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Lok Sabha Debates

Further Discussion On Motion Of Thanks On The President'S Address Moved By Shri ... on 6 February, 2020

Seventeenth Loksabha an> Title: Further discussion on Motion of Thanks on the President's Address moved by Shri Parvesh Sahib Singh Verma and seconded by Shri Ram Kripal Yadav on 3rd February, 2020.

माननीय अध्यक्ष:   अबहम राष्ट्रपतिके अभिभाषण परधन्यवाद प्रस्तावपर विचार कोआगे   जारीकरते हैं ।

 

 *श्रीसुनीलकुमारसिंह (चतरा):मैं राष्ट्रपति महोदय का धन्यवाद करता हूं जिन्होंने अपने अभिभाषण में झारखंड सहित देश में हुए विकास का उल्लेख किया है   । मैं माननीय प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी जी का भी अभिनन्दन करता है जिन्होंने राजनीतिक लाभ - हानिके बजाय देश के विकास को अपना ध्येय बनाया है वरना वोट बैंक की राजनीतिक होड़ और इच्छाशक्ति के अभाव के कारण झारखण्डको पिछड़ेपन और बदहाली का शिकार होना पडा   । मैं झारखण्ड सहित देश के सभी भाई बहनों का भी धन्यवाद कर रहा हूं जिन्होंने प्रधानमंत्री जी के प्रयासों को जमीन पर उतारने में सहयोग दिया है   । सरकार की नीति और जनता के प्रयासों का नतीजा है कि आज झारखण्ड कई मामलों में पिछली भाजपा सरकार के कारण विकास में अग्रणी राज्यों की बराबरी कर रहा है   ।

मैं विकास में मददगार बने स्वयं उन सहायता समूहों का उल्लेख करना चाहता हूँ जिन्होंने निचले स्तर पर आर्थिक गतिविधि तेज करने में बड़ी भूमिका निभाई है  । खासतौर से महिला स्वयं सहायता समूहों के प्रयास बेहद सराहनीय रहे हैं   । यह प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी जी के सार्थक प्रयासों का नतीजा है   । उन्होंने सरकार की विकास योजनाओं में जनता को भागीदार बनाकर निचले स्तर पर कार्य करने वाली स्वयं सहायता समूहों को सम्मान प्रदान किया है  । प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी जी ने स्वयं सहायता समूहों के विकास में भी प्रतिबद्धता दिखाई है  । खासतौर से महिला स्वयं सहायता समूहों के विकास में   ।

इसके अलावा देश में कनेक्टिविटी,सिंचाई,अस्पताल,पर्यटन से जुड़ी योजनाओं एवं आईआईटी, आईआईएम तथा एम्स जैसे उच्च शिक्षा के संस्थानों की स्थापना का काम भी तेजी से चल रहा है   । यह केन्द्र सरकार की बड़ी उपलब्धियों में से एक है   ।

हमारी सरकार ने पिछले पांच सालों में एक से एक बड़े फैसले लेकर हमारी समस्याओं का समाधान किया   । कश्मीर से धारा 370 तथा35ए हटाया   । तीन तलाक हटाकर मुस्लिम बहनों को न्याय दिलाया   । छोटे व्यापारियों,किसानों और असंगठित क्षेत्र में काम करने वाले लोगों को पेंशन की सुविधा प्रदान करायी   । साथ ही किसान सम्मान निधि योजना के तहत 6000/- रुपया किसानों के खातों में जा रहा है   । इससे गरीब किसानों को बड़ी राहत मिल रही है   । विगत पाँच वर्षों में विपक्ष द्वारा सरकार पर किसी भी तरह के घोटाले तथा भ्रष्टाचार का आरोप तक नहीं लगा   । गरीबों को इलाज की सुविधा, बीमा कवच, मुफ्त बिजली कनेक्शंस और मुद्रा योजना के तहत ऋण प्राप्त हो रहा  है    ।

जब वर्ष 2014में पहली बार माननीय प्रधानमंत्री मोदी जी के नेतृत्व में सरकार बनी,तब से लेकर आज तक देश के 10 करोड़ से अधिक घरों में शौचालयों का निर्माण कराया गया   । 6लाख गांवों को खुले में शौच से मुक्त कराया गया   । गरीबों के लिए2 करोड़ पक्के मकान का निर्माण कराया गया   । 8 करोड़ महिलाओं को गैस के कनेक्शन मुहैया करवाकर उन्हें धुएं से मुक्ति दिलायी गयी   । 38 करोड़ गरीबों के बैंक में खाते खुलवाकर उन्हें भ्रष्टाचार से निजात दिलायी गयी   । ढाई करोड़ से अधिक घरों को मुफ्त बिजली कनेक्शन प्रदान किए गए   । 18 हजार गांवों को बिजली से जोड़कर उन्हें अंधकार से मुक्ति दिलायी गयी  । 50करोड़ लोगों को पांच लाख तक मुफ्त इलाज की व्यवस्था करायी गयी । मुद्रा योजना के तहत 5 करोड़54 लाख से ज्यादा उद्यमियों को 10लाख करोड़ रुपए से अधिक की राशि का ऋण दिया गया  । 24 करोड़ लोगों को बीमा सुरक्षा क कवच प्रदान किया   गया । एक लाख 34 हजार ग्राम पंचायतों में ऑप्टिकल फाइबर और ब्रॉडबैंड की सुविधा उपलब्ध करवाकर उन्हें हाई स्पीड इन्टरनेट व्यवस्था प्रदान की गयी   । हमारे माननीय प्रधानमंत्री जी ने इन सब अभावों की पूर्ति के लिए अनेक योजनाएं निर्मित एवं सम्पादित कीं और विकास को अंतिम पंक्ति में बैठे हुए लोगों तक पहुंचाने का काम किया है   । हमारी सरकार की प्रतिबद्धता गांव, गरीब और किसान है   ।

प्रधानमंत्री जी की अध्यक्षता में दिसम्बर 2015में कैबिनेट ने देश में राष्ट्रीय ग्रामीण आजीविका मिशन के उद्देश्यों को रफ्तार देने के लिए एक विशेष फंड पैकेज को मंजूरी प्रदान की थी जिसका उद्देश्य वर्ष 2023-24 तक देश के ग्रामीण घरों में मिशन के प्रयासों को पहुंचाना तय किया   । मुझे खुशी है कि प्रधानमंत्री जी के यह प्रयास जमीन पर कार्य कर रहे हैं  ।स्वयं सहायता समूहों के विकास के लिए प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी जी की प्रतिबद्धता का नतीजा है कि वर्ष 2020-2021के लिए वित्त मंत्री जी के द्वारा पेश आम बजट में महिलाओं के स्व सहायता समूहों की योजनाओं पर खासा ध्यान दिया गया है   । वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण जी के अनुसार महिला स्वयं सहायता समूह योजना के जरिए ग्रामीण स्टोरेज को बढ़ावा दिया जाएगा  । वे बीजों का संग्रह करेंगी और गांवों में किसानों को जरूरत पड़ने पर उन्हें बीज दे सकेंगी   ।

सरकार भारत की अर्थव्यवस्था को 5 ट्रीलियन डालर के लक्ष्य तक पहुंचाने लिए प्रतिबद्ध     है । हमारा विदेशी मुद्रा भण्डार और एफडीआई ऐतिहासिक स्तर तक बढ़ा है । बैंकों के कामकाज में सुधार हुआ है  । अर्थव्यवस्था को गति देने के लिए सरकार "मेक इन इंडिया' को मजबूत बना रही  है । इसके तहत मोबाइल फोन,टीवी, इलेक्ट्रोनिक्स ऑटोमोबाइल और रेलवे को प्रोत्साहित किया जा रहा है । आर्थिक रूप से भारत को आत्मनिर्भर बनाने के लिए सरकार "उज्ज्वल कल के लिए लोकल" के मंत्र पर विश्वास करती है ।

यह प्रयास भारत के राज्यों में आजीविका बढ़ाने और जीवन यापन के सुधार में महत्वपूर्ण भूमिका अदा करेगा । भारत के विकास के लिए सरकार की सोच सही दिशा में है, ऐसा मेरा विश्वास    है । प्रधान मंत्री श्री नरेन्द्र मोदी जी का विकास स्वयं सहायता समूहों तक ही सीमित है बल्कि उनके "सबका साथ –सबका विकास - सबका विश्वास" के मूल मंत्र का जादू देश के हर क्षेत्र में समग्र विकास के लिए निचले स्तर पर दिख रहा है   । भाई - भतीजा और काडरवाद के बजाय भाजपा शासित राज्य सरकारें अंत्योदय के सिद्धांत का पालन करते हुए विकास कार्यों को समाज के अंतिम व्यक्ति तक पहुँचाने में जुटी हुई हैं  । भाजपा शासित राज्यों में केंद्र सरकार की योजनाओं को सही मायने में जमीन पर उतारा जा रहा है ताकि जनता को इसका ज्यादा से ज्यादा लाभ मिल सके ।

 

देश के 112जिलों को Aspirational District के रूप में घोषित कर इन जिलों में शुरू हुए विकास कार्य अब जमीन पर नजर आने लगे हैं । इन आकांक्षी जिलों में आ रहे बदलाव के लिए केंद्र सरकार बधाई की पात्र है । जैसा कि महामहिम राष्ट्रपति जी ने अपने अभिभाषण में उल्लेख किया है कि दिल्ली से नॉर्थ ईस्ट की भौगोलिक दूरी से अधिक, वहां के लोगों को,दिलों की दूरियां खटकती  थीं । यह बात 100प्रतिशत सही है लेकिन आज यह हालत बिल्कुल बदल चुके हैं । माननीय प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी जी के "हीरा मॉडल" ने न सिर्फ दिल्ली से पूर्वोत्तर राज्यों की दूरियों को कम किया है बल्कि  दिल्ली का जुड़ाव देश के साथ - साथ अन्य देशों से भी बढ़ाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभायी है  ।

बीते पांच वर्षों में कनेक्टिविटी बढ़ाने, इंफ्रास्ट्रक्चर मजबूत करने और लोगों का जीवन आसान बनाने के लिए केंद्र सरकार ने जो अभूतपूर्व गति से कार्य किए हैं, उनके परिणाम देखने को मिल रहे हैं और आने वाले दिनों में यह परिणाम और भी ज्यादा नजर आयेंगे  ।

प्रधानमंत्री श्री मोदी जी की 'Neighbourhood First की नीति का लाभ भी पूर्वोत्तर राज्यों को बखूबी मिल रहा है  । बांग्लादेश की प्रधानमंत्री शेख हसीना जी की हाल ही में संपन्न यात्रा के दौरान दोनों देशों के बीच हुए कई समझौतों का लाभ देश को मिलेगा  । मोदी-टू के अल्प कार्यकाल में धारा 370 एवं 35ए खत्म कर जम्मूकश्मीर को भारत की मुख्य-  धारा से जोड़ा जाना, पाकिस्तान,अफगानिस्तान तथा बांग्लादेश में रह रहे अल्पसंख्यक हिन्दुओं,जैन,सिख,बौद्ध,पारसी व इसाइयों को नागरिकता प्रदान करने के लिए सीएए कानून बनाया जाना एक ऐतिहासिक कदम है  । यह हमारे घोषणा पत्रों  और संकल्पों को पूर्ण करने के प्रति हमारी प्रतिबद्धता को लक्षित  करता है । हम अपने वादों को पूरा करने के प्रति वचनबद्ध एवं संकल्पिक हैं   ।

पाकिस्तान के अल्पसंख्यकों पर हो रहा अत्याचार अत्यन्त निन्दनीय है  । विश्व समुदाय को इसका संज्ञान लेना चाहिए और पाकिस्तान को दुनिया के अन्य देशों से अलग थलग करना चाहिए   । पाकिस्तान प्रायोजित हर आतंकवाद की चुनौती का जवाब देने के लिए भारत तैयार है  । देश के अन्दर टुकड़े-टुकड़े गैंग और शहरी नक्सलियों द्वारा जो विध्वंस और नफरत का बीज बोया जा रहा है, उसको समझने की जरूरत है और सावधान भी रहना होगा  । इन देशद्रोहियों को जिन राजनीतिक दलों का संरक्षण मिल रहा है, उन्हें भी पहचानना होगा  । विभाजनकारी इन ताकतों को नेस्तानाबूद करना   होगा   ।

पाँच दशकों से चली आ रही बोडो समस्या को समाप्त करने के लिए केंद्र और असम सरकार ने हाल ही में बोडो संगठनों के साथ ऐतिहासिक समझौता किया है  । इसके लिए भी केंद्र सरकार और नेतृत्व बधाई के पात्र हैं । नॉर्थ ईस्ट की जनता ने पीएम श्री नरेंद्र मोदी जी के नेतृत्व में पूरा भरोसा जताया है  । इसका परिणाम है कि प्रधानमंत्री जी के नेतृत्व में केंद्र सरकार देश की सभी समस्याओं का एक – एक कर समाधान कर रही है  ।

त्रिपुरा,मिजोरम,केन्द्र सरकार और ब्रू जनजाति के बीच हुए ऐसे ही एक और ऐतिहासिक समझौते से न सिर्फ दशकों पुरानी समस्या का समाधान हुआ है बल्कि इससे ब्रू जनजाति के हजारों लोगों के लिए सुरक्षित जीवन भी सुनिश्चित हुआ है   । नॉर्थ ईस्ट में करीब65 साल तक एक खास दल और उसके सहयोगियों की सरकार रही लेकिन समस्याओं के समाधान के बजाय उन्हें उलझाने पर ही उनका जोर रहा  । उनकी नीयत साफ नहीं थी वरना इन समस्याओं का समाधान पहले भी हो सकता था   ।

देश के आदिवासी भाई-बहनों को विकास की मुख्यधारा में लाने के लिए हमारी सरकार संकल्पबद्ध है । पहली बार किसी सरकार द्वारा वन उत्पादों पर एमएसपी का लाभ दिया गया है । हमारी सरकार का विशेष बल आदिवासियों के स्वास्थ्य,शिक्षा और कौशल विकास पर है । सरकार द्वारा कुछ सप्ताह पहले ही, देश में 400 से ज्यादा एकलव्य मॉडल रेजिडेंशियल स्कूल खोलने का अभियान शुरू किया गया है  । हाल ही में अनुसूचित जाति और अनुसूचित जनजाति को लोक सभा और विधान सभा में मिलने वाला आरक्षण भी, अगले दस वर्षों के लिए बढ़ाया जा चुका है  ।

झारखण्ड में जेएमएम-कांग्रेस की सरकार बनते ही आदिवासियों पर हमले व अत्याचार और नक्सली गतिविधियाँ बढ़ रही हैं । 21 जनवरी, 2020 को चाइबासा जिले के गूदड़ी प्रखण्ड में आदिवासियों का सामूहिक नरसंहार हुआ । इसमें सात आदिवासियों की निर्मम हत्या हुई   । सर धड़ से अलग कर दिए गए   । वस्तुतः पत्थलगढ़ी के मामले में भाजपा सरकार द्वारा लिए गए निर्णय को बदलने के कारण यह घटना हुई है । यह राजनीतिक विरोध में लिया गया एक दुर्भाग्यपूर्ण एवं देशविरोधी निर्णय है  । आदिवासियों के नरसंहार पर अब तक कोई कार्रवाई न हो पाना अत्यन्त निन्दनीय है  । कांग्रेस के शीर्ष नेतृत्व द्वारा इस पर कोई प्रतिक्रिया न व्यक्त करना उनके झूठे आदिवासी प्रेम को स्पष्ट करता है  । अपराधियों द्वारा खुलेआम टीवी मीडिया में साक्षात्कार दिए गए, फिर भी हेमन्त सोरेन की सरकार चुप बैठी है । इस नरसंहार के अपराधियों की अविलंब गिरफ्तारी हो और मृतक परिवारों को मुआवजा तथा सरकारी नौकरी दी जानी चाहिए ।

माननीय प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी जी ने भारत की संसद में कल दिनांक5 फरवरी, 2020 को एक ऐतिहासिक निर्णय के तहत सदियों से लम्बित पड़ी समस्या के समाधान के लिए माननीय उच्चतम न्यायालय के निर्णय के अनुसार भव्य राम मंदिर के निर्माण के लिए 15 सदस्यों का स्वायत्त न्यास "श्रीराम जन्म भूमि तीर्थ क्षेत्र"के गठन और 67 एकड़ जमीन के आवंटन की घोषणा कर कुशल नेतृत्व का परिचय दिया   । करोड़ों हिन्दुओं के आस्था के प्रतीक श्रीराम मंदिर का निर्माण अयोध्या में शीघ्र हो सकेगा   । यह न्यास अयोध्या में भगवान श्रीराम की जन्मस्थली पर भव्य और दिव्य श्रीराम मंदिर के निर्माण और उससे जुड़े विषयों पर निर्णय लेने के लिए पूर्ण रूप से स्वतंत्र होगा   । अयोध्या में श्रीराम के भव्य मंदिर निर्माण के लिए स्वायत्त न्यास श्रीराम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र के गठन और 67 एकड़ जमीन के आवंटन के लिए माननीय प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी जी का चतरा लोक सभा क्षेत्र, झारखण्ड राज्य एवं देश की जनता की ओर से कोटिकोटि अभिनन्दन-   ।

हमारी सरकार को देश की जनता ने नए भारत के निर्माण के लिए जनादेश दिया है  । एक ऐसा नया भारत जिसमें हमारी पुरानी संस्कृति का गौरव हो और विश्व को अपने ज्ञान की शक्ति से समृद्ध  करे । जिसमें पुरानी समस्याओं के समाधान के साथ ही विकास के नए अध्याय लिखे जाएं । एक ऐसा नया भारत जो चौथी औद्योगिक क्रान्ति में महत्वपूर्ण भूमिका निभाए और वैश्विक मंच के शिखर पर पहुँचे जिसका हर क्षेत्र विकास करे,कोई क्षेत्र पिछड़ा न रह जाए, जहां आधुनिक तकनीक का लाभ समाज के अंतिम व्यक्ति तक पहुंचे । एक ऐसे भारत का निर्माण जिसमें गरीबों, दलितों,महिलाओं,युवाओं,आदिवासियों और अल्पसंख्यकों को पर्याप्त सुविधा मिले और आगे बढ़ने के नए अवसर      भी । हम एक ऐसे भारत का निर्माण चाहते हैं जिसमें  "सबका साथ, सबका विकास और सबका  विश्वास " हो   ।

माननीय प्रधानमंत्री श्री मोदी जी के नेतृत्व में न सिर्फ देश में दशकों से लंबित पड़ी ऐतिहासिक समस्याओं का समाधान किया जा रहा है अपितु आज देश की छवि "विश्व गुरू " के रूप में बनती जा रही है  । आज सभी देश भारत के कुशल नेतृत्व को स्वीकार कर उसका सम्मान करने लगे हैं  । 

आने वाले दशक में दुनिया को न्यू इंडिया का समावेशी,समर्थ,समृद्ध और सशक्त स्वरूप दिखाई देगा । आइए हम सब मिलकर पूरी क्षमता से प्रयास करें और अपने-अपने लक्ष्य को प्राप्त     करें  । आइए हम सब मिलकर नए भारत का सपना पूरा करें, नए भारत का निर्माण करें    ।

धन्यवाद *SHRI ANUBHAV MOHANTY (KENDRAPARA) :  While supporting the motion of thanks on Presidential Address, I on behalf of my party would like to go on record with a few of my observations.

          It is 72 years since Independence but it is shocking to see that the progress on ground level is not at all satisfactory.  Though the present Government cannot be blamed for the entire depression but still  they are in government for the past 6 years which gave them an opportunity to make up for the damages.

          Our country is an agricultural and farming dominant country and the most important fact is irrigation.  It is so sad that there is no clear irrigation policy which can be implemented throughout the country in one go.  Where are the promises that were made to the farmers of this country assuring them of doubling their income?  To double the income of the farmers in a matter of six years the growth rate has to be around 10% minimum and look where is the growth rate now after 4 years of promises made.  It is a disgrace that this is the first time that the farmer community has been taken for a solid ride.

          Odisha is the only State in the country which has been hit by severe super cyclonic storms 5 times in the last 8 years, immensely damaging property and livestocks.  Of course, it was the brave and wise planning of the Hon’ble CM of Odisha that a great number of human lives could be saved due to timely alert warning and meticulous planning of evacuation.  We must realize that it takes years to get over the shock and damage of super cyclones but here we had faced 5 cyclones in 8 years hardly giving us time to gather together.  The Centre’s help did come to us but a lot more was expected.  There were many aid and financial support that had to come to the State as Centre’s share but the delay in release of the funds hit the progress very badly.  We have always wanted the Centre to extend a more supportive hand during the time of crisis but it was hardly seen.

          The financial cut given by the Finance commission to the State of Odisha is so shocking and it has happened due to our financial prudence that the financial grants are being cut, affecting the expenditure on progress.  The good work done by the state government towards population control has further cut our grant as the urban grants are given only to cities with a million plus population.  We had capped the growth of the population and that is why we do not have million plus cities and hence, instead of urban grant we will be getting rural grant.  This is totally unfair on the part of the Central Government to single out states and cut their financial resources on one or the other pretext.  It is so unfortunate that even after the super cyclone the state of Odisha has not been provided with the GST compensation since September, 2019 which further cripples our growth in the areas affected by the cyclone.

          The state government of Odisha had been repeatedly requesting for a caste census on the basis of OBC population to be conducted which was last conducted in the year 1930.  This will give a clearer picture to deal with this issue.  The Centre has to share some amount of clean energy cess with the state for specific use in places where the cess is raised for clean energy activities.  The Centre must consider this seriously.  The prudence in financial management by the state government of Odisha has proved to be negative factor as the Finance Commission who instead of rewarding the prudence have penalized by reducing the fund allocation.  Such an action could result in counter production which may not be in good taste.  The revision on Coal Royalties has not been taken up for quite some time.  The fund generated from the royalties helps the state government in managing and allocating fund for developmental activities in much better and positive manner.  Hence it is requested that the revision of Coal Royalties may be carried out at the earliest. 

The state of Odisha has around 1000 archaeological sites in the entire spread of the state but the ASI has hardly identified them.  It is requested that there are many wonderful tourist sites which need to be identified and brought under the Archaeological sites.  More than 40% population of the state of Odisha is tribal but we do not have a National Tribal Museum.  The Government should seriously consider this request and establish a National Tribal Museum in the state of Odisha. 

It is well known that the coastal area of the State of Odisha is sever cyclone prone area.  The State has had 5 severe cyclonic storms hit the coast in the last 8 years severely damaging the properly and the livestock, putting the State administration in a deep financial crisis.  The State needs time to recoup from such a severe natural calamity and hence, should be provided with all sorts of help with a tax holiday and 90:10 ratio in Central schemes etc. Odisha is one of the few States which is willing to provide land free of cost and also to contribute 50% in the construction cost for the Railway projects but unfortunately the response from the Central Government is not very encouraging.  Hence, it is requested that all the railway projects in the State may please be sped up.  Odisha State is one of the poorest State as far as Tele density is concerned.  It is requested that in order to improve the internet connectivity and inter-connect the villages the Tele density has to improve a lot.  The Centre must take up the matter seriously and improve the situation.

The State of Odisha has seen severe natural calamities in the form of either the cyclonic storms or draught.  In both ways the economy of the State suffers severely.  In view of this, it is requested that the Centre should bring the State under Special Focus and provide aids in various aspects for its developmental activities.

*श्रीतीरथसिंहरावत (गढ़वाल):मैं राष्ट्रपति जी के अभिभाषण के समर्थन में हूं  । हमारी सरकार प्रधानमंत्री माननीय नरेन्द्र मोदी जी के नेतृत्व में राष्ट्रहित को सर्वोपरि मानते हुए देशवासियों के अरमानों आकांक्षाओं में खरा उतरने का काम कर रही है   । सभी को साथ लेकर चलने का काम किया है  । सबका साथ,सबका विकास, सबका विश्वास को लेकर सबको विकास से जोड़ा है  । मैं इसके लिए प्रधानमंत्री जी का धन्यवाद करूंगा  । वहीं सरदार पटेल ने कहा था एक भारत श्रेष्ठ भारत  ।

          प्रधानमंत्री जी ने जो सपने देखे वही कार्य पांच वर्षों में अनुकरणीय हुए हैं  । देश में 121करोड़ आधार कार्ड बने  । लोगों के पास विभिन्न योजनाओं में मनरेगा आदि से पैसा सीधा खातों में जा रहा है जिससे पारदर्शिता बनी, बिचौलिए समाप्त हुए । गांव शहरों की दूरी घटी, गांवों को विकास से जोड़ा, आदर्श गांव की कल्पना को साकार किया  । स्मार्ट सिटी की तरह स्मार्ट गांव बनाये  । बिजली पानी सड़क कनैक्टिविटी, विद्यालय, सार्वजनिक शौचालय आदि से जोड़ा  । सर्विस सेक्टर खड़े किए  ग्राम सड़क योजना के तहत 1लाख25 हजार किमी. सड़क देने का जहां काम किया वहीं आने वाले समय में पानी की किल्लत की समस्या को देखते हुए हर घर पानी हर घर नल देने की योजना बनाई  ।

          प्रधानमंत्री जी ने एक नए भारत का निर्माण किया है जिसमें लोगों की अपेक्षाओं की पूर्ति के लिए हर क्षेत्र में विकास के सराहनीय कदम उठाये । अंतर्राष्ट्रीय स्तर पर अनेक क्षेत्रों में अंतर्राष्ट्रीय रैकिंग में अभूतपूर्व सुधार आया है । विश्व में भारत 79 स्थान ऊपर चढ़ते हुए62वें स्थान पर आया    है  । वहीं सबका साथ, सबका विकास, सबका विश्वास  के चलते  8 करोड़ परिवारों को मुफ्त गैस कनैक्शन 2 करोड़ गरीबों को घर 50 करोड़ लोगों को भारत आयुष्मान योजना के तहत 5लाख रुपये तक मुफ्त इलाज, 24 करोड़ लोगों को बीमा सुरक्षा कवच,ढाई करोड़ लोगों को मुफ्त बिजली कनैक्शन पारदर्शिता के साथ दिया जिसमें हर धर्म, वर्ग गरीब तबके का व्यक्ति है    ।

          धारा370 अनुच्छेद35ए को हटाने का काम माननीय प्रधानमंत्री एवं गृह मंत्री जी ने जो किया उससे एक आजादी और मिली  और जम्मू कश्मीर में जो दो ध्वज, दो संविधान, दो विधान चला करते थे, उसे समाप्त कर एक झंडे के नीचे लाने का काम किया जिसको आम जनता ने सराहा,खुशियां मनाई, आम जनता को विश्वास से जोड़ा, उससे जम्मू कश्मीर और लद्दाख की जनता ने भी खुशियां मनाई  ।

          एक भारत, श्रेष्ठ भारत की सरदार पटेल की भावनाओं को बल देते हुए सरकार ने टेक्नोलॉजी के माध्यम से एकीकृत संगठित व्यवस्था विकसित की । टैक्नोलोजी के माध्यम से सरकार ने इंस्पैक्टर राज समाप्त करने में बड़े कदम उठाये  । स्किल इंडिया अभियान स्कीम के माध्यम से युवाओं में कौशल विकास के साथ स्वरोजगार के लिए जरूरी धन मुहैया कराया गया  । मुद्रा योजना के तहत 5करोड़54 लाख से ज्यादा नए उद्यमियों ने ऋण लिया, 10 लाख करोड़ से ज्यादा का ऋण दिया गया है  । जो कि रोजगार के लिए एक ऐतिहासिक कदम है  । वहीं सीएए नागरिक संशोधन बिल 2019लाकर उन अल्पसंख्यकों को जो बंगलादेश,पाकिस्तान,अफगानिस्तान में दुखी हैं,प्रताड़ित हैं, कष्ट में रह रहे   हैं  । माता-बहिनों के साथ अमानवीय व्यवहार हो रहा है । ऐसे अल्पसंख्यक समुदायों को भारत में नागरिकता देने का कानून पास किया । इसके लिए प्रधानमंत्री जी तथा गृह मंत्री जी का धन्यवाद करना चाहूंगा ।

          मुझे याद है कि जब मेरे पिताजी हमें बताते थे कि हिंदुस्तान,पाकिस्तान जब बना, धर्म के आधार पर बना, बनते समय पाकिस्तान से ट्रेनों में लाशें भर-भर कर आती थी, दिल दहलाता था  । मेरे पिताजी स्व. श्री कलम सिंह रावत रेलवे में कार्यरत थे तब वह 1947 में लाहौर के अंदर पोस्टिंग में थे  । मेरी सबसे बड़ी बहिन 9माह की थी, मां और बहिन को उस समय अपने परिचित मित्र अन्य समुदाय मुसलमान के परिवार में छुपाया था । तब वह बच पाये  । कुछ समय बाद भारत लाया गया,पिताजी बताते थे कि राष्ट्रीय स्वयं सेवक संघ एवं हिंदू महासभा ने उस समय बड़ा काम किया, लोगों को बचाया  ।

          मैं पुनः राष्ट्रपति जी का धन्यवाद करना चाहूंगा  । साथ ही धन्यवाद प्रस्ताव का समर्थन कर अपनी बात समाप्त करता हूं  ।

          धन्यवाद  ।

 

*DR. HEENA VIJAYKUMAR GAVIT (NANDURBAR) : Several things done by the Government at the ground level in the last five years has helped India’s ranking on several International ranking indices.  On the Tourism Index, India has risen from 52nd to the 34th rank while on the World Bank’s Ease of Doing Business ranking, the country has jumped 79 ranks to stand at 63rd. 

          Under the ‘Pradhan Mantri Mudra Yojana’, the maximum benefit has been availed by women.  Out of the 15 crore Mudra loans provided so far throughout the country, 73 percent have been disbursed to women entrepreneurs.  Under the ‘Deen Dayal Antyodaya Yojana’, about 6 crore women have become members of ‘Self Help Groups.  Government has provided loans worth more than Rs. 75 thousand crore to such Self Help Groups.  This amount is two and a half times more than the loans given in the four years preceding 2014.  It has been mandatory for the major government companies to purchase at least 3 percent of their material from the enterprises owned by women entrepreneurs.  Women officers recruited under the Short Service Commission in the armed forces to be considered for permanent commission through a transparent selection process just like their male counterparts.  Enhanced maternity leave from 12 weeks to 26 weeks.

          Government is striving day and night to attain the goal of doubling farmers’ income, better facilities and assistance to farmers for the agriculture activities from purchase of equipment and seed to transportation of produce and its sale.  Providing the farmers with fair price for their crops, access to new markets and helping them with additional sources of income.

          Government has taken the historic decision of fixing the Minimum Support Price – MSP of 22 crops at one and a half times higher than the production cost of the crop.  The number of Krishi Vigyan Kendras is being increased across the country to assist the farmers with scientific methods of farming.  More than 17 crore Soil Health Cards have been distributed to inform the farmers about the health of the soil.  100 percent Neem coating of urea has been done to facilitate its availability and to prevent its misuse. 

          Government is completing 99 incomplete old irrigation projects so that farmers do not face any hurdle in irrigation.  71 of these projects will be completed by the next few months.  Micro-irrigation is also being promoted by the Government to ensure full utilization of every drop of water.  Crop insurance is being provided to farmers at low premium under the ‘Pradhan Mantri Fasal Bima Yojana’ to safeguard them from potential crisis due to crop damage.  A campaign has been launched to link online, more than 1,500 Agricultural Mandis to facilitate market access to farmers.  Cold storage capacities are being increased at a fast pace to minimize crop damage from the field to the market and to ensure proper storage.

          The ‘Waste to Wealth’ campaign is being implemented to ensure that farmers generate additional income out of the crop residue from their field.  Under the Blue Revolution scheme, Government is providing training to fishermen in deep sea fishing and financial assistance for buying modern fishing trawlers.  Around Eight crore people were given free gas connections, two crore free houses and 38 crore people have been helped with bank accounts.  The Government has taken several steps for the welfare of minorities in the country.  The impact of the Ayushman Bharat Scheme on the health sector of the country is visible.  Under the Pradhan Mantri Jan Arogya Yojana, so far 75 lakh poor have availed free treatment.  More than 27 thousand Health and Wellness Centres have also been set up.  By giving Aspirational District – status to 112 districts of the country, the Government is paying special attention to schemes related to the development of the poor.

          This year, 75 new medical colleges have been approved in the country which will increase about 16,000 MBBS and 4,000 PG seats in the country.  Government has launched the National Nutrition Mission for persons suffering from malnutrition and to eliminate the factors responsible for malnutrition.  ‘Mission Indradhanush’ has been launched by the Government to provide immunization facilities to children and pregnant women living in remote and tribal areas.  As a result, the country has moved rapidly towards the target of “Universal Immunization”.

 

*SHRI DIPSINH SHANKARSINH RATHOD (SABARKANTHA) : Namaskar, on 31st January, 2020, Hon’ble President Shri Ramnath Kovindji had given special speech in the Central Hall of the Parliament House on the first day of Budget Session.

          In his speech he has shown us the bright future of India.  He spoke about the development of all communities of India right from SC, ST, OBC, Women, Divyangs, Students, Kids, Farmer, Business to Arm forces etc.  He spoke about the bright future of India in Education, Agriculture, Sports, Foreign affairs, Make in India vision, Rail development, Start up, Innovation, Culture, Healthcare, Entrepreneurship, etc.  Also special focus on Jammu, Kashmir, Ladakh, North Eastern States, Union Territories etc. Removal of Teen Talak, Article 370 and 35A, New Law of CAA and the special care of minorities in India by the Government of India.

          I congratulate the Government of India and specially thank Hon’ble President of India for making us highly proud of the present Government.

 

*SHRI VINOD LAKHAMSHI CHAVDA (KACHCHH) :  Namaskar, On 31st January, 2020, Hon’ble President Shri Ramnath Kovindji had given a special speech in the Central Hall of the Parliament House on the first day of Budget Session.

          In his speech he had shown us the bright future of India.  He spoke about the development of all communities of India right from SC, ST, OBC, Women, Divyangs, Students, kids, Farmer, Business to Armed forces etc.  He spoke about the bright future of India Education, Agriculture, Sports, Foreign affairs, Make in India vision, Rail development, Start up, Innovation, Culture, Healthcare, Entrepreneurship, etc.  Also special focus on Jammu, Kashmir, Ladakh, North Eastern States, Union Territories etc.  Removal of Teen Talak, Article 370 and 35A, New Law of CAA and the special care of minorities in India by the Government of India.

          I congratulate the Government of India and specially thank Hon’ble President of India for making us highly proud of the present Government.

 

*श्री सुदर्शन भगत (लोहरदगा): मैं बजट सत्र-2020के प्रारंभ में भारत के राष्ट्रपति महोदय द्वारा दिए गए अभिभाषण के समर्थन में अपना वक्तव्य सदन के सम्मुख  रखना चाहता  हूं  । माननीय राष्ट्रपति महोदय द्वारा अपने भाषण में भारत सरकार द्वारा गत पांच वर्षों में लोक कल्याणकारी नीतियों द्वारा देश के विकास में योगदान की बात कही गई, "सबका साथ-सबका विकास " के सिद्धांत पर देश के हर वर्ग और हर क्षेत्र का विकास हो, सभी योजनाओं को जन-जन तक कैसे पहुंचाया जा सके इसके लिए सरकार ने संकल्पबद्धता के साथ भारत के चहुंमुखी विकास हेतु समर्पित पिछले पांच वर्षों में सरकार द्वारा किए गए कार्यों का उल्लेख किया गया है  । आगामी वर्ष तथा भारत के विकास में आने वाले वर्षों के लिए भी जिस प्रकार सरकार द्वारा विकासोन्मुखी योजनाओं के क्रियान्वयन पर जोर दिया जा रहा है, वह निश्चित रूप से सराहनीय है  ।

          माननीय राष्ट्रपति महोदय ने भारत सरकार द्वारा देश के जनजातीय क्षेत्रों में किए गए कार्यों और पहलों का भी उल्लेख किया । मैं उसकी विशेष रूप से सराहना करना चाहूंगा,जैसे देश के जनजाति बहुल पूर्वोत्तर क्षेत्र के राज्यों पर विशेष ध्यान देना, राष्ट्रपति जी ने अपने भाषण में कहा कि "देश के आदिवासी भाई-बहनों को विकास की मुख्यधारा में लाने के लिए मेरी सरकार संकल्पबद्ध      है ।" सरकार द्वारा वन उत्पादों पर MSP लाभ प्रदान करने की स्वागत योग्य पहल की गई  ।  सरकार द्वारा आदिवासी क्षेत्रों में स्वास्थ्य,शिक्षा और कौशल विकास पर विशेष बल दिया, जिसके कारण इन क्षेत्रों में लोग लाभान्वित हो रहे हैं । एक ऐतिहासिक निर्णय के तहत सरकार द्वारा देश में 400 से अधिक "एकलव्य आदर्श आवासीय विद्यालय " खोलने का अभियान शुरू किया है । हाल ही में अनुसूचित जाति और अनुसूचित जनजाति को लोक सभा और विधान सभा में मिलने वाले आरक्षण को भी आगामी दस वर्षों के लिए बढ़ा दिया गया है । ऐसे सभी विषयों का उल्लेख कर आपने सरकार की नीतियों को विस्तारपूर्वक रखा, इसके लिए मैं माननीय राष्ट्रपति महोदय का बहुत-बहुत अभिनंदन करता हूं  ।

          जैसा कि आप जानते हैं कि झारखंड राज्य के जनजातीय बहुल लोहरदगा संसदीय क्षेत्र का लोक सभा में प्रतिनिधित्व करता हूं    । इन क्षेत्रों में विकास के अभाव और भौगोलिक विषमताओं के कारण, दुर्गम वन क्षेत्रों में जीवनयापन करने वाले लोगों के कल्याण और इन क्षेत्रों के समग्र विकास हेतु मैं कुछ मुद्दों को सम्मिलित करने हेतु निवेदन करता हूं: जनजातीय बहुल क्षेत्रों में यातायात के साधनों की पहुंच को बढ़ाना जैसे रेल सेवा तथा वायु सेवा, जिससे कि इन क्षेत्रों में शिक्षा, स्वास्थ्य और पर्यटन के साथ-साथ वन उत्पादों के क्रय-विक्रय हेतु तथा आधुनिक खेती के लिए साधनों की पहुंच बढ़ सके;  "वन धन केन्द्रों " का क्रियान्वयन सुचारू रूप से हो सके, उनका लाभ स्थानीय लोगों तक पहुंच सके यह सुनिश्चित करने की व्यवस्था पर विचार करना; इन क्षेत्रों में पर्यटन की अपार संभावनाएं हैं, इसके लिए योजना बनाए जाने की आवश्यकता है; मेरे संसदीय क्षेत्र के गुमला जिले को रेल सेवा से जोड़ने के लिए स्थानीय स्तर पर गत अनेक वर्षों से मांग की जा रही है, तथा रांची से टुरी तक रेलवे लाईन का दोहरीकरण किया जाना भी अति आवश्यक है; खाद्य प्रसंस्करण के लिए विशेष प्रोत्साहन मिलने पर इन क्षेत्रों में इस उद्योग की भी अपार संभावनाएं हैं  । वन तथा कृषि उत्पाद प्रचुर मात्रा में यहां उपलब्ध रहते हैं;सुपर स्पेशलिटी अस्पतालों की स्थापना होना भी अति आवश्यक है; भूजल में प्रदूषण होने के कारण पेयजल का संकट बना रहता है, इसके कारण बीमारियां बढ़ी हैं इसके लिए इन क्षेत्रों को अध्ययन कर एक विस्तृत योजना बनाकर यहां के लोगों को लाभान्वित किया जाए; वर्षा जल के भंडारण तथा उसे जनोपयोगी बनाने हेतु वृहत योजना बनाकर कार्य करने की आवश्यकता है,जिससे इन क्षेत्रों में इस भूजल का स्तर भी सुधर सके,इस जल का उपयोग कृषि कार्यों में भी सुलभता से किया जा सके    ।

          मेरे द्वारा उठाए गए उपरोक्त मुद्दों से देश के जनजातीय बहुल तथा देश के वन क्षेत्रों में रह रहे निवासियों को विशेष लाभ मिल सकेगा  । उनके जीवन स्तर में सुधार आने से यहां के लोग भी देश के विकास की मुख्य धारा में जुड़कर लाभान्वित हो सकेंगे    ।

          मैं पुनः माननीय राष्ट्रपति जी के अभिभाषण का समर्थन करते हुए सरकार द्वारा किए जा रहे कार्यों की प्रशंसा करता हूं , माननीय प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी जी के नेतृत्व में भारत विकास और समृद्धि के नित नए आयाम गढ़ रहा है, विश्व में अपना एक विशेष स्थान पर भारत की प्रतिष्ठा बढ़ी है  ।

          आपका बहुत-बहुत धन्यवाद   ।

                     

*SHRI DUSHYANT SINGH (JHALAWAR-BARAN) :  I would firstly like to congratulate the Hon’ble President for addressing the House and laying out the vision of the Government for the decade.

          India is a young country with 65% of population below 35 years of age and 50% of population below 25 years of age.  We all must understand that since 2018, India’s working age population (people between 15 and 64 years)has grown larger than the dependant population (i.e. senior citizens + children below 15 years of age).  This bulge in the working-age population is going to last till 2055 or 37 years from its beginning.  In this case, it is very important for the country to educate, train and impart skills to the youth in order to facilitate “Wealth Creation” at an unprecedented scale.

          I am very thankful to the citizens of India, who came to together on 26th November, 2019 to publically read out the Preamble of the Constitution in masses.  This Constitution framed by the Constituent Assembly shall guide us towards happiness and prosperity in the times to come.  I would like to mention in this House that the Constitution which has provided the citizens with Fundamental Rights also mentions the duties of the citizens of India as well.  I would like to request our citizens to fulfil their duties and participate in various Jan Andolans initiated by our Hon’ble Prime Minister Shri Narendra Modi Ji such as Fit India Movement, Jal Jeevan Mission, Swachh Bharat Abhiyan to name a few.  I am sure that with the support of our citizens, the NDA Government under the leadership of Modi Ji shall continue to lead India to new heights.

          I would like to draw the attention of the House towards the scale of people’s participations in various Jan Andolans and the outcomes under the leadership of Modi Ji.

          In the early 1980s, the rural sanitation coverage in India was only 1%.  As per the 2001 Census, the rural sanitation coverage was increased to 22% due to the Total Sanitation Campaign in 1999, but according to the Census of 2011, about 72.2% of the Indian populations in about ~ 17 Crore households stayed in around 6,38,000 villages, out of which only 5.48 crore households had access to toilets.  On 2nd October 2014, Hon’ble PM launched the Swachh Bharat Abhiyan with an aim to achieve open-defecation free (ODF) India by 2nd October 2019.  Now coming to the actual outcome, Under SBM, about 10.15 crore individual household latrines were constructed and 6 lakh villages were declared Open Defecation free as on 5th December, 2019.  I am very delighted to mention that in my home state of Rajasthan, almost 8 million toilets were constructed and 42,860 villages were declared ODF.  This is called ACTION.

          In 2014, when Shri Narendra Modi Ji was elected as the Prime Minister, the rank of India on the global Ease of Doing Business ranking was beyond 140.  Modi Ji made a promise to the young entrepreneurs and the corporate community to improve ease of doing business in India.  Today, India has leapfrogged to 63rd position, moving up by 79 places and our PM has set a goal to achieve Rank 50 by next year and I am sure India will continue to improve its ranking.  With the new amendments to the Insolvency and Bankruptcy Code, India has risen to the rank 52 from 108 within 1 year in “Resolving Insolvency” ranking.  Moreover India has ranked 27th in 2020 from 52nd in 2019 on “Dealing with Construction Permits” rankings.  India has moved from 52nd position to 34th position.  In “Getting Electricity” ranking India ranked 137 in 2014, today India ranks 22nd in 2020.  The World Bank has said that among other improvements, India has made the process of obtaining a building permit more efficient.  Earlier last year, out of the total cost of building warehouse 5.7% was spent on obtaining all permits and authorizations, but now it has reduced to 4%.  The World Bank has also observed that the authorities have enhanced building quality control in Delhi by strengthening professional certification requirements.  Importing and exporting has also become easier under the NDA Government with the creation of a single electronic platform for trade stakeholders, upgrades to port infrastructure and improvement to electronic submission of documents.  Now there are people in this house, who would disagree with the World Bank’s observation.

          This is the scale of change brought in by reformist NDA Government led by Modi Ji.  This will help India attract multinational companies, which are looking at alternatives to China for investment amid trade war with the USA.

          The citizens of India have benefited by the schemes of NDA Government in 2014 – 19 tenure which led a pro-incumbency wave in 2019 and today BJP has increased its tally in House from 282 to 303 because of people’s mandate and trust in Modi Government.  This is testimony of the belief of people in the government’s mantra of “Sabka Saath, Sabka Vikas, Sabka Vishwas”.  Pradhan Mantri Jan Arogya Yojana are various schemes which have provided equitable access to benefits and facilities of its schemes for the poor people for all religions.  In this country, we have seen governments at state levels and union level distributing freebies to the people of certain case and region to get re-elected to power, but NDA Government has been re-elected by the people with even more stronger mandate without giving any free-bies and doles.  Our Government has always worked to empower Indian citizens and make them self – dependent by increasing their income and make them self-reliant so that they could live their life with dignity.  Our government does not want farmers, labourers to depend on subsidies and freebies for their life.  We want them to be self-reliant.  Our Government has taken various steps to empower every Indian.

          Few political parties in this house have gone to the extent of suffocating growth of certain regions and states to get re-elected to the Government.  I would not name the parties but we all know and remember that the Article 370 was a temporary provision.  It was a provision for temporary basis but few political parties have exploited the Article 370 for their own benefits.  I am proud to say that I was part of the Lok Sabha which abolished Article 370 and unleashed the UT of J&K and Ladakh on the path of development.  The people who talk about internet shutdown in the valley for security reasons, I would like to ask them when was the first mobile call was made from Jammu and Kashmir?

          Why did the state of Jammu and Kashmir not develop communication services at par with rest of the India?  Wouldn’t this account for violation of Fundamental Rights when J&K state was not able to get communication services at par with Rest of India and would the ruling parties of J&K answer this question today before questioning NDA government?

          The first mobile call was made in J&K in 2003.  The development of infrastructure was delayed because of various terrorist activities.

          I am happy to say that today under the dynamic leadership of Shri Narendra Modi Ji, Article 370 has been abolished and today the citizens of Jammu Kashmir and Ladakh will benefit from every scheme and program of the Government.  The region of Ladakh which used to get disconnected from rest of the India for more than 6 months during the winter months, today will get connected to the rest of India for 12 months through the Atal Tunnel.  This tunnel was conceived by Shri Atal Bihari Vajpayee Ji in 2000 but it was not completed till 2014.  Today, under NDA Government with faster construction of road infrastructure in the country by Shri Nitin Gadkari Ji has led to the completion of the Atal Tunnel and Ladakh will be connected to India by road not only by Air so that those who cannot afford flight to Ladakh can also travel. This is the motto of Modi Government “Sabka Saath, Sabka Vishwas”.

          I was passing by and I read somewhere on road “15 sall, Delhi thi bemissal”, I would like to ask why was the voice of 40 lakh people living in the capital city of Delhi for ownership rights of their home to lead  a dignified life not heard by the Government.  Today, this Government has fulfilled this long awaited expectation of people living in more than 1700 colonies.

          Today, I will talk about another movement, there are certain districts in India which have pulled back the growth of development of India.  Modi ji came up with the program of Aspirational Districts where in 112 districts each development scheme is paid special attention without any special budget for the aspirational districts and today many of these districts have developed to the average level of the states they belong to. I am very thankful to the Government for developing a medical college in the Aspirational District of Baran in my Lok Sabha Constituency.  NDA Government has proposed 75 new medical colleges in Aspirational Districts, this will help in reducing Maternal Mortality Rate, Malnutrition, and providing better healthcare to the people in aspirational districts and also reduce the gap in the number of doctors in India.

          The NDA Government has also launched the program for establishing residential schools for the promotion of education.  Eklavya Model Residential Schools for ST students are set up in State / UT for every block with more than 50% ST population and at least 20,000 tribal person by the year 2022 and till now, 400 Eklavya Model Residential Schools in the country have been opened.  Coming to the work done for the divyangjan, more than 1,000 government buildings and more than 700 railway stations have been made accessible for divyangjan.  I am very thankful to Modi Ji for spending his birthdays with divyangjan.

          This is the work done by NDA Government for Aspirational Districts, STs, Divyangjan.  Our Government is committed to the Sabka Saath, Sabka Vikas.

          In recent times, the Government has sanctioned about Rs. 9,000 crore for the North East Gas Grid Project.  This project will lay the foundation of a Gas based economy in all of the 8 states of the North East.  Recently the Government has also began Inter-Ministrerial talks on gas sector reforms.  India needs to exploit the gas reserves to reduce dependence on crude oil imports for energy needs.  This will help in developing the Indian economy by reducing Crude Oil imports and strengthening India economy.

          For farmers, NDA Government launched Pradhan Mantri Kisan Samman Nidhi to support farmers for the sowing season.  Some political parties who could keep their political priorities aside for the farmers, opposed the PM-KISAN scheme as well.

          If I talk only about the state of Rajasthan, this scheme of providing Rs.6000 per year or Rs. 16.43 per day per family will prove to be a major step towards increasing farmers’ income.  If we assume household size of 5 in Rajasthan, PM-Kisan will bring in an additional income of approx. Rs. 20 per month to an individual in the household.  This may seem peanuts for sure to many in this House, but by comparing the monthly per capita consumption expenditure for different fractile groups from the National Sample Survey Report with the Poverty Line defined in the “Rangarajan Report on Poverty” for rural Rajasthan, at least 10% of population from rural Rajasthan will be pulled out from Below Poverty Line.  I came across this analysis firstly in a piece written by Shri Kirit Parikh Ji who has served on Prime Minister’s Economic Advisory Councils for multiple PMs.  This is not fiction, it is real numbers.  It is real data and facts which cannot be denied.

          Furthermore, the Government has also focused on schemes at improving quality of education and promotion innovation.  The Government has sanctioned more than Rs. 37,000 crore for modernization of 75 educational institutions through Higher Education Funding Agency (HEFA).  Moreover, as the Hon’ble President has mentioned that for the first time in the history of the country, number of girls admitted in higher education has exceeded that of boys.  For the first time in history, this is the outcome of 5 years of Modi Government to reduce Gender Inequality.  We want the women of our country to participate in the development of India equally.  This shows the commitment of NDA Government towards Sabka Saath Sabka Vikas.

          It has always been said that we have a lot of obsolete or out-dated laws.  But what has been done by previous Government to abolish such laws and regulations.  It was the NDA Government which has abolished about 1500 laws in last 5 years.  That is almost close to abolition of a law per day.  There have been numerous reforms to promote transparency in the recruitment process.  India didn’t not lead the 1st, 2nd and 3rd Industrial Revolutions, but today India is in a position to lead the 4th industrial revolution with the development of various technologies such as Big Data and Analytics, Autonomous Robots, Simulations, Industrial Internet of Things, Cyber Security and Augmented Reality.  India needs to promote innovations, research and development by youth, entrepreneurs, scientists and researchers.  I am thankful to the Indian scientists and researchers for their contribution to the sector and I am sure they will help us led the 4th Industrial Revolution as well.  It is under the leadership of Modi Ji, the NDA Government took up the Digital India Programme.

          Coming to the financial inclusion, India has achieved an unprecedented feat in last 5 years by leveraging Jan-Dhan Accounts, Aadhar Card and Mobile.  If we compare the leap taken by India with other developed economies, India is an outlier.  This is the power of leveraging technology which has been achieved in last 5 years.  This has also been used by the Government by linking about 450 schemes to Direct Benefit Transfer using the JAM trinity.  This has helped the Government plug leakages and saved about Rs. 1.7 lakh crore.  This is the work done by NDA Government.  Instead of making statements like out of 1 rupee only 15 paisa reaches the person, Modi Government prefer to work on the problems and solve them.

          Yesterday, there was a farmer from my constituency of Jhalawar – Baran, Shri Dangi ji, he was here in Delhi to connect with Fruits Dealers in Delhi to sell his organically grown Oranges.  We can have online market place for such farmers to sell their produce across the country and even export to foreign countries.  The NDA Government choose to address this problem by developing the Government e-Marketplace, GeM which connects the government directly with the entrepreneurs.

          Recently the Ministry of Road Transport and Highways has launched One Nation, One FasTag to ensure seamless mobility.  This system was initially set up on the stretch of Golden Quadrilateral between Ahmedabad and Mumbai in 2014, later the FASTag was extended to Chennai – Bangalore stretch, and then step by step it was made mandatory in 2019.  This has led to increase in toll revenue collections for the NHAI.  This money will be used back in development of new National Highways and Expressways which would accelerate India’s Economic Growth even further.  This is how our Government has leveraged the use of technology.  Atal Bihari Vajpayee Ji gave the slogan of “Jai Jawaan, Jai Kishan, Jai Vigyaan” and Modi Ji added Jai Anusnadhaan.

          The NDA Government brought one more reform, that is Insolvency and Bankruptcy Code.  Under the IBC, in August, 2017, the State Bank of India and Standard Chartered Bank filed insolvency proceedings against Essar Steel for an outstanding debt of Rs.54,550 crore, the largest defaulter on RBI’s list.  By December 2019, Arcelor Mittal announced the acquisition of Essar Steel, paying over Rs. 42,000 crore to lenders, along with Rs. 7,469 crore for bid qualification and committed for capital infusion of Rs. 8,000 crore in the new plant.  Has this every happened earlier? Today after a long proceeding under IBC, this country has solved the largest default account.  This is unprecedented.  I would like to spare the details of the success of IBC for other day, but we have to accept that resolution of such a default account with defaults above Rs.50,000 crore has been solved today, otherwise in India having a matter pending in court for decades is not a new thing!           In case of bankruptcy proceeding of India’s first non-bank lender, there are operational creditors from across the spectrum.  On the one end there is Rothschild & Co. India Pvt. Ltd.  and on the other end of the spectrum are small retailers such as florists, tea shops claiming that their dues are not cleared by the company.  The largest claim is from an Audit Firm for Rs. 29.5 crore and the smallest is the Florist for Rs. 240.

          Today because of the reform of IBC brought in by Modi Ji, even a small florist is represented in bankruptcy proceeding of a large non-bank lender.  Modi Ji has never differentiated among entrepreneurs and businessmen for their scale of operations.  Our Government has empowered millions of people like the florist with our reforms.

          This is how the NDA Government has improved the ease of doing business in India not only for MNCs or corporate but also for neighbourhood shops.

          Moreover, in the renewable energy sector in 2013-14, there were solar plants of total capacity of 2.632 GW installed in the country, but today India is playing an important role globally in the field of clean energy and the country is moving towards achieving 175 GW of renewable power generation installations.  Under the NDA Government, the LPG coverage in the country has increased from 55% to 97%.  Our Government is not only making promise and giving statements on global platforms, but we are also working within the country to provide clean energy to our households, to reduce health related issues faced by women because of burning wood.  Our Government has reached out to rural women with free gas connections on massive scale. 

          I come from a rural constituency; most of my voters are dependent on farming for their livelihood.  I am very thankful to the Finance Minister for outlining 16 action points to enhance agricultural productivity.  In India, whenever we have talked about the issues faced by the Indian agriculture sector, we have always talked about the lack of cold-storage and warehousing infrastructure because of which our farmers are not able to fetch proper prices for their produce.  In her speech, the Finance Minister has talked about providing Viability Gap Funding for setting up efficient warehouses at the block / taluka level on PPP mode.  The Finance Minister has also talked about the concept of “one District One Produce” for better marketing and exports.  If I talk about the district of Jhalawar, farmers have exported around 100 tonnes of coriander powder to Japan, 2200 kg of garlic paste to Switzerland and about 50 tonnes of Fenugreek and 100 quintals of fennel seed to Germany.  With improved supply chain logistics with the National Logistics Policy with the Kisan Rail and Krishi Udaan,  I am sure that the export of organic produce from my constituency will benefit immensely.  Moreover, the Finance Minister has talked about improving credit availability in agricultural sector to support farmers.  The coverage of Artificial Insemination in country today is around 30%, but it will be expanded to 70%; the Government will also facilitate doubling of milk processing capacity from 53.5 MT to 108 MT by 2025.

          These measures will enhance earning of the rural Indian and improve his spending abilities.  With the prosperity of farmers, the rural economy will contribute significantly.  I am sure that this budget will empower farmers and lead them to prosperity and ease of living.

          Yesterday on 3rd February, I was sitting here and listening to a very learned parliamentarian from West Bengal.  She is a great orator, but fails to understand how the Elections of People’s Representatives happen in India and seems she was indirectly criticizing the process and the rules of first past the post voting system in India.  Seems she along with her party is scared looking at the political reality in her state.  Let me quote some facts and figures about her state, I think that will help her understand the system better.

          In the 2016, State Vidhan Sabha elections, her party received 2.45 crore votes and BJP received 0.67 crore votes and about 3 crore people didn’t vote for her party out of the total population of 9 crore whereas only 2.45 crore voted for her party candidates.  We accept the people’s mandate and we understand that we lost.  But, in 2019 the Lok Sabha elections were held and seems her party again received 2.47 crore votes, but I think what scares them is that BJP received 2.3 crore votes.  I think the trend in the vote share is actually scary for her party and seems that led to her questioning the rules and procedure of elections of people’s representative and now they are also scared that they might lose their vote share.

          We, at BJP have always respected the people’s mandate even when our tally in the House was at 2 and even when Vajpayee Government lost just of petty politics played out by some political parties for personal gain.

          I would respectfully like to request the Members of this House to not preach us the moral values about people’s mandate.  In 2014, we were 282 in this august House, today we are at 303 because of all the work our Government has done and in last 5 years and we shall continue to serve the people of India till the people vote for us.

          Jai Hind! Jai Bharat!!   *श्री प्रभुभाई नागरभाई वसावा (बारदौली):माननीय प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी जी के नेतृत्व में लोकतंत्र को सबसे पवित्र जनादेश मिला, देश की जनता के लिए नए भारत के निर्माण के लिए आगे बढ़ रहे हैं । नए भारत के लिए लोगों की अपेक्षाओं की पूर्ति के लिए हर क्षेत्र में परिवर्तन लाने के लिए सराहनीय गति से पिछले पांच वर्षों के जमीनी स्तर पर सुधारों के परिणाम आने लगे हैं । भारत की छवि अतर्राष्ट्रीय रैंकिंग में अभूतपूर्व सुधार आया  । जहां भारत, व्यापार के क्षेत्र में 79 स्थान पर था आज 63वें स्थान पर पहुंच गया है साथ ही वर्ल्ड इकोनॉमिक फोरम की ट्रेवल्स और टूरिज्म में 52वें स्थान से 34वें स्थान पर पहुंच गया है । भारत देश ने पिछले 5-6 वर्षों में अपनी बुनियाद मजबूत की  । माननीय प्रधानमंत्री श्री मोदी जी के नेतृत्व में भारतीय लोग नए भारत के निर्माण के लिए बहुत उत्साहित हैं  ।

          सबका साथ, सबका विकास,सबका विश्वास के मंत्र पर चलते सरकार पूरी ईमानदारी से आगे बढ़ रही है  । करोड़ों लोगों को मुफ्त गैस कनेक्शन,गरीबों के घर,गरीबों के बैंक खाता, बीमा सुरक्षा कवच,साथ-साथ मुफ्त बिजली कनेक्शन,पूरी पारदर्शिता से 50 करोड़ लोगों को 5 लाख रुपये तक मुफ्त इलाज की सुविधा दी गई है । मैं इतने महान काम के लिए माननीय प्रधानमंत्री मोदी जी को बहुत-बहुत धन्यवाद देता हूं । साथ ही साथ संसद के दोनों सदनों में दो तिहाई बहुमत से संविधान के अनुच्छेद 370 और 35ए को हटाया जाना ऐतिहासिक है  । जम्मू-कश्मीर, लद्दाख के समान विकास का भी मार्ग प्रशस्त हुआ । मैं जम्मू-कश्मीर और लद्दाख को विकास  की मुख्यधारा से जुड़ने के लिए बहुत-बहुत बधाई देता हूं  ।

          देश के किसानों, खेतिहर मजदूरों,असंगठित क्षेत्र के मजदूरों तथा छोटे व्यापारियों की अपेक्षा थी कि वृद्धावस्था में उनकी सहायता के लिए पेंशन योजना शुरू हो  । इन पेंशन योजनाओं से लगभग 60 लाख लाभार्थी जुड़ चुके हैं ।

          2 अक्तूबर को गांधी जी की 150वीं जयंती पर देश के ग्रामीण इलाकों ने खुद को खुले में शौच से मुक्त घोषित करके राष्ट्रपिता के प्रति सच्ची श्रद्धा व्यक्त की है  ।

          देश के आदिवासी भाई-बहनों को विकास की मुख्यधारा में लाने के लिए वन उत्पादों पर एमएसपी का लाभ दिया जा रहा है । आदिवासियों के स्वास्थ्य,शिक्षा और कौशल विकास पर है  । 400 से ज्यादा एकलव्य मॉडल आवासीय स्कूल खोलने का अभियान शुरू किया गया है  । अनुसूचित जाति और अनुसूचित जनजाति को लोक सभा और विधान सभा में मिलने वाला आरक्षण अब अगले दस वर्षों के लिए बढ़ाया जा चुका है । स्वतंत्रतार संग्राम में हमारे आदिवासी वीरांगनाओं एवं वीरों के सशक्त योगदान को समर्पित म्यूजियम्स का निर्माण देश के अलग-अलग राज्यों में किया जा रहा है  ।

          एक राष्ट्रव्यापी कार्यक्रम की शुरूआत की गई है । स्वदेश दर्शन और प्रसाद योजना से तैयार हो रहे आधुनिक इन्फ्रास्ट्रक्चर से भी पर्यटन सेक्टर को मजबूती मिली है । दुनिया की सबसे ऊंची सरदार पटेल की प्रतिमा "स्टेच्यू ऑफ यूनिटी " को देखने आने वाले पर्यटकों की संख्या भी नित नये रिकार्ड बना रही है ।

          देश के उज्ज्वल भविष्य के लिए माननीय प्रधानमंत्री जी के नेतृत्व में हर संभव प्रयास करके नए भारत का सपना पूरा कर नए भारत का निर्माण प्रगति पर चलता रहे  ।

          भारत माता की जय, वन्दे मातरम्  ।

 

*श्री देवजी पटेल (जालौर) :  मैं संसद के समक्ष दिनांक 31 जनवरी, 2020 को माननीय राष्ट्रपति जी द्वारा दिए गए अभिभाषण पर मेरे साथी श्री प्रवेश साहिब सिंह वर्मा जी द्वारा प्रस्तुत किए गए धन्यवाद प्रस्ताव का समर्थन करता हूं  ।

हमारी सरकार ने पूज्य बापू के ग्राम स्वराज तथा पंडित दीनदयाल उपाध्याय के सपनों को पूरा करने  की दिशा में आगे बढ़ते हुए विगत पांच सालों में बिना किसी भेदभाव के काम करते हुए भारत को प्रगति की नई ऊंचाइयों पर ले जाने के लिए एक मजबूत नींव रखी है । चाहे हमारी मुस्लिम बहनों को न्याय सुनिश्चित करने वाला तीन तलाक विरोधी कानून हो, गरीबों को चिटफंड स्कीमों के धोखे से बचाने वाला संशोधन कानून हो, ट्रांसजेंडर लोगों के अधिकारों के संरक्षण का कानून हो, अथवा जम्मू कश्मीर को भारत की मुख्य धारा से जोड़ने वाला अनुच्छेद 370 व 35ए को समाप्त करने वाला कानून हो, हमारी सरकार ने अपनी निर्णय करने की क्षमता का साहसिक प्रदर्शन करते हुए विगत7 महीनों में इतना काम कर दिया है कि वह पिछले 70 सालों का नया कीर्तिमान बन गया है  ।

मैं आपके बारे में भी कहना चाहता हूं कि आपने नए कार्यकाल के पहले सत्र में134 प्रतिशत कार्यवाही रही और दूसरे सत्र में 111प्रतिशत तक कार्यवाही हुई है  । आपने प्रश्नों ने भी कई दशकों के रिकॉर्ड तोड़े हैं   । आज संसद की कार्यवाही को लगभग पेपर लेस बनाया जा चुका है  ।

आज हमारी सरकार एक ऐसे भारत के निर्माण में लगी है जिसमें सभी सम्प्रदायों के गरीबों,दलितों,महिलाओं,युवाओ,आदिवासियों और अल्पसंख्यकों के विकास हेतु इस तरह काम कर रही है कि देश के विकास के लाभ समाज के आखिरी छोर तक खड़े व्यक्ति तक पहुंचे । हमारी सरकार'सबकासाथ,सबका विकास और सबका विश्वास` के मंत्र पर चल कर पूरी निष्ठा और ईमानदारी से काम कर रही है  । इसका प्रत्यक्ष उदाहरण है कि हमारी सरकार ने चाहे मुफ्त गैस कनेक्शन की बात हो अथवा गरीबों को घर मुहैया करने की बात हो, मुफ्त बिजली कनेक्शन की बात हो या आयुष्मान भारत योजना के तहत गरीबों को5 लाख रूपए तक के मुफ्त इलाज की सुविधा प्रदान करने की बात हो, पूरी पारदर्शिता से काम करते हुए बिना किसी भेदभाव के सभी को सरकारी योजनाओं का लाभ पहुंचना सुनिश्चित किया है  ।

परन्तु मुझे बहुत दु:ख के साथ कहना पड़ रहा है कि हमारे कुछ विपक्षी दल के लोग देश की प्रगति की राह में रोड़ा अटका रहे हैं  । सरकार द्वारा पास किए गए नागरिकता संशोधन कानून के बारे में झूठा प्रचार कर हमारे देश के एक बड़े समुदाय को गुमराह कर रहे हैं  । नागरिकता संशोधन कानून हमारे कतिपय पड़ोसी देशों से धर्म के आधार पर प्रताड़ित हो कर हमारे देशमें2014 से पहले आ चुके वहां के अल्पसंख्यकों को नागरिकता प्रदान करता है ताकि वे भी अपना आगे का जीवनयापन बिना किसी भेदभाव व प्रताड़ना के गुजार सके  । यह कानून देश के किसी भी नागरिक की नागरिकता नहीं छीनता । मैं अपने मुसलमान भाईयों का आह्वान करता हूं कि वे आज किसी भी तरह के झूठे प्रचार से गुमराह नहीं हो तथा देश के विकास में बराबर के भागीदार बने   । गरीबी हमारे देश की बहुत बड़ी समस्या रही है, अगर किसी ने गरीबी के खिलाफ आवाज उठाई है तो वह हमारी सरकार और हमारे प्रधान मंत्री जी हैं । कभी किसी ने सोचा था कि नाई, मोची और रेड़ी वाले,जैसे लोगों को इस देश में पेंशन मिलेगी? पेंशन सरकारी लोगों को मिलती थी । हमारी सरकार ने छोटे व्यापारियों,किसानों और असंगठित क्षेत्र में 40करोड़ से ज्यादा काम करने वाले लोगों को पेंशन देकर, आज उनका बुढापा ठीक किया है । हमारी सरकार ने 2 करोड़ गरीब लोगों को घर दिया है  । हमारी सरकार ने गरीबों के घरों में 2 करोड, 30 लाख शौचालय बनवाए हैं |100 प्रतिशत गांवों में बिजली पहुंच गई  है  । किसान सम्मान निधि योजना के तहत 6000 रुपये किसानों के खातों में भेजे जा रहे हैं ।

हमारी सरकार ने जलशक्ति मंत्रालय का गठन कर जल संरक्षण व प्रबंधन को प्रभावी ढंग से लागू करने का निश्चय किया है ताकि ग्रामीण क्षेत्रों में पीने के पानी की समस्या से छुटकारा पाया जा सके । इस अवसर पर मैं अपने जालोर सिरोही ससदीय निर्वाचन क्षेत्र की कुछ मुख्य समस्याओं की ओर आपका ध्यान आकर्षित करनाचाहूंगा: जालोर जिला के लोगों को ब्रॉडगेज आमान परिवर्तन के करीब दस साल बीत जाने के बाद भी जालोर से दिल्ली व जयपुर के लिए सीधी रेल सेवा नहीं मिली है । जबकि खंड पर संचालित गाडियाँ का बीकानेर, जोधपुर,  बाड़मेर तक ही संचालन किया जा रहा है । यहां के लोगों को जयपुर, दिल्ली जाने के लिए लगभग 200कि0मी0दूर जोधपुर जाकर ट्रेन पकड़ना पडता है  अतः आपसे आग्रह है कि गाँधीधाम से दिल्ली वाया समदडी भीलडी नई तेजस ट्रेन चलायी जाए ;जोधपुर जालोर रानीवाडा भीनमाल सांचौर के नागरिक लाखों की संख्या मे मुम्बई में निवास करते हैं  । इनको प्रत्येक कार्यक्रम और त्योहार पर अपने गॉव आना होता है । परन्तु इस रूट पर मुम्बई की रेलगाड़ियों की संख्या बहुत ही कम है जिसके कारण इसमें यात्रियो की प्रतीक्षा सूची लम्बी होती है इससे यात्रियों को काफी कठिनाईयों का सामना करना पड़ता है । जालोर भीनमाल रानीवाडा बाडमेर जोधपुर बायतु सांचौर से मुम्बई के लिए लगभग 100 से150 स्लिपर बसें प्रतिदिन चलती है   । जिसमें हजारों की संख्या मे यात्री प्रतिदिन सफर कर हैं । इन बसों का सफर काफी लम्बा और बहुत ही कष्टदायक होता है विशेष कर बच्चों और महिलाओं के लिए  । अतः जोधपुर से मुम्बई तेजस ट्रेन चलाने की अत्यन्त आवश्यकता है ।

मेरे संसदीय क्षेत्र सिरोही जिला केन्द्र आजादी के 70 वर्षों के बाद भी रेलवे नेटवर्क से नहीं जुड़ पाया है । सिरोहावासियों को आज तक रेलवे नेटवर्क से जुड़ने का इंतजार है  । पिंडवाडा से उदयपुर तक नए रेल मार्ग का सर्वे पूरा हो गया है । सर्वे के अनुसार यह ट्रेक करीब 171कि0मी0का होगा  । रेलवे ने समयबद्ध तरीके से इस प्रोजेक्ट को तैयार किया है  । जिसमें पहले साल 1176 लाख रूपये, दूसरे साल 2352 लाख, तीसरे साल 2352लाख, चौथे साल 4704लाख, पांचवें साल 8232लाख छठे साल 4704लाख की लागत से यह परियोजना पूर्ण होगी । पिंडवाडा से उदयपुर रेल मार्ग से जुड़ने से यहाँ की जनता को काफी सुविधा होगी तथा साथ ही साथ रेलवे की आय में अत्यधिक वृद्धि होने की सम्भावना हैं । जिले में पर्यटन एवं औधोगिकरण के साथ - साथ रोजगार के अनेक अवसर भी उपलब्ध होंगे ।  मेरे ससदीय क्षेत्र जिला जालोर में लोगों की आय का प्रमुख साधन कृषि है । सांचौर में बड़ी मात्रा में पशुधन है तथा कृषि के बाद लोगों की आजीविका का प्रमुख साधन पशुपालन है । किसानों के पास तुलनात्मक रूप से जोत का आकार बडा है   । सांचोर की पूरी तहसील मे नर्मदा नहर के आने से पर्याप्त सिंचाई की सुविधा उपलब्ध हो गयी है  । सिंचित क्षेत्र में नगदी फसलें जैसे-  अरण्डी, जीरा व ईसबगोल । मिर्च, पपीता, खजूर की खेती के अच्छे अवसर हैं  । लेकिन प्रशिक्षण के अभाव मे यहाँ के किसान उन्नत कृषि तकनीक का खेतों में कम उपयोग करते हैं । 2012-17 की पंचवर्षीय योजना के अंतर्गत जालोर जिला स्थित सांचौर में कृषि विज्ञान केन्द्र स्वीकृत किया गया है परन्तु अभी तक कृषि विज्ञान केन्द्र प्रारंभ नही हुआ है  ।

सिरोही जिला में माउंट आबू और शक्ति पीठ अम्बा जी माता मंदिर, दो विश्व स्तरीय प्रसिद्व पर्यटन स्थल हैं  । ब्रह्मकुमारी समाज का अंतरराष्ट्रीय मुख्यालय माउंट आबू है   । माउंट आबू को राजस्थान का कश्मीर कहा जाता है । इस वर्ष 50 नये टूरिस्ट सर्किट व गंतव्य स्थलों की सूची में माउंट आबू को सम्मिलित किया गया है । माउट आबू में केन्द्रिय रिजर्व पुलिस बल का (C.R.P.F)आफिसर ट्रेनिग सेंटर है । सेना की दृष्टि से भी यह स्थान महत्वपूर्ण है   । यहाँ प्रत्येक वर्ष लाखों की संख्या में विदेशी पर्यटक आते हैं   । इन पर्यटकों को हवाई सफर के लिए 228कि0मी0दूर जोधपुर या 231कि0मी0दूर अहमदाबाद जाना पड़ता है  । उड़ान योजना के अंतर्गत सिरोही स्थित मानपुर हवाई पटटी से वायु सेवा शुरू करने की आवश्यकता है   ।

जालोर सिरोही के ग्रामीण क्षेत्रो में नेटवर्क की बड़ी समस्या है अतः जालोर सिरोही के सभी पंचायतों, विशेषकर पहाड़ी इलाकों में टावर लगाने की आवश्यकता है,जालोर सिरोही संसदीय क्षेत्र भौगोलिक दृष्टि से काफी बड़ा है । जालोर जिला मे स्थित वर्तमान जवाहर नवोदय विद्यालय जसवंतपुरा जो जिला मुख्यालय से 112 कि0मी0दूरी पर है  । वर्ष 1987में स्थापना के बाद निःशुल्क एवं गुणवतापूर्ण शिक्षा उपलब्ध करवा रहा हैं एवं एक और नवोदय विद्यालय जिला मुख्यालय के समीप स्वीकृत किये जाने की आवश्यकता हैं ताकि और अधिक संख्या में बच्चों को गुणवता पूर्ण शिक्षा दी जा सके । सिरोही जिला मुख्यालय पर रेलवे विभाग,पोस्ट ऑफिस, बैंक,बीएसएनएल पासपोर्ट कार्यालय में कार्यरत कर्मचारियों के बच्चे केन्द्रीय माध्यमिक शिक्षा बोर्ड से शिक्षा प्राप्त करने से वंचित रह जाते   हैं  । यहाँ के छात्रों की समस्या को देखते हुए तथा विशेष परिस्थतियों को मध्येनजर रखते हुए सिरोही जिला मुख्यालय केन्द्र पर केन्द्रिय विद्यालय खोलने की आवश्यकता है   ।

इन शब्दों के साथ मैं राष्ट्रपति के अभिभाषण पर लाए गए धन्यवाद प्रस्ताव का पुनः समर्थन करता हूं तथा धन्यवाद करता हूँ कि मुझे इस महत्वपूर्ण प्रस्ताव पर अपने विचार रखने का अवसर दिया  ।

 

*श्री सी: (त्तौड़गढ़चि)जोशी.पी. मैं आज महामहिम राष्ट्रपति महोदय के संसद के संयुक्त अधिवेशन में अभिभाषण पर जो धन्यवाद प्रस्ताव श्री प्रवेश साहिब सिंह वर्मा जी के माध्यम से प्रस्तावित किया गया है,उसके समर्थन में अपना पक्ष रखता हूं   ।

राष्ट्रपति जी ने  कहा कि यह दशक भारत के लिए बहुत महत्वपूर्ण है  । इस दशक में, हमारी स्वतंत्रता के 75 वर्ष पूरे होंगे  । इस दशक में,हम सभी को मिलकर नई ऊर्जा के साथ नए भारत के निर्माण को गति देनी है  । यह सरकार के प्रयासों से पिछले पाँच वर्षों में इस दशक को भारत का दशक और इस सदी को भारत की सदी बनाने की मजबूत नींव रखी जा चुकी है   । चाहे पूज्य बापू का ग्राम स्वराज का सपना हो, बाबासाहब अंबेडकर की सामाजिक न्याय की नीति हो,नेहरू जी का आधुनिक भारत बनाने का स्वप्न हो,सरदार पटेल का एक भारतश्रेष्ठ भारत का संकल्प हो-, दीन दयाल उपाध्याय का अंत्योदय का लक्ष्य हो या लोहिया जी का समता समाज का दर्शन हो, हम भारत के लोग मिलकर इन सपनों को पूरा करेंगे  । भारत का संविधान, इन सपनों को पूरा करने में हम सभी का मार्गदर्शक है  । कुछ सप्ताह पहले ही, 26 नवंबर को संविधान के70 वर्ष पूरे हुए हैं   । उस दिन देश के 12 करोड़ नागरिकों ने,सार्वजनिक रूप से संविधान की उद्देशिका को पढ़कर संविधान के प्रति अपनी प्रतिबद्धता का संकल्प लिया  ।

राष्ट्रपति जी ने कहा कि उन्हें प्रसन्नता है कि पिछले 7 महीनों में संसद ने काम करने के नए कीर्तिमान स्थापित किए हैं  । इस लोकसभा के पहले सत्र में,सदन द्वारा कार्य निष्पादन,पिछले सात दशकों में एक नया रिकॉर्ड रहा है  । इसमें अध्यक्ष महोदय का तथा संसद के सभी सदस्यों का योगदान रहा हैं तथा यह प्रेरणादायक बनता जा रहा है   ।

इस वर्ष में सरकार की दृढ़ इच्छाशक्ति के कारण मुस्लिम महिलाओं को न्याय और अधिकार देने वाला तीन तलाक विरोधी कानून,देशवासियों को नए अधिकार देने वाला उपभोक्ता संरक्षण कानून, गरीबों की बचत की रक्षा करने वाला अनियमित जमा योजना प्रतिबंध कानून गरीबों को चिटफंड स्कीमों के धोखे से बचाने वाला चिटफंट संशोधन कानून,बच्चों के खिलाफ यौन अपराधों की सज़ा सख्त करने वाला कानून,सड़क हादसों में कमी लाने केलिए मोटर वाहन संशोधन कानून और ट्रांसजेंडर व्यक्तियों के अधिकारों को संरक्षण देने वाला कानून जैसे अनेक ऐतिहासिक कानून बनाए गए हैं   ।

हमारी लोकतांत्रिक व्यवस्थाओं पर देश की जनता द्वारा प्रकट किया जाने वाला विश्वास, हमारे लोकतंत्र की नींव को मजबूत करता है  । सुप्रीम कोर्ट द्वारा रामजन्मभूमि पर फैसले के बाद देशवासियों द्वारा जिस तरह परिपक्वता से व्यवहार किया गया, वह भी प्रशंसनीय है  । इस सरकार का स्पष्ट मत है कि पारस्परिक चर्चा परिचर्चा तथा वाद-विवाद लोकतंत्र को और सशक्त बनाते हैं  । वहीं विरोध के नाम पर किसी भी तरह की हिंसा,समाज और देश को कमजोर करती है  । लोकतंत्र में सबसे पवित्र होता है लोगों से मिला जनादेश  । देश की जनता ने इस सरकार को ये जनादेश, नए भारत के निर्माण के लिए दिया है   ।

अलग-अलग क्षेत्रों में ये सुधार अंतरराष्ट्रीय जगत को भी एक आह्वान है कि भारत ने पिछले5-6 वर्षों में किस तरह अपनी बुनियाद मजबूत की है और भारत के लोग कैसे नए भारत के निर्माण के लिए उत्साहित हैं  । यह सरकार, 'सबका साथ, सबका विकास,सबका विश्वास` के मंत्र पर चलते हुए, पूरी निष्ठा और ईमानदारी से काम कर रही है  । 8 करोड़ गरीबों को मुफ्त गैस कनेक्शन, 2करोड़ गरीबों को घर,लगभग38 करोड़ गरीबों के बैंक खाते,  50 करोड़ लोगों को 5 लाख रुपए तक के मुफ्त इलाज की सुविधा, 24 करोड़ लोगों को बीमा सुरक्षा कवच, 2.5 करोड़ से ज्यादा लोगों को मुफ्त बिजली कनेक्शन पूरी पारदर्शिता के साथ और बिना भेदभाव के दिया गया है  । इस सरकार की योजनाओं ने हर धर्म, हर क्षेत्र के गरीबों के हित में, समानता के साथ, सहायता व सुविधाएं पहुंचाई हैं और इसलिए देश के लोगों का विश्वास भी अर्जित किया है   ।

बंगाल की धरती के महान सपूत और जवाहरलाल नेहरू जी के नेतृत्व वाली सरकार में उद्योग मंत्री रहे डॉक्टर श्यामा प्रसाद मुखर्जी ने,लोकसभा में कहा था कि- “एक लोकतांत्रिक संघीय राज्य में,एक इकाई के नागरिकों के मौलिक अधिकार किसी अन्य इकाई के नागरिकों से अलग नहीं हो सकते । क्या जम्मू-कश्मीर के लोग उन मूलभूत अधिकारों के हकदार नहीं हैं जो हमने शेष भारत के लोगों को दिए हैं?" आज सात दशक बाद पूरे देश में इस बात की खुशी है कि डॉक्टर मुखर्जी समेत करोड़ों स्वतंत्रता सेनानियों का सपना साकार हुआ है और जम्मू-कश्मीर एवं लद्दाख के लोगों को, वहां के दलितों और महिलाओं को भी वही अधिकार मिले हैं, जो बाकी देशवासियों को प्राप्त हैं ।

संसद के दोनों सदनों द्वारा दो तिहाई बहुमत से संविधान के अनुच्छेद 370और अनुच्छेद 35ए को हटाया जाना,न सिर्फ ऐतिहासिक है बल्कि इससे जम्मू – कश्मीर और लद्दाख के समान विकास का भी मार्ग प्रशस्त हुआ है । मैं जम्मू– कश्मीर और लद्दाख के लोगों को विकास की मुख्यधारा से जुड़ने के लिए बहुत – बहुत बधाई देता हूं ।   

राष्ट्रपति शासन के दौरान और केंद्र शासित प्रदेश बनने के बाद जम्मू – कश्मीर  में विकास की सभी परियोजनाओं में तेजी आई है   ।

देश के किसानों, खेतिहर मजदूरों, असंगठित क्षेत्र के मजदूरों तथा छोटे व्यापारियों की अपेक्षा थी कि वृद्धावस्था में उनकी सहायता के लिए पेंशन योजना शुरू हो   । इस सरकार ने न सिर्फ उनकी इच्छा को पूरा किया बल्कि अब तक इन पेंशन योजनाओं से करीब 60 लाख लाभार्थी जुड़ चुके हैं   ।

पूज्य बापू ने स्वच्छता को ईश्वर की उपासना से बढ़कर बताया था । पिछले 2अक्टूबर को गांधी जी की 150वीं जयंती पर, देश के ग्रामीण इलाकों ने,खुद को खुले में शौच से मुक्त घोषित करके,राष्ट्रपिता के प्रति सच्ची श्रद्धा व्यक्त की है । अब हम सभी का दायित्व है कि इस दशक में अपने शहरों और गांवों को और अधिक स्वच्छ और सुंदर बनाएं । आज भी देश के ग्रामीण क्षेत्रों में लगभग 15 करोड घर ऐसे हैं,जहां पाइप से पानी की सप्लाई नहीं होती है । घर में पानी के न होने से हमारी बहनों –बेटियों का जीवन सबसे ज्यादा मुश्किल हो जाता है ।  साथ ही, दूषित पानी से पूरे परिवार का स्वास्थ्य खराब होता है । देश के गांवों में,हर घर तक पर्याप्त मात्रा में शुद्ध पेय जल पहुंचे, इसके लिए इस सरकार ने जल जीवन मिशन शुरू किया है ।

इस सरकार द्वारा दिव्यांगजनों की आशाओं-अपेक्षाओं के प्रति पूरी संवेदनशीलता के साथ काम किया जा रहा है   । आरक्षण में वृद्धि, कानूनी अधिकार में वृद्धि के साथ ही सरकार ने एक हजार से ज्यादा सरकारी भवनों और 700 से ज्यादा रेलवे स्टेशनों को सुगम्य बनाया है  । बीते 5 वर्षों में हजारों कैंप लगाकर दिव्यांगजनों को लगभग 900करोड़ रुपए के उपकरण उपलब्ध कराये गए   ।

भारत ने हमेशा सर्वपंथ समभाव पर विश्वास किया है । लेकिन विभाजन के समय सबसे ज्यादा प्रहार भारत और भारतवासियों के इसी विश्वास पर किया गया । विभाजन के बाद बने माहौल में राष्ट्रपिता महात्मा गांधी ने कहा था कि- “पाकिस्तान के हिंदू और सिख जो वहां नहीं रहना चाहते,  वे भारत आ सकते हैं । उन्हें सामान्य जीवन मुहैया कराना भारत सरकार का कर्तव्य है । पूज्य बापू के इस विचार का समर्थन करते हुए समय-समय पर अनेक राष्ट्रीय नेताओं और  राजनीतिक दलों ने भी इसे आगे बढ़ाया ।

प्रधानमंत्री किसान सम्मान निधि के तहत 8करोड़ से ज्यादा किसान परिवारों के बैंक खाते में43 हजार करोड़ रुपए से अधिक राशि जमा कराई जा चुकी है  । इसी महीने 2 जनवरी को एक साथ 6 करोड़ किसानों के बैंक खाते में12 हजार करोड़ रुपए ट्रांसफर करके इस सरकार ने रिकॉर्ड बनाया    है  । यह सरकार किसानों को लागत का डेढ़ गुना मूल्य देने के लिए समर्पित भाव से काम कर रही  है  । खरीफ और रबी की फसलों के लिए न्यूनतम सर्मथन मूल्य में लगातार की गई वृद्धि इसी दिशा में उठाया गया कदम है  । सरकार के प्रयासों से दलहन और तिलहन की खरीद में 20गुना से अधिक की बढ़ोतरी हुई है   ।

प्राकृतिक आपदा से किसान को राहत दिलाने के लिए यह सरकार राज्य सरकारों के साथ मिलकर संवेदनशीलता से काम कर रही है  । प्रधानमंत्री फसल बीमा योजना के तहत औसतन प्रतिवर्ष साढ़े 5 करोड से ज्यादा किसान बहुत कम प्रीमियम पर अपनी फसलों का बीमा करा रहे हैं   । इस योजना के तहत बीते तीन वर्षों में किसानों को लगभग 57 हजार करोड़ रुपए की क्लेम राशि का भुगतान किया गया है । किसानों के लिए शुरू किए गए ऑनलाइन राष्ट्रीय बाजार का प्रभाव भी अब दिखाई देने लगा है   । देश के 1करोड़65 लाख किसान एवं करीब सवा लाख व्यापारी इससे जुड़ चुके हैं   । लगभग 90हजार करोड़ रुपए का कारोबार इस प्लेटफॉर्म पर हो चुका है   ।

व्यक्ति के स्वास्थ्य का प्रभाव परिवार और देश,दोनों के विकास पर पड़ता है । यह सरकार स्वास्थ्य को लेकर समग्रता के साथ काम कर रही है । प्रिवेंटिव हेल्थकेयर और क्यूरेटिव हेल्थकेयर परहर स्तर पर गंभीर प्रयास हो रहे हैं । स्वच्छ भारत अभियान,जल जीवन मिशन,पोषण अभियान, फिट इंडिया अभियान, आयुष्मान भारत योजना,ऐसी अनेक योजनाएं देशवासियों के स्वास्थ्य में सुधार लाने में सहायक हो रही हैं । आयुष्मान भारत योजना का व्यापक असर देश के हेल्थ सेक्टर पर देखने को मिल रहा है । प्रधानमंत्री जन आरोग्य योजना के तहत अब तक 75 लाख गरीब अपना मुफ्त इलाज करा चुके हैं । इसके साथ ही 27हजार से अधिक हेल्थ एंड वेलनेस सेंटर भी तैयार हो चुके हैं । सरकार द्वारा लिए गए फैसलों की वजह से, गरीब और मध्यम वर्ग का इलाज का खर्च काफी कम हुआ है । एक हजार से अधिक जरूरी दवाइयों की कीमत नियंत्रित होने से मरीजों के 12,500करोड़ रुपये बचे हैं । स्टेंटस और इम्प्लांट्स की कीमत कम होने से लाखों मरीजों को नया जीवन मिला है । अब प्रतिदिन 5से7 लाख मरीज गंभीर बीमारियों की दवाई 6,000 से अधिक जन औषधि केंद्रों से कम कीमत में खरीद रहे हैं ।

सरकार ने नेशनल मेडिकल कमीशन बनाकर मेडिकल शिक्षा और स्वास्थ्य सेवा में सुधार की अपनी प्रतिबद्धता दोहराई है   । इसी वर्ष देश में 75 नए मेडिकल कॉलेज बनाने की स्वीकृति दी गई जिसमें मेरे संसदीय क्षेत्र में बरसों से की जा रही मांग को पूरा करते हुये चित्तौडगढ में मेडिकल कॉलेज स्वीकृत हो गया हैं तथा आशा है कि जनजाति बाहुल्य क्षेत्र प्रतापगढ़ में भी मेडिकल कॉलेज की सौगात मिले   ।यह सरकार महिला स्वास्थ्य के लिए भी विशेष प्रयास कर रही है   । प्रधानमंत्री मातृवंदना योजना के तहत देश की 1 करोड़20 लाख महिलाओं को लगभग 5 हजार करोड़ रुपएसरकार द्वारा सीधे उनके बैंक खातों में ट्रांसफर किए गए हैं   । मिशन इंद्रधनुष के तहत 3 करोड़ 50 लाख शिशुओं और लगभग 90 लाख गर्भवती महिलाओं का टीकाकरण हो चुका है   । दलितोंऔर आदिवासी क्षेत्रों में इन योजनाओं का लाभ विशेष तौर पर देखने को मिल रहा है   । इस सरकार ने सिर्फ एक रुपये में 'सुविधा'नामक ऑक्सो-बायोडिग्रेडेबल सैनेटरी नैपकिन देने की भी शुरुआत की है   ।

देश के इंफ्रास्ट्रक्चर में ग्रामीण सड़कों का बहुत बड़ा योगदान है   । प्रधानमंत्री ग्रामीण सड़क योजना के जरिए देश के  कोने-कोने तक ग्रामीण सड़कों  का विस्तार हुआ है ।  इन सड़को को सुदृढ़ बनाने और उन्हें स्कूल,अस्पताल व मंडियों से जोड़ने के लिए प्रधानमंत्री ग्रामीण सड़क योजना का तीसरा चरण शुरू किया गया है   । इसके तहत 1लाख25 हजार किलोमीटर की सड़कों का निर्माण और सुधार किया जाएगा   । भारत के अंतरिक्ष कार्यक्रम का लक्ष्य, सदैव मानवता की सेवा रहा है   । देश के अंतरिक्ष वैज्ञानिकों के अथक परिश्रम के कारण चंद्रयान-2ने देश के युवाओं में टेक्नोलॉजी के प्रति नई ऊर्जा का संचार किया है  । इस सरकार द्वारा चंद्रयान-3को स्वीकृति दी जा चुकी है   ।

सरकार आतंकवाद के खतरे से देश को बाहर निकालने के लिए पूरे सामर्थ्य और दृढ़ता से काम कर रही है  । आतंक के बदलते स्वरूप को देखते हुए नागरिकों की सतर्कता भी बहुत काम आती है  । जनता के सहयोग से आतंकवाद के विरुद्ध लड़ाई में कितनी मदद मिलती है  । ये जम्मू कश्मीर में आतंकी गतिविधियों में आई कमी से भी पता चलता है  । इस सरकार ने आतंकवाद फैलाने वालों के खिलाफ कड़ी से कड़ी कार्रवाई के लिए सुरक्षा बलों को पूरी छूट दी हुई है   । सरकार के निरंतर प्रयास से नॉर्थ ईस्ट में सुरक्षा की स्थिति में भी बहुत सुधार हुआ है   । देश में नक्सलवाद से प्रभावित क्षेत्रों का दायरा भी निरंतर सिमट रहा है    ।

मेरा यह विश्वास है कि आने वाले समय में भी हम सब मिलकर अपने देश के गौरवशाली अतीत से प्रेरणा लेते हुए, देश के उज्ज्वल भविष्य के लिए,हर संभव प्रयास करेंगे और अपने प्रयासों में सफल भी होंगे   ।

आइए,हम सब मिलकर नए भारत का सपना पूरा करें,हम सब मिलकर नया भारत बनाएं जयहिंद !!!   *श्री मितेष पटेल (बकाभाई) (आनंद): बजट सत्र के शुभारंभ अभिभाषण के समर्थन में अपने विचार सदन में रखना चाहूंगा  । उन्होंने जिस तरह से देश को नई ऊंचाइयां देने के लिए सरकार के कार्यों और सोच के बारे में अपे अभिभाषण में बताया निश्चित रूप से देशविसयों के लिए उत्साहजनक है   ।       

          आजादी के लिए एक बड़ी लड़ाई लड़ने के बाद लोगों को विश्वास था कि अपना हिंदुस्तान तेजी से आगे बढ़ेगा और स्वतंत्रता के बाद देशवासियों को न केवल अधिकार मिलेगा वरन् एक सशक्त राष्ट्र के रूप में दुनिया में अपनी पहचान बनाएगा  । लेकिन लंबे समय तक देश की सत्ता पर काबिज रहने वाले लोगों ने देश की जनता के अपेक्षाओं और आशाओं को निराशा के गर्त में धकेलने का कार्य किया और जनता के विश्वास को खो दिया  । ठगी गई जनता को भाजपा और उसके नेता भारत रत्न अटल बिहारी वाजपेयी एवं वर्तमान में देश को सजाने और सवारने में जुटे माननीय नरेन्द्र मोदी जी में विश्वास दिखाया  । मुझे इस बात पर गर्व है कि राष्ट्रपति महोदय का अभिभाषण यह दर्शाता है कि हम जनता की अपेक्षाओं पर सही दिशा में अग्रसर हैं  ।

          जब इस देश में भारत रत्न स्वर्गीय अटल जी के नेतृत्व में सरकार बनी थी,पंडित दीन दयाल उपाध्याय जी के एकात्म मानववाद और अंत्योदय हमारा मूल दर्शन था    । हमको जब भी कहीं प्रदेशों में सरकार बनाने का मौका मिला या केन्द्र में सरकार बनी जैसा कि आदरणीय दीनदयाल जी ने कहा था कि देश के संसाधनों पर पहला हक सबसे पीछे खड़े व्यक्ति के लिए है    । गरीब के कल्याण के लिए सरकार बने और उसके साथ-साथ महिला सशक्तीकरण हो,किसानों के लिए काम हो, देश की सीमाएं सुरक्षित हो और पूरी दुनिया में देश का सम्मान बढ़े | हम इन बातों के लिए कार्य कर रहे थे | अटल जी की सरकार ने निश्चित रूप से ऐसे बहुत सारे कार्य किए थे जिससे देश आगे बढ़ सका | लेकिन2004 से 2014 तक जो सरकार का कार्यकाल था जिसका मुखिया रिमोट कंट्रोल से चलता था जिसका दुष्परिणाम यह हुआ उस दौरान नभ, जल,थल हर जगह घोटाले हुए थे| देश आर्थिक रूप से कमजोर हो गया था | महंगाई,भ्रष्टाचार,आतंकवाद और विकास का पहिया थम गया था | देश की सीमाएं असुरक्षित हो गयी थी और पूरी दुनिया में भारत के अस्तित्व पर प्रश्न चिन्ह उठने लगे थे | ऐसे समय में वर्ष 2014 का जो लोक सभा का चुनाव हुआ था, वह चुनाव इस देश के लिए बहुत ही महत्वपूर्ण मोड़ था  । उस समय इस देश के लोगों ने यह तय किया था कि भारतीय जनता पार्टी के पक्ष में मतदान करगें और उन्होंने आदरणीय नरेन्द्र मोदी जी के नेतृत्व वाली सरकार बनाई थी  । उस सरकार के ऊपर बहुत सारी ज़िम्मेदारी थी   । हमारे साथ देश की बहुत सारी उम्मीद जुड़ी हुई थी और हमारे सामने बहुत बड़ी-बड़ी चुनौतिया खड़ी थीं । उस समय जो परिस्थितियाँ थीं, माननीय प्रधानमंत्री जी ने जो पहली बैठक की थी, उसमें उन्होंने सांसदों के साथ बैठकर यह कहा था कि आप एक चुनाव जीतकर आए हैं और चुनाव जीतने के बाद आपके सामने दो विकल्प हैं  । आपके पास एक विकल्प यह है कि आप इस जीत की खुशी मनाइए और आप खुशी मनाने के बाद कुछ दिनों के लिए आराम भी कर सकते हैं  । लेकिन जो दूसरा विकल्प है, वह कठिन है  । इस देश के लोगों ने आपको उन्हीं उम्मीदों के साथ चुना  है  । आप उसमें लगकर और पूरे परिश्रम के साथ कि कैसे हम इस देश को आगे ले जा सकते हैं, उस पर काम कीजिये  । भारतीय जनसंघ का जो दर्शन था, वही दर्शन हमारी भारतीय जनता पार्टी का भी था  । उस समय हमारे देश में ऐसे 40 करोड़ से भी ज्यादा लोग थे, जिन के पास शिक्षा और चिकित्सा की सुविधाएं नहीं थी | रोज़गार नहीं था, पीने का पानी नहीं था   । घर- मकान पर छत नहीं थी  । शौचालय नहीं था  । ऐसी स्थितियों में उन्होंने कहा यह हमारी पहली चुनौती है  । यह सरकार, गरीबों की सरकार होगी  । हमारी सरकार ने, जैसे राष्ट्रपति जी ने अपने भाषण में कहा है, लोगों को दो करोड़ से ज्यादा घर हमने बना कर दिये हैं  । दस करोड़ शौचालय बनाए हैं  । आठ करोड़ गैस के कनेक्शन मोदी जी ने दिये हैं, ये आठ करोड़ कनेक्शन क्या आज तक किसी ने कभी दिये थे? लेकिन इस सरकार ने न केवल गरीबों के कल्याण के लिए उनको मकान,शौचालय, उनके घर-घर तक बिजली पहुंचाया, पीने का साफ जल पहुंचाया सन् 2024 तक नल से जल हर घर तक हम पहुंचाने की कोशिश कर रहे हैं   । राष्ट्रीय आजीविका मिशन के माध्यम से महिलाओं का सशक्तीकरण होगा | लोगों को पेंशन दी गई  । गरीबों का बीमा हुआ  । किसानों की आमदनी बढ़े, कम जमीन में ज्यादा फसल का उत्पादन हो  । फसल का पूरा दाम मिले  । उनकी फसल का अगर नुकसान होता है, तो उसकी पूर्ति की जाए  । इन सब कामों को एक पारदर्शी सरकार कर रही थी  । आपने देखा होगा कि इस देश की सीमाएं सुरक्षित हो गयी हैं, देश के पास नई पीढ़ी का कोई लड़ाकू विमान नहीं था  । हमारे साथियों ने लोक सभा में ही लगातार राफेल को लेकर न जाने कितने प्रश्न उठाए  । आज वे कहां खड़े हो गए? इन सब पर विचार करने की जरूरत है  । आज हम ऐसी 5 साल में देश को ऐसी स्थिति में ले आए कि देश की जनता को लगने लगा की हमारा देश भी आगे निकल सकता है और नरेंद्र मोदी जी ही वो नेता हैं जो देश को सशक्त बनाते हुए सही दिशा में ले कर जा सकते हैं | यही कारण था कि सन् 2019 का जो चुनाव हुआ, उस चुनाव में महागठबंधन हो गया  । लेकिन मोदी जी ने जिस तरह से देश एवं देशवासियों की सेवा की थी और पारदर्शी सरकार चलाई थी,मन की बात के माध्यम से जिसे लोग सामान्य से लेते हैं, उन्होंने इस देश के एक-एक आदमी को इस सरकार से जोड़ दिया था और उसी का परिणाम था कि जब सन् 2019 का चुनाव आया तो लोगों को लगा कि यह हमारी सरकार है और इस सरकार के खिलाफ जब सारे लोग खड़े हो गए हैं तो यह भारतीय जनता पार्टी अकेले कैसे पड़ेगी,यह पूरा देश महागठबंधन के खिलाफ खड़ा हो गया और भारतीय सन् 2014 से बड़ा बहुमत देने का काम इस देश ने किया । उस समय हमारे प्रधानमंत्री जी ने, जब सन् 2019 के चुनाव का कैंपेन चल रहा था, उस समय उन्होंने साफ-साफ और स्पष्ट कहा था कि हमारा जो पिछला कार्यकाल था,वह लोगों की जरूरत पूरी करने का कार्यकाल था  । सबका साथ सबका विकास का कार्यकाल था   । लेकिन हमारा जो अगला कार्यकाल होगा, वह लोगों की इच्छाओं को पूरा करने का कार्यकाल होगा, लोगों की आकांक्षाओं को पूरा करने का कार्यकाल होगा  । क्योंकि हम लोग 70 साल से देख रहे थे,चाहे वह धारा 370 हो, अनुच्छेद 35 ए को हटाने की बात हो, चाहे सीएए हो, जो हम लोगों ने अभी संशोधन किया, तीन तलाक का मामला,देश की सीमाओं की बात हो, ऐसे सभी काम, ऐसी चुनौतियाँ थीं, जो बहुत लंबे समय से लंबित थीं,उन पर हमने काम किया  । देश की अर्थव्यवस्था,आज हम कह सकते हैं कि एफडीआई में इस समय विदेशी मुद्रा का भंडार सर्वोच्च सीमा पर है  । हमने पिछले छह साल के अंदर रुपए की कीमत अंतरराष्ट्रीय स्तर पर लगभग बराबर रखी है   । यह इस देश की आर्थिक ताकत को दर्शाता है  । देश की सीमाओं की सुरक्षा के साथ-साथ पूरे देश का सम्मान बढ़ाने का काम भी किया है  । प्रधानमंत्री जी को ऐसे -ऐसे देशों ने, कोई उम्मीद नहीं कर सकता था, वहां के देशों ने प्रधानमंत्री जी का सम्मान किया है   । उनका सम्मान करना देश का सम्मान है  । पूरी दुनिया आज भारत को इस तरह से देख रही है कि यह वह देश है जिसके नेतृत्व में पूरी दुनिया आगे बढ़ सकती है और यही हमारी संस्कृति है   ।

सर्वे भवन्तु सुखिन: , सर्वे सन्तु निरामया   अभी न्यू इंडिया कि अवधारणा हमारे प्रधानमंत्री जी ने रखा है,मैं सदन को अवगत कराना चाहता हूँ कि उसको पूरा करना पूरे सदन की ज़िम्मेदारी है  । हम सब मिलकर न्यू इंडिया  बनायेंगे| वंदे मातरम |   *SHRIMATI POONAMBEN MAADAM (JAMNAGAR) : I take this opportunity to express my considerate views on the Presidential Address.

          I endorse the every step taken and policy drafted for the upliftment of citizens of our country as stated by our Hon’ble President in his address to the Joint Parliament Houses and the entire nation.  The Government’s vision towards “Sabka Saath, Sabka Vikas, Sabka Vishwaas” does not remain just a motto anymore, but can be seen in every action, every decision and every policy it mandates.

          Since the regime of our Hon’ble Prime Minister, the Government’s economic front is being strengthened through FDI which has been increased by $3 Billion in just the time frame of 7 months and the foreign reserves which are whopping over $450 Billion.  Thus, triumphantly leading us in the direction of being a Five Trillion Dollar economy by 2025. 

          The opposition has raised several questions on this intent, however, the affluent proceedings of the current Government. 

          The ambitious actions taken by the present Government in the field of Ease of Doing Business are also well versed.  The world has recognized the potential of our country when its ranking improved considerably and leaped above 79 nations to achieve 63rd position in 2020.

          This is also worth noting that during the reign of this Government, 12 public sector banks have shown a profit in the Banking sector after the Government’s regulation to merge banks and strengthen them.

          The Direct Transfer Benefit provided in more than 450 schemes has credited into more than nine lakh crore rupees into beneficiaries account preventing leakages which could have worth up to 1.7 lakh crore rupees.

          Again, fulfilling the objective of “Sabka Saath, Sabka Vikas, Sabka Vishwas”, the Government has successfully issued more than 121 crore Aadhar cards and has included 38 crore marginalized people in the banking system.

          One of the crucial sectors of our country since ancient times is Agriculture.  The government has exceptionally worked for it and has brought many policies for the well-being of farmers.  The same can be stated through Prime Minister Kisan Samman Nidhi in which more than Rs. 43,000 crore has been deposited in the bank accounts of eight crore farmers’ families, Pradhan Mantri Fasal Bima Yojana which has availed the crop insurance opportunity to more than 5.5 crore farmers and a raise in both Kharif and Rabi Crops.  With all these declared baby steps towards the welfare of the “Ann Devata” that are farmers is significantly assisting them and improving their livelihood. 

          In the Manufacturing Sector and for the Job creation, 27000 new start-ups have been recognized under the Start-Up India Campaign announcing India as the third largest start-up ecosystem in the whole world.  Also, more than 5.5 crore new entrepreneurs have availed loans under the Mudra scheme.

          The Government has taken an enormous and impressive step to strengthen India’s Internal Affairs.  The Article 370 and Article 35A have been abrogated and CAA has been passed to the one in need.  The long called for the post of CDS has been created to improve coordination among the three services and expedite their modernization.  The Government’s efficiency to curb terrorist activities in Jammu-Kashmir and geographical spread of Naxalism is really applaudable.

          The Energy sector capability to reach every home has been actually realized after the LPG coverage’s connected 55% to 97% not just the rural but also the remotest part of our country.  Free gas connections have been provided to eight crore poor people, also free electricity has been provided to over 2.5 lakh crore people.  This initiative also brings in Government’s commitment towards energy conservation and reducing carbon footprint and transforming India towards a green place.

          The present Government is committed towards education ranging from primary to higher education, as more than Rs. 37000 crore is sanctioned for higher education.  For Secondary education, appointment of 7,000 teachers in Kendriya Vidyalayas and 12,000 teachers has been initiated.

          For a growing population, Health is an aspect that every citizen looks forward to the Government.  The Government’s effort to bring in Pradhan Mantri Jan Arogya Yojana has benefited more than 75 lakh poor and helped them in getting the facility ranging from basic medical care to specialized surgeries.  While under Aayushman Bharat Scheme, more than 27,000 Health and Wellness Centres have been set up.  Capping of prices of more than 1,000 essential medicines has resulted in a saving of Rs. 12,500 crore for the patients.  Free treatment facility of up to five lakh rupees has been provided to 50 crore people and the insurance cover has been provided to 24 crore people.

          To bring equality in the Society, the Government has paid keen attention to solve this issue.  Over 6.6 crore women have joined self-help groups.  These women are being provided with loans at low-interest rates.  600 one-stop centers, 1000 fast track special courts, and women help desk have been set-up.  Under the Pradhan Mantri Matru Vandana Yojana, about Rs. 5,000 crore has been transferred directly to the bank accounts of 1.2 crore women.  Also, the historic step of bringing legislation against triple talaq was passed by this Government to bring an end to the discrimination against suppressed Muslim Women.  For Minority and Tribal Affairs, Reservation for Scheduled Castes and Scheduled Tribes has been extended for ten years in Lok Sabha and State Assemblies.  In the last five years, aids amounting to more than Rs. 900 crore were distributed to the divyangjans to increase reservation and to empower them.

          With the issue of global warming and climate change which is taking heat all around the world, the Government has a responsibility to take care of the availability of basic necessities to the people in the future such as water.  Hence, the Government has launched the Jal Jeevan Mission through which drinking water will be provided to each rural household on which Rs. 360000 crores will be spent.

          To clean the holy river Ganga, the Government launched the Namami Gange mission, on which Rs. 724000 crores have been spent.  While the world is leading towards reducing green cover, India has presented itself to be a great example as from 2015, forest and tree cover has increased by more by 13,000 square km.

          Within the limited time, India has achieved huge accomplishment in Space Exploration and Technology,  the Government has approved Chandrayaan-3, and it is with great pleasure to realize that ISRO is working on a manned spacecraft programme – Gaganyaan, and Aditya-1 Mission.  Also, to secure digital information, the Government has introduced the Personal Data Protection Bill, 2019 in Parliament.

          An increase in population and environmental concerns has led to the emergence of efficient transport systems, for which Rs. 100 lakh crore will be invested in transport infrastructure in the next five years.  Under the third phase of the Pradhan Mantri Gramin Sadak Yojana, 1,25,000 km of roads will be constructed and upgraded.  Motor Vehicles Amendment Act, 2019, which aims to reduce road accidents, was passed.  Metro facility has been extended to 18 cities in the country and 670 km of metro lines have been operationalised. 

          The Government took every essential step for the upliftment of the people in our society.  The motto of “Sabka saath, Sabka Vikas, Sabka Vishwas” was kept in mind while drafting or implementing any policy.  Thus, I conclude with it and present my maximum support to the Government’s work and their initiatives and thank Hon’ble President for a very encouraging Address.

 

*SHRI VE. VAITHILINGAM (PUDUCHERRY):  Karaikal is a part of Puducherry and the farmers are having a good harvest of paddy.  There is no procurement centre of FCI in Karaikal, Puducherry.  So, the purchase of paddy by the traders is below the MSP.  MSP price of paddy is Rs.1850/- per quintal.  But traders are buying the paddy at Rs.1500/- per quintal.  So, farmers are affected very much and they are incurring losses.

          So, I request the Government to set up a purchase centre by FCI.  Then only the farmers will get MSP for their paddy.

               

*DR. KALANIDHI VEERASWAMY (CHENNAI NORTH) : I oppose to the “dream” presented in the President’s Address, for it cannot be a vision.  In fact, I would go a step further and call it a “pipe dream”. 

          I have nothing against the Honourable President, for I know that his Address was nothing more than the will of the Government, and he had no choice than to present it.

          The tall claim of making our economy 5 trillion dollars, alone is enough to validate my accusation of it being a “pipedream”.  To achieve a 5 trillion dollar economy by 2024 we need a GDP growth rate in double figures which looks unlikely in the current economic slowdown brought about by the ill conceived ill planned and ill executed policies of demonitisation and GST. 

          The Banking system is in shambles leading to the process of amalgamating banks by the Government.  The main reason for this economic slowdown is more to do with poor government policies leading to hugely negative investor and consumer sentiment and tax terrorism.

          Though the Address claims development citing a few indicators like ease of doing business, several other indicators show the sad light of our economy.

          Even the figures given regarding GDP and Fiscal Deficit are allegedly tailored by juggling with derivative numbers to meet the given figures. 

          This Government portrays as if India was in the dark ages till 2014.  I would like to highlight that the country has progressed steadily over the last several decades and this government is reaping its benefits.

          This Government has played with the communal harmony of this great nation for the sake of electoral gains.  Some of the laws passed have resulted in several countries viewing India with suspicion regarding its Secular Fabric.  I am sure they will regret it before the end of this term, and hopefully correct themselves to restore the glory of our Country and reinstate its Secular Fabric.

               

*श्रीविनोदकुमारसोनकर (कौशाम्बी): हम सबने 1फरवरी को राष्ट्रपति श्री रामनाथ कोविंद जी का अभिभाषण सुना,माननीय राष्ट्रपति जी ने देश में चल रहे प्रगति के कई कार्यों का वर्णन किया   । उनके द्वारा उल्लेख की गयी बातों पर मै थोड़ी रोशनी डालने का प्रयास करूंगा    ।

राष्ट्रपति जी ने सबसे पहले हमारे देश की लोकतान्त्रिक शक्ति की बात कही जिसका मैं स्वागत करता हूँ  ।हमारी इसी शक्ति के कारण आज हम एक मज़बूत लोकतंत्र हैं  । यह बात आज के संदर्भ में अत्यंत महत्वपूर्ण है  । शाहीन बाग और अन्य जगहों परCAA के खिलाफ प्रदर्शन कर रहे लोग भूल जाते हैं कि यह जनता द्वारा चुनी हुई सरकार का फैसला है  । देश के कानून मंत्री श्री रवि शंकर प्रसाद ने यह भी कहा है कि इस सरकार के दरवाज़े बातचीत के लिये हमेशा खुले हैं लेकिन वहाँ सड़कों पर बैठे लोग अनर्गल बातें करके सरकार को ब्लैकमेल नहीं कर सकते ।इन जगहों से अलग- अलग तरह की देश विरोधी बातें निकल कर आ रही हैं  । कोई कहता है कि जब तक CAAवापस नहीं लोगे तब तक हम कोई बातचीत नहीं करेंगे, दूसरा कहता है कि हम असम को देश से अलग कर देंगे. तीसरा कहता है उन्हें उच्चतम न्यायालय पर कोई भरोसा नहीं है. चौथा कहता है कि CAAठीक है लेकिन उसे NPRयाNRC से नहीं जोड़ा जाना चाहिये, जहाँ इस तरह की देश विरोधी बातें हो रही हों तो उन लोगों से क्या बातचीत की जाये? लोकतंत्र का अर्थ यह कतई नहीं है कि जो लोग देश तोड़ने की बात कर रहे हैं या फिर असंवैधानिक बातें कर रहे हैं, सरकार उनसे बात करे ।

दूसरी महत्वपूर्ण बात जिसका उल्लेख राष्ट्रपति जी ने किया उनमें जम्मू-कश्मीर से धारा 370 को हटाना सर्वोपरि है    । धारा 370 को देश में लागू करने के लिये मैं श्री अमित शाह जी का आभारी   हूँ   ।यह बात देखने वाली है कि जब से धारा 370हटाई गई है वहाँ कोई अप्रिय घटना नहीं हुई है    । पाकिस्तान ने वहाँ उत्पात मचाने का बहुत कोशिशें की लेकिन हमारी सरकार ने उनके सारे मनसूबों को नाकाम कर दिया । इसके लिये देश की सभी सुरक्षा संस्थाएं सराहनीय हैं ।इस महत्वपूर्ण कदम से आने वाले सालों में हम वहाँ शांति के माहौल के साथ साथ और अधिक आर्थिक प्रगति भी देखेंगे  ।

अगली बात जिसका मैं ज़िक्र करना चाहूंगा वह है दिल्ली की 1700अनाधिकृत कालोनियों में रह रहे 40लाख से ज़्यादा लोगों को उनके घरों को अधिकृत करना  । इन कालोनियों में अधिकतर अनुसूचित जाति और अन्य पिछड़े वर्ग के लोग रहते हैं  । उनके घरों को अधिकृत करके भारत सरकार ने बहुत बड़ा पुण्य का काम किया है । प्रधान मंत्री आवास योजना के साथ,यह कदम भी साफ दिखाता है कि भाजपा सरकार पिछड़े वर्ग को एक सम्मानित जीवन देने के लिये प्रतिबद्ध है  ।

राष्ट्रपति जी ने अपने अभि-भाषण में `जल जीवन मिशन` का भी उल्लेख किया है. मेरा चुनाव क्षेत्र एक ग्रामीण इलाक़ा है जहाँ अधिकतर लोग पानी के लिये हैंडपम्प या टुल्लू पम्प का इस्तेमाल करते हैं. यह बताते हुए मुझे बहुत खुशी है कि प्रधान मंत्री जी के इस मिशन से प्रेरित होकर हम लोग जल शक्ति मंत्रालय के सहयोग से कौशाम्बी में भी इसी पर कार्य कर रहे हैं  । हमारे इस अभियान का प्रारूप तैयार हो गया है और आने वाले दिनों में यह आपके समक्ष होगा ।

राष्ट्रपति जी ने अपने अभि-भाषण में `बेटी बचाओ बेटी पढाओ` के बारे में भी बात की, इस संदर्भ में मैं सरकार का ध्यान निर्भया के बलात्कार एवम हत्या कांड के अभियुक्तों की फांसी की सजा की तरफ केन्द्रित करना चाहूंगा  । हम सबको मालूम है कि कानून के दांव पेचों का सहारा लेकर उन अभियुक्तों के वकील इस सज़ा को दिन प्रतिदिन टलवाने में सफल हो रहे हैं  । उधर दूसरी ओर निर्भया की माँ इंसाफ के लिये तडप रही है   । देश की जनता भी आज उनके साथ खडी है, और देख रही है कि किस तरह कानून के साथ खिलवाड़ करके इंसाफ की धज्जियाँ उडाई जा रही हैं   । मैं देश के कानून मंत्री श्री रवि शंकर प्रसाद जी से आग्रह करूंगा की वे जल्द से जल्द निर्भया को इंसाफ दिलायें, और साथ ही यह भी अनुरोध करूँगा कि वे इस कानून में ऐसा संशोधन लायें जिससे कि कोई अभियुक्त इसका दुरुपयोग ना कर पाये   ।

आज सात साल से अधिक हो गये हैं लेकिन अभी भी निर्भया को इंसाफ नहीं मिला है  । देश में ऐसे बहुत से केस हैं जिसमें महिलाओं को इंसाफ के लिये सालों इंतज़ार करना पडता है   । इसी संदर्भ में मैं सरकार को यह सुझाव देना चाहूँगा कि तीन मामलों में कानूनी प्रक्रिया को छोटा करने की आवश्यकता है  । यह तीन हैं, महिला उत्पीडन, देश द्रोह और आतंकवाद   । इन तीन मामलों में मेरी सरकार से गुज़ारिश है कानूनी प्रक्रिया सिर्फ दो चरणों में समाप्त करने का प्रावधान करें, पहलाtrial और दूसरा अपील । इसके बाद राष्ट्रपति जी के पास mercy petition भेजने का भी प्रावधान नहीं होना चाहिये  । अपने अभिभाषण में तो नहीं पर एक अन्य मौके पर राष्ट्रपति जी ने खुद इसी बात को कहा था  ।

अंत में, मैं राष्ट्रपति जी को उनके अभि-भाषण के लिये धन्यवाद देता हूँ  । मान्यवर, आपके भाषण से साफ जाहिर होता है कि देश और देश की जनता प्रगति की ओर तीव्र गति से अग्रसर है । इसका तात्पर्य यही है कि भाजपा सरकार अपने कर्तव्य को पूरा करने में ना केवल सक्षम है बल्कि निपुण है  ।

                 

माननीय अध्यक्ष: आइटम नं. 12 – माननीय प्रधान मंत्री जी ।

…(व्यवधान)

कुछ माननीय सदस्य: महात्मा गांधी की जय! महात्मा गांधी की जय! …(व्यवधान)

प्रधान मंत्री (श्री नरेन्द्र मोदी):बस इतना ही ।

श्री अधीर रंजन चौधरी (बहरामपुर): मोदी जी यह तो एक ट्रेलर हैं, बाकी अभी बाकी                    है ।…(व्यवधान)

श्री नरेन्द्र मोदी: आपके लिए गांधी जी ट्रेलर हो सकते हैं, हमारे लिए गांधी जी जिंदगी हैं । …(व्यवधान)

माननीय अध्यक्ष: गोगोई जी और अन्य माननीय सदस्य प्लीज बैठ जाइए ।

डॉ. मोहम्मद जावेद (किशनगंज): सर, यह इलेक्शन स्पीच तो नहीं है ।

माननीय अध्यक्ष: मैं आपको जवाब नहीं दूंगा । आप बैठ जाइए ।

श्री नरेन्द्र मोदी: माननीय अध्यक्ष महोदय, मैं राष्ट्रपति जी के अभिभाषण पर धन्यवाद प्रस्ताव पर राष्ट्रपति जी का आभार व्यक्त करने के लिए उपस्थित हुआ हूं ।

माननीय राष्ट्रप‍ति जी ने न्यू इंडिया का विजन अपने अभिभाषण में प्रस्तुत किया है । 21वीं सदी के तीसरे दशक का माननीय राष्ट्रपति जी का यह वक्तव्य इस दशक के लिए हम सबको दिशा देने वाला, प्रेरणा देने वाला और देश के कोटि-कोटि जनों में विश्वास पैदा करने वाला यह अभिभाषण है । इस चर्चा में सदन के सभी अनुभवी माननीय सदस्यों ने बहुत ही अच्छे ढंग से अपनी-अपनी बातें प्रस्तुत की हैं, अपने-अपने विचार रखे हैं । चर्चा को समृद्ध करने का हर किसी ने अपने तरीके से प्रयास किया है ।

श्रीमान अधीर रंजन चौधरी जी, प्रो. सौगत राय जी,डॉ. शशि थरूर जी, श्रीमान ओवैसी जी, दानिश अली जी, राम कृपाल यादव जी,पी.पी. चौधरी जी, पिनाकी मिश्रा जी, अखिलेश यादव जी, विनायक राऊत जी कई नाम हैं । मैं सभी के नाम लूंगा तो शायद समय बहुत जाएगा । लेकिन मैं कहूंगा कि हर एक ने अपने-अपने तरीके से अपने विचार प्रस्तुत किए हैं । लेकिन एक स्वर यह उठा है कि सरकार को इन सारे कामों की इतनी जल्दी क्या है? सब चीजें एक साथ क्यों कर रहे हैं? ऐसा भाव भी लोगों की बातों में से आता है । मैं शुरूआत में श्रीमान सर्वेश्वर दयाल सक्सेना जी की एक कविता को उद्धृत करना चाहूंगा और वही शायद हमारे संस्कार भी हैं, हमारी सरकार का स्वभाव भी है और उसी प्रेरणा के कारण हम लीक से हटकर के तेज गति से आगे बढ़ने की दिशा में प्रयास कर रहे हैं । श्रीमान सर्वेश्वर दयाल जी ने अपनी कविता में लिखा है-

“लीक पर वे चलें, लीक पर वे चलें जिनके चरण दुर्बल और हारे हैं, जिनके चरण दुर्बल और हारे हैं ।

हमें तो जो हमारी यात्रा से बने, हमें तो जो हमारी यात्रा से बने, ऐसे अनिर्मित पथ ही प्यारे हैं ।”             माननीय अध्यक्ष जी, और इसलिए लोगों ने सिर्फ एक सरकार बदली है, ऐसा नहीं है, सरोकार भी बदलने की अपेक्षा की है । एक नई सोच के साथ काम करने की इस देश की इच्छा और अपेक्षा के कारण हमें यहां आकर के सेवा करने का अवसर मिल रहा है । लेकिन अगर हम उसी तरीके से चलते, जिस तरीके से आप लोग चलते थे । उसी रास्ते से चलते, जिस रास्ते की आपको आदत हो गयी थी तो शायद 70 साल के बाद भी इस देश में से आर्टिकल 370 नहीं हटता ।

आप ही के तौर-तरीकों से चलते,तो मुस्लिम बहनों को तीन तलाक की तलवार आज भी डराती रहती । अगर आप ही के रास्ते चलते,तो नाबालिगों से रेप के मामले में फांसी की सजा का कानून नहीं बन पाता । अगर आप ही की सोच के साथ चलते, तो राम जन्मभूमी आज भी विवादों में रहती ।…(व्यवधान)अगर आप ही की सोच होती, तो करतारपुर साहिब कॉरिडोर कभी नहीं बन   पाता । अगर आप ही के तरीके होते, आप ही का रास्ता होता,तो भारत-बांग्लादेश सीमा विवाद कभी नहीं सुलझ पाता ।…(व्यवधान)

श्री अधीर रंजन चौधरी: यहबांग्लादेश हमलोगों ने बनायाहै, गांधीजी ने बनायाहै ।…(व्यवधान)

श्री नरेन्द्र मोदी : जब मैं माननीय अधीर जी को देखता हूं, सुनता हूं, तो मैं सबसे पहले किरेन रिजीजू जी को बधाई देता हूं, क्योंकि उन्होंने जो फिट इंडिया मूवमेंट चलाया है, उस फिट इंडिया मूवमेंट का प्रचार-प्रसार अधीर जी बहुत बढ़िया ढंग से करते हैं ।…(व्यवधान)ये भाषण भी करते हैं और भाषण के साथ-साथ जिम भी करते हैं ।…(व्यवधान)

श्री अधीर रंजन चौधरी: लेकिनआपकी तरह ढोंगीआसन नहीं करतेहैं, असलीआसन करते           हैं ।…(व्यवधान) एडवरटाइज़मेन्टका आसन नहींकरते हैं । हमदिखावे का आसननहीं करते          हैं ।…(व्यवधान)

श्री नरेन्द्र मोदी : फिट इंडिया मूवमेंट को बल देने के लिए,उसका प्रचार-प्रसार करने के लिए, मैं माननीय सदस्य का धन्यवाद करता हूं ।…(व्यवधान)

          माननीय अध्यक्ष जी, कोई इस बात से तो इंकार नहीं कर सकता है कि देश चुनौतियों से लोहा लेने के लिए हर पल कोशिश करता रहा है । कभी-कभी चुनौतियों की तरफ न देखने की भी आदतें देश ने देखी है । चुनौतियों का चुनने का सामर्थ्य नहीं है, ऐसे लोगों को भी देखा है । लेकिन आज दुनिया की भारत के प्रति जो अपेक्षा है,अगर हम चुनौतियों को चुनौती नहीं देंगे, अगर हम हिम्मत नहीं दिखाते और अगर हम सबको साथ लेकर आगे चलने की गति नहीं बढ़ाते, तो शायद देश को अनेक समस्याओं से लंबे अर्से तक जूझना पड़ता ।

          और इसलिए माननीय अध्यक्ष जी, अगर कांग्रेस के रास्ते हम चलते,तो 50 साल के बाद भी शत्रु संपत्ति कानून का इंतजार देश को करते रहना पड़ता । 35 साल के बाद भी नेक्स्ट जेनरेशन लड़ाकू विमान का इंतजार देश को करते रहना पड़ता । 28 साल के बाद भी बेनामी संपत्ति कानून लागू नहीं हो पाता । 20 साल के बाद भी चीफ ऑफ डिफेंस स्टाफ की नियुक्ति नहीं हो पाती ।

          माननीय अध्यक्ष जी, हमारी सरकार तेज़ गति की वजह से और हमारा मकसद है, हम एक नई लकीर बना कर, लीक से हट कर चलना चाहते हैं । और इसलिए हम इस बात को भली-भांति समझते हैं कि आजादी के 70 साल के बाद देश लंबा इंतजार करने के लिए तैयार नहीं है और नहीं होना  चाहिए । और इसलिए हमारी कोशिश है कि स्पीड भी बढ़े और स्केल भी बढ़े । डिटरमिनेशन भी हो डेसीसिवनेस भी हो । सेंसिटीविटी भी हो और सॉल्युशन भी होना चाहिए । हमने जिस तेज़ गति से काम किया है, उस तेज़ गति से काम का परिणाम है कि देश की जनता ने पांच साल में देखा और देखने के बाद उसी तेज़ गति से आगे बढ़ने के लिए थोड़ी अधिक ताकत के साथ हमें फिर से सेवा करने का मौका दिया । अगर यह तेज़ गति नहीं होती तो 37 करोड़ लोगों के बैंक अकाउंट इतने कम समय में नहीं खुलते । अगर गति तेज़ न होती तो 11 करोड़ लोगों के घरों में शौचालय का काम पूरा नहीं होता । अगर तेज़ गति नहीं होती तो 13 करोड़ परिवारों में गेस का चूल्हा नहीं पहुंचता । अगर गति तेज़ न होती तो दो करोड़ नए घर गरीबों के लिए नहीं बनते । अगर तेज़ गति नहीं होती तो लंबे अर्से से अटकी हुई दिल्ली की 17 सौ से ज्यादा अवैध कॉलोनियां, 40 लाख से अधिक लोगों की ज़िंदगी जो अधर में लटकी हुई थीं, वह काम पूरा नहीं होता । आज उन्हें अपने घर का हक भी मिल गया है ।

          माननीय अध्यक्ष जी, यहां पर नॉर्थ-ईस्ट की भी चर्चा हुई है । नॉर्थ-ईस्ट को कितने दशकों तक इंतजार करना पड़ा । वहां पर राजनीतिक समीकरण बदलने का सामर्थ्य हो, इतनी सीटें नहीं हैं । और इसलिए राजनीतिक तराजू से जब निर्णय होते रहे तो हमेशा ही वह क्षेत्र उपेक्षित रहा । हमारे लिए नॉर्थ-ईस्ट वोट के तराजू से तोलने वाला क्षेत्र नहीं है । भारत की एकता और अखण्डता के साथ दूर-दराज क्षेत्रों में बैठे हुए भारत के नागरिकों के लिए और उनके सामर्थ्य का भारत के विकास के लिए उपयुक्त उपयोग हो, शक्ति उनके काम आए, देश को आगे बढ़ाने में काम आए, इस श्रद्धा के साथ वहां के एक-एक नागरिक के प्रति अपार विश्वास के साथ, आगे बढ़ने का हमारा प्रयास रहा है । और इसी के कारण नॉर्थ-ईस्ट में गत पांच वर्ष जो कभी उनको दिल्ली दूर लगती थी, आज दिल्ली उनके दरवाजे पर जा कर खड़ी हो गई है । मंत्री नॉर्थ-ईस्ट में लगातार दौरा करते रहे हैं । रात-रात वहां रुकते रहे, छोटे-छोटे इलाकों में जाते रहे - टीयर-2और टीयर-3 - कितने सालों से गए? लोगों से संवाद किया,विश्वास का वातावरण पैदा किया  । और विकास की जो आवश्यकताएँ होती हैं, जो 21वीं सदी से जुड़ी हुई हैं, चाहे बिजली की बात हो,चाहे रेल पहुँचाने की बात हो, चाहे हवाई अड्डे बनाने की बात हो, चाहे मोबाइल कनेक्टिविटी की बात हो, इन सब चीजों को हमने करने का प्रयास किया है और वह विश्वास कितना बड़ा परिणाम देता है, जो इस सरकार के कार्यकाल में देखा जा रहा है ।

यहाँ पर यह बोडो की चर्चा आई है और यह कहा गया कि यह कोई पहली बार हुआ है । हमने भी कभी यह नहीं कहा कि पहली बार हुआ है । हम तो यही कह रहे हैं कि प्रयोग तो बहुत हुए हैं और अभी भी प्रयोग हो रहे हैं । लेकिन जो कुछ भी हुआ, राजनीतिक तराजू से लेखा-जोखा करके किया गया । जो भी किया गया,आधे-अधूरे मन से किया गया,जो भी किया गया,एक प्रकार से खाना-पूर्ति की गई और उसके कारण समझौते कागज पर तो हो गए थे, फोटो भी छप गई,वाहवाही भी हो गई, बड़े गौरव के साथ आज भी उसकी चर्चा हो रही है । लेकिन कागज पर किए गए समझौतों से इतने सालों के बाद भी बोडो समस्या का समाधान नहीं हुआ । चार हजार से ज्यादा निर्दोष लोग मौत के घाट उतारे गए । अनेक प्रकार के एक्टोर्शन,पचासों प्रकार की बीमारियाँ समाज-जीवन को जो संकट में डाले, ऐसी होती चली गईं । इस बार जो समझौता हुआ है, वह एक प्रकार से नॉर्थ ईस्ट के लिए भी और देश में आर्म्स और हिंसा में विश्वास करने वालों के लिए एक संदेश देने वाली घटनाएँ हैं । यह ठीक है कि हमारा ज़रा वह इको-सिस्टम नहीं है, ताकि हमारी बात बार-बार उजागर हो, फैले । लेकिन हम मेहनत करेंगे, कोशिश करेंगे । लेकिन इस बार के समझौते की एक विशेषता है- सभी हथियारी ग्रुप एक साथ आए हैं । सारे हथियार और सारे अंडरग्राउंड लोगों ने सरेंडर किया है और दूसरा उस समझौते के एग्रीमेंट में लिखा है कि इसके बाद बोडो समस्या से जुड़ी हुई कोई भी माँग बाकी नहीं रह गई है । नॉर्थ ईस्ट में हम सबसे, सूरज तो पहले उगता है, लेकिन सुबह नहीं आती थी । सूरज तो आ जाता था, अंधेरा नहीं छंटता था । आज मैं कह सकता हूँ कि नई सुबह भी आई है, नया सवेरा भी आया है,नया उजाला भी आया है और वह प्रकाश जब आप अपने चश्मे बदलोगे, तब दिखाई देगा ।…(व्यवधान)

श्री गौरव गोगोई (कलियाबोर): जापान के प्रधान मंत्री…(व्यवधान)

श्री नरेन्द्र मोदी : मैं आपका बहुत आभारी हूँ, ताकि बोलने के लिए बीच-बीच में मुझे आप विराम दे रहे हैं । कल यहाँ स्वामी विवेकानंद जी के कंधों से बंदूकें फोड़ी गईं । आपने उसको रिकार्ड पर से निकाल दिया है, इसलिए मैं उल्लेख तो नहीं करूँगा । लेकिन मुझे एक पुरानी छोटी-सी कथा याद आती है ।

एक बार कुछ लोग रेल में सफर कर रहे थे और जब रेल में सफर कर रहे थे तो रेल जैसे गति पकड़ती थी, पटरी में से आवाज आती हैं,हम सब जानते हैं, सब का अनुभव है । तो वहाँ बैठे हुए एक संत-महात्मा थे । उन्होंने कहा-देखो, पटरी में से कैसी आवाज आ रही है । यह निर्जीव पटरी भी हमें कह रही है- ‘प्रभु कर दे बेड़ापार’ । बोले- देखो,यही आवाज आ रही है । सुनो, ‘प्रभु कर दे बेड़ापार’ । तो दूसरे संत ने कहा- नहीं यार, मैंने सुना । मुझे तो सुनाई दे रहा है- ‘प्रभु तेरी लीला अपरम्पार’ ।

 

13.00 hrs  ‘प्रभु तेरी लीला अपरम्पार’ । वहाँ एक मौलवी जी बैठे थे, उन्होंने कहा कि अरे भाई  मुझे तो दूसरा सुनाई दे रहा है । इन संतों ने कहा कि आपको क्या सुनाई दे रहा है, तो उन्होंने कहा कि मुझे सुनाई दे रहा है कि ‘या अल्लाह तेरी रहमत’, ‘या अल्लाह तेरी रहमत’ । वहाँ एक पहलवान बैठे थे । उन्होंने कहा कि मुझे भी सुनाई दे रहा है । तो पहलवान ने कहा कि मुझे सुनाई दे रहा है कि ‘खा रबड़ी कर कसरत’, ‘खा रबड़ी कर कसरत’ ।…(व्यवधान)कल जो विवेकानन्द जी के नाम से कहा गया, जैसी मन की रचना होती है,वैसा ही सुनाई देता है, वैसा ही दिखाई देता है ।…(व्यवधान)आपको यह देखने के लिए इतनी दूर नजर करने की जरूरत ही नहीं थी, बहुत कुछ पास में है ।…(व्यवधान)

श्री अधीर रंजन चौधरी: सर, अपनेलोगों को कहिएकि स्वामी जीसे आपकी तुलनान                  करें ।…(व्यवधान) इसलिए मैंने कहा था कि वे जोगी थे, आप… *  हो ।…(व्यवधान)मैं अभी भी कह रहा हूँ ।…(व्यवधान)हम सब … *   हैं ।…(व्यवधान) 

डॉ. निशिकांत दुबे (गोड्डा): महोदय, ये अनपार्लियामेन्टरी शब्द बोल रहे हैं ।…(व्यवधान)

श्री अधीर रंजन चौधरी : सर, आपअपने लोगों सेकहिए कि स्वामीजी का अपमानन                   करें ।…(व्यवधान) नरेंद्र दत्त,नरेंद्र दत्त थे ।…(व्यवधान)योगी और… *  की एक साथ तुलना न         करें ।…(व्यवधान) यह मैंने कहा था । मैंने यह भी कहा था कि “Each soul is potentially divine”. …(व्यवधान)

माननीय अध्यक्ष : माननीयसदस्य ।                                   

                                                      …( व्यवधान)          

पशुपालन, डेयरी और मत्स्यपालन मंत्री (श्री गिरिराजसिंह):  इनकोपता नहीं हैकि ये क्याबोल रहे हैं।…(व्यवधान)

श्रीअधीर रंजन चौधरी: आप जोड़ने की राजनीतिकीजिए ।…(व्यवधान)आप तोड़ने की राजनीति मत करो ।…(व्यवधान)

माननीय अध्यक्ष : माननीयसदस्य, कृपयाबैठ जाइए ।

…( व्यवधान)

श्री गिरिराज सिंह : आपकोपता है, क्याबोल रहे हो?…(व्यवधान)

श्री नरेन्द्र मोदी : येसुरेश जी क्योंहंस रहे हैं? …(व्यवधान) इसमें कोई राज है भाई?…(व्यवधान) सुरेश जी, कभी आपका भी मौका आएगा, इतनी जल्दी मत करो ।…(व्यवधान)

          माननीय अध्यक्ष जी, यहाँ किसानों के विषय में भी बातचीत हुई है।बहुत से महत्वपूर्ण काम और बहुत से नए तरीके से, नई सोच के साथ पिछले दिनों किए गए हैं और माननीय राष्ट्रपति जी ने अपने अभिभाषण में उसका जिक्र भी किया है, लेकिन जिस प्रकार से यहाँ चर्चा करने का प्रयास हुआ है, मैं नहीं जानता हूँ वह अज्ञानवश है कि जानबूझकर है । क्योंकि कुछ चीजें ऐसी हैं,अगर जानकारियाँ होतीं तो शायद हम ऐसा न करते । हम जानते हैं कि 1.5 गुना एमएसपी करने वाला विषय कितने लंबे समय से अटका हुआ था । यह हमारे समय का नहीं था, पहले से था, लेकिन यह किसानों के प्रति हमारी जिम्मेदारी थी कि उस काम को भी हमने पूरा कर दिया है । मैं हैरान हूँ, सिंचाई योजनाएं 80-90 परसेंट धन खर्च करके 20-20 साल से पड़ी हुई थीं, कोई पूछने वाला नहीं था । फोटो निकलवा दी, बस काम हो गया । हमको करीब 99 ऐसी योजनाओं को हाथ लगाना पड़ा । एक लाख करोड़ रुपये से ज्यादा खर्च करके उनको उसके लॉजिकल एंड तक ले गए और अब किसानों को उसका फायदा होना शुरू हो गया है ।

          प्रधान मंत्री फसल बीमा योजना - इस प्रधान मंत्री फसल बीमा योजना के तहत इस व्यवस्था से किसानों में एक विश्वास पैदा हुआ है । किसानों की तरफ से करीब 13 हजार करोड़ रुपये का प्रीमियम आया,लेकिन प्राकृतिक आपदा के कारण जो नुकसान हुआ, उसके तहत करीब 56 हजार करोड़ रुपये किसानों को बीमा योजना से प्राप्त हुए हैं ।

किसान की आय बढ़े, यह हमारी प्राथमिकता है । इनपुट कॉस्ट कम हो, यह हमारी प्राथमिकता है । और पहले एम.एस.पी. के नाम पर क्या होता था? हमारे देश में पहले 7 लाख टन दाल और तिलहन की खरीद हुई, हमारे कार्यकाल में 100 लाख टन हुई । 7 और 100 का फर्क तो समझ में आएगा ।

          ‘ई-नाम’ (ई-एन.ए.एम.) योजना है । आज डिजिटल वर्ल्ड है । हमारा किसान भी मोबाइल फोन से दुनिया के दाम देख रहा है, समझ रहा है । ‘ई-नाम’योजना के नाते किसान बाजार में अपने माल को बेच सके, उस योजना को हमने लिया और मुझे खुशी है कि गांव का किसान,इस व्यवस्था से करीब पौने दो करोड़ किसान अब तक उससे जुड़ चुके हैं । किसानों ने अपनी पैदावार का करीब-करीब एक लाख करोड़ रुपये का कारोबार इस ‘ई-नाम’ योजना से किया है, टेक्नोलॉजी का उपयोग किया है ।

          हमने किसान क्रेडिट कार्ड का विस्तार हो, उसके साथ-साथ एलाइड एक्टीविटीज़ हो, चाहे वह पशुपालन हो, मछली पालन हो,मुर्गी पालन हो, सौर ऊर्जा की तरफ जाने का प्रयास हो, सोलर पम्प की बात हो, ऐसी नई, अनेक चीजें जोड़ी हैं, जिसके कारण आज उसकी आर्थिक स्थिति में भी एक बहुत बड़ा बदलाव आया है ।

          वर्ष 2014 में,हमारे आने से पहले, कृषि मंत्रालय का बजट 27 हजार करोड़ रुपये था । अब यह बढ़ कर पाँच गुना, पहले 27 हजार करोड़ रुपये था,अब बढ़ कर पाँच गुना लगभग डेढ़ लाख करोड़ रुपये तक हमने इसे पहुंचाया है ।

‘पी.एम.-किसान सम्मान निधि’ योजना में किसानों के खाते में सीधे पैसे जाते हैं । अब तक करीब 45 हजार करोड़ रुपये किसानों के खाते में ट्रांसफर हो चुके हैं । कोई बिचौलिया नहीं,फाइलों की कोई झंझट नहीं, बस एक क्लिक दबाया और पैसे पहुंच गए । लेकिन, मैं यहां माननीय सदस्यों से जरूर यह आग्रह करूंगा कि राजनीति करते रहिए, करनी भी चाहिए क्योंकि मैं आपकी तकलीफ जानता हूं, लेकिन क्या हम राजनीति करने के लिए किसानों के हितों के साथ खिलवाड़ करेंगे? मैं उन माननीय सदस्यों से विशेष आग्रह करूंगा कि वे अपने राज्यों में देखें,जो किसानों के नाम पर बढ़-चढ़ कर बोल रहे हैं,वे जरा ज्यादा देखें कि क्या उनके राज्य के किसानों को ‘पी.एम.-किसान सम्मान निधि’ मिले,उसके लिए वे सरकारें किसानों की सूची क्यों नहीं दे रहे हैं?इस योजना के साथ क्यों नहीं जुड़ रहे हैं? इसमें नुकसान किसका हुआ? किसका नुकसान हुआ? उस राज्य के किसानों का हुआ । यहां कोई माननीय सदस्य ऐसा नहीं होगा, जो दबी जुबान में, वे खुल कर शायद न बोल पाएं, क्योंकि कहीं जगह पर बहुत कुछ होता है, लेकिन उन्हें पता होगा । उसी प्रकार से,मैं माननीय सदस्यों से कहूंगा, जिन्होंने किसानों के लिए बहुत कुछ कहा है कि उन राज्यों में जरा देखिए जहां आप किसानों से वादे कर-करके, बहुत बड़ी-बड़ी बातें कर-करके वोट बटोर लिए, शपथ ले लिए, सत्ता-सिंहासन पा लिया,लेकिन किसानों के वादे पूरे नहीं किए गए । कम से कम यहां बैठे माननीय सदस्य उन राज्यों के भी प्रतिनिधि होंगे तो वे उन राज्यों से जरूर कहें कि किसानों को उनका हक देने में वे कोताही न  बरतें ।

माननीय अध्यक्ष जी, जब ऑल पार्टी मीटिंग हुई थी,तब मैंने विस्तार से सबके सामने एक प्रार्थना भी की थी और अपने विचार भी रखे थे  । उसके बाद सदन के प्रारम्भ में जब मीडिया के लोगों से मैं बात कर रहा था,तब भी मैंने कहा था कि यह सत्र हम पूरी तरह अर्थ,आर्थिक विषय,देश की आर्थिक परिस्थितियां,इन सारे विषयों को इस सत्र में हम समर्पित करेंगे  । हमारे पास जितनी भी चेतना है, जितना भी सामर्थ्य है, जितनी भी बुद्धि प्रतिभा है, सबका निचोड़ इस सत्र में दोनों सदनों में हम लेकर आए हैं  क्योंकि जो देश की दुनिया की जो आज आर्थिक स्थिति है, उसका लाभ उठाने के लिए भारत कौन से कदम उठाए, कौन सी दिशा को अपनाए, जिससे लाभ हो  । मैं चाहूंगा कि यह सत्र, अभी भी समय है,ब्रेक  के बाद भी जब मिलेंगे,तब भी पूरी शक्ति,मैं सभी सदस्यों से आग्रह करता हूं, हम आर्थिक विषयों पर गहराई से बोलें, व्यापकता से बोलें और अच्छे नये सुझावों के साथ बोलें, ताकि देश, विश्व के अंदर जो अवसर पैदा हुए,उसका फायदा उठाने के लिए पूरी ताकत से आगे बढ़े  । मैं सबको निमंत्रित भी करता हूं  और मैं मानता हूं कि आर्थिक विषयों के इस महत्वपूर्ण विषय पर बातचीत हम सबका सामूहिक दायित्व है  और इस दायित्व बोध में पुरानी बातों को हम भूल नहीं सकते हैं,क्योंकि आज हम कहां हैं, उसका पता तब चलता है कि कल कहां थे  । यह बात सही है कि जब हमारे माननीय सदस्य यह कहते हैं कि यह क्यों नहीं हुआ, यह कब होगा, यह कैसे होगा, कब तक करेंगे,यह जब सुनता हूं, तो कुछ लोगों को लगता होगा कि आप आलोचना करते हैं  । मैं नहीं मानता हूं कि आप आलोचना करते हैं  । मुझे खुशी है कि आप मुझे समझ पाए हैं, क्योंकि आपको विश्वास है,करेगा तो यही करेगा  । इसलिए मैं आपकी इन बातों को आलोचना नहीं मानता हूं, मार्गदर्शक मानता हूं, प्रेरणा मानता हूं और इसलिए मैं इन सारी बातों का स्वागत करता हूं और स्वीकार करने का प्रयास भी करता हूं  । इसलिए इस प्रकार की जितनी बातें बताई गई हैं, इसके लिए तो मैं विशेष रूप से धन्यवाद करता हूं, क्योंकि क्यों नहीं हुआ,कब होगा, कैसे होगा, ये अच्छी बातें हैं, देश के लिए हम सोचते हैं,लेकिन पुरानी बातों के बिना आज की बात को समझना थोड़ा कठिन होता है  ।

हम जानते हैं कि पहले क्या काल खंड था  । करप्शन, आए दिन चर्चा होती थी हर अखबार की हेडलाइन में,सदन में भी करप्शन पर ही लड़ाई चलती थी  । सब जगह यही बोला जाता था  । अनप्रोफेशनल बैंकिंग कौन भूल सकता है, कमजोर इंफ्रास्ट्रक्चर पॉलिसीज़ कौन भूल सकता है और संसाधनों की बंदरबांट,माई गॉड क्या करके रख दिया था?इन सारी स्थितियों में से बाहर निकलने के लिए हमने समस्याओं के समाधान खोजने की लाँग टर्म गोल के साथ एक निश्चित दिशा पकड़ करके,निश्चित लक्ष्य पकड़ करके उसको पूरा करने का हमने लगातार प्रयास किया है  और मुझे विश्वास है, उसी का परिणाम है कि आज इकॉनामी में फिसकल डेफीसिट बनी रही है, महंगाई नियंत्रित रही है और मैक्रोइकॉनामिक स्टैबिलिटी भी बनी रही है  । …(व्यवधान)

श्री अधीर रंजन चौधरी: सर, बेरोजगारीपर भी बोलिए  । …(व्यवधान) हिुंदस्तानसुनना चाहता है कि बेरोजगारी पर आप क्या कहना चाहते हैं? …(व्यवधान) नीरव मोदी, मेहुल चोकसी की बात      कीजिए  ।…(व्यवधान)नीरव मोदी और मेहुल चोकसी की बात कीजिए  ।…(व्यवधान) बेरोजगारी की बात कीजिए  ।…(व्यवधान) सरकार का कुछ काम ठीक नहीं है  ।…(व्यवधान)हिंदुस्तान में बेरोजगारी आज सबसे बड़ी समस्या बन गई है  ।…(व्यवधान)

श्री नरेन्द्र मोदी: मैंआपका आभारी हूं, क्योंकिआपने मेरे प्रतिविश्वास जतायाहै  । यह भी कामहम ही करेंगे  ।…(व्यवधान) हां, एक कामनहीं करेंगे  ।…(व्यवधान)एक काम न करेंगे,न होने देंगे,वह है आपकी बेरोजगारी नहीं हटने देंगे  ।…(व्यवधान)        

जीएसटी का बहुत बड़ा महत्वपूर्ण निर्णय हो, कॉरपोरेट टैक्स कम करने की बात हो, आईबीसी लाने की बात हो या एफडीआई रीजिम को लिब्रलाइज करने की बात हो  । बैंकों को रिकैपिटलाइजेशन करने की बात हो,जो भी समय-समय पर आवश्यकता रही है, जो चीज दीर्घकालीन मजबूती की जरूरत हैं,वे सारे कदम हमारी सरकार ने उठाए हैं और उसके लाभ भी आने शुरू हो गए हैं  और वे रिफार्म्स जिसकी चर्चा हमेशा हुई है, आपके यहां जो भी पंडित लोग थे, वे हमेशा यही कहते रहते थे लेकिन कर नहीं पाते थे  । अर्थशास्त्री भी जिन बातों की बातें करते थे,आज एक के बाद एक उसको लागू करने का काम हमारी सरकार कर रही है  ।

इन्वेस्टर्स का भरोसा बढ़े, अर्थव्यवस्था को मजबूती मिले,उसको लेकर भी हमने कई महत्वपूर्ण निर्णय किए हैं  । जनवरी 2019 से 2020 के बीच छह बार जीएसटी रेवेन्यू एक लाख करोड़ रुपये से ज्यादा रहा है  । अगर मैं एफडीआई की बात करूं, अप्रैल 2018 से सितम्बर में एफडीआई 22 बिलियन डॉलर था, आज उसी अवधि में यह 26 बिलियन डॉलर पार कर गया है  । इस बात का सबूत है कि विदेशी निवेशकों का भारत के प्रति विश्वास बढ़ा है  । भारत की अर्थव्यवस्था पर विश्वास बढ़ा है  । भारत में आर्थिक क्षेत्र में अपार अवसर है, यह कन्विकशन बना है,तब जाकर लोग जाते हैं और तभी लोग गलत अफवाहें फैलाने के बावजूद भी लोग बाहर निकल कर आ रहे हैं, यह बहुत बड़ी बात है  ।

श्री अधीर रंजन चौधरी: अध्यक्षमहोदय, पेटखाली बजाओ ताली  ।

श्री नरेन्द्र मोदी: अध्यक्षमहोदय, हमाराविजन ग्रेटरइन्वेस्टमेंट, बेटरइन्फ्रास्ट्रक्चर, इन्क्रीजवैल्यू एडिशनऔर ज्यादा सेज्यादा जॉब क्रिएशनपर है  ।

श्री अधीर रंजन चौधरी: अध्यक्षमहोदय, आपकारिपोर्ट कार्डकहता है किजॉब नहीं है  ।

 श्री नरेन्द्र मोदी: देखिए, मैंकिसानों से बहुतकुछ सीखताहूं  । किसानजो होताहै वह बड़ी गर्मी में खेत जोतकर तैयार रखता है लेकिन उस समय बीज नहीं बोता है, सही समय परबीज बोता है  । अभी जो दसमिनट से चलरहा है, वहमेरा खेत जोतनेका काम चल रहाहै  । अब बराबरआपके दिमाग मेंजगह हो गई है,अब मैं एक-एक करके बीजडालूंगा  ।

          माननीयअध्यक्ष जी, मुद्रायोजना स्टार्ट-अपइंडिया, स्टैंड-अपइंडिया योजनाओंने देश मेंस्वरोजगार कोबहुत बड़ी ताकतदी है  । इतनाही नहीं इसदेश में करोड़ोंलोग पहली बारमुद्रा योजनालेकर खुद रोजी-रोटीकमाने लगे  हैंऔर दूसरेलोगों को भीरोजगार देनेका काम कर रहेहैं  । इतना हीनहीं पहली बारमुद्रा योजनाके माध्यम सेबैंकों से जिनकोधन मिला है, उसमें70 प्रतिशतहमारी माताएंव बहनें हैं  । 

जो पहले इकोनॉमिक एक्टिविटी के क्षेत्र में नहीं थीं, वे आज कहीं न कहीं इकोनॉमी को बढ़ाने में योगदान दे रही हैं  । 28,000 से ज्यादा स्टार्ट अप रिकोग्नाइज्ड हुए, और आज खुशी की बात है कि टियर-2,टियर-3 सिटी में यानी हमारे देश के युवा नए संकल्पों के साथ आगे बढ़ रहा है  ।

मुद्रा योजना के तहत 22करोड़ से ज्यादा ऋण स्वीकृत हुए हैं और करोड़ों युवाओं ने खुद ने रोजगार को पाया है  । …(व्यवधान)

श्री अधीर रंजन चौधरी:एनपीए केबारे में बताइए  । …(व्यवधान)

श्री नरेन्द्र मोदी: अधीररंजन जी, ऐसाकरता हूं, आपएक समय तय कीजिए, आपकोजितना कहना है, मैंदोबारा बैठ जाऊंगा, क्योंकिये सब लोग पीछेहंस रहे हैं  । आपकी प्रतिष्ठाको झटका लगे, अच्छानहीं है  ।…(व्यवधान)

श्री अधीर रंजन चौधरी: मेरीप्रतिष्ठा केलिए आपको चिंताकरने की जरूरतनहीं है  । मैंकाफी सैल्फ सफिशिएंटहूं  ।…(व्यवधान)लेकिन‍ आप जो उलटी-सीधी बात कररहे हैं, तो मेरी ड्यूटीहै कि मैं उसबात को रजिस्टकरूं  । आप गुमराहकरने की कोशिशकर रहे हैं  ।…(व्यवधान)

श्री नरेन्द्र मोदी: इसदेश की 70 सालकीराजनीति ऐसीरही है कि कोईकांग्रेसी सैल्फसफिशिएंट नहींहो सकता, ऐसाहो ही नहींसकता  ।…(व्यवधान)

          वर्ल्डबैंक के डेटाऑफ एन्टरप्रियोनर्समें भारत कादुनिया में तीसरास्थान है  । सितंबर2017सेनवंबर 2019 केबीच ईपीएफओ पेरोलडाटा में 1 करोड़39 लाखनए सब्सक्राइबर्सआए हैं, बिनारोजगार के कोईपैसा जमा नहींकरता है  ।

          मैंनेकांग्रेस केएक नेता काकल घोषणा-पत्रसुना  । उन्होंनेघोषणा की हैकि छ: महीनेमें मोदी कोडंडे मारेंगे  और यह बात सहीहै कि यह कामजरा कठिन हैतो तैयारी केलिए छ: महीनेतो लगते हीहैं  । …(व्यवधान) छ: महीने का समय तो अच्छा है,लेकिन मैंने भी तय किया है कि इन छ: महीने रोज़ सूर्य नमस्कार की संख्या बढ़ा दूंगा  ताकि अब तक करीब 20 साल से जिस प्रकार की गंदी गालियां सुन रहा हूं, और अपने आपको गालीप्रूफ बना दिया है, छ:महीने ऐसे सूर्य नमस्कार करूंगा,ऐसे सूर्य नमस्कार करूंगा कि मेरी पीठ को भी हर डंडे झेलने की ताकत वाला बना दूंगा  । …(व्यवधान)मैं आभारी हूं कि पहले से एनाउंस कर दिया गया है,तो मुझे छ: महीने एक्सरसाइज़ बढ़ाने का टाइम मिलेगा  ।

श्री राहुल गांधी (वायनाड): आपरोजगार की बातकीजिए  ।…(व्यवधान)

श्री अधीर रंजन चौधरी: आपबेरोजगारी कीबात कीजिए  ।…(व्यवधान)

श्री नरेन्द्र मोदी: माननीयअध्यक्ष जी, मैं30-40 मिनटसे बोल रहाहूं, लेकिनकरंट पहुंचते-पहुंचतेइतनी देर लगगई  । …(व्यवधान) बहुत सी ट्यूबलाइट का ऐसा ही होता है  ।…(व्यवधान)

          माननीय अध्यक्षजी, इंडस्ट्री 4.0 और डिजिटल इकोनॉमी,ये करोड़ों नई जॉब्स के लिए अवसर लेकर आती हैं  । स्किल डेवलपमेंट,नई स्किल फोर्स तैयार करना, लेबर रिफार्म्स का प्रस्ताव ऑलरेडी संसद में आगे बढ़ा है और भी कुछ प्रस्ताव हैं, मुझे विश्वास है कि यह सदन उसको भी बल देगा ताकि देश में रोजगार के अवसरों में कोई रूकावट न आए  । हम पिछली सदी की सोच के साथ आगे नहीं बढ़ सकते हैं  । हमें बदली हुई वैश्विक परिस्थिति में नई सोच के साथ इन सारे बदलावों के लिए आगे आना होगा  । मैं इस सदन के सभी माननीय सदस्यों से प्रार्थना करता हूं कि लेबर रिफार्म्स के जो काम हैं, जो सब लेबर यूनियनों के साथ मिलकर तय हुआ है, उसको जितना जल्दी आगे बढ़ाएंगे, रोजगार के नए अवसरों के लिए सुविधा बढ़ेगी और मैं विश्वास करता हूं  ।

          फाइव ट्रिलियन डॉलर इकोनॉमी,इज ऑफ डूइंग बिजनेस, इज ऑफ लिविंग, ये ऐसे नहीं होते हैं  । …(व्यवधान)

श्री अधीर रंजन चौधरी: ग्लोबलहंगर इंडेक्समें आप कांग्रेससे भी पीछेहो गए हैं  ।ग्लोबल हंगरइंडेक्स मेंआप ही सबसेपीछे हैं क्यों? …(व्यवधान) सारा प्रोफिट मेकिंग इंडस्ट्री को धड़ल्ले से बेचा जा रहा है  । …(व्यवधान)

माननीय अध्यक्ष: माननीय मंत्री जी कोई टिप्पणी मत कीजिए  ।

…( व्यवधान)

श्री नरेन्द्र मोदी: माननीयअध्यक्ष जी, यहबात सही हैकि हमने आनेवाले दिनों में16 करोड़का इंफ्रास्ट्रक्चरका मिशन लेकरआगे चल रहेहैं  । लेकिन, पिछलेकार्यकाल मेंभी आपने देखाहोगा कि देशकी इकोनॉमी कोताकत देने केलिए, मजबूतीदेने के लिएइंफ्रास्ट्रक्चरका बहुत बड़ामहत्व होता है  । जितना ज्यादाबल इंफ्रास्ट्रक्चरकी गतिविधियोंको देते हैं, वहइकोनॉमी को भीड्राइव करताहै, रोजगारको भी देताहै और नए-नएउद्योगों कोभी अवसर देताहै  । और इसलिए, हमनेइंफ्रास्ट्रक्चरके पूरे काममें एक नई गतिलाई है  । वरना, पहलेइंफ्रास्ट्रक्चरका मतलब यहीहोता था किसीमेंट कांक्रीटके जंगलों कीबात, पहलेइंफ्रास्ट्रक्चरका मतलब होताथा टेंडर कीप्रक्रियाएं, पहलेइंफ्रास्ट्रक्चरका मतलब होताथा बिचौलिए  । यही इंफ्रास्ट्रक्चरकी बात आतीथी तो लोगोंको यही लगताथा कि कुछ बूआती थी  । आजहमने ट्रांसपरेंसीके साथ 21वींसदी में आधुनिकभारत बनाने केलिए जिस इंफ्रास्ट्रक्चरकी कल्पना करसकते हैं, उसपर बल दियाहै  । हमारी भूमिहमारे लिए इंफ्रास्ट्रक्चरहै  । यह सिर्फएक सीमेंट कांक्रीटका खेल नहींहै  । मैं मानताहूं कि इंफ्रास्ट्रक्चरएक भविष्य लेकरआता है  । कारगिलसे कन्याकुमारीऔर कच्छ सेकोहिमा, इसकोअगर जोड़ने काकाम करने कीताकत किसी मेंहोती है तोइंफ्रास्ट्रक्चरमें होती है  । एस्पीरेशन्सऔर एचीवमेंट्स  कोजोड़ने का कामइंफ्रास्ट्रक्चरकरता है  । लोगोंऔर उनके सपनोंको उड़ान देनेकी ताकत अगरकहीं होती हैतो इंफ्रास्ट्रक्चरमें होती है  । लोगों की क्रिएटिविटीको कंज्यूमर्सके साथ जोड़नेका काम इंफ्रास्ट्रक्चरके कारण हीसंभव हो सकताहै  । एक बच्चेको स्कूल सेजोड़ने का काम, छोटाही क्यों नहो, वहइंफ्रास्ट्रक्चरकरता है  । एककिसान को बाजारसे जोड़ने काकाम इंफ्रास्ट्रक्चरकरता है  । एकव्यवसायी कोउसके कंज्यूमरके साथ जोड़नेका काम भी इंफ्रास्ट्रक्चरकरता है  । …(व्यवधान) प्रदूषणको नियंत्रितकरके स्वस्थजीवन से जोड़नका काम भी इंफ्रास्ट्रक्चरकरता है  । लोगोंको लोगों सेजोड़ने का कामभी इंफ्रास्ट्रक्चरकरता है  । एकगरीब प्रेगनेंटमां को भी अस्पतालसे जोड़ने काकाम इंफ्रास्ट्रक्चरकरता है  । औरइसीलिए, इरीगेशनसे लेकर इंडस्ट्रीतक, सोशलइंफ्रास्ट्रक्चरसे लेकर रूरलइंफ्रास्ट्रक्चरतक, रोडसे लेकर पोर्टतक और एयरवेजसे लेकर वाटरवेजतक हमने अनेकऐसे इनीशिएटिव्सलिए हैं  । गतपांच वर्षोंमें देश नेदेखा है औरलोगों ने देखाहै, तभीतो यहां बैठायाहै  । यही तोइंफ्रास्ट्रक्चरहै जो यहांपहुंचाता है  । …(व्यवधान)

          हमें यूपी की जनता ने बता दिया है  ।…(व्यवधान)माननीय अध्यक्ष जी, मैं एक उदाहरण देना चाहता हूं कि हमारे यहां इन्फ्रास्ट्रक्चर के क्षेत्र में कैसे काम होता था  । सिर्फ हमारी दिल्ली का विषय ही ले लीजिए  । दिल्ली में ट्रैफिक,इन्वायरमेंट और हजारों ट्रक दिल्ली के बीच से गुजर रहे थे  । यूपीए सरकार ने दिल्ली के सराउंडिग पेरिफेरल एक्सप्रेस वे को वर्ष 2009 तक पूरा करने का संकल्प लिया था  । हम वर्ष 2014में आएं, तब तक वह कागजों में लकीरें बनकर पड़ा हुआ था  । वर्ष 2014 के बाद मिशन मोड में हमने इस काम को लिया और आज पेरिफेरल एक्सप्रेस वे का काम पूरा हो गया  । आज चालीस हजार ट्रक्स दिल्ली में नहीं आते हैं,वे सीधे बाहर जाते हैं  । आज दिल्ली को प्रदूषण से बचाने के लिए यह एक अहम कदम है,लेकिन इन्फ्रास्ट्रक्चर का महत्व क्या होता है? अगर वर्ष 2009 तक पूरा करने का सपना वर्ष 2014 तक कागजों में लकीर बनकर पड़ा रहा हो तो यह अंतर है  । उसको समझने के लिए थोड़ा टाइम लगेगा  ।

          माननीय अध्यक्ष जी, कुछ और विषयों को भी मैं स्पष्ट करना चाहता हूं  । शशि थरूर जी, आपको नींद आती होगी, लेकिन फिर भी, क्योंकि कुछ लोगों ने बार-बार यहां पर संविधान बचाने की बातें की हैं  । मैं भी मानता हूं कि कांग्रेस को संविधान बचाने की बात दिन में 100 बार बोलनी चाहिए  । संविधान बचाओ,संविधान बचाओ,कांग्रेस के लिए मंत्र होना चाहिए  । यह जरूरी है, क्योंकि संविधान के साथ कब और क्या हुआ,अगर आप संविधान का महत्व समझते तो संविधान के साथ यह नहीं हुआ होता  । इसलिए आप जितनी बार संविधान बोलेंगे तो हो सकता है कि कुछ चीजें आपको अपनी गलतियों का अहसास करवा देंगी  । आपके इरादों का अहसास करवा देंगी और इस देश में सच में संविधान महामूल्य है, इसका भी अनुभव कराएगी  ।

          माननीय अध्यक्ष जी, ये वही लोग हैं  । क्या आपको इमरजेंसी में संविधान बचाने का काम याद नहीं आया था  । यही लोग हैं, इनको संविधान बचाने के लिए बार-बार बोलने की जरूरत है, क्योंकि न्यायपालिका से न्यायिक समीक्षा का अधिकार छीनने का पाप इन्होंने ही किया है  । जिन लोगों ने लोगों से जीने का कानून छीनने की बात कही थी, उन लोगों को बार-बार संविधान बोलना भी पड़ेगा और पढ़ना भी पड़ेगा  । जो लोग संविधान में सबसे ज्यादा बार बदलाव करने के प्रस्ताव को लेकर आए हैं तो उन लोगों के पास संविधान बचाने की बात बोलने के अलावा कोई चारा नहीं है  । दर्जनों बार राज्य की सरकारों को बर्खास्त कर दिया है, लोगों की चुनी हुई सरकारों को बर्खास्त कर दिया है, उनके लिए संविधान बचाना,यह बोल-बोल कर इन संस्कारों को जीने की आवश्यकता है  । लोकतंत्र और संविधान से बनी हुई कैबिनेट ने एक प्रस्ताव पारित किया हो और उस प्रस्ताव को प्रेस कान्फ्रेंस में फाँड देना,उन लोगों के लिए संविधान बचाने की शिक्षा लेना बहुत जरूरी है और उन लोगों को बार-बार संविधान बचाओ का मंत्र बोलना बहुत जरूरी है  ।  पी.एम. और पी.एम.ओ. के ऊपर नेशनल एडवाइजरी काउंसिल, रिमोट कंट्रोल से सरकार चलाने का तरीका करने वालों को संविधान का महात्म्य समझना बहुत जरूरी है  । …(व्यवधान)

श्री अधीर रंजन चौधरी: आपइस तरह की बातेंमत करिए  ।…(व्यवधान)

श्री नरेन्द्र मोदी: माननीयअध्यक्ष जी, …(व्यवधान) संविधान की वकालत के नाम पर दिल्ली और देश में क्या-क्या हो रहा है,उसे देश भलीभांति देख रहा है, समझ भी रहा है और देश की चुप्पी भी कभी न कभी तो रंग लाएगी  । सर्वोच्च अदालत, जो संविधान के अंतर्गत सीधा-सीधा एक महत्वपूर्ण अंग है  । देश की सर्वोच्च अदालत बार-बार कहे कि आन्दोलन ऐसे न हो जो सामान्य मानवी को तकलीफ दे, आन्दोलन ऐसे न हो जो हिंसा के रास्ते पर चल पड़े  । …(व्यवधान)

श्री अधीर रंजन चौधरी: यूपीमें क्या हुआ? …(व्यवधान)

श्री नरेन्द्र मोदी: माननीयअध्यक्ष जी, बार-बारसुप्रीम कोर्टके कहने केबाद भी …(व्यवधान)

श्री अधीर रंजन चौधरी: आपबड़ी-बड़ी बातकहते हैं, यूपीमें क्या हुआ?…(व्यवधान)

श्री नरेन्द्र मोदी: अधीरजी, आपनेइतनी मेहनत कीहै, अबआपका सी.आर. ठीकहो गया है  ।…(व्यवधान) आपका सी.आर.ठीक हो गया है  ।

श्री अधीर रंजन चौधरी: यूपीमें क्या हुआ, आपकोबोलना पड़ेगा  ।…(व्यवधान)

श्री नरेन्द्र मोदी: आपकासी.आर. ठीकहो गया है  ।…(व्यवधान) संविधान को बचाने की बातें करते हैं, लेकिन यही वामपंथी लोग,यही कांग्रेस के लोग, यही वोट बैंक की राजनीति करने वाले लोग वहां जा-जाकर के उकसा रहे हैं,भड़काऊ बातें कर रहे हैं  । …(व्यवधान)

श्री अधीर रंजन चौधरी: आपकेएक मंत्री कहतेहैं कि गोलीसे उड़ा दो  ।…(व्यवधान)

श्री नरेन्द्र मोदी: माननीयअध्यक्ष जी, एकशायर ने कहाथा और शायदवह इस स्थितिपर बहुत सटीकहै:

“खूब पर्दा है कि चिलमन से लगे बैठे हैं,साफ छुपते भी नहीं, सामने आते भी नहीं  ।” पब्लिक सब जानती है, सब समझती है  । जिस तरह के बयान दिए गए, सदन में उसका जिक्र करना सही नहीं है  । माननीयअध्यक्ष जी पिछले दिनों जो भाषाएं बोली गईं, जिस प्रकार के वक्तव्य दिए गए हैं, …(व्यवधान)और सदन के बड़े नेता भी वहां पहुंच जाते हैं, इसका बहुत बड़ा अफसोस है  । …(व्यवधान)
प्रो. सौगत राय: लेकिन शाहीन बाग में गोली चलाना सही नहीं है  ।…(व्यवधान)
श्री नरेन्द्र मोदी: कांग्रेसके समय में…(व्यवधान) दादा, पश्चिम बंगाल के पीड़ित लोग यहां बैठे हैं, वहां क्या चल रहा है, अगर वे इसका कच्चा चिट्ठा खोल देंगे तो दादा आपको तकलीफ होगी  । …(व्यवधान)दादा, आपको तकलीफ होगी  । …(व्यवधान) वहां निर्दोष लोगों को किस प्रकार से मौत के घाट उतार दिया जाता है,वह भलीभांति जानते हैं लोग  । …(व्यवधान)
अध्यक्ष जी, मैं इनसे पूछना चाहता हूं कि कांग्रेस के समय में संविधान की क्या स्थिति थी, लोगों के अधिकारों की क्या स्थिति थी? जैसा हम मानते हैं कि संविधान इतना महत्वपूर्ण है, यदि ये मानते होते, तो जम्मू-कश्मीर में हिंदुस्तान का संविधान लागू करने के लिए आपको किसने रोका था?इसी संविधान के दिए अधिकारों से जम्मू-कश्मीर के मेरे भाइयों-बहनों को वंचित रखने का पाप किसने किया है और शशि जी, आप तो जम्मू-कश्मीर के दामाद रहे हैं  । आप उन बेटियों की चिंता         करते  ।…(व्यवधान) आप संविधान की बात करते हो और इसलिए …..
          माननीय अध्यक्ष जी, एक माननीय सांसद ने कहा कि जम्मू-कश्मीर ने अपनी आइडेंटिटी खोई है  । किसी की नजर में तो जम्मू-कश्मीर तो केवल जमीन ही थी  ।…(व्यवधान) माननीयअध्यक्ष जीकश्मीर में जिन्हें सिर्फ जमीन ही दिखती है, उन्हें इस देश का कुछ अंदाज नहीं है और यह उनकी बौद्धिक दरिद्रता का परिचय करवाता है  ।…(व्यवधान) कश्मीर भारत का मुकुट मणि है  ।…(व्यवधान)माननीय अध्यक्ष जी, कश्मीर की आइडेंटिटी बम,बंदूक और अलगाववाद बना दी गई थी  । लोग आइडेंटिटी की बात करते हैं, कुछ लोगों ने 19 जनवरी, 1990 की काली रात के समय कश्मीर की आइडेंटिटी को दफना दिया था  । कश्मीर की आइडेंटिटी सूफी परम्परा है  । कश्मीर की आइडेंटिटी ‘सर्व पंथ सम्भाव’की है  । कश्मीर के प्रतिनिधि माँ लाल देद, नंद ऋषि, सैयद बुलबुल शाह, मीर सैयद अली हमदानी ये कश्मीर की आइडेंटिटी हैं  । कुछ लोग कहते हैं कि आर्टिकल 370 हटाने के बाद आग लग जाएगी  । ये कैसे भविष्यवेता हैं? कुछ लोग कहते हैं कि कुछ नेता जेल में हैं,फलां हैं, वगैरह -वगैरह  । यह सदन संविधान की रक्षा करने वाला सदन है, यह संविधान को समर्पित सदन है  । यह संविधान का गौरव करने वाला सदन है  । यह संविधान के प्रति दायित्व निभाने वाले सदस्यों से बना हुआ सदन है, इसलिए सभी माननीय सदस्यों की आत्मा को छूने की आज कोशिश करना चाहता है, अगर है तो! …(व्यवधान)
          माननीय अध्यक्ष जी, महबूबा मुफ्ती जी ने 5अगस्त को क्या कहा था? संविधान को समर्पित लोग जरा ध्यान से सुने कि महबूबा मुफ्ती जी ने क्या कहा था  । ये शब्द बहुत गंभीर हैं  ।
उन्होंने कहा था: “भारत ने कश्मीर के साथ धोखा किया है  । हमने जिस देश के साथ रहने का फैसला किया था,उसने हमें धोखा दिया है  । ऐसा लगता है कि हमने 1947 में गलत चुनाव कर लिया था  ।” क्या ये संविधान को मानने वाले लोग इस प्रकार की भाषा को स्वीकार कर सकते हैं? क्या उनकी वकालत करते हो? उनका अनुमोदन करते हो?...(व्यवधान) उसी प्रकार से श्रीमान उमर अब्दुल्ला जी ने कहा था, “आर्टिकल 370 को हटाना, …(व्यवधान) उमर अबदुल्ला जी ने कहा था: आर्टिकल 370 का हटाया जाना ऐसा भूकम्प लाएगा कि कश्मीर भारत से अलग हो जाएगा  ।” …(व्यवधान)माननीयअध्यक्ष जी  फारुख़ अबदुल्ला जी ने कहा था: “ धारा 370 का हटाया जाना कश्मीर के लोगों की आज़ादी का मार्ग प्रशस्त करेगा  । अगर धारा 370 हटाई गई तो भारत का झंडा फहराने वाला कश्मीर में कोई नहीं बचेगा  ।” क्या इस भाषा से, इस भावना से, क्या हिन्दुस्तान के संविधान को समर्पित कोई भी व्यक्ति इसको स्वीकार कर सकता है? कोई इससे सहमत हो सकता है क्या? …(व्यवधान) मैं यह बात उनके लिए कह रहा हूं जिनकी आत्मा है  । …(व्यवधान)
          माननीय अध्यक्ष जी, ये वो लोग हैं जिनको कश्मीर की अवाम पर भरोसा नहीं है और इसलिए ऐसी भाषा बोलते हैं  । हम वो हैं जिनको कश्मीर की अवाम पर भरोसा है  ।…(व्यवधान) हमने भरोसा किया,हमने कश्मीर की अवाम पर भरोसा किया और धारा 370 को हटाया और आज तेज गति से विकास भी कर रहे हैं  । …(व्यवधान)और इस देश के किसी भी क्षेत्र के हालात बिगाड़ने की मंजूरी नहीं दी जा सकती, चाहे वह कश्मीर हो, चाहे नॉर्थ-ईस्ट हो, चाहे केरल हो  । कोई भी इजाजत नहीं दी जा सकती  । हमारे मंत्री भी पिछले दिनों लगातार जम्मू-कश्मीर का दौरा कर रहे हैं, जनता के साथ संवाद कर रहे हैं  । जनता के साथ संवाद करके वहां की समस्याओं का समाधान करने का हम लोग प्रयास कर रहे हैं  ।
          माननीय अध्यक्ष जी, मैं आज इस सदन से जम्मू-कश्मीर के उज्जवल भविष्य के लिए,जम्मू-कश्मीर के विकास के लिए,जम्मू-कश्मीर के लोगों की आशाओं-अपेक्षाओं को पूर्ण करने के लिए प्रतिबद्ध हैं  । हम सब लोग संविधान के प्रति समर्पित और प्रतिबद्ध हैं  । लेकिन साथ-साथ मैं लद्दाख के विषय में भी कहना चाहूंगा  । …(व्यवधान)
          माननीय अध्यक्ष जी, हमारे देश में सिक्किम एक ऐसा प्रदेश है जिसने एक ऑरगेनिक स्टेट के रूप में अपनी पहचान बनाई है और एक प्रकार से देश के कई राज्यों को, सिक्किम जैसे छोटे राज्य ने प्रेरणा दी है  । सिक्किम के किसान और उसके नागरिक इसके लिए अभिनंदन के अधिकारी हैं  । मैं मानता हूं कि लद्दाख के विषय में मेरे मन में बहुत साफ चित्र है  । और इसलिए हम चाहते हैं कि लद्दाख जिस प्रकार से हमारे पड़ोस में एन्वायरन्मेंट को लेकर भूटान की भूरी-भूरी प्रशंसा हो रही है, कार्बन न्यूट्रल कंट्री के रूप में दुनिया में उसकी पहचान बनी हुई है  । हम देशवासी संकल्प करते हैं और हम सभी को संकल्प करना चाहिए कि हम लद्दाख को भी एक कार्बन न्यूट्रल इकाई के रूप में डेवलप  करेंगे  । देश के लिए एक पहचान बनाएंगे और उसका लाभ आने वाली पीढ़ियों को एक मॉडल के रूप में मिलेगा, ऐसा मुझे पूरा विश्वास है  । जब मैं लद्दाख जाऊंगा,तो उनके साथ रह कर, मैं इसकी एक डिजाइन बनाने की दिशा में आगे बढ़ रहा हूं  ।
          माननीय अध्यक्ष जी, यहां पर जो कानून इस सदन ने पारित किया,जो संशोधन दोनों सदनों में पारित हुआ, जो नोटिफाई हो गया, उसके संबंध में भी कुछ न कुछ कोशिशें हो रही हैं  ।…(व्यवधान)
प्रो. सौगत राय: सारा देश उसके खिलाफ है  ।…(व्यवधान)
श्री नरेन्द्र मोदी : कुछलोग कह रहेहैं कि सीएएलाने की इतनीजल्दी क्या थी?…(व्यवधान) कुछ माननीय सदस्यों ने यह कहा है कि यह सरकार भेदभाव कर रही है, यह सरकार हिन्दू और मुस्लिम कर रही है  । कुछ ने कहा है कि हम देश के टुकड़े करना चाहते हैं, बहुत कुछ कहा गया और यहां से बाहर बहुत कुछ बोला जाता है  । काल्पनिक भय पैदा करने के लिए पूरी शक्ति लगा दी गई               है  ।…(व्यवधान)वे लोग बोल रहे हैं, जो देश के टुकड़े-टुकड़े करने वालों के बगल में खड़े हो कर फोटो खिंचवाते हैं  ।…(व्यवधान)
SHRI DAYANIDHI MARAN (CHENNAI CENTRAL): What are you going to do about the Sri Lankan Tamils in Tamil Nadu? …(Interruptions)
श्री नरेन्द्र मोदी : दशकों से पाकिस्तान यही भाषा बोलता आया है  । पाकिस्तान यही बातें कर रहा      है  ।…(व्यवधान)भारत के मुसलमानों को भड़काने के लिए पाकिस्तान ने कोई कसर नहीं छोड़ी      है  ।…(व्यवधान)भारत के मुसलमानों को गुमराह करने के लिए पाकिस्तान ने हर खेल खेला है, हर रंग दिखाए हैं और अब उनकी बात नहीं चलती है  ।…(व्यवधान)पाकिस्तान की बात बन नहीं पा रही है  । मैं हैरान हूं कि जिनको हिन्दुस्तान की जनता ने सत्ता के सिंहासन से घर भेज दिया, वे आज उस काम को कर रहे हैं, जो कभी यह देश सोच भी नहीं सकता था  । हमें याद दिलाया जा रहा है कि ‘क्विट इंडिया’का नारा देने वाले, ‘जय हिन्द’का नारा देने वाले हमारे मुस्लिम ही थे  । दिक्कत यही है कि कांग्रेस और उसकी नजर में ये लोग हमेशा ही सिर्फ और सिर्फ मुस्लिम थे, हमारे लिए, हमारी नजर में भारतीय हैं, हिन्दुस्तानी हैं  । खान अब्दुल गफ्फार खाँ हो,…(व्यवधान)
SHRI DAYANIDHI MARAN: Are not Muslims Indians? …(Interruptions)
श्री नरेन्द्र मोदी : माननीय अध्यक्ष जी, मेरा सौभाग्य रहा है कि मुझे लड़कपन में खान अब्दुल गफ्फार खाँ जी के चरण छूने का अवसर मिला है  । मैं इसे अपना गर्व मानता हूं  । खान अब्दुल गफ्फार खाँ हों, अशफाकुल्ला खाँ हों, बेगम हजरत महल हों,वीर शहीद अब्दुल हमीद हों या पूर्व राष्ट्रपति श्रीमान् ए. पी. जे.अब्दुल कलाम हों, सब के सब हमारी नजर से भारतीय हैं  ।…(व्यवधान)
          सदन का समय ज्यादा लेने के लिए मैंने नाम कुछ कम बोले  ।…(व्यवधान)आप जोड़ देना  । जो नाम लिखवा दें, मेरे भाषण में लिख देना  ।…(व्यवधान)
प्रो. सौगत राय: मौलाना आजाद का नाम लिख दें  ।
SHRI NARENDRA MODI : Thank you for this assistance. …(Interruptions)
          माननीय अध्यक्ष जी, कांग्रेस और उसके जैसे दलों ने जिस दिन भारत को भारत की नज़र से देखना शुरू कर दिया, उनको अपनी गलती का एहसास होगा, होगा,होगा  ।
          खैर, मैं कांग्रेस और उनके इको-सिस्टम का भी बहुत आभारी हूँ  । उन्होंने सिटिज़नशिप अमेंडमेंट एक्ट को लेकर हो-हल्ला मचाकर रखा है  । अगर ये इतना विरोध नहीं करते, इतना हो-हल्ला नहीं करते, तो शायद उनका असली रूप देश को पता ही नहीं चलता  ।…(व्यवधान)देश ने देख लिया है कि दल के लिए कौन है और देश के लिए कौन है  ।…(व्यवधान) मैं चाहता हूँ कि जब यह चर्चा निकल पड़ी है, तो बात दूर तक चली जाए  ।
          प्रधान मंत्री बनने की इच्छा किसी की भी हो सकती है और इसमें कोई बुराई नहीं है  । लेकिन किसी को प्रधान मंत्री बनना था, इसलिए हिन्दुस्तान के ऊपर एक लकीर खीची गई और देश का बँटवारा कर दिया गया  । बँटवारे के बाद जिस तरह से पाकिस्तान में हिन्दुओं, सिखों और अन्य अल्पसंख्यकों पर अत्याचार हुए,जुल्म हुए,जोर-ज़बरदस्ती हुई उनकी कल्पना तक नहीं की जा सकती है  ।
          मैं कांग्रेस के साथियों से जरा पूछना चाहता हूँ, क्या आपने कभी भूपेन्द्र कुमार दत्त का नाम सुना है?…(व्यवधान) दादा! आप कांग्रेस में चले गए? …(व्यवधान) ममता दीदी भाषण सुन रही है  । …(व्यवधान)
          कांग्रेस के लिए यह जानना बहुत जरूरी है और जो यहाँ नहीं हैं,उनके लिए भी जानना जरूरी है  । भूपेन्द्र कुमार दत्त एक समय में ऑल इंडिया कांग्रेस कमेटी में थे,उसके सदस्य थे  । स्वतंत्रता संग्राम के दौरान 23 साल उन्होंने जेल में बिताए  । वे एक ऐसे महापुरुष थे,जिन्होंने न्याय के लिए 78 दिनों तक जेल के अन्दर भूख हड़ताल की थी  । यह भी उनके नाम एक रिकॉर्ड है  । विभाजन के बाद भूपेन्द्र कुमार दत्त पाकिस्तान में ही रुक गए थे  । वहाँ की संविधान सभा के वे सदस्य भी थे  । जब संविधान का काम चल ही रहा था, अभी तो संविधान के काम की शुरुआत के ही दिन थे, उस समय भूपेन्द्र कुमार दत्त ने उस संविधान सभा में जो कहा था,उसे आज मैं दोहराना चाहता हूँ, क्योंकि जो लोग हम पर आरोप मढ़ रहे हैं, उनके लिए यह समझना बहुत जरूरी है  । भूपेन्द्र कुमार दत्त ने कहा था- `So far as this side of Pakistan is concerned, the minorities are practically liquified.’ PROF. SOUGATA RAY :  Liquidated.
SHRI NARENDRA MODI: Practically liquidated. He also says, `Those of us who are here to live represent near a crore of people still left in East Bengal, live under a total sense of frustration.’ भूपेन्द्र कुमार दत्त ने बँटवारे के तुरन्त बाद वहाँ की संविधान सभा में यह दर्द व्यक्त किया था  ।

14.00 hrs स्वतंत्रता के शुरुआत के दिनों से ही वहां के अल्पसंख्यकों की यह हालत थी  । …(व्यवधान)

श्री अधीर रंजन चौधरी: आपइंडिया को पाकिस्तानबनाना चाहतेहैं  । …(व्यवधान)

श्री नरेन्द्र मोदी: इसकेबाद पाकिस्तानमें स्थिति इतनीखराब हो गईकि भूपेन्द्रदत्त को भारतआकर शरण लेनीपड़ी और बादमें उनका निधनभी मां भारतीकी गोद मेंहुआ  । …(व्यवधान)

श्री अधीर रंजन चौधरी: तोक्या हुआ? …(व्यवधान)

श्री नरेन्द्र मोदी: आपकेलिए तो कुछनहीं हुआ  ।…(व्यवधान) कुछ नहीं हुआ  । …(व्यवधान)

आपके लिए तो सामान्य है  । …(व्यवधान)आए तो आए, मरे तो मरे  । …(व्यवधान) यही आपकी सोच है  । …(व्यवधान)यही आपकी सोच है, महापुरुष  । …(व्यवधान)यह आपकी सोच है  । …(व्यवधान)

          माननीय अध्यक्ष जी, तब के पाकिस्तान में एक और बड़े स्वतंत्रता सेनानी रुक गए थे -जोगेन्द्र नाथ मंडल  ।…(व्यवधान) वे समाज के बहुत ही पीड़ित, शोषित,कुचले समाज का प्रतिनिधित्व करते थे  । …(व्यवधान)उन्हें पाकिस्तान का पहला कानून मंत्री भी बनाया गया था  । 9 अक्टूबर, 1950, अभी आजादी के और बंटवारे के दो-तीन साल हुए थे, 9 अक्टूबर, 1950 को उन्होंने अपना इस्तीफा दे दिया था  । …(व्यवधान)उनके इस्तीफे का एक पैराग्राफ,इस्तीफे में जो लिखा था, उसको मैं कोट करना चाहता हूं  । उन्होंने लिखा था - “I must say that this policy of driving out Hindus from Pakistan has succeeded completely in West Pakistan and is nearing completion in East Pakistan.” उन्होंने आगे कहा था - “Pakistan has not given the Muslim League, entire satisfaction and a full sense of security. They now want to get rid of the Hindu intelligentsia so that the political, economic and social life of Pakistan may not in any way be influenced by them.” यह मंडल जी ने अपने इस्तीफे में लिखा था  । इन्हें भी आखिरकार भारत ही आना पड़ा और उनका निधन भी मां भारती की गोद में हुआ  । इतने दशकों के बाद भी पाकिस्तान की सोच नहीं बदली है  । वहां आज भी अल्पसंख्यकों पर अत्याचार हो रहे हैं  । अभी-अभी नानकाना साहेब के साथ क्या हुआ, सारे देश और दुनिया ने देखा है  । ऐसा नहीं है कि यह सिर्फ हिन्दू और सिखों के साथ ही होता है, और भी माइनॉरिटीज़ के साथ ऐसा ही ज़ुल्म वहां होता है  । इसाइयों को भी ऐसी ही पीड़ा झेलनी पड़ती है  । …(व्यवधान)

सदन में चर्चा के दर्मियान गांधी जी के कथन को लेकर भी बात कही गई है  । कहा गया कि सीएए पर सरकार जो कह रही है, वह गांधी जी की भावना नहीं थी  । खैर, कांग्रेस जैसे दलों ने तो गांधी जी की बातों को दशकों पहले छोड़ दिया था  । …(व्यवधान) Quotable quote is available, हमने पचासों बार दे दिया है  । …(व्यवधान)आपने तो गांधी जी को छोड़ दिया है  । …(व्यवधान)इसलिए न मैं,न देश आपसे कोई अपेक्षा करता है,लेकिन जिसके आधार पर कांग्रेस की रोज़ी-रोटी चल रही है, मैं आज उनकी बात करना चाहता हूं  । वर्ष 1950 में नेहरू-लियाकत समझौता हुआ  ।

भारत और पाकिस्तान में रहने वाले माइनोरिटीज की सुरक्षा को लेकर यह समझौता हुआ  । समझौते का आधार- पाकिस्तान में धार्मिक अल्पसंख्यकों के साथ भेदभावपूर्ण व्यवहार नहीं होगा  । पाकिस्तान में रहने वाले जो लोग हैं, उनमें जो धार्मिक अल्पसंख्यक हैं, जिनकी बात हम बोल रहे हैं, उनके संबंध में नेहरू और लियाकत के बीच में एग्रीमेंट हुआ था  । अब कांग्रेस को जवाब देना होगा,नेहरू जैसे इतने बड़े सेक्यूलर,नेहरू जैसे इतने बड़े महान विचारक,इतने बड़े विजनरी और आपके लिए सब कुछ, उन्होंने उस समय वहां की माइनोरिटी के बजाय “सारे नागरिक”ऐसे शब्द प्रयोग क्यों नहीं किए?अगर इतने ही महान और इतने ही उदार थे तो क्यों नहीं किया? कोई तो कारण होगा?लेकिन इस सत्य को आप कब तक झुठलाओगे?माननीय अध्यक्ष जी, यह उस समय की बात है  । यह मैं उस समय की बात बता रहा हूं  । …(व्यवधान)नेहरू जी इस समझौते में पाकिस्तान की माइनोरिटी,इस बात पर कैसे मान गए? जरूर कुछ न कुछ वजह होगी  । जो बात हम आज बता रहे हैं, वही बात उस समय नेहरू जी ने बताई थी  ।

          माननीय अध्यक्ष जी, नेहरू जी ने माइनोरिटी शब्द का प्रयोग क्यों किया? यह आप नहीं बोलेंगे,क्योंकि आपको तकलीफ है  । लेकिन नेहरू जी खुद इसका जवाब देकर गए हैं  । मुझे मालूम है आप उनको भी छोड़ दोगे  । जहां जरूरत पड़े, आप किसी को भी छोड़ सकते हैं  । नेहरू जी ने नेहरू-लियाकत समझौता साइन होने के एक साल पहले असम के तत्कालीन मुख्यमंत्री श्रीमान गोपीनाथ जी को एक पत्र लिखा था  । गोपीनाथ जी को जो पत्र लिखा और उसमें जो लिखा था, मैं उसको कोट करना चाहता हूं  । उन्होंने पत्र में लिखा था  । जो लोग कहते हैं न कि हम हिन्दू-मुस्लिम कर रहे हैं, देश को बांट रहे हैं  । नेहरू जी ने क्या कहा था, यह आप याद रखना  । गोपीनाथ जी, जो असम के मुख्यमंत्री थे,उनको नेहरू जी ने लिखा था – “आपको हिन्दू शरणार्थियों और मुस्लिम इमिग्रेंट्स,इसके बीच फर्क करना ही होगा और देश को इन शरणार्थियों की जिम्मेदारी लेनी ही पड़ेगी  ।” उस समय के असम के मुख्यमंत्री को उस समय के भारत के प्रधानमंत्री पंडित नेहरू जी द्वारा लिखी हुई चिट्ठी है  । नेहरू-लियाकत समझौते के कुछ महीने बाद ही नेहरू जी का इसी संसद के फ्लोर पर 5 नवम्बर, 1950 का उनका एक बयान है  । 5 नवम्बर, 1950 को नेहरू जी ने कहा था कि इसमें कोई संदेह नहीं है कि जो प्रभावित लोग भारत में सेटल होने के लिए आए हैं, ये लोग नागरिकता मिलने के हकदार हैं और अगर इसके लिए कानून अनुकूल नहीं है तो कानून में बदलाव किया जाना चाहिए  । …(व्यवधान)

वर्ष 1963 में लोक सभा के इसी सदन में और इसी जगह से वर्ष 1963 में कालिंग अटेंशन मोशन हुआ  । उस समय के प्रधानमंत्री नेहरू तत्कालीन विदेश मंत्री के रूप में भी जिम्मेदारी संभाल रहे थे  ।

          मोशन का जवाब देने के लिए जब विदेश राज्य मंत्री श्रीमान् दिनेश सिंह जी बोल रहे थे, तो आखिर में प्रधान मंत्री नेहरू जी ने उनको बीच में टोकते हुए कहा था  । उन्होंने जो कहा था, मैं वह कोट करना चाहता हूं कि “पूर्वी पाकिस्तान में वहां की अथॉरिटी हिन्दुओं पर जबरदस्त दबाव बना रही है  ।” यह पंडित जी का स्टेटमेंट था  ।…(व्यवधान)

श्री अधीर रंजन चौधरी: हमभी यही शिकायतकरते हैं  ।…(व्यवधान)

श्री नरेन्द्र मोदी : पाकिस्तानके हालात कोदेखते हुए गांधीजी ही नहीं, बल्किनेहरू जी कीभी यही भावनारही थी  । इतनेसारे दस्तावेजहैं, चिट्ठियांहैं, स्टैंडिंगकमेटी की रिपोर्ट्सहैं  ।…(व्यवधान) सभीइसी तरह केकानून की वकालतकरते रहे हैं  ।…(व्यवधान) मैंनेइस सदन मेंतथ्यों के आधारपर…(व्यवधान)

मैंअब कांग्रेससे खास रूपसे यह पूछनाचाहता हूं औरउनका ईको सिस्टमभी मेरा सवालसमझेगी  । मैंनेजो ये सारीबाते बताई हैं, क्यापंडित नेहरूजी कम्युनल थे? मैंज़रा जानना चाहता  हूं  । क्या पंडितनेहरू जी हिन्दू-मुस्लिममें भेद कियाकरते थे?...(व्यवधान) क्यापंडित नेहरूजी हिन्दू राष्ट्रबनाना चाहतेथे? उन्होंनेजो बातें कहीहैं, क्यापंडित नेहरूजी हिन्दू राष्ट्रबनाना चाहतेथे?...(व्यवधान)

माननीयअध्यक्ष जी, कांग्रेसकी दिक्कत यहहै कि वह बातेंबनाती है, ‘झूठे’ वादेकरती है औरवह दशकों तकवादों को टालतीरहती है  ।

श्री अधीर रंजन चौधरी: महोदय, यह‘झूठ’ बातडिलीट कीजिए  । यह ‘झूठ’ शब्दअनपार्लियामेन्ट्री     है  ।…(व्यवधान)

श्री नरेन्द्र मोदी : आज हमारी सरकारअपने राष्ट्रनिर्माताओं कीभावनाओं पर चलतेहुए फैसले लेरही है, तोकांग्रेस कोदिक्कत हो रहीहै  ।…(व्यवधान) और मैं इसदेश के 130 करोड़ नागरिकोंको इस सदन केमाध्यम से फिरसे यह स्पष्टकरना चाहता हूं,मैं बड़ी जिम्मेवारीके साथ संविधानकी मर्यादाओंको समझते हुएकहना चाहता हूं,संविधान कीजिम्मेवारियोंको समझते हुएकहना चाहता हूं,संविधान केप्रति समर्पणभाव से कहनाचाहता हूं,देश के 130करोड़ नागरिकोंसे कहना चाहताहूं कि सीएए,इस बिल से,इस एक्ट सेहिन्दुस्तानके किसी भीनागरिक पर किसीभी प्रकार काकोई प्रभाव नहींहोने वाला है  । चाहे वह हिन्दूहो, मुस्लिमहो, सिख हो,ईसाई हो,किसी को भीनहीं होने वालाहै  ।…(व्यवधान)इससे भारतकी माइनोरिटीज़को कोई नुकसाननहीं होने वाला                   है  ।…(व्यवधान) फिर भी जिनलोगों को देशकी जनता नेनकार दिया है,वे लोग वोटबैंक की राजनीतिकरने के लिएयह खेल खेलरहे हैं  । मैंज़रा पूछना चाहताहूं  ।…(व्यवधान)

          मैंविशेष रूप सेकांग्रेस केलोगों से पूछनाचाहता हूं, जोमाइनोरिटी केनाम पर अपनीराजनीतिक रोटियांसेकते रहते हैं  । क्या कांग्रेसको सन् 1984 केदिल्ली के दंगेयाद हैं?...(व्यवधान) क्यावह माइनोरिटीनहीं थी?...(व्यवधान) वहमाइनोरिटी थीकि नहीं थी?…(व्यवधान) हमारेसिख भाइयों केगलों में टायरबांध-बांधकरउनको जला दियागया था   । …(व्यवधान)

इतनाही नहीं, आपनेसिख दंगों केआरोपियों कोजेल में भेजनेतक का काम नहींकिया है  । …(व्यवधान) इतनाही नहीं, आजजिन पर सिखदंगों को भड़कानेके आरोप लगेहुए हैं, आपआज उनको मुख्यमंत्री बना देतेहैं  ।…(व्यवधान) सिखदंगों के आरोपियोंको सजा दिलानेमें, हमारीउन विधवा माताओंको तीन-तीनदशकों तक न्यायके लिए इंतजारकरना पड़ा है  । क्या वह माइनोरिटीनहीं थी?...(व्यवधान) क्या माइनॉरिटी के लिए दो-दो तराजू होंगे? क्या यही आपके तरीके होंगे? …(व्यवधान)

          माननीय अध्यक्ष जी, कांग्रेस पार्टी – जिसने इतने सालों तक देश में राज किया,आज यह देश का दुर्भाग्य है कि जिनसे एक जिम्मेवार विपक्ष के रूप में देश को अपेक्षाएं थीं, वे आज गलत रास्तों पर चल पड़े हैं  । यह रास्ता आपके लिए भी मुसीबत पैदा करने वाला है  । देश को भी संकट में डालने वाला है  । यह चेतावनी मैं इसलिए दे रहा हॅूं कि हम सबको देश की चिंता होनी चाहिए  । देश के उज्जवल भविष्य की चिंता होनी चाहिए  । आप सोचिए,अगर राजस्थान की विधान सभा कोई निर्णय करे, कोई व्यवस्था खड़ी करे और राजस्थान में वह कोई मानने को तैयार न हो,जलसे-जुलूस निकाले, हिंसा करे, आगजनी करे, आपकी सरकार है, क्या स्थिति बनेगी? मध्य प्रदेश – आप वहां बैठे हैं  । मध्य प्रदेश की विधान सभा कोई निर्णय करेगी और वहां की जनता उसके खिलाफ इसी प्रकार से निकल पड़े  । क्या देश ऐसे चल सकता है? क्या एनार्की का रास्ता सही है? …(व्यवधान)इसलिए आपने बहुत कुछ किया है  । …(व्यवधान) अपने इतना गलत किया है, इसीलिए तो वहां बैठना पड़ा   है  । यह आपके कारनामों का ही परिणाम है कि जनता ने आपको वहां बिठाया है  । …(व्यवधान)इसलिए लोकतांत्रिक तरीके से देश में हरेक को अपनी बात बताने का हक है  । लेकिन झूठ और अफवाहें फैला कर,लोगों को गुमराह कर के हम देश का कोई भला नहीं कर पाएंगे  । इसलिए मैं आज संविधान की बातें करने वालों को विशेष रूप से आग्रह करता हॅूं – आइए,संविधान का सम्मान करें  । आइए, मिल-बैठ कर को देश चलाएं  । आइए, देश को आगे ले जाएं  । 5 ट्रिलियन डॉलर इकोनॉमी के लिए एक संकल्प ले कर हम चलें  । …(व्यवधान)आइए, देश के 15 करोड़ परिवार,जिनको पीने का शुद्ध जल नहीं मिल रहा है, वह पहुंचाने का संकल्प करें  । …(व्यवधान) आइए, देश के हर गरीब को पक्का घर लेने के काम को हम मिल कर के आगे बढ़ाएं, ताकि उनको पक्का घर मिले  । आइए,देश के किसान हों, मछुआरे हों, पशुपालक हों, उनकी आय बढ़ाने के लिए हम कामों को सफलतापूर्वक आगे बढ़ाएं  । …(व्यवधान) आइए हर पंचायत को ब्रॉडबैंड कनैक्टिविटी दें  । …(व्यवधान)आइए, एक भारत-श्रेष्ठ भारत बनाने का संकल्प ले कर हम आगे बढ़ें  । …(व्यवधान)माननीय अध्यक्ष जी, भारत के उज्जवल भविष्य के लिए हम मिल-बैठ कर आगे चलें  । …(व्यवधान)इसी एक भावना के साथ मैं माननीय राष्ट्रपति जी को अनेक-अनेक धन्यवाद करते हुए,अपनी वाणी को विराम देता हूं  । …(व्यवधान)अध्यक्ष जी,मैं आपका भी विशेष आभार व्यक्त करता हॅूं  । …(व्यवधान)

माननीय अध्यक्ष : माननीय सदस्यगण, धन्यवाद प्रस्ताव पर सदस्यों द्वारा अनेक संशोधन प्रस्तुत किए गए हैं  । अब मैं सभी संशोधनों को एक साथ सभा के सामने मतदान के लिए रखूंगा  ।

संशोधन मतदान के लिए रखे गए तथा अस्वीकृत हुए  ।

माननीय अध्यक्ष : अब मैं राष्ट्रपति जी के अभिभाषण पर धन्यवाद प्रस्ताव को मतदान के लिए रखता हूं  ।

प्रश्न यह है :

“कि राष्ट्रपति की सेवा में निम्नलिखित शब्दों में एक समावेदन प्रस्तुत किया जाए :-
“कि इस सत्र में समवेत लोक सभा के सदस्य राष्ट्रपति के उस अभिभाषण के लिए, जो उन्होंने 31 जनवरी, 2020 को एक साथ समवेत संसद की दोनों सभाओं के समक्ष देने की कृपा की है, उनके अत्यंत आभारी हैं’  । ”   प्रस्ताव स्वीकृत हुआ  ।
माननीय अध्यक्ष: सदन की कार्यवाही, तीन बज कर बीस मिनट तक के लिए स्थगित की जाती है  ।
   
14.19 hrs The Lok Sabha then adjourned till Twenty Minutes past Fifteen of the Clock.
 
15.27 hrs The Lok Sabha  reassembled after lunch at  Twenty Seven Minutes past Fifteen of the Clock.

(Dr. (Prof.) Kirit Premjibhai Solanki in the Chair)