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State Consumer Disputes Redressal Commission

Mainpuri Gas Service vs Vimal Johari on 11 January, 2024

  	 Cause Title/Judgement-Entry 	    	       STATE CONSUMER DISPUTES REDRESSAL COMMISSION, UP  C-1 Vikrant Khand 1 (Near Shaheed Path), Gomti Nagar Lucknow-226010             First Appeal No. A/2013/1298  ( Date of Filing : 11 Jun 2013 )  (Arisen out of Order Dated  in Case No.  of District State Commission)             1. Mainpuri Gas Service  a ...........Appellant(s)   Versus      1. Vimal Johari  a ...........Respondent(s)       	    BEFORE:      HON'BLE MR. Rajendra Singh PRESIDING MEMBER    HON'BLE MR. Vikas Saxena JUDICIAL MEMBER            PRESENT:      Dated : 11 Jan 2024    	     Final Order / Judgement    

(सुरक्षित) राज्‍य उपभोक्‍ता विवाद प्रतितोष आयोग , लखनऊ।

(परिवाद सं0-45/2009 विमल जौहरी बनाम मैनपुरी गैस सर्विस मैनपुरी एवं अन्‍य में जिला उपभोक्‍ता आयोग, मैनपुरी द्वारा पारित निर्णय एवं आदेश दिनॉक.27.10.2010 के विरूद्ध)   अपील सं0.1298/2014 मैनपुरी गैस सर्विस, कचहरी रोड कचेहरी द्वारा प्रबन्‍धक।

                                                   अपीलार्थी                     बनाम विमल जौहरी आयु लगभग 45 वर्ष पुत्र श्री अमर नाथ निवासी ग्राम व परगना अलीपुर पट्टी भोगॉंव जिला मैनपुरी। हिन्‍दुस्‍तान पेट्रोलियम कारपोरेशन लि0 जमशेद जी टाटा रोड मुम्‍बई 400020 महाराष्‍ट्रा। जिला पूर्ति अधिकारी, मैनपुरी।

 

समक्ष:-

मा0 श्री राजेन्‍द्र सिंह, सदस्‍य।
मा0 श्री विकास सक्‍सेना सदस्‍य ।
अपीलार्थी की ओर से विद्वान अधिवक्‍ता:        सुश्री अल्‍का सक्‍सेना।

 

प्रत्‍यर्थी की ओर से विद्वान अधिवक्‍ता:           कोई नहीं।

 

दिनॉक.18.01.2024

 

 मा0 श्री विकास सक्‍सेना सदस्‍य द्वारा उद्घोषित

 

 निर्णय

 

परिवाद सं0. 45/2009 विमल जौहरी बनाम मैनपुरी गैस सर्विस मैनपुरी एवं अन्‍य में जिला उपभोक्‍ता आयोग, मैनपुरी द्वारा पारित निर्णय एवं आदेश दिनॉक.27.10.2010 के विरूद्ध योजित की गयी है।
विद्वान जिला उपभोक्‍ता आयोग ने परिवादी के परिवाद को निरस्‍त करने का आदेश पारित किया गया है।  
    '''परिवादी का परिवाद विपक्षी सं0.01 व 02 के विरूद्ध पृथक रूप से व संयुक्‍त रूप से स्‍वीकार किया जाता है। विपक्षी सं0-01 व 02 को आदेशित किया जाता है कि वह परिवादी की जमानत धनराशि रू0.950/- मय 06 प्रतिशत वार्षिक ब्‍याज के जो परिवचाद प्रस्‍तुत करने के दिनॉक. से अन्तिम भुगतान की तिथि तक देय होगी एक माह के अन्‍दर अदा करें। इसके अ‍ति‍रिक्‍त उपरोक्‍त्‍ विपक्षीगण को यह भी आदेशित किया जाता है कि वह मानसिक कष्‍ट के मद में रू0.1000- रू0 तथा परिवाद व्‍यय के मद में रू0 1000/- भी उपरोक्‍त समय अवधि मतें परिवादी को अदा करें। विपक्षी सं0.3 के विरूद्ध परिवादी खारिज किया जाता है।'''        उक्‍त निर्णय एवं आदेश से क्षुब्‍ध होकर अपीलार्थी विपक्षी गैस एजेन्‍सी की ओर से प्रस्‍तुत अपील योजित की गयी है।
       संक्षेप में वाद के तथ्‍य इस प्रकार हैं कि परिवादी उदय प्रकाश के पिता स्‍व0 साधो सिंह विपक्षी सं0.01 पो‍स्‍ट ऑफिस में बचत खाता सं0.2900347 धारक थे। दिनॉक.30.01.1979 को डकैतों ने उसके पिता की हत्‍या कर दी। इस घटना में बैंक पासबुक भी नष्‍ट हो गयी। परिवादी ने अपने पिता के बचत खाते का विवरण विपक्षी सं0.01 पोस्‍ट ऑफिस से दि0.17.10.2007 को प्राप्‍त किया। परिवादी ने अपने पिता के बचत खाते की धनराशि प्राप्‍त करने के लिए दि0.11.02.2008 को प्रार्थना पत्र प्रस्‍तुत किया जिसे सुपरवाइजर एस0बी0सी0ओ0 फिरोजाबाद ने इस टिप्‍पणी के साथ वापस कर दिया कि बचत खाता ट्रान्‍सफर होकर नहीं आया है। एस0बी0सी0ओ0 मैनपुरी ने अपने पत्र दि0.02.06.2008 द्वारा पोस्‍ट मास्‍टर प्रधान डाकघर पर फिरोजाबाद को सूचित किया कि उक्‍त बचत खाता साइलेन्‍ट नहीं है इइसलिए खाते के बैलेन्‍स का सत्‍यापन नहीं हो सका। परिवादी ने विपक्षीगण को अपने अधिवक्‍त के माध्‍यम से एक नोटिस प्रेषित किया, किन्‍तु विपक्षीगण ने कोई उत्‍तर नहीं दिया अत: परिवाद की आवश्‍यकता हुई।
परिवाद पत्र के समर्थन में परिवादी की ओर से अपना शपथ पत्र तथा अभिलेखीय साक्ष्‍य में विपक्षी सं0.02 के पत्र दि0.20.05.2010 तथा 17.05.2010 की कार्बन प्रतिलिपि, विपक्षी सं0.03 को सम्‍बोधित सीनियर सुपरवाइजर एस0बी0सी0ओ0 मैनपुर का पत्र दिनॉक.02.08.2008, दि0.14.05.2008 खाता सं0.2900347 की सत्‍यापित प्रति दाखिल की गयी है।
विपक्षी सं0.02 अधीक्षक डाकघर ने परिवाद का विरोध करते हुए लिखित कथन प्रस्‍तुत किया है जिसमें उनका कथन है कि परिवादी को धनराशि पाने का अधिकारी नहीं है। विपक्षी के अनुसार परिवाद परिसीमा से बाधित है। परिवादी ने तीस वर्ष बाद परिवाद प्रस्‍तुत किया है।
विपक्षी सं0.02 की ओर से सी0जे0आर0 मीणा डाक अधीक्षक डाकघर मैनपुरी का शपथ पत्र प्रस्‍तुत किया गया है।
विपक्षी सं0.01 तथा 03 द्वारा कोई लिखित बयान प्रस्‍तुत नहीं किया है।
प्रस्‍तुत अपील में मुख्‍य रूप से ये आधार लिये गये हैं कि अपील में मुख्‍य रूप से ये आधार लिये गये है कि विपक्षी गैस एजेन्‍सी को कोई नोटिस प्राप्‍त नहीं हुई थी और उस पर गलत तामीली मानते हुए वाद एकपक्षीय रूप से सुना गया है। प्रश्‍नगत निर्णय उपलब्‍ध साक्ष्‍य के विरूद्ध प्रस्‍तुत किया गया है। परिवादी ने जनवरी, 2009 में अपना गैस कनेक्‍शन स्‍थानान्‍तरित कराने का बाउचर बनाने हेतु निवेदन किया जो नियमानुसार उसे हस्‍तगत किया गया साथ ही अदा की गयी प्रतिभूति की धनराशि रू0.950/- दि०-30-09-20  को परिवादी को प्रदान की गयी। उक्‍त ट्रान्‍सफर बाउचर की प्रतिलिपि अभिलेख पर है। अपीलार्थी को पंजीकृत नोटिस के माध्‍यम से आदेश दि0.27.10.2010 को जानकारी हुई तब उन्‍होंने अपने अधिवक्‍ता श्री संजीत गाड से मामले की जानकारी लेने के लिए कहा। जब गैर एजेन्‍सीएजेन्‍सी को जानकारी हुई कि उनके द्वारा सुधीर पाठक द्वारा पैरवी की गयी है जो इसके लिए अधिकृत नहीं थे। इन आधारों पर प्रश्‍नगत निर्णय एवं अपास्‍त किये जाने की प्रार्थना की गयी है।
अपीलार्थी की ओर से सुश्री अल्‍का सक्‍सेना को सुना गया एवं पत्रावली पर उपलब्‍ध समस्‍त साक्ष्‍य एवं प्रपत्रों का सम्‍यक परिशीलन किया गया। प्रत्‍यर्थी की ओर से कोई उपस्थित नहीं है।
इस मामले में परिवादी का कथन इस प्रकार आया कि परिवादी ने गैस कनेक्‍शन हस्‍तानान्‍तरण हेतु ट्रान्‍सफर बाउचर बनाने के लिए प्रतिभूति की धनराशि रू0 950/-रू0 उन्‍हें प्रदान नहीं की गयी। जबकि विपक्षी का कथन है कि ट्रान्‍सफर बाउचर सं0.5956473 दि0.03.02.2009 हस्‍तगत कराते समय प्रतिभूति की धनराशि रू0 950/- परिवादी को प्रदान कर दी गयी थी। अपने समर्थन में अपीलार्थी की ओर से टी0वी0 (ट्रान्‍सफर बाउचर) की प्रतिलिपि प्रस्‍तुत की गयी है जिस उपभोक्‍ता के रूप में विमल जौहरी के हस्‍ताक्षर हैं जिससे प्रत्‍यर्थी द्वारा इन्‍कार किया गया है। सामान्‍यरूप से ट्रान्‍सफर बाउचर हस्‍तगत राते समय उपभोक्‍ता को प्रतिभूति की धनराशि ट्रान्‍सफर बाउचर के साथ उपभोक्‍ता को दी जाती है, किन्‍तु इस ट्रान्‍सफर बाउचर अथवा अन्‍य किसी स्‍तर पर परिवादी को रू0 950/- की धनराशि दिये जाने का कोई उल्‍लेख नहीं है, न ही ऐसी कोई रसीद अपीलार्थी की ओर से प्रस्‍तुत की गयी है कि उक्‍त धनराशि परिवादी को प्रदान की गयी थी। अत: परिवादी का यह तर्क उचित प्रतीत होता है कि रू0 950/- की धनराशि उन्‍होंने परिवादी को प्रदान नहीं की गयी थी। अत: विपक्षी का यह दायित्‍व है कि वह रू0 950/- 06 प्रतिशत वार्षिक ब्‍याज के साथ वाद योजन की तिथि से परिवादी को प्रदान करें। यह आदेश विपक्षी सं0.01 अपीलकर्ता मैनपुरी गैस सर्विस मैनपुरी के लिए लागू रहेगा। विपक्षी सं0.02 हिन्‍दुस्‍तान पेट्रोलियम कारपोरेशन व विपक्षी सं0.03 जिला पूर्ति अधिकारी द्वज्ञरा धनराशि लिया जाना अथवा वापस न किये जाने का कोई औचित्‍य अथवा साक्ष्‍य से साबित नहीं किया गया है उक्‍त अनुतोष के अतिरिक्‍त अन्‍य कोई अनुतोष प्रत्‍यर्थी को दिया जाना उचित प्रतीत नहीं होता है। तद्नुसार अपील ऑशिक रूप से स्‍वीकार होने योग्‍य है।
 
प्रस्‍तुत ऑशिक रूप से स्‍वीकार की जाती है। विपक्षी सं0.01 अपीलार्थी मैनपुरी गैस सर्विस मैनपुरी रू0 950/- वाद योजन की ति‍थि से वास्‍तविक अदागयी तक 06 प्रतिशत साधारण वार्षिक ब्‍याज के साथ परिवादी को अदा करें । शेष निर्णय अपास्‍त किया जाता है।
  उभय पक्ष अपना-अपना अपीलीय व्‍यय भार स्‍वयं वहन करेंगे।
प्रस्‍तुत अपील को योजित करते समय अपीलार्थी यदि कोई धनराशि जमा की गयी हो तो उक्‍त धनराशि पर अर्जित ब्‍याज सहित विधि अनुसार सम्‍बन्धित जिला उपभोक्‍ता आयोग को वापस की जावे।
आशुलिपिक से अपेक्षा की जाती है कि वे इस निर्णय/आदेश को यथशीघ्र इस आयोग की वेबसाइट पर अपलोड कर दें।
     
  (विकास सक्‍सेना)                              (राजेन्‍द्र सिंह)

 

      सदस्‍य                                      सदस्‍य

 

निर्णय खुले न्‍यायालय में आज हस्‍ताक्षरित एंव दिनॉकित करके उद्घोषित किया गया।
     
(विकास सक्‍सेना)                            (राजेन्‍द्र सिंह)

 

    सदस्‍य                                    सदस्‍य

 

दिनॉक.18.01.2024

 

सुरेन्‍द्र कुमार वैय0सहा0

 

कोर्ट नं0- 2

 

 

 

 

 

 

 

 

 

 

 

 

 

 

 

 

 

 

 

 

 

 

 

 

 

 

 

 

 

 

 

              [HON'BLE MR. Rajendra Singh]  PRESIDING MEMBER 
        [HON'BLE MR. Vikas Saxena]  JUDICIAL MEMBER