Chattisgarh High Court
Pravin Sahu vs State Of Chhattisgarh on 31 July, 2025
Author: Ramesh Sinha
Bench: Ramesh Sinha
1
2025:CGHC:37557-DB
Digitally
signed by
SHOAIB
SHOAIB ANWAR
ANWAR Date:
2025.08.01
11:02:20
NAFR
+0530
HIGH COURT OF CHHATTISGARH AT BILASPUR
CRMP No. 2090 of 2025
1 - Pravin Sahu S/o Late Shri Ashok Aged About 37 Years R/o Indira
Gandhi Ward, Nagpur Road Multai, Tasil And P.S. Multai, Dist. - Betul
Madhya Pradesh
2 - Dipak Sahu S/o Late Shri Ashok Aged About 40 Years R/o Indira
Gandhi Ward, Nagpur Road Multai, Tasil And P.S. Multai, Dist. - Betul
Madhya Pradesh
3 - Smt. Saroj Sahu W/o Late Shri Ashok Aged About 70 Years R/o
Indira Gandhi Ward, Nagpur Road Multai, Tasil And P.S. Multai, Dist. -
Betul Madhya Pradesh
4 - Maya Sahu D/o Late Shri Ashok Aged About 45 Years R/o Mangal
Bhavan, Ward No., 9, Betul, Distt. Betul Madhya Pradesh
... Petitioners
versus
1 - State Of Chhattisgarh Through Police Station - Dabhra, Distt. Sakti
Chhattisgarh
2 - Smt. Sneha Sahu D/o Anil Kumar Sahu Aged About 34 Years R/o
Mamta Kirana Store, Dabhra, Distt. Sakti Chhattisgarh
... Respondent(s)
2
(Cause title taken from CIS) For Petitioner(s) : Mr. Wasim Miyan, Advocate For Respondent/State : Shri Hariom Rai, Panel Lawyer For Respondent No. 2 : Present in person Hon'ble Shri Ramesh Sinha, Chief Justice Hon'ble Shri Bibhu Datta Guru, Judge Order on Board Per Ramesh Sinha, Chief Justice 31/07/2025
1. The instant CRMP has been filed under Section 528 of the BNSS for quashment of FIR registered at Police Station Dabhra, District:Sakti C.G. in connection with Crime No.0334/2024 dated 20.09.2024 for the offence under Section 498-A, 34 of the IPC.
2. Learned counsel for the petitioners would submit that as per the mediation report submitted by the Registrar (S.&A)-cum-Incharge (mediation) dated 25/07/2025, the parties have resolved their grievances and the mediation report is on record.
3. Petitioner No.1 Pravin Sahu(husband) is present before this Court along with his counsel and the respondent No.2 Smt. Sneha Sahu(wife) is present in person before this Court. They have also produced their Aadhar cards duly self attested. Learned counsel for the petitioner identified the petitioner No.1. The petitioner No.1 identified the respondent No.2 as his wife. The Petitioner No.1 Pravin Sahu(husband) handed over the demand draft of Rs.15,00,000/- to the respondent No.2 Smt. Sneha Sahu(wife) according to the settlement arrived between the parties. 3
4. For the sake of convenience, it would be appropriate to reproduce the contents of compromise deed is quoted below:-
"माननीय उच्च न्यायालय के आदेश दिनांक 04.07.2025 के परिपालन में यह प्रकरण क. CRMP No. 2090/2025 (Pravin Sahu & Ors. Vs. State of Chhattisgarh & Anr.) में मध्यस्थता हेतु प्रेषित किया गया आज दिनांक 24.07. 2025 को मध्यस्थता प्रकिया उभयपक्षो की आपसी सहमति से संपन्न किया।
मध्यस्थता प्रकिया के अनुरूप पक्षकारगण के मध्य एकल एवं संयक्त ु सत्र दिनांक 24.07.2025, को मध्यस्थता केन्द्र छत्तीसगढ़ उच्च न्यायालय, बिलासपुर में उभयपक्ष के मध्य आयोजित किया गया।
आज दिनांक को उभयपक्ष आपसी सहमति से अंतिम निर्णय की स्थिति में पहुँच चुके है और उनके मध्य विवाद स्वेच्छापूर्व क पूर्ण सहमति के साथ सभी विवादों पर निपटारा कर एवं अपने आपसी वैचारिक मदभेद एवं विवाद को त्याग कर निम्नलिखित समझौता कर जीवन निर्वाहन करने हेतु सहमत है :-
1. अनावेदिका स्नेहा साहू आवेदकगण के विरूद्ध पुलिस थाना डबरा, जिला सक्ति के समक्ष दर्ज कराई गई प्रथम सूचना रिपोर्ट (FIR) क. 334/2024 को आपसी सहमति से तथा इस मध्यस्थता कार्यवाही के अनुसार अपनी सहमती से समाप्द कर रही है।
2. अनावेदिक स्नेहा साहू का विवाह आवेदक के साथ दिनांक 07.05.2018 को हिंद ू रीति रिवाज से ग्राम डबरा जिला सक्ति छ.ग. में संपन्न हुआ था। विवाह के समय जो भी स्त्रीधन / वस्तुएं अनावेदिका स्नेहा साहू के परिवार से उपहार स्वरूप प्राप्त हुआ था, सहित स्थाई भरण पोषण के रूप में अनावेदिका अपने पति प्रवीण साहू से इस मध्यस्थता कार्यवाही में रुपये 15,50,000/- (पंद्राह लाख पच्चास हजार रुपये) प्राप्त कर एक दस ू रे के विरूद्ध लंबित एवं विचाराधीन को समाप्त करने हेतु सहमत है।
3. अनावेदिका स्नेहा साहू द्वारा आज दिंनाक को आवेदकगण से माननीय उच्च न्यायालय के आदेशानुसार 50,000/- (पच्चास हजार रुपये) प्राप्त किया जा चुका है तथा, इस एक मुश्त समझौता कारवाही में निर्धारित राशि 15,00,000/- (पंद्राह लाख रुपये) आवेदकगण द्वारा प्रकरण की सुनवाई दिनांक 31.07.2025 को बैंक ड्राफ्ट के माध्यम से प्राप्त करेंगी।
4. मध्यस्थता कार्यवाही में आपसी सहमती से यह तय किया जाता है कि आवेदक क. 1 प्रवीण साहू द्वारा अपनी पत्नी स्नेहा साहू के विरूद्ध धारा 13 4 हिंद ू विवाह अधिनियम के अंर्त गत तलाक हेतु एक प्रकरण श्रीमान अपर जिला न्यायाधीश मुलताई जिला बैतुल मध्यप्रदेश के समक्ष प्रस्तुत किया गया है जिसका प्रकरण क. 22/2021 है जो वर्तमान में लंबित एवं विचाराधीन है। इस मध्यस्थता कार्यवाही के तहत उभय पक्ष द्वारा यह तय किया गया है कि उपरोक्त लंबित तलाक के प्रकरण को आवेदक प्रवीण साहू द्वारा वापस लिया जावेगा तथा उसके स्थान पर आवेदक क. 1 एवं अनावेदिका द्वारा संयक्त ु रूप से आपसी सहमती से तलाक हेतु एक आवेदन पृथक से सक्षम न्यायालय में प्रस्तुत किया जाएगा तथा उभय पक्ष आपसी सहमती के आधार पर न्यायालयीन आदेश के माध्यम से तलाक की डिक्री प्राप्त करेंगे।
5. आवेदक क. 1 प्रवीण साहू द्वारा तलाक हेतु प्रस्तुत किए गए आवेदन अंर्त गत धारा 13 हिंद ू विवाह अधिनियम के लंबित प्रकरण में अनावेदिका स्नेहा साहू द्वारा न्यायालय में धारा 24 हिंद ू विवाह अधिनियम प्रस्तुत कर निर्वाह भत्ता 3,000/- (तीन हजार रुपये) प्रति माह प्राप्त किया जा रहा है। इस समझौता निष्पादन दिनांक से अनावेदिका स्नेहा साहू धारा 24 हिंद ू विवाह अधिनियम के अंर्त गत भविष्य में किसी तरह की कोई भरण पोषण राशि आवेदक प्रवीण साहू से प्राप्त करने के अधिकारी नहीं होगी।
6. इस मध्यस्थता कार्यवाही के तहत उभयपक्षों द्वारा यह तह किया जाता है कि इस राजीनामें के पश्चात अनावेदिका स्नेहा साहू द्वारा आपसी सहमती से समस्त विवादों के निराकरण हेतु प्राप्त किए जा रहे एक मुश्त समझौता राशि (One Time Settlement Amount) 15,50,000/- (पंद्राह लाख पच्चास हजार रुपये) को प्राप्त कर लेने के पश्चात भविष्य में आवेदकगण के विरूद्ध कोई न्यायालयीन कार्यवाही नहीं की जाएगी। इसी तरह आवेदक प्रवीण साहू सहित अन्य आवेदकगण इस समझौता प्रक्रिया के पश्चात अनावेदिका स्नेहा साहू के विरूद्ध कोई प्रकरण दाखिल नहीं करेंगे।
यह कि वर्तमान में माननीय उच्च न्यायालय के समक्ष एक मात्र विचाराधीन प्रकरण लंबित है उसे उभयपक्ष आपसी सहमति से और बिना भय, दबाव अथवा प्रलोभन के निराकृत करना चाहते है तथा वर्तमान लंबित प्रकरण को आपसी सहमति के आधार पर निराकृत करवा कर अन्य तलाक हेतु लंबित प्रकरण को वापस लेकर आपसी सहमती से विवाह विच्छे द की याचना कर प्रकरण को समाप्त करेंगे। ताकि माननीय न्यायालय के आदेश उपरांत उभयपक्षों के मध्य संपादित विवाह समाप्त हो सके।
उभयपक्ष इस समझौता पत्र की शर्तों से सहमत हैं एवं पालन के लिए कटिबद्ध हैं समझौता पत्र में दी गई शर्तों को उन्होंने अपनी स्वयं की स्वेच्छापूर्व क आपसी सहमति व बिना किसी दबाव, भय एवं लालच के स्वीकार किया गया है। उभयपक्ष ने इस समझौता पत्र की शर्तों को पढ़ने व समझने के पश्चात अपनी स्वतंत्र सहमति से परस्पर एक-दस ू रे की उपस्थिति में हस्ताक्षर कर निष्पादित किया।
मध्यस्थता कार्यवाही में आवेदक के अधिवक्ता वसीम मियाँ के द्वारा 5 सहयोग प्रदान किया गया जिसके लिए धन्यवाद ज्ञापित किया जाता है।"
5. In view of the above submission made by the parties, looking to the mediation report, that mediation is successful and after perusing the compromise deed, this CRMP is allowed subject to fulfillment of terms and conditions of the compromise agreement arrived between the parties mentioned in mediation report dated 25.07.2025 and accordingly FIR registered at Police Station Dabhra, District:Sakti C.G. in connection with Crime No.0334/2024 dated 20.09.2024 for the offence under Section 498-A, 34 of the IPC are here by quashed.
Sd/- Sd/-
(Bibhu Datta Guru) (Ramesh Sinha)
Judge Chief Justice
Amardeep/Shoaib