Lok Sabha Debates
Need To Set Up A Gas Based Power Station At Aonla In U.P. on 8 March, 1999
NT> Title: Need to set up a gas based power station at Aonla in U.P. श्री राजवीर सिंह (आंवला): सभापति महोदया, मैं नियम ३७७ के अधीन निम्नलखित विषय सदन के माध्यम से मंत्री महोदय के ध्यान में लाना चाहता हूं:- मेरे संसदीय क्षेत्र आंवला जनपद बरेली उत्तर प्रदेश में एच.बी.जे.गैस पाइप लाइन विद्युत आपूर्ित हेतु बिछाई गई है, किन्तु इसका लाभ क्षेत्र के नागरिकों को नहीं मिला है। क्षेत्रीय नागरिकों की प्रबल मांग है कि एच.बी.जे. गैस आधारित एक संयंत्र आवंला संसदीय क्षेत्र में भी स्थापित किया जाए जिससे यहां पर उत्पन्न विद्युत संकट का निराकरण हो सके। अत: मेरा केन्द्र सरकार से अनुरोध है कि आंवला संसदीय क्षेत्र में एक गैस आधारित विद्युत संयंत्र की स्थापना यथाशीघ्र कराने का कष्ट करे जिससे क्षेत्र में उत्पन्न विद्युत संकट दूर हो सके।
---- श्री रघुवंश प्रसाद सिंह : सभापति महोदया, हमारा एक विषय नियम ३७७ में मंजूर हुआ था, लेकिन आपने हमारा नाम नहीं बोला है। हमारी पार्टी के दो सदस्यों का नाम बोला गया है। वे अनुपस्िथत हैं। मेरा आग्रह है कि मुझे अपना विषय पढ़ने दिया जाए। सभापति महोदय : नहीं। मेरे पास कागज तो आना चाहिए। हम आपको कल समय देंगे। रघुवंश प्रसाद सिंह जी आप कृपया स्थान ग्रहण कीजिए। अब चूंकि माननीय मंत्री राम जेठमलानी जी नहीं आ पाए हैं इसलिए यदि सदन की अनुमति हो, तो पेटेंट बिल पर बहस प्रारंभ करा दी जाए।
SHRI ANIL BASU (ARAMBAGH): No. How can he ignore this House? This House is the supreme body. सभापतिमहोदय : मैं आर्डर पेपर के आयटम नंबर १२ के स्थान पर आयटम नंबर १४ लेने की अनुमति सदन से ले रही हूं।
SHRI ANIL BASU : The order paper is there from the beginning. Why should he do like this? सभापति महोदय : चूंकि माननीय मंत्री जी नहीं आए हैं इसलिए मैं निवेदन कर रही हूं और सदन से अनुमति लेना चाहती हूं।
SHRI ANIL BASU : How can this House run in this fashion? The hon. Minister is ignoring the House.
MR. CHAIRMAN: He is doing his Ministerial duty. आप हल्ला मत कीजिए। श्री मोहन सिंह (देवरिया): महोदया, हल्ला नहीं कर रहे हैं, निवेदन कर रहे हैं।
SHRI ANIL BASU : Our objection is that when the order paper has been approved by the hon. Speaker, it is done with the full consent of the Parliamentary Affairs Minister. So, the Minister cannot leave this House for an appointment outside. सभापति महोदय : इसमें अपाइंटमेंट आफ आउट साइड की बात नहीं है। अनिल दा आप इतने सीनियर मैम्बर हैं।
SHRI ANIL BASU : No. This is gross violation of the order and dignity of the House. It is contempt of the House. सभापति महोदय : अब आप मेरी बात सुनेंगे। किसी अन्य देश के डिप्टी प्राइम मनिस्टर उनसे मिलने आए हैं। वे उनसे मिलने की अपनी मनिस्टीरियल डयूटी निभा रहे हैं। इसमें हाउस के कंटैम्प्ट की बात नहीं है। चूंकि पेटेंट बिल के ऊपर बहस करना एजेंडा पेपर में लिस्टेड है इसीलिए मैं सदन से अनुमति ले रही हूं। यदि एजेंडा पेपर में नहीं होता, तो मैं कयों अनुमति मांगती।
SHRI K.S. RAO (MACHILIPATNAM): If the Minister concerned is not present, let another Minister make it.
SHRI MOTILAL VORA (RAJNANDGAON): It is the question of joint responsibility. Any other Minister can put it before the House.
SHRI K.S. RAO : Let another Minister put it. Why do you want to change the order now? If the order is changed, we also should be prepared for it. What is the harm in another Minister putting it before the House now? सभापति महोदय : हमेशा ऐसा होता है; मैं कया कोई नया काम कर रही हूं। श्री मोहन सिंह : महोदया, यहां चार कैबीनेट मंत्री बैठे हैं। सभापति महोदय : ऐसी कोई बात नहीं है, अभी मंत्री जी आ जाएंगे।
SHRI ANIL BASU : No. Patents Bill is a very serious Bill. It has to be discussed thoroughly; there should be a detailed deliberation in this House. Even on shifting of items, hon. Members of our party have not been consulted. How can we agree to it? सभापति महोदय : नहीं, नहीं। इसके लिए पूरा समय है। ऐसी कोई बात नहीं है। यदि अचानक कुछ होता है, या अचानक मनिस्टर को कहीं जाना पड़ता है, तो ऐसा हमेशा होता है। इसमें नया कुछ नहीं है। इसीलिए तो सदन की अनुमति ली जाती है। मोती लाल वोहरा जी आप लोगों ने तो इतने समय तक सरकार चलाई है। आपको तो हमें इस काम में मदद करनी चाहिए। श्री बसुदेव आचार्य (बांकुरा) : मैडम, देखिए, जो भी होना चाहिए वह आर्डर पेपर के अनुसार होना चाहिए। सभापति महोदय : बसुदेव आचार्य जी, ऐसा नहीं है। श्री बसुदेव आचार्य : नहीं, मैडम, आर्डर पेपर के अनुसार होना चाहिए।
Members from our party are not ready to participate in it. अब आप इसे ले रही हैं, यह कैसे होगा।
... (व्यवधान) श्री बसुदेव आचार्य (बांकुरा) : आप पहले नगर भूमि (अधिकतम सीमा और वनियमन) वाला विधेयक ले लीजिए।
... (व्यवधान) सभापति महोदय: आप तो हमेशा ही तैयार रहते हैं। इसके लिए आपको कया तैयार होना है। पहले इसे शुरू होने दीजिए।
... (व्यवधान) श्री बसुदेव आचार्य : हमें इस बिल पर नहीं बोलना है। अगर बोलना होता तो कुछ नहीं था लेकिन हमारे दूसरे स्पीकर्स नहीं आये हैं। वे दूसरी जगह हैं।
... (व्यवधान) सभापति महोदय : आप पहले मंत्री जी को वकतव्य तो देने दीजिए।
... (व्यवधान) श्री बसुदेव आचार्य : ऐसे नहीं। यह ठीक नहीं है।
... (व्यवधान) यह गलत परम्परा होगी।
... (व्यवधान)आप गोवा वाला आईटम पहले ले लीजिए। ... (व्यवधान) श्री मोहन सिंह : आप आईटम नम्बर १५ पहले ले लीजिए।
... (व्यवधान) सभापति महोदय : इससे संबंधित मंत्री भी यहां पर नहीं हैं।
... (व्यवधान)
SHRI RUPCHAND PAL (HOOGLY): Such a change cannot take place suddenly. सभापति महोदय : सडन्ली की कया बात है? आईटम १२ से १४ ही तो हो रहा है। ... (व्यवधान) रेल मंत्री (श्री नीतीश कुमार): सभापति जी. राज्य मंत्री जी यहां पर हैं। अगर आप चाहें तो चर्चा शुरू करा सकती हैं।
PROF. P.J. KURIEN : Madam, I would like to submit one thing. If the items are changed at the eleventh hour, it would be very difficult for us to field our speakers. If you take up the Patents Bill all of a sudden, our speakers cannot speak on this because we have not informed them. So, even if we want to accept your request, it is not possible for us. We are satisfied with the hon. Minister of State.