Skip to main content
Indian Kanoon - Search engine for Indian Law
Document Fragment View
Matching Fragments
A list showing the serial numbers of amendments treated as moved will be put on the Notice Board shortly thereafter. In case any Member finds any discrepancy in the list, he may kindly bring it to the notice of the Officer at the Table immediately.
Now, Shri L.K. Advani
श्री लाल कृष्ण आडवाणी (गांधीनगर) : उपाध्यक्ष जी, राष्ट्रपति के अभिभाषण और धन्यवाद प्रस्ताव पर बहस, इस 14वीं लोक सभा में यह अंतिम ही होगी। मैं इस प्रस्ताव के समर्थन के लिए खड़ा हुआ हूं। यह एक अनोखा प्रस्ताव है, जिसमें राष्ट्रपति के अभिभाषण से आप सहमत न भी हों तो भी पूरा सदन एक स्वर से धन्यवाद प्रस्ताव का समर्थन करता है। कभी कोई धन्यवाद प्रस्ताव का विरोध नहीं होता, विरोध करने का एक ही तरीका है कि आप संशोधन प्रस्तुत करें और उन संशोधनों में कहें कि आपके इस व्याख्यान में अमुक-अमुक बात नहीं कही गई है।
MR. DEPUTY-SPEAKER: Only Shri L.K. Advani’s submission should be recorded and nothing else.
(Interruptions) …*
श्री लाल कृष्ण आडवाणी : मैं इतना कहना चाहता हूं, मांग करना चाहता हूं कि 26/11 के कांड पर थॉरो इन्वैस्टीगेशन होनी चाहिए और उसमें रामपुर के सीआरपीएफ का अटैक भी आना चाहिए, उसके साथियों का भी आना चाहिए। स्थानीय उनके कोई समर्थक थे, कौन-कौन थे, उनकी भी जानकारी पूरी करनी चाहिए। आपने एक नाम लिया है तो मैं दूसरा नाम लूं। यह सवाल कोई कांग्रेस और बीजेपी का, सरकार और विपक्ष का नहीं है। सुप्रीम कोर्ट ने अफज़ल गुरू के बारे में अगर कोई फैसला किया है, सुप्रीम कोर्ट ने फैसला किया है बंगलादेशी इनफिलट्रेशन के बारे में, तो कोई कारण नहीं कि सरकार उसका आदर न करे।...( व्यवधान)
* Not recorded.
MR. SPEAKER: Nothing will go on record except the speech of Shri L.K. Advani.
(Interruptions) … *
श्री लाल कृष्ण आडवाणी : महोदय, आर्थिक मोर्चे पर राष्ट्रपति के अभिभाषण में आत्मप्रशंसा बहुत की गयी है कि हमारा काम इतना अच्छा रहा, यह प्रगति की, वह प्रगति की, जबकि वस्तुस्थिति यह है कि इस समय we are in a serious economic crisis. Denial will not take us anywhere. हम उसको इन्कार करते रहेंगे तो बच नहीं सकेंगे। आम आदमी का नाम लेकर हम चुनकर यहां आए हैं। कल बजट प्रस्तुत करते हुए सदन के नेता ने यह बात कही थी कि आम आदमी का हम भला करेंगे, आश्वासन के आधार पर हम जीतकर आए। उस आम आदमी को महंगाई के कारण पिछले कई वर्षों में इतनी परेशानी हुई है और वह परेशानी अभी भी खत्म नहीं हुई है। इन्फ्लेशन कहते हैं कि खत्म हो गयी, कंट्रोल हो गयी, लेकिन इन्फ्लेशन कम हुई है तेल और कुछ अन्य चीजों के दामों में कमी आने के कारण। जो रोजमर्रा की चीजें हैं जो आम आदमी को चाहिए विशेषकर खाद्य पदार्थ, उनकी कीमतें लगातार बढ़ी हैं। अभी कुछ दिन पहले राज्य सभा में एक प्रश्न के उत्तर में उपभोक्ता मामलों के मिनिस्टर ऑफ स्टेट श्री तस्लीमुद्दीन जी ने जवाब दिया कि बहुत सारी चीजों की कीमतें बढ़ी हैं। उन्होंने सब जानकारी दी है।
MR. DEPUTY-SPEAKER: Mr. Manvendra Singh, please sit down.
… (Interruptions)
MR. DEPUTY-SPEAKER: Nothing will go on record except the speech of Shri L.K. Advani.
(Interruptions) … *
श्री लाल कृष्ण आडवाणी : उनके जीवन की भी रक्षा नहीं कर सके। हजारों की संख्या में लोग इस प्रकार से आत्महत्या करें, दुनिया के और किसी देश में ऐसा नहीं हुआ, लेकिन हमारे देश में हुआ है। इस सरकार के पिछले चार सालों में......( व्यवधान)
कुँवर मानवेन्द्र सिंह (मथुरा): जीवन रक्षा के लिए ही तो 72,000 करोड़ रुपए इस सरकार ने दिए हैं।...( व्यवधान)