Legal Document View

Unlock Advanced Research with PRISMAI

- Know your Kanoon - Doc Gen Hub - Counter Argument - Case Predict AI - Talk with IK Doc - ...
Upgrade to Premium
[Cites 0, Cited by 0]

Lok Sabha Debates

Motion Of Thanks On The President Address (Cont...). on 7 February, 2022

Seventeenth Loksabha > Title: Motion of thanks on the President Address (Cont...).

*श्री रामचरण बोहरा (जयपुर): मैं माननीय महामहिम राष्ट्रपति द्वारा दिये गये अभिभाषण पर धन्यवाद प्रस्ताव का समर्थन करता हूं ।

भारत सरकार महामारी के बीच करीब 2 से साल80 करोड़ गरीब लोगों को मुफ्त राशन प्रदान कर रही है । अनेक देशो की इतनी आबादी भी नहीं है जितने के हमारी सरकार मुफ्त राशन प्रदान कर रही है । इसकी चर्चा अन्तर्राष्ट्रीय जगत में बहुत हो रही है इससे भारत सरकार की छवि अच्छी हुई है । दूसरी ओर मुफ्त टीकाकरण के अभियान के अन्तर्गत75 प्रतिशत आबादी का टीकाकरण कर दिया है और अब बुर्जगों को भी बुस्टर डोज देनी शुरू कर दी है साथ ही साथ 15 से 18 वर्ष के बच्चों का भी टीकाकरण किया जा रहा है । ऊपर के दोनो अभियानों पर अरबों रूपया खर्च किया जा चुका है बाबजूद इसके भारतसरकार ने लोगों पर टैक्स का बोझ नहीं डाला है । सरकार ने अपने बजट के अन्दर ही यह सब कुछ कर दिया है । इसके लिए हमारे माननीय प्रधानमंत्री जी बधाई के पात्र है । उनकी सुझबूझ से ही इतना बड़ा प्रोग्राम सफलतापूर्वक चल रहा है । इसके साथ ही हमने अनेक गरीब देशों को मुफ्त टीके उपलब्ध कराये है । हम विश्व के95 देशों को भारतीय टीके भेज रहे है ।

भारत सरकार ने इस कोरोना महामारी के अनेक रूपों का बड़े ही संयम और धैर्य से मुकाबला किया है और इसमें हमें सफलता मिली है । इस दौरान हमने जो मूलभूत ढांचा तैयार किया है वह इतना विशाल है कि कोराना की दूसरी लहर में हमारे पास मेडिकल सुविधाओं की कोई कमी नहीं रही है आज हमारे पास अस्पतालों में बिस्तर है, आक्सीजन है, वैन्टीलेटर है जो मांग से ज्यादा है । यह सब हमारे माननीय प्रधानमंत्री जी की दूरदृष्टि का परिणाम है । इसके लिए मैं माननीय प्रधानमंत्री जी को हार्दिक बधाई देता हूँ । हमें अपने प्रधानमंत्री जी पर गर्व है । आज हमारे देशवासी गर्व से कहते है कि भारत का भविष्य एक ऐसे व्यक्ति के हाथों में सुरक्षित है जो कि बहुत दूर की सोचते है और उनका सारा फोकस इसी पर है कि देश की उन्नति कैसेहो, देश आगे कैसे बढे,चाहे वह रक्षा क्षेत्र हो, चाहे अन्तर्राष्ट्रीय क्षेत्र हो और चाहे कोई भी अंदरूनी क्षेत्र हो ।

देश का संविधान हमें सिखाता है कि गांव, गरीब और किसान की सेवा में सरार कोई कमी नही छोड़े । सही मायने में संविधान निर्माताओ का सपना8 वर्षों से प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी जी केनेत्तृव में नया भारत दिखाइ दे रहा है । अध्यक्ष जी एक समय जब देश में कोई महामारी आती थी तो हम दूसरे देशो की ओर ताकते थे, देखते थे । दवा के लिये मोहताज होते थे लेकिन प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी जी केविजन और सोच ने देश को नई दिशा देने का काम किया । कोरोना काल खण्ड की ही बात करें तो देश का आम नागरिक भारत सरकार के कार्यों की प्रंशसा कर रहा है । विकसित देश भी हैरान थे कि कैसे भारत ने सबसे पहले कोरोना का टीका तैयार कर लिया ।

आज हमारी अन्तर्राष्ट्रीय क्षेत्र में पहचान बनी है आज कोई भी विकसित देश भारत को हल्के में लेने का दुस्साहस नहीं कर सकता है । देश हर क्षेत्र में आगे बढ़ रहा है, निरन्तर बढ रहा है । यह सब हमारे कर्मठ प्रधानमंत्री जी के कारण ही है ।

क्या कोई सोच सकता था कि इंग्लैंड जिसने हम पर200 वर्ष राज किया उसके उम्मीद्ववार को अन्तर्राष्ट्रीय कोर्ट में बुरी तरह से मात दे सकता है । लेकिन यह हमने किया और अपने प्रत्याशी को अन्तर्राष्ट्रीय कोर्ट ऑफ जस्टिस के चुनाव में भारी मतों से जिताने में सफल हुये । यह सब हमारे प्रधानमंत्री जी की मेहनत और दूरदृष्टि का परिणाम है ।

किसी भी देश के विकास में बुनियादी ढ़ाचें का अहम रोल होता है । जितना हमारा बुनियादी ढाचा विकसित होगा, उतना ही देश भी हर क्षेत्र में विकसित होगा या यह कहिये कि बुनियादी ढाचा किसी भी देश कि रीड़ की हड्डी होती है । इसी को ध्यान में रखते हुये भारत सरकार ने पिछले करीब8 वर्षों में बुनियादी ढाचे के विकास पर पूरा बल दिया है । आज देश में उच्च कोटि की सड़को का निर्माण बहुत तेजी से हो रहा है पहाड़ी क्षेत्रों में और दूरगामी स्थानों में सड़क निर्माण को प्राथमिकता दी गई है साथ ही साथ हमने अन्तर्राष्ट्रीय सीमा पर उच्च कोटि की सड़कों का जाल बिछा दिया है । हमारी फौज का अपना साजोसामान लाने ले जाने में सुविधा हो गई है । सरकार ने दुर्गम स्थानों पर भी सुरंगों का निर्माण किया है इसमें न केवल यातायात में सुविधा हुई बल्कि सामान को एक स्थान से दूसरे स्थान तक ले जाने में भी सुविधा हो गई है । मिशाल के तौर पर,चार धाम सड़क योजना भी इसी कड़ी का एक हिस्सा है । इसके पूरा होने से न केवल पर्यटन को बढ़ावा मिलेगा बल्कि हमारी सेनाओं को भी बहुत लाभ मिलेगा । मैं अपनी सरकार को इसके लिए धन्यवाद और बधाई देता है कि जितना काम बुनियादी ढ़ाचें को विकसित करने में 60 वर्ष में हुआ, उससे कहीं ज्यादा काम पिछले 8 साल में भारत सरकार ने कर दिखाया है ।

मैं अपनी सरकार को हर क्षेत्र में विकास के लिए बधाई देते हुए और महामहिम राष्ट्रपति जी द्वारा दिये गये अभिभाषण पर धन्यवाद प्रस्ताव का समर्थन करते हुए,अपनी बात समाप्त करता हूँ ।

*SHRIMATI POONAMBEN MAADAM (JAMNAGAR): I extend my sincere thanks to the hon. President for addressing both Houses of Parliament. This Government has a vision and roadmap for the development of the nation and I am glad that Government's resolve has been underlined and emphasized through his address.

Hon. PM Narendra Modi ji led the Government's fight against COVID, especially the vaccination drive is a discussion point all over the globe. We have administered more than 150 crore vaccine doses in less than a year and this vaccination drive not only enhanced protection but also boosted the overall morale of the country. We witnessed discipline, a profound sense of responsibility among our frontline warrior and the hon. President taking note of will encourage them further in the fight against COVID.

Pradhan Mantri Garib Kalyan Anna Yojana- the largest food distribution drive ensured that no one in the country remained hungry during the pandemic. The sensitivity with which this mammoth task was handled shows our unwavering commitment to serve each and every citizen.

The pledge to -Development while taking everyone with you is reflected in people centric policies. It is now -during this time, poor families are feeling hopeful for a dignified life. Under the Pradhan Mantri Awas Yojana - Gramin, 1 crore 17 lakh houses have been approved, and nearly, six crore rural households have been provided tap water connection despite the pandemic situation. It is not a small feat and I feel proud to be part of this government.

Empowering the farmers and the rural economy of the country has always been and will remain the main agenda. The Government's sensitive and progressive approach to the wellbeing of farmers is getting recognized in every sphere. In recent times, the government procured a record quantity of wheat and rice to support them. Different schemes are being rolled out to help small farmers. Under the PM-Kisan Samman Nidhi, Rupees 1 lakh 80 thousand crores have been provided to more than 11 crore farmer families. Kisan Rail Seva on more than 150 routes is transport perishable food items like vegetables, fruits, and milk. The right market brings the right price and our Government is committed to uplifting the farmers from age-old traps.

Every Indian feels secure as we are aware that our government is doing what is required to protect borders. In defence sector, the country is becoming increasingly self-reliant. 87% of approvals accorded for modernization of armed forces in the year 2020-21 were 'Make in India' category. is no more a dream but, it is a reality now. The Government is working with utmost determination to ensure a safe and secure India. The dream of digital India is getting unfolded in front of our eyes. Ours is one of the fastest-growing digital economies with a record number of UPI transactions. The hon'ble President rightly pointed out that with Jan Dhan-Aadhaar-Mobile or JAM trinity we are taking a giant leap in a very short time.

There has been unprecedented thrust on infrastructure development and improved transport facilities bring real changes in the lives of lakhs of people. The futuristic vision of our government is reflected in 21 new greenfield airports and 11 new metro lines in the country.

I represent a constituency with considerable MSME presence and I understand that the sector is the backbone of the economy. The Government's scheme to ensure adequate availability of credit 'guaranteed Collateral Free Loans' has given a fresh lease of life to thousands of MSME units. The decisive steps taken so far are proving to be a turnaround for our economy. While the Government is taking rapid strides on the economic front to actualize the dream of entering the development trajectory, the encouragement from all sections of society is heart-warming. This era of governance is marked by transparency, fairness and a holistic approach.

Marcus Garvey had said - People without the knowledge of their history, origin and culture is like a tree without roots. Our government, under the visionary leadership of Hon'ble PM Narendra Modi ji, is reviving history for the younger generation. In AZADI KA AMRIT MAHOTSAV, celebrations like the 400th Prakash Parv of Guru Tegh Bahadur Ji, the 150th birth anniversary of Sri Aurobindo, the 150th birth anniversary of V.O. Chidambaram Pillai, and the 125th birth anniversary of Netaji Subhas Chandra Bose will inspire the younger generation. Different languages, states, religions, communities, and ideologies make our country diverse. National level observance like 'Veer Bal Diwas' on 26th December in the memory of the sacrifice of Sahibzadas and birth anniversary of Bhagwan Birsa Munda on 15th November as 'Jan-jatiya Gaurav Diwas' is crucial as these heroes deserved respect from the entire nation. We can say with conviction that our Hon'ble Prime Minister has imbibed the ideals of all those great leaders and has also translated them into reality. We as Indians have never been so confident about our roots as well as our wings. The New Education Policy which promotes local languages is also a step in the right direction. 19 engineering colleges across 10 states will teach in 6 Indian languages.

I want to take this opportunity to congratulate Hon'ble Prime Minister, Narendra Modiji for taking our country to greater heights in every field of development. While we are marching towards the new dawn which is filled with hope and dignity for every Indian, I would like to make a humble request to support the government on crucial and constructive issues.

I support the Motion of Thanks on the President's Address in its entirety.

*श्री मनसुखभाई धनजीभाई वसावा (भरूच): मैं महामहिम राष्ट्रपति महोदय के अभिभाषण का हृदय से समर्थन करता हूं तथा संसद की संयुक्त बैठक को संबोधित करने के लिए उनका हार्दिक आभार व्यक्त करता हूं । महामहिम राष्ट्रपति जी ने अपने अभिभाषण में उपस्थित सांसदों की सराहना करते हुए उन्हें करोड़ों देशवासियों की आशाओं-आकांक्षाओं का सारथी तथा प्रतीक बताया तथा अपने महान भारत वर्ष को गौरव के शिखर पर ले जाने के लिए निरंतर तत्पर रहने तथा परिश्रम करने की प्रेरणा दी । उन्होंने अपने अभिभाषण में देश की वर्तमान उपलब्धियों के लिए करोड़ों देशवासियों द्वारा निरंतर किए जा रहे कठिन परिश्रम का उल्लेख करते हुए कहा कि आज देश की उपलब्धियां और सफलताएं देश के सामर्थ्य और संभावनाओं के समान ही असीम हैं तथा ये किसी एक संस्था या प्रतिष्ठान की नहीं है बल्कि देश के कोटि-कोटि नागरिकों की है ।

महामहिम राष्ट्रपति महोदय ने अपने अभिभाषण के प्रारंभ में उल्लेख किया कि कोरोना वायरस से उत्पन्न महामारी का यह तीसरा वर्ष है तथा इस दौरान हमने देशवासियों के अनुशासन और कर्तव्यपरायणता को मजबूत होते देखा है । इसके लिए उन्होंने सभी भारतीयों का संसद भवन के ऐतिहासिक सेंट्रल हॉल से अभिनंदन किया ।

आज जब देश अपनी आजादी के75 वर्ष पर अमृत महोत्सव मना रहा है, ऐसे में महामहिम राष्ट्रपति महोदय ने देश के उन लाखों स्वाधीनता सेनानियों को याद किया तथा महान देशभक्त श्री  अरविदों की 150वीं जयंती तथा नेता श्री सुभाष चंद्र बोस की 125वीं जन्म-जयंती कृतज्ञ राष्ट्र द्वारा मनाए जाने का भी उल्लेख किया । उन्होंने कहा कि अतीत को याद रखना तथा उससे सीख लेना देश के सुरक्षित भविष्य के लिए बहुत जरुरी है । हमारे देश के परम यशस्वी तथा ऋषितुल्य प्रधान मंत्री श्रीनरेंद्रभाई मोदी जी केकुशल नेतृत्व की वजह से भारत आज विश्व की राजनीति में एक चमकते सितारे की तरह हैं । 'सबका साथ, सबका विकास, सबका विश्वास और सबका प्रयास' के मोदी सरकार के मंत्र ने देश को सर्वहितकारी, सशक्त और आत्मनिर्भर बनाने का मार्ग प्रशस्त किया है । सरकार के प्रयासों से आज देश की स्वास्थ्य सेवाओं का लाभ सभी भारतीयों को आसानी से उपलब्ध हो रहा है । इस दिशा में प्रधान मंत्री आयुष्मान भारत हेल्थ इंफ्रास्ट्रक्चर मिशन एक सराहनीय उदाहरण है । सरकार ने 8000 से अधिक जन-औषधि केंद्रों के माध्यम से कम कीमत पर दवाईयां उपलब्ध कराकर इलाज पर होने वाले खर्च को काफी कम किया है ।

अपने अभिभाषण में महाहिम राष्ट्रपति जी ने संविधान शिल्पी बाबा साहब भीम राव अंबेडकर का स्मरण करते हुए कहा कि मोदी सरकार बाबा साहेब के आदर्शों को अपना ध्येय वाक्य मानती है तथा सरकार की आस्था अंत्योदय के मूल मंत्र में है । महामहिम राष्ट्रपति महोदय द्वारा आदिवासी वीर नायक बिरसा मुंडा के जन्म-दिवस 15 नवंबर को "जनजातीय गौरव दिवस" के रूप में मनाए जाने का भी उल्लेख करने के लिए देश के सभी आदिवासी समुदाय की तरफ से महामहिम राष्ट्रपति तथा माननीय प्रधानमंत्री श्री नरेंद्रभाई मोदी जी के प्रति विशेष आभार व्यक्त करता हूं ।

महामहिम राष्ट्रपति महोदय ने अपने अभिभाषण में कोरोना से उत्पन्न महासंकट का उल्लेख करते हुए कहा कि सरकार ने इस बात का पूरा प्रयास किया कि कोई गरीब भूखा न रहे । प्रधानमंत्री गरीबकल्याण अन्न योजना इसी दिशा में उठाया गया एक सार्थक कदम है । इस योजनाओं के माध्यम से देश के 80 करोड़ लाभार्थियों को19 महीनों से खाद्यान्न वितरित करने हेतु 2 लाख 60 हजार करोड़ रुपए के खर्च के साथ भारत दुनिया का सबसे बड़ा फुड डिस्ट्रीब्यूशन प्रोग्राम चला रहा है । कोरोना संकट के समय गरीब के स्वाभिमान और उनके रोजगार की रक्षा के लिए सरकार ने प्रधानमंत्री स्व-निधि योजना चलाकर देश के 28 लाख रेहड़ी-पटरी वालों को 29 सौ करोड़ रुपए से ज्यादा की धनराशि जारी करके अभूतपूर्व कार्य किया है ।

महामहिम राष्ट्रपति महोदय के अभिभाषण में यह उल्लेख है कि देश के ग्रामीण क्षेत्रों में, लोगों को उनकी संपत्ति के दस्तावेज देने के लिए शुरू की गई स्वामित्व योजना भी सरकार का एक असाधारण प्रयास है । इस योजना के तहत अब तक 27 हजार गांवों में40 लाख से अधिक प्रापर्टी कार्ड दिए जा चुके हैं । ये प्रापर्टी कार्ड न केवल विवादों को रोकने में सहायक हैं बल्कि गांव के लोगों को बैंक से मदद मिलने में भी काफी उपयोगी साबित हो रहा है ।

महामहिम राष्ट्रपति महोदय द्वारा अपने भाषण में सरकार द्वारा ग्रामीण अर्थव्यवस्था और देश के  किसानों को सशक्त बनाने के लिए किए जा रहे प्रयासों का भी उल्लेख किया जो कि स्वागत-योग्य है । वर्तमान में हार्टिकल्चर और शहद उत्पादन किसानों की आमदनी के नए स्रोत हैं ।

महामहिम राष्ट्रपति महोदय ने अपने अभिभाषण में दिव्यांगजनों के लिए सुगमता, समानता और सम्मानपूर्ण जीवन के अवसर प्रदान करने हेतु शुरू किए गए सुगम्य भारतअभियान का भी उल्लेख किया जो कि सरकार का एक अत्यंत संवेदनशील कदम है ।

संसद के समवेत सत्र में अपने अभिभाषण में कहा कि भारत सर्वाधिक तेजी से विकसित हो रही अर्थव्यवस्थाओं में से एक बन गया है । देश में जीएसटी कलेक्शन पिछले कई महीनों से निरंतर एक लाख करोड़ रुपए से ऊपर बना हुआ है तथा इस वित्त वर्ष के पहले सात महीनों में 48 बिलियन डॉलर का विदेशी निवेश आना इस बात का प्रमाण है कि अंतर्राष्ट्रीय निवेशक भारत के विकास को लेकर बहुत आश्वस्त है ।

महामहिम राष्ट्रपति महोदय का यह कथन कि किसी भी देश के विकास का आधार वहां का इंफ्रास्ट्रचर होता है तथा सरकार की दृष्टि में, इंफ्रास्ट्रचर सामाजिक असमानता को पाटने वाला सेतु भी है । देश में अवसंरचनात्मक कार्यों को और अधिकगति प्रदान करने के लिए अलग-अलग मंत्रालयों के कामकाज को प्रधान मंत्री गतिशक्ति राष्ट्रीय मास्टर प्लान के रूप में एक साथ जोड़ा गया है ।

महामहिम राष्ट्रपति महोदय ने अपने अभिभाषण में जलवायु परिवर्तन को विश्व के लिए एक बड़ी चुनौती बताया तथा भारत सरकार द्वारा "ग्रीन ग्रिड इनीशिएटिव: वन सन-वन वर्ल्ड-वन ग्रिड" की पहल की सराहना की ।

महामहिम राष्ट्रपति महोदय का अपने अभिभाषण में यह कहना कि विरासत और पर्यटन का एक दूसरे से गहरा नाता है इसलिए आज भारत की आध्यात्मिक विरासत को फिर से जीवंत किया जा रहा है । महामहिम राष्ट्रपति जी का अपने अभिभाषण में यह कहना कि देश के यशस्वी प्रधानमंत्री श्री नरेंद्रभाई मोदी जी के नेतृत्व में आज देश आजादी के अमृतकाल में "एक भारत-श्रेष्ठ भारत के संकल्प के आधार पर विकास के नए अध्याय लिख रहा है, जो प्रणाम करने योग्य है ।

मैं पुनः महामहिम राष्ट्रपति महोदय के अभिभाषण का हृदय से समर्थन और आभार व्यक्त करते हुए उन्हें कोटि-कोटि नमन करता हूं कि उन्होंने देश के अभी तक के सर्वाधिक लोकप्रिय प्रधानमंत्री परम आदरणीय श्री नरेंद्रभाई मोदी जी की सरकार की उपलब्धियों को परिलक्षित किया है ।

बहुत-बहुत धन्यवाद ।

 

*श्री जनार्दन सिंह सीग्रीवाल (महाराजगंज): महामहिम राष्ट्रपति जी के अभिभाषण पर चर्चा में भाग लेने की अनुमति देने के लिए मैं आपके प्रति आभार व्यक्त करते हुए आपको धन्यवाद देता हूँ । महोदय मैं महामहिम जी के अभिभाषण का समर्थन करते हुए कहना चाहूँगा कि आज हमारा देश कोविड-19 जैसे वैश्विक महा आपदा कल की चुनौतियों का सामना करतेहुए आजादी का अमृत महोत्सव मना रहा है । इस अवसर पर महामहिम जी ने प्रत्येक भारतीय की इच्छा शक्ति से भारत के उज्जवल भविष्य के लिए एक आत्मनिर्भर भारत बनाने की बात कही है वह हम सभी भारतीयों के बीच आत्मविश्वाश पैदा करती है ।

उन्होंने आगे कहा कि सरकार"सबका साथ, सबका विकास, सबका विश्वास, और सबका प्रयास"के मन्त्र पर चलते अगले 25 वर्षों के लिए एक भारत का निर्माण कर रही है जो मजबूत और आत्मनिर्भर है जिसमें सभी शामिल हैं,सभी को लाभ है ।

राष्ट्रपति जी ने कहा किराष्ट्र कोविड-19 के खिलाफ मजबूती से खड़ा है  । कोविड के खिलाफ लड़ाई में भारत की क्षमता उसके टीकाकरण कार्यक्रम के माध्यम से स्पष्ट हुई  । एक साल से भी कम समय में रिकार्ड 150करोड़ वैक्सीन की डोज दी गई  । उन्होंने कहा कि भारत सबसे अधिक खुराक देने के मामले में दुनिया के अग्रणी देशों में से एक बन गया है  । देश में 90% से अधिक वयस्क आबादी को कोविड वैक्सीन की पहली खुराक मिली है,जबकि 70%अधिक से अधिक ने दोनों खुराक प्राप्त की है । मेड इन इंडिया टीके पूरी तरह दुनिया को कोविड-19से मुक्त बनाने और करोड़ों लोगों की जान बचाने में अहम भूमिका निभा रहे हैं ।

 

राष्ट्रपति जी ने कहा कि कोविड-19 के कारण कई लोगोंकी जान चली गई है  । ऐसी परिस्थतियों में भी केंद्र सरकार, राज्य सरकारें,स्थानीय सरकारें और प्रशासन,डॉक्टर,नर्स और स्वास्थ्य कार्यकर्ता,वैज्ञानिक और उद्यमी एक टीम के रूप में काम करते थे । उन्होंने हर स्वास्थ्य और अंतिम पंक्ति के कार्यकर्ता और हर नागरिक को धन्यवाद दिया ।

          उन्होंने कहा कि फार्मा क्षेत्र ने 180 देशों को दवाओं की आपूर्ति की है,और इस प्रकार इस क्षेत्र ने अपार संभावनाएं दिखाई है । पीएलआई योजना ने फार्मा क्षेत्र को बढ़ावा दिया है । सरकार द्वारा 64,000 करोड़ रूपये की लागत से शुरू किया गया "प्रधानमंत्री आयुष्मान भारत स्वास्थ्य मिशन" न केवल वर्तमान स्वास्थ्य जरूरतों को पूरा करने में मदद करेगा  । बल्कि देश को आने वाले संकटों के लिए भी तैयार करेगा | सरकार द्वारा किये गए प्रयासों के परिणामस्वरूप,योग,आयुर्वेद और पारंपरिक चिकित्सा को लोकप्रियता बढ़ रही है,उन्होंने बताया । आयुष्मान भारत कार्ड से गरीबों को फायदा   हुआ  । उन्होंने कहा कि सरकार ने8,000से अधिक जन औषधि केन्दों के माध्यम से सस्ती कीमत पर दवाएं उपलब्ध कराकर इलाज की लागत को कम किया है  ।

सरकार रेहड़ी-पटरी वालों को ऑनलाइन खाद्य वितरण कम्पनियों से जोड़ रही है, उन्होंने कहा रेहड़ी-पटरी वालों को फायदा पहुँचाने सरकार “पीएम स्वानिधि" योजना चला रही है । अब तक 28 लाख रेहड़ी-पटरी वालों को 2,900 करोड़ रूपये से अधिक की आर्थिक सहायता मिल चुकी है । "स्वामित्व योजना” के तहत लगभग27,000 हजार गाँवों में 40 लाख से अधिक संपति कार्ड वितरित किये गए हैं ।'यह सुनिश्चित करने के लिए कि कोई भी भूखा घर न लौटे, सरकार हर महीने“पीएम गरीबकल्याण योजना" के तहत गरीबों को मुफ्त राशन वितरित करती है  । आज भारत दुनिया का सबसे बड़ा खाद्य वितरण कार्यक्रम चला रही है  । इसे (पीएम गरीब कल्याण योजना) को मार्च 2022तक बढ़ा दिया गया है  ।भारत में सबसे बड़ी खाद्य वितरण योजनाओं में से एक है । 23 करोड़ कर्मचारी ई-श्रम पोर्टल के माध्यम से जुड़े हुए है ।

राष्ट्रपति ने यह भी कहा कि सरकार ग्रामीण अर्थव्यवस्था और देश के किसानों को सशक्त बनाने के लिए अथक प्रयास कर रही है  ।  ष्पति्रकार इस क्षेत्र ्थतियों प्रयास कर रही है।रिकार्ड उत्पादन को ध्यान में रखते हुए सरकार ने रिकार्ड खरीद भी की है । “सम्मान निधि योजना,फसल बीमा योजना,कृषि इन्फ्रास्ट्रक्चर फंड" जैसी योजनाओं से सरकार एक “आत्मनिर्भर कृषि" पारिस्थतिकी तंत्र का निर्माण कर रही है । उन्होंने अपने संबोधन के दौरान कहा कि कृषि के बुनियादी ढांचे में सुधार के लिए भारत में कृषि क्षेत्र को बढ़ावा देने के लिए 1,000 योजनाओं के लिए लगभग 1 लाख लारोड़ रूपये मंजूर किये गये हैं । सरकार ने 433 लाख मीट्रिक टन से अधिक गेहूं की खरीद की है, जिससे 50 लाख से अधिक किसानों को लाभ हुआ है । 11 करोड़ से अधिक किसान परिवारों को "PM-KISAN" के माध्यम से1.80 लाख करोड़ रूपये मिलें हैं । उन्होंने कहा कि कृषि क्षेत्र में बड़े बदलाव देखने को मिल रहें है ।

अंत में मैं पुन: मुझे महामहिम जी के अभिभाषण पर चर्चा  में सम्मिलित करने के लिए धन्यवाद देता हूँ  ।

*श्री विनोद लखमशी चावड़ा (कच्छ): मैं महामहिम राष्ट्रपति जी के अभिभाषण का समर्थन करता   हूं  । जिस प्रकार महामहिम राष्ट्रपति जी ने अपने अभिभाषण में कर्म की प्रधानता का जिक्र किया है, वह आज सरकार के काम-काज और कार्य करने की शैली से चरितार्थ हो रहा है,आज हमारे देश का जनमानष पुनःकर्म प्रधान होकर आत्मनिर्भरता की ओर अग्रसर हो रहा है  । यह सब माननीय प्रधानमंत्री श्रीनरेन्द्र मोदी जी की प्रेरणा से ही सम्भव हो रहा है  । पिछले एक वर्ष से सम्पूर्ण विश्व सहित हमारा देश भी कोरोना महामारी से जूझ रहा था  । जहां इस अकल्पनीय भय से मानव जीवन में भयावह स्थिति पैदा हो गई थी,वहीं हमारी सरकार के निर्णयों एवं प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी जी के सकारात्मक उद्बोधनों से देश की जनता को घोर निराशा एवं डर के वातावरण से उबारने का कार्य किया है । जिसका परिणाम है कि आज हम विश्व के अन्य देशों के मुकाबले नए सामर्थ्य के साथ उभर कर आये हैं  । बीते एक वर्ष में हमारे सामने बहुत बड़ी चुनौती थी, एक ओर देश के नागरिकों के जीवन की रक्षा करनी थी,तो वहीं दूसरी तरफ हमें देश की अर्थव्यवस्था को भी संभाले रखना था  । यह सरकार के सामने बड़ी चुनौती थी, लेकिन माननीय प्रधानमंत्री जी द्वारा लिए गए सटीक फैसलों एवं रिकार्ड आर्थिक पैकेजों की जो घोषणा हुई, उसका परिणाम था किकिसी भी असहाय एवं गरीब व्यक्ति को सम्पूर्ण देश के अन्दर भूखा नहीं सोना पड़ा  । इस संकट की घड़ी में हमारी सरकार ने प्रधानमंत्री गरीब कल्याण योजना के तहत 8 महीनों तक 80 करोड़ गरीब लोगों को 5 किलो अतिरिक्त अनाज प्रतिमाह निशुल्क देने का कार्य किया है  । सरकार ने प्रवासी श्रमिकों, कामगारों, अपने घर से दूर कार्य कर रहे लोगों की चिन्ता करने के साथ-साथ एक देश एक राशन कार्ड की व्यवस्था देकर अनाज मुहैया करवाया  । आज हमारे पास आत्मनिर्भर भारत के कई सार्थक उदाहरण हैं  । कोरोना महामारी के दौरान देश में पीपीई किटों, टैस्ट किटोंसहित प्राथमिक रोकथाम की दवाईयों का अपने पड़ोसी देशों सहित विश्व के कई बड़े मुल्कों को निर्यात किया है, आज हम याचक की नहीं दाता की भूमिका में विश्व पटल पर खड़े हैं  । हमारे शास्त्रों में बारने का रहा है । यह सब माननीय  कहा गया है, 'यं यं चिन्तयते कामं तं तं प्राप्नोति निश्चितम्'  । हमारी सरकार ने प्रधानमंत्री श्रीनरेन्द्र मोदी जी के नेतृत्व में जहां एक ओर देशवासियों को निराशा के भंवर से बाहर निकालने का काम किया है,वहीं निरंतर इस महामारी के स्थाई रोकथाम के लिए प्रयत्नशील चिंतन करते हुए, देश वासियों को दो वैक्सीन देकर आशा की नई किरण जगाई है  । यही नहीं आज हम अपने पड़ोसी देशों सहित सम्पूर्ण विश्व में कोरोना वैक्सीन की खुराक को संजीवनी रूप में भेजकर मानव जीवन को बचाने का कार्य कर रहे हैं, जो कि हमारी संस्कृति का भी परिचायक है और यही आत्मनिर्भर भारत का भी ज्वलन्त उदाहरण है । बीते एक वर्ष में कारोना महामारी ने वैश्विक परिस्थितियों को बदलकर रख दिया, जिसमें प्रत्येक देश की प्राथमिकता उसके अपने देश के नागरिकों की  जरूरतों  को पूरा करना था,उससे भी यह समझ आया कि आत्मनिर्भर होना कितना आवश्यक है  । हमने इस ओर प्रयास किया  । अपनी प्रयोगशालाओं का नेटवर्क खड़ा किया  । पीपीई किट, टैस्ट किट, वेंटिलेटर्स का निर्माण कर अपनी शोध क्षमता, वैज्ञानिक दक्षता और तकनीकी दक्षता को मजबूत कर विश्व पटल पर आत्मनिर्भरता का परिचय दिया, जिसके लिए विश्वभर में हमारी प्रसंशा हो रही है, जो हमें गौरान्वित करता है  । 21वीं सदी की आवश्यकता को देखते हुए हमारी सरकार ने इन्फ्रास्ट्रक्चर को बढ़ावा देकर सम्पूर्ण देश में गांव-गांव सड़क पहुंचाकर लोगों को सुगमता देने का काम किया है  । आज हम लाखों गांवों को आप्टिकर फाइबर से जोड़कर डिजिटल इण्डिया की ओर अग्रसर हैं, सरकार ने आर्टिकल 370 के प्रावधानों को हटाकर जम्मू-कश्मीर के लोगों को नए अधिकार प्रदान किए, नागरिकता संशोधन बिल पास कराया,सशस्त्र सेनाओं में महिलाओं की भागीदारी सुनिश्चित की,उच्चतम न्यायालय के निर्णय के बाद राम मंदिर निर्माण के लिए कार्य किया, डीबीटी के माध्यम से करोडो रुपये सीधे लाभार्थियों के खाते में ट्रांस्फर करना, बन्दे भारत मिशन के तहत50 लाख भारतीयों को दुनिया के सभी हिस्सों से स्वदेश वापस लाने का कार्य किया  । हमने ऐतिहासिक वैश्विक समर्थन प्राप्त कर आठवीं बार सुरक्षा परिषद में स्थान प्राप्त किसा है और सौभाग्य से 2021 में हमारा देश ब्रिक्स में अध्यक्ष पद पर सुशोभित है  । हमारी सरकार ने ऐसे अनेक अभूतपूर्व कार्य किए हैं, जिसके लिए मैं महामहिम राष्ट्रपति जी के अभिभाषण का पूर्ण समर्थन करता हूँ  ।

*श्री रवि किशन (गोरखपुर): . मैं सदन के समक्ष प्रस्तुत महामहिम राष्ट्रपति जी के अभिभाषण पर धन्यवाद प्रस्ताव के पक्ष में हूँ । महामहिम ने 31 जनवरी-को संसद भवन के ऐतिहासिक सेंट्रल हॉल से इस सरकार के कार्यक्रमों की रूपरेखा रखी थी । महामहिम राष्ट्रपति के अभिभाषण से प्रतीत होता हैं की हमारी सरकार लोकतांत्रिक मूल्यों में अगाध आस्था, अनुशासन और कर्तव्य-परायणत और राष्ट्र निर्माण की अपनी शपथ को पूरा करने की दिशा में पक्के इरादे और ठोस नीति के साथ आगे बढ़ रही है ।

विगत 8 वर्षों में आदरणीय नरेंद्र मोदी जी के नेतृत्व में हमारी सरकार ने देशवासियों में यह विश्वास और उम्मीद जगाया है कि सरकार हमेशा उनके साथ है और उनका जीवन बेहतर बनाने के लिए काम कर रही है । हमारी सरकार राष्ट्र निर्माण की उस सोच के प्रति कल्पित है, जिसकी नींव वर्ष2014 में रखी गई थी । यह सरकार नागरिकों की मूलभूत जरूरतें पूरी करते हुए एक सशक्त, सुरक्षित, समृद्ध और सर्वसमावेशी भारत के निर्माण की दिशा में आगे बढ़ रही है ।

आज जब भारत, अपनी आजादी के 75 वर्ष पर अमृत महोत्सव मना रहा है, हमारी सरकार 'सबका साथ, सबका विकास, सबका विश्वास और सबका प्रयास' के मंत्र पर चलते हुए अगले25 वर्षों के लिए मजबूत बुनियाद पर तेजी से काम कर रही है । इस बुनियाद का सबसे महत्वपूर्ण संकल्प एक सर्व-समावेशी, सर्व-हितकारी, सशक्त भारत का निर्माण और देश की आत्म-निर्भरता है ।

          हमारी सरकार समाज के हर तबके, चाहे वो किसान हो, जवान हो, छात्र हो, व्यापारी हो, उद्योगपति हो, मध्यम और लघु उद्योगों को चलाने वाले लोग हो सबके विकास और समृद्धि के लिए कार्य कर रही है, परन्तु हमारा सबसे बड़ा संकल्प समाज के उस आखिरी व्यक्ति को सशक्त करने का है, जो आज तक वंचित रहा है । हमें निर्धन से निर्धन, वंचित से वंचित व्यक्ति को यह एहसास दिलाना है कि यह देश उनका है और इस देश का विकास तभी हो सकता है जब वे भी समृद्ध हों । हाल के वर्षों में पद्म पुरस्कारों के चयन में भारत की यह भावना भलीभाँति झलकती है । विविधता से भरे भारत में, देश के कोने-कोने में समर्पित जीवन जीने वाले लोग राष्ट्र-सेवा में जुटे हुए हैं । उनमें भारत की शक्ति के दर्शन होते हैं ।

हमारी सरकार मानती है कि अतीत को याद रखना तथा उससे सीख लेना, देश के सुरक्षित भविष्य के लिए बहुत ही जरूरी है । इसलिए आदरणीय नरेंद्र मोदी जी कि सरकार ने साहिबजादों के बलिदान की स्मृति में 26 दिसंबर को 'वीर बाल दिवस' की घोषणा एवं14 अगस्त को विभाजन विभीषिका स्मृति दिवस' और भगवान बिरसा मुंडा को श्रद्धांजलि स्वरूप उनके जन्म-दिवस 15 नवंबर को'जनजातीय गौरव दिवस' के रूप में मनाने का भी निर्णय लिया ।

कोरोना महामारी ने पूरी दुनिया को प्रभावित किया है, कोविड-19 के खिलाफ इस लड़ाई में भारत के सामर्थ्य का प्रमाण कोविड वैक्सीनेशन प्रोग्राम में नजर आया है । हमने एक साल से भी कम समय में 150 करोड़ से भी ज्यादा वैक्सीन डोज़लगाने का रेकॉर्ड पार किया । आज हम पूरी दुनिया में सबसे ज्यादा वैक्सीन डोज़ देने वाले अग्रणी देशों में से एक हैं । इस अभियान की सफलता ने देश को एक ऐसा रक्षा-कवच दिया है जिससे हमारे नागरिकों की सुरक्षा भी बढ़ी है और उनका मनोबल भी बढ़ा है । आज देश में 90 प्रतिशत से अधिक वयस्क नागरिकों को टीके की एक डोज़ मिल चुकी है, जबकि 70 प्रतिशत से अधिक लोग दोनों डोज़ ले चुके हैं । 'हर घर दस्तक अभियान' के माध्यम से सरकार बाकी लोगों तक भी पहुंच रही है । इसी माह, वैक्सीनेशन प्रोग्राम में15 से 18 वर्ष तक के किशोर-किशोरियों को भी शामिल किया गया है । साथ ही, फ्रंटलाइन वर्कर्स और बीमारियों से ग्रस्त वरिष्ठ नागरिकों के लिएprecautionaryडोज की शुरुआत भी की गई है ।

किसानों के लिए प्रधानमंत्री किसान सम्मान निधि के अंतर्गत दी जाने वाली राशि को, देश के प्रत्येक किसान के लिए उपलब्ध कराने का निर्णय लिया गया है । साथ ही, अपने खेत में दिन-रात काम करने वाले किसान भाई-बहन60 वर्ष की आयु के बाद भी सम्मानजनक जीवन बिता सकें, इसे ध्यान में रखते हुए किसानों से जुड़ी पेंशन योजना भी लागू की गई हैं ।

कोरोना के इस महासंकट में हमने बड़े-बड़े देशों में खाद्यान्न की कमी और भूख की परेशानी देखी है । लेकिन आदरणीय नरेंद्र मोदी जी के नेतृत्व में हमारी संवेदनशील सरकार ने इस बात का पूरा प्रयास किया कि 100 साल के इस सबसे बड़े संकट में कोई गरीब भूखा न रहे । प्रधानमंत्री गरीब कल्याण अन्न योजना के अंतर्गत मेरी सरकार सभी गरीबों को हर महीने मुफ्त राशन दे रही है । 80 करोड़ लाभार्थियों को 19 महीनों से खाद्यान्न वितरित करने हेतु लाख 60 हजार करोड़ रुपए के खर्च के साथ भारत में आज दुनिया का सबसे बड़ा फूड डिस्ट्रिब्यूशन प्रोग्राम चलाया जा रहा है । इस योजना को मार्च 2022 तक बढ़ा दिया है । कोरोना काल में गरीब के स्वाभिमान और उसके रोजगार की रक्षा करने के लिए सरकार प्रधानमंत्री-स्वनिधि योजना भी चला रही है । यह योजना हमारे रेहड़ी-पटरी वाले भाइयों-यों बहनों के लिए बहुत सहायक सिद्ध हो रही है । श्रमिकों के हितों की रक्षा के लिए सरकार ने ई-श्रम पोर्टल भी शुरू किया है जिससे अब तक 23 करोड़ से अधिक श्रमिक जुड़ चुके है ।

सरकार देश के सुरक्षा बलों को और आधुनिक एवं सशक्त बनाने की दिशा में कार्य कर रही है. यूँ तो भारत हमेशा से एक शांतिप्रिय देश रहा है पर हमारे अस्थिर पड़ोस को देखते हुए हम राष्ट्रीय सुरक्षा से कोई समझौता नहीं करेंगे और देश सभी प्रकार से खतरों से निपटने के लिए तैयार है.हमारे जवान जो अपनी हर खुशी, हर सुख, हर त्योहार को त्याग करके, देशवासियों की सुरक्षा के लिए स्वयं को समर्पित कर देते हैं, उनके लिए नेशनल डिफेंस फंड 'से वीर जवानों के बच्चों को मिलने वाली स्कॉलरशिप की राशि बढ़ा दी गई है । सरकार देश की सुरक्षा के लिए दृढ़ संकल्पित होकर काम कर रही है । सरकार की नीतियों की वजह से डिफेंस सेक्टर में, विशेषकर रक्षा उत्पादन में, देश की आत्म-निर्भरता लगातार बढ़ रही है । वर्ष 2020-21 में सैन्य बलों के आधुनिकीकरण के लिए जो भी स्वीकृतियां प्रदान की गई, उनमें 87 प्रतिशत उत्पादों में मेक इन इंडिया को प्राथमिकता दी गई । इसी प्रकार2020-21 में 98 प्रतिशत उपकरणों से जुड़े अनुबंधों में मेक इन इंडिया को प्राथमिकता दी गयी है । हमारी सेना ओं ने 209 ऐसे साजो-सामान की सूची भी जारी की है जिन्हें अब विदेश से नहीं खरीदा जाएगा । रक्षा उपक्रमों द्वारा 2800 से ज्यादा ऐसे उपकरणों की सूची जारी की जा चुकी है जिनका देश में ही निर्माण किया जायेगा । हिंदुस्तान एयरोनॉटिक्स लिमिटेड के साथ 83 एलसीए तेजस फाइटर एयरक्राफ्ट के निर्माण हेतु अनुबंध किए गए हैं । सरकार ने ऑर्डिनेन्स फैक्ट्रियों को 7 Defence PSUs का रूप देने के लिए महत्वपूर्ण कदम उठाए हैं । इसके अलावा रक्षा क्षेत्र में प्राइवेट सेक्टर और स्टार्ट-अप्स को तेज़ी से बढ़ावा देने के लिए भी सरकार प्रतिबद्ध है । हमारा लक्ष्य है कि हमारी सेनाओं की जरूरत का सामान भारत में ही विकसित हो तथा भारत में ही निर्मित है ।

हमारी संवेदनशील सरकार मूलभूत सुविधाओं को गरीब के सशक्तीकरण और गरीब की गरिमा बढ़ाने का माध्यम मानती है । पिछले वर्षों के अनवरत प्रयासों से प्रधानमंत्री आवास योजना में अब तक दो करोड़ से अधिक पक्के घर गरीबों को मिल चुके हैं । 'प्रधानमंत्री आवास योजना-ग्रामीण' के तहत गत तीन वर्षों में करीब डेढ़ लाख करोड़ रुपए की लागत से एक करोड़ सत्रह लाख घर स्वीकृत किए गए हैं । 'हर घर जल' पहुंचाने के उद्देश्य से शुरू किए गए जल जीवन मिशन ने लोगों के जीवन में बड़ा बदलाव लाना शुरू कर दिया है । महामारी की बाधाओं के बावजूद करीब 6 करोड़ ग्रामीण घरों को पेयजल के कनेक्शन से जोड़ा गया है । इसका बहुत बड़ा लाभ हमारे गांव की महिलाओं बहनों-बेटियों को हुआ है ।

          इस सरकार का मानना है कि मजबूत ग्रामीण अर्थव्यवस्था के आधार पर ही सशक्त राष्ट्रीय अर्थव्यवस्था का निर्माण संभव है । ग्रामीण भारत को मजबूत बनाने के लिए बड़े पैमाने पर निवेश किया गया है । वर्ष2022 तक देश के किसान की आय दोगुनी हो सके, इसके लिए पिछले5वर्षों में अनेक कदम उठाया गया है । MSP में बढ़ोतरी का फैसला हो, या अधूरी सिंचाई परियोजनाओं को पूरा करने का काम हो या फिर फसल बीमा योजना का विस्तार; 'सॉयल हेल्थ कार्ड' हो सरकार ने किसानों की छोटी-बड़ी आवश्यकताओं को समझते हुए, अनेक ऐतिहासिक फैसले लिए हैं । सरकार ने कृषि नीति को उत्पादन केंद्रित रखने के साथ-साथ आय-केंद्रित भी बनाया है । इन्हीं प्रयासों की एक महत्वपूर्ण कड़ी के रूप में प्रधानमंत्री किसान सम्मान निधि' आरम्भ किया गया है । इसके माध्यम से 11 करोड़ से अधिक किसान परिवारों को एक लाख अस्सी हजार करोड़ रुपए दिए गए ह । कृषि उपज के भंडारण की सुविधा से किसानों की आर्थिक सुरक्षा को बल मिलता है । अब ग्रामीण भंडारण योजना के माध्यम से किसानों के अपने गांव के पास ही भंडारण की सुविधा प्रदान की जाएगी । कृषि क्षेत्र में सहकारिता का लाभ, डेयरी व्यवसाय से जुड़े किसानों को मिल रहा है । किसानों को उनकी फसल के अधिक दाम मिलें, इसके लिए उनके उत्पादों का सही बाजार तक पहुँचना जरूरी होता है । इस दिशा में सरकार ने किसान रेल सेवा शुरू करते हुए किसानों के लिए खुशहाली के नए रास्ते खोलने का काम किया है ।

इस सरकार की मान्यता है कि देश के निर्धन परिवारों को गरीबी से मुक्ति दिलाकर ही, संवैधानिक लक्ष्यों की प्राप्ति की जा सकती है । पिछले पांच वर्षों के दौरान देश में किसानों, मजदूरों, दिव्यांगजनों, आदिवासियों और महिलाओं के हित में लागू की गई योजनाओं में व्यापक स्तर पर सफलता मिली है । सरकार ने दी दयालउपाध्याय के विज़न का अनुसरण करते हुए गरीब, वंचित और कमजोर वर्गों को आवास, स्वास्थ्य जीवन की आवश्यक सुविधाओं, आर्थिक समावेश, शिक्षा, कौशल तथा स्वरोजगार के जरिए उन्हें सशक्त करने का मार्ग अपनाया है ।

          महिला सशक्तीकरण हमारी सरकार की उच्च प्राथमिकताओं में से एक है । उज्ज्वला योजना की सफलता के हम सभी साक्षी हैं । “मुद्रा" योजना के माध्यम से हमारे देश की माताओं-ओं बहनों की उद्यमिता और कौशल को बढ़ावा मिला है । "बेटी बचाओ, बेटी पढ़ाओ" पहल के अनेक सकारात्मक परिणाम सामने आए हैं, और स्कूलों में प्रवेश लेने वाली बेटियों की संख्या में उत्साहजनक वृद्धि हुई है । बेटे-बेटी को समानता का दर्जा देते हुए मेरी सरकार ने महिलाओं के विवाह के लिए न्यूनतम आयु को 18 वर्ष से बढ़ाकर पुरूषों के समान21 वर्ष करने का विधेयक भी संसद में प्रस्तुत किया है ।

सरकार ने जनधन योजना के रूप में विश्व के सबसे बड़े आर्थिक समावेशन के अभियान की सफलता के बाद सरकार बैंकिंग सेवाओं को देशवासियों के द्वार तक पहुंचाने का काम भी कर रही है । देश के गांव-गांव में और नॉर्थ-ईस्ट के दुर्गम क्षेत्रों में भी, बैंकिंग सेवाएं आसानी से उपलब्ध हों, इसके लिए तेज़ी से काम हो रहा है । इंडिया पोस्ट पेमेंट बैंक के माध्यम से देश के लगभग डेढ़ लाख डाकघरों को बैंकिंग सेवाओं के लिए तैयार किया जा रहा है ।

अध्यक्ष जी  स्वास्थ्य के क्षेत्र में इस सरकार का संकल्प है निर्धन से निर्धन व्यक्ति को इस प्रकार से सशक्त करना कि वह अपने और अपने परिवार के चिकित्सा के लिए आर्थिक लाचारी से मुक्त हो जाये । गरीबों को स्वास्थ्य सुरक्षा कवच प्रदान करने वाली विश्व की सबसे बड़ी हेल्थ केयर स्कीम आयुष्मान भारत योजना के तहत, अब तक लगभग 26 लाख गरीब मरीजों को अस्पताल में इलाज की सुविधा दी जा चुकी है । सस्ती दरों पर दवा उपलब्ध कराने के लिए 8000 जन औषधि केंद्र' भी खोले जा चुके हैं । सर्कार का प्रयास है कि दूर-सुदूर इलाकों में भी लोगों को जन औषधि केंद्रों से सस्ती दरों पर दवाइयां मिल सकें । सरकार द्वारा64 हजार करोड़ रुपए की लागत से शुरू किया गया प्रधानमंत्री आयुष्मान भारत हेल्थ इनफ्रास्ट्रक्चर मिशन भी एक सराहनीय उदाहरण है । सुलभ और सुगम स्वास्थ्य सेवाओं के लिए उठाया गया 'आयुष्मान भारत डिजिटल मिशन' भी एक बड़ा कदम है ।

सरकार ने जनधन योजना के रूप में विश्व के सबसे बड़े आर्थिक समावेशन के  अभियान की सफलता के बाद सरकार बैंकिंग सेवाओं को देशवासियों के द्वार तक पहुंचाने का काम भी कर रही है । देश के गांव-गांव में और नॉर्थ-ईस्ट के दुर्गम क्षेत्रों में भी, बैंकिंग सेवाएं आसानी से उपलब्ध हों, इसके लिए तेज़ी से काम हो रहा है । इंडिया पोस्ट पेमेंट बैंक के माध्यम से देश के लगभग डेढ़ लाख डाकघरों को बैंकिंग सेवाओं के लिए तैयार किया जा रहा है ।

अध्यक्ष जी           दिव्यांग-जनों के लिए सुगमता, समानता और सम्मानपूर्ण जीवन के अवसर प्रदान करना एक समाज के रूप में हमारी सामूहिक ज़िम्मेदारी है । इस दिशा में आज सुगम्य भारत अभियान हमारी राष्ट्रीय संवेदना का परिचय दे रहा है । इन्हीं प्रयासों को आगे बढ़ाते हुए सरकार ने मध्य प्रदेश में National Institute of Mental Health Rehabilitation की स्थापना भी की है । दिव्यांग युवाओं के भविष्य के लिए 10 हजार शब्दों की इंडियन साइन लैंग्वेज डिक्शनरी भी बनाई गई है ।

          रोज़गार के और अधिक अवसरों का सृजन करने हेतु एक और जहां सरकार स्वरोज़गार को बढ़ावा दे रही है वहीं दूसरी तरफ भारत को ग्लोबल मैन्यूफैक्चरिंग हब बनाने के लिए तेज़ी से काम हो रहा है । मेरी सरकार के निरंतर प्रयासों से, भारत एक बार फिर, विश्व की, सर्वाधिक तेजी से विकसित हो रही अर्थव्यवस्थाओं में से एक बन गया है । देश में GST कलेक्शन पिछले कई महीनों से निरंतर, एक लाख करोड़ रुपए से ऊपर बना हुआ है ।

किसी भी देश के विकास का आधार वहाँ का इनफ्रास्ट्रक्चर होता है । मेरी सरकार की दृष्टि में, इनफ्रास्ट्रक्चर, सामाजिक असमानता को पाटने वाला सेतु भी है । इनफ्रास्ट्रक्चर पर होने वाले निवेश से, न केवल लाखों नए रोजगार पैदा होते हैं बल्कि इसका एक गुणात्मक प्रभाव भी होता है । इससे व्यापार करना सुगम होता है, परिवहन की गति बढ़ती है और हरसेक्टर में आर्थिक गतिविधियों में वृद्धि होती है । प्रधानमंत्री गतिशक्ति राष्ट्री य मास्टर प्लान भारत में मल्टी-मोडल-ट्रान्सपोर्ट के एक नए युग का प्रारम्भ करने जा रहा है ।

इस सरकार के कार्यों के सबसे अधिक प्रभाव भ्रष्टाचार निवारण और सुशाशन के क्षेत्र में दिखाहै । हमारा मानना है की सुशासन सुनिश्चित करने से भ्रष्टाचार कम होता है, नागरिकों का आत्म-सम्मान बढ़ता है और वे अपनी प्रतिभा एवं क्षमता का पूरा उपयोग कर पाते हैं । यह सरकार, भ्रष्टाचार के विरुद्ध Zero Toleranceकी कड़ी नीति को व्यापक तथा प्रभावी बनाने के लिए कृतसंकल्प है । भविष्य में सार्वजनिक जीवन और सरकारी सेवाओं से भ्रष्टाचार को समाप्त करने का अभियान और तेज किया जाएगा, Minimum Government Maximum Governance पर और अधिक बल दिया जाएगा और टेक्नॉलॉजी का अधिक से अधिक उपयोग किया जाएगा । काले धन और आर्थिक अपराध का समूल नाश अब निश्चित है ।

गंगा की धारा को अविरल और निर्मल बनाने के लिए हमारी सरकार ने जितने कार्य किये हैं, उतना पहले कभी नहीं हुआ है । इसके परिणाम मिलने आरम्भ हो गए हैं और हाल ही में, जगह-जगह से गंगा में जलीय जीवन के लौटने के जो प्रमाण मिले हैं, वे काफी उत्साहवर्धक हैं । इस वर्ष प्रयागराज में अर्धकुंभ के दौरान गंगा की स्वच्छता और श्रद्धालुओं को मिली सुविधा की चर्चा पूरे विश्व में हो रही है । सरकार 'नमामि गंगे योजना के तहत गंगा नदी में गिरने वाले गंदे नालों को बंद करने के अभियान में और तेज़ी लाने जा रही है और सरकार का प्रयास रहेगा कि गंगा की तरह ही कावेरी, पेरियार, नर्मदा, यमुना, महानदी और गोदावरी जैसी अन्य नदियों को भी प्रदूषण से मुक्त किया जाए ।

अंततः अपनी बात को समाप्त करते हुए मैं महामहिम राष्ट्रपति जी के अभिभाषण पर धन्यवाद प्रस्ताव का समर्थन करता हूँ ।

धन्यवाद, जय हिन्द  ।

 

*SHRI P.C. MOHAN (BANGALORE CENTRAL): Thanks for this opportunity to participate on the Motion of Thanks to hon. President's Address.

In his address to the joint sitting of both Houses, hon. Rashtrapati Ji listed our government's achievements amid the Covid-19 crisis, especially the steps to fight the pandemic and to aid farmers and women.

I stand here to speak in favor of the motion of thanks on hon. President's speech, which highlighted the NDA government's achievements over the past year and outlined the targets and plans for the future.

As hon. Rashtrapati Ji mentioned in his speech, this year is indeed a very rare culmination of many historic specials. Nation is celebrating Amrit Mahotsav, 400th Prakash Parv of Guru Tej Bahadur Ji, the 150th birth anniversary of Sri Aurobindo, the 150th birth anniversary of V.O.Chidambaram Pillai and the 125th birth anniversary of Netaji Subhas Chandra Bose with grandeur.

I congratulate our Prime Minister Shri Narendra Modi Ji and his Government for starting the Republic Day celebrations from January 23rd, the birth anniversary of Netaji.

I would like to quote the same verse from the Mahabharata, which our hon. Finance Minister mentioned in her Budget speech, as it aptly defines our government's approach towards governance and commitment towards welfare of the people.

Dapayitva karam dharmyam rastram nityam yathavidhi Asheshan kalpayedraja yoga kshemaan atandritah I   "The king must make arrangements for Yoga kshema (welfare) of the populace by way of abandoning any laxity and by governing the state in line with Dharma, along with collecting taxes which are in consonance with the Dharma." (Mahabharat, Shanti Parva Adhyay, 72. Shlok 11) I would like to thank our respected Prime Minister Shri Narendra Modi ji for steering the country out of this once-in-a-century pandemic.

The hon. President has envisioned a New Atma Nirbhar Bharat and it is about the aspirations of every Indian.

Hon. President has underlined the Union Government's emphasis on progress and laying a strong foundation for the next 25 years following the mantra of "'Sabla Saath, Sabka Vikas, Sabka Vishwas, aur Sabka Prayas'. Government is moving towards creation of an India which includes all, benefits all, which is strong and self-reliant.

Unprecedented Vaccination Drive - today if the life of common man is gradually coming back to normalcy, if a daily wage labourer is able to find his work, if a small street vendor is able to sell earning his livelihood, if the children are able to go schools and colleges and continue their education, it is because of the largest vaccination drive that India accomplished under the visionary leadership of our beloved Prime Minister Shri Narendra Modi ji.

The challenging period of Corona may have acted as a speed breaker for the Government's speed towards Vikas but has also inspired us to accelerate more to achieve our goals at the fastest possible pace.

With the efficient leadership, determination and constant efforts of the hon. Prime Minister, India is moving ahead strongly against Covid pandemic. India's fight against Corona is also an example for the world that when the Government and people unite in the interest of the nation and set a common goal, then the country can overcome any hurdle and win any challenge.

Within a span of two years of the outbreak of pandemic India has administered more than 168 crore doses of Covid-19 vaccine.

Ninety-five per cent of the eligible adult population have received the first dose and 75 per cent have received both the doses.

This is an unprecedented achievement in the history of not just India but the entire world.

I take this opportunity to congratulate our scientists, corona warriors, health workers, doctors, nurses for their dedication and service in this battle against the pandemic.

Our Government is also reaching out to the rest of the population through the 'Har Ghar Dastak' campaign. Adolescents in the age group of 15 to 18 years have also been included in the vaccination program from this month Precautionary dose for the front-line workers and senior citizens with co-morbidities has also been started.

We have eight vaccines so far, approved for emergency use in the country. These Made in India vaccines are playing an important role in making the entire world free from the pandemic and in saving crores of lives.

if we just look back a year ago, on how far we have come in this fight and more importantly how few people raised doubts on Government's decisions, on Indian vaccines, tried to spread fear in the minds of people, and despite these repeated futile efforts by such people, by and large, the nation was together under the leadership of Hon. Prime Minister and his Government and we stand here, where we are today.

   

As our Prime Minister has said and I quote, "Indeed, it is the blessings of the almighty that while the world was in a turmoil due to the pandemic, by the grace of God we were saved. It was in fact the reincarnation of God in the garb of doctors and nurses" . This he has said, in his last year's address, thanking the motion on the President's speech.

We see God's grace in the dedicated service of our doctors, nurses, paramedics, and every health and frontline worker and the nation is indebted to them all.

Another important milestone achievement of the Union Government in the health care sector is the launch of Pradhan Mantri Ayushman Bharat Health Infrastructure Mission with an outlay of Rs. 64,000 crore. As Rashtrapati Ji said, this will not only help in meeting the current health requirements but will also equip the country for any future crises.

Because of this priority given by the Union Government, Health care facilities are now easily accessible to the people. More than 80,000 health and wellness centers and crores of Ayushman Bharat cards have helped the poor immensely in getting required essential treatment.

 

The Union Government has also reduced the cost of treatment by providing affordable medicines through more than 8,000 Jan Aushadhi Kendras.

'Ayushman Bharat Digital Mission' will also further enhance easy and accessible health services to the people.

Another important aspect I would like to mention here is about agriculture. Despite the pandemic, Union government support to our farmers is evident from the fact that, our agriculture produce is more than 30 crore tonnes of food grains and 33 core tonnes of horticulture produce in 2020-21.

Also, the Union Government has made record procurement to match the record production and has procured 433 lakh metric tonnes of wheat during the Rabi season benefiting about 50 lakh farmers. A record quantity of about 900 lakh metric tonnes of paddy was procured during Kharif season, benefiting 1 crore 30 lakh farmers. I congratulate the Government for its continuous support to our Annadaataas.

As far as the new Education Policy is concerned, as the Bhagavad Gita says, Nahi Jnanena sadrusham pavitram iha vidyate which means, there is nothing purer in this world, than Knowledge. Taking this spirit ahead, this government is implementing the new National Education Policy. And more importantly, regional languages are also being promoted through this new policy. Importance is being given to Indian languages as well and I thank the government for starting teaching in six Indian languages, in 19 engineering colleges in 10 states, this year.

Now, coming to transforming urban infrastructure, Sir, I come from Bengaluru, the IT capital of India.

PM Modi government's focus on building urban infrastructure and improving the quality of life or as citizens has transformed our cities.

The Pradhan Mantri Awas Yojana (Urban), Atal Mission for Rejuvenation and Urban Transformation (AMRUT) and Smart Cities Mission- have completed six years since their launch on June 25, 2015.

This has brought a paradigm shift in our urban landscape and has re-written the way citizens define their future.

The urban landscape is defined by cities and the cities, in turn, are defined by the people who inhabit them.

One of the most radical departures post May 2014 was the actual invocation of the spirit of cooperative federalism.

Each of the missions delegated the powers to appraise and approve projects to the states.

Earlier, every project was appraised and approved in Delhi, in the ministry, giving scant regard to the fact that equally competent officials work in the states and the state leadership is to be trusted.

This major step of building trust between the states and the Center yielded results.

In the 10 years of the UPA from 2004 to 2014, the total investment in the urban sector was around Rs. 1,57,000 crore while in the seven years of the NDA from 2014 to 2021, that figure is approximately Rs. 11,83,000 crore.

Similarly, in the UPA regime, around 12 lakh houses were built. Since the launch of the PMAY(U), the Modi government has already sanctioned more than 1.14 crore houses, completed and handed over more than 54 lakh houses - the rest will be completed well before March 2022.

One of the banes of government programmes has been tardy implementation and leakages. These are being plugged Through geo-tagging, the progress of construction of houses is being monitored and tied to the release of funds.

For the first time, it was this PM who asked ISRO, our world-class space agency, to handhold government departments in the use of space technology tools.

Now all missions use GIS-based tools extensively. To speed up construction and to bring in the best of new technologies, a Global Housing Technology Challenge was launched and based on it, six Lighthouse Projects have been identified in six geo-climatic zones of the country.

A sustained effort is being made to mainstream these technologies with strong linkages to the engineering institutions across the country.

Money from the Centre is being released through the Public Financial Management System.

This electronic mode ensures that central funds seamlessly flow to the state treasury, improving efficiency and preventing fraud.

This, along with Direct Benefit Transfer (DBT), has ensured that middlemen gaming the system or short-changing the beneficiary have been ousted.

A house built under PMAY(U) is in the name of the woman of the household or joint ownership, and mandatorily has a toilet.

This provides an incentive to female empowerment and safeguards the dignity of the girl child.

Her sense of shame and insecurity is a thing of the past with the access to a toilet within the home.

AMRUT addresses the creaky civic infrastructure that plagues our urban local bodies (ULBs) - electricity, water supply, sewerage, etc. Nearly 6,000 projects worth Rs. 81,000 crore have been approved, with some states having projects over the State Approved Action Plan (SAAP) that was approved when the mission was launched.

It covers 500 cities with a population of over one lakh. Alongside these programmatic interventions, the NDA government has strengthened the regulatory framework in the real estate sector with the path-breaking Real Estate (Regulation and Development) Act, 2016, and more recently, the Model Tenancy Act.

The NDA government has also done remarkable work in the field of public transport, enhancing the ease of living for the poor and the middle class.

Eleven new metro routes have commenced, benefiting lakhs of people in 8 states every day.

India is now also among the four countries in the world having largest driverless train networks.

India has also developed Indigenous Automatic Train System in the country which symbolizes the growing capability of Make in India.

The integration of different ministries to work in a synergised manner under the "Pradhan Mantri Gatishakti National Master Plan" to accelerate infrastructure development will further streamline the process and ease of implementation.

Similarly, the modernization of Indian Railways at a fast pace, the New Vande Bharat trains, and vistadome coaches have boosted Indian Railways. Government is working towards Railways modernization and in the last seven years, 24,000 kilometers of railway route has been electrified. Laying new railway tracks and double-laning are also progressing rapidly.

In the same breath, I request the government to ensure faster and time bound implementation of Bengaluru Suburban Railway project, for which the residents of Bengaluru have been demanding to decongest the city traffic.The Bengaluru suburban project was mentioned in the Union Budget 2020, presented by our hon. Finance Minister Nirmala Sitharaman Ji and that Central government will contribute 20 per cent equity.

The Karnataka government's 2021 budget has provided the much-needed push to Bengaluru's suburban rail project with an allocation of Rs. 850 crore.

I request the Union Government to finish this project at the earliest and realize the long-delayed mass transit project for Bengalureans.

Another key area on which I would like to speak about are the Start-ups.  I represent Bengaluru, which is known as the "Start-up capital of India". Since 2016, sixty thousand new start-ups have been established in 56 different sectors in our country, which created more than six lakh jobs. In 2021, during the Corona period, more than 40 unicorn start-ups emerged in India, each with a minimum market valuation of Rs. 7,400 crore. This support and conducive atmosphere being created in the country for start-ups, by the Union Government is the need of the hour. Under the leadership of Prime Minister Shri Narendra Modi Ji, the nation is moving ahead towards achieving the five trillion-dollar economy goal. The Impetus given to development - be it with 'Make in India' or skill development or Gati shakthi - it shows the commitment of this Government to ensure Ease of Living for all its citizens and creating a New India, a India as dreamt and aspired by millions of Indians.

Under the Skill India Mission, more than 2 crore 25 lakh youth across the country have been skilled through ITs, Jan Shikshan Sansthans and Pradhan Mantri Kaushal Kendras.

When PM Modiji initially spoke about Digital payments many people and some in this house ridiculed it. It is a matter of pride that transactions worth more than Rupees 8 lakh crore have taken place in the country through UPI in December 2021.This is a clear example of how fast our people are adopting technology and rapid change.Speaker Sir, When the country is celebrating Azadi Ka Amrut Mahotsav to mark 75 years of Independence, we are witnessing unprecedented development in every sphere.As our PM says, if each one of us keep one step ahead, the country moves a billion steps ahead.

With these words I conclude my words and once again thank hon. Speaker for giving me an opportunity to share my thoughts in this August house.

Jai Hind, Jai Karnataka.

*SHRI KARADI SANGANNA AMARAPPA (KOPPAL): I would like to bring to the kind notice of the Lok Sabha, with respect to the Address of the hon. President of India, to the Members of the Parliament, various developmental activities undertaken by the Government of India in the interest of the citizens of the country during the pandemic COVID-19 situation.

In this regard, I would like to bring to the kind notice of the hon. Speaker that in spite of Corona pandemic spreading across the country for the last 2 to 3 years, the Government of India has protected the citizens of the country from the pandemic. Educating the public about the pandemic, precautions to be taken by the public in general and those who were in contact with the pandemic, providing timely free treatment to the sufferers of the pandemic, increasing the capacity of the Intensive Care Units across the country, improving the supply of Oxygen and intensification of generating Oxygen to overcome the serious health issues on account of the Corona Pandemic and ensuring that the entire country follows strictest precaution to curtail the spread and to safeguard themselves is a commendable performance of the Government of India.

Not only that, in the midst of this pandemic the Country also celebrated the 75th year of Indian Independence by the support and will power of every Indian citizen.

The Government of India has provided, across the country, shelter to the poor citizens of the country under the Prime Minister Awaas Yojana by constructing pucca huts/ houses to lead their life with dignity and protected their lives during the pandemic.

The Government of India has also made available basic necessities and free provisions/food materials to the poor people during the pandemic and lockdown periods to enrich their dignity and to enhance their status in the society and to live comfortably during the critical times of COVID-19 situation.

The Government of India has also provided facilities to the farmers by procuring the agricultural products directly from the farmers in order to protect their produce and also to strengthen their economic position in spite of financial crisis faced by the country.

Apart from that, the Government of India has provided facilities through agriculture department giving equipment's for carrying out modern cultivation technique to improve their quality and quantity of output and also for the horticulture development across the country to improve the yield of vegetables and flowers getting the farmers fertilizers at subsidized rates and to lead their normal life in the pandemic situation.

Because of the vision of the Government, the Government has made mandatory for the lower strata of the Society and poor beneficiaries under the schemes of the Government to open Bank Accounts to avoid middlemen and to directly get the amount to their account. There are 44 crores of bank accounts opened by the farmers and the beneficiaries under the government schemes. They could able to get the money in their account transferred directly by the Government and draw the money and do financial transactions through technology of banking using ATM and digital banking during the corona spell. This is a great boon to the villagers, poor people, farmers and the lower strata of the society who could lead their normal life and do banking transactions and access their bank accounts and their money during COVID pandemic situation.

The hon. Prime Minister ji has given importance to Sports Activities in the country in order to encourage the one to participate in the national and international competitions and provided required facilities, training and also infrastructure to improve their performance. Likewise, the Government of India has provided boost and support to the Small and Medium Enterprises (SMEs) giving loans at lower rate of interest and extended concessions.

The old age people are benefitted with the pensions across the country and they are utilizing the pension facilities and leading normal life.

The Government of India also provided the medical facilities at reasonable rates for patients and medicines at affordable rates under Pradhan Mantri Bhartiya Janaushadhi Pariyojana to reach the citizens of the country.

In the background of entire globe reeling under severe health and financial issues, the work carried out by the Government of India, throughout the country in order to extend service to the citizens of the country to all the communities to do social justice during the pandemic situation is highly laudable and deserves congratulations. I am fully satisfied with the developmental and social activities carried out by the Government of India and I would extend support for the further development beyond my capacity. I thank the hon. Speaker for giving me an opportunity to say few words about the developmental work carried out by the Government of India during critical period of pandemic COVID -19 situation.

Thank you.

 

*SHRI RAJA AMARESHWARA NAIK (RAICHUR): I am thankful to Hon'ble Speaker for providing me the opportunity to participate in the discussion on Motion of Thanks on the Hon. President's Address to Parliament. I also thank my party leadership for giving me the opportunity to participate in this discussion. I would be touching upon the major achievements, schemes and improvements in the India's rankings on global parameters.

India has performed remarkably well in terms of "ICT services exports (as % of total trade)" and secured the 1st rank globally. In terms of ('Intangible assets" which cover parameters such as "Trademarks" and "Industrial designs" India stands at the 67th position in 2()2() as compared to 81st in 2019. India ranked 2nd in the 2021 Global Manufacturing Risk Index 2021 and has overtaken the United States as the global manufacturing destination. India has moved up eight places to the 72nd position in the 2020 Global Talent Competitiveness Index that ranks nations on the ability to grow, attract and retain talent. India has been ranked as the 48th most innovative world in 2020; entering the top 50 nations for the first time. India has retained its position as the most innovative country among Central and South Asian countries.

           M-KISAN (Pradhan Mantri Kisan Samman Nidhi) Scheme: This scheme promises to pay all poor farmers (small and marginal farmers having lands up to 2 hectares) Rs 6,000 every year in 3 instalments through Direct Bank Transfer. It would reportedly benefit around 14.5 crore farmers all over India.

          Pradhan Mantri Kisan Pension Yojana: To address the problems of farm sector distress, the Modi 2.0 Cabinet has approved a proposal to provide small and marginal farmers with a minimum Rs 3,000 per month fixed pension, costing Rs 10,774.5 crore per annum to the exchequer. The eligible farmers in the 18-40 year age group can participate in this voluntary and contributory pension scheme.

         New Jal Shakti Ministry: It aims at providing piped water connection to every Indian household by the year 2024. Reports say that the ministry will now be able to formulate plans to address the issue of water management.

          Swachh Bharat Mission: On 2nd October 2014, Swachh Bharat Mission was launched throughout length and breadth of the country as a national movement. The campaign aims to achieve the vision of a 'Clean India' by 2nd October 2019. The Swachh Bharat Abhiyan is the most significant cleanliness campaign by the Government of India.

              PM Mudra Yojana: Pradhan Mantri MUDRA Yojana (PMMY) is a scheme launched by the Hon'ble Prime Minister on April 8, 2015 for providing loans up to 10 lakh to the non-corporate, non-farm small/ micro enterprises. To create an inclusive, sustainable and value based entrepreneurial culture, in collaboration with our partner institutions in achieving economic success and financial security.

          Ujjwala Yojana: State run Energy Efficiency Services Ltd (E ESL) has distributed over 30 crore light emitting diode (LED) bulbs across country under zero-subsidy Unnat Jyoti by Affordable LEDs for All (UJALA) scheme.

         Atal Pension Yojana: Atal Pension Yojana is a pension scheme mainly aimed at the unorganized sectors such as maids, gardeners, delivery boys, etc. This scheme replaced the previous Swavalamban Yojana which wasn't accepted well by the people.

        Start-up India: Startup India is a flagship initiative of the Government of India, intended to catalyse startup culture and build a strong and inclusive ecosystem for innovation and entrepreneurship in India.

        Setu Bhartam Yojana: This yojana aims to make all national highways free of railway crossings by 2019.

       Stand Up India: Stand-Up India Scheme Facilitates bank loans between 10 lakh and 1 Crore to at least one Scheduled Caste (SC) or Scheduled Tribe (ST) borrower and at least one woman borrower per bank branch for setting up a greenfield enterprise.

          Prime Minister Ujjwala Plan: Pradhan Mantri Ujjwala Yojana (PMUY) was launched by Prime Minister of India Sh. Narendra Modi on May 1, 2016 to distribute 50 million LPG connections to women of BPL families.

         Prime Mantri Garib Kalyan yojana: Several major countries have experienced scarcity of food-grains and faced starvation during the Corona crisis. But my sensitive government ensured that nobody remained hungry during the worst pandemic in 100 years. My government is providing free ration to each poor household every month under the Pradhan Mantri Garib Kalyan Anna Yojana. This is the world's largest food distribution program with an outlay of Rupees two lakh sixty thousand crore reaching out to 80 crore beneficiaries for 19 months. Being fully sensitive to the present circumstances, the government has extended this scheme till March 2022.

           Pradhan Mantri Gram Sadak Yojana: Construction of roads, resources and infrastructure in rural areas has opened up possibilities for the country which have been neglected for decades. The achievements of Pradhan Mantri Gram Sadak Yojana are something to be proud of. In the year 2020-21, 36 thousand 5 hundred kilometres of roads have been built in rural areas, at the rate of more than 100 km per day, and thousands of habitations have been connected with all-weather roads.

           India is in the third year of the COVID-19 pandemic and amid this, country is celebrating the Amrit Mahotsav on the occasion of 75th year of its independence. In this period of Ann-it Mahotsav, special events related to great personalities of the country are also inspiring us. My government is celebrating the sacred occasions of the 400th Prakash Parv of Guru Tegh Bahadur Ji, the 150th birth anniversary of Sri Aurobindo, the 150th birth anniversary of V.O. Chidambaram Pillai and the 125th birth anniversary of Netaji Subhas Chandra Bose with grandeur. From this year onwards, the government has started the Republic Day celebrations from January 23, the birth anniversary of Netaji.

An example of India's capability in the fight against COVID-19 is evident in the ongoing COVID vaccination program. We have surpassed the record of administering more than 150 crore vaccine doses in less than a year. Today we are among the leading countries in the world with the highest vaccine doses administered. Success of this campaign has given a shield to the country providing enhanced protection to our citizens, while also boosting their morale.

Today, more than 90 percent adult citizens of the country have received the first dose of the vaccine, whereas more than 70 percent have been administered both the doses. The government is also reaching out to the rest of the population through the 'Har Ghar Dastak' campaign. Adolescents in the age group of 15 to 18 years have also been included in the vaccination program from this month. Precautionary dose for the front-line workers and senior citizens with co-morbidities has also been started.

Health facilities are now easily accessible to the common people because of the responsive policies of my government. More than 80,000 health and wellness centres and crores of Ayushman Bharat cards have helped the poor immensely in getting treatment. Government has reduced the cost of treatment by providing affordable medicines through more than 8,000 Jan Aushadhi Kendras. 'Ayushman Bharat Digital Mission' is an important step in providing easy and accessible health services.

With these words, I support and welcome the President's address to the Parliament.

*श्री सुखबीर सिंह जौनापुरिया (टोंक-सवाई माधोपुर): मै राष्ट्रपति अभिभाषण का समर्थनकरता हूँ आज जब भारत अपनी आजादी के 75 वर्ष पर अमृत महोत्सव मना रहा है तब प्रत्येक भारतवासी भारत के उज्जवल भविष्य के लिए असीम विश्वास पैदा करता है । इसी विश्वास के साथ मोदी सरकार सबका साथ,सबका विकास, सबका विश्वास और सबका प्रयास के मंत्र के साथ देश के हर क्षेत्र और हर वर्ग के विकास को प्राथमिकता दे रही है । मोदी सरकार ने अनेक ऐसे काम कर दिखाए है जिनको पहले कभी बहुत कठिन माना जाता था मोदी सरकार पूरी निष्ठा और ईमानदार नीयत के साथ पिछले 7 साल से इस दिशा में निरंतर काम कर रही है । इसका परिणाम हमे कोविड19 के समय में देखने को मिला विश्व स्वास्थ्य संगठन की तरफ से आपात स्थिति में 8 वेक्सीन्स को उपयोग करने की मंजूरी मिली जिसमें से 3 वैक्सीन भारत द्वारा बनाई गई है ये वेक्सीन्स पूरी दुनिया को महामारी से मुक्त कराने और करोड़ों लोगों का जीवन बचाने में अहम भूमिका निभा रही है कोरोना वायरस से उत्पन्न वैश्रिक महामारी का यह तीसरा वर्ष है । इस दौरान हमने भारत के लोगों को लगभग 150 करोड़ से भी ज्यादा डोज लगाने का रिकार्ड हासिल किया आज हम पूरी दुनिया में सबसे ज्यादा वैक्सीन डोज लगने वाले अग्रणी देशों में से एक है इस अभियान की सफलता ने देश को एक ऐसा रक्षा कवच दिया है जिससे हमारे देश के नागरिको की सुरक्षा भी बढी है और उनका मनोबल भी बढा हैं । और 2021 मे वैक्सीनेशन के प्रोग्राम में15 से 18 वर्ष तक के किशोर किशोरियों को भी शामिल किया गया है देश में90 प्रतिशत से अधिक लोगो को एक डोज और 70 प्रतिशत से ज्यादा लोगों को दूसरी डोज लग चुकी है  । देश में प्रधानमंत्री आयुष्मान भारत हेल्थ इनफास्टक्चर मिशन के अर्न्तगत देश मे 80 हजार से अधिक हेल्थ एंड वेलनेस सेंटर्स और करोड़ों की संख्या में जारी आयुष्मान भारत कार्ड से गरीबों को 5 लाख तक मुफ्त इलाज मे बहुत मदद मिली है । और 8000 से अधिक जन औषधि केन्द्रों के माध्यम से कमकीमत पर दवाईया उपलब्ध करवाकर इलाज में होन वाले ख़र्च को कम किया गया है  । देश विदेश मे आयुर्वेदिक चिकित्सा पद्वतियों की लोकप्रियता लगातार बढ़ रही है कांग्रेस के समय मे देश मे 6600 करोड़ रूपये के आयुष उत्पादो का निर्यात होता था जो आज बढकर 11000 करोड रूपये से अधिक हो गया है औरदुनिया में सबसे पहले विश्व स्वास्थयसंगठन का गलोबल सेन्टर ट्रेडिशनल मेडिसन की स्थापना भी भारत में होने जा रही है जो की अपने आप में ऐतिहासिक कार्य है  । पहली बार मेरे संसदीय क्षेत्र के दोनों जिलों में 2 मेडिकल कालेज की स्वीकृति मिली है और दोनों जिलों 650 करोड रूपये स्वीकृत किए गए है जो कि अब तक की मेडिकल के क्षेत्र में सबसे बडी उपलब्धि है ।

प्रधानमंत्री गरीब कल्याण अन्न योजना के अर्न्तगत मोदी सरकार द्वारा सभी गरीब परिवारों को हर महीने मुफ्त राशन दिया जा रहा है । जिससे की 80 करोड़ लाभार्थियों को पिछले19 महीनों से खाद्यान्न वितरित करने हेतु 2 लाख 600 हजार करोड़ रूपये खर्च किये गए है जो यह आज विश्व में सबसे बडा फूड डिस्ट्रिब्यूशन प्रोग्राम मोदी सरकार द्वारा चलाया जा रहा है ।

प्रधानमंत्री आवास योजना के अर्न्तगत देश में अब तक 2 करोड़ से अधिक पक्के घर गरीबों को मिल चुके हैं और अकेले मेरे संसदीय क्षेत्र के जिले टोक में 29111 एवं जिले सवाई माधोपुर में 19753 परिवारों को प्रधानमंत्री आवास योजना के अर्न्तगत आवास मिल चुका है ।

किसान सम्मान निधि के माध्यम से 11 करोड़ से अधिक किसान परिवारों को एक लाख 80 हजार करोड़ रूपये दिए गए है  । अकेले मेरे संसदीय क्षेत्र के जिला टोक में2 लाख 51 हजार और जिला सवाई माधोपुर में 1 लाख 60 हजार किसानों को इसका लाभ मिला है सरकार द्वारा देश में एम एस पी पर रिकॉर्ड तोड़ खरीद की गई जिसमें की रबी की फसल 433 लाख मीट्रिक टन गेहूं की खरीद की गई जिससे की लगभग 50 लाख किसानों को सीधा फायदा पहुंचा । इसी प्रकार खरीफ की फसल के दौरान लगभग 900 लाख मीट्रिक टन धान की खरीद की गई जिससे की एक करोड़ 30 लाख किसान लाभान्वित हुए  । जो कि अब तक सबसे अधिक है । पिछले वर्ष किसान रेल सेवा देश में पहली बार शुरू की गई देश में 150 से अधिक मार्गों पर 1900 से ज्यादा किसान रेल चलाई गई और करीब 6 लाख मीट्रिक टन कृषि उत्पादों की ढुलाई गई है  । यह इस बात का उदाहरण है कि अगर सोच नई हो तोपुराने संसाधनों से भी नए रास्ते बनाए जा सकते हैवैश्विक महामारी के बावजूद साल 2021 में किसानों ने 30 करोड़ टन से अधिक खाद्यान्न और 33 करोड़ टन से अधिक बागवानी उत्पादों की पैदावार की  । जो कि अपने आप में एक कीर्तिमान है  ।

महिलाओं की भूमिका मोदी सरकार में महिलाओं की भूमिका और अधिक विस्तृत होतीजा रही 2021-22 मे 28 लाख सेल्फ हैल्प ग्रुप्स को बैंकों की तरफ से 65 हजार करोड रूपये की मदद दी गई जो कि वर्ष 2014 से 4 गुना अधिक है । और विभिन्न पुलिस बलों में महिला पुलिस कर्मियों की संख्या में2014 के मुकाबले3 गुना ज्यादा हुई है । पिछली सरकार में वर्ष 2014 से पहले अल्पसंख्यक वर्ग के लगभग 3 करोड़ विद्यार्थियों को छात्रवृतियों दी गई थी । और मोदी सरकार में अब तक ऐसे साढ़े चार करोड़ से अधिक विद्याथियों को छात्रवृतियां प्रदान की है जिससे की इसमें सबसे ज्यादा मुस्लिम बालिकाओं के प्रवेश की दर में बढ़ोतरी देखी गई है  । मोदी सरकार द्वारा लड़कियों के पक्ष में एक महत्वपूर्ण बिल संसद मे पास किया गया जिसमें लडकियों के विवाह की आयु 18 वर्ष से बढ़ा कर 21 वर्ष कर दिया । जिससे की बालिकाओंका इसका सबसे ज्यादा लाभ मिला इसी प्रकार देश में पहली बार महिला कैडेटस का पहलाबैच एनडीए में जून 2022 में प्रवेश करेगा और सरकार द्वारा राष्ट्रीय रक्षा अकादमी में भी महिला कैडेटस के प्रवेश को मंजूरी दी है और सरकार द्वारा देश में मौजूदा सभी 33 सैनिक स्कूलों ने बालिकाओं को प्रवेश की भीमंजूरी मिली है जो कि पहले केवल लड़को को ही इनमे पढ़ने की योजना थी  । इसी क्रम में प्रधानमंत्री उज्जवला योजना के अर्न्तगत महिलाओं को निशुल्क गैस कनेक्शन दिये गये जिसमे टोंक में एक लाख 75 हजार और सवाई माधोपुर में एक लाख60 हजार कनेक्शन अब तक दिये जा चुके है  ।

प्रधानमंत्री ग्राम सडक योजना के वर्ष 2020-21 मे ग्रामीणों इलाकों में 100 किलामीटर प्रति दिन से अधिक कीरफ्तार से 36 हजार 500 किलोमीटर सड़कें बनाई गई है जो कि पहले 5 से 10 किलोमीटर प्रति दिन के हिसाब से बनती थी  । आज पूरे देश के नेशनल हाइवेज पूरबसे पश्चिम और उतर से दक्षिण को आपस में जोड़ा जा रहा है मार्च 2014 से पहले हमारे देश में नेशनल हाईवे की लंबाई 90 हजार किलोमीटर थी जबकि आज इनकी लंबाई बढ़कर एक लाख चालीस हजार किलोमीटर से अधिक हो गई है भारतमाला परियोजना के अंतर्गत लगभग 6 लाख करोड रूपये की लागत से 20000 किलोमीटर से अधिक लंबाई राजमार्ग पर काम कियाजा रहा है दिल्ली – मुंबई एक्सप्रेस वे भी पूरा होने के करीब है जो कि भारत का सबसे लंबा और सबसे तेज एक्सप्रेसवे होगा और यह मेरे संसदीय क्षेत्र से होकर गुजर रहा है इसकी लम्बाई मेरे संसदीय क्षेत्रमें लगभग 63 किलोमीटर है इसका लाभ मेंरे संसदीय क्षेत्र के लोगों को भी मिलेगा क्योकि यह संसदीय क्षेत्र के सवाईमाधोपुर जिले से होकर गुजर रहा है जिससे कि मैं माननीय प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी जी एवं माननीय परिवहन मंत्री श्री नितिन गडकरी जी का आभारी हूं  । मोदी सरकार में मेरे संसदीय क्षेत्र में 250 किलोमीटर लम्बी सडक बनी है जिस पर लगभग160 करोड़ रूपये खर्च हुए है । और सी आर आई फण्ड के माध्यम से 5 रोड और एक हाईलेबल ब्रिज स्वीकृत हुआ जिसमें की235 करोड रूपये केन्द्र सरकार द्वारा जारी किया गया ।

आज देश में रेलवे लाईनके विद्युतीकरण रेलवे का काम जोरों पर है पिछले7 सालों में 24 हजार किलोमीटर रेलवे रूट का विद्युतीकरण हुआ है जिसमें मेरे संसदीय क्षेत्र के जिला सवाईमाधोपुर से जयपुर तक रेल लाईन का विद्युतीकरण का कार्य पूरा हुआ है जिस पर 154 करोड़ रूपये की लागत आई है । और नई रेलवे लाइन्स बिछाने और दोहरीकरण का काम भी तेज गति से जारी है । मेरी मांग है कि टोंक रेलवे लाईन को जल्द से जल्द पूरा किया जाए ।

मेक इन इंडिया देश में रक्षा मामलो में पिछले वर्ष सैन्य बलों के आधुनिकीकरण के लिए जो भी स्वीकृतियां प्रदान की गई उनमें87 प्रतिशत उत्पादों में मेक इन इंडिया को प्राथमिकता दी गई हमारी सेनाओं ने209 ऐसे साजो समान की भी सूची जारी की है जिन्हें अब विदेशों से नहीं खरीदा जाएगा और रक्षा उपक्रमों द्वारा2800 से ज्यादा ऐसे उपकरणों कीसूची जारी की जा चुकी है जिनका देश में ही निर्माण किया जाएगा  ।

हर घर जल योजना के अर्न्तगत देश के करीब 6 करोड़ ग्रामीणों घरों को पेयजल के कनेक्शन से जोड़ा गया  । इसका बहुत बड़ा लाभ हमारे गांव की महिलाओं- बहनों बेटियोंको हुआ है मेरे संसदीय क्षेत्र के जिला टोंक में 800करोड एवं जिला सवाईमाधोपुर में 600करोड़ रूपये अब तक जल जीवन मिशन के तहत खर्च किये जा चुके है ।

प्रधानमंत्री स्वनिधि योजना के अर्न्तगत रेहड़ी पटरी वाले भाइयों -बहनों को अब तक2900 करोड़ रूपये से ज्यादा की धनराशि जारी की गई है सरकार ने श्रमिकों के हितों की रक्षा के लिए सरकार ने ई श्रम पोर्टल भी शुरू किया गया है जिसे की अब तक 23 करोड़ से अधिक श्रमिक जुड़ चुके है और इनके खाते मेंकोरोना के समय में5 हजार रूपये इन श्रमिकों के खाते मे सीधे डाले गऐ थे  ।

खेलो इंडिया खेलो के माध्यम से आज देश में मोदी सरकार अनेक खेलो इंडिया केन्द्र स्थापित कर रही है  । भारत ने ओलम्पिक में सात मेडल जीतकर एक नया कीर्तिमान स्थापित किया है और पैरा एथलीटों ने 19 पदक जीतकर एक नया रिकॉर्ड कायम किया है जो कि अभी तक पहले कभी नहीं  हुआ  ।                                                                                         

*श्री राहुल कस्वां (चुरू): भारत के लोगों की लोकतांत्रिक मूल्यों में अगाध आस्था, अनुशासन और कर्तव्यपरायणता को मजबूत होने की चर्चा की है तथा कोरोना काल में भारत के नागरिकों ने अनुशासन एंव कर्तव्यनिष्ठा के साथ नियमों की पालना करते हुए राष्ट्र के नागरिकों की सुरक्षा को ध्यान में रखा है, हमारे माननीय प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी जी के नेतृत्व में भारत सरकार ने सबका साथ, सबका विकास, सबका विश्वास और सबका प्रयास के मंत्र के साथ चलकर कार्य किया है । मैं धन्यवाद करता हूँ हमारे डॉक्टर्स, नर्सेज और हेल्थ वर्कर्स, जिन्होंनेअपनी जान की परवाह न करते हुए भी इस संकट की घड़ी में पूरीमेहनत और लगन के साथ आमजन की सेवा की और उनका उपचार उपलब्ध करवाया  । ये समस्त देशवासियों के बहुत ही गर्व की बात हैं की हमने एक वर्ष में 150 करोड़ से ज्यादा वैक्सीन डोज लगाने का रिकॉर्ड पार किया है । माननीय प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदीजी के कुशल नेतृत्व में आज हम पूरी दुनिया में देश के नागरिकों को सबसे ज्यादा वैक्सीन डोज देने वाले अग्रणी देशों में से एक है । भारत सरकार द्वारा देश के आम नागरिक की स्वास्थ्य सुविधा के लिए आयुष्मान भारत जैसी एक बहुत ही बेहतरीन योजना शुरू की हैं जिसकी वजह से आज देश की आधी से अधिक आबादी इस योजना के सुरक्षा कवच की वजह से किसी भी अस्पताल में अपना मुफ्त इलाज करवा सकते हैं । ये हमारे माननीय प्रधानमंत्री जी की दूरदृष्टि का ही परिणाम हैं जो आज देश का हर नागरिक स्वयं को सुरक्षित महसूस कर रहा है । भारत सरकार द्वारा कोविड संकट के समय प्रधानमंत्री गरीब कल्याण योजना के माध्यम से देश के 80 करोड़ से अधिक नागरिकों मुफ्त खाद्यान्न व दाल उपलब्ध करवाया गया जिसकी वजह से संकट के इस समय आम नागरिक को बहुत ही सहारा मिला हैं ।

 

प्रधानमंत्री स्वनिधि योजना के तहत कोरोना के इस संकट के समय भारत सरकार द्वारा देश के गरीब रेहड़ी पटरी वाले भाई बहनों को संबल प्रदान किये जाने हेतु धनराशी उपलब्ध करवाई गई ही जिससे उन्हें अपने कार्य को सुचारू रखने में अत्यंत सहायता मिली हैं । माननीय प्रधानमंत्री जी के यह संवेदनशीलता ही हैं जो हर वंचित, पीड़ित एवं शोषित वर्ग के कल्याण हेतु हमे प्रेरित करती हैं ।

प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी जी ने ये संकल्प लिया हैं की 2024 तक देश के हर नागरिक के घर जल पहुंचाने के उद्देश्य जल जीवन मिशन की शुरुआत की गई हैं जिसकी वजह से लोगों के जीवन में बड़ा बदलाव आना शुरूहुआ है । इस महामारी की बाधाओं के बावजूद करीब6 करोड़ ग्रामीण घरों को पेयजल के कनेक्शन से जोड़ा गया है । इसके बहुत बड़ा लाभ हमारे गांव की महिलाओं, बहनों एंव बेटियों को हुआ है ।

आज भारत में कृषि क्षेत्र ही एकमात्र ऐसा क्षेत्र रहा था जिसमे कोरोना के संकट के समय भी रोजगार में वृद्धि देखि गई थी जिसका मुख्य कारण देश के छोटे और मंझोले किसान रहे हैं जो की बधाई के पात्र हैं । देश में 80 प्रतिशत से अधिक किसान छोटे और मंझोले किसान है जिसके हितों को भारत सरकार द्वारा हमेशा केन्द्र में रखा गया है । इनके लाभ हेतु माननीय प्रधानमंत्री जी के निर्देशन में भारत सरकार द्वारा प्रधानमंत्री किसान सम्मान निधि के माध्यम से 11 करोड़ से अधिक किसान परिवारों को एक लाख अस्सी हजार करोड़ रूपये दिये गये है एंव प्रधानमंत्री फसल बीमा योजना के तहत 8 करोड़ से अधिक किसानों को मुआवजे के तौर पर एक लाख करोड़ रूपये से ज्यादा की राशि दी जा चुकी है । प्रधानमंत्री कृषि सिंचाई योजना के तहत विभिन्न परियोजनाओं और अटल भू जल योजना की मदद से देश में64 लाख हेक्टेयर सिचाई क्षमता विकसित की गई है । भारत सरकार के निर्देशन नदियों को आपस में जोड़ने की योजना पर भी सरकार में काम आगे बढा है । मेरा सरकार से अनुरोध हैं की राजस्थान के सम्बन्ध में लंबित योजनाओं पर पुनर्विचार कर, सभी योजनाओं को शुरू किया जावे ताकि क्षेत्र के किसानों को इसका लाभ मिल सकें ।

भारत सरकार द्वारा शिक्षा के क्षेत्र में नवाचार करते हुए नई शिक्षा निति का अनुमोदन किया गया हैं । देश को आज पढ़े लिखे और रोजगारपरक क्षमता से परिपूर्ण युवाओं की आवश्यकता हैं जो देश को प्रगति के पथ पर आगे बढ़ा सके  । भारत सरकार द्वारा पढाई के साथ साथ छात्र छात्राओं को हुनर सिखाने का जो कदम उठाया है भविष्य में यह एक कारगर संसाधन देश के लिए बनेगा और देश में पढ़े लिखे हुनरमंद युवाओं की पीढ़ी होगी जो औद्योगिक स्तर पर कार्य करने हेतुतैयार होगी  । स्कूली शिक्षा के साथ साथ नई शिक्षानीति के तहत किये गए बदलाव से निकट भविष्य में देश के युवाओं को बहुत ही लाभ होगा  । स्किल डेवलपमेंट हेतु भारत सरकार द्वारा प्रधानमंत्री कौशल विकास योजना का संचालन किया जा रहा हैं जिस से आज देश के अनेक युवक युवती अपने स्किल को बढ़ा कर अनेक कंपनियों में सीधे नौकरी कर रहे हैं । इससे देश के हर नागरिकों को लाभ मिल रहा हैं  ।

प्रधानमंत्री ग्रामीण सड़क योजना के तहत आज देश के अनेकों ग्रामीण क्षेत्रों को भारत सरकार द्वारा जोड़ा जा रहा हैं,सड़क यात्रा को और अधिक सुगम बनाये जाने हेतु ग्रामीण क्षेत्र की सड़कों को भी अब और अधिक चौड़ा और सुदृढ़ बनाया जा रहा हैं ताकि इन सड़कों पर माल का भी आवागमन हो सकें,जिससे ग्रामीण अर्थव्यवस्था को बहुत ही लाभ होगा  । इसी प्रकार राष्ट्रीय राजमार्ग के क्षेत्र में भी भारत सरकार द्वारा अत्यंत तेजी से कार्य किया जा रहे हैं  । भारतमाला योजना के साथ देश के मुख्य मार्गों को जोड़ने का कार्य भारत सरकार द्वारा किया जा रहा हैं जिसकी वजह से आने वाले समय में माल ढुलाई के कार्य को और आसान किया जा सकेगा  ।

मैं माननीय महामहिम राष्ट्रपति जी का आभार व्यक्त करता हूँ,और मैं राष्ट्रपति जी के अभिभाषण पर धन्यवाद ज्ञापित करता हूँ  ।

मेरा सरकार से आग्रह है कि किसानों को आत्मनिर्भर बनाकर एंव देश के प्रत्येक नागरिक को रोजगार प्रदान करने जैसी प्रभावी योजना बनाकर उन्हे राहत प्रदान करें  ।

*श्री सी.पी.जोशी (चित्तौड़गढ़): मैं राष्ट्रपति के अभिभाषण पर साथी सदस्य श्री हरीश द्विवेदी द्वारा लाये गए धन्यवाद प्रस्ताव का समर्थन करता हूँ ।

भारत आजादी के 75 वर्ष पूरे होने पर अमृत महोत्सव मना रहा है । यह समय हम सभी भारतीयों के लिए एक बहुत महत्वपूर्ण समय है । यह अगले 25 वर्षों के संकल्पों को आकार देने का एक सुनहरा अवसर है और यशस्वी प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी जी के नेतृत्व में इस ओर हम तेजी से अग्रसर भी है । मोदी सरकार 'सबका साथ, सबका विकास, सबका विश्वास और सबका प्रयास' के मंत्र पर चलते हुए एक समावेशी, हितकारी और सशक्त भारत के निर्माण के लिए दृढ संकल्पित होकर कार्य कर रही है ।

हमारा उद्देश्य एक ऐसा समावेशी समाज का निर्माण करना है जिसमें सभी जाति और धर्म के लोग शामिल हो और सभी का जीवन स्तर सुधरे  । कांग्रेस नेता राहुल गांधी ने इस सदन में अपनी बातें रखते हुए दो भारत की बात कही थी । शायद वो अभी तक कांग्रेस शासन के दौर से बाहर नहीं निकले हैं । दो भारत, कांग्रेस के शासन में थी जहां शहरों और गावों के बीच बड़ी खाई थी । हमारी सरकार गावों तक विकास लेकर जा रही है । 2014 में जब जनता ने कांग्रेस को सत्ता से बाहर का रास्ता दिखाया तो आज़ादी के 65 वर्ष से अधिक हो चुके थे लेकिन फिर भी हजारों गाव ऐसे थे जहां बिजली भी उपलब्ध नहीं थी । नरेन्द्र मोदी जी ने प्रधानमंत्री बनने के बाद सौभाग्य योजना के तहत इन सभी गावों तक बिजली पहुंचाई और सिर्फ बिजली ही नहीं बल्कि अब भारतनेट परियोजना के तहत गावों को इंटरनेट से भी जोड़ा जा रहा है । कांग्रेस ने जो खाई बनाई थी शहरी और ग्रामीण भारत के बीच उसे अब हमारी सरकार पाट रही है ।

मोदी सरकार ग्रामीण अर्थव्यवस्था को मजबूत बनाने के लिए निरंतर काम कर रही है । प्रधानमंत्री आवास योजना के तहत के विगत तीन वर्षों में एक करोड़ सत्रह लाख घर स्वीकृत किए गए हैं । इस पर लगभग डेढ़ लाख करोड़ रुपये खर्च किए गए हैं । गावों में लोगों को मनरेगा के तहत रोजगार देने के लिए 70 हज़ार करोड़ से अधिक रुपये अब आवंटित किए जा रहे है कांग्रेस शासन में यह राशि सिर्फ 33 हज़ार करोड़ रुपये थी ।

कांग्रेस के शासन काल में सिर्फ भ्रष्टाचार होते थे । हम सब जानते है कैसे कांग्रेस के राज में जीप घोटाला, बोफोर्स घोटाला,कामनवेल्थ खेल घोटाला, 2जी घोटाला, कोल घोटाला हुआ और करोड़ों रुपये की चोरी हुई । नरेन्द्र मोदी जी के नेतृत्व में सिस्टम को पारदर्शी बनाया गया है । तो एक वो भारत था जब जनता के पैसे गबन हो जाते थे और अब यह नया भारत है जब हम आत्मनिर्भर बनने की दिशा में बढ़ में रहे है । अब अगर केंद्र सरकार 100 रुपये भेजती है तो जनता के पास 100 रुपये ही पहुंचती है । राजीव गांधी जी के समय में कितने पैसे पहुंचते थे वो जगजाहिर है । जनधन-आधार-मोबाइल यानी JAM ट्रिनिटी के माध्यम से 44 करोड़ से अधिक देशवासियों को बैंकिंग सिस्टम से जोड़ा   गया  और महामारी के दौरान करोड़ों लाभार्थियों को सीधे कैश ट्रान्सफर का इसका लाभ मिला  । जनधन बैंक खातेखोलकर हमने करोड़ों गरीबों को बैंकिंग प्रणाली से जोड़ा  । पहले कोई गरीब बैंक नहीं जाता था लेकिन अब जाता है । एक वो भारत था जब गरीबों को निशक्त कर दिया गया था । नरेन्द्र मोदी जी के प्रधानमंत्री बनने के बाद गरीबों को सम्मान मिल रहा है । रेहड़ी-ठेला चलाने वालों को भी बैंक लोन मिल रहा है ।

 

अनुच्छेद370 को खत्म कर भारत को एकीकृत किया गया । ऐसी ताकतें है जो देश के बाहर और कुछ अंदर रह कर हमारे देश को नुकसान पहुँचाने की कोशिश करते रहते हैं लेकिन उन्हें यह जान लेना चाहिए कि यह नया भारत है और वो अपनी नापाक इरादों में कभी कामयाब नहीं हो पायेंगे ।

कुछ बात है कि हस्ती मिटती नहीं हमारी सदियों रहा है दुश्मन दौरे जहां हमारा जम्मू कश्मीर और लद्दाख में विकास के नए युग का आरंभ हो रहा है । मोदी सरकार जम्मू--कश्मीर के औद्योगिक विकास के लिए लगभग 28 हजार करोड़ रुपए की लागत से नई सेंट्रल सेक्टर स्कीम शुरू की है । पिछले वर्ष काजीगुंड-बनिहाल सुरंग को भी यातायात के लिए खोल दिया गया है । श्रीनगर से शारजाह तक की अंतरराष्ट्रीय उड़ानें भी शुरू हो गई हैं । शिक्षा, स्वास्थ्य और रोजगार के बेहतर अवसरप्रदान करने के लिए अनेक महत्वपूर्ण कदम उठाए गए हैं । आई.आई.टी. जम्मू और आई.आई.एम. जम्मू का निर्माण कार्य भी तेजी से चल रहा है । लद्दाख संघ राज्यक्षेत्र में इनफ्रास्ट्रक्चर और आर्थिक विकास को तेजी से आगे बढ़ाने के लिए सिंधु इनफ्रास्ट्रक्चर डेवलपमेंट कॉर्पोरेशन की स्थापना की गई है । लद्दाख की इस विकास-यात्रा में एक और उपलब्धि सिंधु सेंट्रल यूनिवर्सिटी के रूप में जुड़ रही है । लद्दाख में अंतर्राष्ट्रीय स्तर का फुटबॉल स्टेडियम और सिंथेटिक ट्रैक का निर्माण किया गया है । अब वहां के युवाओं को खेलने और प्रशिक्षण के लिए कहीं और नहीं जाना पड़ेगा ।

मोदी सरकार पूर्वोत्तर के सभी राज्यों के सतत विकास के लिए प्रतिबद्ध है । इन राज्यों में हर स्तर पर बुनियादी और आर्थिक अवसरों का विकास किया जा रहा है । रेल और हवाई कनेक्टिविटी जैसी सुविधाओं का सपना पूर्वोत्तर के लोगों के लिए अब साकार हो रहा है । यह देश के लिए गर्व का विषय है कि पूर्वोत्तर राज्यों की सभी राजधानियाँ मोदी सरकार के प्रयास से अब रेलवे के नक्शे पर आ रही हैं ।

कांग्रेस अपने पतन की ओर है और इसलिए अब देश को बांटने वाले बयान दिए जा रहे है । देश में सभी जाति और धर्म के लोग पूरी तरह से सुरक्षित है और सरकार सभी के विकास के लिए कार्यरत है । राष्ट्रकवि रामधारी सिंह ने अपनी कालजयी रचना कृष्ण की चेतावनी में लिखा है “जब नाश मनुज पर छाता है पहले विवेक मर जाता है” कांग्रेस को मंथन की जरूरत है ।

वैश्विक महामारी कोरोना वायरस ने भारत सहित पूरी दुनिया को प्रभावित किया । इस विपरीत परिस्थिति में केंद्र सरकार जनता के साथ हर मोर्चे पर खड़ी रही । महामारी के विरुद्ध लड़ाई में सभी भारतीयों ने अपना संयम और साहस बनाए रखा । भारत में जब पहली बार कोरोना के मामले दर्ज किए गए तो हमारे पास मास्क, पीपीई किट और जांच मशीनें नहीं थी । सरकार ने तत्परता से कार्य करते हुए सभी स्वास्थ्यकर्मियों को पीपीई किट पहुंचाया और कोरोना की जांच का व्यवस्था पूरे देश में की । हमारे वैज्ञानिकों ने देश में वैक्सीन बनाया है । यह हम सभी भारतियों के लिए गर्व की बात है । प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी जी समय-समय पर आगे बढ़कर हमारे वैज्ञानिकों का उत्साहवर्धन किया और पर्याप्त संसाधन उपलब्ध कराए । भारत में बन रही तीन टीकों को विश्व स्वास्थ्य संगठन की तरफ से आपात स्थिति में उपयोग की मंजूरी मिली है ।

एक साल से भी कम समय में150 करोड़ से अधिक वैक्सीन डोज़ लगाकर भारत, दुनिया में सबसे ज्यादा वैक्सीन डोज़ देने वाले अग्रणी देशों में से एक हैं । टीकाकरण कार्यक्रम में 15 से 18 वर्ष तक के  किशोर-किशोरियों को भी अब शामिल कियागया । साथ ही अब बूस्टर डोज भी दिए जा रहे है । भारत में बन रही वैक्सीन्स पूरी दुनिया को महामारी से मुक्त कराने और जीवन बचाने में अहम भूमिका निभा रही है ।

हम “वसुधैव कुटुम्बकम' में विश्वास रखते हैं । हमारी संस्कृति हमें सिखाती है कि पूरी दुनिया एक परिवार है इसलिए हमारी सरकार ने न सिर्फ देश के लोगों तक टीकेपहुंचाए बल्कि दूसरे देशों को टीके और जरूरी दवाएं देकर मानवता के लिए एक मिसाल पेश की है । बहुजन हिताय बहुजन सुखाए, मोदी सरकार सभी के हितों की रक्षा करती है सिर्फ एक परिवार पर ध्यान नहीं होता है । आदरणीय महामहिम राष्ट्रपति जी ने भी अपने अभिभाषण में कहा कि मोदी सरकार बाबा साहब के आदर्शों को अपने लिए ध्येय वाक्य मानती है । मोदी सरकार की आस्था, अंत्योदय के मूल मंत्र में है, जिसमें सामाजिक न्याय, समानता, सम्मान और समान अवसर हो । इसलिए आज सरकार की नीतियों में गाँव, गरीब, पिछड़े, अनुसूचित जाति एवं जनजातियों को सर्वोच्च प्राथमिकता दी जा रही है ।

स्वास्थ्य अवसंरचना को मजबूत करने के लिए सरकार द्वारा 64 हजार करोड़ रुपएकी लागत से प्रधानमंत्री आयुष्मान भारत हेल्थ इनफ्रास्ट्रक्चर मिशन की शुरुआत की गई । इससे न केवल वर्तमान की स्वास्थ्य संबंधी जरूरतों को पूरा करने में मदद मिल रही है बल्कि आने वाले समय की संकटों के लिए भी देश को तैयार किया जा रहा है । मोदी सरकार की संवेदनशील नीतियों के कारण देश में अब स्वास्थ्य सेवाएँ जन साधारण तक आसानी से पहुंच रही हैं । 80 हजार से अधिक हेल्थ एंड वेलनेस सेंटर्स और करोड़ों की संख्या में जारी आयुष्मान भारत कार्ड से गरीबों को इलाज में बहुत मदद मिली है । सरकार ने 8000 से अधिक जन-औषधि केंद्रों के माध्यम से कम कीमत पर दवाइयां उपलब्ध कराकर, इलाज पर होने वाले खर्च को कम किया है । सुलभ और सुगम स्वास्थ्य सेवाओं के लिए उठाया गया आयुष्मान भारतडिजिटल मिशन' भी एक बड़ा कदम है ।

प्रधानमंत्री गरीब कल्याण अन्न योजना के अंतर्गत मोदी सरकार ने गरीबों को हर महीने मुफ्त राशन दिया । 80 करोड़ लाभार्थियों को इसका फायदा मिला । कोरोना काल में गरीब के स्वाभिमान और उसके रोजगार की रक्षा करने के लिए सरकार प्रधानमंत्री-स्वनिधि योजना भी चला रही है । श्रमिकों के हितों की रक्षा के लिए सरकार ने ई-श्रम पोर्टल भी शुरू किया है जिससे अब तक 23 करोड़ से अधिक श्रमिक जुड़ चुके हैं । सरकार मूलभूत सुविधाओं को गरीब के सशक्तीकरण और गरीब की गरिमा बढ़ाने का माध्यम मानती है । पिछले वर्षों के अनवरत प्रयासों से 'प्रधानमंत्री आवासयोजना', 'हर घर नलजल योजना', 'स्वामित्व योजना' से करोड़ों लोगों को लाभ मिला है ।

वैश्विक महामारी के बावजूद साल 2020-21 में हमारे किसानों ने 30 करोड़ टन से अधिक खाद्यान्न और 33 करोड़ टन से अधिक बागवानी उत्पादों की पैदावार की । सरकार ने रेकॉर्ड उत्पादन को ध्यान में रखते हुए रेकॉर्ड सरकारी खरीद की है  । प्रधानमंत्री किसान सम्मान निधि के माध्यम से देश के छोटे किसानों की आर्थिक स्थिति सुधर रही है । प्रतिवर्ष छोटे किसानों के बैंक खाते में 6 हज़ार रुपये भेजे जा रहे है ।

तेजी से उभरते वैश्विक परिवेश में भारत ने अपने राजनयिक संबंधों को बेहतर बनाते हुए अपनी स्थिति को और मजबूत किया है । पिछले वर्ष संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद की अध्यक्षता भारत ने की । इसकी अध्यक्षता करते हुए सदस्य देशों को संबोधित करने वाले नरेन्द्र मोदी भारत के पहले प्रधानमंत्री हैं । प्रधानमंत्री जी ने समुद्री सुरक्षा पर अपनी बातें रखीं और यह पहला मौका था जब सुरक्षा परिषद ने इस मुद्दे पर कोई अध्यक्षीय भाषण को अंगीकार किया नरेन्द्र मोदी जी के प्रधानमंत्री बनने के बाद भारत सैन्य उपकरणों,तकनीकों और शस्त्रों से जुड़े तीन महत्वपूर्ण अंतर्राष्ट्रीय समूहों-ऑस्ट्रेलिया ग्रुप (Australia Group), मिसाइल टेक्नोलॉजी कंट्रोल रेजिम (Missile Technology Control Regime) और वासेनार अरेंजमेंट (Wassenar Arrangement) का सदस्य बना । । पड़ोसी देश अफगानिस्तान में अस्थिरता और नाजुक हालात में मानवता को सर्वोपरि रखते हुए ‘ऑपरेशन देवी शक्ति' के तहत हमारे कई नागरिकों और अफगान हिन्दू-सिख-अल्पसंख्यकों को काबुल से सफलतापूर्वक एयरलिफ्ट किया ।

वर्तमान समय में जलवायु परिवर्तन पूरे विश्व के सामने बड़ी चुनौती है । नरेन्द्र मोदी जैसे दूरदर्शी नेता के नेतृत्व में भारत इस ओर भी कार्य कर रहा है । पिछले साल CoP-26 शिखर सम्मेलन में नरेन्द्र मोदी जी ने घोषणा की कि वर्ष 2030 तक भारत अपने कार्बन उत्सर्जन को एक बिलियन टन से कम करेगा । भारत ने साल 2070 तक नेट जीरो उत्सर्जन वाली अर्थव्यवस्था का लक्ष्य भी रखा है । हम ने विश्व-समुदाय को साथ लेकर "ग्रीन ग्रिड इनीशिएटिव: वन सन - वन वर्ल्ड- वन ग्रिड" की पहल भी की है । यह ग्लोबल इंटरकनेक्टेड सोलर पावर ग्रिड का पहला अंतरराष्ट्रीय नेटवर्क बन रहा है ।

2015 में प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने अंतर्राष्ट्रीय सौर गठबंधन (International SolarAlliance) को लांच किया । यह गठबंधन दुनिया भर में सौर ऊर्जा के उत्पादन को बढ़ाने के लिए प्रतिबद्ध देशों का प्रतिनिधित्व कर रही है । पर्यावरण के लिए नरेन्द्र मोदी जी उत्कृष्ट कार्यों को संयुक्त राष्ट्र ने भी सराहा और2015 में चैंपियंस ऑफ़ दअर्थ अवार्ड से सम्मानित किया । प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी जी ने 23 सितंबर,2019 को अमेरीका के न्यूयॉर्क शहर में आयोजित संयुक्त राष्ट्र जलवायु कार्य योजना शिखर सम्मेलन2019 में आपदा प्रबंधन अवसंरचना पर अंतर्राष्ट्रीय गठबंधन (Coalition for Disaster Resilient Infrastructure) की घोषणा की । यह गठबंधन आपदासंबंधी जोखिमों से निपटने के लिए नई और मौजूदा अवसंरचना प्रणालियों को मजबूत करने और सतत विकास के लिए कार्य करती है । हमारा देश सतत विकास लक्ष्यों को भी हासिल करने के लिए तेजी से अग्रसर है ।

स्किल इंडिया मिशन के तहत आई.टी.आई., जन शिक्षण संस्थान और प्रधानमंत्री कौशल केंद्रों के जरिए पूरे देश में करोड़ों युवाओं का कौशल विकास हुआ है । स्किल को उच्च शिक्षा के साथ जोड़ने के लिए यू.जी.सी. के नियमों में कई बदलाव भी किए गये हैं । सरकार द्वारा जनजातीय युवाओं की शिक्षा के लिए हर आदिवासी बहुल ब्लॉक तक एकलव्य आवासीय मॉडल स्कूल के विस्तार का काम किया जा रहा है । खेलो इंडिया कार्यक्रम के तहत युवाओं की प्रतिभा को निखारा जा रहा है । टोक्यो ओलम्पिक और पैरा-ओलम्पिक में भी भारतीय खिलाड़ियों का प्रदर्शन इसका परिचायक है ।

हमारा स्टार्ट-अप ईको-सिस्टम हमारे युवाओं के नेतृत्व में तेजी से आकार ले रही है । वर्ष2016 से हमारे देश में 56 अलग-अलग सेक्टर्स में 60 हजार नए स्टार्ट-अप्स बने हैं । इन स्टार्ट-अप्स के जरिए छह लाख से अधिक रोजगारों का सृजन हुआ है । वर्ष 2021 में कोरोना काल में भारत में40 से अधिक यूनिकॉर्न-स्टार्ट-अप अस्तित्व में आए ।

किसी भी देश के विकास का आधार वहाँ का इनफ्रास्ट्रक्चर होता है । मोदी सरकार की दृष्टि में, इनफ्रास्ट्रक्चर, सामाजिक असमानता को पाटने वाला सेतु भी है । सरकार ने इनफ्रास्ट्रक्चर-विकास के कार्यों को और अधिक गति प्रदान करने के लिए प्रधानमंत्री गतिशक्ति राष्ट्रीय मास्टर प्लान की शुरुआत की है । यह प्लान भारत में मल्टी-मोडल-ट्रान्सपोर्ट के एक नए युग का प्रारम्भ करने जा रहा है । ग्रामीण क्षेत्रों में सड़कों, संसाधनों और इनफ्रास्ट्रक्चर के निर्माण से देश की उन संभावनाओं को उड़ान मिल रही है । उड़ान योजना के तहत अब चप्पल पहनने वाले लोग भी हवाई यात्रा कर रहे हैं । राजधानी से हटकर दूसरे शहरों में भी हवाई पट्टियों का निर्माण हो रहा है  । कांग्रेस के शासन में कोई इसकी कल्पना भी नहीं कर सकता था । देश अब बदल रहा है ।

मोदी सरकार, भारतीय रेलवे का भी तेज गति से आधुनिकीकरण कर रही है । बीते सात वर्षों में 24 हजार किलोमीटर रेलवे रूट का विद्युतीकरण हुआ है । नई रेलवे लाइन्स बिछाने और दोहरीकरण का काम भी तेज गति से जारी है । कश्मीर में चिनाब नदी पर निर्मित हो रहा रेलवे आर्च ब्रिज, आकर्षण का केंद्र बन रहा है । देश के महत्वपूर्ण कारोबारी क्षेत्रों को बन्दरगाहों से जोड़ने के लिए सागरमाला कार्यक्रम के अन्तर्गत80 से अधिक कनेक्टिविटी परियोजनाओं पर भी काम हो रहा है । मोदी सरकार देश की सुरक्षा के लिए दृढ़ संकल्पित होकर काम कर रही है । सरकार की नीतियों से डिफेंस सेक्टर विशेषकर रक्षा उत्पादन में देश की आत्मनिर्भरता लगातार बढ़ रही है । वर्ष2020-21 में सैन्य बलों के आधुनिकीकरण के लिए जो भी स्वीकृतियां प्रदान की गई, उनमें87 प्रतिशत उत्पादों में मेक इन इंडिया को प्राथमिकता दी गई । हिंदुस्तान एयरोनॉटिक्स लिमिटेड के साथ 83 एलसीए तेजस फाइटर एयरक्राफ्ट के निर्माण हेतु अनुबंध किए गए हैं ।

सरकार की यह भी प्राथमिकता रही है कि भारत की अमूल्य धरोहरों को देश में वापस लाया जाए । सौ वर्ष पूर्व भारत से चोरी हुई मां अन्नपूर्णा देवी की मूर्ति को वापस लाकर काशी विश्वनाथ मंदिर में स्थापित किया गया है । हम सब जानते हैं कि विरासत और पर्यटन का एक-दूसरे से गहरा नाता है । इसीलिए, आज एक ओर भारत की आध्यात्मिक विरासत को फिर से जीवंत किया जा रहा है,साथ ही तीर्थयात्रियों और पर्यटकों के लिए आधुनिक सुविधाएं और इनफ्रास्ट्रक्चर का विकास भी हो रहा है । मोदी सरकार की स्वदेश दर्शन एवं प्रसाद योजनाएं इसमें बड़ी भूमिका निभा रही हैं । आज़ादी के अमृतकाल में एक भारत,श्रेष्ठ भारत' के संकल्प के आधार पर आज लोकतान्त्रिक मूल्यों के साथ विकास के नए अध्याय लिखे जा रहे हैं । जो राज्य और क्षेत्र उपेक्षित छूट गए थे, आज देश उनके लिए विशेष प्रयास कर रहा है ।

प्रधान मंत्री (श्री नरेन्द्र मोदी):माननीय अध्यक्ष जी, राष्ट्रपति जी के अभिभाषण पर धन्यवाद करने के लिए मैं उपस्थित हुआ हूं । आदरणीय राष्ट्रपति जी ने अपने अभिभाषण में आत्मनिर्भर भारत को लेकर और आकांक्षी भारत को लेकर गत दिनों के जो प्रयास हैं, उसके संबंध में विस्तार से बात कही है । मैं सभी आदरणीय सदस्यों का बहुत आभार व्यक्त करता हूं,जिन्होंने इस महत्वपूर्ण भाषण पर अपनी टिप्पणी की, अपने विचार रखें ।

आदरणीय अध्यक्ष जी, मैं अपनी बात बताने से पहले कल जो घटना घटी, उसके लिए दो शब्द जरूर कहना चाहूंगा । देश ने आदरणीय लता दीदी जी को खो दिया । इतने लम्बे काल तक, जिनकी आवाज ने देश को मोहित किया, देश को प्रेरित भी किया, देश को भावनाओं से भर दिया और एक अहर्निश सांस्कृतिक धरोहर को मजबूत करते हुए तथा देश की एकता को भी, करीब-करीब 36 भाषाओं में उन्होंने गाया । यह अपने आप में भारत की एकता और अखंडता के लिए भी एक प्रेरक उदाहरण है । मैं आज आदरणीय लता दीदी जी को आदरपूर्वक श्रद्धांजलि देता हूं ।

आदरणीय अध्यक्ष जी, इतिहास इस बात का गवाह है कि द्वितीय विश्व युद्ध के बाद विश्व में बहुत बड़ा बदलाव आया । एक नया वर्ल्ड ऑर्डर, जिसमें हम सब लोग जी रहे हैं, मैं साफ देख रहा हूं कि कोरोना काल के बाद विश्व एक नए वर्ल्ड ऑर्डर की तरफ, नई व्यवस्थाओं की तरफ बहुत तेजी से आगे बढ़ रहा है । एक ऐसा टर्निंग पॉइंट है कि हम लोगों को एक भारत के रूप मे इस अवसर को गंवाना नहीं चाहिए । मेन टेबल पर भारत की आवाज़ भी बुलंद रहनी चाहिए । भारत को एक लीडरशिप रोल के लिए अपने आपको कम नहीं आंकना चाहिए । इस परिप्रेक्ष्य में आजादी का अमृत महोत्सव, आजादी के 75 साल अपने आप में प्रेरक अवसर है । उस प्रेरक अवसर को ले कर, नए संकल्पों को ले कर, देश जब आजादी के सौ साल मनाएगा, तब तक पूरे सामर्थ से, पूरी शक्ति से, पूरे समर्पण से, पूरे संकल्प से, देश को उस जगह पर ले कर पहुंचेंगे । यह संकल्प का समय है ।

          आदरणीय अध्यक्ष जी, बीते वर्षों में देश ने कई क्षेत्रों में मूलभूत व्यवस्थाओं में बहुत मजबूती का अनुभव किया है और बहुत मजबूती के साथ हम आगे बढ़े हैं । प्रधान मंत्री आवास योजना - गरीबों को रहने के लिए घर हो, यह कार्यक्रम तो लंबे समय से चला है । लेकिन जो गति, जो व्यापकता, विशालता, विविधता, उसने उसमें स्थान पाया, उसके कारण आज गरीब का घर भी लाखों से भी ज्यादा कीमत का बन रहा है । एक प्रकार से जो भी पक्का घर पाता है, वह गरीब आज लखपति की श्रेणी में भी आ जाता है । कौन हिंदुस्तानी होगा, जिसको इस बात को सुन कर के गर्व न हो कि आज देश के गरीब से गरीब के घर में शौचालय बना है । आज खुले में शौच से देश के गांव भी मुक्त हुए हैं । कौन इसको सुन कर खुश नहीं होगा? … (व्यवधान)

माननीय अध्यक्ष:अधीर रंजन जी, प्लीज़ बैठिए ।  यह तरीका ठीक नहीं है ।

… (व्यवधान)

श्री नरेन्द्र मोदी : हो गया?… (व्यवधान) मैं बैठने के लिए तैयार हॅूं । … (व्यवधान)

माननीय अध्यक्ष:अधीर रंजन जी, प्लीज़ बैठिए ।

… (व्यवधान)

श्री नरेन्द्र मोदी: आपको धन्यवाद दे कर के शुरू करूं? … (व्यवधान)आपको बहुत-बहुत धन्यवाद । …(व्यवधान)आपका प्यार अजर-अमर रहेगा । … (व्यवधान)

माननीय अध्यक्ष:अधीर जी, प्लीज ।

… (व्यवधान)

श्री नरेन्द्र मोदी: आजादी के इतने सालों के बाद गरीब के घर में भी रौशनी होती है,तो उसकी खुशियां, देश की खुशियों को ताकत देती है । चूल्हे के धुएं से जलती हुई आंखों के साथ काम करने वाली गरीब माँ को राहत देती है । जिस देश में, घर में गैस कनेक्शन हो, यह स्टेटस सिंबल बन चुका था, उस देश में गरीब के घर में गैस का कनेक्श्न हो, धुएं  वाले चूल्हे से मुक्ति हो, तो उसका आनंद कुछ और ही होता है । … (व्यवधान)

माननीय अध्यक्ष:दादा, प्लीज़ बैठिए । आपको मैंने पर्याप्त मौका दिया था । यह तरीका ठीक नहीं है ।

… (व्यवधान)

श्री नरेन्द्र मोदी :दादा को बीच-बीच में मौका देना चाहिए । क्योंकि दादा उम्र के इस पड़ाव में भी बचपने का मजा लेते रहते हैं । … (व्यवधान)

          आज गरीब का बैंक में अपना खाता हो, आज बैंक गए बिना, गरीब भी अपने टेलिफोन से बैंक के खाते का उपयोग करता हो, सरकार के द्वारा दी गयी राशि सीधे‘डायरेक्ट बेनिफिट ट्रांसफर  के ' तहत उसके खाते में पहुंचती हो, ये सब, अगर आप ज़मीन से जुड़े हुए होते, अगर आप जनता के बीच में रहते होते तो जरूर ये चीजें नजर आतीं, दिखाई देतीं । लेकिन, दुर्भाग्य यह है कि आपमें से बहुत-से लोग  ऐसे हैं, जिनका सूई-कांटा वर्ष2014से अटका हुआ है और उससे वे बाहर ही नहीं निकल पाते हैं । उसका नतीजा भी आपको भुगतना पड़ा है । आपने अपने आपको एक ऐसी मानसिक अवस्था से बाँध कर रखा है कि देश की जनता आपको पहचान गई है । कुछ लोग पहले पहचान गए, कुछ लोग देर से पहचान रहे हैं और कुछ लोग आने वाले समय में पहचानने वाले हैं । अब देखिए आप, जब इतना सारा लम्बा उपदेश देते हैं, तब भूल जाते हैं कि पचास सालों तक कभी आपने भी देश में यहाँ बैठने का सौभाग्य प्राप्त किया था और क्या कारण है कि आप सोच नहीं पाते हैं?

अब आप देखिए, नागालैण्ड के लोगों ने आखिरी बार वर्ष 1998में काँग्रेस के लिए वोट किया था, करीब24साल हो गए । ओडिशा ने वर्ष1995में आपके लिए वोट किया था, सिर्फ 27 साल हो गए, आपको वहां एन्ट्री नहीं मिली । गोवा में वर्ष1994में पूर्ण बहुमत के साथ आप जीते थे, 28 साल हो गए, गोवा ने आपको स्वीकार नहीं किया ।…(व्यवधान)

श्री अधीर रंजन चौधरी (बहरामपुर): सर, आपने सब खरीद कर लिया, क्या करें?

श्री नरेन्द्र मोदी: पिछली बार वर्ष 1988 में त्रिपुरा में वहां की जनता ने वोट दिया था, करीब 34 साल पहले । काँग्रेस का क्या हाल है - यू.पी., बिहार और गुजरात में? आखिर में, वर्ष 1985में, करीब 37 साल पहले आपके लिए वोट किया था । पिछली बार पश्चिम बंगाल में वहां के लोगों ने वर्ष1972में, करीब 50 साल पहले आपको पसन्द किया था ।…(व्यवधान)

श्री अधीर रंजन चौधरी: प्राइम मिनिस्टर साहब, क्या यह राष्ट्रपति जी के अभिभाषण की बातें हैं? आप ही बताइए ।

माननीय अध्यक्ष: प्लीज़, बैठ जाइए । आप कागज़ लेकर बाद में बोल लेना ।

… (व्यवधान)

श्री नरेन्द्र मोदी: मैं इसके लिए सहमत हूं, अगर आप उस मर्यादा का पालन करते और इस जगह का उपयोग न करते । लेकिन, देश का बड़ा दुर्भाग्य है कि सदन जैसी पवित्र जगह, जो देश के लिए काम आनी चाहिए, उसको दल के लिए काम में लेने का जो प्रयास हो रहा है, इसके कारण जवाब देना हमारी मजबूरी बन जाती है ।… (व्यवधान)

          माननीय अध्यक्ष जी, तमिलनाडु में, आखिर में, वर्ष 1962में यानी करीब60साल पहले, आपको मौका मिला था । तेलंगाना बनाने का श्रेय लेते हैं, लेकिन तेलंगाना बनने के बाद वहां की जनता ने आपको स्वीकार नहीं किया ।…(व्यवधान)

श्री अधीर रंजन चौधरी : तमिलनाडु में तो आप नहीं हैं ।

श्री नरेन्द्र मोदी :  झारखण्ड का जन्म हुआ, बीस साल हो गए, पूर्ण रूप से काँग्रेस को स्वीकारते नहीं हैं । वे पिछले दरवाजे से घुसने का प्रयास करते हैं ।

माननीय अध्यक्ष जी, सवाल चुनाव नतीजों का नहीं है, सवाल उन लोगों की नीयत का है, उनकी नेकदिली का है । इतने बड़े लोकतंत्र में, इतने साल तक शासन में रहने के बाद भी देश की जनता हमेशा-हमेशा के लिए उनको क्यों नकार रही है? जहाँ भी ठीक से लोगों ने राह पकड़ ली, दोबारा आपको प्रवेश करने नहीं दिया है । इतना सब होने के बावजूद, हम तो एक चुनाव हार जाए न, महीनों तक न जाने इको-सिस्टम क्या-क्या करती है? इतना सारी पराजय होने के बावजूद भी, न आपका अहंकार जाता है, न आपकी इको-सिस्टम आपके अहंकार को जाने देती है ।… (व्यवधान)

          इस बार अधीर रंजन जी बहुत सारे शेर सुना रहे थे । चलिए, मौका मैं भी ले लूं ।… (व्यवधान)जब अहंकार की बात मैं कर रहा हूँ तब तो मुझे कहना ही पड़ेगा-

वो जब दिन को रात कहें तो तुरंत मान जाओ, नहीं मानोगे तो वो दिन में नकाब ओढ़ लेंगे, जरुरत हुई तो हकीकत को थोड़ा-बहुत मरोड़ लेंगे, वो मग़रूर हैं खुद की समझ पर बेइंतहा, उन्हें आइना मत दिखाओ, वो आइने को भी तोड़ देंगे ।

 

          आदरणीय अध्यक्ष जी, आजादी का ‘अमृत महोत्सव’; आजादी के 75 वर्ष में आज देश आजादी का ‘अमृत महोत्सव’मना रहा है और देश अमृत काल में प्रवेश कर रहा है । आजादी की इस लड़ाई में जिन-जिन लोगों ने योगदान किया, वो किसी दल के थे या नहीं थे, इन सब से परे उठकर, देश के लिए जीने-मरने वाले लोग, देश के लिए जवानी खपाने वाले लोग, हर किसी का पुण्य स्मरण करने का अवसर है, उनके सपनों को याद करते हुए, कुछ संकल्प लेने का अवसर है ।

आदरणीय अध्यक्ष जी, हम सब संस्कार से, स्वभाव से, व्यवस्था से लोकतंत्र के लिए प्रतिबद्ध लोग हैं और आज से नहीं, सदियों से हैं । यह भी सही है कि आलोचना जीवंत लोकतंत्र का एक आभूषण है, लेकिन अंधविरोध लोकतंत्र का अनादर है । सबका प्रयास, इस भावना से भारत ने जो कुछ हासिल किया है, अच्छा होता कि उसे खुले मन से स्वीकार किया गया होता, उसका स्वागत किया गया होता, उसका गौरव-गान करते ।

बीते दो सालों में सौ साल का सबसे बड़ा वैश्विक महामारी का संकट पूरी दुनिया की मानव जाति झेल रही है । जिन्होंने भारत के अतीत के आधार पर ही भारत को समझने का प्रयास किया, उनको तो आशंका थी कि इतना बड़ा विशाल देश, इतनी बड़ी आबादी, इतनी विविधताएं, ये आदतें, यह  स्वभाव, शायद यह भारत इतनी बड़ी लड़ाई नहीं लड़ पाएगा, भारत अपने आपको बचा नहीं पाएगा । यही उनकी सोच थी, लेकिन आज स्थिति क्या है? मेड इन इंडिया कोविड वैक्सीन दुनिया में सबसे ज्यादा प्रभावी है । आज भारत शत-प्रतिशत पहली डोज़, इस लक्ष्य के निकट करीब-करीब पहुंच रहा है और लगभग80प्रतिशत सेकेंड डोज़, उसका पड़ाव भी पूरा कर लिया है ।

माननीय अध्यक्ष जी, कोरोना एक वैश्विक महामारी है, लेकिन उसे भी दलगत राजनीति के लिए उपयोग में लाया जा रहा है । क्या यह मानवता के लिए अच्छा है? भारत जैसे… (व्यवधान)

 

माननीय अध्यक्ष : आपको मैं मौका दूंगा ।

… (व्यवधान)

माननीय अध्यक्ष : प्लीज बैठिए ।

… (व्यवधान)

माननीय अध्यक्ष : अधीर रंजन जी, आपको पर्याप्त समय और पर्याप्त अवसर मिला है ।

… (व्यवधान)

श्री अधीर रंजन चौधरी: हम लोगों ने साथ दिया था ।… (व्यवधान) हिंदुस्तान के सारे सूबों ने साथ दिया था ।…(व्यवधान)

माननीय अध्यक्ष : प्लीज बैठिए ।

… (व्यवधान)

श्री नरेन्द्र मोदी:  माननीय अध्यक्ष जी, मैंने तो किसी का नाम नहीं लिया । कोई भी टोपी पहन लेने की क्या जरूरत है जी?… (व्यवधान) लेकिन जब आप खड़े ही हो गए हैं, तो अब मैं नाम ले करके बोलना चाहता हूं ।… (व्यवधान) अब आप खड़े ही हो गए हैं, तो मैं नाम ले करके बोलना चाहता हूं । इस कोरोना काल में कांग्रेस ने तो हद कर दी ।… (व्यवधान)पहली लहर के दौरान… (व्यवधान)

माननीय अध्यक्ष :मैं आपको मौका दूंगा ।

… (व्यवधान)

 

माननीय अध्यक्ष :प्लीज बैठिए ।

… (व्यवधान)

माननीय अध्यक्ष : माननीय सदस्य, प्लीज बैठिए । यह तरीका ठीक नहीं है । आपको मैंने पर्याप्त मौका दिया ।

… (व्यवधान)

माननीय अध्यक्ष : प्लीज, बैठिए ।    

… (व्यवधान)

श्री नरेन्द्र मोदी: माननीय अध्यक्ष जी, अभी तो मैंने सिर्फ इतना कहा, हद कर दी ।…(व्यवधान)

माननीय अध्यक्ष : आपको मैंने पर्याप्त अवसर दिया था ।

… (व्यवधान)

श्री नरेन्द्र मोदी: पहली लहर के दौरान देश जब लॉक डाउन का पालन कर रहा था,जब डब्ल्यूएचओ दुनिया  भर के लोगों को सलाह देता था, सारे हेल्थ एक्सपर्ट्स कह रहे थे कि जो जहां है, वहीं पर रुके ।… (व्यवधान) सारी दुनिया में यह संदेश दिया जाता था,क्योंकि मनुष्य जहां जाएगा, अगर वह कोरोना से संक्रमित है, तो कोरोना साथ ले जाएगा ।… (व्यवधान) तब कांग्रेस के लोगों ने क्या किया?… (व्यवधान)मुंबई के रेलवे स्टेशन पर खड़े रह करके, मुंबई छोड़ कर जाने के लिए प्रोत्साहित करने के लिए मुंबई में श्रमिकों को मुफ्त में टिकट दिया गया ।… (व्यवधान)लोगों को प्रेरित किया गया कि जाओ, महाराष्ट्र में हमारे ऊपर जो बोझ है, वह जरा कम हो ।…(व्यवधान) जाओ, तुम उत्तर प्रदेश के हो, तुम बिहार के हो… (व्यवधान)जाओ, वहां कोरोना फैलाओ । …(व्यवधान)आपने यह बहुत बड़ा पाप किया ।… (व्यवधान) वहां अफरा-तफरी का माहौल खड़ा कर दिया ।… (व्यवधान)    

आपने हमारे श्रमिक भाइयों-बहनों को अनेक परेशानियों में धकेल दिया … (व्यवधान),उस समय दिल्ली में ऐसी सरकार थी, जो अभी भी है । उस सरकार ने जीप पर माइक बांध करके दिल्ली की झुग्गी-झोपड़ी में गाड़ी घुमाकर कहा कि संकट बड़ा है, गांव जाओ, घर जाओ और दिल्ली से जाने के लिए बसें दीं, आधे रास्ते में छोड़ दिया, और श्रमिकों के लिए अनेक मुसीबतें पैदा कीं,               … (व्यवधान)उसके कारण यूपी, उत्तराखंड और पंजाब में जहां कोरोना की इतनी गति नहीं थी, इतनी तीव्रता नहीं थी, इस पाप के कारण कोरोना ने उनको भी लपेटे में ले लिया ।

          माननीय अध्यक्ष जी, यह कैसी राजनीति है, मानव जाति के ऊपर संकट के समय भी दलगत राजनीति कब तक चलेगी? मैं ही नहीं पूरा देश कांग्रेस के इस आचरण से अचम्भित है । दो साल से देश सौ साल के सबसे बड़े संकट का मुकाबला कर रहा है । कुछ लोगों ने जिस प्रकार से   व्यवहार किया, देश सोच में पड़ गया है, क्या यह देश आपका नहीं है? क्या इस देश के लोग आपके नहीं हैं? क्या उनके सुख-दुख आपके नहीं हैं?

श्री अधीर रंजन चौधरी :आप कैसी बातें कर रहे हैं?… (व्यवधान)

श्री नरेन्द्र मोदी: अध्यक्ष जी, इतना बड़ा संकट आया,कई राजनीतिक दल के नेता जरा आत्मनिरीक्षण करें, … (व्यवधान)इतने राजनीतिक दल के नेता जो जनता के माने हुए नेता अपने आप को मानते हैं, उन्होंने लोगों से रिक्वैस्ट की कि कोरोना एक ऐसा संकट है, वैश्विक महामारी है, आप मास्क पहनो, हाथ धोते रहो, दो गज की दूरी रखो । कितने नेता हैं, अगर इसे बार-बार देश की जनता को कहते तो उससे बीजीपी की सरकार को क्या फायदा होने वाला था? मोदी को क्या फायदा होने वाला था? लेकिन इतने बड़े संकट में भी इतना सा पवित्र काम करने से आप चूक गए ।

          माननीय अध्यक्ष जी, कुछ लोग हैं, उनको यह इंतजार था कि कोरोना वायरस मोदी की छवि को चपेट में ले लेगा । बहुत इंतजार किया और कोरोना ने भी आपके धैर्य की बड़ी कसौटी की है । आए दिन आप लोग औरों को नीचा दिखाने के लिए महात्मा गांधी का नाम लेते हैं । महात्मा गांधी की स्वदेशी की बात को बार-बार दोहराने से आपको कौन रोक रहा है?

अगर मोदी ‘वोकल फॉर लोकल’कहता है, मोदी ने कहा इसलिए शब्दों को छोड़ दो । लेकिन क्या आप नहीं चाहते हैं कि देश आत्मनिर्भर बने, जिस महात्मा गांधी के आदर्शों की बात करते हैं तब भारत में इस अभियान को ताकत देने या जुड़ने में क्या जाता था? उसका आप नेतृत्व लीजिए, महात्मा गांधी जी के स्वदेश के निर्णय को आगे बढ़ाइए, देश का भला होगा और हो सकता है । क्या आप महात्मा गांधी के सपनों को सच होते नहीं देखना चाहते हैं? आज पूरी दुनिया में योग ने कोरोना के समय में एक प्रकार से जगह बना ली । 

दुनिया भर में कौन हिंदुस्तानी होगा, जिसको योग के लिए गर्व न हो । आपने उसका भी मज़ाक उड़ाया, उसका भी विरोध किया । अच्छा होताकि आप लोगों को कहते कि संकट में घर में हैं, योगा कीजिए, आपको फायदा होगा । क्या नुकसान था? फिट इंडिया मूवमेंट चले, देश का नौजवान सशक्त हो, सामर्थ्यवान हो । आपको मोदी से विरोध हो सकता है । ‘फिट इंडिया’ मूवमेंट, राजनैतिक दलों के छोटे-छोटे युवा मंच होते हैं । अगर हम सब मिलकर‘फिट इंडिया’द्वारा देश की युवा शक्ति को इस सामर्थ्य की तरफ आगे बढ़ने के लिए कहते, लेकिन उसका भी विरोध, उसका भी उपहास । आपको क्या हो गया है? यह मुझे समझ में नहीं आ रहा है । मैं आज इसलिए कह रहा हूं कि आपको ध्यान में आए कि आप कहां खड़े हैं । मैंने इतिहास बताया, 60 साल से लेकर, 15 साल से पूरा कार्य, पूरा कालखंड,  इतने राज्य, कोई आपको घुसने नहीं दे रहा है । …(व्यवधान)

          माननीय अध्यक्ष जी, मैं यह विषय बहुत प्यार से कह रहा हूं, नाराज़ मत हो जाना । … (व्यवधान)मुझे कभी विचार आता है, उनके बयानों से, उनके कार्यक्रमों से, उनकी करतूतों से, जिस प्रकार से बोलते हैं, जिस प्रकार के मुद्दों से जुड़ते हैं, ऐसा लगता है कि आपने मन बना लिया है कि 100 साल तक सत्ता में नहीं आना है । …(व्यवधान)कोई ऐसा नहीं करता है, जी । थोड़ी सी भी आशा होती, थोड़ा सा भी लगता कि हाय, अब देश की जनता फिर से कुल्हार करेगी, तो ऐसा नहीं करते । खैर, अब आपने ही तय कर लिया है 100साल के लिए तो फिर मैंने भी तैयारी कर ली है । …(व्यवधान)

          माननीय अध्यक्ष जी, यह सदन इस बात का साक्षी है कि कोरोना वैश्विक महामारी से जो स्थितियां बनीं, जो स्थितियां उत्पन्न हुईं, उससे निपटने के लिए भारत ने जो भी रणनीति बनाई, उसको लेकर डे वन से क्या-क्या नहीं कहा गया? किस-किसने क्या बोला? आज वह खुद देखेंगे तो उनको हैरानी होगी कि ऐसा कैसे बुलवा लिया? कैसे बुलवा लिया और पता नहीं, हम क्या-क्या बोल दिए? दुनिया के और लोगों से कांफ्रेंस करके ऐसी बातें बुलवाई गईं ताकि पूरे विश्व में भारत बदनाम हो । खुद के टिके रहने के लिए आर्थिक आयोजन में भारत कैसा चल रहा है? बाई गॉड, क्‍या कुछ कहा गया? बड़े-बड़े पंडितों ने क्या-क्या कहा? आपकी पूरी ईको सिस्टम लग गई थी । हम जो भी समझते थे, भगवान ने जो समझ दी थी, लेकिन समझ से ज्यादा समर्पण बड़ा था । जहां समझ से समर्पण ज्यादा बड़ा होता है, वहां देश और दुनिया को अर्पण करने की ताकत भी होती है और हमने वह करके दिखाया है । हम जिस रास्ते पर चले, आज विश्व के अर्थ जगत के सभी ज्ञाता इस बात को मानते हैं कि भारत ने जिन आर्थिक नीतियों को लेकर इस कोरोना कालखंड में अपने आपको आगे बढ़ाया है, वह अपने आप में उदाहरणीय है । हम अनुभव भी करते हैं, हमने देखा है ।… (व्यवधान)

        माननीय अध्यक्ष जी, भारत आज दुनिया की बड़ी इकोनामीज़ में सबसे तेजी से विकसित हो रही बड़ी अर्थव्यवस्था है  । … (व्यवधान) इस कोरोना कालखंड में हमारे किसानों ने रिकॉर्ड पैदावार की  ।    … (व्यवधान) सरकार ने रिकॉर्ड खरीदी की  । दुनिया के अनेक देशों में जहां खाने का संकट पैदा हुआ । आपको पता होगा, 100 साल पहले जो आपदा आई थी, उसकी जो रिपोर्ट है, उसमें यह बात कही   गई है कि बीमारी से मरने वालों की जैसी तादाद है, वैसी भूख से मरने वालों की भी बड़ी तादाद है ।

18.00hrs           यह उस समय की, 100 साल पहले की रिपोर्ट में है । इस देश ने किसी को भूख से मरने नहीं दिया । हमने80करोड़ से अधिक देशवासियों को मुफ्त राशन उपलब्ध कराया और आज भी करा रहे हैं ।

          माननीय अध्यक्ष जी, हमारा टोटल एक्सपोर्ट हिस्टोरिकल और हाइएस्ट रेकॉर्ड पर है । यह कोरोना काल में है । कृषि एक्सपोर्ट ऐतिहासिक तौर पर टॉप पर पहुंचा है । सॉफ्टवेयर एक्सपोर्ट नई ऊंचाई की तरफ बढ़ रहा है । मोबाइल फोन एक्सपोर्ट में अभूतपूर्व वृद्धि हुई है । डिफेंस एक्सपोर्ट, इसमें कई लोगों को परेशानी हो रही है । यह ‘आत्मनिर्भर भारत’ का कमाल है कि आज देश डिफेंस एक्सपोर्ट में भी अपनी पहचान बना रहा है । … (व्यवधान) एफडीआई और एफपीआई … (व्यवधान)

माननीय अध्यक्ष :माननीय सदस्य, आप चुप रहिए । आप शांत रहिए ।

… (व्यवधान)

माननीय अध्यक्ष : माननीय सदस्य, प्लीज आप शांत हो जाइए ।

… (व्यवधान)

माननीय अध्यक्ष :माननीय सदस्य, एक मिनट आप भी चुप रहिए ।

… (व्यवधान)

माननीय अध्यक्ष : माननीय सदस्य, आप चुप रहिए । आपको बोलने की इजाजत किसने दी है?      

… (व्यवधान)

माननीय अध्यक्ष : माननीय सदस्यगण,मैंने सभी माननीय सदस्यों को पर्याप्त समय और पर्याप्त अवसर दिया है । लेकिन, जब आपने बोला, तो मैंने कहा कि जब इस सदन के नेता बोलेंगे तो कोई  टीका-टिप्पणी नहीं करेंगे । यह उचित व्यवहार नहीं है । सदन के नेता बोल रहे हैं । आप सदन की गरिमा को बनाए रखिए । यह मेरा आपसे आग्रह है ।

श्री अधीर रंजन चौधरी :सर, हम गरिमा बनाकर बात कर रहे हैं ।

माननीय अध्यक्ष : मैं आपको बोलने का मौका दूंगा ।

… (व्यवधान)

माननीय अध्यक्ष: आप बैठ जाइए । मैंने आपको मौका नहीं दिया है ।

          माननीय प्रधान मंत्री जी ।

… (व्यवधान)

माननीय अध्यक्ष :दादा, क्या मैंने आपको मौका नहीं दिया है?

… (व्यवधान)

 

माननीय अध्यक्ष :माननीय सदस्य, हां, हम समझेंगे और समझाएंगे । आप पूरा सुनिए हम सब समझाएंगे । 

… (व्यवधान)

श्री नरेन्द्र मोदी: अध्यक्ष जी, सदन में थोड़ी-बहुत टोका-टोकी तो आवश्यक होती है । उससे गर्मी रहती है, लेकिन जब वह सीमा के बाहर जाता है,तो लगता है कि हमारे साथी ऐसे हैं? … (व्यवधान)उनकी पार्टी के एक एमपी ने चर्चा की शुरुआत की थी । यहां से कुछ छोटा-मोटा नोक-झोंक चल रहा था । मैं अपने कमरे से स्क्रीन पर देख रहा था कि हमारे मंत्री प्रहलाद जी पीछे गए और सबको रोका । वहां से चैलेंज आया कि अगर हमें रोकोगे, तो तुम्हारे नेता का यह हाल करेंगे, क्या इसीलिए यह हो रहा है? … (व्यवधान) हरेक को अपना सीआर सुधारने की कोशिश करनी चाहिए । मैं मानता हूं कि जितना आपने किया है, उससे आपका सीआर ठीक हो गया है । जिन लोगों को रजिस्टर करना है, आपके इस पराक्रम को कर लिया है । आप ज्यादा क्यों कर रहे हैं?  … (व्यवधान)इस सत्र में आपको कोई नहीं निकालेगा । आप विश्वास कीजिए । इस सत्र में आपको कोई नहीं निकालेगा, मैं आपको गारंटी देता हूं । … (व्यवधान)

 श्री अधीर रंजन चौधरी : मैं यहां जनता द्वारा चुने गए नुमाइंदे के रूप में आया हूं ।

माननीय अध्यक्ष :ठीक है ।

… (व्यवधान)

श्री नरेन्द्र मोदी: माननीय अध्यक्ष जी, आज भारत में एफडीआई और एफपीआई का रेकॉर्ड निवेश हो रहा है । रिन्यूएबल एनर्जी के क्षेत्र में आज हिन्दुस्तान दुनिया के टॉप फाइव कंट्रीज में है ।

          माननीय अध्यक्ष जी, ये सब इसलिए संभव हुआ है कि कोरोना काल में इतना बड़ा संकट सामने होने के बावजूद भी, अपने कर्तव्यों को निभाते हुए इस संकट के काल में देश को बचाना है, तो रिफॉर्म्स  जरूरी थे । हमने वे जो रिफॉर्म्स किए, उसका परिणाम है कि हम आज इस स्थिति पर पहुंचे हैं ।…(व्यवधान)

माननीय अध्यक्ष :माननीय सदस्य, प्लीज आप बैठ जाइए । यह आपका गलत तरीका है ।

… (व्यवधान)

श्री नरेन्द्र मोदी   :    माननीय अध्यक्ष   जी, एमएसएमईज़   सहित   हर  उद्योग को जरूरी सपोर्ट दिया ।…(व्यवधान)

माननीय अध्यक्ष :माननीय सदस्य, आप बैठ जाइए । सदन ऐसे नहीं चलेगा ।

… (व्यवधान)

श्री नरेन्द्र मोदी : हमने नियमों को, प्रक्रियाओं को सरल किया । ‘आत्मनिर्भर भारत’ का जो मिशन है, हमने उसको चरितार्थ करने की भरपूर कोशिश की है । ये सारी उपलब्धियां ऐसे हालातों में देश ने हासिल   की हैं, जब अंतर्राष्ट्रीय स्तर पर आर्थिक जगत में बहुत बड़ी उथल-पुथल आज भी चल रही है । सप्लाई चेन पूरी तरह चरमरा गई है, लॉजिस्टिक सपोर्ट में अनेक संकट पैदा हुए हैं । दुनिया में सप्लाई चेन की वजह से केमिकल फर्टिलाइजर पर कितना बड़ा संकट आया है और भारत आयात करने पर डिपेन्डेंट है । देश पर कितना बड़ा आर्थिक बोझ आया है । पूरे विश्व में ऐसे हालात पैदा हुए हैं, लेकिन भारत ने किसानों को इस पीड़ा को झेलने के लिए मज़बूर नहीं किया । वह सारा बोझ देश ने अपने कंधों पर उठाया और किसानों पर ट्रांसफर नहीं होने दिया है ।…(व्यवधान)

श्री अधीर रंजन चौधरी  : बजट में कटौती हुई है ।…(व्यवधान)

श्री नरेन्द्र मोदी : भारत ने फर्टिलाइजर की सप्लाई को भी निरंतर जारी रखा है । कोरोना के संकट काल में भारत ने अपनी खेती को, अपने छोटे किसानों को संकट से बाहर निकालने के लिए बड़े फैसले लिए हैं । मैं कभी-कभी सोचता हूं कि जो लोग जड़ों से कटे हुए लोग हैं, दो-दो, चार-चार पीढ़ियों से महलों में बैठने की आदत हो गई है, देश के छोटे किसानों की क्या समस्याएं हैं, वे समझ ही नहीं पाए हैं । उनके अगल-बगल में जिन किसानों तक उनकी पहुंच थी, वे उससे आगे देख नहीं पाए हैं । मैं ऐसे लोगों से पूछना चाहता हूं कि छोटे किसानों के प्रति आपको इतनी नफ़रत क्यों है?...(व्यवधान)क्या आप छोटे किसानों के कल्याण के लिए रोड़े अटकाते रहते हैं?...(व्यवधान)आप छोटे किसानों को इस संकट में डालते हैं ।…(व्यवधान)

          माननीय अध्यक्ष जी, अगर गरीबी से मुक्ति चाहिए, तो हमें हमारे छोटे किसानों को मज़बूत बनाना होगा ।…(व्यवधान) अगर ग्रामीण अर्थव्यवस्था को मज़बूत बनाना है, तो हमारे छोटे किसानों को मज़बूत बनाना होगा । अगर हमारा छोटा किसान मज़बूत होता है, छोटी-सी ज़मीन होगी, अगर दो हेक्टेयर की भूमि होगी, तो भी वह उसको आधुनिक करने का प्रयास करेगा, कुछ नया सीखने का प्रयास करेगा और उसकी ताकत आएगी, तो देश की अर्थरचना को भी ताकत मिलेगी । इसलिए आधुनिकता के लिए छोटे किसानों की तरफ ध्यान देने का हमारा प्रयास है, लेकिन जिन लोगों के मन में छोटे किसानों के प्रति नफ़रत है, जिन्होंने छोटे किसानों का दुःख-दर्द नहीं जाना है, उनको किसानों के नाम पर अपनी राजनीति करने का कोई हक नहीं बनता है ।

          माननीय अध्यक्ष जी, इस बात को हमें समझना होगा कि सैकड़ों वर्षों का गुलामी कालखंड है, उसकी जो मानसिकता है, कुछ लोग आज़ादी के 75 सालों के बाद भी बदल नहीं पाए हैं । ये गुलामी की मानसिकता किसी भी राष्ट्र की प्रगति के लिए बहुत बड़ा संकट होती है । लेकिन आज मैं देश का एक  चित्र देखता हूं, एक ऐसा समुदाय, एक ऐसा वर्ग है, वह आज भी गुलामी की मानसिकता में जीता है । आज भी 19वीं सदी के काम और उस सोच में वह जकड़ा हुआ है । 20वीं सदी के जो कानून हैं, वे ही कानून उसको कानून लगते हैं । गुलामी की मानसिकता, 19वीं सदी का रहन-सहन, 20वीं सदी के कानून, 21वीं सदी की आकांक्षाएं पूरी नहीं कर सकते हैं । 21वीं सदी के अनुकूल बदलाव बहुत जरूरी हैं ।

          माननीय अध्यक्ष जी, हमने जिस बदलाव को अस्वीकार किया, उसका परिणाम क्या आया? फ्रेट कॉरिडोर, इतने मनोमंथन के बाद, कई वर्षों के बाद यह योजना बनी । इसकी वर्ष2006में प्लानिंग हुई । आप उसका वर्ष2006से लेकर वर्ष2014तक का हाल देखिए । वर्ष 2014 के बाद से उसमें तेजी आई । यूपी में ‘सरयू नहर परियोजना’70 के दशक में शुरू हुई और उसकी लागत 100 गुना बढ़ गई । हमारे आने के बाद हमने उस काम को पूरा किया । यह कैसी सोच है, क्या तरीके हैं? यूपी की ‘अर्जुन डैम परियोजना’वर्ष2009 में शुरू हुई थी । उसमें वर्ष2017तक एक तिहाई खर्चा हुआ था ।

हमने इतने कम समय में उस परियोजना को पूर्ण कर दिया । कांग्रेस के पास इतने सालों तक सत्ता थी तो वे चारधाम को ऑल वेदर सड़कों में परिवर्तित कर सकते थे, जोड़ सकते थे, लेकिन उन्होंने नहीं किया । वाटरवेज, पूरी दुनिया वाटरवेज को समझती है, लेकिन हमारा ही देश था कि हमने वाटरवेज को नकार दिया । आज हमारी सरकार वाटरवेज पर काम कर रही है । पुरानी अप्रोच से गोरखपुर का कारखाना बंद होता था, लेकिन हमारी अप्रोच से गोरखपुर का फर्टिलाइजर का कारखाना शुरू होता है ।… (व्यवधान)

          माननीय अध्यक्ष जी, ये लोग ऐसे हैं, जो जमीन से कटे हुए हैं, उसके कारण उनके लिए फाइल की मूवमेंट, फाइल में सिग्नेचर करके कौन अगला मुलाकाती आएगा, उसी के इंतजार में ये रहते हैं । आपके लिए फाइल सब कुछ है । हमारे लिए 130 करोड़ देशवासियों की लाइफ महत्वपूर्ण है । आप फाइल में खोए रहे, हम लाइफ बदलने के लिए जी जान से जुटे रहे ।… (व्यवधान)आज उसी का परिणाम है प्रधान मंत्री गति शक्ति मास्टर प्लान । यह एक हॉलिस्टिक एप्रोच है, टुकड़ों में नहीं है कि आधा काम वहां हो रहा है, रोड बन रही है, फिर बिजली वाला आकर खुदाई करता है । वह चीज ठीक होती है, फिर पानी वाला आकर खुदाई करता है । इन सारी समस्याओं से बाहर आकर हम डिस्ट्रिक्ट लेवल तक गति शक्ति मास्टर प्लान की दिशा में काम कर रहे हैं । उसी प्रकार से हमारे देश की विशेषता को देखते हुए हम 'मल्टी  मॉडल ट्रांसपोर्ट 'सिस्टम पर बड़ा जोर दे रहे हैं और कनेक्टिविटी के आधार पर हम इस पर जोर दे रहे हैं ।

          माननीय अध्यक्ष जी, आजादी के बाद सबसे तेज गति से ग्रामीण सड़कें बन रही हैं तो इन पांच सालों  के कालखंड में बन रही हैं । नेशनल हाईवेज़ बन रहे हैं । रेलवे लाइनों का बिजलीकरण हो रहा है । आज देश नए एयरपोर्ट्स, हैलीपोर्ट्स और वाटरड्रॉम का नेटवर्क खड़ा कर रहा है । देश के 6 लाख से अधिक गांवों में ऑप्टिकल फाइबर नेटवर्क के लिए काम चल रहा है ।

          माननीय अध्यक्ष जी, ये सारे काम ऐसे हैं, जो रोज़गार देते हैं । ज्यादा से ज्यादा रोज़गार इन्हीं कामों से मिलता है । आधुनिक इंफ्रास्ट्रक्चर आज देश की आवश्यकता है और अभूतपूर्व निवेश भी हो रहा है और उसी से रोज़गार भी बढ़ना है, विकास भी बढ़ना है, विकास की गति भी बढ़नी है और इसीलिए आज देश उस दिशा में काम कर रहा है ।

          माननीय अध्यक्ष जी, अर्थव्यवस्था जितनी ज्यादा ग्रो करेगी, उतने ही रोज़गार के अवसर पैदा होंगे और इसी लक्ष्य को लेकर पिछले सात सालों से हमने इन चीजों पर फोकस किया है और उसका परिणाम है, हमारा ‘आत्मनिर्भर भारत अभियान’ । मैन्युफैक्चरिंग हो या सभी सेक्टर्स हों,हर सेक्टर में हमारा उत्पादन बढ़ रहा है । ‘आत्मनिर्भर भारत अभियान’की वजह से आज हम ग्लोबल वैल्यू चेन के हिस्से बन रहे हैं । यह अपने आप में भारत के लिए एक अच्छी निशानी है । हमारा बड़ा फोकस एमएसएमई और टेक्सटाइल्स जैसे लेबर इंसेंटिव सेक्टर्स में है ।…(व्यवधान)एमएसएमई की परिभाषा में हमने सुधार करके उसको भी नए अवसर दिए हैं ।

अपने छोटे उद्योगों को सुरक्षित करने के लिए, एमएसएमईज के लिए सरकार ने इस कोरोना के विकट कालखण्ड में 3 लाख करोड़ रुपये की विशेष योजना भी शुरू की है और उसका लाभ हमारे एमएसएमई सेक्टर को मिला है । इसकी एक बहुत बढ़िया स्टडी एसबीआई ने की है । एसबीआई की स्टडी कहती है कि साढ़े तेरह लाख एमएसएमईज इस योजना के कारण बर्बाद होने से बच गए । एसबीआई की स्टडी कहती है कि डेढ़ करोड़ नौकरियां बची हैं और करीब 14 प्रतिशत एमएसएमईज के लोन्स के कारण एनपीए होने की जो संभावना थी, वे उससे बच गए ।

          माननीय अध्यक्ष जी, जो सदस्य जमीन पर जाते हैं, वे इसके प्रभाव को देख सकते हैं । विपक्ष के भी कई साथी मुझे मिलते हैं, कहते हैं कि इस योजना ने बहुत बड़ा लाभ दिया है और एमएसएमई सेक्टर को इस संकट की घड़ी में बहुत बड़ा सहारा दिया है ।

          माननीय अध्यक्ष जी, उसी प्रकार से मुद्रा योजना इतनी सफल रही है, हमारी कितनी माताएं-बहनें इस क्षेत्र में आई हैं और लाखों लोग बिना गारन्टी, बैंक से लोन लेकर, अपने स्वरोजगार की दिशा में आगे बढ़े हैं । वे खुद तो करते ही हैं, एक-दो अन्य लोगों को रोजगार भी देते हैं ।

          स्वनिधि योजना, स्ट्रीट वेंडर्स – कभी हमने सोचा नहीं था  । आजादी के बाद पहली बार स्ट्रीट वेंडर्स को बैंक के अंदर से लोन मिल रहा है, हमारा स्ट्रीट वेंडर डिजिटल ट्रांसजैक्शन कर रहा है और करोड़ों श्रमिकों को लाभ मिल रहा है  ।  हमने गरीब श्रमिकों के लिए 2 लाख करोड़ रुपये से ज्यादा खर्च किए हैं । आत्मनिर्भर भारत रोजगार योजना के तहत हजारों लाभार्थियों के खाते में हमने सीधे पैसे ट्रांसफर किए ।

          माननीय अध्यक्ष जी, इंडस्ट्री को गति देने के लिए बेहतर इंफ्रास्ट्रक्चर की बहुत जरूरत होती है । पीएम गतिशक्ति मास्टर प्लान हमारी लॉजिस्टिक्स कॉस्ट को बहुत कम करेगा और उसके कारण देश में भी माल सस्ते में पहुंच पाएगा और एक्सपोर्ट करने वाले लोग भी दुनिया के साथ कम्पिटिशन कर पाएंगे । पीएम गतिशक्ति प्लान इसलिए आने वाले दिनों में बहुत लाभकारक होने वाला है ।

          माननीय अध्यक्ष जी, सरकार ने एक और बड़ा काम किया है । नए क्षेत्रों को एंटरप्रिन्योर्स के लिए हमने ओपन कर दिया है । आत्मनिर्भर भारत योजना के तहत स्पेस, डिफेंस, ड्रोन्स और माइनिंग में प्राइवेट सेक्टर को आज हमने देश के विकास में भागीदार बनने के लिए हमने निमन्त्रित किया है । देश  में एंटरप्रिन्योर्स के लिए बेहतर माहौल बनाने के लिए सिम्पल टैक्स सिस्टम की शुरुआत की गई है । हजारों कम्प्लायेंसेज हैं, हमारे देश में आदत ऐसी है कि हर डिपार्टमेंट कहता है कि यह कागज लाओ, वह कागज लाओ ।  ऐसी सारी करीब 25 हजार कम्प्लायेंसेज हमने खत्म की हैं । आज मैं राज्यों से भी आग्रह करूंगा कि वे भी ढूंढ़-ढूंढ़कर ऐसे कम्प्लायेंसेज को खत्म करें,  देश के नागरिकों को परेशानी हो रही है, उसको समझें हम लोग  । आज देश में इस प्रकार के बैरियर्स हटाए जा रहे हैं । डोमेस्टिक इंडस्ट्री को लेवल प्ले फील्ड देने के लिए, हम एक के बाद एक कदम उठाते जा रहे हैं ।

          माननीय अध्यक्ष जी, आज देश उस पुरानी अवधारणा से बाहर निकल रहा है । हमारे देश में यह सोच बन गई है कि सरकार ही भाग्य-विधाता है, तुम्हें सरकार पर ही निर्भर रहना पड़ेगा, तुम्हारी आशा-अपेक्षाएं कोई पूरी नहीं कर सकता है, सरकार ही करेगी । सब कुछ सरकार देगी । हम लोगों ने इतना इगो पालकर रखा था और उसके कारण देश के सामर्थ्य को भी चोट पहुंची है । इसलिए सामान्य युवाओं के सपने, युवा कौशल, उसके रास्ते हमने नए सिरे से सोचना शुरू किया । सब कुछ सरकार करती है, ऐसा नहीं है । देशवासियों की ताकत अनेक गुना ज्यादा होती है । वे अगर सामर्थ्य के साथ, संकल्प के साथ जुड़ जाते हैं तो परिणाम मिलता है । आप देखिए, वर्ष 2014के पहले हमारे देश में सिर्फ500स्टार्ट-अप्स थे । जब देश के नौजवानों को अवसर दिया जाता है, तब क्या परिणाम आता है –जहां वर्ष 2014 के पहले500स्टार्ट-अप्स थे, अब इन सात वर्षों में 7,000 स्टार्ट-अप्स इस देश में काम कर रहे हैं । यह मेरे देश के युवाओं की ताकत है । उसमें यूनिकॉर्न बन रहे हैं और एक-एक यूनिकॉर्न, यानी उसकी हजारों करोड़ की वैल्यू तय हो जाती है । बहुत ही कम समय में भारत के यूनिकॉर्न सेंचुरी बनाने की दिशा में आगे बढ़ रहे हैं । यह बहुत बड़ा अचीवमेंट है । पहले हजारों करोड़ रुपये की कंपनी बनने में दशकों लग जाते थे । आज हमारे नौजवानों की ताकत है और सरकार की नीतियों के कारण साल-दो साल के अंदर हजारों करोड़ के कारोबार को उनके आस-पास वह देख पा रहे हैं । …(व्यवधान)

          माननीय अध्यक्ष जी, आज हम स्टार्ट-अप यूनिकॉर्न्स के मामले में दुनिया में टॉप थ्री में पहुंच गए हैं । कौन हिन्दुस्तानी होगा, जिसको गर्व नहीं होगा? लेकिन ऐसे समय इस सरकार का अंतर्विरोध करने की जिनको आदत लग गई है, वे सुबह-सुबह शुरू हो जाते हैं । मैंने यहां देखा हमारे अधीर रंजन जी कह रहे थे कि क्या रखा है कि मोदी, मोदी, मोदी करते रहते हो । यही कह रहे थे न ।

सब लोग मोदी, मोदी बोल रहे हैं, आप क्यों बोल रहे हैं? … (व्यवधान)आप लोग सुबह होते ही शुरू हो जाते हैं । आप लोग एक पल भी मोदी के बिना नहीं बिता सकते हैं । अरे मोदी तो आपकी प्राणशक्ति है ।

श्री अधीर रंजन चौधरी  : मोदी जी प्रधान मंत्री हैं, इसलिए मोदी जी का नाम तो लेना ही पड़ेगा, क्या करें? … (व्यवधान)

माननीय अध्यक्ष :आपकेएक माननीय सदस्य बोल रहे हैं न ।

… (व्यवधान)

श्री अधीर रंजन चौधरी  : यह हमारी तहजीब है ।

माननीय अध्यक्ष :आप बैठिए ।

श्री नरेन्द्र मोदी :कुछ लोगों को देश के नौजवानों को, देश के एंटरप्रेन्योर्स को, देश के वेल्थ क्रिएटर्स को डराने में आनंद आता है, उनको भयभीत करने में आनंद आता है, उनको गुमराह करने में आनंद आता है । देश का नौजवान उनकी बातें सुन नहीं रहा है, इसके कारण देश आगे बढ़ रहा है । आज जो यूनिकॉर्न है, उसमें से कुछ मल्टीनेशनल कंपनियां बनने का सामर्थ्य रखते हैं ।

लेकिन कांग्रेस में ऐसे लोग बैठे हैं, जो कहते हैं, जो हमारे उद्यमी हैं, उनके लिए कहते हैं और आपको भी जानकर आश्चर्य होगा कि वे कहते हैं कि ये उद्यमी लोग कोरोना वायरस का वैरिएंट हैं । बताइए, क्या हो गया है? क्या हमारे देश के उद्यमी कोरोना वायरस के वैरिएंट हैं? हम क्या बोल रहे हैं, किसके लिए बोल रहे हैं? कोई आपके अंदर बैठे तो जरा बोलो तो सही यह क्या हो रहा है? पार्टी का नुकसान हो रहा है, कांग्रेस पार्टी का नुकसान हो रहा है । … (व्यवधान)

श्री गौरव गोगोई (कलियाबोर) : डबल ए वैरिएंट बोला था ।

श्री नरेन्द्र मोदी :माननीय अध्यक्ष जी, जो लोग इतिहास से सबक नहीं लेते हैं, वे इतिहास में खो जाते हैं । … (व्यवधान) यह मैं इसलिए कह रहा हूं कि जो60से 80 का दशक है, उनके सभी प्रमुख लोग उसमें आ जाते हैं, जो देश का नेतृत्व करते थे । मैं उस कालखण्ड की बात कर रहा हूं । उस60से 80 के दशक में क्या नेरेटिव होता था कि कांग्रेस के ही सत्ता साथी, कांग्रेस के साथ रहकर सुख भोगने वाले लोग, वही लोग, पंडित नेहरू जी की सरकार को और श्रीमती इन्दिरा ग्रांधी जी की सरकार को क्या कहते थे कि यह तो टाटा-बिड़ला की सरकार है, इस सरकार को टाटा-बिड़ला चला रहे हैं ।

60से 80 के दशक तक यही बातें बोली जाती थीं, नेहरू जी के लिए बोली जाती थीं, इंदिरा जी के लिए बोली जाती थीं और आपने उनके साथ सत्ता में भागीदारी की है, लेकिन उनकी आदतें भी ले लीं । आप भी उसी भाषा में बोल रहे हैं । मैं देख रहा हूं कि आप इतने नीचे गए हैं, इतने नीचे गए हैं, हां! मुझे लगता है कि आज पंचिंग बैग बदल गया है, लेकिन आपकी आदत नहीं बदली है । मुझे विश्‍वास है, यही लोग सदन में कहने की हिम्मत करते थे, बाहर तो बोलते ही थे, जहां मौका मिले, चुप नहीं रहते थे । वे कहते हैं कि मेक इन इंडिया हो ही नहीं सकता है, बताओ, इसमें आनंद आ रहा है । क्या कोई ऐसा हिन्दुस्तान के लिए सोच सकता है कि मेक इन इंडिया हो ही नहीं सकता है ।

अरे भई! आपको तकलीफ होगी, तो हम आ कर करेंगे, ठीक है, ऐसा बोलो, लेकिन देश को क्यों गाली देते हो, देश के खिलाफ क्यों बोलते हो? मेक इन इंडिया हो नहीं सकता । मेक इन इंडिया का मजाक उड़ाया गया और आज देश की युवा शक्ति ने, देश के एन्टरप्रिन्योर्स ने करके दिखाया है और आप मजाक के विषय बन गए हैं ।…(व्यवधान)

श्री अधीर रंजन चौधरी : आप दो करोड़ नौकरी की बात करिए ।…(व्यवधान)

श्री नरेन्द्र मोदी: मेक इन इंडिया की सफलता, आप लोगों को कितना दर्द दे रही है, मैं यह भली-भाँति समझ पा रहा हूं ।…(व्यवधान)

श्री अधीर रंजन चौधरी :  आपने दो करोड़ नौकरी का वादा किया था ।…(व्यवधान)

श्री नरेन्द्र मोदी : माननीय अध्यक्ष जी, मेक इन इंडिया से, कुछ लोगों को इस बात से तकलीफ है, क्योंकि मेक इन इंडिया का मतलब है – कमीशन के रास्ते बंद, मेक इन इंडिया का मतलब है – भ्रष्टाचार के रास्ते बंद, मेक इन इंडिया का मतलब है – तिजोरी भरने के रास्ते बंद,   इसलिए मेक इन इंडिया का ही विरोध करो ।…(व्यवधान)

श्री अधीर रंजन चौधरी :  नीरव मोदी का इंडिया होगा ।…(व्यवधान)

श्री नरेन्द्र मोदी : भारत के सामर्थ्य को नजरअंदाज करने का पाप, देश के लघु उद्यमियों के सामर्थ्य का अपमान, देश के युवाओं का अपमान, देश की इनोवेटिव क्षमता का अपमान, देश में इस प्रकार का नकारात्मकता, निराशा का वातावरण, खुद निराश हैं, खुद सफल नहीं हो पा रहे हैं, इसलिए देश को असफल करने के लिए जो खेल चल रहे हैं, उनके खिलाफ देश का नौजवान बहुत जाग चुका है, जागृत हो चुका है ।

          माननीय अध्यक्ष जी, पहले जो सरकार चलाते थे, जिन्होंने50सालों तक देश की सरकारें चलाईं, मेक इन इंडिया को लेकर उनका क्या रवैया था, हम सिर्फ डिफेंस सेक्टर को देखें, तो सारी बातें समझ में आती थीं कि वे क्या करते थे, कैसे करते थे, क्यों करते थे और किसके लिए करते थे? पहले सालों में क्या होता था, नए इक्विमेंट्स खरीदने के लिए सालों तक प्रोसेस चलती थी और जब फाइनल निर्णय होता था, तब वह चीज पुरानी हो जाती थी । अब आप बताइए कि देश का क्या भला हुआ? वे आउट ऑफ डेटेड हो जाती थीं और हम पैसे देते थे । हम ने इन सारी प्रॉसेसज को सिम्पलिफाई किया । सालों से डिफेंस सेक्टर के जो इश्यूज पेंडिंग थे, हम ने उनको निपटाने का प्रयास किया । पहले किसी भी आधुनिक प्लेटफॉर्म या इक्विपमेंट के लिए हमें दूसरे देशों की तरफ देखना पड़ता था । जरूरत के समय आपाधापी में आयुध खरीदा जाता था, यह लाओ, वह लाओ, भाई! कौन पूछता है, हो जाए । यहां तक की स्पेयर पार्ट्स के लिए भी हम अन्य देशों पर निर्भर रहे हैं । हम दूसरों पर निर्भर हो कर इस देश की सुरक्षा निश्चित नहीं कर सकते हैं । हमारे पास यूनिक व्यवस्था होनी चाहिए, हमारी अपनी व्यवस्था होनी चाहिए । रक्षा क्षेत्र में आत्मनिर्भर होना, यह राष्ट्र सेवा का भी एक बहुत बड़ा काम है और मैं देश के नौजवानों को भी आह्वान करता हूं कि आप अपने करियर में इस क्षेत्र को चुनिए, हम ताकत के साथ खड़े होंगे ।

          माननीय अध्यक्ष जी, ज्यादा-से-ज्यादा रक्षा उपकरण भारत में ही बनाएंगे, भारतीय कम्पनियों से ही खरीदेंगे, इसका प्रावधान भी इस बजट में किया गया है । बाहर से रक्षा उपकरण लाने के रास्ते बंद करने की दिशा में हमने कदम बढ़ाए हैं । हमारी सेनाओं की जरूरत पूरी होने के अलावा हम एक बड़े डिफेंस एक्सपोर्टर बनने का सपना लेकर चल रहे हैं । मुझे विश्वास है कि यह संकल्प भी पूरा होगा । मैं जानता हूँ कि रक्षा सौदों में बड़ी-बड़ी ताकतें पहले अच्छे-अच्छों को खरीद लेती थीं । ऐसी ताकतों को मोदी ने चुनौती दी है, इसलिए मोदी पर उनका नाराज होना ही नहीं, बल्कि उनका गुस्सा होना भी स्वाभाविक है । उनका गुस्सा प्रकट भी होता रहता है ।

          विपक्ष के हमारे कुछ साथियों ने यहाँ पर महँगाई का मुद्दा भी उठाया । अच्छा लगता, देश का भी भला होता, अगर आपकी यह चिन्ता तब भी होती, जब कांग्रेस के नेतृत्व में यूपीए की सरकार थी । यह दर्द उस समय भी होना चाहिए था । शायद आप भूल गए हैं । मैं ज़रा आपको याद दिलाना चाहता हूँ । कांग्रेस सरकार के आखिरी पाँच सालों में लगभग पूरे कार्यकाल में देश को डबल डिजिट महँगाई की मार झेलनी पड़ी थी ।

हमारे आने से पहले यह स्थिति थी । कांग्रेस की ऐसी नीतियाँ थीं कि सरकार खुद मानने लगी थी कि महँगाई उसके नियंत्रण से बाहर है । वर्ष2011में तत्कालीन वित्त मंत्री जी ने लोगों से बेशर्मी के साथ कह दिया था कि महँगाई कम करने के लिए किसी अलादीन के जादू की उम्मीद न करें । यह आपके नेताओं की असंवेदनशीलता है ।… (व्यवधान)

          चिदम्बरम जी इन दिनों इकोनॉमी पर अखबारों में लेख लिखते हैं । वे जब सरकार में थे, तब क्या कहते थे, आपके उस समय के नेता क्या कहते थे? वर्ष2012में उन्होंने कहा था कि "लोगों को 15 रुपए की पानी की बोतल और 20 रुपए की आइसक्रीम खरीदने में तकलीफ नहीं होती है, लेकिन गेहूँ-चावल पर एक रुपया बढ़ जाए, तो बर्दाश्त नहीं होता ।" ये आपके नेताओं के बयान हैं यानी महंगाई के प्रति कितना असंवदेनशीन रवैया था  । यह चिंता का कारण है  ।    

          महँगाई देश के सामान्य मानव से सीधा जुड़ा हुआ मुद्दा है । हमारी सरकार ने, एनडीए सरकार ने पहले दिन से ही सतर्क और संवेदनशील रहकर इस मसले को बारीकी से हैंडल करने का प्रयास किया । इसलिए हमारी सरकार ने महँगाई नियंत्रण को अपनी वित्तीय पॉलिसी का प्राथमिक लक्ष्य बनाया है ।

          माननीय अध्यक्ष जी, सौ साल में आई इतनी बड़ी महामारी के इस कालखंड में भी हमने प्रयास किया कि महँगाई और जरूरी चीजों की कीमत आसमान न छुए ।… (व्यवधान)सामान्य मानव के लिए… (व्यवधान)दादा आपके काम की बात है, आप मजा लो न । आपके काम आएगा । मैं थोड़ा आगे बोलूँगा, तो आपके काम आएगा ।… (व्यवधान)

          माननीय अध्यक्ष जी, महंगाई और जरूरी चीज़ों की कीमत आसमान न छुए, सामान्य मानवी के लिए, खासकर गरीब के लिए, महंगाई बर्दाशत की सीमा से बाहर न हो । … (व्यवधान)  महंगाई को नियंत्रण में रखने के लिए हमने क्या किया, यह आंकड़े खुद बता रहे हैं । … (व्यवधान) कांग्रेस के समय जहां महंगाई दर डबल डिजिट में थी, दस प्रतिशत से ज्यादा थी, वहीं वर्ष 2014 से वर्ष 2020तक महंगाई पांच प्रतिशत से कम रही है । … (व्यवधान) कोरोना के बावजूद … (व्यवधान)मैं आपको बोलने देना चाहता हूं, क्योंकि आगे आपको मजा आने वाला है । … (व्यवधान)आप ज़रा इंतज़ार करो, मैं आ रहा हूं ।… (व्यवधान)

          कोरोना के बावजूद इस साल महंगाई5.2प्रतिशत रही है और उसमें भी फूड इन्फ्लेशन तीन प्रतिशत से कम रहा है । … (व्यवधान) आप अपने समय में वैश्विक परिस्थितियों की दुहाई देकर पल्ला झाड़ लेते थे । … (व्यवधान)वैसे महंगाई पर कांग्रेस के राज में पंडित नेहरू जी ने लाल किले से क्या कहा, वह ज़रा आपको मैं बताना चाहता हूं । … (व्यवधान)पंडित नेहरू जी, देश के पहले प्रधान मंत्री, लाल किले से बोल रहे हैं । … (व्यवधान) देखिए, आपकी इच्छा रहती है कि मैं पंडित जी का नाम नहीं बोलता हूं, आज मैं बार-बार बोलने वाला हूं । … (व्यवधान) आज तो नेहरू जी ही नेहरू जी । …(व्यवधान)आज मजा लीजिए, आपके नेता कहेंगे मजा आ गया । …(व्यवधान)

          माननीय अध्यक्ष जी, पंडित नेहरू जी ने लाल किले से कहा था । …(व्यवधान)यह उस जमाने में कहा गया था, जब ग्लोब्लाइज़ेशन इतना नहीं था, नाम मात्र का भी नहीं था ।… (व्यवधान) उस समय नेहरू जी लाल किले से देश का संबोधन करते हुए क्या कह रहे हैं? कभी-कभी कोरिया में लड़ाई भी हमें प्रभावित करती है । इसके चलते वस्तुओं की कीमतें बढ़ जाती हैं । इति, नेहरू जी ।… (व्यवधान) भारत के पहले प्रधान मंत्री । …(व्यवधान)कभी-कभी कोरिया में लड़ाई भी हमें प्रभावित करती है । … (व्यवधान)इसके चलते वस्तुओं की कीमतें बढ़ जाती हैं और हमारे नियंत्रण से भी बाहर हो जाती हैं । … (व्यवधान)देश के सामने देश का पहला प्रधान मंत्री हाथ ऊपर कर देता है । … (व्यवधान) आगे क्या कहते हैं । … (व्यवधान)देखो जी, आपके काम की बात है । … (व्यवधान)पंडित नेहरू जी आगे कहते हैं, अगर अमेरिका में भी कुछ हो जाता है, तो इसका असर भी वस्तुओं की कीमतों पर पड़ता है । … (व्यवधान)सोचिए, तब महंगाई की समस्या कितनी गंभीर थी कि नेहरू जी को लाल   किले से देश के सामने हाथ ऊपर करने पड़े थे । … (व्यवधान)नेहरू जी ने यह तब कहा था । … (व्यवधान)

          माननीय अध्यक्ष जी, अगर कांग्रेस सरकार आज सत्ता में होती । …(व्यवधान)खैर, देश का नसीब है । … (व्यवधान)देश बच गया, लेकिन आज अगर आप होते, तो महंगाई को कोरोना के खाते में जमाकर के, झाड़ करके आप लोग निकल जाते ।…(व्यवधान)लेकिन हम बड़ी संवेदनशीलता के साथ इस समस्या को महत्वपूर्ण समझते हुए उसका समाधान करने के लिए पूरी ताकत से काम कर रहे हैं । आज दुनिया में अमेरिका और ओईसीडी जैसे देशों में महंगाई करीब-करीब सात प्रतिशत है । हम किसी पर ठीकरा फोड़कर भाग जाने वालों में से नहीं हैं, हम ईमानदारी से प्रयास करने वाले लोग हैं, जिम्मेदारी के साथ देशवासियों के साथ खड़े रहने वाले लोग हैं ।

          माननीय अध्यक्ष जी, इस सदन में भी गरीबी कम करने के बड़े-बड़े आंकड़े दिए गए, लेकिन एक बात भूल गए । इस देश का गरीब इतना विश्वासघाती नहीं है कि कोई सरकार उसकी भलाई के लिए काम करे और वे उस सरकार को ही सत्ता से बाहर करने कर काम करें । ऐसा करना देश के गरीब के स्वभाव में नहीं है । आपकी यह दुर्दशा इसलिए हुई क्योंकि आपने मान लिया था कि नारे देकर गरीबों को अपने चंगुल में फंसाए रखोगे, लेकिन गरीब जाग गया, गरीब आपको जान गया । इस देश का गरीब इतना जागृत है कि आपको 44 सीटों पर समेट दिया, आपको 44 सीट पर लाकर रोक दिया । कांग्रेस वर्ष 1971 से ‘गरीबी हटाओ’ के नारे पर चुनाव जीतती रही थी ।40 साल बाद गरीबी तो हटी नहीं, लेकिन कांग्रेस सरकार ने नई परिभाषा दे दी ।… (व्यवधान)माननीय अध्यक्ष जी, देश के नौजवानों को इन बातों का जानना बहुत जरूरी है और आप यह भी देखिए कि ये डिस्टर्ब तभी करते हैं, जब इन्हें अंदाजा हो जाता है कि चोट बड़ी गहरी होने वाली है ।… (व्यवधान) इन्हें मालूम है कि आज मुसीबत में फंसे हैं और कुछ लोग बोलकर भाग जाते हैं और झेलना ऐसे बेचारों को पड़ता है ।

          माननीय अध्यक्ष जी, 40 साल बाद गरीबी तो नहीं हटी, लेकिन गरीबों ने कांग्रेस को हटा दिया और कांग्रेस ने क्या किया? … (व्यवधान) कांग्रेस ने गरीबी की परिभाषा बदल दी । वर्ष 2013में एक ही झटके में उन्होंने कागज पर कमाल करके 17 करोड़ गरीब लोगों को अमीर बना दिया । यह कैसे हुआ, इसकी सच्चाई देश के युवाओं को पता होनी चाहिए । मैं आपको उदाहरण देता हूं । आपको मालूम है कि हमारे देश में पहले रेलवे में फर्स्ट क्लास, सैकेंड क्लास और थर्ड क्लास होता था । फर्स्ट क्लास में दरवाजे की तरफ एक लाइन होती थी, सैकेंड क्लास में दो लाइन और थर्ड क्लास में तीन लाइन होती थी । इन्हें लगा कि थर्ड क्लास वाला मैसेज ठीक नहीं है, इसलिए इन्होंने एक लाइन निकाल दी । इनके तरीके ऐसे ही हैं और इन्हें लगता है कि गरीबी हट गई और इन्होंने सारे बेसिक नार्म्स बदलकर कह दिया कि ये 17 करोड़ लोग गरीब नहीं गिने जाएंगे । इस प्रकार से ये आंकड़े बदलने का काम करते रहे हैं ।

          अध्यक्ष जी, यहां कुछ तात्विक मुद्‌दों को उठाने की कोशिश की गई, मैंने तो समझने की बहुत कोशिश की, शायद कोई समझ पाया हो ऐसा मुझे कोई मिला नहीं है लेकिन जो समझ पाया होगा, तो मैं उससे समझने के लिए तैयार हूं । ऐसी-ऐसी बातें सुनता हूं ।

माननीय अध्यक्ष जी, सदन में राष्ट्र को लेकर बातें हुईं । ये बातें हैरान करने वाली हैं । मैं अपनी बात रखने से पहले एक बात दोहराना चाहता हूं और मैं क्वोट कर रहा हूं – "यह जानकारी बेहद हैरत में डालने वाली है कि बंगाली, मराठे, गुजराती, तमिल, आंध्र, उड़िया, असमी, कन्नड़, मलयाली, सिंधी, पंजाबी, पठान, कश्मीरी, राजपूत और हिंदुस्तानी भाषा-भाषी जनता से बसा हुआ विशाल मध्य भाग कैसे सैकड़ों वर्षों से अपनी अलग पहचान बनाए है । इसके बावजूद इन सब के गुण-दोष कमोबेश एक-से हैं । इसकी जानकारी पुरानी परम्परा और अभिलेखों से मिलती है । साथ ही, इस दौरान वे स्पष्ट रूप से ऐसे भारतीय बने रहे, जिनकी राष्ट्रीय विरासत एक ही थी और उनकी नैतिक और मानसिक विशेषताएं भी समान थीं  ।" यह एक कोटेशन है ।

अध्यक्ष महोदय, हम भारतीयों की इस विशेषता को बताते हुए इस कोटेशन में दो शब्द गौर करने वाले हैं – "राष्ट्रीय विरासत "  । और यह क्वोट पंडित नेहरू जी का है  । नेहरू जी ने यह बात कही थी और अपनी किताब "भारत की खोज " में है  । हमारी राष्ट्रीय विरासत एक है, हमारी नैतिक और मानसिक विशेषताएं एक हैं  ।  क्या बिना राष्ट्र के यह संभव है? इस सदन का यह कहकर भी अपमान किया गया कि हमारे संविधान में राष्ट्र शब्द नहीं आता । …(व्यवधान)संविधान की प्रस्तावना में लिखा राष्ट्र पढ़ने में न आए, यह हो नहीं सकता । कांग्रेस यह अपमान क्यों कर रही है, मैं इस पर विस्तार से अपनी बात रखूंगा । …(व्यवधान)

माननीय अध्यक्ष जी, राष्ट्र कोई सत्ता या सरकार की व्यवस्था नहीं है । हमारे लिए राष्ट्र एक जीवित आत्मा है । इससे हजारों साल से देशवासी जुड़े हुए हैं और जूझते रहे हैं । हमारे यहां विष्णु पुराण में कहा गया है और यह किसी भाजपा वाले ने नहीं लिखा है । विष्णु पुराण में यह कहा गया है-

‘उत्तरं यत् समुद्रस्य हिमाद्रेश्वैव दक्षिणम् ।

वर्षं तद् भारतं नाम भारती यत्र सन्तति:॥’   यानी, समुद्र के उत्तर में और हिमालय के दक्षिण में जो देश है, उसे भारत कहते हैं तथा उनकी संतानों को भारतीय कहते हैं । विष्णु पुराण का यह श्लोक अगर कांग्रेस के लोगों को स्वीकार्य नहीं है, तो मैं एक और क्वोट इस्तेमाल करूंगा, क्योंकि कुछ चीजों से आपको एलर्जी हो सकती है । मैं क्वोट कह रहा हूं-

‘एक क्षण आता है, मगर इतिहास में विरल ही आता है । जब हम पुराने से बाहर निकलकर                        नए युग में कदम रखते हैं, जब एक युग समाप्त हो जाता है, जब एक देश की लंबे समय से                        दबी हुई आत्मा मुक्त होती है ।”             ये भी नेहरू जी के ही बोल हैं । आखिर किस नेशन की बात नेहरू जी कर रहे थे जी । ये नेहरू जी कह रहे हैं ।

          माननीय अध्यक्ष जी, यहाँ तमिल सेंटिमेंट को आग लगाने की भारी कोशिश की गई । राजनीति के लिए कांग्रेस की जो परम्परा अंग्रेजों से विरासत में आई दिखती है ।… (व्यवधान)

श्री अधीर रंजन चौधरी:… * की थी ब्रिटिश के लिए……(व्यवधान)किसने की थी ।…(व्यवधान)

श्री नरेन्द्र मोदी :तोड़ो और राज करो ।… (व्यवधान) तोड़ो और राज करो, बाँटों और राज करो ।…(व्यवधान)

माननीय अध्यक्ष जी, तमिल भाषा के महाकवि और स्वतंत्रता सेनानी आदरणीय सुब्रह्मण्य भारती ने जो लिखा था, उसे मैं आज यहाँ दोहराना चाहता हूँ । तमिल भाषी लोग मुझे क्षमा करें, मेरे उच्चारण में कोई गलती हो तो, लेकिन मेरा आदर और मेरी भावना में कोई कमी नहीं है । सुब्रह्मण्य भारती जी ने कहा था:

Mannum imaya malai engal malaiye Pannarum upadina nool engal nooley Parmisai edhoru noolidhu poley Ponnolir Bharatha nadengal naadey Potruvam idhai emakkillai edey   इसका भावार्थ जो उपलब्ध है, वह इस तरह का है ।
सुब्रह्मण्य भारती जी कहते हैं ।… (व्यवधान) जो उन्होंने तमिल भाषा में कहा है, उसको मैं अनुवाद,जो भाव मुझे उपलब्ध हुआ है, मैं कह रहा हूँ:
“सम्मानित जो सकल विश्व में, महिमा जिनकी बहुत रही है, अमर ग्रन्थ वे सभी हमारे, उपनिषदों का देश यही है ।
गाएँगे यश हम सब इसका  यह है स्वर्णिम देश हमारा, आगे कौन जगत में हमसे, यह है भारत देश हमारा । ।”   … (व्यवधान)
SHRI T. R. BAALU (SRIPERUMBUDUR): The law was rejected by you. … (व्यवधान)
श्री नरेन्द्र मोदी :यह सुब्रह्मण्य भारती जी की कविता का भाव है । यह वह संस्तुति है । मैं आज तमिल के सभी नागरिकों को सैल्यूट करना चाहूँगा ।… (व्यवधान)
          जब हमारे सीडीएस रावत दक्षिण में हेलीकॉप्टर दुर्घटना में अकस्मात् उनका निधन हुआ और जब उनकी बॉडी तमिलनाडु में हवाई अड्डे पर ले जाने के लिए रास्ते से गुजर रही थी, मेरे तमिल भाई, मेरी तमिल बहनें लाखों की संख्या में घंटों तक रोड पर कतार में खड़ी रहीं थीं ।
कोई सूचना नहीं, संदेश नहीं, इंतजार करते हुए खड़ी रही थीं और जब सीडीएस रावत की बॉडी वहाँ से निकल रही थी तब हर तमिलवासी गौरव के साथ हाथ ऊपर कर-करके आँख में आँसू के साथ कहता था वीर वणक्कम, वीर वणक्कम, वीर वणक्कम ।
          यह मेरा देश है । लेकिन कांग्रेस को हमेशा से इन बातों से नफरत रही है । विभाजनकारी मानसिकता उनके डीएनए में घुस गई है ।…(व्यवधान)
अंग्रेज चले गए, लेकिन बांटो और राज करो, इस नीति को कांग्रेस ने अपना चरित्र बना लिया है और इसीलिए ही आज कांग्रेस टुकड़े-टुकड़े गैंग की लीडर बन गई है ।… (व्यवधान)
माननीय अध्यक्ष : माननीय सदस्य, प्लीज बैठ जाइये । मैंने सभी माननीय सदस्यों को पर्याप्त समय और पर्याप्त अवसर दिया था ।
… (व्यवधान)
माननीय अध्यक्ष : सदन के नेता बोल रहे हैं और यह अमर्यादित आचरण आपका ठीक नहीं है । यह सदन की गरिमा नहीं है ।
… (व्यवधान)
श्री नरेन्द्र मोदी: माननीय अध्यक्ष जी, जो लोकतंत्र की प्रक्रिया से हमें रोक नहीं पा रहे हैं, वह यहां अनुशासनहीनता करके हमें रोकने की कोशिश कर रहे हैं, लेकिन इसमें भी विफलता मिलेगी ।… (व्यवधान)     माननीय अध्यक्ष महोदय, कांग्रेस पार्टी की सत्ता में आने की इच्छा खत्म हो चुकी है । लेकिन जब कुछ मिलने वाला नहीं है, तो कम से कम बिगाड़ तो दो । यह फिलोसफी आज निराशावादी है, लेकिन उस मोह में बर्बाद कर कर के छोड़ेंगे, इस मोह में देश में वह बीज बो रहे हैं, जो अलगाव की जड़ों को मजबूत करने वाले हैं ।… (व्यवधान)
सदन में ऐसी बातें हुईं कि जिसमें देश के कुछ लोगों को उकसाने का भरपूर प्रयास किया गया । अगर पिछले सात साल से कांग्रेस के हर कारनामे, हर गतिविधि को बारीकी से देखेंगे, अगर हर चीज को धागे में बांध कर देखेंगे तो इनका गेम प्लान क्या है, वह बिल्कुल समझ में आता है और मैं आज उसका खुलासा कर रहा हूं ।… (व्यवधान)
आपका गेम प्लान कुछ भी हो… (व्यवधान)माननीय अध्यक्ष जी, ऐसे बहुत से लोग आए और चले गए । लाखों कोशिशें की गईं, अपने स्वार्थवश की गईं, लेकिन यह देश अजर-अमर है, इस देश को कुछ नहीं हो सकता । आने वालों को, इस प्रकार की कोशिश करने वालों को हमेशा कुछ न कुछ गंवाना पड़ा है । यह देश एक था, श्रेष्ठ था । यह देश एक है, यह देश श्रेष्ठ है और श्रेष्ठ रहेगा । इसी विश्वास के साथ हम आगे बढ़ रहे हैं । माननीय अध्यक्ष जी… (व्यवधान)
माननीय अध्यक्ष : माननीय सदस्य, आपने जब बोला, मैंने आपको टोका या किसी ने टोका?यह गलत है ।
… (व्यवधान)
श्री नरेन्द्र मोदी : माननीय अध्यक्ष जी, यहां कर्तव्यों की बात करने पर भी ऐतराज जताया गया है । उससे भी कुछ लोगों को पीड़ा हुई है कि देश का प्रधान मंत्री कर्तव्य की बात क्यों करता है? कर्तव्य की चर्चा हो रही है । किसी बात को समझ के अभाव से या बद इरादे से, विकृति से गढ़ देना, विवाद खड़ा कर देना, ताकि खुद लाइमलाइट में रहें । मैं हैरान हूं कि अचानक कांग्रेस को अब कर्तव्य की बात चुभने लगी है ।…(व्यवधान)अधीर रंजन जी, आप बैठिये । बैठिये । अरे, आपको जिंदगी में बोलते रहना है, आपका वही काम है ।… (व्यवधान) आप लोग कहते रहते हैं कि मोदी जी नेहरू जी का नाम नहीं लेते हैं ।

19.00 hrs आज मैं आपकी मुराद बराबर पूरी कर रहा हॅूं । … (व्यवधान) देखिए, कर्त्तव्यों के संबंध में नेहरु जी ने क्या कहा था । … (व्यवधान)मैं आज ज़रा उनका कोट सुनाता हॅूं । … (व्यवधान)माननीय अध्यक्ष जी, पंडित नेहरु जी, देश के प्रथम प्रधान मंत्री ने क्या कहा था, मैं कोट कर रहा हॅूं । … (व्यवधान) “मैं आपसे फिर कहता हॅूं कि आजाद हिंदुस्तान है । आजाद हिंदुस्तान की सालगिरह हम मनाते हैं ।” … (व्यवधान) आ गया समझ? … (व्यवधान) सीखो, सीखने में काम आएगा, तैयारी करो । …(व्यवधान) “लेकिन आजादी के साथ जिम्मेदारी होती है ।” कर्त्तव्य को ही दूसरे शब्दों में जिम्मेदारी कहते हैं । इसलिए कोई समझ न हो तो मैं समझा दूं कि कर्त्तव्य को ही दूसरे शब्दों में जिम्मेदारी कहते हैं । … (व्यवधान) अब यह पंडित नेहरू का कोट है– “मैं आपसे फिर कहता हॅूं कि आजाद हिंदुस्तान है । आजाद हिंदुस्तान की सालगिरह हम मनाते हैं । लेकिन आजादी के साथ जिम्मेदारी होती है । जिम्मेदारी, कर्त्तव्य खाली हुकूमत की नहीं, जिम्मेदारी हर एक आजाद शख्स की होती है । अगर आप उस जिम्मेदारी को महसूस नहीं करते, अगर आप समझते नहीं, तब पूरी तौर पर आप आजादी के माने नहीं समझे और आप आजादी को पूरी तौर से बचा नहीं सकते हैं ।”यह कर्त्तव्य के लिए देश के प्रथम प्रधान मंत्री पंडित नेहरू जी ने कहा था । … (व्यवधान) लेकिन आप उसको भूल गए । … (व्यवधान)

माननीय अध्यक्ष जी, मैं सदन का ज्यादा समय नहीं लेना चाहता हॅूं । … (व्यवधान) वे भी थक गए हैं । … (व्यवधान)माननीय अध्यक्ष जी, हमारे यहां कहा गया है कि – “क्षणशः कणशश्चैव विद्यामर्थं च साधयेत्  ।

क्षणे नष्टे कुतो विद्या कणे नष्टे कुतो धनम् ॥”   अर्थात विद्या व ज्ञान के लिए एक-एक पल महत्वपूर्ण होता है । सम्पत्ति और संसाधनों के लिए एक-एक कण जरूरी होता है । एक-एक क्षण बर्बाद कर के ज्ञान नहीं हासिल नहीं किया जा सकता और एक-एक कण बर्बाद किया गया, छोटे-छोटे संसाधनों का समुचित प्रयोग नहीं किया गया तो संसाधन व्यर्थ हो जाते हैं । … (व्यवधान)

          मैं कांग्रेस और उसके सहयोगियों से कहूंगा कि आप यह मंथन जरूर कीजिए कि कहीं आप इतिहास के इस महत्वपूर्ण अहम क्षण को नष्ट तो नहीं कर रहे हैं । मुझे सुनाने के लिए, मेरी आलोचना करने के लिए, मेरे दल को कोसने के लिए बहुत कुछ है । आप कर सकते हैं और आगे भी करते रहिए । मौकों की कमी नहीं है । लेकिन आजादी के अमृत काल का यह समय, 75 वर्ष का यह समय भारत की विकास यात्रा में सकारात्मक योगदान का समय है ।

          मैं विपक्ष से और यहां पर बैठे हुए सभी साथियों से और इस सदन के माध्यम से देशवासियों से भी आज़ादी के इस "अमृत महोत्सव " के पर्व पर आग्रह करता हूं, निवेदन करता हूं, अपेक्षा करता हूं कि आओ, इस आजादी के "अमृत महोत्सव " को हम नए संकल्पों के साथ, "आत्मनिर्भर भारत " बनाने के संकल्प के साथ एकजुट होकर लग जाएं, कोशिश करें ।  पिछले75सालों में जहां-जहां हम कम पड़े हैं, उसे पूरा करें और वर्ष 2047 के शताब्दी वर्ष को मनाने से पहले देश को कैसा बनाना है, उसके संकल्प को लेकर आगे बढ़ें । देश के विकास के लिए मिलकर काम करना पड़ेगा । राजनीति अपनी जगह पर है । हम दलगत भावनाओं से ऊपर उठ करके देश की भावनाओं को लेकर जीएं । चुनाव के मैदान में जो कुछ करना है, करते रहिए, लेकिन हम देश हित में आगे आएं, इसी एक अपेक्षा को रखता हूं ।

          जब आज़ादी के 100वर्ष होंगे, ऐसे ही सदन में जो लोग बैठे होंगे, वे जरूर चर्चा करेंगे कि ऐसी मजबूत नींव पर, ऐसी प्रगति पथ पर पहुँची हुई100साल की उस यात्रा के बाद देश ऐसे लोगों के हाथों में जाए, ताकि उन्हें आगे ले जाने का मन करे । हम यही सोचें कि जो समय मिला है, उसका हम सदुपयोग करें । हमारे "स्वर्णिम भारत " के निर्माण में हम कोई कोताही न बरतें, पूरे सामर्थ्य के साथ उस काम में लगें ।

          माननीय अध्यक्ष जी, मैं फिर एक बार राष्ट्रपति जी के उद्बोधन पर धन्यवाद प्रस्ताव का अनुमोदन करता हूं और मैं इस सदन में चर्चा में भाग लेने वाले सभी माननीय सांसदों का फिर से एक बार धन्यवाद करते हुए आपने जो अवसर दिया, रोक-टोक की कोशिशों के बावजूद भी मैंने सभी विषयों को स्पर्श करने का प्रयास किया है ।…(व्यवधान)

          बहुत-बहुत धन्यवाद ।

माननीय अध्यक्ष: माननीय सदस्यगण,धन्यवाद प्रस्ताव पर 13 सदस्यों के प्रस्ताव आए हैं । श्री एन. के. प्रेमचन्द्रन जी, प्रो. सौगत राय, श्री विनायक भाउराव राऊत, श्री बैन्नी बेहनन जी, श्री हिबी इडन जी, एडवोकेट अदूर प्रकाश जी, श्री प्रतापराव जाधव जी, श्री के. सुरेश जी, श्री वी. के. श्रीकंदन, श्री प्रद्युत बोरदोलोई, कुमारी राम्या हरिदास, श्री अधीर रंजन चौधरी, श्री बी. मणिक्कम टैगोर ने संशोधन प्रस्तुत किए हैं । अब मैं सभी संशोधनों को एक साथ सभा के सामने मतदान के लिए रखूंगा ।

संशोधन मतदान के लिए रखे गए तथा अस्वीकृत हुए ।

माननीय अध्यक्ष: अब मैं राष्ट्रपति जी के अभिभाषण पर धन्यवाद प्रस्ताव को मतदान के लिए रखता हूं ।

          प्रश्न यह है:

“कि राष्ट्रपति की सेवा में निम्नलिखित शब्दों में एक समावेदन प्रस्तुत किया जाए :-
‘कि इस सत्र में समवेत लोक सभा के सदस्य राष्ट्रपति के उस अभिभाषण के लिए, जो उन्होंने31जनवरी, 2022 को एक साथ समवेत संसद की दोनों सभाओं के समक्ष देने की कृपा की है, उनके अत्यंत आभारी हैं’ ।” प्रस्ताव स्वीकृत हुआ ।
_______ माननीय अध्यक्ष :अब केन्द्रीय बजट पर सामान्य चर्चा होगी और उसके बाद शून्य काल के जो लोग बचे हैं, वे अपनी बात रखेंगे । 
19.09 hrs माननीय अध्यक्ष : डा.शशि थरूर ।