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Lok Sabha Debates

Observation By The Speaker Regarding Notice Of Question Of Privilege. on 12 August, 2005

> Title : Observation by the Speaker regarding Notice of Question of Privilege.

  श्री रामजीलाल सुमन (फ़िरोज़ाबाद) : अध्यक्ष महोदय, यह बहुत गंभीर मामला है।…( व्यवधान)  MR. SPEAKER: Just a minute. Please allow me to speak. 

Sarvashri Ramji Lal Suman, Devendra Prasad Yadav, Sita Ram Singh, Ganesh Prasad Singh, Raghunath Jha, and Ram Kripal Yadav, hon. MPs, I have received your notices of question of privilege dated 12th August, 2005 against concerned Correspondent, Editor and Publisher of ‘The Pioneer’ for having published a derogatory article captioned: “Speaker asks for trouble” in the newspaper’s issue dated 7th August, 2005.              Now, what do you wish to say on this?  Please be brief.

श्री रामजीलाल सुमन : अध्यक्ष महोदय, ७ अगस्त के पॉयनियर में श्री स्वपन दासगुप्ता का लेख छपा है - “Speaker asks for trouble”. यह बहुत गंभीर मामला है। नियम २२१ के तहत जो विशेषाधिकार बनता है, हमने उसके अंतर्गत आपको नोटिस दिया है। एक तरह से अध्यक्ष की शक्तियों को चुनौती दी जा रही है, अध्यक्ष को प्रदत्त शक्तियों का मजाक बनाया जा रहा है और इस संसद की अवमानना की जा रही है।…( व्यवधान)  अध्यक्ष महोदय, न सिर्फ आपके ऊपर आरोप है, बल्कि सचिवालय के बैलेट वगैरह के मामले में भी इसमें बहुत गंभीर आरोप है। यह अध्यक्ष की प्रतिष्ठा के खिलाफ है। हमने इस लेख की एक प्रति अपने नोटिस के साथ आपके पास भिजवाई है। नियम २२१ में बहुत स्पष्ट है - “Financial business includes any business which the Speaker holds as coming within this category under the Constitution.” आपको प्रदत्त शक्तियों को भी चुनौती देने का काम किया जा रहा cè[R1] ।

यह कहा जा रहा है कि लोक सभा अध्यक्ष सोवियत रूल से प्रभावित हो रहे हैं या इंग्लैंड रूल से प्रभावित हो रहे हैं ? …( व्यवधान)     MR. SPEAKER: Prof. Malhotra, I will only allow it to be mentioned. 

… (Interruptions)

श्री रामजीलाल सुमन : अध्यक्ष महोदय, यह बहुत गंभीर मामला है। …( व्यवधान)   यह विशेषाधिकार के हनन का मामला है। …( व्यवधान)  MR. SPEAKER:  Hon. Members, please take your seats.  Let me conduct.  I am requesting all of you to sit down. … (Interruptions)

MR. SPEAKER:  I am thankful to you for taking up this matter and for raising it.  Now, let me conduct this. You have made your observation. I do not want to linger this.  I have already read that.  I feel that there are some people who pay lip service to parliamentary democracy but try their best to denigrate this great institution.  We need not take notice of all irresponsible and immature utterances made out of frustration and desperation.  I treat all the motivated insinuations with the contempt they deserve and I close the matter. … (Interruptions)

THE MINISTER OF STATE IN THE MINISTRY OF DEFENCE AND MINISTER OF STATE IN THE MINISTRY OF PARLIAMENTARY AFFAIRS (SHRI BIJOY HANDIQUE): No, Sir.  We take serious objection to it.  … (Interruptions) MR. SPEAKER: I have said that I have closed the matter. 

… (Interruptions)

SHRI DEVENDRA PRASAD YADAV (JHANJHARPUR): Sir, I am on a point of order. … (Interruptions) श्री रामजीलाल सुमन : अध्यक्ष महोदय, यह बहुत गंभीर मामला है। …( व्यवधान) 

प्रो. एस.पी.सिंह बघेल (जलेसर) : अध्यक्ष महोदय, इससे भी गंभीर बात यह है कि हमारे विपक्ष के साथी इसका सपोर्ट कर रहे हैं। …( व्यवधान)  प्रो. राम गोपाल यादव (सम्भल) : अध्यक्ष महोदय, उसमें कहा गया है कि अध्यक्ष महोदय, सोवियत रूल से प्रभावित हो रहे हैं। …( व्यवधान)   निश्चित रूप से यह निंदा की बात है। …( व्यवधान)  श्री रामजीलाल सुमन : अध्यक्ष महोदय, हमारा व्यवस्था का प्रश्न है। …( व्यवधान) 

MR. SPEAKER:  I have not admitted it.  I am asking the Members to sit down.

  श्री देवेन्द्र प्रसाद यादव : अध्यक्ष महोदय, हमारा व्यवस्था का सवाल है। …( व्यवधान)  MR. SPEAKER:  Just a minute.  Please speak one by one.  Otherwise, nobody can hear what you are saying.             Now, Shri Prabhunath Singh.

… (Interruptions)

प्रो. विजय कुमार मल्होत्रा (दक्षिण दिल्ली) : अध्यक्ष महोदय, यह क्या बात कर रहे हैं ? क्या आप सारे समाचार पत्रों को दबा देंगे ? …( व्यवधान)  It is a question of freedom of Press also. … (Interruptions) MR. SPEAKER:  Please take your seat.  I have made my observation. 

… (Interruptions)

MR. SPEAKER: I have made my observation.

            Now, Shri Prabhunath Singh. 

… (Interruptions)

प्रो. विजय कुमार मल्होत्रा : अध्यक्ष महोदय, आपने मामले को क्लोज कर दिया। …( व्यवधान)  Let us not go further. … (Interruptions) MR. SPEAKER: Let me hear if some hon. Members want to say something.

… (Interruptions)

प्रो. विजय कुमार मल्होत्रा : क्या आप फ्रीडम ऑफ प्रैस को पूरा कुचलकर रख देंगे ? इसका मतलब यह है कि कोई आदमी कुछ बोल ही नहीं सकता। …( व्यवधान)  हम भी इस पर बोलना चाहते हैं। …( व्यवधान)  MR. SPEAKER:  Why are you rising?  Shri Malhotra, you need not rise.

… (Interruptions)

प्रो. विजय कुमार मल्होत्रा : आप क्यों इसे डिफेंड कर रहे हैं, यह हमें मालूम है। …( व्यवधान)  Why are you defending?  We know why are you coming in this. … (Interruptions) यह क्या तरीका है ? …( व्यवधान)   इसका क्या मकसद है ? …( व्यवधान)  MR. SPEAKER:Now, Shri Prabhunath Singh. 

… (Interruptions)

श्री प्रभुनाथ सिंह (महाराजगंज, बिहार) :अध्यक्ष महोदय, ‘पायनियर’  अखबार में जो निकला है, उस पर यहां चर्चा हो रही है। …( व्यवधान)    मैं एक निवेदन करना चाहूंगा कि किसी भी अखबार को यह अधिकार नहीं है कि वह अध्यक्ष महोदय पर टिप्पणी करे, सदन की अवमानना करे। हम कहना चाहते हैं कि ऐसे मामले पर गंभीर और कठोर कार्रवाई होनी चाहिए ताकि भविष्य में इस तरह की बात न हो। …( व्यवधान)  इसमें पार्टी लाइन का कोई सवाल नहीं है, न कोई गठबंधन का सवाल है। अगर अध्यक्ष महोदय की अवमानना होती है तो वह सदन की अवमानना है, एक-एक सदस्य की अवमानना है। …( व्यवधान)  हम निवेदन करना चाहते हैं कि माननीय सदस्यों ने जो सवाल उठाया है, उसको प्रविलेज मोशन में लेना चाहिए और उस पर कठोर कार्रवाई करनी चाहिए। …( व्यवधान)  प्रो. विजय कुमार मल्होत्रा : अध्यक्ष महोदय, मैं भी कुछ कहना चाहता हूं। …( व्यवधान)  आपने उनको बोलने के लिए एलाऊ किया है तो हमें भी एलाऊ कीजिए। …( व्यवधान) 

अध्यक्ष महोदय :  ठीक है, आप बोलिये।

...( व्यवधान)

श्री देवेन्द्र प्रसाद यादव : अध्यक्ष महोदय, मेरा प्वाइंट ऑफ आर्डर है। …( व्यवधान)  प्रो. विजय कुमार मल्होत्रा : अध्यक्ष महोदय, आपने उन्हें सुना है, तो बाकियों को भी सुनिये। …( व्यवधान)   Sir, may I say something? … (Interruptions)  I have a right to speak also. … (Interruptions) MR. SPEAKER:  Please take your seats.  Let us hear him.  If an hon. Member wants to support that publication, let us hear him[lh2] . प्रो. विजय कुमार मल्होत्रा : अध्यक्ष जी, यह विषय ममता जी के मामले में उठा था। उसके बाद आपके चैम्बर में सबकी मीटिंग हुई थी। वहां यह मामला क्लोज कर दिया गया था, आपने रेफेरेंसेज किए, गुलाम नबी आजाद जी ने यहां आकर उसके बारे में बहुत-सी बातें कही। वह सारा मामला एक बार समाप्त होने के बाद अब यह एक गंभीर मामला है। आप अगर मीटिंग बुलाना चाहें तो सभी लीडर्स की मीटिंग बुलाइए।इसमें दो चीजें इन्वाल्व्ड हैं - पहली बात फ्रीडम ऑफ प्रेस की है। आप सुप्रीम कोर्ट के जजों के बारे में बोलते हैं, हमने उनके खिलाफ प्रविलेज रखा था। …( व्यवधान)     हम नहीं चाहते हैं कि स्पीकर की अवमानना हो, परन्तु इस मामले में प्रेस पूरी तरह से प्रतिबंधित नहीं किया जा सकता है कि कोई भी बात नहीं लिख सकता या कोई कुछ कह नहीं सकता है। अगर ये लोग चाहें कि इमरजेंसी के दिन वापस आ   जाएं, तो यह अच्छा नहीं होगा।…( व्यवधान)   मेरा सुझाव है कि आप लीडर्स की एक मीटिंग बुलाइए।…( व्यवधान)  मोहम्मद सलीम (कलकत्ता-उत्तर पूर्व) : इसमें इमरजेंसी की बात कहां से आ गयी?…( व्यवधान)  SHRI N.N. KRISHNADAS (PALGHAT): Sir, we are also supporting the freedom of the Press. … (Interruptions) PROF. VIJAY KUMAR MALHOTRA : I am not yielding. I have not yet  finished. … (Interruptions) MR. SPEAKER: Hon. Members, let him finish. I would give you an opportunity to speak. … (Interruptions)

MR. SPEAKER: Let him finish. I have permitted Prof. Malhotra to speak. Let him conclude and then I would hear other leaders. … (Interruptions)

MR. SPEAKER: Prof. Malhotra, please try to conclude now.

… (Interruptions)

प्रो. विजय कुमार मल्होत्रा : आप ऐसा क्यों कह रहेहैं, यह मुझे मालूम है।…( व्यवधान) 

MR. SPEAKER: I would hear you later. Please sit down.

… (Interruptions)

MR. SPEAKER: Let us hear him. Let us conduct this in an orderly manner.

… (Interruptions)

MR. SPEAKER: Mr. Manvendra Singh, if you feel agitated and upset, it should be discussed with seriousness. … (Interruptions)

प्रो. विजय कुमार मल्होत्रा : अध्यक्ष महोदय, मैंने आपसे अनुरोध किया है क…( व्यवधान)  कुँवर मानवेन्द्र सिंह (मथुरा) : यह ठीक नहीं है, यह क्या तरीका है?…( व्यवधान) 

MR. SPEAKER: Mr. Manvendra Singh, please sit down.  मैं कंट्रोल करने की कोशिश कर रहा हूँ। ...( व्यवधान)

प्रो. विजय कुमार मल्होत्रा : कोई भी व्यक्ति स्पीकर के बारे में कुछ कह ही नहीं सकता है, ऐसी बात नहीं है। हमारे संविधान और नियमों के तहत स्पीकर के खिलाफ भी कोई न कोई कार्यवाही हो सकती है जैसे नो-कांफिडेंस लाया जा सकता है…( व्यवधान)   इसलिए यह कहना कि कभी कुछ हो नहीं सकता है, ऐसा नहीं है।…( व्यवधान)  अध्यक्ष महोदय : ठीक है, आप बैठिए।

...( व्यवधान)

मोहम्मद सलीम : क्या यह एक स्पॉसर्ड आर्टिकल था, जो आप इसको डिफेंड कर रहे हैं?…( व्यवधान)  प्रो. विजय कुमार मल्होत्रा : आप लोगों ने क्या-क्या किया है, वह मुझे मालूम है। सारे हिंदुस्तान में यह एक…( व्यवधान)   अध्यक्ष जी, आप लीडर्स की एक मीटिंग बुलाइए।…( व्यवधान)  श्री पवन कुमार बंसल (चण्डीगढ़) : क्या आपने इस रिपोर्ट को पढ़ा है?…( व्यवधान) 

प्रो. विजय कुमार मल्होत्रा : हाँ, पढ़ा है। …( व्यवधान)   अध्यक्ष जी, आप सारे लीडर्स की एक मीटिंग बुला लीजिए। सारे हिंदुस्तान में स्पीकर्स के बारे में कांग्रेस पार्टी के लोग क्या कह रहे हैं, राजस्थान में क्या कह रहे हैं, मध्य प्रदेश में क्या कह रहे हैं, उनके खिलाफ क्या-क्या नारे लगाए जा रहे हैं…( व्यवधान)   यह नहीं चल सकता है कि आप यहां एक बात कहें और बाहर दूसरी बात। …( व्यवधान)  अध्यक्ष महोदय : ठीक है।

...( व्यवधान)

प्रो. विजय कुमार मल्होत्रा : यह नहीं चल सकता है।…( व्यवधान) 

SHRI N.N. KRISHNADAS : All of us stand for the freedom of the Press but there should be no freedom to insult the House and the hon. Speaker. … (Interruptions)

MR. SPEAKER: I would call all of you one by one. Next, Prof. Ram Gopal Yadav.

प्रो. राम गोपाल यादव : महोदय, मैंने इस आर्टिकल को पढ़ा है।इसमें तीन बहुत गंभीर बाते हैं। एक तो यह है कि स्पीकर को एक “कॉम्मिटेड स्पीकर” कहा गया है, दूसरी बात यह है कि कामरेड क्या सोमनाथ   चटर्जी जी वेस्ट मनिस्टर सिस्टम से गाइडेड हैं या सुप्रीम सोवियत से गाइडेड होकर काम कर रहे हैं। इसमें लिखा गया है कि is he guided by Westminster or Supreme Soviet?              इसका आशय यह है कि वह सुप्रीम सोवियत द्वारा गाइडेड होकर काम कर रहे हैं। सुप्रीम सोवियत का अर्थ है भूतपूर्व सोवियत संघ की संसद। तीसरी बात यह है कि जो कॉलिंग अटेनशन्स और दूसरे प्रस्ताव दिए गए हैं, वे ज्यादातर कम्युनिस्ट और लेफ्ट के लोगों को दिए गए हैं। यह तीसरी बात और भी गंभीर इसलिए है कि चूंकि यह सब बैलट करने का काम लोकसभा सचिवालय करता है, इसलिए सचिवालय के अधिकारियों पर भी पक्षपात का आरोप लगाया गया है।…( व्यवधान)  प्रो. विजय कुमार मल्होत्रा : आप मदद नहीं कर रहे हैं। …( व्यवधान) 

प्रो. राम गोपाल यादव : आप क्या बात कर रहे हैं? …( व्यवधान)   जहां तक राइट टू फ्रीडम का सवाल है, हमारे संविधान के अनुच्छेद १९ में जो राइट टू फ्रीडम और फ्रीडम ऑफ एक्सप्रेशन दी गयी है, इन्होंने उसके आगे तक नहीं पढ़ा है कि उस अधिकार पर कहां-कहां पाबन्दियां लगाई गयी हैं। फ्रीडम आफ एक्सप्रैशन है। लेकिन फ्रीडम आफ एक्सप्रैशन में कहीं तो पाबंदी किसी पर रहती है। दुनिया में किसी पार्लियामेंटरी सिस्टम में, किसी भी पार्लियामेंटरी डैमोक्रेसी में स्पीकर के बारे में एक शब्द भी नहीं कहा जा सकता।…( व्यवधान) यह कोई पार्टी के या कम्युनिस्ट पार्टी की सेंट्रल कमेटी के अब सदस्य नहीं रहे, जब से स्पीकर बने हैं, पोलित ब्यूरो के सदस्य नहीं हैं। प्रो. विजय कुमार मल्होत्रा :  हैं।

प्रो. राम गोपाल यादव : नहीं हैं। When he has taken over the Chair … (Interruptions) PROF. VIJAY KUMAR MALHOTRA : He is a member. … (Interruptions) यह कह रहे हैं कि नहीं हैं, जबकि वह सदस्य हैं।…( व्यवधान) He is a member. … (Interruptions) MR. SPEAKER: The House stands adjourned to meet again at 12.45 p.m.   12.26 hrs. The Lok Sabha then adjourned till forty-five minutes past Twelve of the Clock.

________   12.47 hrs. The Lok Sabha re-assembled at forty-seven minutes past Twelve of the Clock.

  ( Mr. Speaker in the Chair)   … (Interruptions)

MR. SPEAKER : We will now take up the Calling Attention. Yogi Aditya Nath to call the Attention of the Minister of Health and Family Welfare. … (Interruptions)

श्री सुरेन्द्र प्रकाश गोयल (हापुड़) : अध्यक्ष जी, यह जो आरोप लगाए जा रहे हैं, इस तरह से आरोप लगाने का किसी को अधिकार नहीं है।…( व्यवधान)  MR. SPEAKER : You are also defying the Chair. I have already called Yogi Aditya Nath. … (Interruptions)

श्री राम कृपाल यादव (पटना) : अभी मामले का निष्पादन नहीं हुआ है, हम कैसे बैठ जाएं?…( व्यवधान)  MR. SPEAKER : Without my permission you cannot speak. Only Yogi Aditya Nath will speak. … (Interruptions)

श्री देवेन्द्र प्रसाद यादव (झंझारपुर) : सर, हम आरजेडी के आधा दर्जन माननीय सदस्य तथा अन्य माननीय सदस्यों ने भी दिया है…( व्यवधान)   माननीय सदस्य को आपने मौका दिया। मैं अपनी भावना को बताना चाहता हूं। सदन नियमावली के अनुसार चलेगा या नहीं।…( व्यवधान)  MR. SPEAKER : Prof. Malhotra, I am requesting him. Give me an opportunity. I am trying my best. … (Interruptions)

श्री देवेन्द्र प्रसाद यादव : कार्य-संचालन नियमावली २२२ नियम के तहत चलेगा। आपने कहा नियम २२५ में अध्यक्ष यदि नियम २२२ के अंतर्गत सम्मति देकर ठहराये कि चर्चा के लिए विषय नियमानुकूल है तो वह संबंधित सदस्य को पुकारेगा, जो अपने स्थान पर खड़े होकर विशेषाधिकार प्रश्न उठाने की अनुमति मांगते हुए…( व्यवधान)    MR. SPEAKER : I will give my ruling on Tuesday.

… (Interruptions)

MR. SPEAKER : I will give my ruling later. You raised a point of order. I will give my ruling next week. … (Interruptions)

श्री देवेन्द्र प्रसाद यादव : अध्यक्ष जी, यह अभूतपूर्व घटना है। …( व्यवधान)   पूरे सदन को विभाजित करने का यह अवसर नहीं था। यह मामला संपूर्ण हाउस का था। इस पर एक मत होकर प्रीवलेज समति में जांच के लिए प्रस्ताव को…( व्यवधान)  MR. SPEAKER : I have not yet given my consent. It will come later on[r3] .