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> Title : Regarding regret & sorry felt by member for showing disrespect towards chair in the house by his party members.

   

श्री देवेन्द्र प्रसाद यादव (झंझारपुर) : अध्यक्ष महोदय, कल मेरे दल के कतिपय माननीय सदस्यों द्वारा जो कुछ भी आसन के प्रति व्यवहार हुआ, उनकी आसन के प्रति किसी प्रकार की अवमानना या अपमान की नीयत नहीं थी बल्कि बिहार में घटित खास घटना के प्रति आक्रोश था। हम लोग ऐसा महसूस कर रहे हैं कि कही न कहीं आप माननीय सदस्यों के कल के व्यवहार से आहत हुए हैं, इसलिए मैं अपनी पार्टी के सभी माननीय सदस्यों की ओर से दुख और खेद व्यक्त करता हूं तथा क्षमा चाहता हूं। आसन सर्वोपरि है। आप सभी माननीय सदस्यों के अधिकारों के संरक्षक भी हैं। हम आपके और आसन के प्रति पूरा सम्मान रखते हैं और भविष्य में भी सम्मान करते रहेंगे।