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Lok Sabha Debates

Homage Paid To The Memory Of Martyrs On The Occassion Of The 74 Th Anniversary Of ... on 23 March, 2005

Title: Homage paid to the memory of martyrs on the occassion of the 74th Anniversary of martyrdom of Shaheed Bhagat Singh, Shaheed Rajguru and Shaheed Sukhdev.

HOMAGE TO MEMORY OF MARTYRS … (Interruptions)

MR. SPEAKER: Prof. Malhotra, I will call you. I am thankful to you.

… (Interruptions)

MR. SPEAKER: Hon. Members, on this day in 1931, three great sons of Mother India, Shaheed-e-Azam Bhagat Singh, Shaheed Rajguru and Shaheed Sukhdev became martyrs in the cause of our Freedom.

Their sacrifices strengthened our people’s resolve to achieve the goal of Independence.

On this occasion, we recall the spirit of idealism and patriotism that characterized our Freedom struggle and pay our humble tributes to the memory of these heroes who paved the way to our Independence.

…( व्यवधान)

प्रो. विजय कुमार मल्होत्रा (दक्षिण दिल्ली) : अध्यक्ष जी, मैंने उल्लेख किया था और आपने स्वयं भी उल्लेख किया तथा सारे सदन की ओर से इस बात को रखा गया है। मैं केवल एक बात का और उल्लेख करना चाहता हूं कि जिन्होंने ७४ वर्ष पहले २३-२४ वर्ष की अवस्था में अपने प्राणों की आहूति दी, उनका आज ७५वां शहीदी दिवस है। इसी सदन में, इसी जगह पर कहीं से उन्होंने बम फेंका था। यहीं पर सदन में कोई स्थान है, जिस स्थान पर वह बम आ कर गिरा था। उन्होंने साम्राज्यवाद के बहरे कानों पर उन्हें जगाने के लिए वह बम फेंका था।

अध्यक्ष महोदय, उनका कोई स्मारक होना चाहिए, कहां से बम फेंका था और वह किस जगह गिरा था, क्या हुआ था, कोई प्लेक होना चाहिए। उन शहीदों का इस सदन से इतना संबंध है, उनका कोई चित्र हमारे लोक सभा के प्रांगण में या राज्यसभा के सदन में लगाने पर भी विचार किया जाना चाहिए। …( व्यवधान)

श्री मोहन रावले (मुम्बई दक्षिण-मध्य) : अध्यक्ष जी, हम भी इस पर बोलना चाहते हैं।…( व्यवधान)

MR. SPEAKER: I will certainly consider it. You associate with him.

… (Interruptions)

श्री मोहन रावले : अध्यक्ष महोदय, हमारा एक सुझाव है।…( व्यवधान)

MR. SPEAKER: Hon. Members, this is a solemn occasion. I am thankful to Prof. Malhotra for pointing it out to me in the morning. I am really thankful to him. I think, on behalf of the House, I have said it. Prof. Malhotra had made his submission. You have associated with it. I will call a few hon. Members to speak. Please cooperate. That would be paying proper respects to them. If all of us shout, nothing will be heard. I will call a few hon. Members.

SOME HON. MEMBERS: We all associate with it.

मोहम्मद सलीम (कलकत्ता-उत्तर पूर्व) : अध्यक्ष महोदय, मैं आपका धन्यवाद करता हूं। यह एक ऐतिहासिक दिन है और आज भगत सिंह, सुखदेव और राजगुरू की शहादत का ७५वां दिवस है। आपने यहां जिस तरह आसन से टि्रब्यूट दिया, यह भी लोक सभा के लिए एक इतिहास है। उन्होंने आजादी के लिए अपनी कुर्बानी दी। श्री मल्होत्रा जी ने भी सही कहा कि प्लेक होना चाहिए, क्योंकि हमारे यहां हमेशा ऐसा होता है। आज कल जिस तरह बात हो रही है, वह और भी ज्यादा हमारे इतिहास को याद करने की जरूरत है। जो लोग इतिहास को भूल जाते हैं, वे इतिहास बना नहीं सकते।

अध्यक्ष महोदय, राज्य सभा के ६३ नम्बर कमरे में भगत सिंह और बटुकेश्वर दत्त की तस्वीर लगी हुई है। हम हर साल ६३ नम्बर कमरे में जाते हैं, मैं आज भी वहां गया था। मेरा यह कहना है कि वहां कोई सेक्रेटेरियट की तरफ से या सदस्यों की तरफ से उन्हें फूल चढ़ाने का या उन्हें याद करने का कोई बंदोबस्त नहीं था, यह होना चाहिए।

अध्यक्ष महोदय : ठीक है, आपने बहुत अच्छा सुझाव दिया है, हम कंसीडर करेंगे।

मोहम्मद सलीम : अध्यक्ष महोदय, धन्यवाद।

श्री देवेन्द्र प्रसाद यादव (झंझारपुर) : अध्यक्ष महोदय, आज ७५वां वर्ष, और खास तौर से शहीद भगत सिंह जी का दिवस है। मैं समझता हूं कि भगत सिंह जी का कोई न कोई चित्र होना चाहिए, जो इतिहास है वह इतिहास ही हमारे देश की धरोहर है। इसलिए जो घटनाक्रम है, उसकी स्मृति करने के लिए, उसे स्मरण रखने के लिए जरूरी है कि जहां से बम फेंका गया था, वहां कोई न कोई इस तरह का चित्र होना चाहिए।…( व्यवधान)

MR. SPEAKER: I am very happy to find unanimity in this matter rightly, as expected. This is the glory of this institution. I am sure, I appreciate it.

SHRI C. KUPPUSAMI (MADRAS NORTH): Sir, on behalf of our Party, the DMK, we want to associate with what the hon. Members have said about the martyrs.

MR. SPEAKER: Thank you.

श्री मोहन रावले : अध्यक्ष महोदय, मैं आपसे प्रार्थना करता हूं कि उन्हें श्रद्धाजलि अर्पित करने के लिए एक-दो मिनट के लिए सब लोग खड़े हो जाएं तो अच्छा होगा।…( व्यवधान)

अध्यक्ष महोदय, हिन्दुस्तान को जो स्वतंत्रता मिली है, वह क्रांतिकारियों की वजह से मिली है। बहुत से क्रांतिकारियों की फोटो लगी हैं, लॉबी में भी लगी हैं, जिन्होंने देश की स्वतंत्रता के लिए कुर्बानी दी।…( व्यवधान)

MR. SPEAKER: I shall call a meeting of the hon. Leaders and find out how best we could do it .We shall also consult all.

श्री मोहन रावले : जब लार्ड माउंटबेटन ने हिन्दुस्तान छोड़ा था तो उन्होंने कहा था कि क्रान्तिकारियों की वजह से उनको राज करने मुश्किल हुआ। …( व्यवधान)

MR. SPEAKER: Let us come to our business which, I am sure, Shaheed Bhagat Singhji would have liked us to do, and to utilise our time. They fought for our freedom. We have to maintain our freedom, and develop our country with cooperation from all sections.

 

11.06 hrs. MR. SPEAKER : Shri Mansukhbhai D. Vasava, Q. No. 281 श्री मनसुखभाई डी. वसावा : माननीय अध्यक्ष जी, हम सभी जानते हैं कि देश को धीरे-धीरे भ्रष्टाचार निगल रहा है, स्टैम्प घोटाले, बैंक के भ्रष्टाचार दिन-प्रतदिन बढ़ते जा रहे हैं और इस पर नियंत्रण करने के लिए सरकारी मशीनरी, जिनमें सी.बी.आई. प्रमुख है। आज सी.बी.आई. पर कई शंकाएं की जा रही हैं कि ठीक ढंग से काम नहीं कर पा रही है। सी.बी.आई. में एक ओर आवश्यक कर्मचारियों की कमी है और दूसरी ओर कुशल कर्मचारियों की कमी की वजह से आज दुनिया में भ्रष्टाचार के मामले में हमारा देश ८३वें स्थान पर है। ऐसी स्थिति में मैं यह जानना चाहता हूं कि पूरी की पूरी जो-जो जगह हैं, वह आज तक कई जगह खाली हैं, इसमें प्रमुखतया इन्सपैक्टर, डी.एस.पी., एडीशनल एस.पी., एस.एस.पी. जैसी कई महत्वपूर्ण जगह खाली हैं। इसकी पूर्ति के लिए सरकार ने क्या कदम उठाये हैं?

MR. SPEAKER: You are putting the same question.

श्री सुरेश पचौरी : माननीय सदस्य ने जो चिन्ता जाहिर की है, वह वाजिब है और मैं यह बताना चाहता हूं कि अलग-अलग स्तर पर जो वेकेंसीज़ हैं, जैसा कि मैंने अपने उत्तर में बताया कि वे १०८० हैं और इन वेकेंसीज़ को भरने के लिए कई कदम उठाये जा रहे हैं। जहां तक कांस्टेबल से एडीशनल एस.पी. लेविल की वेकेंसीज़ का प्रश्न है, उनको भरने के लिए सरकार ने यह विचार किया है कि सरकार स्पेशल एलाउंस दे। एडीशनल एस.पी. लोगों के लेविल पर एक हजार रुपये का और ७०० रुपये प्रतिमाह का स्पेशल एलाउंस कांस्टेबल लेविल के, इन्सपैक्टर लेविल के जो सी.बी.आई. में आएंगे, उनको दिया जाये। उसका कारण यह है कि जो राज्य में हमारे पुलिस पर्सोनेल रहते हैं, उनको ज्यादा सुविधाएं मिलती हैं, चाहे हाउसिंग फेसलिटीज़ हों, चाहे दूसरी और सुविधाओं का जिक्र हो, लेकिन हमारे यहां उतनी सुविधाएं नहीं मिल पाती हैं। उसी की वजह है कि ये जो वेकेंसीज़ हैं, वे काफी बढ़ी हैं। हालांकि अगर पिछले ५-७ वर्षों की फीगर्स हम देखें तो ये फीगर्स लगभग समान रही हैं, ९०० से ११०० के बीच में ये फीगर्स रही हैं। लेकिन जहां तक परफोरमेंस का प्रश्न है, निश्चित रूप से जब वेकेंसीज़ रहती हैं, थोड़ी बहुत परफोरमेंस प्रभावित होती है, लेकिन फिर भी अगर हम इंडीकेटर देखें कि जो रजिस्ट्रेशन ऑफ केसेज़ हैं और इन्वेस्टीगेशन ऑफ केसेज हैं तो टोटल केसेज़ जो रजिस्टर होते हैं, उनके मुकाबले में इनवेस्टीगेशन ऑफ केसेज़ की संख्या ज्यादा हो जाती है। इसका असर ओवरबर्डन जरूर होता है, लेकिन फिर भी यह वेकेंसीज़ जल्दी से जल्दी भरी जायें, ऐसी सरकार की तरफ से कोशिश की जायेगी और जो वभिन्न स्तरों पर हमारे अधिकारी रहते हैं, उनको अन्य सुविधाएं भी मुहैया कराई जायें, इसके लिए सरकार प्रयत्नशील रहेगी।

MR. SPEAKER: It is a very exhaustive answer.

श्री मनसुखभाई डी. वसावा : अध्यक्ष महोदय, मंत्री जी के जवाब में मैं पूरा संतुष्ट हूं, लेकिन मैं यह जानना चाहता हूं कि सी.बी.आई. की कार्यकुशलता में सुधार के लिए सरकार ने कदम उठाये हैं, फिर भी स्टाम्प घोटाले वाले जैसे और कई भ्रष्टाचारी लोग आज भी छूट जाते हैं तो इसके लिए अच्छे कदम क्या-क्या उठाये हैं, यह मैं जानना चाहता हूं।

MR. SPEAKER: Is it due to vacancy?

श्री सुरेश पचौरी : माननीय अध्यक्ष महोदय, आपने सही निर्देशित किया है कि प्रश्न मूलत: वेकेंसीज़ पर है, फिर भी चूंकि इन दो स्कैम्स का इन्होंने जिक्र किया है तो मुझे उत्तर देने में प्रसन्नता होगी।

जहां तक तेलगी घोटाले का प्रश्न है, यह अभी इंवेस्टिगेटिंग प्रोसेस में हैं । और इसके लिए हम खास इसी स्कैम को देखने के लिए अतिरक्त वरिष्ठ स्तर के अधिकारियों की नियुक्ति करने जा रहे हैं श्री काशीराम राणा : अध्यक्ष जी, माननीय मंत्री जी ने ठीक कहा है और उन्होंने स्वीकार किया है कि स्टाफ की कमी की वजह से बहुत केसिस पैंडिंग हैं, उन केसिस का रेजुलेशन नहीं होता है । सीबीआई की एफसियेंसी और उसकी परर्फोमेंस बढ़ाने के लिए जरूरी है कि उसका पूरा स्टॉफ हो और उसका आधुनिकीकरण हो । अगस्त २००४ में माननीय मंत्री जी ने यह उत्तर दिया था और उसमें उन्होंने कहा था कि १००१ की कमी वहां पर है और जबकि आज कहते हैं कि १०८० की कमी है और यदि देखा जाए तो एक्जीक्यूटिव में ६४४ की कमी है, लीगल में ७५ की, टेक्निकल में ९३ और मनिस्टि्रयल में १८९ की कमी है । मैं आपके जरिए पूछना चाहता हूं कि हमारे जो सीबीआई के निदेशक हैं उन्होंने भी कहा है कि पिछले पांच साल के कई केसिस सोल्व नहीं होते हैं क्योंकि पूरा स्टॉफ हमारे पास नहीं है । इसलिए एक ओर हमारे यहां पर कई प्रकार के क्राइम होते हैं चाहे वे साइबर क्राइम हों, इकोनामिक क्राइम हो या बैंक घोटाले हों। बहुत सारे क्राइम बढ़ते ही जाते हैं । इन बढ़ते हुए क्राइम्स को देखते हुए सीबीआई के स्ट्रक्चर या जो भर्ती की सैंक्शन पोस्टें हैं, उन्हें पूरा करना ही चाहिए । मैं यह भी कहना चाहता हूं कि उसका जो आधुनिकीकरण होना चाहिए वह लेटेस्ट इक्वीपमेंट्स के साथ होना चाहिए । उसके बारे में भी मंत्रालय की ओर से बहुंत कम राशि उसे दी जाती है । उसकी वजह से भी जो अपराध करने वाले लोग हैं, उन तक सीबीआई पहुंच पाने में समर्थ नहीं है । यह जो कमियां आपने स्वीकार की हैं कि वन फोर्थ की कमी है उस कमी को पूरा करने के लिए आप क्या कदम उठाने जा रहे हैं । दूसरा आपने यह कहा है कि आधुनिकीकरण के लिए सरकार कदम उठा रही है। What type of steps are being taken by the Government to resolve this problem? साथ ही साथ सरकार की ओर से सीबीआई का जो दुरुपयोग हो रहा है उस पर भी रोक लगानी चाहिए ।

MR. SPEAKER: This is not a discussion on the entire functioning of the CBI. You should also put supplementary relating to the main question.

श्री सुरेश पचौरी : माननीय सदस्य महोदय ने आधुनिकीकरण के संबंध में जो प्रश्न किया है, उसके बारे में मैं बताना चाहता हूं कि पिछले ३-४ वर्षों में जो फंड सैंक्शन हुआ था, एलोकेट हुआ था और जो एक्सपेंडिचर हुआ, अगर वह हम देखें तो मैं सोचता हूं कि काफी कुछ स्थिति स्पष्ट हो जाएगी, कि सरकार की तरफ से क्या कदम उठाए गए है । २०००-०१ में आधुनिकीकरण के लिए जो फंड था वह ७५ लाख था और यूटीलाइजेशन ५७ लाख रुपये किया गया था । २००१-०२ में जो फंड ग्रांट किया गया था वह ४० लाख रूपये था और २९ लाख रुपये का यूटीलाइजेशन हुआ । २००२-०३ में जो फंड एलोकेटिड किया गया वह ३२ लाख रूपये था और यूटीलाइजेशन ३० लाख रूपये हुआ । २००३-०४ में आधुनिकीकरण के लिए १०० लाख रूपये का फंड ग्रांट हुआ लेकिन यूटीलाइजेशन ५९ लाख रूपये हुआ है । इस संबंध में और भी प्रस्ताव आए हैं कि आधुनिकीकरण के लिए १०० लाख रुपए प्रदान किए जाएं । अपग्रेडेशन के लिए १२ लाख रुपये २००४-०५ में प्रदान किए जाएं, इस संबंध में हम लोगों ने निर्णय लिया है। जहां तक दूसरी सुविधाओं का प्रश्न है, उसके कई कारण हैं, जिनमें से एक है आवास सुविधा उपलब्ध कराना । अभी तक जो सीबीआई के कर्मचारी हैं उनको पर्याप्त आवास सुविधा उपलब्ध नहीं कराई जा सकी है और अभी तक हमारे पास १४४४ आवासीय मकान हैं, जबकि स्टॉफ काफी ज्यादा है । इसके लिए अगर हम दिल्ली की ही बात लें तो वसंत कुंज में जो ३३ तैयार फ्लैट्स हैं, वे हम लोगों ने करीब ४६ लाख की कॉस्ट के लिए हैं और हमने वसंत कुंज के १५ फ्लैट्स लिए हैं, अलग-अलग स्थानों पर हमने जमीन ली है ताकि आवासीय सुविधा सीबीआई के आफिसर्स को उपलब्ध करा सकें, यही हमारी कोशिश है।

MR. SPEAKER: Very exhaustive answer. Any more questions? It is only with regard to vacancies.

DR. ARVIND SHARMA : Sir, I just want to ask how many cases CBI has registered during the last four years and what is the state of investigation of these cases.

MR. SPEAKER: How can it be? How can he tell you about all the cases? Hon. Minister, give only the number of cases.

श्री सुरेश पचौरी : जहां तक रजिस्ट्रेशन ऑफ केसेज़ का प्रश्न है, सन् २००० में १,११६ केसेज रजिस्टर हुए, २००१ में १,१०५ हुए, २००२ में १,१५९ हुए, २००३ में १,०६८ हुए और २००४ में १,१९९ हुए। इन्वैस्टीगेशन कम्प्लीटेड के बारे में माननीय़ सदस्य ने जो प्रश्न उठाया है, मुझे यह बताते हुए खुशी है कि यद्यपि वेकेन्सीज़ ज्यादा हैं, उसे द्ृष्टिगत रखते हुए जो इन्वैस्टीगेशन है in comparison to registration of cases, काफी संतोषजनक हुआ है। अगर वह अनुपात देखें तो २००० में १,११६ केसेज रजिस्टर हुए हैं लेकिन इन्वैस्टीगेशन १,१२९ का कम्प्लीट हुआ है। इसी प्रकार २००१ में १,१०५ रजिस्ट्रेशन ऑफ केसेज के मुकाबले १,२०३ में इन्वैस्टीगेशन कम्प्लीट हुआ है। इस उत्तर को मैं कट शार्ट करते हुए आपके माध्यम से बताना चाहता हूं कि रजिस्ट्रेशन ऑफ केसेज के मुकाबले इन्वैस्टीगेशन ऑफ केसेज की संख्या ज्यादा रही है। इसलिए मैंने अपने उत्तर में कहा है कि यद्यपि वेकेन्सीज़ हैं फिर भी सीबीआई की परफार्मेंस संतोषप्रद है। यदि वेकेन्सीज़ भरी जाएंगी तो और अधिक अच्छी हो सकती है।…( व्यवधान)

MR. SPEAKER: I hope there will be no more crimes.

श्री सुरेश पचौरी : यदि और सुविधा मुहैया करवा दी जाए तो और बेहतर हो जाएगी।

श्री रघुनाथ झा : अध्यक्ष महोदय, मंत्री जी ने खुद स्वीकार किया कि एडीशनल एसपी से लेकर सिपाही तक के पद की इतनी रिक्तियां हैं और उनको भरने के लिए उन्होंने कुछ सुझाव दिए हैं। मैं मंत्री जी से जानना चाहता हूं कि क्या यह बात सही है कि पुलिस के बराबर नहीं रहने के कारण, पुलिस को अपने काम में अतरिक्त फायदा होता है, आप उसे पुलिस से बढ़ाकर देना चाहते हैं? क्या यह बात सही है कि एसपी से ऊपर तक के जो पदाधिकारी हैं, उनके डैपुटेशन का समय फिक्स नहीं है जिसके कारण दूसरे लोगों को अपनी प्रतिभा दिखाने का मौका नहीं मिलता। …( व्यवधान)

अध्यक्ष महोदय : आप प्रश्न पूछिए।

श्री रघुनाथ झा : क्या सरकार उनके डैपुटेशन का समय फिक्स करना चाहती है क्योंकि लोग पांच-पांच, सात-सात सालों से एक ही जगह बैठे हुए हैं?…( व्यवधान)

MR. SPEAKER : It is a Question Hour, not Advice Hour. Hon. Minister, do not match the length of his question.

श्री सुरेश पचौरी : अध्यक्ष महोदय, माननीय सदस्य के प्रश्न के दो भाग हैं - पहला कांस्टेबल से एडीशनल एसपी लैवल तक की क्या स्थिति है और एसपी एंड एबव लैवल की क्या स्थिति है। जहां तक कांस्टेबल से लेकर एडीशनल एसपी लैवल की स्थिति की बात है, मैंने उसका वर्णन किया है कि सीबीआई में ज्यादा से ज्यादा लोग आएं, उनको अट्रैक्ट करने के लिए सरकार की तरफ से एडीशनल एसपी को एक हजार रुपये प्रति माह और इंस्पैक्टर को सात सौ रुपये प्रति माह स्पैशल ऐलाउंस देने का निर्णय लिया गया है। इसके अतरिक्त उन्हें और क्या-क्या सुविधाएं दी जा सकती हैं, उनके बारे में माननीय प्रधान मंत्री जी से चर्चा हुई है और उन्होंने प्रपोजल प्रस्तुत करने के लिए हमें निर्देश दिए हैं। जहां तक एसपी और एबव लैवल अधिकारियों का प्रश्न है, मैं आपके जरिए बताना चाहता हूं कि एसपी और एबव लैवल के व्यक्तियों के डैपुटेशन का पीरियड चार से सात साल का रहता है। आपने चिन्ता जाहिर की है कि डैपुटेशन पीरियड को कम करने या परिवर्तित करने के बारे में क्या सरकार विचार करेगी। इस मामले में जो आपकी भावनाओं से संबंधित हैं, उनको अवगत करवा देंगे।

जहां तक पोस्िंटग का प्रश्न है, पोस्िंटग के मामले में सीबीआई को औटोनॉमी मिली हुई है, उसमें सरकार की दखलअंदाजी नहीं होती। जहां तक सिलैक्शन का प्रश्न है, सीवीसी एक्ट, २००३ इस सदन ने पास किया है। उसके अंतर्गत सीवीसी बोर्ड को सलैक्शन की जिम्मेदारी मिली हुई है या एसपी एंड एबव लैवल के व्यक्ति को मिली हुई है या यूपीएससी को मिली हुई है। नीचे के लैवल पर डिपार्टमैंटल प्रमोशन कमेटी उनको सलैक्ट करती है।…( व्यवधान)

अध्यक्ष महोदय : इसके बाद कोई प्रश्न नहीं रहता।

...( व्यवधान)

श्री पारसनाथ यादव : अध्यक्ष महोदय, केवल एक सवाल पूछने दीजिए। …( व्यवधान)

MR. SPEAKER: It has become a habit to always challenge the Speaker’s decision. You have to give up this habit. Nothing is being recorded except Shri Chandra Mani Tripathi.

(Interruptions) …* MR. SPEAKER: Anybody can question this. हम जानते हैं। इस प्रश्न पर बीस मिनट हो गए है, on a simple question of vacancies, and he has given exhaustive answers.

… (Interruptions)

श्री तूफानी सरोज : हमने कल भी प्रश्न पूछने के लिए नाम दिया था। आज भी हमने साढे आठ बजे नोटिस दिया है।

* Not Recorded.

अध्यक्ष महोदय : क्वेश्चन के लिए साढ़े आठ बजे कोई नोटिस नहीं देता है।

...( व्यवधान)

अध्यक्ष महोदय : सप्लीमैंट्री क्वेश्चन का उत्तर नहीं सुनते और सप्लीमैंट्री दे देते हैं।

...( व्यवधान)

(Q. No. 282) श्री चन्द्रमणि त्रिपाठी : अध्यक्ष महोदय, एक तरफ सांसदों की मांग है कि सांसद नधि विकास योजना के तहत जो २ दो करोड़ रुपये की राशि मिलती है, उसे बढ़ाकर तीन या पांच करोड़ रुपये कर दिया जाये। …( व्यवधान) दूसरी तरफ सामाजिक अध्ययन संस्थान, नई दिल्ली ने फरवरी २००५ में रिपोर्ट प्रकाशित की है। …( व्यवधान)

MR. SPEAKER: Silence please. This unity for our own purpose is not very much appreciated.

श्री चन्द्रमणि त्रिपाठी : जिसका मंत्री जी अभी जिक्र कर रहे थे। उसमें सांसदों पर आक्षेप किया गया है कि कोई सांसद …( व्यवधान)

अध्यक्ष महोदय : इस प्रश्न के साथ इसका कोई ताल्लुक नहीं है।

...( व्यवधान)

श्री चन्द्रमणि त्रिपाठी : अध्यक्ष महोदय, इसका ताल्लुक है। यह रिपोर्ट जो पार्लियामैंट्री लाइब्रेरी में रखी गयी है, उसमें कहा गया है कि सांसद विकास नधि में जो पैसा दिया जाता है, उस पैसे का सांसद लोग दुरुपयोग करते हैं, इसलिए उसको बंद कर देना चाहिए। सांसदों की मांग है कि इस राशि को और बढ़ाया जाये जबकि रिपोर्ट में कहा गया है कि यह राशि बंद कर दी जाये क्योंकि दिशा निर्देशों का उल्लंघन हुआ है। मैं आपके माध्यम से मंत्री जी से पूछना चाहता हूं। …( व्यवधान)

मैं मंत्री जी से निवेदन करना चाहता हूं कि सरकार को अधिकार है कि अगर कोई सदस्य उन दिशा निर्देशों का उल्लंघन करता है तो वह उसके खिलाफ कार्रवाई करें। लेकिन क्षेत्र के विकास के लिए सांसदों को जो दो करोड़ रुपया मिलता है, उसमें बढ़ोतरी की जाये और इस राशि को बढ़ाकर ५ करोड़ रुपया किया जाये, यह सारे सदन की राय है। अध्यक्ष जी, आप भी इस राय से सहमत होंगे। मैं निवेदन करना चाहता हूं कि जो रिपोर्ट आई है, उस पर सरकार क्या कार्रवाई करने जा रही है ? …( व्यवधान)

MR. SPEAKER: I think, we are spoiling the case by doing this and making it so obvious. Do it quietly. Go to the Prime Minister. Do not think I agree. I do not agree with this.

श्री ऑस्कर फर्नान्डिस : अध्यक्ष महोदय, माननीय सदस्य ने सुझाव दिया है क…( व्यवधान)

MR. SPEAKER: It will be a very sad day if the hon. Members feel that on this issue anybody should be pressurised. Let us not pressurise on our own matter.

Now, the hon. Minister. Nobody else’s statement will be recorded.

(Interruptions) … * अध्यक्ष महोदय : श्री झा, आपको क्या हो गया है ?

…( व्यवधान)

MR. SPEAKER: It is not being recorded. Nothing will go on record except what the hon. Minister says.

(Interruptions) … * श्री ऑस्कर फर्नान्डिस : अध्यक्ष महोदय, इस रिपोर्ट में दो मुख्य सुझाव ये कर चुके हैं।…( व्यवधान)

MR. SPEAKER: If the hon. Members cannot control themselves, I will go to the next Question. Nothing will happen.

श्री ऑस्कर फर्नान्डिस : अध्यक्ष महोदय, आदरणीय सदस्य ने दो सुझाव रिपोर्ट में दिये हैं। उनका एक मुख्य सुझाव है कि एमपीज एग्जीक्यूटिव काम कर सकते हैं या नहीं कर सकते हैं, उसके बारे में वह उल्लेख कर चुके हैं। दूसरी बात इन्होंने यह कही है कि एमपीज को जो पैसे का अलॉटमेंट होता है, वह ठीक ढंग से खर्च हो रहा है कि नहीं हो रहा है। हमारे इलाके में यह पैसा ठीक ढंग से खर्च होने के लिए पूरी कार्रवाई हम कर चुके हैं। अगला सैशन शुरू होने से पहले हम लोग नयी गाइडलाइन्स हाउस के सामने रखेंगे और इम्प्रूव करने के लिए पूरी कार्रवाई करेंगे। हम कम्प्यूटराइज्ड मोनीटरिंग सिस्टम भी लागू कर चुके हैं.…( व्यवधान)

श्री चन्द्रमणि त्रिपाठी : अध्यक्ष महोदय, माननीय मंत्री जी ने कहा है कि वह कार्रवाई करने जा रहे हैं। यह निगरानी का जो काम है, जो काम संसद सदस्य लिखते हैं, वह काम ठीक से हो रहा है कि नहीं हो रहा है, मैं सरकार से जानना चाहता हूं कि इसके लिए वह सांसदों को क्या सुविधा उपलब्ध करा रही है? चूंकि अगर सुविधा उपलब्ध नहीं कराएगी तो कोई भी सांसद क्योंकि मैं जिस इलाके से आता हूं, एक संसदीय क्षेत्र में ८ विधान सभा सैगमेंट्स हैं। कहीं-कहीं १७ हैं, माननीय सदस्य कह रहे हैं। सांसदों द्वारा करवाये जा रहे कार्यों की निगरानी वे कर सकें, इसके लिए क्या भारत सरकार कोई वाहन की व्यवस्था कर रही है ?…( व्यवधान)

   

* Not Recorded.

अध्यक्ष महोदय : नहीं, अब नहीं।

श्री चन्द्रमणि त्रिपाठी : अध्यक्ष महोदय, उसी का पार्ट ‘बी’ है जो मैं माननीय मंत्री जी से पूछना चाहता हूं।…( व्यवधान)

अध्यक्ष महोदय : यह ‘बी’ नहीं चलेगा। आगामी सत्र से वह भी नहीं चलेगा। आपका पार्ट ‘बी’ क्या है ? बोलिए।

…( व्यवधान)

श्री चन्द्रमणि त्रिपाठी : ये जो सांसद कार्य की घोषणा करते हैं, वे दिशानिर्देशों के तहत करते हैं। सांसदों के लिख देने मात्र से कार्य स्वीकृत नहीं होता। कलैक्टर जब स्वीकृत करता है, तब कार्य स्वीकृत होता है और कलैक्टर केन्द्र सरकार के दिशा-निर्देशों के तहत ही स्वीकृत करता है। मैं माननीय मंत्री जी से कहना चाहता हूं कि सांसदों पर जो अनावश्यक आक्षेप लगता है, उसको रोकने की दिशा में भी वह कार्रवाई करें और…( व्यवधान)

अध्यक्ष महोदय : नहीं, अब और क्या हो गया ?

…( व्यवधान)

MR.SPEAKER: Mr. Minister, you reply only to part (a) and partly to part (b) of his supplementary.

श्री ऑस्कर फर्नान्डिस : माननीय सदस्य ने एमपीज द्वारा अपने कार्यों का इंस्पेक्शन करने के लिए कुछ सुझाव देने के बारे में प्रश्न पूछा है। अलग-अलग राज्यों में कर चुके हैं। We are also taking up the matter with the State Governments. Various State Governments have provided certain facilities to the Members of Parliament for inspection.

इसे कुछ राज्यों में कर चुके हैं। We will take up the matter with the State Governments.

डॉ. लक्ष्मीनारायण पाण्डेय : अध्यक्ष महोदय, मैं आपके माध्यम से माननीय मंत्री जी से जानना चाहता हूँ कि उन्होंने अपने उत्तर में जिस रिपोर्ट का उल्लेख किया, उसमें यह भी सुझाव दिया गया है कि समय-समय पर इस योजना की क्रियान्विति के लिए जिला स्तर और राज्य स्तर पर समतियां गठित कर बैठके आयोजित की जाएं और आपने उसके दिशा-निर्देश भी जारी किए हैं। मैं जानन चाहता हूँ कि उन दिशा-निर्देशों के अनुसार क्या सभी राज्यों में उस प्रकार की समतियाँ गठित की जा चुकी हैं? क्या सभी राज्यों के अन्र्तगत जिलों में भी इस तरह की समतियाँ गठित की जा चुकी हैं और क्या उन्होंने कार्य करना शुरू कर दिया है?

महोदय, समति की एक महत्वपूर्ण सिफारिश यह भी है कि जो आईएएस अधिकारी इस योजना की क्रियान्विति में लगे हैं, उनको भी प्रशक्षित किया जाना चाहिए और मसूरी में जो हमारा राष्ट्रीय प्रशिक्षण संस्थान है, उसमें इसको पाठयक्रम के रूप में सम्मिलित किया जाना चाहिए। इन दोनों सिफारिशों के बारे में क्या कार्रवाई की गयी है?

SHRI OSCAR FERNANDES: This report has just come and we are examining the report. We will be taking whatever action that is required to be taken to improve on the scheme. As far as the committees are concerned, there is no proposal to have any committee at the State level or at the district level. It is only the administration which is supposed to implement the scheme.

अध्यक्ष महोदय : श्री राम कृपाल यादव, क्या आप प्रश्न करना चाहते हैं?…( व्यवधान)

MR. SPEAKER: You are not allowed.

डॉ. लक्ष्मीनारायण पाण्डेय : अध्यक्ष महोदय, मैंने पूछा था कि राज्यों के अन्तर्गत, क्या जिलों में भी इस तरह की समतियों का गठन हुआ है या नहीं क्योंकि कई राज्यों में सर्तकता और निगरानी समतियां गठित हो चुकी हैं । अगर कहीं नहीं हुआ है तो आप कब तक इनको गठित करेंगे?

श्री ऑस्कर फर्नान्डीज : महोदय, हम इस प्रश्न का उत्तर दे चुके हैं और समति बनाने की कोई स्कीम नहीं है। It is the administration which is implementing the works to be undertaken under the scheme.

श्री राम कृपाल यादव : अध्यक्ष महोदय, माननीय मंत्री जी ने अब से कुछ माह पूर्व वभिन्न राज्यों के सांसदों को बुलाकर विस्तार से चर्चा करने का काम किया था। पता नहीं उस चर्चा के दरम्यान उन्होंने क्या निष्कर्ष निकाला है और जो सुझाव माननीय सदस्यों द्वारा दिए गए, उन पर सरकार में क्या विचार उभर कर आया है, उसकी अभी तक हम लोगों को जानकारी नहीं हो पाई है। लेकिन यह बात सही है कि आज सांसद कोटे को इस्तेमाल करने की जो व्यवस्था है उसमें सांसदों पर निश्चित तौर पर आरोप-प्रत्यारोप लगाए जाते हैं और हम सब लोग कटघरे में खड़े जो जाते हैं। मैं समझता हूँ कि सब लोग आरोप लगाते हैं कि सांसद ने यह लूटा, सांसद ने वह लूटा। महोदय, मेरी भावना को सुन लिया जाए। मैं बिल्कुल साफ दिल से बोल रहा हूँ।

अध्यक्ष महोदय : सभी सदस्य साफ दिल से बोलते हैं और बोलना भी चाहिए।

श्री राम कृपाल यादव : महोदय, यह दो करोड़ रूपए की राशि बहुत कम है। एक संसदीय निर्वाचन क्षेत्र में अनेक विधानसभा क्षेत्र होते हैं, जैसे बिहार में ६ विधानसभा क्षेत्र हैं। ३३-३४ लाख रूपए प्रति विधानसभा क्षेत्र में खर्च करने के लिए आवंटित होते हैं। यह बहुत कम है।

… (Interruptions)

MR. SPEAKER: Silence please.

श्री राम कृपाल यादव : विधायकों को कहीं एक करोड़ मिलते हैं और कहीं दो करोड़ रूपए मिलते हैं। जनता की डिमान्डस ज्यादा होती हैं। जब हम किसी गांव में जाते हैं तो लोगों को लगता है कि चीफ मनिस्टर या कोई सरकार आ गयी है और वे अपनी सारी समस्याओं की जानकारी देने लगते हैं।

MR.SPEAKER : If you do not come to your question, I would not allow you.

श्री राम कृपाल यादव : मैं माननीय मंत्री जी से जानन चाहता हूँ कि यह राशि बहुत कम है और इसको लेकर हम पर आरोप भी लगते हैं, क्यों न इसको बंद कर दिया जाए, अन्यथा कोई दूसरा उपाय निकालिए ताकि हम लोग इससे मुक्त हो जाएं। मैं मांग करता हूँ कि इसे बंद कर दिया जाए। इस विषय पर माननीय मंत्री जी की क्या राय है?

SHRI OSCAR FERNANDES: Sir, the hon. Member has raised the issue of increasing the amount or stopping it. सबसे पहले हमने सभी सदस्यों को बुलाकर उनके सुझाव लेने का काम किया है और गाइडलाइन्स में जो इम्प्रूवमेंट करना है, उसका निर्णय ले लिया है और मैं पहले ही सदन में यह निवेदन कर चुका हूँ कि हम इन गाइडलाइन्स को लागू करेंगे। …( व्यवधान)

MR. SPEAKER: He has said that only new guidelines have been issued. There is no proposal for stoppage.

Yes, Mr. Madan Lal Sharma, put your question. I will take up the next question immediately.

… (Interruptions)

श्री मदन लाल शर्मा : अध्यक्ष महोदय, मैं आपके माध्यम से मंत्री जी से जानन चाहता हूँ कि …( व्यवधान)

MR. SPEAKER: Mr. Ramdas Athawale, I am warning you. I am requesting all the hon. Members to give up the habit of disturbing the Chair when another Member is speaking. You cannot dictate me.

श्री मदन लाल शर्मा : जनाबे स्पीकर साहब, मैं आपकी बिसासत से पूरे हाउस को कहना चाहता हूं, यहां पर मंत्री जी जवाब दे रहे हैं, प्रधान मंत्री जी भी तशरीफ रखते हैं। मेरी इल्तिजा है कि कोई भी पालिसी बनाने से पहले हमें सारी परिस्थिति देखनी चाहिए। यह दुरुस्त है कि इस देश के अंदर ५४२ संसदीय हल्के हैं, लेकिन सभी को बराबर एमपी लैड के तहत धनराशि दी जाती है।

अध्यक्ष महोदय : आप प्रश्न पूछें।

श्री मदन लाल शर्मा : मैं प्रश्न ही पूछ रहा हूं। मेरा निर्वाचन क्षेत्र जम्मू-पुंछ एरिया है। उसमें २० असेम्बली सेग्मेंट हैं और उसकी सीमा ३०० किलोमीटर जम्मू से लेकर पुंछ तक है। मेरा संसदीय हल्का तीन जिलों तक मुश्तमिल है। इस लिहाज से मेरा संसदीय क्षेत्र काफी लम्बा-चौड़ा है, क्योंकि इसमें हिली एरिया भी है और बोर्डर भी लगता है। इस हिसाब से मेरे क्षेत्र के लिए भी दो करोड़ रुपए दिए जाते हैं, और तीन असेम्बली सेग्मेंट वाले संसदीय क्षेत्रों के सांसदों को भी दो करोड़ रुपए दिए जाते हैं।

MR. SPEAKER: He has already said that there is no proposal.

श्री मदन लाल शर्मा : जहां २० असेम्बली सेग्मेंट हों, वहां के लिए भी दो करोड़ रुपए देना, मैं समझता हूं कि मेरे जैसे सांसदों के साथ ज्यादती है।

MR. SPEAKER: You are misusing the Question Hour by making a speech.

श्री मदन लाल शर्मा : मेरी मंत्री जी से दरख्वास्त है कि सांसदों के जो संसदीय क्षेत्र हैं, उनमें असेम्बली सेग्मेंट के हिसाब से एमपी लैड के तहत रुपया दिया जाए, ताकि संसद सदस्य अपने संसदीय क्षेत्र के साथ इन्साफ कर सकें।…( व्यवधान)

MR. SPEAKER: I go to the next hon. Member. I won’t permit this type of misuse.

श्री मदन लाल शर्मा : क्या आप इस पर गौर करेंगे और ऐसी कोई योजना सरकार के पास विचाराधीन है।…( व्यवधान)

MR. SPEAKER: Do not misuse the opportunity given to you. It is because you are taking other Members’ time.

His supplementary is, are you increasing or not increasing the MPLAD funds?

SHRI OSCAR FERNANDES: Sir, hon. Member has raised a question that on the basis of land extent and on the basis of population, we should decide. At the moment, we have no such proposal.

MR. SPEAKER: I am requesting the hon. Members again and again to put a question. No speech is necessary. This is not a time for speeches. What is your question?

श्री रामदास आठवले : अध्यक्ष महोदय, एमपी लैड के तहत सांसदों को अपने-अपने क्षेत्रों में गरीब और अन्य लोगों की मांगों को पूरा करने का मौका मिलता है। यहां प्रधान मंत्री जी बैठे हैं। जो अनुसूचित जाति और जनजाति के किसान हैं, उनके पास जमीन कम होती है। उस पर खेती करने के लिए सिंचाई के लिए पाइप लाइन डालने या कुओं की खुदाई करने की इस योजना के तहत हमें अनुमति नहीं है। क्या सरकार अपनी इस योजना में परिवर्तन करने का विचार रखती है, जिससे हम उन लोगों की समस्या भी दूर कर सकें ?

अध्यक्ष महोदय : आपका पूरक प्रश्न हो गया इसलिए आप बैठ जाएं।

श्री रामदास आठवले : हमारी मांग है कि सांसदों को अपने क्षेत्र में एक विधान सभा क्षेत्र के लिए एक करोड़ रुपए के हिसाब से एमपी लैड के तहत पैसा मिलना चाहिए।

MR. SPEAKER: Are you thinking of that? Are you considering the proposal?

… (Interruptions)

MR. SPEAKER: Are you considering what he has said?

SHRI OSCAR FERNANDES: Sir, in the new Guidelines, we are trying to include as many schemes as possible for the hon. Members of Parliament to implement.

SHRI SURESH KURUP : Sir, the MPLAD Scheme is… (Interruptions)

SHRI KHARABELA SWAIN : Sir, the Prime Minister is sitting. He should tell whether they are willing to increase … * MR. SPEAKER: Not to be recorded. Do not record it.

Thank you for your advice.

Except Shri Suresh Kurup, nothing will be recorded.

(Interruptions) … *   * Not Recorded.

SHRI SURESH KURUP : Sir, the MPLAD Scheme is implemented… (Interruptions)

MR. SPEAKER: Nothing else will be recorded.

(Interruptions) …* SHRI SURESH KURUP : Sir, the MPLAD Scheme is implemented fully through the State Government machinery.

MR. SPEAKER: You put your question.

SHRI SURESH KURUP : If there is any problem with the implementation of the MPLAD Scheme, that means, the same problem is there for other Government schemes also.

The problem now, in our State of Kerala, is this. MLAs in Kerala are given Rs. 75 lakh per constituency per year. In seven assembly segments, it comes to more than Rs. 5 crore. Our amount is quite insufficient. When it is divided among seven assembly segments, it comes to Rs. 25 lakh.

MR. SPEAKER: He has already answered it. There is no proposal at present to increase.

… (Interruptions)

SHRI SURESH KURUP : Sir, even at the cost of repetition, I would like to get an answer from the Minister. I would like to know whether the Government will consider increasing the amount or otherwise stop this Scheme completely… (Interruptions)

MR. SPEAKER: Shri Ganesh Singh.

Need not be answered. He has answered it.

SHRI SURESH KURUP : He has not given a direct answer to the question.

MR. SPEAKER: On his behalf, I am giving it.

 

* Not Recorded.

 

श्री गणेश सिंह : अध्यक्ष जी, मैं आपके माध्यम से माननीय मंत्री जी से जानना चाहता हूं कि सांसद विकास नधि में अभी तक जो प्रावधान हैं, उन प्रावधानों में गरीबों के लिए, विशेषकर जो अनुसूचित जाति, जनजाति तथा पिछड़ी जाति के लोग हैं और गंभीर रूप से बीमार हैं, जिनके इलाज के लिए कोई व्यवस्था नहीं है, सरकार इस व्यवस्था में क्या कोई प्रावधान करने जा रही है?

SHRI OSCAR FERNANDES: Sir, the schemes entail only having permanent and durable assets. So, I do not think, we would be able to spend money on treatment of patients.

(Q. 283) श्रीमती कल्पना रमेश नरहिरे : अध्यक्ष जी, हम इंटरनेट और ई-मेल के जरिये दुनिया के हर कोने में, एक सैकिंड में पहुंच जाते हैं। लेकिन हमारा ग्रामीण क्षेत्र ऐसा हैं जहां अभी तक टेलीफोन और मोबाइल चालू तक नहीं होता है। माननीय मंत्री जी ने अपने जवाब में बताया है कि दिनांक २८.२.०५ तक १७५६ डब्ल्यूएलएल अल्प-दूरी प्रसारण टावर स्थापित किये जा चुके हैं और मोबाइल के लिए, बीटीएस के ८५४३ टावर लगाए जा चुके हैं। लेकिन मेरी जानकारी के अनुसार, इनमें से बहुत से टावर अभी तक चालू नहीं हैं। मैं इस बारे में माननीय मंत्री जी से स्पष्टीकरण चाहती हूं। मेरे चुनाव क्षेत्र उस्मानाबाद के ३०-३५ गांवों की आबादी १० से १५ हजार तक है लेकिन उनमें टावर नहीं है। इसलिए इन गांवों में बीएसएनएल और डब्ल्यूएलएल सेवा स्थापित करने का कोई प्रस्ताव क्या सरकार के पास है?

SHRI DAYANIDHI MARAN: Hon. Speaker, Sir, I think, in the reply itself I have clearly stated that out of the 2,642 SDCAs in the country, 1,756 SDCAs have already been provided with WLL towers. … (Interruptions)

SHRI SUBODH MOHITE : They have been provided but they are not functioning. … (Interruptions)

SHRI DAYANIDHI MARAN: I am answering. … (Interruptions)

MR. SPEAKER: You need not reply to answer that part.

… (Interruptions)

SHRI DAYANIDHI MARAN: The remaining 886 SDCAs are planned in the next financial year. This is a continuous process and we are continuing with it. As I said earlier in this House, we would be rolling out 12 million lines by the end of this year. In the next six months, we would be able to achieve the targets and provide better mobile telephone services ‘on demand’ to all the consumers. Similarly, we are trying to give connections to all the villages by WLL but that would take time. I have said clearly in the answer, to the hon. Member, that by the next financial year, we would be able to provide infrastructure to each village.

श्रीमती कल्पना रमेश नरहिरे : अध्यक्ष जी, मेरे संसदीय क्षेत्र में आठ तहसीलें हैं और वहां बीएसएनएल की टावर है लेकिन उपकरणों की कमी के कारण टावर चालू नहीं है। मैं जानना चाहती हूं कि ये उपकरण कब लगाए जाएंगे और वहां पर बीएसएनएल की सेवा कब तक कार्यरत होगी?

SHRI DAYANIDHI MARAN: Sir, in certain places, we are having problem with the fixed line telephones. Already equipment have been purchased but we had some legal problems. I think, in another three months’ time, the equipment would be available in each circle.

MR. SPEAKER: Very good.

डॉ. तुषार अमर सिंह चौधरी : अध्यक्ष जी, मेरे क्षेत्र में भी बीएसएनएल का टावर बना है लेकिन इक्विपमेंट्स की कमी है और इस वजह से सिग्नल बहुत वीक आता है। अगर घर के अंदर चले गये या एक किलोमीटर दूर चले गये तो सिग्नल चला जाता है, कनैक्टिविटी बहुत कम है। इस बारे में सरकार क्या सोच रही है? मैं माननीय मंत्री जी से जानना चाहता हूं कि पूरा देश मोबाइल से कब तक जुड़ पाएगा?

MR. SPEAKER: When would you be able to cover the entire country?

… (Interruptions)

SHRI DAYANIDHI MARAN: Hon. Speaker, Sir, as I said last week, in answer to a similar question, we are providing 12 million additional lines. This would take six months for us to implement. As I said, the BSNL is the most sought after service provider and everyone is demanding service from BSNL; especially, the mobile service has picked up very well. There is lot of appreciation for BSNL Services. The equipment has started rolling out. It would take time to install these equipment. The service would be available ‘on demand’ and there would be better services in the next six months.

MR. SPEAKER: This is a very good assurance.

SHRI DUSHYANT SINGH : Mr. Speaker, Sir, I would like to ask the hon. Minister what steps have been taken by the Government of India to provide better telephone facilities such as WLL and BSNL to rural areas in India, especially for the Hadoti area of Rajasthan, which covers Baran and Jhalawar districts. The hon. minister has assured us that he is providing us the equipment. He has mentioned in his main answer that he has provided the towers but none of these towers are functioning in the Hadoti area, especially in Baran and Jhalawar districts. I would urge the hon. Minister to take notice of especially NH-19, NH-76 and NH-12 passing through our district. I would urge the hon. Minister and the Government to provide us better facilities for the districts of Jhalawar and Baran and the entire Hadoti area.

MR. SPEAKER: Would you do that?

SHRI DAYANIDHI MARAN: Yes, Sir, definitely.

MR. SPEAKER: He has accepted.

Shri Dushyant Singh is becoming a role model. He keeps quiet. He sits quiet. He gives his name, sits quiet, and gets his chances. Hon. Members should see him and learn. We should also learn from young hon. Members. I am very happy about this.

SHRI RUPCHAND PAL : May I know from the hon. Minister whether he is aware that the whole BSNL communication system has been disrupted following the continuation of the BSNL officers in different parts of the country? If he is aware, what steps has he taken to speak to the agitating officers to fulfil their demands regarding promotions, fixing of pay scales, etc.?

MR. SPEAKER: Does it arise out of the main Question?

SHRI DAYANIDHI MARAN: Sir, the hon. Member has asked a question which pertains to the present scenario. I am happy to inform hon. Members of the House that the United Forum of the BSNL executives met me in a meeting today. I have made an appeal to them. I would also like to inform the House that hon. Member from Rajya Sabha Shri Nilotpal Basu was also present in that meeting. The BSNL executives have unilaterally withdrawn their agitation and wherever services are affected, the normalcy would be restored.

MR. SPEAKER: We should compliment him for that.

श्री सुबोध मोहिते : अध्यक्ष महोदय, मोबाइल टावर और उनकी सर्विस प्रोवाइड करने के बारे में सिम्पल सवाल पूछा गया है। जवाब में दिया है कि "देश में २६४२ एसडीसीए हैं, जिन में से १७५६ एसडीसीए में, डब्ल्यूएलएल टावर लगाए जा चुके हैं।" The Government is planning to install 14,001 additional mobile lines by December, 2005. सवाल सिम्पल है और जवाब भी सिम्पल है, ऐसी बात नहीं है।

MR. SPEAKER: That is different. Here, you have to put a question. If you want to challenge, there is another method.

SHRI SUBODH MOHITE : No, Sir. I am not challenging it.

MR. SPEAKER: Shri Subodh Mohite, you are an articulate Member. Please put a question.

SHRI SUBODH MOHITE : Sir, this question is directly related to national security.

There are two technologies. One of them is CDMA and the other one is GSM. The drawbacks of CDMA technology are two. The first is that the handsets provided under this technology are operator-specific. So, those handsets cannot be used with any other service provider. Secondly, I am specifically asking a question regarding national security. … (Interruptions)

MR. SPEAKER: This is about towers.

SHRI SUBODH MOHITE : Yes. This is very important. The synchronisation under CDMA technology is done through GPS satellite network. This is a fact.

MR. SPEAKER: He is an engineer SHRI SUBODH MOHITE : This GPS satellite network यह यूएस डिफेंस का सिस्टम है। जिस दिन अमरीका चाहेगा उसी दिन हमारा पूरा का पूरा सिस्टम कौलेप्स हो जाएगा । मेरा सवाल यह है कि अगर ऐसी बात है और यह सच है, इसमें दो राय नहीं है - Why do we not adopt the alternate service or technology which is GSM? मेरा सवाल यह है कि आपके जो यूटिलाइज्ड और स्टाल्ड स्टेशन्स हैं, उसमें सीडीएमए और जीएसएम का कम्पेरटिव यूटिलाइजेशन और परस्पेक्टिव प्लानिंग क्या है considering the threat to the nation?

MR. SPEAKER: Are you going to pursue CDMA or GSM?

SHRI DAYANIDHI MARAN : All I can answer is that the Member’s fears are not very serious. I would like to answer the Member. Right now, in India, we are using the technology of CDMA as well as GSM and we are technology neutral. I think, we are leaving to the service operators to decide what kind of technology they are going in for. This fear that this will happen or that will happen, I am not here to answer because, in fact, it is very hypothetical. I really cannot say that the member’s fears are justified.

MR. SPEAKER: He is an engineer. You can call him and have a cup of tea with him. He will tell you.

… (Interruptions)

MR. SPEAKER: No, No. You should talk and give him what you feel.

… (Interruptions)

MR. SPEAKER : It does not arise.

श्री छेवांग थुपस्तन : अध्यक्ष महोदय, मेरा कांस्टीटुएंसी क्षेत्र लद््दाख है । यह देश के दूसरे क्षेत्रों से सात महीने कटा रहता है और तब बाकी के क्षेत्रों से कॉम्यूनिकेशन का साधन टेलीफोन होता है ।

MR. SPEAKER: That is why I have called you.

श्री छेवांग थुपस्तन : लेकिन सारे लद्दाख में टेलीफा ेन का इंतजाम ठीक नहीं है । जहां तक बीएसएनएल टावर का ताल्लुक है, सिर्फ कारगिल टाउन में लेआउट के लिए बीएसएना टावर लगा हुआ है, वहां डब्ल्यूएलएल का टावर अभी तक स्थापित नहीं हुआ है । मेरे संसदीय क्षेत्र के गांवों में टेली कॉम्यूनिकेशन पहुंचाने के लिए बीएसएनएल का तार या डब्ल्यूएलएल का तार एक साधन हो सकता है । मैं माननीय मंत्री जी से यह जानना चाहता हूं कि क्या आप इसे स्पेशल कन्सीडर करके रूरल एरियाज़ को जोड़ने का काम करेंगे? वहां टावर की कब तक स्थापना करेंगे?

MR. SPEAKER: About Laddakh, it is his request.

SHRI DAYANIDHI MARAN : For this particular question, I will get back to the Member.

MR. SPEAKER: Okay. I am sure he will consider it favourably.

श्री ब्रजेश पाठक : अध्यक्ष महोदय, उत्तर प्रदेश के पूर्वी उत्तर प्रदेश परिमंडल में बीएसएनएल में भयंकर भ्रष्टाचार की बाढ़ आ गई है । जैसे ही दिन ढलना शुरू होता है, शाम को फोन कैसे मिलता है, यह पूरा सदन और हिंदुस्तान जानता है कि बीएसएनएल की सेवाएं कैसी हैं?

अध्यक्ष महोदय : आप प्रश्न पूछिए ।

श्री ब्रजेश पाठक : अध्यक्ष महोदय, जैसे शाम ढलना शुरू होती है, अगर एक्सचेंज की कैपसिटी दस हजार मोबाइल एक बार में यूजर की है तो कर्मचारी शाम को पांच बजते ही काल्स फिल्टर शुरू करते हैं । इस तरह से मोबाइल एक्सचेंज की कैपसिटी कम कर दी जाती है ।

MR. SPEAKER: What is your question?

श्री ब्रजेश पाठक : अध्यक्ष महोदय, शाम को छ: से आठ बजे के बीच मोबाइल नहीं मिलता है । बीएसएनएल के कर्मचारी प्राइवेट सैलुलर आपरेटरों को बढ़ावा देने के लिए ऐसा काम कर रहे है । इसका जवाब माननीय मंत्री जी दें ।

MR. SPEAKER: It does not arise out of that. If there are any improprieties, you should look into them.

SHRI DAYANIDHI MARAN : Yes, Sir.

MR. SPEAKER: On your behalf, I have requested. बहुत अच्छा प्रश्न है ।

… (Interruptions)

MR. SPEAKER: Shri B. Mahtab.

… (Interruptions)

MR. SPEAKER: There are about 35 hon. Members. How can I call each one of you?

… (Interruptions)

SHRI B. MAHTAB : Sir, I have a very simple question. … (Interruptions)

MR. SPEAKER: You put a pointed question, without any preface.

SHRI B. MAHTAB : The Short Distance Charging Area (SDCA), as has been mentioned in the answer, is a Tehsil. This is not true. The SDCA covers a large area. But the WLL technology BTS is only operative in a radius of five kilometres and the WLL technology is only operational in the plain areas. It cannot function in a hilly terrain . So, when you have a policy to extend it to all SDCAs, don’t you think, WLL will not function in many hilly terrain and hilly areas? Even in States like Orissa, there are a number of SDCAs which may not function if we have this technology in a proper way. This is my simple question.

MR. SPEAKER: What do you propose to do with regard to that?

… (Interruptions)

SHRI DAYANIDHI MARAN: The hon. Member is right. But I would like to say and let the hon. Member also know that we are not depending only on WLL service alone. There are other fixed wire services too. It is the combination of different technologies which we are trying to implement.

श्री राजनरायन बुधौलिया :अध्यक्ष जी, क्या सरकार के पास उत्तर प्रदेश के बुंदेलखंड क्षेत्र के संसदीय क्षेत्र हमीरपुर-महोबा में तहसील मुख्यालय, राष्ट्रीय राजमार्गों को मोबाइल टावर से जोड़ने हेतु कोई योजना है, यदि हां, तो कब तक? मैंने अनेक पत्र माननीय मंत्री जी को लिखे हैं जिसके उत्तर में मुझे बताया गया कि जनवरी, २००५ तक सभी क्षेत्रों को जोड़ दिया जायेगा लेकिन आज तक यह कार्य नहीं हो सका । इसके अलावा BSNL ( प्रीपेड)के लिये उपभोक्ताओं की वेटिंग लिस्ट बनी हुई है। उपभोक्ताओं को आश्वासन दिया गया कि सिम कार्ड दिसम्बर, २००५ तक दे दिये जायेंगे। मैं आपके माध्यम से माननीय मंत्री जी से जानना चाहता हूं कि क्या इसकी कोई निश्चित समय सीमा है कि कब तक मेरे संसदीय क्षेत्र के उपभोक्ताओं को सिम कार्ड उपलब्ध कराये जायंगे तथा मोबाइल कनेक्शनों को पूरे क्षेत्र से जोड़ दिया जायेगा ?

MR. SPEAKER: Mr. Minister, you better look into his constituency situation and let him know.

… (Interruptions)

MR. SPEAKER: You cannot ask for details of one or the other place. How can he answer that? But Mr. Minister, you please ask your Office to let him know.

… (Interruptions)

श्री अनंत गंगाराम गीते : अध्यक्ष जी, माननीय मंत्री जी ने प्रश्न के उत्तर में बताया है कि सरकार ने तहसील स्तर पर एक टॉवर लगाये जाने का निर्णय किया है। श्री महताब जी के प्रश्न का मैं दूसरा भाग पूछ रहा हूं। डब्लयू.एल.एल टैक्नौलौजी के तहत पहाड़ी क्षेत्रों में जो उपकरण लगाये जाते हैं, वे २५ किलोमीटर के रेंज के लिये लगते हैं और दूसरे ५ किलोमीटर के लगते हैं। लेकिन पहाड़ी क्षेत्रों में २५ कि.मी. वाला उपकरण १०-१२ किलोमीटर से ज्यादा रेंज में नहीं मिलता है और ५ किलोमीटर वाला २ किलोमीटर से ऊपर रेंज में नहीं आता है। जब हम जनरल मैनेजर के पास जाकर पूछते हैं तो हमें बताया जाता है कि भारत सरकार के सूचना विभाग द्वारा यह सूचना बी.एस.न.एल. को दी गई है, उसके अनुसार भविष्य की जो वायर द्वारा पारम्परिक एक्सचेंज लगाने का सिस्टम है, उसे बैन कर दिया गया है। जब यह सिस्टम काम नहीं करता है तो ऐसे क्षेत्रों के लिये परम्परागत क्षेत्र के एक्सचेंज हैं, क्या सरकार उन्हें लगाने के लिये कोई आदेश देगी?

SHRI DAYANIDHI MARAN: The hon. Member is right that WLL covers about a range of five kilometres. That is for mobile handsets. Similarly, when you have a fixed wireless, the range goes up to 25 kilometres. Basically, WLL are now SDCA-based. But in certain areas or in hilly areas, they are trying to use repeaters to enhance the services and in certain areas it is not possible because of the terrain conditions. So, we have no other choice but to use copper wires to do it. Again, these are all based on the demand of those areas. If the areas do not have demand or anything, then it is not possible for us to provide it on exchanges. It is basically on the demand and supply. … (Interruptions)

SHRI ANANT GANGARAM GEETE : There is a demand.

(Q. No. 284) श्री राकेश सिंह : माननीय अध्यक्ष महोदय, मैं आपके माध्यम से सरकार से जानना चाहता हूं कि क्या सरकार को इस बात की जानकारी है कि लघु उद्योगों के उद्यमियों को जो प्रशिक्षण दिया जाता है, उसके बाद कितने उद्योग और उद्यमी ऐसे हैं जो अंतरराष्ट्रीय प्रतिस्पर्द्धा का सामना करते हुये सफलतापूर्क निर्यात कर रहे हैं? यदि ऐसे लोगों की संख्या कम है तो क्या सरकार द्वारा लघु उद्योगों और उद्यमियों को जो प्रशिक्षण दिया जाता है, उसको अधिक निर्यातोन्मुखी करने पर विचार करेगी?

श्री महावीर प्रसाद : माननीय अध्यक्ष जी, मै माननीय सदस्य को अवगत कराना चाहता हूं कि निर्यातकों के रूप में उद्यमियों को प्रशक्षित करने के लिये तथा इस कार्य को शुरु करने हेतु सरकार ने कई बिन्दुंओं पर विचार किया है।

12.00 hrs. प्रथम तकनीक उन्नयन हेतु क्रेडिट लिंक कैपिटल सब्सिडी में स्वीकृति प्रदान की गई है। दूसरा उत्पादों के टैस्िंटग हेतु लगभग ११ प्रयोगशालाओं में कम दर पर उत्पादों की टैस्िंटग की जा रही है। तीसरा अंतर्राष्ट्रीय मानक प्राप्त करने के लिए ७५ हजार रुपये तक का अनुदान दिया जा रहा है। चौथा अपने उत्पादों की अच्छी पैकिंग करने के लिए प्रशिक्षण दिया जा रहा है। पांचवा अंतर्राष्ट्रीय जगत में विक्रय सुविधाजनक करने के लिए बार-कोडिंग भी उपलब्ध कराई जा रही है। छठा लघु उद्योगों को अंतर्राष्ट्रीय व्यापार के क्षेत्र में विपणन विकास सहायता का भी प्रावधान है। …( व्यवधान) इस प्रकार से ये सारे उपाय करके अंतर्राष्ट्रीय जगत में निर्यात को बढ़ाने के लिए उद्यमियों को हम प्रशिक्षण दे रहे हैं।

MR. SPEAKER: Question Hour is over. I think, we have done better today than other days. Thank you hon. Members for your co-operation.

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