Lok Sabha Debates
Regarding Atrocities On Dalits And Law And Order Problem In Bihar. on 3 May, 2002
Title: Regarding atrocities on dalits and law and order problem in Bihar.
श्री कीर्ति झा आज़ाद (दरभंगा) : उपाध्यक्ष महोदय, मैंने नोटिस दिया है। बिहार में आर.जे.डी. पार्टी है, उसके शासन में आज भी चार दलित मारे गये हैं…( व्यवधान)
MR. DEPUTY-SPEAKER: I have received your notice also under Rule 184.
श्री कीर्ति झा आज़ाद : +ÉÉVÉहाइकोर्ट की तरफ से पूरे बिहार की कैबिनेट को कंडेमनेशन का नोटिस मिला है।…( व्यवधान)
डॉ.विजय कुमार मल्होत्रा (दक्षिण दिल्ली): आप कब तक कंसीडर करेंगे।…( व्यवधान)
उपाध्यक्ष महोदय : कब तक का मतलब जब मुझे मिलेगा।
…( व्यवधान)
MR. DEPUTY-SPEAKER: You hear me. I have received your notice.
… (Interruptions)
MR. DEPUTY-SPEAKER: Just a minute please. Shri Kirti Azad, the practice is that before any notice under Rule 184 or Rule 193 on a State matter is considered for admission, the factual position from the Ministry of Home Affairs is obtained. I have written for both these two. The moment I receive it, I will consider it.
श्री कीर्ति झा आज़ाद : बिहार में पिछले ११ सालों में ३० हजार दलितों की हत्याएं हो गई हैं। यह मैं नहीं कहता हूं, यह अखबारों में आया है कि वहां यौन शोषण हो रहा है, वहां हजारों लोग मारे गये हैं। वहां महिलाओं के साथ अत्याचार हो रहा है। बिहार में तथाकथित सेक्युलर पार्टी …( व्यवधान)
MR. DEPUTY-SPEAKER: Shri Malhotra, normally when we write to them, they will give a reply. That is a normal period and one has to wait till then.
… (Interruptions)
श्री मदन लाल खुराना (दिल्ली सदर): उपाध्यक्ष महोदय, मुझे बोलने का समय दिया जाए…( व्यवधान) दिल्ली में सी.एन.जी. के दाम बढ़ गये हैं, अब यात्री किराये बढ़ रहे हैं, लोग परेशान हैं…( व्यवधान)
श्री कीर्ति झा आज़ाद : अखबार कहता है कि पिछले ११ वर्षो में वहां ३० हजार दलितों की हत्याएं हो गई हैं…( व्यवधान)
उपाध्यक्ष महोदय : मैंने आपको मना नहीं किया, लेकिन आपको प्रोसीजर फॉलो करना पड़ेगा।
…( व्यवधान)
उपाध्यक्ष महोदय : जो हमारा प्रोसीजर है उसे फॉलो करना पड़ेगा।
श्री कीर्ति झा आज़ाद : गुजरात में पिछले दो महीनों में जो हुआ, लेकिन बिहार में इतने दिनों से चल रहा है।
MR. DEPUTY-SPEAKER: Do not equate it with Gujarat. In the case of Gujarat, the difference was whether it should be discussed under Rule 184 or Rule 193. On discussion there was no difference at all. But do not drag Gujarat.
… (Interruptions)
श्री कीर्ति झा आज़ाद : लेकिन बिहार में दलितों के साथ और उनकी महिलाओं के साथ अत्याचार हो रहे हैं। पिछले ११ सालों वहां ३० हजार दलित मारे गये हैं। आप यह अखबार देखिये, बिहार में किस तरह से ये सब हो रहा है। बिहार में जो कुछ हो रहा है उसका कुछ तो करना पड़ेगा। वहां हजारों दलित मारे गये हैं।…( व्यवधान)
MR. DEPUTY-SPEAKER: Please, Shri Kirti Azad. Do not waste the time of the House. Now, I am calling Shri Ramji Lal Suman.
… (Interruptions)
श्री कीर्ति झा आज़ाद : बिहार में आर.जे.डी. पार्टी है जो अपने आपको राष्ट्रीय जनता दल पार्टी कहती है। जबकि वह रोज जलाओ दलित पार्टी है…( व्यवधान)
MR. DEPUTY-SPEAKER: I told you, I am not against it. But let me get the report.
… (Interruptions)
श्री कीर्ति झा आज़ाद : ये कौन लोग हैं जो इन्हें मार रहे हैं। इन्हें रोकने के लिए कुछ होना चाहिए। आज भी वहां मूसहर जाति के चार दलित मारे गये हैं। उन बेचारों को खाना नहीं मिलता है, वे चूहे खाते हैं। यह वहां रोज हो रहा है। मैंने आपको नोटिस दिया था…( व्यवधान)
MR. DEPUTY-SPEAKER: Let me get the report. Now, Shri Ramji Lal Suman.
… (Interruptions)
श्री कीर्ति झा आज़ाद : गुजरात में होता है उसे कम्युनल किलिंग्स कहते हैं। लेकिन जो बिहार में हो रहा है क्या उसे सेक्युलर किलिंग्स कहते हैं। गुजरात में माइनोरिटीज के लोग मारे जाएं तो कम्युनल किलिंग्स, बिहार में माइनोरिटीज के लोग मरें तो सेक्युलर किलिंग ? वहां असामाजिक तत्व दलितों को मार रहे हैं। महिलाओं के साथ लूट-खसोट, मार-पीट, बलात्कार और तमाम तरह के अत्याचार हो रहे हैं। आप हमारे प्रोटैक्टर हैं, आप इस पर जल्दी डिस्कशन कराइये, यही मेरा आपसे निवेदन है।
MR. DEPUTY-SPEAKER: I have told you, Shri Azad, that I am not against it. This House is meant for discussion. It is not meant for any other thing. If there is any matter of such urgent public importance, this House is meant for that. But there are some procedures to be gone through.
… (Interruptions)
SHRI SUDIP BANDYOPADHYAY (CALCUTTA NORTH WEST): Sir, we appreciate your allowing the discussion on Gujarat, but we want to discuss other States also.… (Interruptions)
MR. DEPUTY-SPEAKER: Shri Sudip Bandyopadhyay, I have not ruled it out. I have only sent it for obtaining the factual position.
… (Interruptions)
SHRI KIRTI JHA AZAD : Sir, I am very grateful to you for having accepted that it as a matter of urgent public importance and, I am sure, you will allow a discussion as soon as possible.(Interruptions)
श्रीमती रेनु कुमारी (खगड़िया) :उपाध्यक्ष महोदय, बिहार में दलितों के साथ अत्याचार हो रहे हैं, वहां उन लोगों को मारा जा रहा है। यह वहां रोज हो रहा है।…( व्यवधान)
श्री मदन लाल खुराना (दिल्ली सदर): उपाध्यक्ष महोदय, दिल्ली में सी.एन.जी. बसों के किराये बढ़ने वाले हैं। पिछले सोमवार से मैं यह रेज़ कर रहा हूँ। दिल्ली में त्राहि-त्राहि मची हुई है।…( व्यवधान)
उपाध्यक्ष महोदय : मैं आपको बुलाउंगा, आपका नाम है।
श्री मदन लाल खुराना: पिछले पांच दिनों से मैं नोटिस दे रहा हूँ। …( व्यवधान)
उपाध्यक्ष महोदय : आपको हमेशा पहला नंबर मिलता है।
SHRI PRIYA RANJAN DASMUNSI (RAIGANJ): Sir, CNG is not the responsibility of the Delhi Government. It is the responsibility of the Government of India. … (Interruptions)
श्री रामजीलाल सुमन (फिरोजाबाद): उपाध्यक्ष महोदय, १ मई को गुजरात राज्य के ४३वें स्थापना दिवस समारोह के अवसर पर सूबे की सरकार ने अखबारों में इश्तहार छपवाया और विज्ञापन दिया। …( व्यवधान)
श्री मदन लाल खुराना : फिर गुजरात का इश्यू उठाने लग गए। …( व्यवधान)
श्री रामजीलाल सुमन : उपाध्यक्ष महोदय, यह बहुत गंभीर सवाल है। …( व्यवधान)
महात्मा गांधी को गलत तरीके से क्वोट किया गया। …( व्यवधान)आप हमें बोलने नहीं देंगे? …( व्यवधान)फिर क्या आप लोग बोल लेंगे? …( व्यवधान)
श्री रतिलाल कालीदास वर्मा (धन्धुका): बिहार के दलितों की बात करो।…( व्यवधान)
श्री रामजीलाल सुमन : बड़े भारी हितैषी हैं आप दलितों के, हमें मालूम है। …( व्यवधान)
उपाध्यक्ष महोदय, टाइम्स ऑफ इंडिया में छपा है। …( व्यवधान)
SHRI MADAN LAL KHURANA : Sir, this is not Gujarat Assembly. This is Parliament. … (Interruptions)
SHRI PRAVIN RASHTRAPAL (PATAN): Sir, the subject matter is misuse of the name of Mahatma Gandhi. They do not know the subject. … (Interruptions)
MR. DEPUTY-SPEAKER: By this way nobody will get a chance. He has given notice on some other matter. एडवर्टाइजमेंट को क्वोट कर रहे हैं।
… (Interruptions)
MR. DEPUTY-SPEAKER: If you do not want, then I will scrap the ‘Zero hour’. How can I conduct the House in this way?
… (Interruptions)
SHRI PRIYA RANJAN DASMUNSI : Sir, according to them even the word ‘Gujarat’ is unparliamentary. … (Interruptions)
श्री मदन लाल खुराना : दिल्ली में किराए बढ़ रहे हैं, लोग हाहाकार कर रहे हैं। …( व्यवधान)
उपाध्यक्ष महोदय : कल ले सकते थे। कल क्यों नहीं लिया?
...( व्यवधान)
MR. DEPUTY-SPEAKER: Shri Khurana, everyday, for the ‘Zero hour’ notice is given. You have given your notice. I have got it with me. He has also given notice. आप शांति से रहें तो सबको मौका मिलेगा। आप लोग इधर से उठेंगे, कुछ लोग उधर से उठेंगे तो ज़ीरो ऑवर इस तरह से चलने वाला नहीं है। Can I stop it?
...( व्यवधान)
श्री मदन लाल खुराना : एक हफ्ते तक संसद नहीं चली। रोज़ ही गुजरात का मामला उठ रहा है। …( व्यवधान)
… (Interruptions)
SHRI PRIYA RANJAN DASMUNSI : In the other House, the Home Minister has accepted to intervene in Gujarat under Article 355 of the Constitution. They do not know that their Government has agreed to intervene under Article 355 in Gujarat. … (Interruptions)
श्री रतिलाल कालीदास वर्मा : अगर आप सच्चे मायने में गुजरात में शांति चाहते हैं तो मैं आपको बुलाता हूं। आप मेरे साथ चलिए।…( व्यवधान)
श्री कीर्ति झा आज़ाद : उपाध्यक्ष महोदय, हमने भी जीरो आवर का नोटिस दिया है। …( व्यवधान)
उपाध्यक्ष महोदय : जिन लोगों ने नोटिस दिए हैं, उसी के अनुसार उन्हें बोलने के लिए समय दिया जा रहा है।
...( व्यवधान)
श्री मदन लाल खुराना: उपाध्यक्ष महोदय, मैं पिछले सोमवार से दिल्ली के बारे में बोलने के लिए बराबर नोटिस दे रहा हूं। …( व्यवधान)
उपाध्यक्ष महोदय : अगर आप समय पर नोटिस नहीं देंगे, तो मैं इसमें क्या कर सकता हूं। आज भी आपको समय नहीं मिलेगा क्योंकि आपने समय के भीतर नोटिस नहीं दिया है।
...( व्यवधान)
उपाध्यक्ष महोदय :अगर खुराना जी आप भी ऐसा करेंगे, तो मैं हाउस को कैसे कंडक्ट कर पाऊंगा। हर माननीय सदस्य को जो भी समय के अंदर नोटिस देगा, उसे बोलने का मौका मिलेगा।
...( व्यवधान)
श्री लाल बिहारी तिवारी (पूर्वी दिल्ली): उपाध्यक्ष जी, मैंने भी नोटिस दिया है, लेकिन मुझे भी बोलने का समय नहीं दिया जा रहा है। दिल्ली में अनेक समस्याएं हैं। पानी की दिक्कत है, बिजली की किल्लत है, बसों के किराए बढ़ रहे हैं। …( व्यवधान)
MR. DEPUTY-SPEAKER: Then, how will you get a chance? I am only telling that there are 26 Members who want to speak. All of them will get a chance. It is not that I have drawn the list. They have come in the morning and given the notices. Accordingly, the list has been drawn and I am calling them. It is not that this list is mine.
… (Interruptions)
योगी आदित्यनाथ (गोरखपुर) : उपाध्यक्ष जी, हमारे प्रदेश की भी समस्याएं हैं। हम अपने यहां के बारे में बोलना चाहते हैं। हमने नोटिस भी दिया है। हम पिछले पांच दिन से बराबर नोटिस देते चले आ रहे हैं। लेकिन हमें अपनी बात सदन में कहने का मौका नहीं दिया जा रहा है। …( व्यवधान)
श्री कीर्ति झा आज़ाद : उपाध्यक्ष महोदय, जहां भी लोग मरे, वे गलत मरे, हम इस बात को स्वीकार करते हैं, लेकिन हमें भी अपनी बात कहने का मौका दिया जाए। बिहार में चार दलितों की हत्या कर दी गई। वहां नौजवान लड़कियों के साथ बलात्कार किया जा रहा है, वहां स्थिति बहुत खराब है, लेकिन आप हमें बिहार की बात उठाने का अवसर ही नहीं देते हैं।…( व्यवधान)
MR. DEPUTY-SPEAKER: Shri Azad, do you want this `Zero Hour’ to continue?
… (Interruptions)श्री मदन लाल खुराना: उपाध्यक्ष जी, में पिछले मंडे से नोटिस दे रहा हूं कि दिल्ली के बारे में मुझे बोलने की अनुमति दी जाए। दिल्ली में बस के किराए बढ़ रहे हैं। …( व्यवधान)
योगी आदित्यनाथ: महोदय, केवल गुजरात ही एक ऐसी अकेली समस्या नहीं है और भी प्रदेशों की समस्याएं हैं। देश की अन्य समस्याएं भी हैं जिनके बारे में हम बोलना चाहते हैं, लेकिन हमें अवसर ही नहीं दिया जाता है।…( व्यवधान)
श्री मदन लाल खुराना: उपाध्यक्ष जी, इसी सदन में गुजरात के ऊपर १६ घंटे बहस हो चुकी है। …( व्यवधान)
SHRI SOMNATH CHATTERJEE (BOLPUR): Can we speak only if they allow? … (Interruptions) Will this House run if they allow us to speak? … (Interruptions)
श्री रतिलाल कालीदास वर्मा : उपाध्यक्ष महोदय, गुजरात में शांति हो, यदि ऐसी बात ये कहें, तो हम गुजरात के बारे में सुनने को तैयार हैं अन्यथा नहीं।…( व्यवधान)
श्री रामजीलाल सुमन : उपाध्यक्ष महोदय, ये जानबूझ कर व्यवधान पैदा कर रहे हैं और मुझे बोलने से रोक रहे हैं।…( व्यवधान)
श्रीमती रेनु कुमारी: उपाध्यक्ष जी, क्या सोनिया गांधी जी को केवल गुजरात ही नजर आता है, क्या भारत के और हिस्से नजर नहीं आते हैं ? …( व्यवधान)
MR. DEPUTY-SPEAKER: This is too much. This is the limit. You cannot conduct `Zero Hour’ in this way. Now, `Zero Hour’ cannot be conducted. I cannot conduct `Zero Hour’ if so many Members use their lung power.
श्री मदन लाल खुराना: राज्य सभा में यह बहस चल रही है फिर ये लोग यहां क्या कर रहे हैं। …( व्यवधान)इस विषय पर इसी सदन में १६ घंटे चर्चा हो चुकी है। उस दिन सुबह पांच बजे तक हम सब लोग सदन में बैठे रहे। …( व्यवधान)
श्री प्रियरंजन दासमुंशी: उपाध्यक्ष महोदय, खुराना जी तो बहुत शांतप्रिय आदमी हैं। आज बहुत तेज बोल रहे हैं। आप उन्हें मंत्री बनवा दें। हाउस में शांति हो जाएगी।…( व्यवधान)
श्री कीर्ति झा आज़ाद : उपाध्यक्ष महोदय, वहां महिलाओं पर इतनी बड़ी बात हो गई।…( व्यवधान) उनके साथ बलात्कार हुए हैं। जो नौजवान हैं, वे नाबालिग लड़कियों को उठाकर ले गये हैं। …( व्यवधान)इस प्रकार से बिहार में हाहाकार मचा है । क्या उस पर कोई चर्चा नहीं होगी ?…( व्यवधान)गुजरात पर चर्चा हो चुकी है जबकि हमारे सामने मदन लाल खुराना जी का केस है। बंगाल का केस है, बिहार का केस है। इन सब केसों पर चर्चा होनी चाहिए। …( व्यवधान)
श्री रामजीलाल सुमन : उपाध्यक्ष महोदय, आपने मुझे बोलने के लिए कहा है।…( व्यवधान)
उपाध्यक्ष महोदय : मैंने आपको बोलने के लिए कहा है।
...( व्यवधान)
श्री कीर्ति झा आज़ाद : उपाध्यक्ष महोदय, आप स्टेट के बीच कैसे डिफरेंशियेट कर सकते हैं। …( व्यवधान)माइनौरिटी माइनौरिटी है। दलित दलित है। माइनर माइनर है। …( व्यवधान)
श्री रामजीलाल सुमन : उपाध्यक्ष महोदय, यह क्या तमाशा है ?यह बहुत गंभीर मामला है। …( व्यवधान)महात्मा गांधी के नाम की व्याख्या करने वाले हैं। …( व्यवधान)
श्री मदन लाल खुराना: उपाध्यक्ष महोदय, पहले इस हाउस के अंदर आपकी तरफ से या चेयर की तरफ से आता था कि हम इस पर चर्चा कर चुके हैं। …( व्यवधान)
श्री रामजीलाल सुमन : उपाध्यक्ष महोदय, ये ऐसा ही करते रहेंगे तो हम अपनी बात यहां रख ही नहीं पायेंगे।…( व्यवधान)
उपाध्यक्ष महोदय : यह सभी को मालूम है क शून्य काल में दस बजे से पहले जिस जिस का नोटिस आता है, उसी के मुताबिक लिस्ट ड्रा की जाती है। उस लिस्ट पर बाकायदा नम्बर डाला जाता है।
...( व्यवधान)
श्री मदन लाल खुराना: उपाध्यक्ष महोदय, क्वश्चन इश्यू का है। …( व्यवधान)
श्री पवन कुमार बंसल (चंडीगढ़) : उपाध्यक्ष महोदय, यह चेयर को चैलेंज कर रहे हैं। …( व्यवधान)
श्री जे.एस.बराड़ (फरीदकोट) : यह फैसला आप करने वाले नहीं हैं ? …( व्यवधान)
SHRI PRIYA RANJAN DASMUNSI : He cannot decide. The Chair will decide. … (Interruptions)
SHRI J.S. BRAR : He is nobody to decide. It is the Chair which has to decide. … (Interruptions)
श्री रामजीलाल सुमन : उपाध्यक्ष महोदय, ये आसन के निर्देश को चुनौती दे रहे हैं ।…( व्यवधान)
श्री सत्यव्रत चतुर्वेदी (खजुराहो): उपाध्यक्ष महोदय, इसका मतलब यह है कि कोई भी सदस्य सदन में अपनी मर्जी के कोई भी इश्यू नहीं रख सकता। वह खुराना जी से पूछकर रखेगा। …( व्यवधान)
श्री मदन लाल खुराना: उपाध्यक्ष महोदय, मुझे याद है कि इस हाउस के अंदर जब भी हम कोई इश्यू उठाते थे तो कहा जाता था कि इसी हफ्ते या इसी सैशन में इस पर चर्चा हो चुकी है इसलिए अब आप उस पर नहीं बोल सकते।…( व्यवधान)इस सैशन में और भी बहुत महत्वपूर्ण इश्यू हैं। गुजरात के इश्यू पर अभी परसों ही बहस खत्म हुई है। …( व्यवधान)उस पर १६ घंटे तक बहस हुई है। …( व्यवधान)
श्री रामजीलाल सुमन : पहलेहमारी बात को सुन लीजिए। …( व्यवधान)आप परेशान मत होइये। …( व्यवधान)
SHRI MADAN LAL KHURANA : He has full right to raise the issue.
उपाध्यक्ष महोदय : यह जो मैटर उठा रहे हैं, उसके बारे में आपने पहले से ही जजमैंट कर ली है कि वह कौन सा मैटर है।
...( व्यवधान)
श्री सत्यव्रत चतुर्वेदी : पहले आप यह देख तो लीजिए कि वे गुजरात का कौन सा इश्यू उठा रहे हैं। …( व्यवधान)
उपाध्यक्ष महोदय : क्या आपने पहले से ही जज कर लिया है ?…( व्यवधान)
डॉ.विजय कुमार मल्होत्रा (दक्षिण दिल्ली): उपाध्यक्ष महोदय, यह आपका फैसला है। यह बात ठीक है कि आप जिस को भी बोलने के लिए कहेंगे, वही बोलेगा। हम केवल इतनी बात कह रहे हैं कि जीरो ऑवर में बंगाल, बिहार के ऊपर बोलने के लिए पिछले सात दिनों से नोटिस दिये गये हैं। इनके ऊपर बोलने के लिए लगातार आपसे इजाजत मांगी जा रही है। आप यह फैसला कर दीजिए कि गुजरात के इश्यू के अलावा यहां किसी और इश्यू पर कोई चर्चा नहीं होगी। अगर यह फैसला है तो ठीक है।... ( व्यवधान)आपने उनको बोलने के लिए अनुमति दी है, तो वह बोलें। उस पर हमें कोई एतराज नहीं है।…( व्यवधान)जिसको आप बोलने के लिए कहेंगे, वही बोलेगा लेकिन हमको भी बंगाल, बिहार, दिल्ली आदि के इश्यू को यहां उठाना है। …( व्यवधान)
उपाध्यक्ष महोदय : उनके बारे में मैंने सुन लिया है।
...( व्यवधान)
MR. DEPUTY-SPEAKER: Dr. Malhotra, you just understand. I have already told them that I have received their notices. For verification of facts, I have to follow a procedure. It has been sent. Do not refer to that. Yesterday, what had happened here? You know it and I took it up in the Business Advisory Committee meeting also. It is not my fault. Whose fault is it? The whole House knew it. Likewise, how many days have passed? Is it a mistake of the Chair?
DR. VIJAY KUMAR MALHOTRA : Sir, matter to be raised under Rule 184 is different.
MR. DEPUTY-SPEAKER: Whatever may be the subject listed here, I am calling Members according to the list. There is one matter pertaining to the State and I have been advised that that is not to be taken up. Otherwise, the Secretariat is screening it and then, they list it. I have no reason to doubt their integrity.
… (Interruptions)
SHRI SUDIP BANDYOPADHYAY T): Sir, you have the discretion to change the serial order in the list.
MR. DEPUTY-SPEAKER: This is ‘Zero Hour’. During the ‘Zero Hour’, you can raise matters of urgent public importance. If the Government wants to respond, they will respond. Otherwise, the Minister will take note of it, and the Member concerned will be informed about it. That is how it is done.
श्री चन्द्रशेखर (बलिया, उ.प्र.) : उपाध्यक्ष महोदय, मेरा आपसे एक सुझाव है कि सदन में जो हो रहा है, इससे किसी का सम्मान नहीं बढ़ रहा है। आप इस हाउस को ऐडजर्न कर दीजिए और सरकारी पक्ष के नेताओं को बुला कर यह पूछ लीजिए कि इस हाउस को नियंत्रित करने का काम उपाध्यक्ष का है या चंद सदस्यों का है। अगर इस बात का फैसला हो जाए तो दूसरे लोग नहीं आएं जिनके नाम हैं।…( व्यवधान)
डॉ.विजय कुमार मल्होत्रा: आप उनको क्यों नहीं बोल रहे हैं जिन्होंने सात दिनों तक हाउस नहीं चलने दिया।…( व्यवधान)उनको तो किसी ने नहीं बोला।…( व्यवधान)
श्री चन्द्रशेखर: मुझे न भाषण करने की तमन्ना है, न कुछ लेना-देना है। हमको ये तेवर मत दिखाइए।…( व्यवधान)
डॉ.विजय कुमार मल्होत्रा: आप इसी तरफ क्यों कह रहे हैं, उनसे क्यों नहीं कह रहे हैं।…( व्यवधान)
श्री चन्द्रशेखर: मैं उस तरफ भी कह रहा हूं, दोनों तरफ कह रहा हूं कि अगर आप चेयरमैन को नहीं मानते हैं तो पार्लियामैंट को ऐडजर्न करें और सब पार्टी के नेताओं को बुला कर, विरोधी पक्ष के और सरकारी पक्ष के, पूछ लें कि कौन-कौन से सदस्य हैं जिनके जरिए यह सदन चलेगा। मैं आपसे निवेदन करता हूं कि इस नंगे नाच से अच्छा है कि आप इस हाउस को ऐडजर्न कर दीजिए।
MR. DEPUTY-SPEAKER: The House stands adjourned to meet again at 2.00 p.m. 12.31 hrs The Lok Sabha then adjourned till Fourteen of the Clock.
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