अपीलार्थी की ओर से पीठ का ध्यान,
Vaishali Jha Vs. Akanksha Professional Classes II (2011) CPJ 219
Chakradhar Semwal Vs. Navjot Singh Waraich & Anr. III (2000) CPJ 457
Anil Bhasin Vs. The Managing Director, Pie Solutions & Systems Ltd. & Anr. I (2002) CPJ 428
Kalka Inst. For Rese.
Ajay Sampson (Minor) Vs. Council for the Indian School Certificate Examinations & Ors. 2008 (102) DRJ 536
Neha Sharma Vs. The Vice-Chancellor & Ors. 118(2005)Delhi Law Times 518 Delhi High Court
Principal, College of Applied Science for Women Vs. Rajul Jain & Anr. II (2006) CPJ 435
की ओर आकृषित कराते हुए यह कहा गया कि परिवादिनी द्वारा प्रशिक्षण संस्थान में भाग लिया गया, ऐसी स्थिति में फीस वापस दिलाये जाने के संदर्भ में जो आदेश पारित है, वह विधि सम्मत नहीं है। ऐसी स्थिति में इतना ही कहना पर्याप्त है कि वर्तमान प्रकरण में जो धनराशि प्राप्त की गई, उसको फीस के रूप में स्वीकार किया जाना उचित नहीं है, बल्कि प्रश्नगत धनराशि नौकरी दिलाये जाने के संदर्भ में आशवासन देते हुए प्राप्त की गई और उसी के संदर्भ में प्रशिक्षण की बात कही गई, अत: उपरोक्त वर्णित नजीरों में प्रतिपादित सिद्धांत का लाभ वर्तमान मुकदमें के तथ्यों को देखते हुए अपीलार्थी पक्ष को प्राप्त नहीं है।