Lok Sabha Debates
Regarding Reported Attack On Dalits In Gujarat For Skinning A Dead Cow. on 20 July, 2016
Sixteenth Loksabha an> Title: Regarding reported attack on dalits in Gujarat for skinning a dead cow.
SHRI KODIKUNNIL SURESH (MAVELIKKARA): Madam, I would like to invite your kind attention in this august House to the increasing incidents of atrocities against Dalits in Gujarat.
Madam, in Gir Somnath district of Gujarat, seven members of a Dalit family were beaten up for skinning a dead cow and after beating them up, the attackers took them to Una town, paraded them on the road and beaten them in the day light on the way to the police station.
Madam Speaker, despite the family members having told that they were only skinning the dead cow and not slaughtering it, the attackers brutally beaten them up, paraded on the road half-naked and taken them to the police station.
Yesterday, five Dalit youths consumed poison at Rajkot as a protest against the attack as they lost faith in the Government in protecting their lives and property.
A Dalit youth, Hemant Solanki, who had consumed pesticide as a protest against the atrocities, died at a hospital in Junagarh. In related incidents, more than a dozen Dalits, who had similarly tried to commit suicide to protest the atrocities on their community, were being treated in different hospitals.
Meanwhile, hundreds of Dalit protesters are on strike path for justice. The BJP Government in Gujarat has deployed State Reserve Police in Rajkot and neighbouring districts and created an emergency like situation.
Madam, the violence is the agenda of … * instigated by upper caste lobby to disintegrate and eliminate Dalits. The … * is trying to have Dalit Mukt Bharat. … (Interruptions)
HON. SPEAKER: I am sorry. This will not go on record.
… (Interruptions)… * SHRI KODIKUNNIL SURESH: That is why, these incidents are happening. The violence and attack against the Dalits are escalating across the State and thousandsof them are on the streets. Hundreds of Dalits are wounded.… (Interruptions)
शहरी विकास मंत्री, आवास और शहरी गरीबी उपशमन मंत्री तथा सूचना और प्रसारण मंत्री (श्री एम. वैंकैय्या नायडू) : मैडम, इस*.… कहां से आ गया? इन्होंने जो नाम लिया है, उसको प्रोसीडिंग से निकलवा दीजिए।...(व्यवधान)
माननीय अध्यक्ष : निकाल दिया है। That should not go on record.
…( व्यवधान)
HON. SPEAKER: Please do not do that.
SHRI KODIKUNNIL SURESH: Now the attack against the Dalits, both from upper caste and police, is rampant and the total law and order situation in Gujarat is in danger.
HON. SPEAKER: Suresh Ji, the issue is very sensitive to all. Please mind it.
SHRI KODIKUNNIL SURESH: Madam, I am telling the truth.
HON. SPEAKER: No. SHRI KODIKUNNIL SURESH: The entire State law and order situation is in danger. The situation is spreading over to all the districts. All the newspapers have reported the news. The situation is very serious. … * HON. SPEAKER: That is also not going on record. That will not go on record.
… (Interruptions)… * SHRI KODIKUNNIL SURESH : The … * HON. SPEAKER: No allegation will go on record.
… (Interruptions)* SHRI KODIKUNNIL SURESH : An emergency situation has emerged in Gujarat. It is the agenda of the … * to polarize community before the Assembly elections in 2017. It is not only in Gujarat. In all the… * rape, killing and other forms of atrocities against the SC/ST are increasing. The situation is very bad.
Madam, so you have to appoint a Joint Parliamentary Committee to visit the spot and assess the situation. That is our demand. You have to constitute a Joint Parliamentary Committee and send the team to assess the situation in Gujarat. The situation is very serious. The atrocity has spread over everywhere.
HON. SPEAKER: Shri Joice George and Shri M.B. Rajesh are permitted to associate with the issue raised by Shri Kodikunnil Suresh.
राजेश जी, क्या आपको भी इसी विषय पर बोलना है?
श्री राजेश रंजन(मधेपुरा):जी हां, इसी विषय पर बोलना है।
माननीय अध्यक्ष : आप असोसिएट कर दीजिए। सब लोग इस पर चर्चा न करें, अपने को असोसिएट कर दें।
श्री राजेश रंजन: अध्यक्ष जी, यह इतना गम्भीर विषय है और यह किसी पक्ष या विपक्ष का सवाल नहीं है। सवाल यह है कि कुछ लोग हिन्दुस्तान में ऐसे हैं जो हमेशा सामाजिक सौहार्द को खराब करना चाहते हैं, चाहे वह जातीय उन्माद हो, चाहे धार्मिक या मज़हबी उन्माद हो। मैडम, मैं आग्रह करना चाहूंगा कि आप कृष्ण की उन चीजों को उद्धृत कीजिये, जिसमें उन्होंने गोवर्धन पहाड़ को इंद्र के खिलाफ मानवता की रक्षा के लिए उठाया था। आप कृष्ण की उन चीजों की उद्धृत कीजिए, जब उन्होंने मानवता की रक्षा के लिए यमुना में कूदकर नाग का वध किया था। मानवता से ऊपर कोई जानवर नहीं हो सकता। किसी जानवर को लेकर इंसान की हत्या को जस्टिफाई नहीं किया जा सकता। मुझे एक इंसान को बचाने के लिए अगर एक लाख गायें मारनी पड़ेंगी तो मैं मार दूंगा, लेकिन इंसान की कीमत पर किसी भी गाय या किसी भी जानवर की पूजा नहीं की जा सकती है, यह मैं बता देना चाहता हूं।
इसीलिए मेरा आपसे आग्रह है कि इस देश को हाड़-मांस के सवालों पर न बांटा जाए। आज जिस तरीके से मांसों के टुकड़ों पर, जानवरों के सवाल पर यह समाज इंसानियत का दुश्मन बनता जा रहा है, यह समाज कहां जा रहा है। इसीलिए मैं चाहूंगा कि इस समाज को बचाने के लिए, मानवता को बचाने के लिए और सामाजिक एकता के लिए आपको आगे आना चाहिए। यह मेरा आपसे आग्रह है।...(व्यवधान)
ाृह मंत्री (श्री राजनाथ सिंह) : अध्यक्ष महोदया, मैं मानता हूं कि माननीय सदस्य सुरेश जी ने गुजरात से जुड़े एक सवाल को इस सदन में खड़ा किया है, यह बहुत ही गंभीर सवाल है, बहुत ही गंभीर मुद्दा है। इसलिए कुछ भी कहने से पहले मैं आपके माध्यम से सदन से यह अनुरोध करना चाहता हूं कि धैर्यपूर्वक आपकी बातों को हम लोगों ने सुना है। इसलिए मैं जो कुछ भी कहने जा रहा हूं, मैं विनम्र अनुरोध करूंगा कि उसे धैर्यपूर्वक और शांतिपूर्वक सुनें। यदि आपको कोई प्रतिक्रिया व्यक्त करनी हो तो हमारा स्टेटमैन्ट समाप्त होने के बाद ही प्रतिक्रिया व्यक्त करें। आप सिर मत हिलाइये।...(व्यवधान)
श्री मल्लिकार्जुन खड़गे: सिर हिलाने की आदत हो सकती है, लेकिन सिर झुकाने की आदत नहीं है।
श्री राजनाथ सिंह : खड़गे जी, मैंने एक लफ्ज भी नहीं बोला है। ...(व्यवधान) मैं आपको यकीन दिलाता हूं कि जब कभी भी आप खड़े हुए हैं, तब भी मैंने नहीं बोला है। यदि इधर हमारे पक्ष की तरफ से किसी ने आवाज उठाने की कोशिश की है तो हम लोगों ने बराबर उसे दबाने की ही कोशिश की है और शांति कायम करने की कोशिश की है। इसलिए अनुरोध करना चाहता हूं कि जो कुछ भी मैं कहने जा रहा हूं, कृपया उसे एक बार शांतिपूर्वक सुनें।
गुजरात में 11 जुलाई को जो भी घटना घटित हुई है, सबसे पहले मैं उसे बहुत ही दुर्भाग्यपूर्ण घटना मानता हूं और उसकी कठोर शब्दों में निंदा करता हूं। मैं सदन को यह जानकारी भी देना चाहता हूं कि 11 जुलाई तक हमारे प्रधान मंत्री दुनिया के दूसरे देशों के दौरे पर थे।...(व्यवधान)
माननीय अध्यक्ष : आप लोग क्या चाहते हैं? आप बोलिये।
… (Interruptions)
HON. SPEAKER: Nothing will go in record except the statement of the hon. Home Minister, Shri Rajnath Singh.
… (Interruptions)
श्री राजनाथ सिंह : मैं पूरे दिन खड़ा रहूंगा, लेकिन अपनी बात मैं आप लोगों के सामने दो टूक शब्दों में रखना चाहूंगा। मैं यील्ड करने के लिए तैयार नहीं हूं। कृपया आप मेरी बात सुनिये। आपको जो भी प्रतिक्रिया व्यक्त करनी हो, आप मेरी बात समाप्त होने के बाद करिये, मैं उसका स्वागत करूंगा और उस पर जो कुछ भी मुझे कहना होगा, मैं कहूंगा।
मैं कह रहा था कि 12 तारीख को लौटने के बाद उन्होंने मुझे तुरंत फोन करके अपने रेसिडेंस पर बुलाया और बुलाने के बाद उन्होंने जहां अन्य घटनाओं की चर्चा की, उसके बाद शाम को इस घटना की जानकारी प्राप्त होने पर उन्होंने उसकी चर्चा की और प्रधान मंत्री जी ने इसे कंडेम किया। मैंने देखा कि इस घटना को लेकर वह स्वयं बहुत ही दुखी थे, आहत थे। इस घटना का उल्लेख सुरेश जी ने अपने स्टेटमैन्ट में किया है। लेकिन उसकी बहुत संक्षिप्त जानकारी मैं भी यहां रखना चाहूंगा। ऊना उप-मंडल जिला गिर सोमनाथ में है, यहां मोटा समधियाला नामक एक स्थान है, जहां 11 जुलाई, 2016 को दलितों पर अत्याचार की यह घटना घटित हुई है। इस घटना में जो विक्टिम थे, वे गिर सोमनाथ जिले के वेदिया गांव में एक मृत गाय के शरीर से चमड़ी निकाल रहे थे। फिर उसके बाद जो अभियुक्त हैं, वे वहां पर आए और उन्होंने उनके साथ गाली-गलौच की और लोहे के पाइपों से, लाठियों से एवं एलम्युनियम स्टिकों से उनको पीटना शुरू कर दिया तथा पीड़ितों से तीन मोबाइल फोन भी अपने कब्ज़े में ले लिए। आईपीसी की धारा - 307, 395, 324, 323 एवं 504 और जीपीए की धारा - 135 और अत्याचार अधिनियम की धरा 325 के अधीन ऊंना पुलिस थाना में दिनांक 11 जुलाई, 2016 को साढ़े सात बजे प्राथमिकी दर्ज की गई। विक्टिम में से एक वशाराम भाई बालूभाई सर्वैया ने प्रमोद गिरी, रमेश गिरी, बलवंत धीरूभाई, रमेश भगवान भाई, राकेश रश्की, नागजी भाई दहियाभाई अहीर, निवासी गिर सोमनाथ, जिला के विरूद्ध एफआईआर दर्ज कराई। जो पीड़ित हैं, उनके नाम हैं - वशाराम भाई बालूभाई सर्वैया, बालूभाई वीराभाई सर्वैया, रमेश वीज़ल, अशोक वीज़ल, वेचराभाई आदि-आदि हैं।
मामले की जांच गिर सोमनाथ जिले के डिप्टी पुलिस सुप्रिटेंडेंट, जो एस.सी. और एस.टी. सैल का काम विशेष रूप से देखते हैं, उनके द्वारा कराई जा रही है। कुल नौ अभियुक्तों को अब तक गिरफ्तार किया जा चुका है। जिनमें से सात न्यायिक हिरासत में हैं, तथा अन्य दो पुलिस हिरासत में हैं। आईपीसी की धारा 342, 365 और अत्याचार अधिनियम की धारा 3(1) को अब तक की गई जांच के आधार पर आगे और जोड़ा जा रहा है। कुल अब तक चार अधिकारियों को जिनमें एक पुलिस इंस्पैक्टर, दो सब-इंस्पैक्टर, एक हैडकॉन्स्टेबल को डय़ुटी में लापरवाही बरतने के परिणामस्वरूप सस्पेंड कर दिया गया है और उनके खिलाफ अनुशासनात्मक कार्यवाही प्रारंभ कर दी गई है। राज्य सरकार ने प्रत्येक पीड़ित परिवारों के लिए चार लाख रूपे की धनराशि वितरित की है, जिसमें से एक लाख रूपये की धनराशि उन्हें अब तक उपलब्ध कराई जा चुकी है। शेष धनराशि भी उन्हें उपलब्ध करा दी जाएगी।
अपराध की गंभीरता को देखते हुए पूरी जांच सीआईडी, क्राइम ब्रांच को सौंप दी गई है। मामले की सुनवाई तेज़ी के साथ हो, इसके लिए हाईकोर्ट से कंसल्ट करने के बाद ...(व्यवधान)
माननीय अध्यक्ष : प्लीज़ अधीर रंजन जी, मंत्री जी की पूरी बात सुनिए। आप बहुत दूर हो उनसे। आप बैठिए।
…( व्यवधान)
माननीय अध्यक्ष : प्लीज़ भूरिया जी, आप बैठिए।
…( व्यवधान)
HON. SPEAKER: Nothing is going on record.
Interruptions … * माननीय अध्यक्ष : सुरेश जी, आपकी बात सुनी गई है न, अब आप बैठिए, बाद में बोल सकते हैं। अभी बैठिए।
…( व्यवधान)
HON. SPEAKER: This is not the way.
… (Interruptions)
माननीय अध्यक्ष : मंत्री जी, आप अध्यक्षपीठ की ओर अपना स्टेटमेंट दीजिए। अब क्या करें उन्होंने वह अख्तियार किया है।
…( व्यवधान)
श्री राजनाथ सिंह : अध्यक्ष महोदया, मैं समझता हूँ कि यदि कोई भी बीमारी हो तो उसको हम सभी लोग मिलजुल कर दूर कर सकते हैं। मैं यदि धैर्यपूर्वक सुनता हूँ तो यह अपेक्षा भी करता हूँ। मैं यह कहना चाहता हूँ कि यदि यह सवाल पूछना है, उसका उत्तर मुझसे हासिल करना है तो मेरे बोलने के बाद आप पूछ सकते हैं। उसमें मुझे कोई आपत्त नहीं हैं। कृपया मेरी बात सुन लें।
मैं यह जानकारी दे रहा था कि अब तक हमारी गुजरात सरकार ने क्या-क्या कार्यवाही की है। उसके लिए एक स्पेशल कोर्ट बननी चाहिए। स्पेशल कोर्ट बनाने का काम बिना हाईकोर्ट की कंसेंट के नहीं हो सकता है, लेकिन हमारी राज्य सरकार कोशिश कर रही है कि इसकी हियरिंग के लिए स्पेशल कोर्ट बनाई जाए, ताकि जल्दी से जल्दी सुनवाई हो सके और जो भी दोषी हैं, उनको जल्दी से जल्दी दण्डित किया जा सके। इस मामले के लिए एक विशेष लोक अभियोजक को सरकार के द्वारा नियुक्त किया जा रहा है। जाँच अधिकारी को 60 दिनों में न्यायालय में चार्ज शीट प्रस्तुत करना है, यह भी कहा गया है। सात पीड़ितों में से, जो कि हॉस्पिटल में एडमिट थे, चार को उपचार के बाद रिहा किया जा चुका है और तीन पीड़ित राजकोट सिविल हॉस्पिटल में उपचार करा रहे हैं और उनकी देख-रेख ठीक तरीके से हो रही है। सभी पीड़ितों के इलाज का खर्च राज्य सरकार के द्वारा वहन किया जा रहा है। हमारी गुजरात सरकार के कई मंत्रियों ने स्वयं हॉस्पिटल पहुँचकर उनके कुशल क्षेम को पूछा है। उनका ट्रीटमेंट ठीक तरीके से चल रहा है या नहीं चल रहा है, इस बारे में उनसे पूछा है। उन लोगों ने स्वयं बतलाया है कि हमारा ट्रीटमेंट ठीक तरीके से चल रहा है। इस बात की जानकारी भी उन्होंने दी है।
महोदया, मैं सचमुच गुजरात सरकार को इस बात के लिए बधाई देना चाहता हूँ कि इस दुर्भाग्यपूर्ण घटना के घटित होने के बाद जितनी तेजी से और जितने प्रभावी तरीके से उसने कार्रवाई की है, उसके लिए उसकी जितनी भी प्रशंसा की जाए वह कम है।...(व्यवधान) मैं यह मानता हूँ कि दलितों पर जो इस प्रकार की अत्याचार की घटनाएं होती हैं।...(व्यवधान) आज हम खड़े रहेंगे, आज मैं दिन भर खड़ा रहूँगा।...(व्यवधान)
SHRI K.C. VENUGOPAL (ALAPPUZHA): Your Party is ruling there. How can you say this? … (Interruptions)
HON. SPEAKER: No, this is not the way. आप बैठिए। चिल्लाने से कुछ नहीं होता है। आप लोग बैठ जाइए।
…( व्यवधान)
SHRI KODIKUNNIL SURESH: Madam, where will they get justice? … (Interruptions)
माननीय अध्यक्ष : वेणुगोपाल जी, यह क्या है?
…( व्यवधान)
माननीय अध्यक्ष : आप बाद में पूछिए कि क्यों किया? आप बैठिए।
…( व्यवधान)
माननीय अध्यक्ष : ऐसा नहीं होता है। आप बैठिए। कृपया, बैठ जाइए।
…( व्यवधान)
SHRI K.C. VENUGOPAL: Your *..… SHRI M. VENKAIAH NAIDU : They do not want any reply from the Government’s side. … (Interruptions)
रसायन और उर्वरक मंत्री तथा संसदीय कार्य मंत्री (श्री अनन्तकुमार):आप पहले उनकी पूरी बात तो सुन लीजिए।...(व्यवधान)
माननीय अध्यक्ष : वेणुगोपाल जी, यह कोई तरीका नहीं है।
…( व्यवधान)
HON. SPEAKER: He is praising the Government and not any person.
… (Interruptions)
माननीय अध्यक्ष : कृपया बैठ जाइए। ऐसा नहीं होता है। आप बैठिए।
…( व्यवधान)
SHRI K.C. VENUGOPAL : Who are the culprits in it? Who are the accused in the case? … (Interruptions) It is your … *… (Interruptions) They are responsible for all these things. … (Interruptions)
SHRI KODIKUNNIL SURESH : The accused are …* … (Interruptions) The Police also is from… * … (Interruptions) How will they take action? … (Interruptions)
HON. SPEAKER: Nothing is going on record.
… (Interruptions)… * माननीय अध्यक्ष : आप लोगों को केवल चिल्लाना हो तो चिल्ला सकते हैं।
…( व्यवधान)
माननीय अध्यक्ष : भगवंत मान जी, आप बैठ जाइए।
…( व्यवधान)
श्री राजनाथ सिंह : महोदया, मैं यह कहना चाहता था कि दलितों पर अत्याचार की घटनाएं चाहे किसी भी राज्य में क्यों न हों, चाहे वे भाजपा शासित राज्य हों अथवा कांग्रेस शासित राज्य हो अथवा किसी भी राजनीतिक पार्टी के द्वारा शासित राज्य क्यों न हो, इस प्रकार की घटनाएं बहुत ही दुर्भाग्यपूर्ण होती हैं।...(व्यवधान) मैं इसे एक विडम्बना मानता हूँ कि आजादी हासिल होने के इतने वर्षों के बाद भी इस प्रकार की दलितों पर अत्याचार की घटनाएं घटित हो रही हैं।...(व्यवधान) मैं यह मानता हूँ कि यह एक बहुत बड़ी सामाजिक बुराई है, मैं इसे सोशल ईवल मानता हूँ।...(व्यवधान) मैं इसे एक सोशल प्रॉब्लम मानता हूँ।...(व्यवधान) मैं सभी राजनीतिक दलों के नेताओं से अपील करना चाहता हूँ कि इस बहुत बड़ी एक सोशल ईवल को, इस सोशल प्रॉब्लम का यदि हम समाधान करना चाहते हैं तो इसे एक चुनौती के रूप में हमें स्वीकार करना पड़ेगा और हम सभी को एकजुट होकर इस बुराई को अपने भारत देश से समाप्त करना पड़ेगा।...(व्यवधान)
माननीय अध्यक्ष : खड़गे जी, बैठकर बोलने की परमीशन आप इन्हें देते हैं। यह क्या है? हर कोई सदस्य उठकर बिना परमीशन के बोलेगा, यह कोई अनुशासन नहीं है।
…( व्यवधान)
श्री दीपेन्द्र सिंह हुड्डा (रोहतक) : दलितों पर हर जगह अत्याचार हो रहा है।...(व्यवधान)
श्री राजनाथ सिंह : मैं हरियाणा की घटना की चर्चा नहीं कर रहा हूँ। हरियाणा के दलितों के ऊपर जो अत्याचार हुआ है, मैं उसकी चर्चा नहीं कर रहा हूँ। आप मत भूलिए।...(व्यवधान) हमारे पास सब कुछ डिटेल है, लेकिन ये सुनना नहीं चाहते हैं।...(व्यवधान) आप सुनिए।...(व्यवधान)
SHRI K.C. VENUGOPAL: We are ready to listen, but no reply is coming on the issue from your side. … (Interruptions) Your reply is political. … (Interruptions)
श्री राजनाथ सिंह : आप जो बोलेंगे, मैं सब सुनूँगा, लेकिन जो मैं बोल रहा हूँ, कृपया आप सुन लीजिए। ...(व्यवधान)
SHRI K.C. VENUGOPAL : We are hearing you, but you are making a political speech and not giving a reply. … (Interruptions)
श्री राजनाथ सिंह : You are more experienced. … (Interruptions)
SHRI KODIKUNNIL SURESH: Madam, kindly allow a discussion on this issue under Rule 193. … (Interruptions)
माननीय अध्यक्ष : बैठे-बैठे कमैंट नहीं करेंगे।Otherwise, I will have to name you. This will not be allowed. Please take your seat. You cannot make comments like this. प्लीज़ बैठिये। आपका नाम दर्ज हो जाएगा। आप बैठिये। यह नहीं होता है।
…( व्यवधान)
SHRI M. VENKAIAH NAIDU: What is happening here, Madam? … (Interruptions)
श्री राजनाथ सिंह : महोदया, गुजरात में 1991 से लेकर 1999 तक दलितों के ऊपर कितने अत्याचार की घटनाएँ हुई हैं, यह मैं आपको बताना चाहता हूँ। ...(व्यवधान) इन लोगों ने शायद माइंड मेकअप कर लिया है वाकआउट करने का, ऐसा मुझे लगता है। ...(व्यवधान) मैं आपको 1991 से 1999 तक के आँकड़े बताता हूँ। 1991 में 1211, 1999 में 1656, 1993 में 1751, और लगातार दलितों पर अत्याचार की यह संख्या बराबर गुजरात में कांग्रेस के शासनकाल में तेजी से बढ़ी। ...(व्यवधान) गुजरात में 2001 से दलितों पर हुए अत्याचार की घटनाओं के आँकड़े अगर कोई देखे तो मैं सचमुच में 2001 के बाद काम करने वाली सरकार को बधाई देना चाहता हूँ कि दलितों पर अत्याचार की घटनाओं में भारी गिरावट आई है। मैं इसका उल्लेख करना चाहता हूँ। ...(व्यवधान)
I am not yielding. … (Interruptions)
SHRI MALLIKARJUN KHARGE: You are quoting the 1991 figures, but we are asking you about today’s situation. … (Interruptions)
HON. SPEAKER: Mr. Minister, please address the Chair.
…( व्यवधान)
श्री राजनाथ सिंह : नेशनल क्राइम रिकार्ड्ज़ ब्यूरो का एक डाटा जो क्राइम अगेन्स्ट शैडय़ूल्ड कास्ट्स और शैडय़ूल्ड ट्राइब्स कम्युनिटी से संबंधित है, उस डाटा का मैं यहाँ पर उल्लेख करना चाहता हूँ कि 2004 में सारे देश भर में 32,255 दलितों पर अत्याचार की घटनाएँ हुई हैं। 2005 में 29741 और 2006 में 42000 से भी अधिक घटनाएँ घटित हुई हैं। 2007 में 35 हज़ार से भी अधिक घटनाएँ घटित हुई हैं। 2008 में 38 हज़ार से भी अधिक घटनाएँ घटित हुई हैं। 2009 में भी 37000 से अधिक घटनाएँ घटित हुई हैं। ...(व्यवधान) यह हम लोगों की हुकूमत नहीं थी, हमारी सरकार नहीं थी। उस समय यदि किसी की सरकार थी तो वह आप सब लोगों की ही सरकार थी, हम लोगों की सरकार नहीं थी।
मैं अपनी सरकार के द्वारा इतना यकीन दिलाना चाहता हूँ कि सामाजिक बुराई को, इस सामाजिक समस्या को समाप्त करने के प्रति हमारी सरकार पूरी तरह से प्रतिबद्ध है।
माननीय अध्यक्ष महोदया, इस सरकार के 2014 में बनने के बाद और हमारे प्रधान मंत्री श्री नरेन्द्र भाई मोदी के द्वारा जो भी गरीबों के लिए, दलितों के लिए और साथ ही साथ अनुसूचित जातियों और अनुसूचित जनजातियों के लोगों के लिए जो कदम उठाए गए हैं, मैं समझता हूँ कि स्वतंत्र भारत के इतिहास में इस प्रकार के कदम कभी नहीं उठाए गए। मैं यहाँ यह उल्लेख करना चाहूँगा कि गरीबों के हालात में सुधार होना चाहिए।
आज़ादी हासिल होने के बाद हिन्दुस्तान के गरीबों की बैंकों तक पहुंच नहीं हो पाती थी।...(व्यवधान) वे भारत की आर्थिक मुख्यधारा से नहीं जुड़ पाए थे।...(व्यवधान) पहली बार अगर किसी सरकार ने, किसी प्रधान मंत्री ने, हिन्दुस्तान के दलितों को, हिन्दुस्तान के गरीबों को, हिन्दुस्तान की अनुसूचित जनजातियों को ‘प्रधानमंत्री जन-धन योजना’ के माध्यम से देश की आर्थिक मुख्यधारा से जोड़ने का काम किया है, तो हमारे प्रधान मंत्री जी ने किया है।...(व्यवधान) भविष्य में भी उनका जीवन आर्थिक अनिश्चितता के वातावरण में न रहे, इसके लिए कई बीमा योजनाएं भी उन्होंने प्रारंभ की हैं।...(व्यवधान) इतना ही नहीं, गरीबों के आर्थिक हालात में सुधार होने चाहिए।...(व्यवधान) इसीलिए, केवल अनुसूचित जाति और अनुसूचित जनजाति के लिए उन्होंने एक ‘स्टैण्ड-अप इंडिया’ कार्यक्रम प्रारंभ किया है।...(व्यवधान) इस प्रकार के कार्यक्रमों के माध्यम से उन्हें बिना किसी इंटरेस्ट रेट या कम इंटरेस्ट पर लोन मुहैया कराया जाता है।...(व्यवधान)
12.36 hours At this stage, Shri Bhagwant Mann came and stood on the floor near the Table.
अध्यक्ष महोदया, ज्यादा कुछ न कहते हुए मैं इतना ही कहना चाहता हूं कि हमारी सरकार इस प्रकार के दलितों पर होने वाले अत्याचार को, चाहे वह अनुसूचित जाति पर हो, चाहे वह अनुसूचित जनजाति पर हो, उसे हम सचमुच एक बहुत बड़ी बुराई मानते हैं।...(व्यवधान) इसकी हम निंदा करते हैं और हम यह भी यक़ीन दिलाना चाहते हैं कि इस बुराई को समाप्त करने के लिए जहां पर हमारी सरकार की प्रतिबद्धता है, वहीं पर मैं पूरे सदन से भी अपील करना चाहता हूं कि हम सबको मिल-जुल कर इस बुराई को एक चुनौती के रूप में स्वीकार कर इसे समाप्त करने के लिए अपनी प्रतिबद्धता व्यक्त करनी चाहिए।...(व्यवधान)
यही निवेदन करते हुए अपनी बात को मैं समाप्त करता हूं।...(व्यवधान)
माननीय अध्यक्ष : प्लीज़, अपनी ज़गह पर जाइए।
…( व्यवधान)
माननीय अध्यक्ष : भगवंत जी, यह क्या है? आप कहां खड़े हो?
…( व्यवधान)
माननीय अध्यक्ष : आप पहले अपनी ज़गह पर जाइए।
…( व्यवधान)
माननीय अध्यक्ष : यह क्या है?
…( व्यवधान)
माननीय अध्यक्ष : क्या आप सदन में दौड़ लगाएंगे?
…( व्यवधान)
माननीय अध्यक्ष : आप अपनी सीट पर जाइए।
…( व्यवधान)
12.37 hours At this stage, Shri Bhagwant Mann went back to his seat माननीय अध्यक्ष : इस पर बहस नहीं हो रही है।
…( व्यवधान)
माननीय अध्यक्ष : खड़गे जी, क्या आप प्रश्न पूछना चाहेंगे?
…( व्यवधान)
माननीय अध्यक्ष : अगर प्रश्न पूछेंगे तो फिर सुनना पड़ेगा।
…( व्यवधान)
श्री मल्लिकार्जुन खड़गे :मैडम, हम सुनने को तैयार हैं।
माननीय अध्यक्ष : फिर शोर नहीं कीजिए। यह कोई चर्चा नहीं हो रही है।
…( व्यवधान)
श्री मल्लिकार्जुन खड़गे : मैडम स्पीकर, आपसे विनती है और माननीय मंत्री जी से भी विनती है कि बार-बार इस सदन में, आज जो घटना घटती है या इस सरकार के दौरान जो घटनाएं घट रही हैं, जब हम सवाल उठाते हैं, उसके बारे में क्लैरिफिकेशन पूछते हैं तो वे 70 सालों की हिस्ट्री बोलते हैं।...(व्यवधान) वे 65 सालों का इतिहास सुनाते हैं।...(व्यवधान)
मैडम, मैं आपके माध्यम से कहना चाहता हूं कि उस 60-65 सालों के दौरान कम से कम इनके 80 से ज्यादा लोग कांग्रेस में थे।...(व्यवधान) ... *और आज ये ऐसी बात करते हैं।...(व्यवधान) इसलिए, मैं पूछना चाहता हूं कि गुजरात के बारे में, आज की घटना के बारे में इनकी जो रिप्लाई थी, वह हमारे लिए समाधानकारक नहीं है।...(व्यवधान)
दूसरी चीज़, हमने डिमांड किया कि ज्वायंट पार्लियामेंटरी कमेटी बिठाइए और उसे वहां भेजिए। इसकी इंक्वायरी होने दीजिए। किस-किस पार्टी के लोग उसमें इंवॉल्वड हैं? कौन-कौन से संगठन इसमें इंवॉल्वड हैं, इसकी फुल इंक्वायरी होनी चाहिए।...(व्यवधान) उन्हें पनिशमेंट होनी चाहिए।...(व्यवधान) उस वक्त हम खुश होंगे।...(व्यवधान) यह मैं चाहता हूं।...(व्यवधान)
क्या आप ज्वायंट सेलेक्ट कमेटी या पार्लियामेंटरी कमेटी के बारे में अनाउंस करेंगे, जो वहां विजिट करेगी और सविस्तार से उसकी रिपोर्ट इस सदन में रखेंगे, ताकि हमें मालूम हो कि उसमें आर.एस.एस. है, बी.जे.पी. है या कौन-से संगठन हैं?...(व्यवधान) इसीलिए मैं इसकी डिमांड करता हूं।...(व्यवधान)
श्री सुमेधानन्द सरस्वती (सीकर):माननीय अध्यक्ष जी, मुझे एक निवेदन करना है। अभी एक स्टेटमेंट में माननीय पप्पू यादव ने एक बात कही है, जिस बात पर मैं घोर आपत्ति करता हूं। माननीय पप्पू यादव ने एक बात कही कि ...* मैं कहता हूं कि इससे करोड़ों आदमियों की भावनाओं को ठेस पहुंचेगी। गाय हमारी आस्था का प्रतीक है, हमारी संस्कृति का प्रतीक है। कभी मुस्लिम बादशाहों ने भी गाय को मारने की बात नहीं की। इसलिए, इस बात को सदन की कार्यवाही से निकाला जाए। मैं इस पर आपत्ति करता हूं। मैं इसके लिए आपसे निवेदन करता हूं।...(व्यवधान)
माननीय अध्यक्ष : उसे निकाल देंगे।
…( व्यवधान)
माननीय अध्यक्ष : उनका रिप्लाई हो गया।
…( व्यवधान)
PROF. SAUGATA ROY (DUM DUM): Madam, we are not happy with this reply.
माननीय अध्यक्ष : प्लीज बैठिए। Shri Bhartruhari Mahtab.
SHRI BHARTRUHARI MAHTAB (CUTTACK): Madam, I am on a different subject.
HON. SPEAKER: I know.
… (Interruptions)
12.40 hours At this stage, Shri Kodikunnil Suresh and some other hon. Members came and stood on the floor near the Table.
… (Interruptions)
माननीय अध्यक्ष : आप बैठिए। क्या हो गया?
…( व्यवधान)