State Consumer Disputes Redressal Commission
Raymond Retail Shop vs R P Sharma on 6 January, 2022
Cause Title/Judgement-Entry STATE CONSUMER DISPUTES REDRESSAL COMMISSION, UP C-1 Vikrant Khand 1 (Near Shaheed Path), Gomti Nagar Lucknow-226010 First Appeal No. A/2002/2057 ( Date of Filing : 04 May 2002 ) (Arisen out of Order Dated in Case No. of District State Commission) 1. Raymond Retail Shop a ...........Appellant(s) Versus 1. R P Sharma a ...........Respondent(s) BEFORE: HON'BLE MR. Rajendra Singh PRESIDING MEMBER HON'BLE MR. SUSHIL KUMAR JUDICIAL MEMBER PRESENT: Dated : 06 Jan 2022 Final Order / Judgement राज्य उपभोक्ता विवाद प्रतितोष आयोग, उ0प्र0, लखनऊ। मौखिक अपील संख्या-2057/2002 (जिला उपभोक्ता फोरम, कानपुर नगर द्वारा परिवाद संख्या-398/1998 में पारित निर्णय दिनांक 23.07.2002 के विरूद्ध) रेमन्ड रिटेल शॉप द्वारा प्रोपेराइटर रवि अर्रा पुत्र स्व0 बंसराज अर्रा। .........अपीलार्थी@विपक्षी बनाम आर0पी0 शर्मा निवासी 40 ए, क्रासिंग दरोगा एटा चक्की, बर्रा कानपुर। .......प्रत्यर्थी/परिवादी समक्ष:- 1.
मा0 श्री राजेन्द्र सिंह, सदस्य।
2. मा0 श्री सुशील कुमार, सदस्य।
अपीलार्थी की ओर से उपस्थित: श्री टी0एच0 नकवी, विद्वान अधिवक्ता।
प्रत्यर्थी की ओर से उपस्थित : कोई नहीं।
दिनांक 06.01.2022 मा0 श्री सुशील कुमार, सदस्य द्वारा उदघोषित निर्णय
1. परिवाद संख्या 398/98 आर0पी0 शर्मा बनाम मे0 रेमन्ड रिटेल शॉप अस्थाना टावर कानपुर नगर में पारित निर्णय एवं आदेश दि. 23.07.2002 के विरूद्ध यह अपील प्रस्तुत की गई है। परिवाद स्वीकार करते हुए विपक्षी को आदेशित किया है कि त्रुटिपूर्ण कपड़े की आपूर्ति करने के कारण रू. 4477.75 पैसे का भुगतान 10 प्रतिशत वार्षिक ब्याज के साथ परिवादी को करें।
2. परिवाद के तथ्य संक्षेप में इस प्रकार है कि परिवादी ने दि. 30.11.96 से 14.12.96 अंकन रू. 4477.75 पैसे ऊनी कपड़े क्रय किए थे, जिनका रंग फीका पड़ गया। काटन का उपयोग अनुपात से अधिक किया गया था, इसलिए कपड़ा पहनने लायक नहीं रहा। नोटिस दिया गया, परन्तु कपड़ों की कीमत वापस नहीं लौटाई, इसलिए परिवाद प्रस्तुत किया गया।
-2-3. विपक्षी की ओर से कोई उपस्थित नहीं है, इसलिए एकतरफा सुनवाई करते हुए उपरोक्त वर्णित निर्णय/आदेश पारित किया गया।
4. इस निर्णय व आदेश के विरूद्ध अपील इन आधारों पर प्रस्तुत की गई है कि जिला उपभोक्ता मंच द्वारा पारित निर्णय तथ्य एवं विधि के विपरीत है, अपास्त होने योग्य है।
5. केवल अपीलार्थी के विद्वान अधिवक्ता को सुना। प्रश्नगत निर्णय एवं आदेश का अवलोकन किया गया।
6. परिवादी ने अपने परिवाद पत्र के समर्थन में शपथपत्र प्रस्तुत किया है, जबकि अपीलार्थी की ओर से न तो परिवाद के तथ्यों का कोई खंडन किया गया न ही कोई शपथ पत्र प्रस्तुत किया गया है, इसलिए अखंडनीय तथ्यों पर आधारित निर्णय में हस्तक्षेप करने का कोई विधिसम्मत आधार नहीं है। तदनुसार अपील खारिज होने योग्य है।
आदेश अपील खारिज की जाती है।
आशुलिपिक से अपेक्षा की जाती है कि वह इस आदेश को आयोग की वेबसाइड पर नियमानुसार यथाशीघ्र अपलोड कर दें।
(राजेन्द्र सिंह) (सुशील कुमार) सदस्य सदस्य निर्णय आज खुले न्यायालय में हस्ताक्षारित, दिनांकित होकर उद्घोषित किया गया।
(राजेन्द्र सिंह) (सुशील कुमार) सदस्य सदस्य राकेश, पी0ए0-2 कोर्ट-2 [HON'BLE MR. Rajendra Singh] PRESIDING MEMBER [HON'BLE MR. SUSHIL KUMAR] JUDICIAL MEMBER