Legal Document View

Unlock Advanced Research with PRISMAI

- Know your Kanoon - Doc Gen Hub - Counter Argument - Case Predict AI - Talk with IK Doc - ...
Upgrade to Premium
[Cites 0, Cited by 0]

State Consumer Disputes Redressal Commission

T.V.S. Motor vs Vivek Goel on 22 September, 2015

  	 Cause Title/Judgement-Entry 	    	       STATE CONSUMER DISPUTES REDRESSAL COMMISSION, UP  C-1 Vikrant Khand 1 (Near Shaheed Path), Gomti Nagar Lucknow-226010             First Appeal No. A/833/2015  (Arisen out of Order Dated 31/03/2015 in Case No. C/51/2011 of District Mirzapur)             1. T.V.S. Motor  Tamilnadu ...........Appellant(s)   Versus      1. Vivek Goel  Mirzapur ...........Respondent(s)       	    BEFORE:       Mr. Mohd. Rais Siddaqui REGISTRAR          For the Appellant:  For the Respondent:     	    ORDER   

(राज्‍य उपभोक्‍ता विवाद प्रतितोष आयोग, उ0 प्र0 लखनऊ)                 सुरक्षित                      अपील संख्‍या 833/2015 (जिला मंच मिर्जापुर द्वारा परिवाद सं0 51/2011 में पारित निर्णय/आदेश दिनांकित 31/03/2015 के विरूद्ध)    1-मैनेजर, टी0वी0एस0 मोटर्स कंपनी लि0, पी0वी0 नं0 4, हरिता होसुर 635109 तमिलनाडु (इंडिया) 2-मैनेजर, मेसर्स न्‍यू आटो व्‍हील्‍स पैरिया टोला, मिर्जापुर।

...अपीलार्थीगण/विपक्षीगण बनाम विवेक गोयल पुत्र स्‍व0 गणेश प्रसाद गोयल निवासी- पंसारी टोला शहर व जिला मिर्जापुर।

.........प्रत्‍यर्थी/परिवादी समक्ष:

       1. मा0 श्री जितेन्‍द्र नाथ सिन्‍हा, पीठासीन सदस्‍य ।
  2. मा0 श्री संजय कुमार, सदस्‍य।
अपीलार्थी की ओर से उपस्थित              : विद्वान अधिवक्‍ता श्री मनीष निगम।

 

प्रत्‍यर्थी की ओर से उपस्थित                : श्री विवेक गोयल स्‍वयं।

 

दिनांक:-  29-12-2015

 

 मा0 श्री संजय कुमार,  सदस्‍य द्वारा उदघोषित ।

 

 निर्णय

 

      परिवाद सं0 51/2011 विवेक गोयल बनाम मैनेजर मेसर्स टी0वी0एस0 मोटर्स कंपनी लि0 व अन्‍य में जिला मंच मिर्जापुर द्वारा दिनांक 30/03/2015 को निर्णय पारित करते हुए निम्‍नलिखित आदेश पारित किया गया:-
     '' परिवाद आंशिक रूप से स्‍वीकार किया जाता है। विपक्षीगण को आदिष्‍ट किया जाता है कि वे परिवादी द्वारा इस निर्णय की तिथि से एक माह के अंदर क्रय किये गये कथित वाहन को विपक्षी सं0 1 को वापस करने पर, वाहन का मूल्‍य 42350.00 तथा उस पर वाहन क्रय किये जानेकी तिथि 06/08/2010 अदायगी की तिथि तक का 08 प्रतिशत साधारण वार्षिक ब्‍याज की दर से ब्‍याज अदा कर दे। इसके अलावा 1500.00 रूपया वाद व्‍यय भी अदा करें। विपक्षीगण उक्‍त अदायगी वाहन प्राप्‍त किये जाने की तिथि से एक माह के अंदर कर दें।''      उक्‍त वर्णित निर्णय/आदेश से क्षुब्‍ध होकर अपीलार्थीगण/विपक्षीगण द्वारा वर्तमान अपील प्रस्‍तुत किया गया है।
     परिवाद का कथन संक्षेप में इस प्रकार है कि विपक्षी सं0 2 दो पहिया वाहन का निर्माता है तथा विपक्षी सं0 1 उसका जनपद मीरजापुर में डीलर है। दोनों विपक्षीगण अपनी कंपनी का प्रचार व प्रसार अखबार, टी0बी0, पम्‍पलेट आदि के माध्‍यम से करते चले आ रहे हैं। परिवादी विपक्षी सं0 1 का शोरूम पर गया तब उसे बताया गया कि टी0वी0एस0 जाईव वाहन एक लीटर 2 पेट्रोल में 83.9 किलोमीटर चलेगी और यह गाड़ी बिना क्‍लच के चलती है। परिवादी ने दिनांक 06/08/2010 को एक मोटर साईकिल टी0वी0एस0 जाईव जिसका चेचिस नं0 एम0डी0 625 ए बी0 15  ए जी 46594 एवं इंजन नं0 ओ0बी0आई0जी0ए0 1046907 नीले रंग की विपक्षी सं0 1 से खरीदा। उक्‍त वाहन खरीदने के पश्‍चात परिवादी को पता चला कि जो विश्‍वास दिलाकर वाहन बेचा गया है वह गलत है तथा वाहन आधे से भी कम पेट्रोल का एवरेज दे रही है। परिवादी ने विपक्षी सं0 1 को मौखिक सूचना दिया तब उससे कहा गया कि पहली सर्विसिंग के बाद पेट्रोल का एवरेज अपने आप ठीक हो जायेगा। दिनांक 27/08/2010 को परिवादी ने विपक्षी सं0 1 से 676 कि0मी0 पर पहली सर्विस कराया है उसकेबाद भी वाहन का एवरेज बताये गये एवरेज से आधे से कम रहा। इसकी शिकायत परिवादी कई बार विपक्षी सं0 1 से किया लेकिन विपक्षी सं0 1 झूठा आश्‍वासन देता रहा। दिनांक 13/09/2010 को परिवादी मजबूर होकर अपने मोबाइल से विपक्षी सं0 2 को शिकायत दर्ज कराई। शिकायत दर्ज करने के दो दिन बाद विपक्षी सं0 1 ने परिवादी को बुलाकर वाहन का कारबोरेटर बदलवा दिया। इस बदलाव के बाद भी वाहन का एवरेज मात्र 34.35 कि0मी0 बना रहा। दिनांक 27/09/2010 को कंपनी के इंजीनियर मिस्‍टर जावेद हसन परिवादी के वाहन की जांच करने आये और उन्‍होंने कई प्रकार से जांच किया लेकिन वाहन का एवरेज ठीक नहीं कर पाये। विपक्षी सं0 1 ने एवरेज सुधार के नाम पर 20 दिन के लिए गाड़ी अपने पास ले लिये और जब वापस दिये तब भी गाड़ी का एवरेज आधे से कम रहा। विपक्षीगण द्वारा सेवा में कमी किये जाने पर परिवादी को परिवाद प्रस्‍तुत करना पड़ा।
      विपक्षी सं0 2 ने जिला मंच के समक्ष उपस्थित होकर परिवाद का विरोध करते हुए यह कहा गया है कि विपक्षी सं0 2 टी0वी0एस0 जाईव मोटर साइकिल का निर्माता है। विपक्षी सं0 2 वाहन स्‍वामी के प्रयाग हेतु मैनुअल जारी करती है जिसमें वारण्‍टी तथा फ्री एव पेड सर्विस का उल्‍लेख रहता है। टी0वी0एस0 जाई में 05 सर्विस और 6 पेड सर्विस की सुविधा वाहन स्‍वामी को दी जाती है। सर्विस की सुविधा सर्विस सेन्‍टर या डीलर द्वारा प्रदान की जाती है। डीलर एवं सर्विस सेन्‍टर स्‍वतंत्र पक्ष होती है और वे विपक्ष्‍ी सं0 2 के एजेण्‍ट नहीं होते हैं। विपक्षी सं0 2 द्वारा निर्मित वाहन देश में विभिन्‍न डीलरों को On principal to principal Basis बेची जाती है। वाहन को अच्‍छी स्थिति में डीलर को दी जाती है और डीलर द्वारा से वाहन क्रेता को वाहन चेक कराकर विक्रय किया जाता है। परिवादी दिनांक 06/08/2010 को वाहन क्रय किया   3 जाना कहा है जिसकी वारण्‍टी 24 महीने या 3000 किलोमीटर चलने तक जो भी पहले हो, की रही है। यदि इस काल में कोई वाहन का सामान खराब पाया जाता है तब उसे बदल दिया जाता है। वारण्‍टी की शर्तों में वाहन के बदलने या क्रय मूल्‍य के वापस करने की बात नहीं होती है। परिवादी ने विपक्षी सं0 1 से दिनांक 27/08/2010, 14/09/2010, 27/09/2010 एवं 28/10/2010 को सर्विसेज प्राप्‍त किया। विपक्षी सं0 1 ने ठीक प्रसकार से सर्विसेज की सुविधा दिया। परिवादी ने गलत आधार पर यह परिवाद प्रस्‍तुत किया है।
     अपीलार्थी की ओर से विद्वान अधिवक्‍ता श्री मनीष निगम एवं प्रत्‍यर्थी की ओर से श्री विवेक निगम स्‍वयं उपस्थित हैं। उभय पक्ष के बहस को विस्‍तारपूर्वक सुना गया एवं पत्रावली में उपलब्‍ध अभिलेखों का गंभीरता से परिशीलन किया गया।
     अपीलार्थी के विद्वान अधिवक्‍ता ने तर्क दिया कि जिला फोरम का निर्णय/आदेश सही एवं उचित नहीं है क्‍योंकि वाहन को किसी विशेषज्ञ द्वारा परीक्षण नहीं कराया गया है। वाहन में कोई मैनुफैक्‍चरिंग डिफेक्‍ट भी नहीं है। वाहन को उचित देखभाल न करने के कारण वाहन का एवरेज 83.9 किलोमीटर नहीं पाया जाता। जो परिवादी/प्रत्‍यर्थी की लापरवाही के कारण हुआ है जिसके लिए अपीलार्थी/विपक्षी जिम्‍मेदार नहीं है।
     प्रत्‍यर्थी स्‍वयं व्‍यक्तिगत रूप से उपस्थित होकर बहस किया कि अपीलार्थी द्वारा यह बताया गया कि वाहन एक लीटर में 83.9 किलोमीटर चलेगी तब यह गाड़ी बिना क्‍लच के चलती है। दिनांक 27/08/2010 के पहली सर्विसेज कराया। तब भी वाहन के एवरेज में कोई परिवर्तन नहीं हुआ। अपीलार्थी द्वारा किया गया कथन झूठा है। जिला फोरम ने जो निर्णय दिया है वह सही एवं उचित है। अपील खारिज होने योग्‍य है।
     आधार अपील एवं संपूर्ण पत्रावली का परिशीलन किया जिससे यह प्रतीत होता है कि प्रत्‍यर्थी/परिवादी ने अपीलार्थी/विपक्षी से एक टी0वी0एस0 जाईन वाहन खरीदा था जो एक लीटर में 83.9 किलोमीटर बिना क्‍लच के चलेगी। वाहन आधे से भी कम एवरेज दे रही थी। वाहन कम एवरेज देने की सूचना प्रत्‍यर्थी/परिवादी ने अपीलार्थी/विपक्षी को दिया। दिनांक 27/09/2010 को कंपनी के इंजीनियर मिस्‍टर जावेद हसन द्वारा वाहन की जांच किया गया। परिवादी/प्रत्‍यर्थी का वाहन किन्‍ही डिफेक्‍ट के कारण बताई गई एक लीटर पेट्रोल में 83.9 किलोमीटर नहीं एवरेज दे रही है। विपक्षी/अपीलार्थी द्वारा वाहन का एवरेज ठीक करने हेतु आवश्‍यक प्रयास किया गया     4 परन्‍तु वाहन बताए गये एवरेज नहीं दे सकी। परिवादी/प्रत्‍यर्थी अपना वाहन का क्रय मूल्‍य ब्‍याज सहित प्राप्‍त करने का हकदार है। अपीलार्थी के विद्वान अधिवक्‍ता ने तर्क दिया कि वाहन में कोई मैनुफैक्चिरिंग डिफेक्‍ट है क्‍योंकि किसी विशेषज्ञ द्वारा जांच नहीं कराया गया है। यह कथन स्‍वीकार करने योग्‍य नहीं है क्‍योंकि परिवादी/प्रत्‍यर्थी ने वाहन में माइलेज कम होने की शिकायत वाहन क्रय करने के तुरन्‍त की थी तथा जांच में माइलेज कम होना पाया गया था। इस प्रकार वाहन में कोई मैनुक्चिरिंग डिफेक्‍ट का कथन नहीं है। यह तथ्‍य साबित है कि वाहन क्रय करने के उपरान्‍त वाहन का माइलेज कम था। अपीलार्थी/विपक्षी द्वारा वाहन का सर्विसिंग किया गया परन्‍तु सर्विसिंग के बाद भी वाहन का माइलेज बताई गई निर्धारित एवरेज नहीं दे सकी।
     माननीय राष्‍ट्रीय आयोग ने स्‍कूटर इंडिया लि0 बनाम श्रीमती कनकलक्ष्‍मी एवं अन्‍य में निम्‍नलिखित विधिक सिद्धांत प्रतिपादित किया है:-
     Thus the complainant purchased this scooter because of this assurance. Though the Forum below has held that this was an unfair trade practice by the opposite parties, we do not find any material to hold that in this case it was an unfair trade practice on the part of the opposite parties. No doubt the complainant as an individual has been dissatisfied with the performance but there is no material on the record to hold that any of this particular scooter had manufacturing defect and did not satisfy the assured mileage. In the absence of any evidence that all those scooters of this model infact has unsatisfactory performance, attributing unfair trade practice for his lone transaction would not be proper. But since the complaint as a consumer is dissatisfied with the unsatisfactory performance of the scooter because of its not achieving the assured mileage inspite of several efforts to rectify the defects, the manufacturer would be liable to either replace the scooter by a new one or to refund the entire price of it.
7. In the result this appeal is dismissed. The judgment is confirmed but with modification. The opposite parties shall deliver the complainant a new Bajaj scooter of the same model or as per the choice of the complainant and in that case differential price if any between the two scooters will be paid by the complainant.

     उपरोक्‍त विधि व्‍यवस्‍था के आलोक में परिवादी/प्रत्‍यर्थी के तर्क में बल मिलता है। प्रश्‍नगत प्रकरण वाहन के एवरेज से संबंधित है एवं परिवादी/प्रत्‍यर्थी यह कथन साबित करने में सफल है कि वाहन निर्धारित एवरेज नहीं दे रहा था। इस संबंध में जिला फोरम का निष्‍कर्ष स्‍वीकार किये   5 जाने योग्‍य है। जिला फोरम ने जो निर्णय/आदेश दिया है वह सही एवं उचित है। इसमें हस्‍तक्षेप करने का कोई औचित्‍य नहीं है। अपील खारिज करने योग्‍य है।

आदेश         अपील खारिज की जाती है।

                                                                                                        
   (जितेन्‍द्र नाथ सिन्‍हा)                            (संजय कुमार)

 

     पीठा0 सदस्‍य                                    सदस्‍य

 

                                               

 

                                                     

 

                                        सुभाष आशु0 कोर्ट नं0 3

 

 

 

 

 

              [ Mr. Mohd. Rais Siddaqui]  REGISTRAR