08. उत्तरवादी/परिवादी की ओर से उपसंजात होने वाले विद्वान अधिवक्ता श्री बी. मजूमदार का यह तर्क है कि जिला फोरम का आदेश पूर्णतः विधि सम्मत आदेश है। ड्राईव्हर के पास प्रभावी ड्राईव्हिंग लाईसेंस था और यदि ड्राईव्हर द्वारा उत्तरवादी/परिवादी की अज्ञानता या अनुमति के बिना 1-2 व्यक्ति वाहन में बैठा लिया हो तो वह फण्डामेंटल ब्रीच नहीं है और यदि पॉलिसी का उल्लंघन माना जाये तो भी उत्तरवादी/परिवादी नॉन स्टैण्डर्ड बेसिस पर क्षतिपूर्ति पाने का अधिकारी है। इस संबंध में उत्तरवादी/परिवादी ने New India Assurance Co. Ltd. Vs. Malti BhikhaBhai Bhoya II (2013) CPJ 483 (NC), Bajaj Alliance General Insurance Company Ltd. Vs. Ashok Kumar Dhruv and others 2013 (3) M.P.H.T. 61 (CG), Oriental Insurance Co. Ltd. Vs. Vijay Kumar Dubbey & Anr. II (2012) CPJ 103 (MP) एवं इस आयोग के Appeal No. FA/13/678 Anil Shrivas Vs. Branch Manager, The Oriental Insurance Company Limited में पारित आदेश दिनांक-03.05.2014 का अवलंबन लिया है।
12. Bajaj Alliance General Insurance Company Ltd. Vs. Ashok Kumar Dhruv and others (Supra), में यह निर्धारित किया गया है कि जब कोई ड्राईव्हर हल्का मोटर यान का ड्राईव्हिंग लाईसेंस धारित करने के अलावा भारी माल वाहन चलाने के लिए ड्राईव्हिंग लाईसेंस धारित करता करता है तब वह हल्का मोटर यान चलाने का हकदार है। उपरोक्त न्याय दृष्टांत के परिप्रेक्ष्य में इस प्रकरण का जो ड्राईव्हर है वह प्रश्नाधीन वाहन चलाने के लिए भी सक्षम था। अतः जिला फोरम ने अपने आदेश की कंडिका-7 में ड्राईव्हिंग लाईसेंस के संबंध में जो निष्कर्ष निकाला है वह पूर्णतः उचित है और उसमें किसी प्रकार के हस्तक्षेप की आवश्यकता नहीं है।