Lok Sabha Debates
Problems Caused In Leh-Ladakh Due To Cloud Burst. on 13 August, 2010
> Title: Problems caused in Leh-Ladakh due to cloud burst.
श्री हसन खान (लद्दाख): मैडम स्पीकर, आपने मुझे जीरो ऑवर में बोलने का समय दिया, इसके लिए मैं आपको धन्यवाद देना चाहता हूं। इसके पहले भी लद्दाख के बारे में बोलने का मुझे मौका दिया। वहां की हालत देखने के बाद आज वहां जो हालात नजर आये, लद्दाख की तारीख में आज तक ऐसा वाकया नहीं हुआ है। वहां इस वक्त जो मुसीबत का आलम बना हुआ है, उसे मीडिया ने भी देखा और गवर्नमैन्ट के मिनिस्टर साहेबान और यहां जो नुमाइंदे गये थे, उन्होंने भी देखा। वहां सेना, एयरफोर्स, आईटीबीपी और लोकल एडमिनिस्ट्रेशन के जो लोग मदद कर रहे हैं, वे अपनी तरफ से बहुत कुछ कर रहे हैं। लेकिन जो मुसीबत वहां आई है, उसकी भरपाई इनके द्वारा होनी बहुत मुश्किल है। क्योंकि वहां इस वक्त दो चीजों की सबसे बड़ी शॉर्टेज है, पहली मैनपावर की शॉर्टेज है। क्योंकि जितने भी लेबरर्स वहां काम कर रहे थे, वे लेबरर्स वहां से भाग निकले। इसके अलावा जितनी मशीनरी और कंस्ट्रक्शन मैटिरियल की वहां जरूरत है, वह वहां मिल नहीं रही है और पहुंच भी नहीं पा रही है। क्योंकि अभी भी दोनों रास्ते जो मनाली और श्रीनगर से आ रहे हैं...( व्यवधान) अध्यक्ष महोदया: कृपया आप बैठ जाइये। अपना स्थान ग्रहण कीजिए।
श्री हसन खान: वे दोनों रास्ते इस वक्त बंद हैं और वहां के लोग बहुत मुसीबत में है। वहां आप अस्पतालों में जाकर देखेंगे तो पायेंगे कि ऐसी माएं हैं, जिनकी गोद और हाथों से सैलाब ने बच्चे छीन लिये हैं और बहुत से जख्मी पड़े हुए हैं।...( व्यवधान) अध्यक्ष महोदया : कृपया अपना स्थान ग्रहण कीजिए औऱ हसन खान साहब को बोलने दीजिए।
श्री हसन खान: ऐसे बच्चे इस वक्त अस्पतालों में मौजूद हैं, जिनके सिर से रातों-रात इस मुसीबत के कारण मां-बाप का साया हमेशा के लिए उठ गया है। ऐसे घर हैं, जहां न इस वक्त घर का कोई निशान मौजूद है और न घरवाले ही मौजूद हैं। ऐसे मजदूरों के कैम्प्स हैं, जहां यदि 200 मजदूर काम करते थे तो उनमें से 20 या 30 मजदूर जिंदा निकले हैं। शेष अभी भी टनों मलबे के नीचे दबे पड़े हैं। हम गवर्नमैन्ट और खासकर पार्लियामेन्टेरियंस के मश्कूर हैं, जिन्होंने इस हाउस में बार-बार इसकी तरफ अपनी हमदर्दी और माली मदद का इजहार किया है। लेकिन जो कुछ करना है, उसके लिए वक्त की बहुत कमी है। क्योंकि लद्दाख आइंदा दो महीने के बाद फिर सात महीने के लिए बंद हो जायेगा। दुनिया के हर हिस्से से मुल्क के हर हिस्से से कट जायेगा। इसलिए हमारी इस हाउस के थ्रू गुजारिश है कि इन दो महीनों के अंदर सरकार जितनी जल्दी मदद हो सके, करे, क्योंकि दो महीने के बाद वहां कोई काम नहीं हो सकता है। वहां बर्फ पड़ेगी और जीरो टैम्परेचर होगा और सारे रास्ते हर तरफ से बंद हो जायेंगे। मैं आप सबका और खासकर इस हाउस का बहुत मश्कूर हूं कि हर एक पोलिटिकल पार्टी ने हमदर्दी का इजहार किया है। सब मदद के लिए आगे आये हैं और खासकर जो फौज वहां तैनात है, हम उनके भी शुक्रगुजार हैं। अध्यक्ष महोदया : धन्यवाद। श्री हमदुल्लाह सईद। ...( व्यवधान)
डॉ. रघुवंश प्रसाद सिंह (वैशाली): अध्यक्ष महोदया, सदन की तरफ से चिंता व्यक्त की गई थी कि लद्दाख में भयानक परिस्थिति पैदा हुई है। लेकिन हमें दुख हैं कि सरकार ने अभी तक कुछ नहीं किया है।...( व्यवधान) अध्यक्ष महोदया : आप मुझे जीरो ऑवर चला लेने दीजिए। आप क्यों खड़े हो गये। आप उन्हें बोलने दीजिए। बैठ जाइये और स्लिप भेजकर एसोसिएट कर लीजिए। डॉ. रघुवंश प्रसाद सिंह : सरकार ने कुछ भी स्पष्ट नहीं किया है और न कोई जानकारी दे रही है।
…( व्यवधान)
अध्यक्ष महोदया : आप क्यों खड़े हैं? आप बैठ जाइये। आप उन्हें बोलने दीजिये। आप एक एक करके एसोसिएट कर लीजिये। आप स्लिप भेजकर कर एसोसिएट कर लीजिये। …( व्यवधान)
MADAM SPEAKER: Order please. सब को बोलना है, जिनका पहला नोटिस है, पहले उन्हें बुला लेने दीजिये। श्री हमदुल्लाह सईद।
… (Interruptions)
MADAM SPEAKER: Nothing will go on record except what Shri Hamdullah Sayeed is saying.
(Interruptions) …* अध्यक्ष महोदया : हमने कहा है कि हम आपको बुलायेंगे। आप बैठ जाइये।
…( व्यवधान)
अध्यक्ष महोदया : ऐसे कैसे होगा?
…(Interruptions)
MADAM SPEAKER: Nothing will go on record except what Shri Hamdullah Sayeed is saying.
(Interruptions) … * अध्यक्ष महोदया : रघुवंश प्रसाद जी, आप बैठ जाइये। आप अपना स्थान ग्रहण कर लीजिये। आप शून्य प्रहर चलने दीजिये। आप ऐसे ही बोले जा रहे हैं, आपकी बात रिकॉर्ड में नहीं जा रही है। आप बैठ जाइये। (Interruptions) … * MADAM SPEAKER: Nothing is going on record.
… (Interruptions)
MADAM SPEAKER: Nothing will go on record except what Shri Hamdullah Sayeed is saying.
(Interruptions) …*