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SHRI HARIN PATHAK : It is the duty of the House, of all the hon. Members and all the Governments because many years have passed. साठ साल आजादी प्राप्त करने के बाद बीत चुके हैं। इतने समय बाद भी किसानों को आत्महत्या करने पर मजबूर होना पड़ रहा है और महंगाई आसमान को छू रही है। आज देश आर्थिक गुलामी की तरफ बढ़ रहा है। इंफ्लेशन बढ़ता जा रहा है, महंगाई बढ़ती जा रही है। वर्ष २००४ से वर्ष २००७ तक के मेरे पास सारे आंकड़े हैं। वर्ष २००४ में गेहूं का भाव नौ रुपए था, वह आज बढ़कर १२ से १६ रुपए हो गया है। आटा १० रुपए था, अब १४-१५ रुपए, चावल १० रुपए था, अब १६ से २२ रुपए, मैदा १२ रुपए था, आज १६ रुपए हो गया है। अभी हमारे कृषि मंत्री शरद पवार जी कह रहे थे कि चीनी की कीमत कम हुई है। वर्ष २००४ में चीनी १२ से १३ रुपए प्रति किलो थी, लेकिन आज १७ से १८ रुपए है। सरसों का तेल भी ४० रुपए लीटर से ७० रुपए लीटर हो गया है। दाल, देसी घी, मूंग दाल किस-किस वस्तु की बात कहूं। आपने पंजाब में परिणाम देखा। मैं आपको वार्न कर रहा हूं और हम सब की जिम्मेदारी है। आप सैंसेक्स पर मत जाइए। कैपिटल मार्केट में बढ़ता हुआ सैंसेक्स - it is a parallel economy. जीडीपी की तरह एक पैरलल इक्नोमी खड़ी हो गई है। हर्षद मेहता के घोटाले के लिए १९९२ में जो समति बनी थी, मैं उसका सदस्य था। मैंने उस समय काफी अध्ययन किया था। कैपिटल मार्केट के साथ हमारे देश के गरीबों की समस्याओं को मत जोड़िए। महंगाई बढ़ती जा रही है। सारा बजट आप देखिए। मैं टीवी में देख रहा था, किसी ने दस में से एक नम्बर या दो नम्बर दिए। लोगों ने जो अपेक्षा आपसे की थी, वह परिपूर्ण नहीं हुई। फलस्वरूप देश में महंगाई बढ़ती जा रही है। फरवरी के बाद देश में जो महंगाई बढ़ी है, मैं उसके आंकड़े दे रहा था। कैरोसीन, सीमेंट, इस्पात, ईंट हर वस्तु के दाम बढ़ रहे हैं। आम आदमी कहां जाएगा, कैसे अपना जीवन व्यतीत कर पाएगा? हम टैक्स में छूट बढ़ाते हैं एक लाख से एक लाख दस हजार, मंत्री साहब please do not play mockery with the common or middle class people. दस हजार रुपए छूट बढ़ा दी और एक हजार रुपए टैक्स में कम हुए, लेकिन महंगाई कितनी बढ़ी? महिलाओं को १,३५,००० से १,४५,०००, वरिष्ठ नागरिकों को १,८५,००० से १,९५,०००, इतनी कम छूट बढ़ाने से क्या होगा? कैसे इतनी महंगाई में लोग अपना गुजारा कर पाएंगे? मैं ज्यादा नहीं बोलना चाहता हूं क्योंकि I am not even advised to speak more.  I am speaking for the first time after my surgery. मैं चाहूंगा कि महंगाई को देखते हुए, जब से यह सरकार सत्ता में आई है, बार-बार वचन दिया गया कि महंगाई कम करेंगे। पहले कहा गया कि एनडीए की सरकार के कारण महंगाई हुई, फिर कहा कि बारिश के कारण महंगाई हुई, मैं कहना चाहता हूं कि पिछले दस सालों में से सबसे अच्छी बारिश पिछले तीन सालों में हुई है। ये जो बहाने बनाए जाते हैं कि there is not a single measure mentioned in the Budget where you desire to control inflation. [R27]   आप महंगाई को रोकने का कोई ठोस उपाय बताइए और करिए। कब तक राह देखनी है? अब तो तीन साल पूरे होने को हैं, ढाई-पौने तीन साल हो गए हैं। दिन प्रतदिन महंगाई बढ़ती जा रही है, दालें आयात की जा रही हैं। माननीय अटल जी की सरकार में अनाज के गोदाम भरे पड़े थे, वे गोदाम खाली हो गए। मैं चाहता हूं कि टैक्स में मुक्ति १,१०,००० के बदले १,५०,००० की जाए। महिलाओं को भी गुमराह किया गया है, वे घर चलाती हैं, हम नहीं चलाते हैं। उन्हें मालूम है घर कैसे चलता है। ६५ रुपए में दाल मिलती है, जब हम कहते हैं कि दो सब्जियां बनाओ तब पत्नी कहती है कि कैसे दो सब्जी खाओगे? आपको पता है कि मार्किट में सब्जी का क्या भाव है, तेल का क्या भाव है, दाल का क्या भाव है? अपर मिडल क्लास लोगों में भी महंगाई को लेकर तनाव पैदा हो गया है। मैं चाहता हूं कि महिलाओं को जो छूट दी है उसे १,५०,००० तक ले जाइए, २,००,००० तक ले जाइए और सीनियर सटिजन्स को जो छूट दी है उसे २,५०,००० तक ले जाइए। हमें लगता है कि ऐसा करने से उनको कुछ राहत दे सकेंगे। मैंने जनरल बात कही है, सब सोचकर बैठे हैं लेकिन कोई लमिट तो बनाइए, २०२० का एक चित्र तो बनाइए कि २०२० के बाद इस देश में कोई किसान आत्महत्या नहीं करेगा। यह आपको करना चाहिए था क्योंकि जब मैं राजनीतिक बात करूंगा तो आप नाराज हो जाएंगे। वर्ष १९४७ से लेकर आप शासन में बैठे हैं, आपने ६० साल में से ४८ साल देश में लोकसभा से पंचायत तक एक-छत्रीय शासन चलाया। आपको देश में आम जनता की गरीबी, महंगाई, बेरोजगारी दूर करने के लिए किसने रोका था? देश को खड़ा करने में क्या ६० साल कम पड़ते हैं? क्या जापान को कम समय लगा? इजरायल को कम समय लगा? मलेशिया को कम लगा? ताईवान को कम लगा? आप हमें बता दें कितने साल राह देखनी है ताकि हम अपनी कांस्टीटुएंसी में जाकर बता दें कि इतने साल मरते रहो, आपको ५० साल और मरना है, १०० रुपए लीटर मिट्टी का तेल मिलेगा, इस तरह से देश कहां पहुंचेगा? स्थिति खराब होती जा रही है। मैं चाहता हूं कि महंगाई को रोका जाए।