State Consumer Disputes Redressal Commission
Dr. Rajeev Mittal And Another vs Smt. Pushpa Devi (Dead) And Others on 15 September, 2022
Cause Title/Judgement-Entry STATE CONSUMER DISPUTES REDRESSAL COMMISSION, UP C-1 Vikrant Khand 1 (Near Shaheed Path), Gomti Nagar Lucknow-226010 First Appeal No. A/633/2021 ( Date of Filing : 07 Dec 2021 ) (Arisen out of Order Dated 10/11/2021 in Case No. C/2019/34 of District Hathras) 1. Dr. Rajeev Mittal And Another Kiran Hospital Multi Specilist Hospital Trivedipuram Near Uma Motors Showroom Jai Gurudev Petrol Pump NH-2 Mathura ...........Appellant(s) Versus 1. Smt. Pushpa Devi (dead) And Others W/o Sri Chandra Prakash R/o Quarter No 12B Mandi Samiti Campus Mathura ...........Respondent(s) BEFORE: HON'BLE MR. JUSTICE ASHOK KUMAR PRESIDENT HON'BLE MR. SUSHIL KUMAR JUDICIAL MEMBER PRESENT: Dated : 15 Sep 2022 Final Order / Judgement (सुरक्षित) राज्य उपभोक्ता विवाद प्रतितोष आयोग , उ0प्र0 , लखनऊ अपील संख्या-633/2021 (जिला उपभोक्ता आयोग, हाथरस द्वारा परिवाद संख्या-34/2019 में पारित निर्णय/आदेश दिनांक 10.11.2021 के विरूद्ध) 1.
डा0 राजीव मित्तल, किरन हॉस्पिटल, मल्टी स्पेशियालिटी हॉस्पिटल, त्रिवेदीपुरम, निकट उमा मोटर्स मारूती शोरूम, जय गुरूदेव पेट्रोल पम्प के सामने, एनएच-2, मथुरा।
2. डा0 अजय शर्मा, रामा पैथोलॉजी, निकट मानस नगर, मेहरोली रोड, मथुरा।
अपीलार्थीगण/विपक्षी सं0-1 व 2 बनाम
1. श्रीमती पुष्पा देवी (मृतक) पत्नी श्री चन्द्र प्रकाश।
2. राहुल यादव पुत्र श्री चन्द्र प्रकाश।
3. कुमारी प्रियंका पुत्री श्री चन्द्र प्रकाश।
4. अंशुल (नाबालिग) पुत्र श्री चन्द्र प्रकाश, द्वारा अभिभावक/पिता श्री चन्द्र प्रकाश।
5. चन्द्र प्रकाश पुत्र श्री बड़े सिंह यादव।
सभी निवासीगण क्वाटर नं0-12बी, मण्डी समिति कैम्पस, मथुरा।
6. यूनाइटेड इण्डिया इंश्योरेंस कं0लि0, चर्च रोड, भोगल, नई दिल्ली प्रत्यर्थीगण/परिवादीगण/विपक्षी सं0-3 समक्ष:-
1. माननीय न्यायमूर्ति श्री अशोक कुमार, अध्यक्ष।
2. माननीय श्री सुशील कुमार, सदस्य।
अपीलार्थी सं0-1 की ओर से उपस्थित : श्री एस.बी. श्रीवास्तव।
अपीलार्थी सं0-2 की ओर से उपस्थित : श्री विपिन वर्मा, श्री आशुतोष कुमार सिंह तथा श्री सुदर्शन भाद्वाज।
प्रत्यर्थी सं0-1 त 5 की ओर से उपस्थित : श्री ए0के0 पाण्डेय। प्रत्यर्थी सं0-6 की ओर से उपस्थित : श्री प्रसून कुमार राय। दिनांक: 26.09.2022 माननीय श्री सुशील कुमार , सदस्य द्वारा उदघोषित निर्णय
1. परिवाद संख्या-34/2019, श्रीमती पुष्पा देवी (मृतक) तथा चार अन्य बनाम डा0 राजीव मित्तल तथा दो अन्य में विद्वान जिला उपभोक्ता आयोग, हाथरस द्वारा पारित निर्णय एवं आदेश दिनांक 10.11.2021 के विरूद्ध यह अपील विपक्षी संख्या-1 एवं 2 द्वारा प्रस्तुत की गई है। इस निर्णय एवं आदेश द्वारा विद्वान जिला उपभोक्ता आयोग ने श्रीमती पुष्पा देवी (मृतक) के इलाज के दौरान बरती गई लापरवाही के लिए मरीज की मृत्यु होने पर परिवादीगण के पक्ष में अंकन 08 लाख रूपये की क्षतिपूर्ति का आदेश पारित किया है। यह भी आदेशित किया है कि अंकन 06 लाख रूपये विपक्षी संख्या-1, डा0 राजीव मित्तल तथा अंकन 02 लाख रूपये डा0 अजय शर्मा द्वारा अदा किए जाएंगें। दो माह के पश्चात 07 प्रतिशत की दर से साधारण वार्षिक ब्याज भी अदा किए जाने का आदेश दिया गया।
2. परिवाद के तथ्य संक्षेप में इस प्रकार हैं कि दिनांक 29.06.2014 को पुष्पा देवी के पेट में तेज दर्द होने के कारण डा0 राजीव मित्तल के द्वारा संचालित किरन हॉस्पिटल ले जाया गया। दिनांक 02.07.2014 को अल्ट्रासाउण्ड देखने के बाद डा0 मित्तल द्वारा पित्त की थैली में पथरी होना कहा गया। अत: इस पथरी को निकालने के लिए आपरेशन किया गया। आपरेशन करके पित्त की थैली निकाल दी गई, परन्तु इसकी Biopsy जांच बार-बार अनुरोध के बावजूद नहीं कराई गई। आपरेशन के बाद पुष्पा देवी को लगातार पित्त स्राव होता रहा तथा दर्द बढ़ता रहा। दिनांक 08.07.2014 को बताया गया कि आपरेशन करते समय उसकी पित्त की नली में स्टोन के कण चले गए हैं तथा पीलिया हो गया है, बाद में पुष्पा देवी को डा0 समीर तनेजा के पास दिनांक 08.07.2014 को भेजा गया। डा0 समीर तनेजा ने दिनांक 09.07.2014 को अंकन 50,000/- रूपये लेकर पुष्पा देवी के पेट में स्टंट डाल दिया, परन्तु दर्द जारी रहा, इसलिए दिनांक 27.07.2014 को जी.जी. हॉस्पिटल, आगरा में डा0 डी.सी. गोयल को दिखाया, उनके द्वारा दी गई दवाईयों से भी लाभ न होने के कारण पुष्पा देवी का MRCP कराया गया, जिसकी रिपोर्ट देखने पर डा0 गोयल द्वारा बताया गया कि आपरेशन ठीक न होने के कारण पित्त की नली सिकुड़ चुकी है। दिनांक 26.04.2015 को तेज दर्द होने पर देवेन्द्र हॉस्पिटल, मथुरा में दिखाया गया। डा0 देवेन्द्र द्वारा सी.टी. स्कैन कराया गया तब उनके द्वारा पेट में गांठ बताया गया और डा0 पंकज रंजन से गांठ की जांच कराने का परामर्श दिया। पुष्पा देवी की दिनांक 28.04.2015 को डा0 डा0 रंजन द्वारा स्वंय जांच की गई और खून की जांच डा0 अंजली गुप्ता से कराई गई। डा0 अंजली गुप्ता द्वारा अपनी रिपोर्ट में कैन्सर की आंशका बतायी गयी। दिनांक 29.04.2015 को डा0 डी.सी. गोयल ने पुष्पा देवी को AIIMS के लिए रेफर कर दिया। वहां पर कई तिथियों पर पुष्पा देवी को देखा गया और दवाई दी गई। दिनांक 19.05.2015 को अचानक तेज दर्द होने के कारण आगरा के सिनर्जी अस्पताल ले जाया गया, वहां पर पीलिया होना बताया गया। दिनांक 22.05.2015 को पेट में स्टंट डाला गया और दिनांक 23.05.2015 को डिसचार्ज किया गया। दिनांक 01.05.2016 को डा0 देवेन्द्र हॉस्पिटल, मथुरा के परामर्श दिनांक 30.05.2016 को सिरर्जी हॉस्पिटल, आगरा में पुन: दिखाया गया और पुन: अंकन 40,000/- रूपये के खर्चे पर स्टंट डाला गया।
3. विपक्षी संख्या-1, डा0 राजीव मित्तल का कथन है कि उनके द्वारा आपरेशन किया गया तथा परीक्षण कराने के लिए सैम्पल पुष्पा देवी के पति चन्द्र प्रकाश को दिया गया था। मरीज के पति के संतुष्ट न होने के कारण डा0 समीर तनेजा के पास रेफर किया गया था। स्वंय चन्द्र प्रकाश ने पित्त की थैली में पथरी की जांच रामा पैथालॉजी, मथुरा में कराई गई थी। डा0 के स्तर से कोई लापरवाही कारित नहीं हुई है। विपक्षी डा0 द्वारा बीमा पालिसी प्राप्त करने का भी कथन किया गया है। विपक्षी संख्या-2, डा0 अजय शर्मा, रामा पैथालॉजी, मथुरा को बाद में पक्षकार बनाया गया है, उनके द्वारा किसी प्रकार की लापरवाही करने से इंकार किया गया।
4. सभी पक्षकारों की साक्ष्य पर विचार करने के पश्चात विद्वान जिला उपभोक्ता आयोग द्वारा यह निष्कर्ष दिया गया कि Biopsy कराने के संबंध में लापरवाही बरती गई है। आपरेशन करने के पश्चात पित्त की थैली Biopsy के लिए नहीं भेजी गई। तदनुसार उपरोक्त वर्णित निर्णय एवं आदेश पारित किया गया।
5. इस निर्णय एवं आदेश को इन आधारों पर चुनौती दी गई है कि विद्वान जिला उपभोक्ता आयोग ने साक्ष्य के विपरीत निर्णय एवं आदेश पारित किया है। सी.एम.ओ. की रिपोर्ट तथा मेडिकल बोर्ड की रिपोर्ट अपीलार्थीगण के पक्ष में है। पित्त की थैली को Biopsy जांच के लिए भेजा गया था। बहस के दौरान तथ्य प्रस्तुत किया गया है कि पृष्ठ संख्या-42 पर यह रिपोर्ट मौजूद है।
6. सभी पक्षकारों के विद्वान अधिवक्ताओं को सुना गया तथा प्रश्नगत निर्णय/आदेश एवं पत्रावली का अवलोकन किया गया।
7. अपीलार्थी संख्या-1, डा0 राजीव मित्तल को पित्त की थैली का आपरेशन करना स्वीकार है। परिवादीगण का कथन है कि आपरेशन के पश्चात पित्त की थैली को Biopsy के लिए भेजा गया था। अपील की पत्रावली पर पृष्ठ संख्या-42 पर पित्त की थैली का सैम्पल Biopsy के लिए भेजे जाने का कोई सबूत मौजूद नहीं है। यथार्थ में अपीलार्थीगण की ओर से ऐसा कोई दस्तावेज इस पीठ के समक्ष प्रस्तुत नहीं किया गया है, जिससे यह जाहिर हो सके कि आपरेशन के पश्चात पित्त की थैली को Biopsy जांच के लिए भेजा गया था। यदि ऐसा किया गया होता तब आपरेशन के तुरंत पश्चात प्राप्त होने वाली रिपोर्ट के आधार पर कैन्सर होने की जानकारी प्राप्त हो सकती थी और प्रारम्भिक स्तर पर ही कैन्सर का इलाज जारी किया जा सकता था, परन्तु यह रिपोर्ट प्राप्त होने में एक लम्बी अवधि व्यतीत हुई, जिसके कारण मरीज का जीवन खतरे में पड़ गया। परिवाद के लम्बन के दौरान ही दिनांक 07.08.2016 को मरीज (पुष्पा देवी) की मृत्यु हो गई। आपरेशन के पश्चात पित्त की थैली को Biopsy जांच के लिए न भेजने की घटना स्वंय में लापरवाही के सिद्धान्त को जाहिर करती है। विपक्षी संख्या-2 का यह कथन भी स्वीकार करने योग्य नहीं है कि कोई व्यक्ति उनके यहां से रिपोर्ट प्राप्त करने नहीं आया, क्योंकि अंकन 600/- रूपये बकाया थे। इस संबंध में विद्वान जिला उपभोक्ता आयोग द्वारा दिया गया निष्कर्ष विधिसम्मत है कि जो व्यक्ति मरीज के इलाज कराने में इतनी बड़ी धनराशि खर्च कर सकता है, वह मात्र 600/- रूपये बचाने के उद्देश्य से रिपोर्ट प्राप्त करने से इंकार नहीं करेगा। अत: इस निष्कर्ष में हस्तक्षेप करने का कोई विधिसम्मत आधार नहीं है। अपील तदनुसार निरस्त होने योग्य है।
आदेश
8. प्रस्तुत अपील निरस्त की जाती है।
पक्षकार अपना-अपना अपीलीय व्यय स्वंय वहन करेंगे।
अपीलार्थीगण द्वारा अपील प्रस्तुत करते समय अपील में जमा धनाशि मय अर्जित ब्याज सहित विधि अनुसार एक माह में विद्वान जिला उपभोक्ता आयोग को निस्तारण हेतु भेजी जाए।
आशुलिपिक से अपेक्षा की जाती है कि वह इस आदेश को आयोग की वेबसाइट पर नियमानुसार यथाशीघ्र अपलोड कर दे।
(न्यायमूर्ति अशोक कुमार) (सुशील कुमार) अध्यक्ष सदस्य लक्ष्मन, आशु0, कोर्ट-1 [HON'BLE MR. JUSTICE ASHOK KUMAR] PRESIDENT [HON'BLE MR. SUSHIL KUMAR] JUDICIAL MEMBER