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Showing contexts for: function of functionary in Motion Regarding Consideration Of Progress Of Implementation Of Parts Ix And ... on 24 July, 2003Matching Fragments
पैसा दिल्ली से वहां नहीं पहुंचता है। कभी-कभी डी.आर.डी.ए. में पहुंचता है। ज्यादातर सीधा राज्य सरकारों के पास पहुंचता है और हर राज्य सरकार, चाहे किसी की राज्य सरकार हो, सबके पास वित्तीय मुश्किलात हैं। वह उस पैसे को पकड़े हुए हैं। आगे जब वित्तीय वर्ष खत्म होने वाला होता है तब वह पैसा इन्हें पहुंचाती है और फिर कहती है कि कितने अक्षम लोग हैं, यह पैसा खर्च भी नहीं कर रहे हैं और वह पैसा वापिस ले लेती है। इसलिए हमें यह प्रावधान करने की आवश्यकता है कि अधिकार और अधिकारीगण के संग हम अर्थव्यवस्था को भी सही करें। अंग्रेजी में हम कहते हैं - Three f’s: function, functionary and finance. जब तक इन तीनों को जोड़कर आपने सुपुर्दगीकरण नहीं किया, तब तक कुछ नहीं होगा। जो सुपुर्दगीकरण आप करते हैं, कानूनी तौर पर वह फर्जी रह जाता है, वह सिर्फ कागजी रह जाता है। असलियत में कोई सुपुर्दगीकरण नहीं होता है। हम पिछले दस सालों से देख रहे हैं कि हर राज्य में हालांकि अच्छे-अच्छे कानून बने हैं, जो संविधान के संग जुड़ते हैं और कुछ खास मतभेद नहीं हैं। जो राज्य में कानून हैं और संविधान के अंदर, जब कि आप गांव में पहुंचते हो तो लोग कहते हैं कि हम चुनकर आ गये हैं लेकिन क्या करेंगे और कैसे करेगें, जबकि कोई काम वह खुद नहीं कर सकते हैं, तब बैठकर सौदा होता है बीडीओ और पंचायत समति के चेयरमैन के बीच में, सीईओ और जिला परिषद के अध्यक्ष के बीच में, गांव के सचिव और गांव के अध्यक्ष के बीच में कि चलो भई २५ हजार लेने हैं तो तुम १० रख लो मैं १५ रख लूँगा। पंचायती राज के जरिये बजाय सुपुर्दगीकरण होने के भ्रष्टाचार का विकेन्द्रीकरण हो रहा है और पंचायती राज को बुरा नाम मिल रहा है। महोदय, पंचायतों में यदि भ्रष्टाचार चलता है तो उसका कारण यह नहीं है कि भ्रष्ट लोग वहां पर चुनकर आते हैं और आप और हम जैसे नेक लोग यहां चुनकर आते हैं। भ्रष्टाचार वहां होने का एकमात्र कारण यह है कि सही मायने में सुपुर्दगीकरण नहीं हुआ है। आपको अधिकार भी देने हैं, अधिकारीगण भी देने हैं और अर्थव्यवस्था का सही इंतज़ाम करना है, तभी जाकर आप देखेंगे कि असलियत में वह जो करना चाहते हैं, वह कर पाएंगे और जबकि वह कर रहे हैं, यदि साथ-साथ आपने ग्राम सभा को जोड़ दिया, तब आप देखेंगे कि इस देश का जो लोकतंत्र है, वह लोक सभा से शुरू होकर ग्राम सभा तक जाएगा। कहीं बीच में आपने लोक सभा को छोड़कर सरकार चलाई जैसा कि पंचायतों में ग्राम सभा को छोड़कर पंचायत का शासन चल रहा है तो भ्रष्टाचार के अलावा और क्या हो सकता है? गलतियां उस मनुष्य में नहीं हैं जो कि निचले स्तर पर चुनकर आता है, गलतियां हमारी हैं कि हमने सुपुर्दगीकरण को पूरा नहीं किया और अधिकार को अधिकारीगण से नहीं जोड़ा और अधिकारीगण को अर्थव्यवस्था से नहीं जोड़ा। इन सबको कीजिएगा। आप देखेंगे कि जबकि हर प्रस्ताव के लिए ग्राम सभा की अनुमति ली जाती है, जबकि लेखा कोई एजीसीआर के जरिये नहीं, लेकिन एक सामाजिक लेखा, एक सोशल ऑडिट होता है। उस ग्राम सभा में वे जानते हैं कि बस स्टैन्ड बना है या नहीं, वे जानते हैं कि जहां बगल के गांव में बस स्टैन्ड २० हजार रुपये में बना तो यहां ४० हजार खर्च करने की जरूरत क्यों पड़ती है। वे जानते होंगे कि कॉनट्रैक्टर सरपंच का भांजा है या नहीं। हमें किसी और से पूछने की जरूरत नहीं है। ग्राम सभा में ही इन सवालों का जवाब दिया जाता है और उनकी अनुमति के साथ आप तय करें कि क्या करना है। तब आप देखेंगे कि असलियत में हमारी जम्हूरियत निचले स्तर पर गांवों के स्तर पर पहुंचेगी। तभी जाकर हम कह सकते हैं कि बस्तियों में रहने वाले, गली-कूचों में रहने वाले, मोहल्लों में रहने वाले, गांवों में रहने वाले की भागीदारी हो चुकी है और अपने भविष्य का निर्माण खुद अपने हाथों और दिमाग से कर रहे हैं। यही है हमारा लक्ष्य और माफ कीजिएगा, इसको रोकने के लिए केन्द्र सरकार की बड़ी गलतियां हैं जिनको हमें बदलना चाहिए। मैं अपनी बुद्धि के ज़रिये यह नहीं कह रहा हूँ। आपके सामने ३७वीं रिपोर्ट है। इस ३७वीं रिपोर्ट में हमने बहुत सी ऐसी चीजें आपको बताई हैं जिनको आप और आपके अधिकारीगण स्वीकार करने को तैयार नहीं हैं। इसलिए गाड़ी आगे नहीं बढ़ रही है।
There is a Zila Parishad Territorial Constituency (ZPTC). The Member of ZPTC does not have the voting power in Mandal Parishad and the Mandal President does not have the voting power in the Zilla Parishad. He is just a figure without any purpose. That is why some time back we Telgu Desam Party had proposed a Constitutional Amendment that there should be a three-tier system with three functionaries so that it will be easy to function. During that time many political parties, including the Congress party, agreed that this Amendment be brought. But at the last minute, Congress party backtracked for reasons known to them, and this Amendment could not be passed.