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State Consumer Disputes Redressal Commission

M/S Shreya Developwell Pvt Ltd vs Vishwas Bhatt on 26 August, 2022

  	 Cause Title/Judgement-Entry 	    	       STATE CONSUMER DISPUTES REDRESSAL COMMISSION, UP  C-1 Vikrant Khand 1 (Near Shaheed Path), Gomti Nagar Lucknow-226010             First Appeal No. A/79/2020  ( Date of Filing : 28 Jan 2020 )  (Arisen out of Order Dated 13/06/2017 in Case No. C/434/2011 of District Ghaziabad)             1. M/S Shreya Developwell Pvt Ltd  Sangwan heights Pvt Ltd Regd. Ofice 124 A.G.C.R. Enclave Delhi Site Office 58 Noor nagar Raj GAgar Extensiion Meerut Road Ghaziabad Through its Director ...........Appellant(s)   Versus      1. Vishwas Bhatt  S/O Sri S.C. Bhatt R/O G-106 Patel nagar III Ghaziabad ...........Respondent(s)       	    BEFORE:      HON'BLE MR. JUSTICE ASHOK KUMAR PRESIDENT    HON'BLE MR. SUSHIL KUMAR JUDICIAL MEMBER            PRESENT:      Dated : 26 Aug 2022    	     Final Order / Judgement    

            (मौखिक)                                                                                     राज्‍य उपभोक्‍ता विवाद प्रतितोष आयोग, उ0प्र0, लखनऊ।

अपील संख्‍या:- 79 / 2020 (जिला उपभोक्‍ता विवाद प्रतितोष फोरम, गाजियाबाद परिवाद सं0-434/2011 में पारित आदेश दिनांक 13.06.2017 के विरूद्ध)  

 1.श्रेया डैपलपवैल प्रा0लि0 रजिरस्‍टर्ड एण्‍ड कारपोरेट आफिस 124 जी0सी0    आर0 एन्‍क्‍लेव दिल्‍ली, साइट आफिस 58, द्वारा इटस डायरेक्‍टर।

 2. मेसर्स सागवान हाईटस प्रा0लि0 124 जी0सी0आर0 एन्‍क्‍लेव दिल्‍ली साईट     आफिस एन0एच0 58, नूर नगर, राज नगर, एक्‍सटेंशन गाजियाबाद।  

                                                          ........... अपीलार्थी/विपक्षी बनाम          विश्‍वास भटट पुत्र एस0सी0 भटट रेजीडेन्‍स आफ जी;-106, पटेल नगर ।।।, गाजियाबाद।

                                                   ........ प्रत्‍यर्थी समक्ष :-

मा0 न्‍यायमूर्ति श्री अशोक कुमार, अध्‍यक्ष मा0 श्री सुशील कुमार, सदस्‍य अपीलार्थी के अधिवक्‍ता       : श्री एन0एन0 पाण्‍डेय।
प्रत्‍यर्थी के अधिवक्‍ता        : कोई नहीं।

 

दिनांक :- 26.08.2022

 

 मा0 सुशील कुमार ,  सदस्‍य द्वारा उदघोषित

 

 निर्णय

 

            परिवाद सं0 434/2011 विश्‍वास भटट बनाम श्रेया डैपलपवैल प्रा0 लि0 में पारित निर्णय एवं आदेश दिनांक 13.06.2017 के विरूद्ध यह अपील प्रस्‍तुत की गयी है।
     सुना। जिला उपभोक्‍ता मंच ने परिवादी का परिवाद आंशिक रूप से स्‍वीकार करते हुये निश्चित तिथि के पश्‍चात कब्‍जा सुपुर्द करने के कारण रू0 6000/- प्रति माह की दर से अदा करने का आदेश दिया  है।
    -2-  
     इस निर्णय व आदेश को इन आधारों पर चुनौती दी गयी है कि जिला उपभोक्‍ता मंच ने विधि विरूद्ध निर्णय पारित किया है। यह भी कथन किया गया कि निष्‍पादन वाद सं0 79/2017 में 6,27,000/- अपीलार्थी से रिकवर किये जा चुके है। स्‍वयं परिवादी ने अवशेष रू0 2,35,125/- जमा नहीं किये थे। जिला उपभोक्‍ता मंच द्वारा इस तथ्‍य को विचार में नहीं लिया गया। पक्षकारों के मध्‍य निष्‍पादित करार के अनुसार यदि योजना स्‍थगित हो जाती है और फ्लैट निर्मित नहीं किया जाता तब 9 प्रतिशत साधारण ब्‍याज से जमा धन वापस प्राप्‍त किया जा सकता है।
     निर्णय के अवलोकन से ज्ञात होता है कि जिला उपभोक्‍ता मंच ने रू0 6000/- प्रति माह की दर से अदा करने का आदेश दिया है। अपील ज्ञापन में यह भी कथन है कि रू0 6,44,159/- अपीलार्थी द्वारा ही बैंक को अदा किये गये है जो ऋण परिवादी द्वारा प्राप्‍त किया गया था। इस राशि को जमा करने का दस्‍तावेज पत्रावली पर एनेग्‍जर सं0 10 है। चॅूकि अपीलार्थी द्वारा उपरोक्‍त राशि बैंक में जमा की गयी है इसलिये रू0 6000/- प्रति माह अदा करने का आदेश देने के बजाय परिवादी द्वारा जमा समस्‍त धनराशि 10 प्रतिशत ब्‍याज के साथ लौटाने का आदेश दिया जाना चाहिये था क्‍योंकि यथार्थ में कभी भी भवन का निर्माण नहीं किया गया इसलिये कब्‍जा सुपुर्द करने का अवसर उत्‍पन्‍न होना संभव नहीं है। तदनुसार प्रस्‍तुत अपील इस प्रकार निस्‍तारित की जाती है कि अपीलार्थी द्वारा वह समस्‍त धनराशि जो परिवादी द्वारा जमा की गयी है, को 9 प्रतिशत प्रतिवर्ष के साधारण ब्‍याज सहित वापस लौटायी जाय।
आदेश      अपील स्‍वीकार की जाती है। जिला उपभोक्‍ता मंच द्वारा पारित निर्णय एवं आदेश इस प्रकार परिवर्तित किया जाता है कि परिवादी द्वारा जमा समस्‍त धनराशि जमा करने की तिथि से वास्‍तविक अदायगी की तिथि तक 9 प्रतिशत प्रतिवर्ष साधारण ब्‍याज सहित वापस की जायेगी। तथा अपीलार्थी द्वारा जो राशि बैंक खाते में जमा की गयी है एवं जो राशि आर0सी0 के माध्‍यम से निष्‍पादन कार्यवाही के   -3- दौरान वसूल की गयी है वह राशि समायोजित की जायेगी। तथा इस राशि पर भुगतान की तिथि से ब्‍याज की गणना नहीं की जायेगी।
     आशु‍लिपिक से अपेक्षा की जाती है कि वह इस निर्णय एवं आदेश को आयोग की वेबसाइट पर नियमानुसार यथाशीघ्र अपलोड कर दें।
        
(न्‍यायमूर्ति अशोक कुमार)                 (सुशील कुमार)

 

             अध्‍यक्ष                              सदस्‍य

 

रामेश्‍वर, पी ए ग्रेड-2,

 

कोर्ट नं0-1

 

 

 

              [HON'BLE MR. JUSTICE ASHOK KUMAR]  PRESIDENT 
        [HON'BLE MR. SUSHIL KUMAR]  JUDICIAL MEMBER