया जाये और सदन की सम्पूर्ण कार्यवाही को रोककर हमारे कार्य स्थगन प्रस्ताव पर चर्चा करायी जाये। उस समय माननीय अध्यक्ष महोदय ने पीठ से निर्देश दिया था कि शून्य काल में आपकी बात को विस्तार से सुना जायेगा। जब शून्य काल में हमारी बात को नहीं सुना गया तो उसी नियमों के अंतर्गत हमने आपसे आग्रह किया। …( व्यवधान)
उपाध्यक्ष महोदय : शून्य काल में माननीय स्पीकर साहब ने अपना डिसीजन दिया और सरकार को इस पर वक्तव्य देने की आज्ञा दी। इससे संबंधित मंत्री माननीय उप प्रधान मंत्री जी ने कहा कि कल वे इस पर वक्तव्य देंगे। इसके बारे में आपको जो कुछ कहना है, वह आप दो मिनट में कहिये।
...( व्यवधान)
कुंवर अखिलेश सिंह: उपाध्यक्ष महोदय, मेरा विनम्रतापूर्वक आग्रह है कि सुबह पीठ से जो निर्देश दिया गया, उसे आप कार्यवाही से निकलवा कर देख लीजिए।…( व्यवधान)मैं बोलने जा रहा था चूंकि श्री विजय गोयल जी ने मुझ पर आरोप लगाया है इसलिए जब तक हम उसका स्पष्टीकरण नहीं देंगे तब तक कुछ नहीं कहेंगे। …( व्यवधान)
उपाध्यक्ष महोदय, मैं आपसे कहना चाहता हूं कि आप सुबह की कार्यवाही निकलवा कर देख लीजिए। यदि अध्यक्ष जी ने यह निर्देश न दिया हो कि हमें शून्य काल में बोलने की इजाजत दी जायेगी तो मैं संसद सदस्य के पद से इस्तीफा दे दूंगा। मैं यह इस्तीफा अभी लिखकर दे दूंगा।…( व्यवधान)
आप सुबह की कार्यवाही निकलवा कर देख लीजिए। मैं इस विषय पर गंभीर हूं।…( व्यवधान)
मैं यह कहना चाहता हूं कि श्री विजय गोयल जी और उनकी पार्टी ने इस सदन का मजाक बनाकर रखा है। उन्होंने यह मजाक बनाने का काम किया है। हमने मजाक बनाने का काम नहीं किया है। इस सदन के अंदर भ्रष्टाचारियों को खुले तौर पर संरक्षण दिया जा रहा है। …( व्यवधान)
उपाध्यक्ष महोदय : आप अपना विषय यहां रखिये।
...( व्यवधान)
कुंवर अखिलेश सिंह: उत्तर प्रदेश की राज 2धानी लखनऊ में जो प्रधान मंत्री आदरणीय श्री अटल बिहारी वाजपेयी जी का निर्वाचन क्षेत्र है, उस निर्वाचन क्षेत्र के अंदर उत्तर प्रदेश की मुख्यमंत्री ने ये आरोप लगाये हैं कि संसद सदस्यों द्वारा सांसद विकास नधि के अंतर्गत कमीशन लिया जाता है। उन्होंने ये आरोप भी लगाये हैं कि विधायकों के द्वारा कमीशन लिया जाता है और जो ईमानदार विधायक हैं, वे बिना कमीशन लिये भी विधायक विकास नधि से पांच लाख रुपये प्राप्त करते हैं और जो ईमानदार संसद सदस्य हैं, वे दस लाख रुपये की राशि ईमानदारी से प्राप्त करते हैं। जो बेइमान संसद सदस्य हैं। …( व्यवधान)
श्री राशिद अलवी : उपाध्यक्ष महोदय, ऐसी कोई बात नहीं है। यह बेबुनियाद बात है। …( व्यवधान)इस हाउस के अंदर बेबुनियाद बात नहीं होनी चाहिए। …( व्यवधान)
कुंवर अखिलेश सिंह:उपाध्यक्ष महोदय, मैं अपने आरोपों पर …( व्यवधान)
श्री राशिद अलवी :इस तरीके के कोई इल्जाम नहीं है। ये बिल्कुल बेबुनियाद बातें हैं।…( व्यवधान)
कुंवर अखिलेश सिंह:उपाध्यक्ष महोदय, राशिद अल्वी जी अपने मुख्य मंत्री के भ्रष्ट क्रियाकलापों पर पर्दा डालने का नापाक प्रयास कर रहे हैं। मैं यह कहना चाहता हूं कि मैं केवल तथ्यों को लाना चाहता हूं। मैं विनम्रता पूर्वक कहना चाहता हूं,…( व्यवधान)या पहले ये बोल लें या हम बोल लें।…( व्यवधान)
उपाध्यक्ष महोदय : अखिलेश जी, मैंनेआपको मौका दिया है। आप अपनी बात जल्दी समाप्त करें।
कुंवर अखिलेश सिंह: राशिद अल्वी जी ने जो आरोप लगाये हैं, तहलका डॉट कॉम प्रकरण के अंदर जब इस सदन में चर्चा हुई थी, उस समय की मायावती और अल्वी जी की स्पीच को निकालकर देख लें। उस समय तहलका डॉट कॉम प्रकरण के टेप उन्होंने और इनकी नेता ने सही ठहराये थे और आज अपने खिलाफ जब टेप आ गये हैं तो ये कहते हैं कि ये टेप गलत हैं।…( व्यवधान)झूठ का पुलिंदा हैं। हम चाहते हैं कि इस घटना की सीबीआई से जांच कराई जाए और अगर सीबीआई से जांच हो जाएगी तो दूध का दूध और पानी का पानी हो जाएगा।…( व्यवधान)उत्तर प्रदेश की मुख्य मंत्री ने केवल संसद सदस्यों की प्रतिष्ठा को ही आघात नहीं पहुंचाया है बल्कि उन्हें भ्रष्ट करार दिया है और उस भ्रष्टाचार में उन्होंने संसद सदस्यों को भी उसमें भागीदार बताकर घिनौना कृत्य किया है। भ्रष्टाचार की सारी पराकाष्ठा को वह लांघ गई हैं। आज उत्तर प्रदेश के अंदर भ्रष्टाचार संस्थागत रूप धारण कर चुका है। अगर लोक तंत्र को कायम रखना है, सुरक्षित रखना है तो मेरा यह कहना है कि मायावती ने जो आरोप लगाए हैं और हमारे जो मायावती के ऊपर आरोप हैं, उनकी सीबीआई से जांच कराएं और अगर आवश्यक हो तो एक संयुक्त संसदीय दल भी गठित करें जो संयुक्त संसदीय दल सम्पूर्ण घटना की जांच करेगा।…( व्यवधान)एक अंतिम तौर पर निवेदन है कि जब तक इसकी जांच नहीं हो जाती, हमारा और हमारी पार्टी का मत है कि सांसद विकास नधि को रोक दिया जाए। यह सांसद विकास नधि समस्त सांसदों के ऊपर कीचड़ उछालने जा रहा है, इसलिए इस सांसद विकास नधि को समाप्त कर दिया जाए।…( व्यवधान)सांसदविकास के कार्यों को जैसे पहले गति देते थे, उसी तरह विकास के कार्य किये जाएं।…( व्यवधान)
MR. DEPUTY-SPEAKER: Please sit down now.
… (Interruptions)
श्री राम सजीवन (बांदा):उत्तर प्रदेश विधान सभा के स्पीकर के खिलाफ इन लोगों ने अविश्वास प्रस्ताव रखा था और उसमें ये परास्त हो गये हैं और अब इनको अपना वह अविश्वास प्रस्ताव वापस लेना पड़ रहा है। उसी से निराश होकर ये अनर्गल आरोप लगा रहे हैं। ... (व्यवधान)
MR. DEPUTY-SPEAKER: For anything you just rise. There is a limit.
… (Interruptions)
MR. DEPUTY-SPEAKER: Now Shri Priya Ranjan Dasmunsi to initiate the discussion on the Railway Budget.
… (Interruptions)
MR. DEPUTY-SPEAKER: I have given the floor to Shri Dasmunsi.
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